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कानपुर में हजारों लोगों को क्रोमियम मुक्त शुद्ध गंगाजल मिलेगा

कानपूर कानपुर में गंगा किनारे बसे जाजमऊ के लोगों को शुद्ध गंगाजल मिलेगा। उन्हें टेनरी के कचरे की वजह से क्रोमियमयुक्त जहरीला पानी नहीं पीना पड़ेगा। जहां भूगर्भ जल में क्रोमियम मिल गया है, उन्हें भी राहत मिलेगी। एचबीटीयू के वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसी फफूंदी खोजी है, जो क्रोमियम को अपनी सतह पर सोख लेती है और पानी क्रोमियम मुक्त होकर शुद्ध हो जाता है। यह फफूंदी जाजमऊ की मिट्टी में ही खोजी गई है। एचबीटीयू के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज ने इसकी खोज की है। इसके बाद फफूंदी को पुणे की नेशनल केमिकल लैबोरेट्री में भेजा गया। पता चला कि इसके पहले एस्परजीलस प्रॉलीफरेंस नाम की इस फफूंदी का किसी को पता नहीं था। इस पर इसे एस्परजीलस प्रोलीफरेंस एलए नाम दिया गया। पुणे लैब में फफूंदी को एनसीआईएम1473 कोड नंबर दिया गया। इस फंगस को लैब में भी विकसित किया जा सकता है यह शोध जर्नल ऑफ केमिस्ट्री एंड एनवायरमेंट और अन्य जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध के अगुवा स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज के डीन प्रोफेसर ललित कुमार सिंह ने बताया कि इस फंगस को लैब में विकसित किया जा सकता है। पानी में डालकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। फफूंदी जो क्रोमियम को सोखती है, उसे रिकवर भी कर लिया जाता है।  इसे निकालकर पानी को शुद्ध करके क्रोमियम का अन्य जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। टेनरी के बगल के मैदान की मिट्टी से निकाली गई है फफूंदी क्रोमियम निकालने में फफूंदी का प्रयोग करने के बाद अब पानी के दूसरे घातक धातु तत्वों को निकालने में इसका इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्रोमियम एस्परजीलस प्रोलीफरेंस एलए के शोध में चार साल का समय लगा है। इस शोध को और विस्तारित करेंगे जिससे लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी मिल सके। यह फफूंदी एक टेनरी के बगल के मैदान की मिट्टी से निकाली गई। इसके बाद इस पर कार्य किया गया, तो जल शुद्धिकरण में उपयोगिता पता चली। एक पात्र में बगास डाली गई। उसमें एस्परजीलस प्रोलीफरेंस एलए को डालकर विकसित किया गया। जब फफूंदी विकसित हुई तो इसमें क्रोमियम युक्त पानी डाला गया। क्रोमियम के कण फफूंदी की सतह पर जम गए। जो पानी बाहर निकला, वह शुद्ध रहा। इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत तौर पर या किसी स्थान पर सामूहिक तौर पर जल शुद्धिकरण के लिए किया जा सकता है।  -प्रोफेसर ललित कुमार सिंह, डीन, एचबीटीयू ये बीमारियां हो सकतीं क्रोमियम के कारण त्वचा में जलन, नाक के अल्सर, फेफड़े और सांस की बीमारियां, कैंसर, त्वचा पर क्रोम अल्सर, पाचन तंत्र की समस्या, लिवर, किडनी और तंत्रिकाओं को नुकसान, अस्थमा आदि बीमारियां हो सकती हैं। हजारों लोग क्रोमियम युक्त पानी पीने को मजबूर शहर में करीब 75 हजार से अधिक आबादी क्रोमियम युक्त पानी पीने के लिए मजबूर है। जाजमऊ, वाजिदपुर, नौरैयाखेड़ा, मोतीपुर, मदारपुर, प्योंदी, किसनपुर समेत आसपास के 20 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा शहर के बीच में जूही बंबुरहिया, तेजाब मिल काॅलोनी आदि इलाकों के भूगर्भ जल में क्रोमियम मिला हुआ है। क्रोमियम की वजह से लोगों की सेहत खराब हो रही है। उन्हें विभिन्न प्रकार के रोग हो रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जाजमऊ और दूसरे इलाकों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई और उनके सैंपल लिए गए। साथ ही इन क्षेत्रों के पानी के सैंपल की भी जांच कराई थी। रिपोर्ट में क्रोमियम युक्त पानी की पुष्टि हुई है।

स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम के जरिए किसानों/गोपालकों से किया जा रहा संवाद

