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युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी पहल, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर सरकार का जोर : ओ.पी. चौधरी

युवा प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर जोर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस कोर्ट का किया निरीक्षण, युवा खिलाड़ियों से की मुलाकात रायपुर, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब पहुंचकर टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल अधोसंरचना के बेहतर विकास एवं खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने क्लब में अभ्यास कर रहे युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है। मंत्री चौधरी युवा खिलाड़ियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रायगढ़ की प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से ये खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। खिलाड़ियों ने वित्त मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की।

बिजली, स्वास्थ्य बीमा, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और महिला बैंक खातों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

एनएफएचएस-6 की ताजा रिपोर्ट में यूपी की बड़ी छलांग: 8 साल में बदली सामाजिक विकास की तस्वीर बिजली, स्वास्थ्य बीमा, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और महिला बैंक खातों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी योगी सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तीकरण मानकों में सुधार परिवार नियोजन अभियान रहा सफल, प्रजनन दर 2.74 से घटकर 2.2 हुई संस्थागत प्रसव की दर 67.8 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत तक पहुंची स्वयं संचालित बैंक खाते रखने वाली महिलाओं का प्रतिशत 27.7 से बढ़कर 83.5 प्रतिशत पहुंचा लखनऊ  राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के ताजा आंकड़ों ने उत्तर प्रदेश में सामाजिक विकास की बदलती तस्वीर को सामने रखा है। वर्ष 2015-16 और 2023-24 के बीच के आंकड़ों की तुलना बताती है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के व्यापक क्रियान्वयन, महिला कल्याण कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे के विकास का असर अब राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षणों में भी दिखाई देने लगा है। सबसे पहले यदि बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो बिजली और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2015-16 में जहां केवल 71 प्रतिशत घरों तक बिजली की पहुंच थी, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 95.8 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार स्वास्थ्य बीमा या किसी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जुड़े परिवारों का प्रतिशत 6.1 से बढ़कर 37.2 प्रतिशत पहुंच गया है। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी पहलों ने लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच उपलब्ध कराया है। सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता भी 96.4 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 97.9 प्रतिशत (ग्रामीण) पहुंच गई है, जो जीवन स्तर में सुधार का संकेत है। जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2015-16 के 2.74 से घटकर 2023-24 में 2.2 रह गई है। यह आंकड़ा जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। परिवार नियोजन के किसी भी साधन का उपयोग करने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 45.5 से बढ़कर 63.8 प्रतिशत हो गया है। वहीं ऐसी महिलाएं जो बच्चों के जन्म में अंतर तो रखना चाहती थीं परंतु परिवार नियोजक साधनों का उपयोग नहीं कर पा रहीं थीं, उनकी संख्या में भी काफी गिरावट आई है। यह 18 प्रतिशत से घटकर 10.8 प्रतिशत रह गई है। किशोरावस्था में गर्भधारण के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों में मां बनने अथवा गर्भवती होने का प्रतिशत 4 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत हो गया है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। सरकारी अस्पतालों के विस्तार, आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और जननी सुरक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का असर अब आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2015-16 में केवल 26.4 प्रतिशत महिलाएं गर्भावस्था के दौरान चार या उससे अधिक बार स्वास्थ्य जांच कराती थीं, जबकि अब गर्भावस्था की पहली तिमाही में ही जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 70.6 तक पहुंच गया है। संस्थागत प्रसव की दर 67.8 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत हो गई है, जो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। टीकाकरण के क्षेत्र में भी प्रदेश ने बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2015-16 में 12 से 23 माह आयु वर्ग के केवल 51.1 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हुआ था। अब यह आंकड़ा बढ़कर 81.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मिशन इंद्रधनुष और नियमित टीकाकरण अभियानों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों में गंभीर बीमारियों का खतरा कम हुआ है और बाल स्वास्थ्य में सुधार आया है। कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बच्चों में बौनापन यानी उम्र के अनुसार कम ऊंचाई की समस्या 46.2 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत पर आ गई है। इसी प्रकार कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 39.5 से घटकर 34.5 प्रतिशत रह गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, पोषण अभियान और आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। महिला सशक्तीकरण के मोर्चे पर सर्वेक्षण ने सबसे सकारात्मक तस्वीर पेश की है। 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 10 वर्ष या उससे अधिक स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत 32.9 से बढ़कर 42.5 प्रतिशत हो गया है। वहीं वित्तीय आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। स्वयं संचालित बैंक खाते रखने वाली महिलाओं का प्रतिशत 27.7 से बढ़कर 83.5 प्रतिशत पहुंच गया है। जनधन योजना, स्वयं सहायता समूहों और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े संकेतकों में भी सुधार दर्ज हुआ है। पति द्वारा शारीरिक अथवा यौन हिंसा का सामना करने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 34.4 से घटकर 28.5 प्रतिशत रह गया है। यह बदलाव महिलाओं में बढ़ती जागरूकता, शिक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और सरकारी सहायता तंत्र की मजबूती का परिणाम माना जा रहा है। प्रदेश के विकास की यह तस्वीर आने वाले वर्षों में और बेहतर होने की उम्मीद जगाती है।

