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‘पंजाब को बदनाम करना बंद करें शाह’, नशा मुक्त यात्रा को लेकर CM भगवंत मान का BJP पर हमला

चंडीगढ़  भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के मुद्दे पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने से पहले गृह मंत्री अमित शाह को अपने गृह राज्य गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में पाकिस्तान सीमा से हेरोइन की एक-दो, पांच या 10 किलो की खेप पकड़ी जाती है, जबकि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से तीन-तीन हजार किलो की खेप पकड़ी जा रही है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि एक ओर पंजाब को नशे के लिए बदनाम किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर अन्य राज्यों से बड़ी खेपें आ रही हैं। भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पंजाब में नशे फैला रही है और दूसरी तरफ नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रही है, यह दोहरा चरित्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पंजाब को बदनाम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। मान ने बताया कि कि देश में एनडीपीएस मामलों में होने वाली हेरोइन की बरामदगी में पंजाब का योगदान करीब 60% है, लेकिन नशे की सप्लाई के स्रोतों पर भी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी रोकना केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब ने नशीले पदार्थों को रोकने के लिए अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं। विपक्ष की सियासत पर सीएम मान ने गिद्धों वाला तंज क्यों कसा? मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष के आचरण पर बेहद कड़े शब्दों में आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, ‘जब आपके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं होता, तो आप हर दुखद घटना पर राजनीति करने लग जाते हैं.’ यह जनता की सेवा की राजनीति नहीं है. यह पूरी तरह से गिद्धों वाली राजनीति है. पंजाब की जनता इस घटिया राजनीति से कहीं बेहतर की हकदार है। मान ने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई की तारीफ करने के बजाय विरोधी दल डर का माहौल बना रहे हैं. वे केवल सियासी फायदे के लिए पंजाब को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. पंजाब कोई साधारण सीमावर्ती राज्य नहीं है. यह देश का मुख्य प्रवेश द्वार और भारत का अनमोल गहना है। कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं को आधार बनाकर पूरे सूबे की गलत छवि पेश की जा रही है. मान ने कहा कि यह पंजाब और यहां के मेहनती लोगों को बदनाम करने की सोची-समझी चाल है. सूबे की जनता ऐसे नकारात्मक अभियानों को कभी स्वीकार नहीं करेगी. सरकार अपराधियों के आगे कभी नहीं झुकेगी। पाकिस्तान का नशा कैसे रुका और अब नया सप्लाई रूट कौन सा बन गया?     मुख्यमंत्री ने सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी की जमीनी हकीकत जनता के सामने रखी. 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से पंजाब में नशा भेजने की लगातार कोशिशें होती रही हैं. पंजाब सरकार की सख्त निगरानी की वजह से पाकिस्तान से आने वाला 80 फीसदी नशा अब खत्म हो चुका है. सीमा पार से आने वाली छोटी खेपों को भी लगातार पकड़ा जा रहा है।     पाकिस्तान का रूट टूटने के बाद अब नशा तस्करों ने नए रास्ते चुन लिए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब 80 प्रतिशत नशा गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से पंजाब आ रहा है. नशा तस्करी के इन नए रास्तों को भी पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा।     अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी रोकना प्राथमिक तौर पर केंद्र सरकार की सीधी जिम्मेदारी है. इसके बावजूद पंजाब सरकार ने अपने सरकारी फंड से कई एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं. इन आधुनिक तकनीकों से सीमा पार से आने वाले ड्रोनों को गिराया जा रहा है. पंजाब अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा।     मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को सीधे कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में टनों के हिसाब से नशीले पदार्थों की खेपें मौजूद हैं. केंद्रीय गृह मंत्री को इस बात का स्पष्ट जवाब पूरे देश को देना चाहिए।     गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3000 किलो नशा पकड़ा गया था. इस मामले में जिम्मेदार बड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस और सार्थक कार्रवाई नहीं की गई. पंजाब पुलिस ने खुद मुंद्रा पोर्ट से जुड़े बड़े नशा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने वहां से आने वाली नशीले पदार्थों की भारी खेप बरामद की थी।     केंद्रीय गृह मंत्री अपने गृह राज्य गुजरात में नशे की आमद रोकने में पूरी तरह असमर्थ रहे हैं. इसके विपरीत भाजपा के नेता पंजाब में आकर नशा विरोधी यात्रा निकालने का ढोंग कर रहे हैं. गुजरात में लाखों टन नशा पकड़ा जा रहा है, लेकिन वहां सख्त कदम नहीं उठाए जाते. दूसरी तरफ पंजाब ने देश की सबसे बड़ी नशा विरोधी मुहिम चला रखी है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने साल 2022 से अब तक क्या बड़ा एक्शन लिया? मुख्यमंत्री ने राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के आधिकारिक आंकड़े साझा किए. पंजाब सरकार ने संगठित अपराध के खात्मे के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया था. साल 2022 से लेकर अब तक इस टास्क फोर्स ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की है। पंजाब पुलिस ने इस अवधि के दौरान अपराधियों से 1170 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं. इसके अलावा 15 खतरनाक हथगोले भी जब्त किए गए हैं. ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने 858.26 किलो हेरोइन और 480.26 किलो अफीम पकड़ी है। टास्क फोर्स ने छापेमारी के दौरान 3056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए हैं. विदेशों में छिपकर बैठे अपराधियों पर भी शिकंजा कसा गया है. पंजाब पुलिस ने दूसरे देशों की मदद से अब तक 18 बड़े गैंगस्टरों को डिपोर्ट करवाकर पंजाब वापस लाया है. इनमें से 10 गैंगस्टरों को इसी साल जनवरी से अब तक वापस लाया गया है। ‘विपक्ष बंद करे गिद्धों वाली गंदी राजनीति’, मान बोले- विदेशों से 10 गैंगस्टर वापस लाए. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गुजरात जेल को लेकर क्या सनसनीखेज दावा किया? मुख्यमंत्री ने गैंगस्टरवाद को केवल एक राज्य की समस्या मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि गैंगस्टरवाद एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. … Read more

