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झारखंड में भी घोटाले की गूंज, ईडी की जांच में कई खुलासे सामने आए

रांची छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड में भी शराब घोटाला केस में शिकंजा कसने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही वहां की ईडी ने अपने छठे पूरक आरोप पत्र में जिन्हें घोटाले का दोषी पाया है, उनका कनेक्शन झारखंड से भी है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में राज्य में छत्तीसगढ़ माडल पर लागू उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ के जिन पदाधिकारियों और वहां के शराब कारोबारियों का झारखंड में वर्चस्व था, सभी वहां चार्जशीटेड हैं। झारखंड में भी ईडी उनका हिसाब करेगी, क्योंकि उससे जुड़े केस झारखंड ईडी ने भी दर्ज किया है। झारखंड में ईडी ने शराब घोटाला से जुड़े केस में दो अलग-अलग इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) कर रखा है। इनमें एक ईसीआइआर रायपुर की आर्थिक अपराध इकाई में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर व दूसरी ईसीआइआर झारखंड एसीबी में 20 मई 2025 को दर्ज शराब घोटाले से संबंधित एफआइआर के आधार पर दर्ज है। दोनों ही ईसीआइआर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग झारखंड के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से जुड़े हैं। आरोप है कि कमीशन में मोटी रकम लेकर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपितों का झारखंड में शराब बिक्री में प्रवेश कराया। प्लेसमेंट एजेंसियों से लेकर शराब आपूर्ति कंपनियों तक को झारखंड में काम दिया। इन कंपनियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप लगा तो उन्हें बाद में ब्लैकलिस्ट किया गया। अब भी झारखंड सरकार का 450 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया छत्तीसगढ़ की उक्त आरोपित कंपनियों पर है, जिसकी वसूली के लिए सरकार प्रयासरत है। डक्यूमेंटेशन भी कर चुकी है झारखंड की ईडी, जांच जारी झारखंड की ईडी ने अपने यहां दर्ज शराब घोटाले के दोनों ही मामलों में मनी लांड्रिंग के बिंदु पर जांच के बाद निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे व उनसे जुड़े अन्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। उनसे छत्तीसगढ़ के रायपुर में दर्ज केस में भी पूछताछ की जा चुकी है। यहां भी ईडी ने उनसे पूछताछ की थी। उनके कार्यकाल में फर्जी बैंक गारंटी पर शराब की खुदरा दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों के गिरफ्तार संचालकों से भी रिमांड पर पूछताछ की थी। झारखंड ईडी भी शराब घोटाले से जुड़े सबूत व बयान को जुटाती जा रही है, ताकि पुख्ता सबूत के साथ ईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सके। छत्तीसगढ़ में जिन कंपनियों पर चार्जशीट की, उन्हें झारखंड से भुगतान ईडी ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में जिन दो कंपनियों मेसर्स दीशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड पर चार्जशीट की है और उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त की है, उनपर झारखंड के अधिकारी मेहरबान रहे हैं। पूर्व में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन आयुक्त आईएएस अमित प्रकाश (अब सेवानिवृत्त) ने 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। यह भुगतान विभागीय मंत्री के रूप में योगेंद्र प्रसाद के शपथ ग्रहण व योगदान के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें बताए बगैर किया गया था। यह भुगतान अमित प्रकाश ने अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले ही कर दिया था। छत्तीसगढ़ की इन दोनों ही कंपनियों ने झारखंड में वर्ष 2022 में थोक शराब की आपूर्ति की थी। उन्हें नवंबर 2024 में तत्कालीन आयुक्त ने भुगतान किया था। भुगतान वैसी स्थिति में किया गया था, जब छत्तीसगढ़ सिंडिकेट की ही झारखंड में काली सूची में डाली गई चार प्लेसमेंट एजेंसियों पर करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया है। इन चार प्लेसमेंट एजेंसियों में मेसर्स एटूजेड इंफ्रा सविर्सस लिमिटेड, मेसर्स इगल हंटर सोल्यूशंस लिमिटेड, मेसर्स प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स सुमित फैसिलिटिज शामिल हैं। इस राशि की वसूली का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

