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आंधी-बारिश के चलते उड़ानों पर पड़ सकता है असर, इंडिगो ने फ्लाइट स्टेटस चेक करने की दी सलाह

नई दिल्ली  इंडिगो एयरलाइन ने शनिवार को दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। राष्ट्रीय राजधानी में आंधी और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए एयरलाइन ने कहा कि खराब मौसम के कारण उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि दिल्ली के मौसम की स्थिति अस्थायी रूप से उड़ान संचालन को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, एयरपोर्ट और एयरलाइन की टीमें व्यवधान को कम करने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं। इंडिगो ने अपनी एडवाइजरी में क्या कहा इंडिगो ने कहा, 'दिल्ली में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है, जिसके कारण उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ सकता है। हमारी टीमें संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं, लेकिन मौसम की वजह से थोड़ी देरी हो सकती है।' एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए जरूर चेक कर लें। फ्लाइट्स की स्टेटस देखकर ही घर से निकलें इसके अलावा, यात्रियों से अतिरिक्त समय लेकर चलने को कहा गया है, क्योंकि बारिश और जलभराव के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। एयरलाइन ने कहा कि अगर आप आज यात्रा कर रहे हैं, तो एयरपोर्ट जाने से पहले हमारी वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। इससे पहले शुक्रवार को भी एयरलाइन ने मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। यात्रियों को असुविधा नहीं हो इसलिए एडवाइजरी यात्रियों से कहा गया था कि वे खराब मौसम के कारण संभावित देरी से बचने के लिए सामान्य समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें। एयरलाइन ने कहा था कि ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखें और एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले ऐप या वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट की स्थिति जांच लें। मई की शुरुआत में खराब मौसम का असर पूर्वी भारत में इंडिगो की उड़ानों पर भी पड़ा था। कोलकाता से पटना जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी थी, जिसके बाद विमान को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा था।  

जल जीवन मिशन 2.0 में पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा।  उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा।  साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक  ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता  एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय …

यूपी में रोजगार और कौशल विकास पर फोकस, मुख्यमंत्री ने श्रम योजनाओं की व्यापक समीक्षा की

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।  

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी पहल, जैसलमेर की आर्टिफिशियल झील का जल्द होगा उद्घाटन

