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आदर्श परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था, घंटों इंतजार के बाद परीक्षा कैंसिल

नोएडा नोएडा सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र में शनिवार को आयोजित सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा छात्रों और अभिभावकों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन तकनीकी खामी के चलते परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी। आखिरकार परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि वे सुबह नौ बजे की परीक्षा के लिए समय से केंद्र पहुंच गए थे। लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद जब उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला तो वहां भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते हुए उन्हें एक से दो घंटे तक कक्ष में बैठाए रखा गया, जबकि कई कमरों में पंखे तक नहीं चल रहे थे। भीषण गर्मी के बीच छात्र लगातार परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन अंत में परीक्षा रद्द कर दी गई। प्रदर्शन में शामिल अनुज ने बताया कि उनके भाई की परीक्षा सुबह नौ बजे से थी। वह सुबह 6:30 बजे उन्हें केंद्र छोड़कर घर लौट गए थे और दस बजे लेने पहुंचे। लेकिन तब तक कोई भी छात्र बाहर नहीं आया था। अंदर से लगातार घोषणा की जा रही थी कि तकनीकी कारणों से परीक्षा शुरू नहीं हो पा रही है। अनुज के मुताबिक, एक छात्र ने बाहर आकर बताया कि दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई और छात्रों को बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी जा रही थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। 12वीं के बाद देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

पंचकूला में हाई लेवल बैठक, परीक्षा और कानून व्यवस्था पर सख्त निगरानी

पंचकूला  21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं। इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए। बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

निर्माण में लापरवाही पड़ी भारी! करनाल मामले में दो XEN सस्पेंड, CM सैनी ने लिया बड़ा फैसला

करनाल. जिला परिषद की 34 करोड़ रुपये की पांच मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में कमी पाए जाने पर पंचायती राज विभाग के दो कार्यकारी अभियंताओं (एक्सईएन) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निलंबित कर दिया। इनमें पंचायती राज विभाग के तत्कालीन व वर्तमान में कैथल में तैनात परमिंद्र सिंह और करनाल में तैनात नारायण दत्त शर्मा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में जांच बैठाई है। शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से जांच टीम मौके पर पहुंची और बिल्डिंग का मुआयना किया। बिल्डिंग बनाने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है। क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से निर्माणाधीन भवन के कुछ पिलरों में तकनीकी कमी संबंधी तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थीं। तस्वीरों में पिल्लरों टेढ़े दिखाई देने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तुरंत संज्ञान लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा और एक्सईएन परमिंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। निर्माण कार्य एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा की निगरानी में चल रहा था। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस पांच मंजिला इमारत का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है, लेकिन निर्माण के बीच ही बिल्डिंग के ढांचे पर सवाल उठ गए और बड़ी कार्रवाई हो गई। चंडीगढ़ से करनाल पहुंची जांच टीम मामला सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चंडीगढ़ से करनाल पहुंचे और निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। विभाग के चीफ इंजीनियर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और क्वालिटी कंट्रोल विंग की रिपोर्ट को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बारे में कार्यकारी अभियंताओं का दावा है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उनका कहना है कि भवन पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है और क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा खींची गई तस्वीरों का एंगिल सही नहीं था, जिसके कारण पिल्लर व बीम टेढ़े दिखाई दिए।

पंजाब निकाय चुनाव का ऐलान, 13 जून को वोटिंग; चार निकायों में लागू हुई आचार संहिता

चंडीगढ़. पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने चार नगर निकायों के चुनाव के लिए आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत गुरदासपुर, दीनानगर, कादियां और शाम चौरासी में 13 जून को मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार शनिवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्रों के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन दाखिल करने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक निर्धारित किया गया है। उम्मीदवार तीन जून तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। 4 जून को होगी नामांकन की जांच चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार चार जून को दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद पांच जून तक उम्मीदवारों को अपना नामांकन वापस लेने का अवसर मिलेगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया कि चारों निकायों में 13 जून को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी। आयोग का लक्ष्य है कि उसी दिन मतगणना पूरी कर परिणाम घोषित कर दिए जाएं, ताकि चुनाव प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। चुनाव आयोग ने तैयारियां की पूरी राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और चुनाव कर्मियों की नियुक्ति सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इसके तहत सरकारी संसाधनों के उपयोग, नई घोषणाओं और चुनावी प्रचार से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से चुनावी नियमों का पालन करने की अपील की है। चार निकायों में होने वाले ये चुनाव स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है तथा राजनीतिक दलों ने भी अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राजस्थान के कई इलाकों में मौसम ने ली करवट, बाजारों में लौटी रौनक