इंदौर में हुई तकनीक आधारित सुशासन की नई पहल- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन की दिशा में वरदान साबित हो रहा विज्ञान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में हुई तकनीक आधारित सुशासन की नई पहल- मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर शहर में खोले जाएंगे तीन नए थाने, पुलिस बल की पूर्ति भी की जाएगी- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा सरकार हर जिले में स्थापित कर रही है पुलिस बैंड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ के तहत 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स किए लोकार्पित, 10 पुलिस वाहनों को दिखाई हरी झंडी ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाईल एप का किया शुभारंभ इंदौर मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ का लोकार्पण तथा ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स का और 10 पुलिस वाहनों का लोकार्पण कर इन्हें इंदौर पुलिस के बेड़े में शामिल कराया। यह ड्रोन्स पुलिस की तीसरी आंख के रूप में हर वक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और भी अधिक प्रभावी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर इंदौर शहर में तीन नए पुलिस थाने खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी की पूर्ति भी क्रमबद्ध रूप से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर साल पुलिस विभाग के 22 हजार 500 पदों पर भर्ती कर रहे हैं। लगभग सभी पदों पर भर्ती जारी है। हम प्रदेश के हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार हमेशा पुलिस विभाग के साथ है। परन्तु नागरिकों को बेवजह परेशानी या अपने पदीय कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक लोगों के हित में है, तो एक चुनौती भी है, इसलिए इसका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन पुलिस का कान्सेप्ट इंदौर से ही आया है। अब यह एक मिसाल बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार 'विरासत से विकास' के मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने जिस इंदौर को सेवा, सुशासन और जनकल्याण के जीवन मूल्यों से जोड़ा था, अपनी श्रम साधना से सींचा था, आज वही शहर नवाचार और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान वास्तव में सुशासन की दिशा में 'लोक कल्याणकारी राज्य' के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार तकनीक से लोगों की तकदीर बदलने, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और लोकसेवा का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ जैसे नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को नई ताकत प्रदान करेंगे। आज इंदौर में हुआ यह नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को बेहतर काम करने की नई ऊर्जा देगा तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्मार्ट और सुरक्षित इंदौर की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। आज लोकार्पित ड्रोन्स कानून व्यवस्था की स्थापना में पुलिस के लिए सहायक होंगे, वहीं ट्रेफिक साथी ऐप वाहन चालकों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। इस ऐप के जरिए वाहन चालक पार्किंग की बेहतर लोकेशन जान सकेंगे। पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इंदौर पुलिस के बेड़े में 18 ड्रोन्स शामिल किए जा रहे हैं। अब इंदौर पुलिस भीड़ के समुचितप्रबंधन में इन अत्याधुनिक ड्रोन्स के बेहतर उपयोग करने के लिये तैयार हो गई है। इन ड्रोन्स से 2 किलोमीटर का दायरा कवर होगा। उन्होंने कहा कि अब हम न सिर्फ ट्रैफिक बल्कि अपराधों पर भी नजर रख सकेंगे। इसका प्रयोग इंदौर में रंगपंचमी पर निकली गैर और बसंत पंचमी पर भोजशाला में कानून व्यवस्था के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस ने 4 हजार 370 लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटे हैं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री एवं विधायिका सुउषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक महेन्द्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, विधायिका मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, विधायक मनोज पटेल, विधायक राकेश शुक्ला सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।  