लखनऊ योगी सरकार स्वदेशी उन्नत गोवंश से समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रही है। दुग्ध विकास विभाग ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ का आयोजन कर निवेशकों, लाभार्थियों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों व उद्यमियों आदि से संवाद स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में 14 मई को आगरा के आरबीएस कॉलेज के राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में आगरा व अलीगढ़ मंडल के पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों व उद्यमियों से संवाद होगा। यह कॉन्क्लेव यूपी में डेयरी क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने का अभियान है। समागम का शुभारंभ पशुधन, दुग्ध विकास व राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह करेंगे।  समागम का उद्देश्य दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देना है। 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य – खुशहाल उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित इस आयोजन में आगरा- अलीगढ़ मंडल के किसान, पशुपालक, निवेशक आदि एक मंच पर जुटेंगे। समागम में स्वदेशी गायों की उन्नत प्रजातियों, गोपालन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश के अवसरों, किसानों-गोपालकों के सुरक्षित भविष्य और इस क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलने वाले बल पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।  निवेशक, लाभार्थी, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक व उद्यमी भी होंगे शामिल  आगरा में प्रस्तावित समागम में किसान, गोपालक, दुग्ध उत्पादक, उद्यमी व निवेशक आदि मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना की लाभार्थी पशुपालकों को अपनी सफलता की कहानी से अवगत कराएंगी। निवेशक व उद्यमी यहां डेयरी प्लांट, गोशाला, बायोगैस आदि के क्षेत्र में अपनी संभावनाएं तलाशेंगे। वहीं दुग्ध उत्पादक भी सरकार की योजनाओं से जीवन में आए बदलाव के जरिए अन्य पशुपालकों को प्रेरित करेंगे।  आगरा-अलीगढ़ मंडल से प्राप्त हुए पांच हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दुग्ध विकास विभाग को अब तक लगभग 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें से आगरा व अलीगढ़ मंडल से ही पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत दोनों मंडलों के 762 लाभार्थियों को 500 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।  पूरे प्रदेश में होगा स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम दुग्ध आयुक्त के मुताबिक प्रदेश के सभी मंडलों में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' का आयोजन होगा। 14 मई को आगरा व अलीगढ़ मंडल में यह आयोजन होगा। इसके बाद जून में मुरादाबाद-बरेली मंडल, जुलाई में लखनऊ मंडल, अगस्त में अयोध्या-देवीपाटन मंडल, सितंबर में कानपुर-झांसी मंडल, अक्टूबर में गोरखपुर-बस्ती मंडल, नवंबर में प्रयागराज-चित्रकूट तथा दिसंबर में वाराणसी, आजमगढ़ व विंध्याचल मंडल में यह समागम प्रस्तावित है।

केंद्र सरकार का बड़ा किसान हितैषी निर्णय, MSP वृद्धि पर बोले CM विष्णुदेव साय

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।

साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कार्यालय पहुंचे कर्मचारी, ईंधन बचत पर जोर

 भिवानी  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन कर्मचारी बिना किसी व्हीकल के आएंगे। इसकी शुरूआत वीरवार से होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी/कर्मचारी वीरवार को किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे। जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार/बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचे। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी पेट्रोल/डीजल वाहनों के स्थान पर साईकिल/ईलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें। बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल/डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। सभी अधिकारी/कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग ना करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करें।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन पर शोक जताया। मुख्यमंत्री ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी जताई।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, 'पद्म विभूषण', स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है।  प्रतीक यादव को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी जताईं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

180 करोड़ की परियोजना पर सिर्फ 30% काम पूरा, आम जनता को राहत नहीं

 रांची राजधानी रांची में कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इन दिनों धीमी गति से चल रहा है। भू-अर्जन की समस्या और तकनीकी चुनौतियों के कारण परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई है। करीब 1.25 किलोमीटर लंबे इस कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के अनुसार फ्लाईओवर का निर्माण कैंटी लीवर तकनीक से किया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक विशेष पिलरों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में सर्विस रोड के बाहर पाइलिंग का कार्य किया जा रहा है। कुल 72 पाइलिंग में अब तक 10 का काम पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी को कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण पिलर खड़ा करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भू-अर्जन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दिसबंर 2026 में पूरा होना था, लेकिन अबतक लगभग 30 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। वहीं अबतक पीलर व गर्डर का काम चल रहा है। शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा फ्लाईओवर का पूरा लाभ कांटाटोली फ्लाईओवर और निर्माणाधीन सिरमटोली फ्लाईओवर के बीच कनेक्टिंग काॅरिडोर नहीं बनने से लोगों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। वर्तमान में कांटाटोली से सिरमटोली फ्लाईओवर तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। कई जगहों पर जाम की समस्या भी लगातार बनी हुई है। निर्माण कार्य के कारण पिछले लगभग एक वर्ष से कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे की सड़क वन-वे व्यवस्था में तब्दील हो गई है। इससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने के बावजूद ट्रैफिक समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। कोकर से मेकान तक बनेगा एलिवेटेड काॅरिडोर यह कनेक्टिंग फ्लाईओवर तैयार होने के बाद कोकर रोड के शांतिनगर से लेकर मेकान चौक तक लगभग छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड काॅरिडोर बन जाएगा। तब वाहन चालकों को नीचे उतरकर दोबारा फ्लाईओवर पर चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्द समस्या समाधान का दावा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने कहा कि भू-अर्जन की समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य अगले वर्ष तक परियोजना को पूरा कर आम जनता को सौंपने का है।  

पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज और बच्चों की पढ़ाई जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा

 लखनऊ प्रदेश के निर्माण श्रमिक अपने आधार कार्ड और 90 दिन काम के आधार पर आसानी से अपना पंजीयन करा सकेंगे। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीयन प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए श्रमिकों के पंजीयन पर जोर दे रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें। पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, कौशल विकास और कन्या विवाह जैसी कई योजनाओं का लाभ मिलेगा। श्रम योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे मांगने की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001805412 जारी किया गया है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 71 लाख 36 हजार 963 निर्माण श्रमिकों और चार लाख 66 हजार 415 निर्माण स्थलों का पंजीयन किया जा चुका है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में श्रमिक अब भी पंजीकरण से बाहर हैं, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसे देखते हुए विभाग ने लेबर मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम के जरिए पंजीयन प्रक्रिया को और आसान बनाया है। साथ ही निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप लगाकर भी पंजीयन कराया जा रहा है। बोर्ड के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीयन के पात्र होंगे। आधार कार्ड के माध्यम से होगा पंजीयन श्रमिक अपने आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से पंजीयन करा सकेंगे। पंजीकृत श्रमिकों के लिए कन्या विवाह योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, मातृत्व शिशु बालिका मदद योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेतना योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के 18 मंडलों में संचालित अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के करीब 11 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।

प्रयागराज कचहरी हत्याकांड: पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार को उम्रकैद

प्रयागराज प्रयागराज कचहरी परिसर में 46 साल पहले दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों को मंगलवार को दोषी करार दिया था। सजा का एलान बुधवार को किया गया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार तृतीय की अदालत ने विशेष लोक अभियोजक वीके सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य और सहायक अधिवक्ता संजीव कुमार यादव को सुनकर दिया। कोर्ट ने सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उम्रकैद की सजा मिलने के बाद  पूर्व विधायक विजय मिश्र को कड़ी सुरक्षा के बीच फिर आगरा जेल ले जाया गया। बाकी तीनों दोषियों को नैनी जेल में भेजा गया है। कोर्ट का फैसला आने के पहले कचहरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। काफी सुरक्षा के बीच विजय मिश्र को कोर्ट में पेश किया गया। क्या है मामला अभियोजन के अनुसार नवाबगंज के हथिगहां गांव निवासी वादी श्याम नारायण पांडेय ने कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके भाई प्रकाश नारायण पांडेय 11 फरवरी 1980 की दोपहर दीवानी परिसर में एक मामले में जमानत कराने आए थे। परिसर स्थिति वह एक चाय नाश्ते की दुकान पर बैठे थे। तभी पीछे के रास्ते से हंडिया निवासी संतराम, बलराम, जीत नारायण और विजय मिश्रा असलहा लेकर पहुंचे और धमकी देते हुए सीने में गोली मार दी। दिनदहाड़े गोलीबारी से कचहरी परिसर में अफरातफरी मच गई थी। कई घायल भी हुए थे। घायल अवस्था में प्रकाश नारायण पांडेय को पुलिस स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।  