बिहार के 15 जिलों के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को आज मिलेगी 7-7 हजार की सहायता

पटना सम्राट चौधऱी सरकार ने बिहार के बाढ़ पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने का अहम फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार यानी आज बाढ़ पीड़ित हरेक परिवार को सात-सात हजार रुपए उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांरित करेंगे। जाहिर है आज का दिन इन बाढ़ पीड़ितों के लिए काफी अहम है। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने सोमवार की देर शाम तक जिलों से आठ लाख 27 हजार 472 परिवारों की पूरी विवरणी मंगा ली है। इन परिवारों को 579.23 करोड़ अनुग्रह सहायता के तौर दिए जाएंगे। 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें प्रभावित इस वर्ष गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन आदि नदियों में आई बाढ़ से 15 जिलों की 88 प्रखंडों में 575 ग्राम पंचायतों की लगभग 49.36 लाख आबादी बाढ़ से किसी न किसी रूप में प्रभावित है। इन जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा एवं अरवल शामिल है। प्रभावित परिवारों को इस वर्ष की बाढ़ में पहली बार सात-सात हजार की नकदी सहायता दी जा रही है। गंगा का जलस्तर घट रहा इस बीच, केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर भागलपुर के सुल्तानगंज में घट रहा है, लेकिन बलतारा एवं कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक के अलावा पटना के दीघा घाट, गांधीघाट, हाथीदह तथा भागलपुर, कहलगांव एवं मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 1260 सामुदायिक रसोई का संचालन आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए विभिन्न प्रभावित जिलों में 1260 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक लगभग 1.19 करोड़ लोगों को सुबह-शाम का भोजन कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 13 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिवरों में भी बाढ़ पीड़ितों को पूरी सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। क्षति का आकलन करने कल आएगी केंद्रीय टीम राज्य में बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने और इससे उत्पन्न स्थिति का अध्ययन करने के लिए केंद्रीय टीम बुधवार को बिहार आएगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में यह टीम आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अभिलेख भवन में आयोजित हिन्दी दिवस समारोह में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन में व्यस्त रहने के बावजूद प्रधानमंत्री बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर संवेदनशील रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली है। केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया है कि बाढ़ से संबंधित हर एक चीज का अध्ययन करने केंद्रीय टीम बिहार जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बिहार में बाढ़ से होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने के साथ-साथ इस समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बिहार की नदियां राज्य के जीवन और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए नदियों को जोड़ना भी है और उन्हें बचाना भी है।

