samacharsecretary.com

पांच दिवसीय आयोजन में 50 से अधिक बी2बी बैठकें, पहली बार यूपीआईटीएस में शामिल हुई नोएडा की कंपनी

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 प्रदेश में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्थानीय उद्यमों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी अवसर सृजित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। यूपीआईटीएस-2026 में पहली बार शामिल हुई नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज ने पांच दिवसीय आयोजन के दौरान 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ 201 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एमओयू किए। कंपनी ने इस दौरान 50 से अधिक बी2बी बैठकें कर अपने उत्पादों और विनिर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया। हॉल नंबर-14, स्टॉल 01/61 पर सिंगारी इंडस्ट्रीज ने अपने यहां निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों का प्रदर्शन किया। कंपनी का विनिर्माण संयंत्र नोएडा के सेक्टर-80 में स्थापित है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी के लिए यह आयोजन घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और नए कारोबारी साझेदारों से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बना। 15 देशों के प्रतिनिधियों से कारोबारी संवाद सिंगारी इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेड शो के दौरान विभिन्न देशों से आए संभावित खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इनमें नाइजीरिया, इथियोपिया, बोत्सवाना, श्रीलंका, दुबई, केन्या, तंजानिया, ओमान, ब्रिटेन, भूटान, कैमरून और युगांडा सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन बैठकों में एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों की गुणवत्ता, डिजाइन, कीमत, उत्पादन क्षमता, आपूर्ति व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर बातचीत हुई। पांच दिनों में हुई 50 से अधिक बी2बी बैठकों के परिणामस्वरूप कंपनी को विभिन्न देशों में अपने उत्पादों के लिए कारोबारी संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला। ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की वैश्विक बाजार में दस्तक प्रबंध निदेशक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि सिंगारी इंडस्ट्रीज के उत्पादों का यूपीआईटीएस में प्रदर्शन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा कि नोएडा में निर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधे प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने अपने ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और प्रतिस्पर्धी मूल्य को प्रदर्शित किया। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, विदेशी खरीदारों ने उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई और कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबारी बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद ने कंपनी को विभिन्न देशों की बाजार आवश्यकताओं को समझने और उसी अनुरूप अपने उत्पादों तथा आपूर्ति रणनीति को विकसित करने का अवसर भी दिया। ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने का अवसर सिंगारी इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया यूपीआईटीएस जैसा मंच प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी को पांच दिनों में 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू का अवसर मिला। प्रतिनिधियों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने तथा प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक व्यापार से जोड़ने में सहायक हैं। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मिला नया आयाम नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज की यूपीआईटीएस में भागीदारी प्रदेश के औद्योगिक विकास और निर्यात क्षमता के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और उपभोक्ता उत्पादों के लिए प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को नए बाजारों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस दौरान कंपनी के निदेशक गजेंद्र सिंह तथा निदेशक-वित्त नीरज गर्ग भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने की परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है। ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य मुख्यमंत्री  साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार मुख्यमंत्री  साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं। बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है। दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए। कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है। बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा। वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी मुख्यमंत्री  साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क … Read more

ग्रेड-पे की मांग पर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का बड़ा फैसला

रायपुर. छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग ने ग्रेड पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को लागू कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली से पहले शासन ने ग्रेड पे संबंधी प्रस्ताव को लागू नहीं किया तो 18 नवंबर से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार, संगठन लंबे समय से अपनी एक सूत्रीय मांग ग्रेड पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को लागू करने की मांग को लेकर संघर्षरत है। इसी क्रम में 28 सितंबर को कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालयों के नर्सिंग संवर्ग ने अस्पताल परिसर में दो घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। 29 सितंबर को भी दो घंटे प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में 9, 10 और 11 सितंबर को भी नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया था। संगठन का कहना है कि लगातार विरोध और मांग उठाए जाने के बावजूद शासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इन मेडिकल कॉलेजों में भी होगा प्रदर्शन एसोसिएशन ने बताया कि आने वाले सप्ताह में जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग संवर्ग द्वारा भी सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का दावा है कि प्रदेशभर का नर्सिंग संवर्ग ग्रेड पे के मुद्दे पर शासन से नाराज है। एसोसिएशन ने कहा है कि 18 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन में सभी 10 मेडिकल कॉलेजों के नियमित, संविदा और डेली वेजेस पर कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी शामिल होंगे। 50 दिन पहले आंदोलन की सूचना देने की तैयारी संगठन के मुताबिक, अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूर्व सूचना देने के लिए स्कूटी रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की अनुमति मांगी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि आंदोलन की सूचना करीब 50 दिन पहले देने की प्रक्रिया की जा रही है। 2018 में हुआ था 18 दिनों का आंदोलन नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अपने पुराने आंदोलन का भी हवाला दिया। संगठन के अनुसार, 2018 में नर्सेज संघ ने 18 दिनों तक प्रदेशव्यापी आंदोलन किया था, जिसमें दो दिनों तक नर्सिंग कर्मचारियों को जेल में भी रखा गया था। एसोसिएशन का दावा है कि उस समय उनकी मांगों पर शासन की ओर से अनुशंसा की गई थी, लेकिन बाद में जून 2021 में उसे अमान्य कर दिया गया। संगठन ने पीजी स्टूडेंट्स के स्टाइपेंड में वर्ष 2019, 2023 और 2026 में लगातार तीसरी बार वृद्धि के आदेश जारी होने का भी उल्लेख किया है। नर्सिंग संवर्ग न्याय चाहता है : प्रदेश अध्यक्ष नर्सिंग आफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत ने कहा कि चिकित्सकों को अस्पताल का मस्तिष्क और नर्सिंग स्टाफ को रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। ऐसे में नर्सिंग संवर्ग के साथ भेदभाव की नीति न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा नर्सिंग समुदाय अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है और मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए तैयार है।

