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10 साल से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हक में हाई कोर्ट का फैसला, आउटसोर्सिंग से मिली राहत

रांची  सदर अस्पताल, लोहरदगा में पिछले करीब दस वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे एम्बुलेंस चालकों एवं नाइट वॉचमैन को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश संबंधित प्राधिकार को दिया है। न्यायालय ने इसके लिए 12 सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की है। याचिकाकर्ता रफीक अंसारी एवं अन्य की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता अभिजीत इंद्र गुरु एवं अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने पक्ष रखा। यह मामला सदर अस्पताल, लोहरदगा में लंबे समय से कार्यरत एम्बुलेंस चालकों एवं नाइट वॉचमैन की सेवा से संबंधित था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे अस्पताल में करीब एक दशक से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें उनके वर्तमान कार्य से हटाकर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सेवा लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा था। इस कार्रवाई के विरुद्ध याचिकाकर्ताओं ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में मुख्य रूप से यह आग्रह किया गया था कि लंबे समय से अस्पताल में निरंतर सेवा दे रहे याचिकाकर्ताओं की सेवा अवधि एवं उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनके नियमितीकरण पर विचार किया जाए तथा उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए संबंधित विभाग/प्राधिकार को याचिकाकर्ताओं को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्य करने के लिए बाध्य नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई पूरी होने के पश्चात पीठ ने रिट याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के संबंध में आदेश पारित किया। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकार को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 12 सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश से सदर अस्पताल, लोहरदगा में लंबे समय से कार्यरत इन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। करीब दस वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर पारित यह आदेश उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, पंजाब-हरियाणा पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

चंडीगढ़. चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने से वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ ऑपरेशन सेल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया। टीमों ने विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया। धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल अलर्ट किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। आसपास के एरिया में हाईअलर्ट जारी किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत और उसे भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के अलावा ऑपरेशन सेल की टीम मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तुओं की जांच की, जबकि डॉग स्क्वायड की मदद से परिसर में तलाशी ली गई। पुलिस साइबर स्तर पर भी ई-मेल की जांच कर रही है। धमकी भेजने वाले की पहचान और ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

रायपुर वालों के लिए बड़ी खबर, नुआखाई से गोवर्धन पूजा तक 3 दिन रहेगा स्थानीय अवकाश

रायपुर. रायपुर जिले में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर की ओर से जारी आदेश के तहत इन अवकाशों की घोषणा की गई है। आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर रायपुर जिले के संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के मुताबिक 15 सितंबर 2026, मंगलवार को नुआखाई पर्व के अवसर पर स्थानीय अवकाश रहेगा। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को महाअष्टमी के लिए छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, 9 नवंबर 2026, सोमवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर भी स्थानीय अवकाश रहेगा। आदेश में गोवर्धन पूजा को दीपावली के दूसरे दिन होने वाले पर्व के रूप में उल्लेखित किया गया है। इन कार्यालयों में लागू होंगे अवकाश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार ये तीनों स्थानीय अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाले संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे। इसके साथ ही रायपुर शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं भी इन स्थानीय अवकाशों के दायरे में रहेंगी। इस तरह सितंबर से नवंबर के बीच रायपुर जिले में नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालयों एवं संबंधित संस्थाओं में तीन स्थानीय अवकाश रहेंगे।

किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि, CM डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव को किया संबोधित

किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि होती है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनकी समृद्धि बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखंड अंचल की समृद्धि के लिए केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना की स्वीकृति प्रदान की है। उनका संकल्प है कि पर्याप्त सिंचाई से उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्रदान किए जाएं। आने वाले समय में बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदल जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को टीकमगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में पीतल की मूर्तियां बनाने वाले शिल्पी इस क्षेत्र की पहचान है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में टीकमगढ़ जिले में हो रहा कार्य अन्य जिलों के लिए उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में पधारे जनप्रतिनिधियों, किसानों और बहनों को श्रेष्ठ आयोजन के लिए तथा आने वाले पर्व-त्यौहारों की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत कृषि कार्य में लगे कृषकों को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में आये किसानों से चर्चा की, जो उन्नत कृषि के कार्य में संलग्न है। उन्होंने किसानों द्वारा किए जा रहे परिश्रम और नवाचारों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विष्णु शर्मा अनंतपुरा को सब्जी उत्पादन और पॉली हाऊस निर्माण के साथ ही गौशाला के संचालन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालचंद अहिरवार ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जिससे लगभग 250 किसान बंधु जुड़े हैं। मनोहर लोधी और श्रीमती शशि लोधी ने प्राकृतिक खेती के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जगदीश अहिरवार ने लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में की जा रही फूलों की खेती विशेष रूप से स्ट्रोबेरी, तरबूज, नीबू, अमरूद आदि के उत्पादन की जानकारी दी। अहिरवार ने बताया कि वे उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर यह कार्य कर रहे हैं और दो दर्जन व्यक्तियों को रोजगार भी दे रहे हैं। इसके साथ ही 15 गायों को पालते हुए दुग्ध उत्पादन से भी लाभ कमा रहे हैं। रमेश यादव ने बताया कि वे वर्ष 2005 से बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। लगभग 3 लाख क्विंटल बीज उत्पादन में सक्षम बने हैं। रानी मक्खी तो नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन को महारानी बनते देख रहा हूं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रीमती सुनीता बुंदेला ने मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 5 केंद्र कार्य कर रहे हैं। यह कार्य परिश्रम आधारित है जिसके आर्थिक लाभ काफी हैं। मधुमक्खी पालन कार्य की विस्तृत जानकारी भी श्रीमती सुनीता बुंदेला द्वारा दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मधुमक्खी पालन कार्य में रानी मक्खी की भूमिका का उल्लेख आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने तो रानी मक्खी नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन सुनीता को मधुमक्खी पालन के कार्य से आर्थिक रूप से सक्षम होने और महारानी बनते हुए देखने का अवसर जरूर प्राप्त हो रहा है। जनप्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र यादव, कप्तान सिंह से भी चर्चा की। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव प्रांरभ किए गए हैं, जिनकी किसान कल्याण की दृष्टि से बहुत उपयोगिता है। प्रारंभ में श्रीमती सरोज राजपूत ने स्वागत भाषण में कहा कि केन-बेतवा परियोजना की मंजूरी और बुंदेलखंड में इन्वेस्टर्स समिट होने से किसानों सहित सभी वर्गों के हित में कार्य हुआ है।  

संत रविदास के संदेश को CM डॉ. यादव ने किया याद, बोले- धर्म के साथ कर्म भी जरूरी

संत रविदास ने दिया धर्म के साथ कर्म को महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायसेन में हुई संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति स्थापना समारोह में वर्चुअली शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने अपने जीवन में धर्म के साथ कर्म को भी प्रधानता दी। उनके उपदेश आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। मध्यप्रदेश सरकार समाज की पथ-प्रदर्शक विभूतियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल्दी ही रायसेन पहुंचकर संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा रायसेन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत विकास शिविर, यात्राएं गत जुलाई से आयोजित की जा रही हैं, जो आगामी फरवरी माह तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवा, महिला, गरीब, किसान वर्ग के कल्याण के साथ ही सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया है। संत रविदास जी के शब्द थे – 'ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।' इसके साथ ही 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी जाकि अंग अंग बास सामानी' के माध्यम से भक्त और भगवान के घनिष्ठ संबंध की ओर इंगित किया है। संत रविदास का मानना था कि प्रभु आप चंदन हैं और मैं पानी हूं। जिस प्रकार पानी में चंदन मिलने से पानी के प्रत्येक अंग में चंदन की महक शामिल हो जाती है। उसी तरह आपकी भक्ति से मेरा अंग-अंग पावन और आनंदित हो गया है। यह ईश्वर की प्रति अगाध प्रेम और आत्मीयता का प्रमाण है। इसी तरह 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' की कहावत भी संत रविदास ने दी। इसका आशय यह है कि यदि व्यक्ति का मन कार्य में शद्ध भावना से पूरी तरह लगा है तो चमड़ा भिगोने के बर्तन (कठौती) में भी गंगा प्रकट हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायसेन में समरसता यात्रा, समरसता भोज से सभी वर्गों का जुड़ना प्रशंसनीय है। इसी सामाजिक समरसता के लिए हमारे संतों ने अपना पूरा जीवन अर्पित किया। प्रारंभ में पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी कि संत रविदास की प्रतिमा की स्थापना का कार्य पूर्ण होने के साथ ही निकट ही डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने का कार्य भी चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना के लिए राज्य शासन से 25 लाख रूपए की प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। रायसेन नगर के सभी समाजों द्वारा परस्पर भाईचारे के साथ पर्व-त्यौहार मनाने का कार्य होता है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा, रामपाल सिंह के अलावा संत धनीराम, संत मनीराम, राकेश शर्मा, समाजसेवी जमना सिंह उपस्थित थे।  