राजस्थान के चार निकायों में अटके मेयर चुनाव, 16 सितंबर को दस बूथों पर होगी रिपोलिंग

जयपुर सोमवार को हुई मतगणना के दौरान कुछ बूथों की EVM में तकनीकी खराबी सामने आई। इसके चलते इन बूथों के वोटों का रिजल्ट घोषित नहीं हो सका। परिणाम अधूरे रहने की वजह से संबंधित निकायों में पार्षदों की अंतिम स्थिति भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर भी ब्रेक लग गया है। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम समेत चार नगरीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि इन निकायों में 21 सितंबर को प्रस्तावित प्रमुख पदों के चुनाव अब नहीं होंगे। आयोग इन चुनावों के लिए नए सिरे से कार्यक्रम जारी करेगा। EVM ने अटका दिया पूरा चुनावी गणित दरअसल, सोमवार को हुई मतगणना के दौरान कुछ बूथों की EVM में तकनीकी खराबी सामने आई। इसके चलते इन बूथों के वोटों का रिजल्ट घोषित नहीं हो सका। परिणाम अधूरे रहने की वजह से संबंधित निकायों में पार्षदों की अंतिम स्थिति भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक जब तक सभी वार्डों के परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव कराना संभव नहीं है। यही वजह है कि आयोग ने जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के साथ सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित कर दिए हैं। 21 सितंबर को नहीं होगी मेयर-डिप्टी मेयर की वोटिंग निकाय चुनाव के बाद सभी की नजरें अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर थीं। खासकर जयपुर में बहुमत के आंकड़े तक पहुंची बीजेपी के मेयर बनने की राह लगभग साफ मानी जा रही थी। लेकिन EVM में आई तकनीकी खराबी ने पूरा कार्यक्रम ही बदल दिया। अब 21 सितंबर को इन निकायों में मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं होंगे। पहले अटके हुए वार्डों के परिणाम घोषित होंगे और उसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। 10 बूथों पर 16 सितंबर को फिर से मतदान EVM की तकनीकी खराबी के कारण जिन बूथों पर परिणाम अटके हैं, वहां अब दोबारा मतदान कराया जाएगा। आयोग ने चारों निकायों के कुल 10 बूथों पर 16 सितंबर को रिपोलिंग कराने के आदेश दिए हैं। इन बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। रिपोलिंग के बाद ही इन वार्डों का अंतिम परिणाम सामने आएगा और निकायों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। जयपुर के 5 बूथों पर दोबारा वोटिंग जयपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा पांच बूथों पर रिपोलिंग होगी। इनमें वार्ड-9 का बूथ संख्या 111, वार्ड-18 का बूथ संख्या 235, वार्ड-25 का बूथ संख्या 343, वार्ड-34 के बूथ संख्या 477 और 484 शामिल हैं। इन बूथों पर दोबारा मतदान होने के बाद संबंधित वार्डों के परिणाम जारी किए जाएंगे। इसके बाद ही जयपुर नगर निगम की पूरी तस्वीर आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी। जोधपुर और कोटा में भी EVM का पेच जोधपुर नगर निगम के वार्ड-50 के बूथ संख्या 338 पर भी रिपोलिंग होगी। वहीं कोटा नगर निगम में तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। इनमें वार्ड-87 का बूथ 99, वार्ड-44 का बूथ 448 और वार्ड-11 का बूथ 576 शामिल हैं। इसके अलावा सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 के बूथ संख्या 5 पर भी 16 सितंबर को फिर से मतदान होगा। 17 सितंबर को साफ होगी तस्वीर, फिर तय होगा मेयर का चुनाव अब इन 10 बूथों के मतदाताओं को एक बार फिर मतदान करना होगा। 16 सितंबर को वोटिंग और 17 सितंबर को काउंटिंग के बाद अटके हुए परिणाम सामने आएंगे। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग सभी संबंधित निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नया कार्यक्रम घोषित करेगा। यानी निकाय चुनाव का रिजल्ट आने के बाद जिस मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई थी, उस पर फिलहाल EVM की खराबी ने ब्रेक लगा दिया है। अब पहले 10 बूथों का फैसला होगा, फिर मेयर की कुर्सी का खेल शुरू होगा।