वीवीआईपी अतिथियों के लिए हैलीपेड और रेस्ट एरिया तैयार, लाखों की भीड़ की उम्मीद

 लखनऊ  लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। अब इसके लोकार्पण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी तेज कर दी है। लोकापर्ण को लेकर अभी दो स्थान देखे गए हैं। पहला स्थान एक्सप्रेसवे के किमी. साठ पर पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के रेस्ट एंड सर्विस एरिया की खाली पड़ी जमीन है। वहीं दूसरा स्थान जाजमऊ पुल से पहले है। एनएचएआई रेस्ट एंड सर्विस एरिया की कई बीघे पड़ी जमीन पर प्रधानमंत्री का भव्य कार्यक्रम कराना चाहती है। यह रोड कनेक्टिविटी के मामले में सबसे बेहतर स्थान माना जा रहा है। यहां लाखों की भीड़ आसानी से इस मैदान में आ जाएगी। कार्यक्रम के कारण रोड डायवर्जन जैसा कोई काम नहीं होगा। वहीं हैलीपैड के लिए भी स्थान चिह्नित कर लिया गया है। लोकार्पण को लेकर 24 मई की संभावित तिथि मानी जा रही है। हालांकि इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। पीएमओ कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर एनएचएआइ काम भी शुरू करवा देगा। लखनऊ से कानपुर के बीच एनएचएआइ ने 63 किमी. का एक्सप्रेसवे बनवाया है। यह 18 किमी. एलीवेटेड है और 45 किमी. ग्रीन फील्ड है। लखनऊ से चलते ही ग्रीन फील्ड के किमी. संख्या साठ के पास एनएचएआइ ने रेस्ट एंव सर्विस एरिया के लिए कई एकड़ जमीन की बैरिकेडिंग करवा रखी है। यहां नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएमसीएल) द्वारा रेस्तरां, पेट्रोल पंप, ई चार्जिंग स्टेशन, ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं यात्रियों को आने वाले चंद सालों में उपलब्ध कराएगा। यहां जमीन कई एकड़ खाली पड़ी है। इसके बगल में भी कुछ जमीन निजी व कुछ सरकारी है। ऐसे में प्राधिकरण को यह स्थान कार्यक्रम स्थल के लिए ठीक बेहतर लग रहा है। क्योंकि यहां से एक्सप्रेसवे भी चंद मीटर की दूरी पर है। एक नजर में एक्सप्रेसवे लागत : 4700 करोड़ किमी. : 63 किमी. टाेल की संख्या : चार टोल कनेक्टिविटी : लखनऊ, कानपुर, लालगंज, उन्नाव, रायबरेली, आउटर रिंग रोड, आगरा एक्सप्रेस वे कुल गांव की जमीनें गई : 43 गांव जमीन ली गई निर्माण के लिए : 480.9799 हेक्टेअर मुआवजा दिया गया : 590.87 करोड़ लेन : छह लेन, भविष्य में आठ लेन कैमरे : एएनपीआर व पीटीएच कैमरे से लैस टोल कार का : 275 रुपये, वापसी जर्नी चौबीस घंटे में 415 रुपये में वीवीआईपी अतिथियों की लिस्ट रहेगी लंबी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ ही राज्य के कई मंत्री, और सांसद व विधायक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर तीन हेलीकाप्टर के लिए हैलीपेड बनाए जाएंगे। लोकार्पण के लिए 22 से 24 मई के बीच की तिथि संभावित है। लोकार्पण के लिए कार्यक्रम स्थल का चयन जाजमऊ के पास और एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया को लेकर किया जाना है। फिलहाल संबंधित वेंडरों को बोल दिया गया है। तिथि चंद दिन पहले ही आएगी, जिससे वेंडरों को तैयारियां करने में परेशानी न हो।- दिवाकर त्रिपाठी, प्रतिनिधि, रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह  

एसएमएस अस्पताल में सुरक्षा अलर्ट, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी अभियान शुरू किया

 जयपुर जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद मरीजों, स्टाफ और वहां आने-जाने वालों में दहशत फैल गई। तेज़ी से कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और सिविल डिफेंस के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। '40 करोड़ रुपये नहीं दिए तो अस्पताल को बम से उड़ा देंगे' अधिकारियों ने बताया कि एसएमएस अस्पताल को 40 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाला बम की धमकी भरा संदेश मिलने के बाद वहां दहशत फैल गई। खबरों के मुताबिक, अभय कमांड सेंटर को एक धमकी भरा मैसेज मिला था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस अलर्ट के बाद पुलिस और कई जांच एजेंसियों ने तुरंत अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया। पुलिस, फायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वॉड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और इस समय पूरे अस्पताल परिसर में सघन तलाशी अभियान चल रहा है। जांच में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु सुरक्षाकर्मी सभी संदिग्ध वस्तुओं और जगहों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा बनाए रखते हुए धमकी भरे मैसेज के स्रोत की जांच कर रहे हैं। पूरी जांच के बाद, अधिकारियों को कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पूरे राज्य में बार-बार मिलने वाली झूठी धमकियों से पैदा हो रही बढ़ती चुनौती को उजागर कर दिया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने कहा, "पुलिस कंट्रोल रूम को अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद, पुलिस और अन्य टीमों ने अस्पताल परिसर की तलाशी ली। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।"