इंदौर में 11 सितंबर से जुटेगा यात्री परिवहन का बड़ा मंच, CM यादव करेंगे विजन समिट का उद्घाटन

यात्री परिवहन विजन समिट-2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का 11 सितंबर को करेंगे शुभारंभ इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी समिट परिवहन मंत्री सिंह भी होंगे समिट में शामिल MPYPIL लोगो एवं विशेष पुस्तिका का होगा विमोचन इंडस्ट्री एक्सपो तथा हैकेथॉन का होगा उद्घाटन इंदौर मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करेंगे। इस समिट में निजी बस ऑपरेटरों, नीति-निर्माताओं, परिवहन विशेषज्ञों, देशभर के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे और मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए रणनीति और सुझाव साझा करेंगे। समिट का प्रमुख केंद्र ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ होगी। ‘नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश’ विजन के साथ आयोजित इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के माध्यम से जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देना है। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी समिट में शामिल होंगे। इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। एक्सपो में बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगमों द्वारा अपनी गतिविधियों, तकनीकी समाधानों और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे परिवहन क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नई साझेदारियों की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। समिट में ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संकलित समिट की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही MPYPIL द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की संरचना और योजना के अंतर्गत भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर केन्द्रित विशेष पुस्तिका का भी विमोचन भी होगा। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने वाले मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी होगा। समिट में होने वाले विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे की कार्ययोजना को आकार दिया जाएगा। देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर बनाएंगे रणनीति समिट में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर, पूरे देश के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सरल, सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की रणनीति बनाएंगे। साथ ही अपने सुझाव भी देंगे। परिवहन समिट में 8 सत्र होंगे। इन सत्रों के माध्यम से यात्री परिवहन को सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और प्रदूषणमुक्त बनाने, एमपी मोबिलिटी विजन-2030 के तहत PPP मॉडल से निवेश, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने, वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बस संचालन, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, स्वच्छ ईंधन, एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली विषयों पर चर्चा होगी। देश के ये प्रमुख संस्थान समिट में होंगे शामिल समिट में ईकेए मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो-आयशर प्राइवेट लिमिटेड, स्विच मोबिलिटी (हिंदुजा ग्रुप), एयरो ईगल ऑटोमोबाइल, यश टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, एमनेक्स इन्फोटेक्नोलॉजीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एसबीआई, थिंक गैस जैसी प्रमुख कंपनियां सहभागिता करेंगी। इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों, थिंक टैंक एवं कंसल्टेंसी एजेंसियों के परिवहन विशेषज्ञ भी समिट में अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। इनमें WRI इंडिया, BITS पिलानी, CEPT अहमदाबाद, KPMG और DIMTS प्रमुख हैं। इन 8 सत्रों में होगा मंथन 1. "मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा": इस सत्र में मध्य प्रदेश के विशाल भौगोलिक विस्तार और तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों के अनुरूप बस संचालन व ITMS में PPP मॉडल लागू करके सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन किया जाएगा। 2. "भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना: सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन": यह सत्र बस टर्मिनलों, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन संपत्तियों में पीपीपी के माध्यम से निवेश आकर्षित करने, अभिनव वित्तपोषण मॉडल, नीतिगत सहयोग और जोखिम-साझाकरण व्यवस्था पर केंद्रित होगा। 3. "वित्तीय रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर सार्वजनिक बस संचालन के लिए रणनीतियाँ": इस सत्र में केवल किराए पर निर्भरता घटाने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, गैर-किराया राजस्व (विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स व नामकरण अधिकार) तथा प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों पर विचार किया जाएगा। 4. "यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता सृजन हेतु केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी उपयोग": इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए ट्रांसपोर्टरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी। 5. "सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधा": इसमें सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, वास्तविक समय पर यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे उपभोक्ता-केंद्रित मुद्दों पर विमर्श होगा। 6. "डेटा-आधारित निर्णय: इंट्रा-सिटी एवं इंटर-सिटी बस मार्गों एवं संचालन की योजना (AI आधारित विश्लेषण सहित)": इस सत्र में राज्यव्यापी आईटीएमएस, रीयल-टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मार्गों के युक्तिकरण एवं शेड्यूलिंग पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। 7. "हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार बस बेड़ा": इसमें इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग व रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) से जुड़े तकनीकी व ढांचागत पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। 8. "एक राज्य, एक यात्रा: एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली के माध्यम से निर्बाध यात्रा अनुभव": सत्र में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, स्वचालित किराया संग्रह, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस (MaaS) प्लेटफॉर्म पर बात होगी।