‘जैसा है, जहां है’ योजना पर लोगों की कम रुचि, सरकार चलाएगी जागरूकता अभियान

नई दिल्ली राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों को जैसा है, जहां है, की शर्त पर पक्का करने की घोषणा के बाद भी लोग उसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो घोषणा के करीब एक महीने बाद भी अभी तक करीब 1700 आवेदन ही स्वगम पोर्टल पर मिले हैं, जबकि दिल्ली में 1511 कॉलोनियां हैं। अनधिकृत कॉलोनी वालों के इस रवैये पर दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। यही नहीं, सूत्र बताते हैं कि सीएम रेखा गुप्ता जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगी। केंद्र सरकार ने बीते माह 7 अप्रैल को दिल्ली की 1731 में से 1511 कॉलोनियों को जैसा है, जहां है के आधार पर पक्का करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही इसकी पूरी जिम्मेदारी डीडीए से लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी को दी थी। डीडीए पहले ही 40 हजार कन्वेंस डीड जारी कर चुका है, लेकिन वो लोग भी स्वगम पोर्टल पर अपने घर को पक्का कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आवेदनों की इतनी कम संख्या से हम भी हैरान हैं। इसलिए अब जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगे। 1511 अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद आधार पर होंगी पक्की 1700-2000 आवेदन अब तक स्वगम पोर्टल के जरिए मिले 45 दिन में पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य हर जिले में बनी खास टीम राजस्व विभाग ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए हर जिले में एडीएम की निगरानी में स्पेशलाइज्ड टीम का गठन कर दिया गया है। डीएम, एडीएम समेत पूरी टीम को ट्रेनिंग का काम पूरा हो चुका है। यह टीम पूरी तरह से स्वगम पोर्टल पर आए आवेदनों पर काम करेगी। इसके अलावा डिजिटल, सोशल मीडिया व एफएम पर भी कैंपेन चलाया जाएगा। राजस्व विभाग ने कहा कि हम अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए जन प्रतिनिधियों जैसे विधायक, सांसद और पार्षदों की भी मदद लेंगे। सीएम रेखा गुप्ता ने भी भरोसा दिलाया है कि वह खुद जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। उन्हें पूरी योजना के बारे में बताया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रक्रिया आवेदक एमसीडी स्वगम पोर्टल (https://mcdonline.nic.in/swagam) पर लॉग इन करेंगे। अनधिकृत कॉलोनी (पात्र 1511 कॉलोनियों में से) का नाम चुनें वार्ड और जोन खुद फिल हो जाएगा। फिर विकल्प सेलेक्ट करें कि क्या पीएम-यूडीएवाई केस आईडी मौजूद है। अगर नहीं है तो पीएम- उदय पोर्टल पर सीधे जाएंगे। अगर केस आईडी है तो उसे भरें। सीडी/एएस (कन्वेस डीडी) जारी किया गया है तो आवेदन पत्र खुल जाएगा। यदि जारी नही किया गया है तो उसका स्टेटस जानने के लिए पीएम-उदय पोर्टल पर फिर रीडायरेक्ट किया जाएगा। दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग द्वारा डीडीए के सहयोग से आवेदनों की प्रक्रिया और सीडी/एएस जारी करेगी। जारी की गई सीडी/एएस को स्वगम पोर्टल के माध्यम से एमसीडी को भेजा जाएगा।  

स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम को लेकर केंद्र की नई योजना, चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