 जैसलमेर नौतपा के बीच राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में जैसलमेर में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली. पिछले एक सप्ताह से जैसलमेर भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे जैसलमेर में आंधी और तेज हवाएं चल रही है. सुबह से ही मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत का अहसास कराया. पश्चिम राजस्थान ही नहीं, बल्कि राज्य के कई हिस्सों में आंधी-बारिश देखने को मिली है. जून के पहले सप्ताह तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पूर्वानुमान के मुताबिक, तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है. 'आग का दरिया' बन गया था थार, अब राहत बीते दिनों थार का रेगिस्तान मानो आग का दरिया बना हुआ था. दोपहर के समय तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंच रहा था और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था. दोपहर में सड़कें सूनी नजर आती थीं और लोग घरों में रहने को मजबूर थे. नौतपा के दौरान लगातार बढ़ती गर्मी ने आमजन के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रभावित किया था. तापमान 40 डिग्री से भी नीचे शनिवार (30 मई) दोपहर के समय जहां पिछले दिनों तापमान 45-46 डिग्री के आसपास था, वहीं आज यह घटकर 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया. तापमान में आई इस गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली. मौसम में आए बदलाव का असर शहर की गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दिया. सुनसान पड़े बाजारों में लौटी रौनक पिछले कई दिनों से सुनसान पड़ी सड़कों और बाजारों में एक बार फिर रौनक लौटती नजर आई. लोग घरों से बाहर निकले और बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई. मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन बरकरार नहीं रहेगी. संभावना है कि कुछ दिनों के बाद तापमान एक बार फिर बढ़ सकता है.

लापरवाही पड़ी भारी! खाद वितरण मामले में 66 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन

मुंगेली. खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने खाद भंडारण और वितरण में लापरवाही बरतने वाले 21 सेवा सहकारी समितियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों, प्रभारी प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों से जवाब मांगा गया है। बताया गया है कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप खाद का भंडारण और वितरण नहीं किया गया, जबकि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिक्षेत्र मुंगेली से प्राप्त खाद भंडारण एवं वितरण रिपोर्ट के परीक्षण में यह स्थिति सामने आई। सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं मुंगेली द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि खाद वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य के प्रति उदासीनता, अनुशासनहीनता और लापरवाही को दर्शाता है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी निलंबन की कार्रवाई विभाग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। इसी को देखते हुए संबंधित समितियों को दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खाद वितरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटाने तथा प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। 90 से अधिक उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण, 29 को नोटिस वहीं कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व अनियमितता रोकने के लिए निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक जिले के 90 से अधिक उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 29 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 06 विक्रय केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। उपसंचालक वीणा ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद के भंडारण, वितरण, रेट सूची, पॉश मशीन के उपयोग तथा किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान सभी विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया कि किसानों को संतुलित मात्रा में और शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद वितरित किया जाए। साथ ही किसानों को खाद की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नील हरित शैवाल, हरी खाद एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग करने समझाइश दी गई। इन वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

Chandigarh Parking Rule: 4 मार्केट में लागू होगा नया सिस्टम, ज्यादा देर पार्किंग पर ज्यादा देना होगा शुल्क