प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जनसंकल्प बनाएगा अभियान: मुख्यमंत्री योगी

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा को जन-जन तक पहुंचाने की व्यापक तैयारी    प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जनसंकल्प बनाएगा अभियान: मुख्यमंत्री योगी   प्रभारी मंत्री जनपदों और विधानसभाओं में जाकर तैयारियों की करें समीक्षा: मुख्यमंत्री   4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचेगा अभियान, 25 लाख लाभार्थियों की वास्तविक कहानियां रील के माध्यम से आएंगी सामने    लखनऊ,   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल पूरा होने के अवसर को प्रदेश सरकार और प्रदेश संगठन मिलकर समारोहपूर्वक मनाएंगे। उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा। अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों, नीतिगत सुधारों और देश-प्रदेश में आए बदलावों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा।   गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल जी की उपस्थिति में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान व्यापक जनभागीदारी से हो और सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण तथा विकास की उपलब्धियों को वास्तविक लाभार्थियों की कहानियों के माध्यम से सामने लाया जाए। युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को विकसित भारत के संकल्प का सहभागी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को जनपदों और अपनी-अपनी विधानसभाओं में जाकर तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।   बैठक में बताया गया कि शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों का डेटा-बैंक तैयार किया गया है। अभियान से 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा, जिनमें 3.51 करोड़ ग्रामीण और 0.68 करोड़ शहरी परिवार शामिल हैं।   सेवा दिवस से शुरुआत: 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस : आशीर्वाद का दीया’ के तहत सेवा गतिविधियों के साथ शाम सात बजे दीप प्रज्ज्वलन होगा। लाभार्थी परिवारों और प्रमुख विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाए जाएंगे। कार्यक्रम के प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति होंगे। इसी दिन विश्वकर्मा जयंती पर सभी विधानसभाओं में विश्वकर्मा पूजन और शिल्पकारों को टूलकिट वितरित किए जाएंगे।   मेरे सपनों का भारत : चित्र सेवा: 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में चित्रकला और भाषण तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में भाषण एवं डिबेट प्रतियोगिताएं होंगी। उत्कृष्ट प्रतिभाओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह को अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।  नमो सेवा : अनकही कहानियां: सांस्कृतिक नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से 25 वर्षों की सेवा, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी गांव-गांव तथा शहरों तक पहुंचाई जाएगी। संस्कृति विभाग प्रत्येक जनपद में कलाकारों की टोलियां गठित करेगा। प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और स्थानीय प्रतिभाओं के सम्मान की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।   आंगन मिलन सेवा: 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान, हेल्दी बेबी प्रतियोगिता तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां होंगी। प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य को माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।   