IIT का सपना हुआ और करीब, JEE Advanced में जालंधर के सिफ्त का शानदार प्रदर्शन

 जालंधर  देश की प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश का रास्ता खोलने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर के विद्यार्थियों ने भी इस कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। ला ब्लॉसम स्कूल के विद्यार्थी सिफ्त मोंगा ने अखिल भारतीय स्तर पर 722वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं इनोसेंट हार्ट स्कूल के तनीष शर्मा ने 4146वीं अखिल भारतीय रैंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धि से उनके परिवारों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन में खुशी का माहौल है। 17 मई को हुई थी परीक्षा संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड 2026 का आयोजन 17 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित हुई थी। इस वर्ष परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के पास थी। देशभर से लाखों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था, जिनमें से सफल विद्यार्थियों को अब देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में दाखिले का अवसर मिलेगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में योग्य विद्यार्थियों का चयन करना है। परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को अब अगले चरण यानी काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा। काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द होगी शुरू परिणाम घोषित होने के बाद अब संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण की ओर से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सफल अभ्यर्थियों को अपनी रैंक और पसंद के अनुसार संस्थानों तथा पाठ्यक्रमों का चयन करना होगा। इसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ-साथ अन्य सहभागी तकनीकी संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रैंक, रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकल्प भरने चाहिए। सही निर्णय से उन्हें अपनी पसंद के संस्थान और पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

लखनऊ में 1 जून से भक्तिमय माहौल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य सुनाएंगे 9 दिवसीय श्रीराम कथा

लखनऊ में 1 जून से गूंजेगी श्रीराम कथा, जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे 9 दिवसीय कथा का वाचन योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल सीएम योगी ने जारी किया था श्रीराम कथा के भव्य मंच का पोस्टर लखनऊ लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून तक पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। देश के विख्यात संत, जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश देंगे। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की उम्मीद जताई है। योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल आयोजन समिति के मुताबिक, कथा के दौरान योगी सरकार के तमाम मंत्री विभिन्न तिथियों में शामिल हो सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कथा में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके मद्देनजर आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। गौरतलब है कि बीते शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर की अनुकृति पर आधारित कथा मंच के पोस्टर का विमोचन करते हुए आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी थीं। नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का होगा प्रसार आयोजकों का कहना है कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों, सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना को मजबूत करने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सेवा, सदाचार और कर्तव्यबोध की भावना का विस्तार होता है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक ग्रंथों की रचना करने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए देशभर में सम्मानित हैं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी बेटियों का सहारा, सम्मान और सुरक्षा दे रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के लिए वरदान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके। बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है। विधायक दीपेश साहू ने प्रस्तुत किया सामाजिक समरसता का आदर्श मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बारिश को बताया शुभ संकेत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है। बैलगाड़ी में निकली बारात बनी आकर्षण का केंद्र समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। मौसम परिवर्तन के बीच पुराने रेस्ट हाउस में संपन्न हुआ आशीर्वाद समारोह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया। नवदंपतियों को मिला शासन की योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पाण्डेय, सांसद विजय बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बसना विधायक संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी, सितम्बर में जारी होगा अंतिम परिणाम