दाहिनी सूंड वाले गणेश जी का अनोखा मंदिर, जयपुर के नहर वाले गणेश के दर्शन को जुटते हैं श्रद्धालु

देशभर में वैसे तो भगवान गणेश के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, लेकिन जयपुर के नहर वाले गणेश मंदिर की खास मान्यता है. यह मंदिर ब्रह्मपुरी क्षेत्र में नाहरगढ़ की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है. मंदिर करीब 250 साल पुराना बताया जाता है. यह देश के उन दुर्लभ मंदिरों में से एक है जहां गणपति जी की दाहिनी ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा विराजमान है. गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस मंदिर के दर्शन करने श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं. सिंजारा उत्सव में सजते हैं बप्पा जयपुर में नहर वाले गणपति के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले सिंजारा उत्सव मनाया जाता है. इस अवसर पर भगवान गणेश को विशेष पोशाक और साफा अर्पित करने की परंपरा है. इस दौरान मंदिर में असंख्य मोदकों की झांकी सजाई जाती है. मोदकों से सजी यह झांकी भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहती है. सिंजारा उत्सव दौरान भगवान गणेश को मेहंदी और सिंदूर भी अर्पित किया जाता है. इसके बाद ये मेहंदी और सिंदूर श्रद्धालुओं में भी बांटा जाता है. नहर वाले गणेश मंदिर के महंत पंडित जय शर्मा ने बताया कि मंदिर में सिंदूर और मेहंदी लेने दूर-दूर से भक्तगण यहां आते हैं. मान्यता है कि यहां का सिंदूर और मेहंदी मांगलिक कार्यों में आने वाली समस्याओं को दूर करता है. भगवान गणेश की कृपा से विवाह या प्रेम संबंधों में आ रही अड़चनें यह सिंदूर और मेहंदी रचाने के बाद दूर हो जाती हैं. मंदिर के महंत ने बताया कि राजस्थान में वैसे तो कई ऐसे मंदिर है, जहां मेहंदी और सिंदूर बांटने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. लेकिन जयपुर के तीन मंदिर इसके लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं. इनमें नहर वाले गणपति के अलावा, मोती डूंगरी गणेश मंदिर और श्री गढ़ गणेश मंदिर शामिल हैं. इन मंदिरों में भी अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए लोग सिंदूर-मेहंदी लेने आते हैं. दाहिनी ओर सूंड वाले गणपति का रहस्य पंडित जय शर्मा के अनुसार, गणेश पुराण में कुल तीन तरह के गणपति का वर्णन मिलता है. बाई ओर मुड़ी सूंड वाले गणपति को वाममुखी गणपति कहा जाता है. जबकि दाहिनी ओर मुड़ी सूंड वाले गणपति को दक्षिणाभिमुखी गणपति कहा जाता है जो कि सिद्धिविनायक का स्वरूप माने जाते हैं. यानी भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करने वाले वाले गणपति. सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए दक्षिणाभिमुखी गणपति की पूजा सबसे ज्यादा लाभकारी मानी जाती है. धन, वैभव, यश, सफलता की कामना के लिए इन्हीं गणपति की फलदायी होती है. जबकि तंत्र-मंत्र साधना और संत समाज के लिए सीधी सूंड वाले गणपति की पूजा लाभकारी होती है