जयपुर  भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान केरेगिस्तानी जिले जैसलमेर में कृत्रिम झील (आर्टिफिशियलझील) बनकर तैयार हुई है। इस झील को गड़ीसर झील भी कहा जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र के दो जिलों के करीब 50 लाख लोगोंएवं मवेशियां की प्यास बुझाने के लिए 242 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार हुई इस कृत्रिम झील का उद्धाटन जुलाई में होने की उम्मीद है। झील जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई है। रेगिस्तान की मिट्टी झील के पानी को सोंख नहीं ले,इसके लिए इसमें नीचे (बेस एरिया में) तीन सौ माइक्रोन कीविशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। इस प्लास्टिक पर ढ़ाई फीट मिट्टी की परत बिछाई गई है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि यह एक सौ साल तक खराब नहीं होगी। करीब 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी झील में 141 करोड़ लीटर पानी का भराव हो सकेगा। कृत्रिम झील इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरी जाएगी। दरअसल, प्रतिवर्ष मानसून से पहले इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत के समय आम लोगों एवं मवेशियों को पानी को लेकर होने वाली परेशानी से बचाने के लिए यह नहर तैयार की गई है। इंदिरा गांधी नहर का पानी इस नहर में भरा जाएगा और फिर फिल्टर प्लांट से जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलोंके घरों में पहुंचाया जाएगा। इस कारण हुआ नहर का निर्माण जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिवर्ष मानसून से पहले एक माह के लिए इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत की जाती है,जिसे नहरबंदी कहा जाता है। इस दौरान नहर में पंजाब की तरफ से बहकर आने वाले पानी को रोक दिया जाता है। नहरबंदी के दौरान जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलों के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए इस झील का निर्माण हुआ है। नहरबंदी से पहले इंदिरा गांधी नहर से पानी कृत्रिम नहर में भरा जाएगा।जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया कि कृत्रिम नहर का निर्माण साल,2024 से शुरू हुआथा,अब बनकर तैयार हुई है। पंजाब से श्रीगंगानगर होते हुए आने वाली इंदिरा गांधी गांधी नहर से इस झील को जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि मानसून के दिनों में जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होती है तो इंदिरा गांधी नहर में क्षमता सेअधिक पानी आ जाता है। बारिश के दिनों में खेतों में भी पानी भर जाता है। ऐसे में किसानों को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं रहती है। इस दौरान नहर के अतिरिक्त बहने वाले पानी को मोड़कर इसमें भरा जाएगा। इसके लिए एकस्क्रेप चैनल बनाया गया है।इसके दो गेट हैं,जिसमें एक गेट इंदिरा गांधी नहर से पानी आने के लिए और दूसरा झील में पानी डालने के लिए खोला जाएगा। इसलिए कहा जाता है कृत्रिम नहर इस झील को कृत्रिम झील इसलिए कहा जाता है,क्योंकि यह प्रकृति द्वारा नहीं बनाई गई,बल्कि यह मानव निर्मित है। उल्लेखनीय है कि 127 किलोमीटर लंबी इंदिरा गांधी नहर पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होकर हरियाणा के उत्तर-पश्चिमी भाग से थोड़ी दूरी तक बहती है और पश्चिमी राजस्थान में सीमावर्ती गड़रा रोड़ के पास स्थित रेगिस्तान में समाप्त हो जाती है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा का त्वरित असर: कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री  साय ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी।  महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री  साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य  गुरु सौरभ साहेब एवं  जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष मती ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया। ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दीदी मती सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य मती यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री  जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई। मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।

कैथल के युवकों पर हमले का खुलासा, नंबर प्लेट देखकर आरोपियों ने किया हमला

कैथल/चंडीगढ़. उत्तराखड़ के ऋषिकेश में पूंडरी क्षेत्र के दो युवकों को नग्न कर पिटाई करवाने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मारपीट करने वाले अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। मामले में जिस महिला के साथ युवकों की बहस हुई थी, वे महिला भी अब सामने आई है। महिला ने इंटरनेट मीडिया पर आकर छेड़छाड़ की बात पूरी तरह से नकारा है। कहा कि मेरी युवकों से बहस हुई थी, वहां पर मौजूद लोगों ने हरियाणा का नंबर देखते ही उनकी की पिटाई शुरू कर दी। एसपी देहात ऋषिकेश जया बलूनी ने दो आरोपितों की गिरफ्तारी की भी पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि युवकों को पीटना गलत है, कोई बात हुई है तो पुलिस को सूचना देनी थी, कानून को हाथ में लेना ठीक नहीं है। मारपीट करने वाले आरोपितों की पुलिस तलाश कर रही है। ये था मामला पूंडरी क्षेत्र निवासी सतबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 मई को वह अपने साथियों सोनू , सतीश कुमार , प्रदीप कुमार व विक्रम सिंह के साथ कार से ऋषिकेश घूमने आए थे। कालेकी ढाल पर एक महिला से हुई गलतफहमी के बाद मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ ने बिना कारण जाने उन्हें बुरी तरह पिटना शुरू कर दिया, साथ ही उनकी कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, उन्होंने कोई छेड़छाड़ या गलत इशारा नहीं किया था। ऋषिकेश कोतवाली एसपी जया बलोनी ने बताया कि आरोपितों की तलाश में पुलिस टीम गठित की गई। भरत विहार ट्रक यूनियन पार्किंग क्षेत्र में दबिश देकर घटना में शामिल 47 वर्षीय अशोक थापा व नरेश कश्यप निवासी कालेकी ढाल को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि बाकी दो नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। अज्ञात आरोपितों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मौके पर बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कोई विवाद सामने आता है तो लोग कानून को अपने हाथ में न लें, घटना की जानकारी पुलिस को दें। एसपी ने बताया कि बताया कि महिला से जानकारी ली गई, लेकिन उनकी पुत्री से छेड़छाड़ जैसी बात सामने नहीं आई। एचआर नंबर गाड़ी देखते ही लोगों ने किया हमला पीड़ित सतीश ने आरोप लगाया कि वेन्यू एचआर08एएल 9398 नंबर की गाड़ी देखते ही सड़क पर मौजूद लोगों ने हमला कर दिया। हमने ऐसा कोई काम नहीं किया , जिससे किसी नाबालिग को परेशानी हो, भीड़ ने बिना कारण जाने ही गालियां दी और मारपीट की। ऋषिकेश पुलिस को शिकायत दी है, पुलिस कार्रवाई करने में लगी है। युवकों ने बताया कि हरियाणा के लोगों को जानबूझ कर टारगेट किया जा रहा है, जो गलत है। लड़की मां बोली, ईशारा किया था, कोई छेड़छाड़ नहीं की वहीं लड़की की मां ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है। महिला ने बताया कि ऋषिकेश मैं शाम को बाजार में जा रही थी, एचआर नाम की गाड़ी भी हमारे साथ चल रही थी। मेरी बेटी ने कहा कि अंकल कुछ इशारे कर रहे हैं। मैंने पास जाकर कहा कि कोई दिक्कत है तो गाड़ी रोक लो, युवकों ने गाड़ी रोक ली, जैसे ही हम उनसे बातचीत करने लगे, दोनों पक्षों की आवाज भी ऊंची थी, इसी दौरान वहां पर काफी गाड़ियों भी रूक गई और युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मैंने रोकने की बहुत कौशिश की, लेकिन ज्यादा भीड़ होने के कारण मेरी बात किसी ने नहीं सुनी, इसके बाद डायल 112 को फोन किया, पुलिस मौका पर पहुंचकर युवकों को अपने साथ ले गई। महिला ने बताया कि छेड़खानी जैसा कुछ नहीं हुआ, बिना कारण जाने ही भीड़ में मौजूद लोगों ने उनपर हमला कर दिया।

गिद्ध संरक्षण, जैव-विविधता अभिलेखीकरण, जनभागीदारी आधारित नवाचार सर्पदंश जागरूकता अभियान ने दिलाई पहचान

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 22 मई 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैव-विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई। मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव के लिये दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली। व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक  वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा दक्षिण पन्ना क्षेत्र में 129 महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का अभिलेखीकरण एवं जनजागरूकता कार्य किया गया। वहीं  वीरेंद्र पटेल द्वारा कल्दा क्षेत्र में 97 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण कर पक्षी एवं जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल की यह उपलब्धि जनभागीदारी, टीम भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार आधारित संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगा। जैव-विविधता संरक्षण में डिंडोरी वनमण्डल हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये "राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 एवं 2025 अंतर्गत वनमंडल डिंडोरी को पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध श्रेष्ठ वनमंडल अतंर्गत वर्ष 2023-24 में प्रथम स्थान एवं वर्ष 2024-25 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष  वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव  सुदीप सिंह ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई  नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा  परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर मती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।  