 चंडीगढ़  शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे। सेक्टर-17, 35 और 22 मोबाइल मार्केट में पार्किंग रेट बढ़ेंगे। नगर निगम ने इसका ड्राफ्ट टेंडर दस्तावेज तैयार कर लिया है। इस टेंडर दस्तावेज की शुक्रवार को मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में आयोजित निगम अधिकारियों की बैठक में समीक्षा की गई। पेड पार्किंग साइट्स को चार ऑपरेशनल जोन में बांटकर आवंटित किया जाएगा। इसमें प्रमुख कामर्शियल और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में पहले स्मार्ट पार्किंग के लिए निर्धारित की गई पार्किंग फीस को लागू करने पर विचार किया गया। यह रेट घंटों के हिसाब से तय किए गए हैं। सेक्टर-17, सेक्टर-35 सी मार्केट और सेक्टर-22 बी मोबाइल मार्केट जैसी प्रमुख पार्किंग साइट्स के लिए संशोधित पार्किंग दरों पर भी चर्चा हुई ताकि सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। अभी मल्टीलेवल पार्किंग खाली रहती है।  वहीं, समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने संबंधी प्रस्तावों की जानकारी दी, जिसमें ई-टिकटिंग, सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मानिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सुविधा देने जैसे प्रविधान शामिल हैं। इससे पार्किंग व्यवस्था तो बेहतर होगी ही निगम का राजस्व भी बढ़ेगा। बैठक के अंत में मेयर और कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम नीति ढांचे में सभी जनहित और पब्लिक फ्रेंडली प्रावधान शामिल किए जाएं ताकि चंडीगढ़ में पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी नागरिक प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके। नए सिस्टम में क्या-क्या होगा, सब कुछ जानिए:-     टाइम के हिसाब से बढ़ते जाएंगे रेट: चंडीगढ़ में अभी एक घंटे और 12 घंटे के लिए पार्किंग का एक ही रेट है। लोग सुबह गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं और फिर शाम को ले जाते हैं। ऐसे में एक तरफ पार्किंग फुल रहती है और दूसरी तरफ निगम को भी रेवेन्यू का नुकसान होता है।     अब क्या सिस्टम बनेगा: निगम के प्लान के मुताबिक अब हर घंटे या 2 घंटे के हिसाब से पार्किंग की फीस में बढोतरी होती जाएगी। मान लीजिए कि पहले घंटे के लिए अगर पार्किंग की फीस 40 रुपए है तो दूसरे घंटे के लिए यह 60 रुपए हो सकती है। अगर किसी को पूरे 12 घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करनी है तो उसका 100 से 200 रुपए रेट रखा जा सकता है।     टाइमिंग सुनिश्वित कैसे होगी: निगम सूत्रों के मुताबिक इसके लिए ई-टिकटिंग की व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग में गाड़ी के एंटर करते ही ई-टिकट दिया जाएगा। गाड़ी पार्किंग में कब आई, वह इसका टाइम टिकट पर होगा। जब कोई गाड़ी वहां से बाहर निकालेगा तो एग्जिट वाली जगह पर टाइम देखकर रेट वसूला जाएगा।     निगम पहले इसे कहां लागू करेगा: निगम अफसरों के मुताबिक सेक्टर-17, सेक्टर-35, सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट सहित प्रमुख पार्किंग स्थलों के लिए इस पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है, क्योंकि यह पार्किंग अक्सर खाली रहती है।     नई व्यवस्था में और क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी: निगम अफसरों के मुताबिक इसमें ई-टिकटिंग के अलावा सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मॉनिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि निगम की कमाई भी बढ़ेगी।     बिना शुल्क किसी वाहन की एंट्री नहीं: किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का रिकॉर्ड और फिजिकल जांच होगी नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर तैनात कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने और समय-समय पर उनकी फिजिकल जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, ताकि पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके। करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित बता दें कि, शहर में करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित हैं, जिनमें से लगभग 60 पेड पार्किंग साइट्स वर्तमान में संचालित हो रही हैं। इन पार्किंग स्थलों से नगर निगम को सालाना करीब 8 से 12 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होता रहा है। फिलहाल सभी जगह एक ही प्रकार की पर्ची कटती है, जिसमें वाहन पार्किंग के लिए समय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इसी व्यवस्था के चलते पार्किंग संचालन में कई तरह की अनियमितताओं और भीड़भाड़ की समस्या भी सामने आती रही है। सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग होगी सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग और लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।यह निर्देश मेयर सौरभ जोशी ने अधिकारियों को दिए। बैठक में एमसी कमिश्नर अमित कुमार, जाइंट कमिश्नर, चीफ इंजीनियर समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसमें वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन, नए एमएसडब्ल्यू रूल्स-2026 के क्रियान्वयन और शहर के सभी सेक्टरों, गांवों और काॅलोनियों में सफाई मानकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। मेयर ने सफाई कर्मचारियों और नगर निगम के अन्य कर्मचारियों के कल्याण एवं नौकरी सुरक्षा के मुद्दों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार, सुरक्षा उपकरणों की समय पर उपलब्धता, वेलफेयर सुविधाओं और लंबित मामलों के समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। वेंडिंग जोन हों व्यवस्थित स्ट्रीट वेंडरों के पुनर्वास और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेंडिंग जोन व्यवस्थित किए जाएं और वास्तविक वेंडरों की आजीविका सुरक्षित रखते हुए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बी एंड आर, पब्लिक हेल्थ, हार्टिकल्चर और इलेक्ट्रिसिटी विभागों से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मेयर ने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

