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जनसेवा और सुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता, कांकेर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री साय के निर्देश

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य  आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता मुख्यमंत्री  साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में विधायक अंतागढ़  विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक  आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य  आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता मुख्यमंत्री  साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता … Read more

राज्यमंत्री कृष्णा गौर पूरी निष्ठा से बाबूजी के संकल्पों को कर रही हैं पूर्ण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती पर आयोजित 'भजन संध्या' में शामिल हुए। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर के निवास पर आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "बाबूलाल जी गौर अमर रहें" के उद्घोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविंदपुरा क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने के लिए राज्यमंत्री  कृष्णा गौर की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ 'बाबूजी' के संकल्पों और उनके सपनों को पूर्ण कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर को एक आदर्श जननेता बताते हुए कहा कि वे एक ऐसे नेता थे जिन्हें हम आज भी अपने बहुत करीब पाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उस दौर में लगातार रिकॉर्ड 10 बार चुनाव जीतना एक बहुत बड़ी बात थी। चुनाव में कोई जीते या ना जीते, लेकिन स्व. गौर हमेशा अजेय रहते थे। उन्होंने सरकार के हर एक महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दीं। प्रशासन में उनकी सख्ती और कार्यकुशलता की तब से लेकर आज तक जमकर सराहना की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका और स्व. गौर का एक ही कॉलेज था। उन्होंने 'बाबूजी' के सरल और संवेदनशील स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे पशु-पक्षियों से भी अगाध प्रेम करते थे और मूक प्राणियों के मन की बात भी बिना कहे ही समझ जाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री गौर के जन्म शताब्दी वर्ष में अब मात्र 3 वर्ष ही शेष हैं। सरकार उनका शताब्दी वर्ष पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाएगी। भजन संध्या में मंत्री  संपतिया उइके, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविन्द्र यति और श्री सुमित पचौरी ने कार्यक्रम में शामिल होकर भजनों का आनंद लिया।  

दमोह के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 04 व्यक्तियों को त्वरित सहायता पहुँचाकर अस्पताल में भर्ती कराया

भोपाल दमोह जिले के थाना पथरिया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए 04 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायलों को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी। 01 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना पथरिया क्षेत्र अंतर्गत सासा रोड पर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने की टक्कर हो गई है, जिसमें एक महिला, एक बच्ची एवं दो पुरुष घायल हो गए हैं। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना पथरिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री शुभम तिवारी एवं पायलट श्री हरिओम अहिरवार ने घटनास्थल पर पहुँचकर पाया कि दो मोटर साइकिलों की टक्कर में चार व्यक्ति घायल हो गए। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित डायल-112 वाहन एवं चिकित्सा वाहन की सहायता से पथरिया अस्पताल पहुँचाया। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्रवाई दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की स्थिति में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।  

गर्मी से राहत: मध्यप्रदेश में प्री-मानसून की दस्तक, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

भोपाल झुलसाने वाली गर्मी और लू के थपेड़ों वाले नौतपा की मंगलवार को आंधी–बारिश के साथ विदाई हुई। प्री–मानसून गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह खुशनुमा हो गया है। भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बूंदाबांदी और तेज हवाओं के कारण दिन व रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। नौतपा के आखिरी दिन खंडवा और छतरपुर के खजुराहो को छोड़कर अन्य सभी जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। सुबह चली धूल भरी आंधी और अंधड़ नौतपा का आखिरी दिन आंधी और गरज–चमक के नाम रहा। सुबह झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, मुरैना और भिंड जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलीं। वहीं इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, दतिया, ग्वालियर और शिवपुरी जिलों में भी 40 किमी की रफ्तार से अंधड़ चला। दोपहर को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, उमरिया और कटनी जिलों में गरज–चमक के साथ हल्की आंधी चली। इंदौर–उज्जैन में बारिश, बुरहानपुर में केला फसल बर्बाद वहीं शाम को इंदौर, उज्जैन, धार व देवास जिलों के साथ छतरपुर (खजुराहो) और पन्ना जिलों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आया। इस दौरान इंदौर जिले में पांच मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। दमोह, भिंड, दतिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, आगर, शाजापुर और सीहोर जिलों में भी बौछारें पड़ीं। बुरहानपुर जिले में करीब डेढ़ घंटे की तेज बारिश ने केला उत्पादक किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लोनी, बिरोदा, मांजरोद खुर्द, दापोरा, शाहपुर और नेपानगर क्षेत्र में 80 प्रतिशत केला फसल बर्बाद हो गई। जिले में 30 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में केला उत्पादन होता है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। मंदसौर, शाजापुर और नीमच में भी किसानों और व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ा। अगले चार दिन के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले चार दिन तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किया है। इसके अनुसार मंदसौर, नीमच में 50 से 60 किमी और आगर जिले में 40-50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। जबकि राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, niwari (निवाड़ी) और पांढ़ुर्णा जिलों में गरज–चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान भोपाल 37.0 22.0 इंदौर 38.2 22.1 ग्वालियर 37.0 25.4 जबलपुर 38.7 26.4 (नोट: तापमान के आंकड़े डिग्री सेल्सियस में हैं)  

जनता के विश्वास को और मजबूत बना रहा सुशासन तिहार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में 18 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का भूमिपूजन, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर के पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शिविर में कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन है। सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 12 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा 5 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के लागत के इन विकास कार्यों से शहर की अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया। मुख्य अतिथि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और सशक्त बनाने का अभिनव अभियान है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।  साहू ने कहा कि बिलासपुर आज तेजी से बदलती हुई न्यायधानी के रूप में उभर रहा है। फोरलेन सड़कों का निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयास तथा कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। बिलासपुर के समग्र विकास के लिए आवश्यक हर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन के प्रति उसका बढ़ता विश्वास ही सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सुशासन तिहार ने शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम तैयार किया है, जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विगत दो वर्षों में जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और न्यायधानी को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा।  साव ने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल एवं शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।   बिलासपुर नगर निगम के सभापति  विनोद सोनी, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  संदीप अग्रवाल,  बंधुलाल मौर्य,  राजेश सिंह, मती सुनीता जगत,  विजय ताम्रकार,  लक्ष्मीनारायण कश्यप और  मोहित जायसवाल सहित पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यधारा में लौटे 113 युवाओं के जीवन में आया नया सवेरा, 5G कनेक्टिविटी और खेलों से संवर रहा भविष्य

रायपुर  नक्सलवाद के दंश को पीछे छोड़ छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अब बदलाव की एक नई और बेहद खूबसूरत इबारत लिख रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित जिला पुनर्वास केंद्र में रह रहे 113 आत्मसमर्पित युवाओं (42 महिलाएं और 71 पुरुष) के जीवन में वास्तव में नया सवेरा आ चुका है। कभी जंगलों में भटकने और हाथों में घातक हथियार थामने वाले ये युवा अब न सिर्फ समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, बल्कि पुनर्वास केंद्र के परिसर में पहली बार इनके द्वारा लगाए गए भारत माता की जय के नारे सुकमा के बदलते और सुरक्षित होते भविष्य की गवाही दे रहे हैं। अनुशासित दिनचर्या और कौशल विकास पर जोर          पुनर्वास केंद्र में इन युवाओं की दिनचर्या अब पूरी तरह अनुशासित, सुरक्षित और रचनात्मक हो चुकी है। सुबह उठकर बागवानी (गार्डनिंग) और साफ-सफाई करने के बाद सभी युवा मिल-जुलकर नाश्ता और भोजन तैयार करते हैं। प्रशासन ने इनके बौद्धिक विकास के लिए दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की है, जो इन्हें प्रतिदिन सुबह-शाम अक्षर ज्ञान, बुनियादी गणित और अंग्रेजी सिखाते हैं। समाज का वैध और सम्मानित हिस्सा बनाने के लिए प्रशासन कलेक्ट्रेट के सिंगल विंडो रूम के माध्यम से इन सभी के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज प्राथमिकता से बनाया जा रहा है। इसके साथ ही इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) भी दी जा रही है। अत्याधुनिक हथियारों की जगह हाथों में आई वॉलीबॉल         प्रशासन की इस मानवीय पहल का सबसे खूबसूरत रंग खेल और मनोरंजन के मैदान में देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप, जब इन पूर्व नक्सलियों से उनके मनोरंजन और खेल की पसंद पूछी गई, तो सबसे ज्यादा रुझान वॉलीबॉल के प्रति दिखा। इसके बाद प्रशासन ने केंद्र में खेल प्रतियोगिता की शुरुआत की, जिसमें युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कभी अत्याधुनिक हथियार संभालने वाले इन हाथों में जब वॉलीबॉल आई, तो मैदान पर उनकी खेल प्रतिभा और किक देखकर हर कोई हैरान रह गया। ओयाम जोगा, वेको हुंगा और सोड़ी सोमड़ी जैसे युवा अब खेल के मैदान में अपना जौहर दिखाकर बेहद खुश और उत्साहित हैं। डिजिटल युग से जुड़ाव मनोरंजन के साथ मिले 5G स्मार्टफोन           दिनभर की रचनात्मक गतिविधियों और खेल के बाद शाम को सभी युवा संगीत कक्ष में सुर-ताल मिलाते हैं, जिससे उनका भरपूर मनोरंजन होता है। वर्तमान डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए जिला प्रशासन ने इन युवाओं को 5G स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए हैं। इस आधुनिक तकनीक के जरिए देश-दुनिया की खबरों से कटे रहने वाले ये युवा अब समकालीन समाज और नई जानकारियों से सीधे जुड़ पा रहे हैं।  पुनर्वास का एक अनुकरणीय मॉडल           सुकमा जिला पुनर्वास केंद्र का यह मानवीय और विकासात्मक मॉडल साबित करता है कि यदि सही दिशा, उचित संसाधन और संवेदनशीलता मिले, तो मुख्यधारा से भटके हुए युवाओं को भी परिष्कृत कर देश की प्रगति का मजबूत स्तंभ बनाया जा सकता है।

“Month of Solar” अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए मिलेगा पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित “Month of Solar” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना राज्य के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जिसके लिए राज्य का चयन पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सक्रियता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता का सकारात्मक परिणाम है। मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग, क्रेडा, विद्युत वितरण कंपनियों, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मानव कल्याण और सेवा का संदेश देता है भगवान देवनारायण का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान देवनारायण सिर्फ़ गुर्जर समाज के आराध्य देव ही नहीं, बल्कि न्याय, लोक कल्याण, सेवा और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनका पूरा जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कर्मों से यह सिद्ध किया कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा और कमजोरों की रक्षा में निहित है‌। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से उज्जैन जिले के ग्राम जमालपुरा में आयोजित  देवनारायण कथा महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा महोत्सव आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में लगातार छठें वर्ष 7 दिवसीय कथा का आयोजन धर्म प्रेमियों के लिए सोने गर सुहागा की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान देवनारायण लोक देवता हैं। वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उनका ननिहाल उज्जैन है़ वे 12 वर्ष तक उज्जैन में ही रहे। उनका जीवन सदैव जनसेवा और लोक कल्याण को समर्पित रहा। सेवा ही भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म हैं। हम सबको इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रसिद्ध कथा वाचक पं. ईश्वर सिंह गुर्जर (भगत जी),  रामचन्द्र जी,  निर्भय सिंह आंजना,  वीरेन्द्र आंजना,  मानसिंह चौधरी,  हीरालाल आंजना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय धर्म प्रेमी उपस्थित थे।  

लोक भवन में गोवा, सिक्किम एवं तेलंगाना के स्थापना दिवस समारोह हुआ संपन्न

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्‍थापना दिवस समारोह केवल राज्यों के प्रशासनिक गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा से प्रेरणा ग्रहण करने का उपक्रम है। भारत की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधताएँ ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं। यही सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम का पर्यावरणीय मॉडल, गोवा का पर्यटन, मत्स्य उद्योग और तेलंगाना की तकनीकी नवाचार क्षमता राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं। राज्यपाल  पटेल मंगलवार को गोवा, सिक्किम एवं तेलंगाना राज्य के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। लोकभवन के सांदीपनि सभागार में “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” संकल्पना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना देश की एकता, अखंडता और समग्र विकास का सशक्त आधार है। आयोजन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण संकल्प के प्रति राष्ट्रीय एकता की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है। उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र के नव निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देने तथा “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने युवा संगम कार्यक्रम के तहत आई.आई.टी धनबाद से आये युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें झारखंड के अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत @ 2047 में योगदान के लिए प्रेरित किया। कहा कि युवा परिवार और राष्ट्र की आशा के केन्द्र होते है, इसलिए भावी जीवन में सदैव अच्छा व्यक्ति बनने के लिए कार्य करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि तेलंगाना राज्य की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक विकास का अद्भुत समन्वय भारत की विशिष्ट पहचान को समृद्ध करते है। राज्य की गौरवशाली परंपराएं, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व देश की अमूल्य धरोहर हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक कल्याण और विकास के क्षेत्र में तेलंगाना की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोवा की ऐतिहासिक विरासत, समुद्री वैभव, भारतीय और पश्चिमी परंपराओं का सांस्कृतिक समन्वय की विविधता देश की शक्ति है। गोवा केवल प्रमुख पर्यटन केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए हुए साहसिक संघर्ष की प्रेरक भूमि भी है। राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करती है। राज्यपाल  पटेल ने स्थापना दिवस समारोह में सिक्किम वासियों को देश का पाँचवाँ पूर्ण साक्षर राज्य बनने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे देश के प्रथम पूर्णतः जैविक राज्य सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक शांति और सतत विकास मॉडल भारत की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करता है। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल  ओमप्रकाश माथुर, गोवा के राज्यपाल  पुसापति अशोक गजपति राजू तथा तेलंगाना के राज्यपाल  शिव प्रताप शुक्ला के शुभकामना वीडियो संदेशों का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में गोवा, सिक्किम, तेलंगाना और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती लघु फिल्में प्रदर्शित की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में तेलुगु संगमम भोपाल द्वारा अन्नामाचार्य कीर्तनम् पर आधारित एकल नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। युवा, बाल कलाकारों ने राजस्थान और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम का समूह नृत्य जिसकी जड़ें राजस्थान की बंजारा संस्कृति से जुड़ी हैं और भद्राचलम स्थित प्रसिद्ध  सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर और भगवान राम की भक्ति को समर्पित समूह नृत्यों की प्रस्तुति दी। आई.आई.टी. इंदौर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मृगेन्द्र दुबे ने युवा संगम के संबंध में जानकारी दी। आई.आई.टी. धनबाद के युवाओं के 6 दिवसीय मध्यप्रदेश भ्रमण के समापन अवसर पर लोकभवन के गरिमामय समारोह में शामिल होने को अविस्मरणीय बताया है। राज्यपाल  पटेल का समारोह के प्रारंभ में गोवा समाज के प्रतिनिधि  क्रिस्टोफर एफ. नरोन्हा तथा  पी.वी. फर्नाडिस एवं तेलुगु संगमम भोपाल के  चंद्रमोहन नायडू द्वारा स्मृति-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल का स्वागत तेलुगु संगमम के बाल सदस्यों व्ही. साईं सिरिशा, व्ही. साई दीक्षिता और व्ही. साईं कात्यायनी द्वारा पुष्पगुच्छ एवं उनके द्वारा बताई गई कलाकृति भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर टेक्निकल एजुकेशन डॉ. बी. लक्ष्मीनारायण रेड्डी ने आभार प्रदर्शन किया। कंट्रोलर हाउस होल्ड लोक भवन मती शिल्पी दिवाकर ने संचालन किया।   स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में मध्यप्रदेश की आईपीएस अधिकारी मती कृष्णवेनी देसवतु, राज्यपाल के उप सचिव  सुनील दुबे, आई.आई.टी. धनबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार वाय, संस्थान के 59 युवाओं के प्रतिनिधिमंडल सहित गोवा, तेलंगाना और सिक्किम राज्यों के मूल निवासी सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी तथा सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।  

राज्यमंत्री गौर ने प्रतिमा का अनावरण कर अर्पित की पुष्पांजलि

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर की जन्म जयंती पर मंगलवार को वार्ड 54 के साकेत नगर स्थित 'बाबूलाल गौर पार्क' में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि श्रद्धेय 'बाबूजी' का संपूर्ण जीवन जनसेवा और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भोपाल और विशेषकर गोविंदपुरा क्षेत्र के विकास को जो नई दिशा दी है, वह हम सभी के लिए एक महान आदर्श है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि उनकी यह प्रतिमा हमें सदैव उनके द्वारा किए गए जन-कल्याणकारी कार्यों, उनके संघर्षपूर्ण जीवन और जमीन से जुड़े नेता के रूप में उनकी सादगी की प्रेरणा देती रहेगी। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि बाबूजी के सपनों का गोविंदपुरा क्षेत्र और एक उन्नत मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम उनके बताए मार्ग पर निरंतर जनसेवा का कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्व. गौर जी ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों और आम जनता के उत्थान में लगा दिया। उनके यही विचार और जनहितैषी नीतियां हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती के अवसर पर भेल स्थित बाबूलाल स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इस दौरान उन्होंने स्व. बाबूलाल गौर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की स्मृति में पौधारोपण भी किया।