चंडीगढ़  उत्तर प्रदेश में लोगों द्वारा अपने घरों के बाहर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटरों का प्रबल विरोध करने के बाद केंद्र सरकार हरियाणा में नया प्रयोग करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे केंद्र व राज्य सरकार की सोच है कि लोगों में इन स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के प्रति भरोसा जागेगा। सरकारी कार्यालयों में पहले प्रीपेड मीटर लगने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि इन प्रीपेड मीटरों में किसी तरह की कोई खराबी नहीं है, क्योंकि सरकार स्वयं इन्हें अपने कार्यालयों में लगाने की पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों ने इस व्यवस्थछा का विरोध किया था। चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में क्या बोले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों तथा केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि स्मार्ट मीटरों से बिजली हानियों को कम करने में सहायता मिलेगी। इस पर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं। मनोहर लाल ने कहा कि बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में बिजली निगमों का कुल लाइन लास लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। राज्य में लाइन लास 10 प्रतिशत के आसपास है, जिसमें रिकार्ड कमी आई है। बिजली मंत्री अनिल विज ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री रहते मनोहर लाल के पास बिजली मंत्रालय भी था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत सुधार किए थे। हरियाणा में मांग से अधिक बिजली उपलब्ध हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा में चालू वर्ष में 2.20 लाख रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक काशी में आयोजित होने जा रही

वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक 4 और 5 जून को    जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक काशी में आयोजित होने जा रही योगी सरकार में वैश्विक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है उत्तर प्रदेश   ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक से वैश्विक मंच पर चमकेगी काशी की कला और संस्कृति बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगेगी  इस बैठक में देश-विदेश के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे वाराणसी,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र एवं विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद अब 4 और 5 जून को वाराणसी में ब्रिक्स (BRICS) संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित होने जा रही है। 4 -5 जून को ताज होटल में प्रस्तावित इस बैठक में देश-विदेश के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे।  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश आज वैश्विक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पर्यटन विकास, स्थानीय उत्पादों के संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि काशी को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में वाराणसी की समृद्ध शिल्प परंपरा के 6 शिल्पियों के 6 विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ये सभी उत्पाद काशी की सदियों पुरानी कला, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को न केवल इन उत्पादों की विशिष्टता से परिचित कराया जाएगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों के संरक्षण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। इन प्रयासों से हजारों शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को नई पहचान एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। काशी के हस्तशिल्प उत्पाद आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। ब्रिक्स के सदस्य देश   ब्राजील ,चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान,रूस, सऊदी अरब ,दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ।  प्रदर्शित होने वाले प्रस्तावित जीआई और ओडीओपी उत्पादों के नाम वुडेन लेकर वेयर एंड टॉयज बनारस गुलाबी मीनाकारी क्राफ़्ट  बनारस ब्रोकेड एण्ड साड़ी वाराणसी सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क वाराणसी वुडेन लेकर वेयर एंड टॉयज बनारस मेटल रिपोजी क्राफ्ट बनारस ग्लास बीड्स   ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे अपने उत्पादों का प्रदर्शन होने से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और काशी के पारंपरिक शिल्प को नई वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।     पद्मश्री रजनीकांत  जीआई ,विशेषज्ञ  अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से बड़ा मंच मिलता है, ब्रिक्स में हैंडीक्राफ्ट के प्रदर्शन से शिल्पियों के हाथ के हुनर को लोकल से ग्लोबल मार्केट  मिलेगा।   रामेश्वर सिंह  नेशनल अवार्डी  वाराणसी वुडेन लेकर एंड टॉयज  मोदी जी और योगी जी खुद जीआई एवं ओडीओपी उत्पादों के ब्रांड अंबेसडर हैं। जिन्होंने प्रदेश के हस्तशिल्प को नई पहचान देते हुए  प्राचीन मरती हुई कला को जीवित कर दिया है। इस प्रदर्शनी से वाराणसी के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रचार प्रसार होगा, देश-विदेश से आए विशिष्ट मेहमान काशी की इस कला से परिचित होंगे और हैंडीक्राफ्ट की बारीकियों को जानेंगे। इस मंच से ऑर्डर मिलेंगे की संभावनाएं बढ़ेंगी। कुञ्ज बिहारी  नेशनल अवार्डी, गुलाबी मीनाकारी  देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर रखने का मौका मिल रहा है, ऐसे अवसर देश की विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मौका देते हैं।  दुर्गा प्रसाद पटेल  आर्टिजन ग्लास बिड्स

अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन

नई दिल्ली  दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। जिसमें अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों को बाहर निकाला जा चुका है। अब इस हादसे पर पीएम मोदी व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हादसे में मृतक को परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया गया है। दिल्ली मोदी ने मालवीय नगर अग्निकांड पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, 'अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।' पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान इसके साथ ही पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। मालवीय नगर अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता ने क्या बताया? सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मालवीय नगर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करती हूं।' 'मौके पर आपातकालीन एजेंसियां मौजूद' मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा, 'दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), CATS एम्बुलेंस सेवा तथा अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया और उन्होंने बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण प्रभावित परिसर से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनका सफलतापूर्वक बचाया गया है। ' रेखा गुप्ता ने आगे कहा, 'दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दुख की घड़ी में दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हम इस त्रासदी से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' प्रशासन ने क्या कहा? मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, 'जैसे ही आज सुबह मुझे यह जानकारी मिली, हमने अपनी टीम को सक्रिय किया और वहां से सभी बलों को सूचित किया। उन्हें घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया। मुझे ट्रेनिंग पर जाना था, लेकिन मैं ट्रेनिंग छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचा। हमें जानकारी मिली कि इस इमारत के नीचे एक रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन आशंका है कि उस रेस्टोरेंट की वजह से ही आग लगी है।' उन्होंने आगे बताया, 'अब तक कुछ शव बरामद कर अस्पताल भेजे जा चुके हैं और 7-8 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। कुछ लोग तीसरे मंजिल से कूदे, स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा बिछाया और उन्हें बचाने का प्रयास किया। समय रहते बीएसईएस ने बिजली की आपूर्ति काट दी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी जरूरी है। रेस्टोरेंट के लाइसेंस की जांच के लिए भी आदेश दिए गए है।' 'आप' नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज सुबह करीब 8.30 बजे, मेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई; इसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। तलाश और बचाव अभियान अभी भी जारी है, और आगे की जानकारी का इंतजार है।' अभिषेक पाण्डेय

‘मजीठिया कहां हैं?’ CM के बयान पर गनीव कौर का पलटवार, बोलीं- न भागे हैं, न भागेंगे

अमृतसर  अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के अंडरग्राउंड होने के मामले में सीएम भगवंत मान ने टिप्पणी की है। सीएम भगवंत सिंह मान ने उन पर तंज कसते हुए पूछा है कि अब वो मूछें नहीं दिख रही हैं, जिन पर ताव दिया जाता था। दरअसल, पुलिस कस्टडी से अपने समर्थक को छुड़वाने के आरोप में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज कर पंजाब पुलिस की टीमें उन्हें तलाश रही है। वहीं सीएम के बयान पर मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि उनके पति न तो भागे हैं और न ही भागेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी कानूनी टीम के साथ संपर्क में हैं और इस मामले को अदालतों के ज़रिए आगे बढ़ाएंगे। कागजी शेर हैं मजीठिया मजीठिया पर तंज कसते हुए सीएम मान ने कहा कि अब उसकी मूंछें कहां गईं। उसे अब सामने आना चाहिए। मजीठिया माझे का जरनैल बनकर आगे आए मगर ये तो कागजी शेर हैं। इन्होंने लोगों को फंसाया और अब खुद फरार हो गया है। विदेश न भाग जाए, लिहाजा उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। सीएम ने कहा कि लोग जान गए हैं कि गुंडागर्दी इनके व्यवहार में शामिल है। ये लोग पुलिस के काम में किस तरह बाधा डाल रहा है, सबके सामने आ चुका है मगर इस मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सीएम के अनुसार पुलिस मजीठिया को तलाश रही है। लापता होने के लगे पोस्टर उधर, मजीठा क्षेत्र में मजीठिया के लापता होने के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में बिक्रम मजीठिया भगोड़े की तलाश लिखा गया है। पोस्टर में आगे लिखा कि अगर किसी को बिक्रम मजीठिया के बारे में कोई जानकारी हो तो वह इसकी सूचना पुलिस को दे ताकि कार्रवाई की जा सके। उल्लेखनीय है कि मजीठा थाने में पुलिस ने मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन पर पुलिस के काम में बाधा डालते हुए अपने समर्थक को छुड़वाने का आरोप है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी जोबनप्रीत को फिर गिरफ्तार कर लिया था।  