सेवा की कहानी: डिजिटल और रील अभियान के तहत 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की 60 सेकंड की वास्तविक कहानियां सामने लाई जाएंगी। आवास, स्कूल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाओं के साथ मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की सफलता की कहानियां भी शामिल होंगी। प्रभारी मंत्री गिरीशचंद यादव को वास्तविक और प्रभावी कहानियों के चयन के निर्देश दिए गए। इन्फ्लुएंसर्स कनेक्ट: 150 डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स, पॉडकास्टर्स और व्लॉगर्स को प्रदेश की परिवर्तनकारी परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाएगा। प्रेरणा स्थल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, बीआईडीए झांसी, राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर सहित प्रमुख स्थलों के माध्यम से विकास का ‘पहले और बाद’ का बदलाव सामने आएगा। प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह को उपयुक्त स्थलों के चयन के निर्देश दिए गए।  सेवा ज्योति कलश यात्रा : विकसित भारत का संकल्प: 7 अक्टूबर को जनपदों में सेवा ज्योति, पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां तथा ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प होगा। प्रधानमंत्री जी के संबोधन का सजीव प्रसारण भी किया जाएगा। प्रभारी मंत्री जसवंत सिंह सैनी को स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए गए।  वडनगर से वाराणसी यात्रा : जल, जन और सेवा संकल्प: वाराणसी से 250 बाइक और 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। 20 टोलियां अलग-अलग मार्गों से यात्रा करेंगी और दोनों स्थानों के पवित्र जल से काशी विश्वनाथ तथा वडनगर के हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक होगा। यात्रा के दौरान जनसंवाद और योजनाओं का प्रचार होगा। प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर को व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।   सेवा मेरा योगदान: नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा सहयोग, जल संरक्षण, नशामुक्ति, पोषण, साइबर सुरक्षा, दिव्यांगजन सहयोग और सरकारी योजनाओं की जागरूकता सहित 25 सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर ‘माई भारत पोर्टल’ पर फोटो या वीडियो अपलोड करने पर डिजिटल प्रमाण-पत्र मिलेगा।    सेवा सेतु अभियान: प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ केंद्र और राज्य की योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया एक स्थान पर पूरी की जाएगी।    सेवा के रंग, राष्ट्र के संग: प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर मानव समूह रंगोली के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ को प्रदर्शित किया जाएगा। 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी।    सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल और इनोवेटर्स नए समाधान प्रस्तुत करेंगे। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में ओरिएंटेशन, प्रदर्शनी, लाइव डेमो, युवा संवाद और पुरस्कार कार्यक्रम होंगे। प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल को अधिकतम प्रतिभाशाली युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।      सुशासन सेवा संवाद: 17 अक्टूबर को अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान से सांसद तक के जनप्रतिनिधि एकत्र होकर प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा कार्यकाल का सम्मान करेंगे और ‘विकसित भारत 2047’ का … Read more

नीब करोरी बाबा की विरासत को बड़ा सम्मान, यूपीएसटीडीसी ने शुरू किए 5 प्रकार के खास टूर पैकेज