होमगार्ड संगठन को आधुनिक, प्रशिक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर, मुख्यमंत्री ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री होमगार्ड के जवानों को अनिवार्य रूप से दी जाए सीपीआर व फर्स्ट एड की ट्रेनिंग, गोल्डन ऑवर के महत्व से भी कराया जाए अवगतः मुख्यमंत्री  41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी, सितम्बर में जारी होगा अंतिम परिणाम सेवाकाल में मृत्यु पर आश्रितों को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता, दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ वितरित ₹104.80 करोड़ की 20 निर्माण परियोजनाएं प्रगति पर, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना को मिलेगा नया आयाम कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस, होमगार्ड संगठन के लिए तैयार की गई व्यापक भविष्य की कार्ययोजना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुरूप इस संगठन को अधिक सक्षम, प्रशिक्षित, तकनीक-सक्षम और आधुनिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता विस्तार, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन विकास से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि होमगार्ड स्वयंसेवक प्रत्येक परिस्थिति में प्रभावी भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से होमगार्ड संगठन की कार्यक्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस व होमगार्ड का जवान समाज का फर्स्ट रिस्पांडर होता है। किसी भी घटना में पीड़ित के पास सबसे पहले यही पहुंचते हैं, इसलिए इन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड की अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग दी जाए और गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी बताया जाए। इनकी सजगता जीवन बचाने में काफी महत्वपूर्ण होती है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। स्थापना के समय जहां मात्र 2,000 होमगार्ड व्यवस्थापित थे, वहीं आज 67,971 होमगार्ड उपलब्ध हैं। विभाग पुलिस बल के सहयोग, सार्वजनिक व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, आपातकालीन सेवाओं तथा लोककल्याण से जुड़े विविध दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। बताया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में 3,812 होमगार्डों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव तथा 425 को बाढ़ बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने एनरोलमेंट प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ संपन्न की जाए। बैठक में बताया गया कि 3 नवंबर 2025 को जारी उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका के अंतर्गत 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में घोषित किए जाने की तैयारी है। चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम, अनुशासित और पेशेवर होमगार्ड बल के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।  मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यप्रणाली में तकनीक के व्यापक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि पारदर्शिता और दक्षता के लिए डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण भत्ता ₹260 प्रतिदिन से बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के समकक्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक होमगार्ड को प्रत्येक तीन वर्ष में ₹3,000 वर्दी भत्ता प्रदान किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लगभग ₹104.80 करोड़ की लागत से स्वीकृत 20 निर्माण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।  होमगार्ड कल्याण से संबंधित उपायों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयंसेवकों और उनके परिवारों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में बताया गया कि सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में नामित आश्रित को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता प्रदान की जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ की अनुग्रह राशि वितरित की जा चुकी है। अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बैंकिंग बीमा योजनाओं के माध्यम से ₹30 लाख से ₹45 लाख तक की बीमा सहायता प्राप्त हुई है। अंतरजनपदीय संचरण की स्थिति में देय दैनिक भोजन भत्ता ₹30 से बढ़ाकर ₹120 प्रतिदिन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड संगठन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, आधुनिक परेड ग्राउंड, ड्रिल क्षेत्र, फिजिकल ट्रेनिंग एवं ऑब्स्टेकल कोर्स, आधुनिक छात्रावास, भोजनालय, डिजिटल पुस्तकालय, डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म तथा सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को आधुनिक, सक्षम, अनुशासित और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर बल के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित योजनाओं एवं सुधारात्मक पहलों को निर्धारित समयसीमा में लागू करने के निर्देश दिए।

लोक भवन में सोमवार, 1 जून को होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन

मुख्यमंत्री करेंगे 223 मेधावियों का सम्मान, प्रदेशभर में 1682 विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार लोक भवन में सोमवार, 1 जून को होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन  मेधावियों को एक लाख रुपये, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र मिलेगा, 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी होंगे सम्मानित राज्य स्तरीय समारोह के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी आयोजित होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम जिला स्तर पर कुल 1459 विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा, जिनमें 687 हाईस्कूल और 772 इंटरमीडिएट के विद्यार्थी होंगे शामिल जिला स्तरीय मेधावियों को 21 हजार रुपये की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिभा को प्रोत्साहन देने और विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सोमवार, 1 जून को मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित होने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विभिन्न शिक्षा बोर्डों के 223 राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। वर्ष 2018 से शुरू हुई इस पहल के माध्यम से प्रदेश सरकार लगातार मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर रही है। समारोह में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की धनराशि, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र, मेडल और साफा प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों तथा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय सम्मान के लिए कुल 223 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के 138 विद्यार्थी, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के 21 विद्यार्थी, सीआईएससीई बोर्ड के 33 विद्यार्थी तथा सीबीएसई बोर्ड के 31 विद्यार्थी शामिल हैं। इन 223 विद्यार्थियों में 85 छात्र और 138 छात्राएं हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी दर्शाता है। कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी होगी कि राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के एक अभिभावक को शॉल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न बोर्डों में सर्वोच्च अथवा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनके योगदान को भी सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया जा रहा है। राज्य स्तरीय समारोह के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर कुल 1459 विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा, जिनमें 687 हाईस्कूल और 772 इंटरमीडिएट के विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 617 छात्र और 842 छात्राएं हैं। जिला स्तरीय मेधावियों को 21 हजार रुपये की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार वर्ष 2026 के मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में कुल 1682 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।

बागपत के हिलवाड़ी गांव पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी, सौंपा 5 लाख रुपये का चेक

मुख्यमंत्री राहत कोष से मिली मदद, पीड़ित परिवार को मिला संबल बागपत के हिलवाड़ी गांव पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी, सौंपा 5 लाख रुपये का चेक योगी सरकार दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी: सांसद डॉ. राजकुमार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र स्थित हिलवाड़ी गांव में मृतक चंद्रपाल के पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। रविवार को सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, राज्य मंत्री केपी मलिक अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर चंद्रपाल के परिजनों से मुलाकात की और सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया। योगी सरकार दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी: डॉ. राजकुमार सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से 5 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक पीड़ित परिजनों को सौंपा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आरोपी बबलू और रविंद्र को भेजा जा चुका जेल दरअसल, हिलवाड़ी गांव निवासी इलेक्ट्रिशियन चंद्रपाल की हत्या की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बागपत पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या के आरोपी बबलू और रविंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर आगामी 5 से 21 जून तक प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान की तैयारी

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा प्रचार-प्रसार, चलेगा विशेष अभियान सीएम योगी के निर्देश पर आगामी 5 से 21 जून तक प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान की तैयारी जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जनपद स्तर पर भी आयोजित होंगी किसान गोष्ठियां, जनसंवाद कार्यक्रम और प्रदर्शनी लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों का जनता के बीच प्रचार-प्रसार करेगी। इस अभियान से किसानों से लेकर हर वर्ग को सीधा लाभ मिल पाएगा। यह प्रचार अभियान 5 जून से शुरू होगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग मुख्यालय में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रदेश में कृषि विकास, जल सुरक्षा, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी 5 जून से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के साथ विभागीय जनजागरूकता कार्यक्रमों का शुभारंभ किया जाए। इसके अंतर्गत 5 से 21 जून 2026 तक प्रदेशभर में पदयात्रा, प्रदर्शनी, किसान संवाद, जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सिंचाई परियोजनाओं, राजकीय नलकूपों, नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण अभियानों, भूजल संवर्धन, आधुनिक सिंचाई तकनीकों तथा विभाग द्वारा किए गए विकास कार्यों की जानकारी आमजन एवं किसानों तक पहुंचाई जाएगी। किसानों को मिले वास्तविक लाभ बैठक में उपस्थित राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग की विशाल परियोजनाओं, आधारभूत संरचनाओं एवं विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच प्रस्तुत किया जाए, जिससे आमजन विभाग की भूमिका एवं उपलब्धियों से अवगत हो सकें। वहीं राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि लिफ्ट नहर योजनाओं के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सिंचाई सुविधाओं तथा नहरों के टेल तक पानी पहुंचाने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को विशेष रूप से जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि किसानों को विभाग की योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर किसान गोष्ठियों, जनसंवाद कार्यक्रमों, प्रदर्शनी एवं अन्य जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से विभाग की योजनाओं के प्रति व्यापक जागरूकता उत्पन्न की जाए।