खजराना गणेश मंदिर में भक्तों की सुरक्षा पर बड़ा कदम, 20 करोड़ का कराया गया बीमा

इंदौर  इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने पहली बार 20 करोड़ रुपए की पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी कराई है। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए बीमा को सुरक्षा व्यवस्था के अतिरिक्त कवच के तौर पर लिया गया है। पॉलिसी के तहत गणेशोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित नियम और शर्तों के अनुसार बीमा सुरक्षा मिलेगी। किसी दुर्घटना, अप्रिय घटना या जनहानि की स्थिति में पॉलिसी के प्रावधानों के मुताबिक बीमा कंपनी की ओर से भुगतान किया जा सकेगा। कलेक्टर बोले- भगवान से प्रार्थना, बीमा की जरूरत न पड़े मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं का बीमा कराया गया है। इसकी क्लेम राशि 20 करोड़ रुपए रहेगी। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश से यही प्रार्थना है कि इसकी जरूरत न पड़े। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पहले करीब 2 करोड़ का था बीमा मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि भगवान गणपति की कृपा से बीमा सुविधा का उपयोग करने की स्थिति न आए, यही कामना है। उन्होंने बताया कि मंदिर में पहले भी इंश्योरेंस कराया जाता था, लेकिन उस समय करीब 2 करोड़ रुपए का बीमा रहता था। इस साल पहली बार बीमा राशि बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए की गई है। सीसीटीवी से निगरानी, पुलिस और गार्ड भी बढ़ाए गणेशोत्सव के 10 दिनों में खजराना गणेश मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। दर्शन व्यवस्था के साथ सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस बल के साथ सुरक्षा गार्डों की संख्या भी बढ़ाई गई है। मंदिर समिति के मुताबिक श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के साथ भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसाऊ बांध पर आज बड़ा फैसला, छह राज्यों में होगा पानी का बंटवारा, खत्म होगा इंतजार

चंडीगढ़ करीब छह दशक से लंबित अंतरराज्यीय जल विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठने जा रहा है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित किसाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच जल वितरण समझौते को 15 सितंबर को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है। 15 जून को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री जल वितरण के प्रस्ताव पर सहमत हो चुके हैं। अब नई दिल्ली स्थित जल शक्ति भवन में होने वाली बैठक में हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के शीर्ष अधिकारी समझौते पर हस्ताक्षर के साथ करीब छह दशक से अटकी इस परियोजना के समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे। संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं। परियोजना के तहत हरियाणा को 836 क्यूसेक पानी मिलने का प्रस्ताव है। वहीं, उत्तर प्रदेश को 543.2 क्यूसेक, राजस्थान को 163.52 क्यूसेक और दिल्ली को 105.28 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस लिहाज से परियोजना केवल एक राज्य की जल जरूरत पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए जल उपलब्धता और अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करने वाली पहल बन सकती है। जल बंटवारे के विवाद से सहयोग की ओर बढ़ेंगे राज्य अंतरराज्यीय नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर राज्यों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। किसाऊ परियोजना पर प्रस्तावित समझौता ऐसे विवादों के समाधान के लिए सहमति आधारित माडल का उदाहरण बन सकता है। हरियाणा को मिलने वाला पानी उसकी जल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जबकि दिल्ली को अतिरिक्त जल उपलब्धता से राष्ट्रीय राजधानी की जरूरतों को राहत मिल सकती है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान को मिलने वाला निर्धारित पानी भी इन राज्यों की जल उपलब्धता को मजबूत करेगा। छह दशक की देरी के बाद परियोजना को गति मिलने की उम्मीद लंबे समय तक परियोजना के अटके रहने से इसकी लागत में भी बड़ा इजाफा हुआ है। अब इसकी अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि पहले यह रकम आधी थी। ऐसे में छह राज्यों के बीच समझौता होने से परियोजना को संस्थागत आधार मिलने के साथ इसके निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है। टोंस नदी पर प्रस्तावित यह बहुउद्देशीय परियोजना जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ राज्यों के बीच सहयोग की नई राह भी खोल सकती है।