भुचुंगडीह पंचायत में लाभुकों की भारी भीड़, 550 का आज होगा सत्यापन

रामगढ़  मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन करने के लिए शनिवार को चितरपुर प्रखंड के भुचुंगडीह पंचायत सचिवालय में विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह कार्य अगले दो दिन यानी 01 जून तक चलेगी। यह जानकारी पंचायत के सचिव बिनोद कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि सत्यापन कराने के लिए पंचायत भवन में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने के लिए सुबह से ही महिलाएं कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आ रही है। वहीं अधिक भीड़ होने के कारण पंचायत भवन में काफी चहल-पहल देखने को मिल रही है। कई महिलाओं ने समय पर सत्यापन कार्य पूरा कराने की मांग की, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। सत्यापन कार्य करने में पंचायत सचिव के अलावे पंचायत सहायक व वीएलई जुटे हुए है। पंचायत के लगभग 550 लाभुकों का कल होगा सत्यापन भुचुंगडीह पंचायत में लगभग 6 हजार की संख्या है। इसमे कुल 765 लाभुकों का सेंसन मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना में हुआ है। जिसमे करीब 200 लाभुकों का सत्यापन पिछले दिनों हो चुकी है। बाकी शनिवार को लगभग 550 लाभुकों का सत्यापन होना है। बताया गया कि सत्यापन कराने के समय लाभुकों को अपने साथ पहचान व पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पारिवारिक विवरण व पात्रता जांच के लिए राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पासबुक, स्वघोषणा पत्र की मूल व छायाप्रति लाना जरूरी है।

हाईराइज बिल्डिंग्स के लिए इंटरनेट मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, फायर अलर्ट सीधे DFS को मिलेगा

नई दिल्ली  आग की बढ़ती घटनाओं के बीच अब रेजिडेंशल और कर्मशल इमारतें का थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिट होगा। यह ऑडिट दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के बजाए उनकी ओर से अधिकृत प्राइवेट फायर सेफ्टी ऑडिटर करेंगे। इसके साथ ही हाईराइज इमारतों में अब इंटरनेट आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिसके बाद किसी मी फायर इक्विपमेंट में खराबी आई ते बिल्डिंग मालिक के साथ दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) को भी अलर्ट जाएगा। दिल्ली सरकार ने नियमों में किया बदलाव दिल्ली सरकार ने फायर NOC लेने के लिए थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिटर के लिए दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम-2025 में बदलाव कर लागू कर दिया है। फायर इक्विपमेंट की 24 घंटे निगरानी के लिए इंटरनेट आधारित मॉनीटरिंग को भी शामिल किया गया है। जिससे समय पर खराब इक्विपमेंट की जानकारी मिलेगी। नियमों में बदलाव को लेकर क्या बोले गृह मंत्री आशीष सूद सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार DFS (दिल्ली फायर सर्विसेज) से हटाकर अधिकृत फायर सेफ्टी ऑडिटर्स (FSAS) को सौंप दिया गया है। गृह मंत्री आशीष सूद के मुताबिक दिल्ली सरकार ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिय को डिसेंट्रलइज किया गया है, जिससे यह काम तेजी से हो सके। इमारतें में एक पेशेवर फायर ऑडिटिंग सिस्टम बने। जिससे आग जैसे घटनाओं से बच जा सके। एजेंसी को कार्रवाई करने का भी होगा अधिकार DFS अब सिर्फ इनफोर्समेंट पर काम करेगी। साथ ही प्राइवेट ऑडिटर्स की ओर से किए गए सर्टिफिकेशन की जांच भी करेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि DFS चहे तो प्राइवेट ऑडिटर्स की ओर से किए गए 5 फीसदी सर्टिफिकेशन की रैडम जांच कर सकती है। अगर उसमें कोई गढ़बढ़ी मिलती है, तो उसपर कार्रवाई का अधिकार भी होगा। जुमाने का भी प्रावधान है। ऑडिट के लिए बिल्डिंग मालिक फायर सेफ्टी सर्विसेज की वेबसाइट पर जाकर उनकी बुकिंग कर सकेंगे। तीन लेवल के होंगे फायर सेफ्टी ऑडिटर्स अलग-अलग इमारतें की कैटिगरी के हिसाब से थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिटर्स को तीन कैटिगरी में बांटा गया है। लेवल 1 में ऑडिटर्स 15 मीटर से कम ऊंची बिल्डिंग्स (स्कूल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, छोटे व्यावसायिक भवन) का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन कर सकते है। इसके लिए उनके पास फायर सेफ्टी इंजिनियरिंग, अर्किटेक्चर डिग्री और डिप्लोमा होना चाहिए।  