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त, बोले- नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त बोलेः नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं रायपुर  छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है।         लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे। अनियंत्रित खनन से पर्यावरण और भू-जल स्तर को खतरा           राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। आई आई टी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा वैज्ञानिक सर्वे           भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है। पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के निर्देश          राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।

पिछ्ली सरकारों में ताल-पोखरों पर होता था कब्जा, हम कर रहे संरक्षण: सीएम योगी

चिलुआताल बनेगा ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का बेहतरीन केंद्र: सीएम योगी पिछ्ली सरकारों में ताल-पोखरों पर होता था कब्जा, हम कर रहे संरक्षण: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने किया चिलुआताल के पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निखारा गया है चिलुआताल को गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना के अगले चरणों में चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के बेहतरीन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पिछली सरकारों में ताल-पोखरों पर कब्जा होता था। अपनी बपौती समझकर कुछ लोग इस पर हवेली बनवा लेते थे। जिन ताल-पोखरों पर कब्जा नहीं हो पाता था, वे गंदगी और अपराध के गढ़ बन जाते थे। डबल इंजन सरकार ताल-पोखरों पर कब्जा नहीं होने देती, बल्कि प्रकृति संरक्षण के दायित्वों का निर्वहन करती है। उन्हें बेहतरीन पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित कर समाज को प्राकृतिक वातावरण में आनंदित होने का मंच देती है।  सीएम योगी मंगलवार शाम गोरखपुर के उत्तरी छोर पर स्थित प्राकृतिक झील चिलुआताल के पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निखारे गए इस पर्यटन स्थल को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकारें, अच्छी चीजें लेकर आती हैं। चिलुआताल में होगा 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन सीएम योगी ने कहा कि चिलुआताल में कोल इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे चिलुआताल में 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। पूरे शहर की बिजली आपूर्ति यहां से संभव हो सकेगी। सोलर एनर्जी ग्रीन एनर्जी होती है, इससे किसी तरह का कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। चिलुआताल में लगने वाला फ्लोटिंग सोलर प्लांट नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहयोग करेगा।  नेचुरल है चिलुआताल का पानी सीएम योगी ने कहा अभी तक गोरखपुर में ईको टूरिज्म का प्रमुख केंद्र रामगढ़ताल ही था। पर, उसमें ड्रेनेज का पानी जाता था। रामगढ़ताल की सफाई कराई गई, ताल को डीसिल्ट किया गया। वहां आज भी पानी ट्रीटमेंट के बाद ही जाता है। यानी रामगढ़ताल का पानी पूरी तरह नेचुरल नहीं है, जबकि चिलुआताल का पानी नेचुरल है जो जंगलों से होकर आता है। खाद कारखाने के निर्माण में चिलुआताल को डीसिल्ट कर यहां से पानी दिया गया। सिल्ट का उपयोग निचले इलाकों के भराव में किया गया।  चिलुआताल में वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाएं हैं। कुछ दिनों पहले रामगढ़ताल में नेशनल जूनियर रोइंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ। इसमें 22 राज्यों के 200 से अधिक खिलाड़ी आए। सबने रामगढ़ताल की खूब सराहना की। अब जब लोग चिलुआताल को देखेंगे तो यह और भी अच्छा लगेगा। उन्होंने चिलुआताल के प्राकृतिक वातावरण की तारीफ करते हुए कहा कि चिलुआताल के किनारे लहरों से होकर आ रही हवा तापमान को कम कर सुखद एहसास करा रही है। यहां पर लोग परिवार के साथ आकर घूम सकते हैं। स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। यहां न प्रदूषण है और न ही किसी प्रकार की अव्यवस्था। अच्छे सिटी डेवपलमेंन्ट प्लान से बनती है अच्छी धारणा मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे सिटी डेवपलमेंन्ट प्लान से लोगों के मन में शहर की अच्छी धारणा बनती है। हमें गोरखपुर को सेफ और स्मार्ट सिटी के साथ ही सस्टेनेबल डेवलपमेंट वाली सिटी बनाना है। विकास की प्रक्रिया सतत बढ़ती रहेगी, लेकिन इसके संरक्षण की जिम्मेदारी नागरिकों की है। उन्होंने आमजन से विकास का संरक्षण करने, सार्वजनिक संपति का नुकसान न करने, ऐसा करने वालों को जेल भिजवाने और गंदगी न करने की अपील की। उन्होंने रामगढ़ताल की सफाई के दौरान 56 बोरी प्लास्टिक मिलने का जिक्र करते हुए आह्वान किया कि गोरखपुर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ-सुंदर शहर बनाने का संकल्प लेना होगा।  5 से 21 जून तक स्वच्छता, पौधरोपण और योग शिविर के आयोजन का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफलतम कार्यकाल के उपलक्ष्य में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से लेकर विश्व योग दिवस 21 जून तक स्वच्छता, पौधरोपण और योग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 5 जून को महानगर के दो मंडल सांसद व ग्रामीण विधायक के नेतृत्व में रामगढ़ताल और पांच मंडल चिलुआताल के किनारे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण का वृहद अभियान चलाएं। इसके पहले 4 जून को स्वच्छता का वृहद अभियान चलाया जाए। 21 जून को विश्व योग दिवस पर 'करो योग रहो निरोग' के संकल्प के साथ रामगढ़ताल और चिलुआताल पर विशाल योग शिविरों का आयोजन किया जाए। एसएसबी नहीं होती तो बंद खाद कारखाने का स्क्रैप भी नहीं बचता सीएम ने कहा कि 31 वर्ष तक गोरखपुर का खाद कारखाना बंद पड़ा था। यहां एसएसबी नहीं होती तो कारखाने का स्क्रैप भी नहीं बचता। अब खाद कारखाना शुरू हो गया है। यहां एसएसबी है, केंद्रीय विद्यालय भी है, सैनिक स्कूल खुल गया है और चिलुआताल का पर्यटन विकास भी हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। सीएम योगी के विजन से खूबसूरत चित्र सा निखर गया है गोरखपुर: रविकिशन इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता बेमिसाल है। उनके विजन से गोरखपुर खूबसूरत चित्र सा निखर गया है। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में गोरखपुर विकास के लिहाज से पूरे देश मे नजीर पेश कर रहा है। रामगढ़ताल के बाद अब चिलुआताल भी फिल्मों की शूटिंग का केंद्र बनेगा। सांसद रविकिशन ने चिलुआताल पर लिखा अपना एक गीत भी सुनाया।  सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर का कोई भी कोना विकास से अछूता नहीं: महापौर लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर का कोई भी कोना विकास से अछूता नहीं रह गया है। यह मुख्यमंत्री जी का ही विजन है कि उन्होंने उपेक्षित रहे चिलुआताल को खूबसूरत पर्यटन स्थल बनवा दिया।   कार्यक्रम में एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह … Read more

गोवर्धन से गिरफ्तारी के बाद अभिषेक मिश्रा केस में नए खुलासे, डिजिटल रिकॉर्ड बने अहम सबूत

माथुरा मथुरा के गोवर्धन से गिरफ्तार IIT रुड़की से इंजीनियरिंग कर चुके अभिषेक मिश्रा को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. ऑनलाइन गीता प्रवचन के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले अभिषेक के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन चुके हैं. जांच अधिकारियों के मुताबिक कुछ फोटो और वीडियो ऐसे मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. पुलिस के अनुसार, अभिषेक मिश्रा के संपर्क में आने वाली कई युवतियां उच्च शिक्षित थीं. इनमें बीटेक, एमटेक और MBA जैसी पढ़ाई कर चुकी युवतियों के नाम भी सामने आए हैं. आरोप है कि धार्मिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर शुरू हुआ संपर्क धीरे-धीरे भरोसे, भावनात्मक निर्भरता और कथित शोषण में बदलता चला गया. जांच में जुटी टीम मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है. मोबाइल से मिले फोटो-वीडियो क्यों बने जांच का केंद्र मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की ओर से कुछ ऐसे फोटो उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें आरोपी युवतियों के साथ अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहा है. इन तस्वीरों और वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये सामग्री कब रिकॉर्ड की गई और इसके पीछे की परिस्थितियां क्या थीं. सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन से मिले डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसका नेटवर्क कितना बड़ा था. IIT की डिग्री और आध्यात्मिक छवि का असर जांच के दौरान सामने आया है कि अभिषेक मिश्रा ने IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और बोलने की शैली ने कई युवाओं को प्रभावित किया. वह ऑनलाइन माध्यम से भगवद्गीता और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा करता था, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग उससे जुड़ते गए. आरोप है कि इसी भरोसे का इस्तेमाल कर वह कुछ लोगों को अपने करीब लाने में सफल रहा. पुलिस का कहना है कि इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में पढ़ी-लिखी युवतियां उसके साथ रहने के लिए गोवर्धन पहुंचीं. गंधर्व विवाह का दावा और गंभीर आरोप मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अभिषेक मिश्रा ने उसे यह विश्वास दिलाया कि दोनों का 'गंधर्व विवाह' हो चुका है. पुलिस के मुताबिक इसी आधार पर शारीरिक संबंध बनाए जाने का आरोप लगाया गया है. पीड़िता के बयान के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसी तरह के दावे अन्य लोगों के सामने भी किए गए थे. परिवारों से पैसे मंगवाने के आरोप पुलिस जांच में एक और पहलू सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि समूह में रहने वाले युवक-युवतियों के परिवारों से आर्थिक मदद मंगवाई जाती थी. यह भी जांच का विषय है कि क्या भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे मंगवाए गए थे. फिलहाल पुलिस बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है. पहले भी पहुंच चुके थे परिजन जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले कुछ परिजन अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचे थे. उस समय भी विवाद की स्थिति बनी थी. हालांकि मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ा, लेकिन अब पुलिस उस पूरे घटनाक्रम को भी दोबारा खंगाल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय वहां दो दर्जन से ज्यादा युवक-युवतियां आते-जाते थे. बाद में अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. पुलिस अब यह समझने का प्रयास कर रही है कि आखिर इसके पीछे क्या वजह थी. पुलिस कार्रवाई के दौरान दो युवतियों और एक युवक को वहां से रेस्क्यू किया गया था. बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें. अभी कई सवालों के जवाब बाकी अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऑनलाइन प्रवचन से शुरू हुई यह कहानी इतने गंभीर आरोपों तक कैसे पहुंची. मोबाइल फोन से मिले डेटा, फोटो-वीडियो, कथित आर्थिक लेन-देन और पीड़ितों के बयानों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने का दावा कर रही है. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

राज्यपाल रमेन डेका से मुख्य सचिव ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल रमेन डेका से मुख्य सचिव ने सौजन्य भेंट की रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्याे की प्रगति से राज्यपाल को अवगत कराया।