महासमाधि दिवस पर यूपी पर्यटन की बड़ी पहल, नीब करोरी बाबा के नाम से बना नया आध्यात्मिक सर्किट नीब करोरी बाबा की विरासत को बड़ा सम्मान, यूपीएसटीडीसी ने शुरू किए 5 प्रकार के खास टूर पैकेज दिल्ली-लखनऊ से चलेंगे बाबा नीब करोरी के विशेष टूर…2, 3 और 5 दिन के पैकेज शुरू ₹12.93 करोड़ से संवरेंगे बाबा नीब करोरी से जुड़े स्थल, पर्यटन विभाग ने तैयार किया आध्यात्मिक ट्रेल नीब करोरी बाबा की विरासत को संरक्षित कर देश-दुनिया तक पहुंचा रही सरकार: जयवीर सिंह लखनऊ श्रद्धेय संत नीब करोरी बाबा के 'महासमाधि दिवस' पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नीब करोरी बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर आध्यात्मिक पर्यटन का नया सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए 'बाबा नीब करोरी' के पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं। इसके साथ ही फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर लगभग 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। फेज-1 के तहत पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके अलावा 2.22 करोड़ रुपये की फेज-2 परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी। वहीं फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम के विकास पर 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। इन सभी कार्यों का उद्देश्य बाबा से जुड़े स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन अनुभव में बदलना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि नीब करोरी बाबा का 'महासमाधि दिवस' ऐसे संत को याद करने का अवसर है, जिनका आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने बताया वर्ष 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब उनकी विरासत को संरक्षित करने और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है। पर्यटन परियोजनाओं, बेहतर सुविधाओं और विशेष रूप से तैयार पर्यटन अनुभवों के माध्यम से बाबा की विरासत को जीवंत रखने के साथ प्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं। अकबरपुर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल बनाया जा रहा है। इसके अलावा डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री की सुविधा विकसित की जा रही है। फेज-2 में गार्ड रूम, सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वॉल और पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फर्रुखाबाद के नीब करोरी आश्रम में भी यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ के रूप में जोड़ा जा रहा है। इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। इसके साथ फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं। मान्यता है कि फर्रुखाबाद स्थित आश्रम में बाबा ने भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष साधना की थी। इस तरह जन्मस्थली से लेकर समाधि स्थल तक बाबा की आध्यात्मिक यात्रा को एक ही पर्यटन मार्ग में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महासमाधि दिवस को खास बनाते हुए यूपीएसटीडीसी ने ‘बाबा नीब करोरी’ के पांच विशेष टूर पैकेज* शुरू किए हैं। जिसमें 5 दिन, 3 दिन और 2 दिन की यात्राएं शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के आधार पर इन पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा को आसान बनाना है। टूर पैकेज की जानकारी के लिए पर्यटक *+91 91490 99890* पर संपर्क कर सकते हैं या यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट  upstdc.co.in पर जानकारी ले सकते हैं। अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने बताया कि नया 'नीब करोरी बाबा सर्किट' उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन सर्किटों में एक महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ेगा। बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी और उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि महासमाधि दिवस पर शुरू किए गए विशेष टूर पैकेज इस पहल को और उपयोगी बनाएंगे तथा बाबा की विरासत को भारत के साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें! IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने 8 अन्य आरोपियों के साथ तय किए आरोप

नई दिल्ली/पटना  IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद लालू परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. जबकि 7 आरोपियों को आरोपों से बरी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 को होगी. लेकिन आखिर यह मामला है क्या? इसकी शुरुआत कब हुई? रेलवे के होटलों से लेकर पटना की जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग तक पूरा मामला कैसे पहुंचा? और अब लालू परिवार के सामने आगे क्या कानूनी चुनौती है? आइए हर सवाल का जवाब समझते हैं।  क्या है IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग घटना, कैसे बढ़ेगी लालू परिवार की मुश्किलें जानें क्या है IRCTC होटल मामला? यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी के BNR होटलों के संचालन के ठेके से जुड़ा है. CBI का आरोप है कि इन दोनों होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं. एजेंसी के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले पटना में जमीन का लेन-देन हुआ।  जमीन का क्या कनेक्शन है? जांच एजेंसियों के मुताबिक होटल टेंडर और पटना की जमीन के बीच कथित लेन-देन इस केस का सबसे अहम हिस्सा है. CBI ने आरोप लगाया कि पटना की बेशकीमती जमीन पहले एक कंपनी के जरिए खरीदी गई. बाद में उसका प्रभावी नियंत्रण लालू परिवार से जुड़ी कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा. एजेंसी ने जमीन की कीमत और जिस कीमत पर सौदा हुआ. उसमें बड़े अंतर का भी आरोप लगाया है. यही कथित लेन-देन बाद में ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बना।  मामला कब शुरू हुआ? इस मामले की जड़ें 2004-05 के दौर में हैं. उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। मार्च 2004 में रेलवे के दो होटलों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रिया IRCTC को सौंपी गई थी. मई 2004 में लालू रेल मंत्री बने। इसके बाद होटल संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी. CBI के मुताबिक 2005-06 में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कर सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया।  CBI ने केस कब दर्ज किया? कई वर्षों बाद यह मामला 2017 में फिर सामने आया. जुलाई 2017 में CBI ने FIR दर्ज की. एजेंसी ने लालू यादव और अन्य पर पद के कथित दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और होटल टेंडर में अनियमितता के आरोप लगाए. इसके बाद CBI ने जांच आगे बढ़ाई और अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल की. इसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।  ED की एंट्री कब हुई? CBI की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. अगस्त 2018 में ED ने PMLA के तहत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यहीं से यह मामला सिर्फ कथित भ्रष्टाचार या टेंडर विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग केस के रूप में भी अदालत पहुंच गया।  आज कोर्ट ने क्या फैसला दिया? 10 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं 7 आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया गया. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया लालू यादव द्वारा रेल मंत्री के पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को मुकदमा आगे बढ़ाने लायक माना. आरोप तय किए गए आरोपियों में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, पीसी गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं।  क्या लालू यादव और तेजस्वी दोषी साबित हो गए? नहीं…यह सबसे जरूरी कानूनी बात है. कोर्ट द्वारा आरोप तय करना दोषी करार देना नहीं होता. इसका मतलब है कि अदालत ने प्रथमदृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष को अपने आरोप सबूतों के जरिए साबित करने होंगे. बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार होगा. इसलिए फिलहाल लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी या अन्य आरोपियों को दोषी कहना सही नहीं होगा।  अब लालू परिवार की मुश्किलें कैसे बढ़ सकती हैं? आरोप तय होने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा. अभियोजन पक्ष सबूत और गवाह पेश करेगा.इसके बाद बचाव पक्ष उन सबूतों को चुनौती देगा. लालू परिवार के लिए चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में कथित होटल टेंडर, जमीन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को अदालत में साबित करने की कोशिश होगी. हालांकि इसका अंतिम परिणाम ट्रायल के बाद ही सामने आएगा।  क्या यह Land-for-Jobs केस ही है? नहीं…दोनों मामले अलग हैं. IRCTC मामला रांची और पुरी के रेलवे होटलों के कथित टेंडर में अनियमितता और उससे जुड़े जमीन के लेन-देन पर केंद्रित है. वहीं Land-for-Jobs केस में रेलवे में नौकरी देने के बदले कथित तौर पर जमीन लेने के आरोप हैं. दोनों मामलों में लालू परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने के कारण अक्सर इन्हें एक साथ देखा जाता है, लेकिन कानूनी तौर पर दोनों अलग मामले हैं।  अब अगली सुनवाई कब होगी? राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई की तारीख तय की है. अब अदालत में मामले की ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।   

जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदारों की तय होगी जवाबदेही: CM साय

जोखिमपूर्ण भवनो की जांच में होगी लापरवाही, तो तय होगी जवाबदेही – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, संभावित खतरों की पहले पहचान कर करें प्रभावी कार्रवाई : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर-एसपी को दिए स्पष्ट निर्देश: घटना होने का इंतजार नहीं, संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते करें कार्रवाई सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश जर्जर और जोखिमपूर्ण भवनों की वास्तविक स्थिति का करें आकलन, विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन में नहीं हो कोई शिथिलता अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ पुलिस, आबकारी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से चलाएं अभियान दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक रोकने सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर बढ़ाएं निगरानी रायपुर   विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे। मुख्यमंत्री साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है अथवा जिनसे किसी प्रकार की जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त कर दिया जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिलों में सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। केवल शिकायत अथवा दुर्घटना सामने आने के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के स्थान पर सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी। अवैध और मिलावटी शराब के विरुद्ध प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों अथवा स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी, दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर लगे प्रभावी रोक उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।