अल नीनो के असर की आशंका के बीच सरायकेला में खेती की तैयारी तेज

सरायकेला सरायकेला खरसावां जिला में रोहिणी नक्षत्र के साथ ही खेती काम शुरू हो गया है. रोहिणी के दिन किसानों ने पूजा अर्चना करते हुए खेतों की जुताई शरू कर दिया है और धान की बुआई भी शुरू कर दिया है. जिला के अधिकांश किसान छींटा विधि से ही खरीफ धान की खेती करते हैं. माना जाता है कि इस समय खेती करने से धान के पौधे रोग मुक्त रहते हैं साथ ही फसल भी अच्छी होती है. जिला में एक लाख हेक्टेयर में धान खेती करने का है लक्ष्य जिला में इस बार एक लाख हेक्टयर में धान की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है इसके अलावे मूंग, उड़द, मूंगफली सहित तिलहन अन्य खरीफ खेती के लिए लक्ष्य रखा गया है. विगत वर्ष खरीफ खेती का 92 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई थी. कृषि विभाग ने बीज के लिए भेजा है प्रस्ताव जिला के किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेजा है. बीज विनिमय वितरण और उत्पादन योजना के तहत अलग-अलग प्रकार के 700 क्विंटल धान बीज उपलब्ध कराने को कहा गया है जबकि बिरसा फसल विस्तार योजना के तहत उड़द, मूंगफली, मडुवा, अरहर, कुल्थी बीज उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भेजा गया है. धान के इन बीजों का कृषि विभाग ने किया है डिमांड एमटीयु1010 प्रभेद: 150 क्विंटल एमटीयु 7029: 300 क्विंटल आईआर64:100 क्विंटल आईआर 64 ड़ीआरटी: 50 क्विंटल डीआरआरएच टु :100 क्विंटल बाजार में सजने लगी पारंपरिक हल खेती काम शुरू होते ही कृषि उपकरणों की बिक्री शुरू हो गई है. खासकर बैलों से चलाया जाना वाला हल बाजार में 450 से 500 रुपये में बिक रही है. सरायकेला के साप्ताहिक बाजार में पारंपरिक हल को बिक्री लाया गया था. हालांकि अब हल बैल के जगह ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि उपकरणों ने ले लिया है बावजूद भी जिला के कई किसान हल से ही अपने खेतों की जुताई करते हैं. इस बार हो सकता है अलनिनो का असर मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष अलनिनो का असर होने की संभावना व्यक्त किए जाने पर कृषि विभाग द्वारा तैयारी शुरू कर दिया गया है. विभाग द्वारा धान के साथ साथ मडुवा, मोटा अनाज सहित दलहन और तिलहन की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी रौशन नीलकमल ने बताया कि अलनिनो का अंदेशा पर विभाग द्वारा प्लान निदेशालय स्तर से तैयार किया गया है जिससे किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके.