samacharsecretary.com

जोरदार विस्फोट से दहला अमृतसर, कई घरों के शीशे टूटे; अवैध फैक्ट्री में महिला की मौत

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में अनगढ़ क्षेत्र में वीरवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। एक घर में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाका हो गया। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई मकानों में कंपन महसूस किया गया और कुछ घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस घर में धमाका हुआ, वहां लंबे समय से अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे थे। वीरवार दोपहर अचानक घर के भीतर आग लग गई। आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद घर से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। घायल को पहुंचाया गया अस्पताल हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं मृत महिला के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में बिना अनुमति के पटाखा बनाने का काम किया जा रहा था। मौके से जले हुए पटाखों का सामान, बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से केवल दीपावली के आसपास ही छापामारी की जाती है, जबकि पूरे साल कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जाते हैं। अवैध कारोबार को रोकने की मांग इलाके के निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध पटाखा निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी और इसमें कितने लोग शामिल थे। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।

मुफ्त राशन योजना के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त, जगदलपुर में हुई छंटनी

जगदलपुर. नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ लेने वाले अपात्र हितग्राहियों पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों लोग सामने आए, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं और कई के नाम पर कृषि भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद वे वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। खाद्य विभाग ने 48 वार्डों में अभियान चलाकर 800 से ज्यादा नाम बीपीएल सूची से हटाए हैं। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों के बाहर अपात्र हितग्राहियों की सूची भी चस्पा की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन लंबे समय से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों की मदद से राशन कार्ड बनवाने की बात भी सामने आई है। अब विभाग पात्र हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन कर रहा है।

अब यूनिफॉर्म में नजर आएंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज छात्र, यूपी में नया नियम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की चांसलर आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों (कॉलेजों) में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं. बुधवार को राजभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने यह बड़ा फैसला सुनाया।  क्यों और कैसे लागू होगा यह नियम? एकरूपता लाना है मकसद वर्तमान में यूपी के कुछ महिला कॉलेजों और सेल्फ-फाइनेंस पाठ्यक्रमों में तो ड्रेस कोड लागू है, लेकिन अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र सामान्य कपड़ों में आते हैं. अब नए आदेश के तहत सभी संस्थान अपने स्तर पर मनपसंद रंग और डिजाइन तय कर यूनिफॉर्म लागू करेंगे, जिससे पूरे कैंपस में एकरूपता बनी रहे।  शिक्षकों की गरिमा पर कड़ा रुख बैठक के दौरान हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलोजी विभाग में एक शिक्षक द्वारा छात्रा को परेशान करने और पेपर लीक करने के कथित मामले पर राज्यपाल ने सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक ऐसा कोई काम न करें जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे. सभी शिक्षकों को समय पर कक्षाएं लेने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।  रोजगार परक और वोकेशनल कोर्स पर जोर छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्यपाल ने कॉलेजों को शॉर्ट-टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इनमें प्रमुख रूप से- जीएसटी (GST) और अकाउंटेंसी ब्यूटीशियन और मेहंदी कोर्स बिंदी निर्माण मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाना बनाना छात्रों की समस्याओं के लिए कमेटी सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में एक विशेष समिति (कमेटी) बनाई जाएगी, जहां छात्र-छात्राएं बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें और समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे. इसके अलावा दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे इन्फ्लिबनेट) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।  जल्द तैयार करेंगे खाका राज्यपाल के इस निर्देश के बाद, अब उत्तर प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर यूनिफॉर्म के रंग, पैटर्न और इसे लागू करने की समय-सीमा का खाका तैयार करेंगे। 

सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग, जंगल में घंटों चली मुठभेड़

चाईबासा चाईबासा के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे। सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। घंटों चली गोलीबारी मुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंका पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।  

लू का ऑरेंज अलर्ट जारी, 25 मई तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

 चंडीगड़ हरियाणा में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पांच जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा सिरसा में 46.4 डिग्री, फरीदाबाद में 46 डिग्री, हिसार में 45.3 डिग्री, जींद में 45.2 डिग्री और नारनौल में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लू चलने की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने हरियाणा में 25 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। रोहतक और सिरसा में लू की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि बाकी जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना रहेगा। वहीं भिवानी में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। तेज गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें, ताकि तेज धूप का असर कम हो सके। 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सिर ढक कर बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत समेत हरियाणा में फिलहाल गर्मी का दौर जारी रहेगा और 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मुख्यमंत्री सैनी का सख्त एक्शन, CM विंडो मामलों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर होगी FIR

चंडीगढ़. सीएम विंडो पर मिली शिकायतों की सुनवाई में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीखे तेवर दिखाए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हिसार के गावड़ में बैकवर्ड चौपाल की राशि के गबन के आरोपित तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ), कनिष्ठ अभियंता व ग्राम सचिव के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भिवानी जिले के झुंपा खुर्द के व्यक्ति की शिकायत पर पेमेंट में देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित आरटीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सीएम विंडो पर आई शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतें। इस बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मंडल आयुक्त आनलाइन जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जींद में दुर्घटना के समय की मोटर साइकिल बदलने तथा कुरुक्षेत्र में समय पर चालान प्रस्तुत न करने पर कोताही बरतने वाले पुलिस के दो सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) को निलंबित करने निर्देश दिए। करनाल में 100 गज के प्लाटों को नापने का काम समय पर नहीं करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जींद के बडौद निवासी जरनैल की शिकायत पर पशु बीमा के क्लेम में देरी के लिए विभागीय जांच की जाएगी। कैथल के टीक गांव निवासी पूजा की शिकायत है कि धान की अदायगी नहीं की गई। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पलवल के लालपुर कदीम के व्यक्ति की शिकायत के संबंध में कार्यालय का रिकार्ड खुर्द बुर्द करने के मामले में दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाधान, सीएम विंडो और उनके समक्ष आने वाली शिकायतों की वे स्वयं मानिटरिंग करेंगे। अधिकारी तीनों तरह की शिकायतों के सही समाधान सुनिश्चित करें। हर शुक्रवार को स्पेशल सीएम विंडो के मामलों की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, सुधीर राजपाल, डा. वी राजा शेखर, एके सिंह, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, विशेष कार्यकारी अधिकारी विवेक कालिया और राकेश संधू ने भी अपनी बात रखी। हाउसिंग बोर्ड के अलाटियों को 10 जून को होगा भुगतान हाउसिंग बोर्ड की समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जनता के बकाया पैसे का भुगतान 10 जून को बटन दबाकर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करें। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा जल्द एटीआर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारी समाधान शिविरों में शिकायतों की औचक जांच करेंगे, जिससे लोगों को संतुष्ट किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके समक्ष यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि किसी व्यक्ति की समस्या सुनी ही नहीं गई।

नवांशहर में ध्वनि प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, दो महीने तक नहीं बजेंगे DJ और लाउड स्पीकर

नवांशहर. जिलाधीश गुलप्रीत सिंह औलख ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, किसी भी बिल्डिंग, पब्लिक जगहों, खुली जगहों, पंडालों वगैरह में, किसी भी एनजीओ, प्राइवेट सोशल, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा संस्थानों, कमर्शियल संस्थानों, संगठनों आदि द्वारा, अलग-अलग प्रोग्रामों के मौके पर किसी भी व्यक्ति द्वारा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर और मैरिज पैलेस, क्लब, होटल और खुली जगहों वगैरह में, शादी समारोह, खुशी के मौकों पर किसी भी समय डीजे, आर्केस्ट्रा, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट आदि के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। दिन हो या रात संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना पंजाब इंस्ट्रूमेंट्स (कंट्रोल आफ नाइज़) एक्ट, 1956 में वर्णित शर्तों के तहत संचालित नहीं किया जाएगा और लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद, वे एक अंडरटेकिंग देंगे कि ध्वनि का स्तर 10 डीबी (ए) से अधिक नहीं होगा। इसके साथ ही, संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा के दिनों से 15 दिन पहले किसी भी लाउडस्पीकर आदि के लिए कोई अनुमति न दी जाए। जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर पर बैन आदेशों में यह भी कहा गया है कि शहीद भगत सिंह नगर जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर और किसी भी अन्य संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन की अनुमति प्राप्त करने के बावजूद, सांस्कृतिक और धार्मिक अवसरों को छोड़कर, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी इमारत और स्थान पर उपरोक्त ध्वनि और संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन, वादन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्राइवेट साउंड सिस्टम और साउंड पैदा करने वाले डिवाइस का साउंड लेवल 5 डीबी (ए) से ज़्यादा नहीं होगा। आर्डर में यह भी कहा गया है कि अगर उनके सब-डिवीजन में किसी की तरफ से शहीद भगत सिंह नगर के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट के पास नाइज़ पाल्यूशन से जुड़ी कोई शिकायत आती है, तो संबंधित सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट, संबंधित डिप्टी सुपरिटेंडेंट आफ़ पुलिस और एनवायरनमेंटल इंजीनियर, पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, होशियारपुर के साथ मिलकर मौके पर जाकर मिली। शिकायत के बारे में ज़रूरी जांच करेंगे और अगर शिकायत सही पाई जाती है, तो माननीय कोर्ट और बताए गए एक्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, शिकायत में बताए गए किसी भी तरह के साउंड, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट जिससे नाइज पाल्यूशन हो रहा है, उसे हटाकर अपने कब्ज़े में ले लेंगे और बताए गए एक्ट और इस आर्डर का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपने लेवल पर कानूनी कार्रवाई करके शिकायत का निपटारा करेंगे। जिलाधीश ने यह भी कहा है कि संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से परमिशन लेने के बाद, जिन जगहों पर ये लोग इस्तेमाल करेंगे, वहां लाउडस्पीकर, आडियो, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट वगैरह की आवाज़ प्रोग्राम की जगह, धार्मिक जगह और बिल्डिंग वगैरह की बाउंड्री के अंदर होनी चाहिए, जो भारत सरकार द्वारा ‘नाइज़ पाल्यूशन (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स, 2000’ के तहत जारी नोटिफिकेशन डेट 14.02.2000 में बताए गए साउंड स्टैंडर्ड (संबंधित जगह के साउंड स्टैंडर्ड) से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। यह आर्डर 21 मई से 20 जुलाई तक लागू रहेगा।

OBC भर्ती को लेकर हाईकोर्ट सख्त, आरक्षण सीमा से अधिक नियुक्तियों पर उठाए सवाल

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना कानूनी रूप से गलत है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार की मेरिट लिस्ट की समीक्षा कर 90 दिनों के भीतर दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार करने कहा है। दरअसल, उमेश कुमार श्रीवास व अन्य ने इस मामले में याचिका दायर की थी, याचिका में कहा गया कि लोक शिक्षण संचनालय ने बीते 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओं ने भी मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया था। लेकिन जब चयन समिति ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की तो ओबीसी केटेगरी के पदों पर 7 प्रतिशत की तय सीमा से कहीं ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को चुन लिया गया, जिससे सामान्य ओबीसी उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। इस प्रक्रिया से सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त नहीं होता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुरली मनोहर सोनी, भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

ट्विशा केस में सरकार सख्त, नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम; CM से मिले मृतका के पिता

भोपाल मध्यप्रदेश में भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी. परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था।  गिरबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने की तैयारी अब इसको लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है. कंज्यूमर फोरम  खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है. इसलिए खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें. यहां ‎गंभीर मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है. ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार  शुरू कर दिया है।  पति समर्थ अब भी फरार बता दें कि ‎ट्विशा केस में बेटे समर्थ के साथ आरोपी गिरबाला इस समय ‎अग्रिम जमानत पर है जबकि समर्थ  ट्विशा की मौत के बाद से फरार है.पुलिस ने समर्थ को पकड़ने के लिए 10 हजार का इनाम रखा था जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार कर दिया गया है।  ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ लेता नजर आ रहा है. हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को और पेचीदा बना दिया है तथा कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लेकर आते दिखाई देते हैं।  एक घंटे तक छत पर क्या हुआ? सीसीटीवी में दर्ज यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुका है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के अनुसार, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य अवस्था में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत गंभीर नजर आई. वह छत पर जिमनास्टिक बेल्ट से लटकी पाई गई थी. यही वजह है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।   नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम, आरोपी पति पर 30 हजार का ऐलान ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।  भोपाल की अदालत ने  रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने पुलिस को ट्विशा के शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया कि परिवार की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम और शव संरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसमें अदालत ने आंशिक राहत दी. इस बीच ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।  आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम घोषित भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है. पति पर ट्विशा की मौत के लिए परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है और लगातार तलाश जारी है।  सास गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने लिखा पत्र ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने के लिए राज्यपाल को ट्विशा के परिवार ने पत्र लिखा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है. अभी गिरीबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं. डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है. कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में हटाने का प्रावधान है।  मां ने फोन पर सुनी थी एक आवाज इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस एक घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक शिक्षित युवती की जान ले ली. वीडियो में साफ दिखता है कि छत पर जाते समय ट्विशा सामान्य थीं और उनके हाथ में हेडफोन था. छत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया. मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्विशा ने ससुराल में कथित प्रताड़ना की बात बताई. इसी दौरान फोन पर किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. मां का मानना है कि वह आवाज संभवतः समर्थ की हो सकती है।  ससुराल का टॉर्चर और ट्विशा की संदिग्ध मौत बता दें कि गिरबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बीते कई दिनों से चर्चा में है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ पर गंभीर आरोप लगे हैं।