ज्वैलरी शॉप पर GST विभाग की छापेमारी, कंप्यूटर डेटा से बैंक खातों तक की जांच

जालंधर  जालंधर में सराफा बाजार स्थित हनुमान चौक पर जीएसटी विभाग ने आभूषण की दुकान पर छापेमारी की। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दुकान की बिक्री, खरीद, कंप्यूटर डेटा और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। वी.के. ज्वैलर्स पर सोमवार को की गई इस कार्रवाई में क्या खामियां मिली हैं या कितनी टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। रेड करीब दो घंटे तक चली। जांच अधिकारी दस्तावेजों और खाते के आंकड़ों का मिलान कर रहे हैं, जिसके बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। ग्राहकों और व्यापारियों के लिए जरूरी नियम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जीएसटी विभाग ने आम ग्राहकों से विशेष अपील की है। विभाग के अनुसार, ग्राहक जब भी सोने-चांदी या हीरे के आभूषणों की खरीदारी करें तो दुकानदार से हमेशा पक्का जीएसटी इनवॉइस अनिवार्य रूप से लें। पक्का बिल टैक्स चोरी रोकने में मदद करता है पक्का बिल न केवल टैक्स चोरी रोकने में मदद करता है, बल्कि आभूषणों की शुद्धता और भविष्य में री-सेल या एक्सचेंज के समय ग्राहक के कानूनी अधिकारों की रक्षा भी करता है। व्यापारियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने सभी लेन-देन का सही रिकॉर्ड रखें और नियमानुसार बिल जारी करें।  

किसानों के लिए जरूरी खबर: समर्थन मूल्य पर धान-ज्वार-बाजरा उपार्जन हेतु 10 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन 10 अक्टूबर तक किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री राजपूत भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

नवा रायपुर ओपन 2026 का आज आगाज, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे टूर्नामेंट का उद्घाटन

नवा रायपुर में आज  से सजेगा गोल्फ का रोमांच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ का शुभारंभ फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में होगा उद्घाटन, क्रिकेट लीजेंड कपिल देव और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जौहल होंगे शामिल रायपुर, नवा रायपुर को गोल्फ खेल के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने और प्रदेश में खेल पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ का शुभारंभ आज  15 सितंबर को होगा। फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में आयोजित उद्घाटन समारोह एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी एवं डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव तथा डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमनदीप जौहल की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी। राष्ट्रीय स्तर के खेल दिग्गजों की मौजूदगी से नवा रायपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता को नई पहचान मिलने के साथ प्रदेश में गोल्फ और खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। सेरेमोनियल टी-ऑफ से होगा प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शाम 3:05 बजे सेरेमोनियल टी-ऑफ के साथ ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री एवं विशिष्ट अतिथियों की गोल्फ खिलाड़ियों से मुलाकात एवं प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया जाएगा। इसके पश्चात प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री एवं आयोजन से जुड़े अतिथि मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और प्रतियोगिता के उद्देश्यों तथा इससे जुड़ी संभावनाओं पर जानकारी साझा करेंगे। नवा रायपुर को गोल्फ और खेल पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में गोल्फ के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के साथ उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही नवा रायपुर की आधुनिक अधोसंरचना और खेल सुविधाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी यह महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन से नवा रायपुर को आधुनिक खेल, गोल्फ और खेल पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है। गोल्फ जैसे खेल के बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ देशभर के खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ सकता है। ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ नवा रायपुर की खेल क्षमता, आधुनिकता और उभरती खेल संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है।

जैन समाज के धार्मिक पर्व को लेकर बड़ा फैसला, लुधियाना में आज नॉनवेज की बिक्री पर रोक

लुधियाना लुधियाना में जैन समाज की ओर से आज धार्मिक पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन को अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। जैन धर्म के अनुसार आज किसी भी जीव की हत्या करना धार्मिक रीति-रिवाजों के विपरीत माना जाता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में मांस-मछली की दुकान बंद रहेगी।  जिला मजिस्ट्रेट लुधियाना ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, 15 सितंबर को लुधियाना जिले में मीट/मछली और अंडों की दुकानें, नॉन-वेजीटेरियन होटल-ढाबे और अहाते बंद रहेंगे। इसके साथ ही मीट-मछली की कटाई भी पूरी तरह बंद रहेगी। उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिला लोक संपर्क अधिकारी को भी आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने के लिए कहा गया है। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां पंजाब सरकार के संबंधित अधिकारियों, पुलिस कमिश्नर लुधियाना, नगर निगम और अन्य विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।