लुधियाना में बड़ा सुरक्षा अलर्ट, हैंड ग्रेनेड के साथ दो खतरनाक गुर्गे पकड़े गए

लुधियाना. कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और खतरनाक आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से पंजाब में एक बड़ी आतंकी वारदात टाल दी गई। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई 17 मई को बेनकाब किए गए आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल की जांच के दौरान सामने आई अहम जानकारियों के आधार पर की गई। इससे पहले थाना लाडोवाल इलाके में हार्डीज वर्ल्ड के पास टारगेटेड शूटिंग की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने अनूराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से तीन पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। विदेश से मिल रहे थे आदेश पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ था कि यह पूरा मॉड्यूल विदेश में बैठे हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि जर्मनी और दुबई में बैठे संचालकों के निर्देश पर पंजाब में हाई प्रोफाइल हत्याओं और बड़ी वारदातों की साजिश रची जा रही थी। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने तरनतारन के गांव खैरदीन निवासी करणदीप सिंह उर्फ करण और अमृतसर निवासी बलजीत सिंह उर्फ संजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित मलेशिया में बैठे हैंडलर आकाशदीप उर्फ गोल्डन के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर काम कर रहे थे। आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करणदीप सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों को हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार कहां से उपलब्ध करवाए गए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 91 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ बीएनएस की धारा 317(2) भी जोड़ दी है। नेटवर्क तलाश रही पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। स्थानीय संपर्कों, हथियार सप्लाई चेन और विदेशी हैंडलरों के साथ जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो पंजाब में बड़ी वारदात हो सकती थी।

बकरीद पर गांधी मैदान में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, अस्थायी थाना और CCTV से निगरानी

 पटना बकरीद पर्व इस वर्ष 28 मई को संभावित है। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को डीएम त्यागराजन एसएम  एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने के साथ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारी द्वय ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंध-पत्र भरवाने, नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने व सभी अनुमंडलों में समय रहते शांति समिति की बैठक आयोजित की जाए। डीएम-एसएसपी ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया मानिटरिंग सेल को सतत सक्रिय रखें और किसी भी अफवाह का तत्काल खंडन करें। जनभावनाओं को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, नगर निगम, पीएचईडी, बिजली विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। गांधी मैदान में बनेगा अस्थायी थाना, सीसीटीवी से निगरानी डीएम ने कहा कि 28 मई को संभावित बकरीद पर गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए गांधी मैदान में प्रवेश व निकास व्यवस्था को सुचारू रखने, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश, सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए गांधी मैदान में अस्थायी थाना सक्रिय रहेगा व सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा नगर निगम को गांधी मैदान व आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई, हाईमास्ट लाइट चालू रखने और आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी को वाटर टैंकर व वाटर एटीएम की व्यवस्था करने, ट्रैफिक पुलिस को पार्किंग स्थल चिह्नित करने व स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, डाक्टर और जीवनरक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया है। मौके पर फायर दस्ता भी तैनात रहेगा।  

स्वामित्व योजना बनी सहारा, हितग्राही दिलीप वर्मा को मिली अपने घर की नई उम्मीद

​रायपुर. "मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना से मुझे ज़मीन का मालिकाना हक मिल गया है। अब मुझे अपना खुद का पक्का आवास बनाने में बहुत आसानी होगी। इस मदद के लिए छत्तीसगढ़ शासन को मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद।" यह भावुक और कृतज्ञता भरे शब्द बलौदाबाजार के करहीबाजार में आयोजित 'सुशासन तिहार' के दौरान हितग्राही दिलीप कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कहे। ​सुशासन तिहार में सीधे संवाद से बढ़ी खुशियां राजस्व विभाग की 'स्वामित्व योजना' ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर  में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। इसी कड़ी में जब मुख्यमंत्री ने दिलीप कुमार वर्मा से बात की, तो दिलीप ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि ज़मीन का कानूनी हक मिलने से उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है और अब वे बिना किसी अड़चन के अपना आशियाना बना सकेंगे हर गरीब का हो अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री हितग्राही दिलीप वर्मा की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें सहर्ष बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का असली हक मिल रहा है, जिससे न केवल उन्हें बैंक लोन मिलने में आसानी होगी, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने की राह भी आसान होगी। दिलीप कुमार जी जैसे लाखों परिवारों के चेहरे पर आई यह मुस्कान ही हमारी सरकार की असली ताकत है। सुशासन का मतलब ही यही है कि हर नागरिक को उसका अधिकार बिना किसी परेशानी के मिले।