₹656 करोड़ के गबन की जांच तेज, चंडीगढ़ में ED के 14 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है। जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई। सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

ओडिशा से रीवा लाया गया नशा तस्कर पुलिस को चकमा देकर भागा

रीवा. ओडिशा पुलिस की कस्टडी से रीवा लाया जा रहा कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा मंगलवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छूहिया घाटी में तीन गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया और आरोपित को छुड़ाकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना से सीधी और रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा पुलिस की हिरासत में बंद आदित्य मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर रीवा लाया जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस का वाहन जैसे ही छूहिया घाटी के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने तीन गाड़ियों से उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया, जिससे वे कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसी दौरान बदमाश आदित्य मिश्रा को लेकर फरार हो गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। घाटी और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान घटना की सूचना मिलते ही सीधी और रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीधी एसपी और रामपुर नैकिन थाना पुलिस के साथ रीवा के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। छूहिया घाटी और आसपास के जंगलों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपित को भगाने में इस्तेमाल की गई तीनों गाड़ियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपित और उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है। कई राज्यों में दर्ज हैं गांजा तस्करी के मामले आदित्य मिश्रा रीवा-सीधी क्षेत्र का कुख्यात गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। ओडिशा पुलिस की कस्टडी से उसे छुड़ाने के लिए कथित तौर पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम/उप निर्वाचन दिसंबर 2026 के लिए निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग नवा रायपुर द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन दिसंबर 2026 के संबंध में निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु  आज  पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने बताया कि नगरपालिका आम निर्वाचन हेतु कुल 417 पद, जिनमें 04 नगरपालिक निगम क्रमशः भिलाई, भिलाई-चरौदा, रिसाली एवं बीरगांव के महापौर, 13 अध्यक्ष, 400 पार्षद तथा उप निर्वाचन हेतु 01 अध्यक्ष एवं 06 पार्षद पदों के लिए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए कुल 814 पदों जिनमें जनपद पंचायत सदस्य के 01, सरपंच के 92 तथा पंच के 721 के लिए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है।  राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि निर्वाचक नामावली आगामी 01 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार तैयार की जा रही है। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया जाकर दावा आपत्ति प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति के निराकरण पश्चात् 30 नवंबर 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा। निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के लिए सभी 33 जिलों के लिए कुल 33 निर्वाचक नामावली प्रेक्षक नियुक्त किए जाएंगे

यूपीआईटीएस-2026 का समापन, यूपीएसडीएम को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ का पुरस्कार

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो-2026 (यूपीआईटीएस) का मंगलवार को सफल समापन हो गया। पांच दिनों तक चले इस शो में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) का पवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा और अंतिम दिन उसे बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। यूपीएसडीएम को हॉल नंबर-7 में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया। मिशन के स्टॉल की भव्यता, संवादात्मक प्रस्तुति और 16 कौशलों के जीवंत प्रदर्शन ने निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मिशन की ओर से सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस उपलब्धि पर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के युवाओं के हुनर और टीम की मेहनत का परिणाम है। व्यापार शो के अंतिम दिन भी यूपीएसडीएम पवेलियन में रौनक बरकरार रही। अंतिम दिन डॉ. मालविका हरिओम ने अपनी टीम के साथ लोक गायन की शानदार प्रस्तुति दी। जैसे ही उनकी प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, पूरा पवेलियन सुरों से गूंज उठा और यह दौर देर शाम तक चलता रहा। खासतौर पर युवाओं ने लोकगीतों को खूब सराहा और उनके साथ गुनगुनाते नजर आए। इसके अलावा ‘हुनर मंच’ पर भी दिनभर शानदार प्रस्तुतियों का दौर जारी रहा। व्यापार शो में आए आगंतुकों ने हुनर मंच की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। साथ ही यूपीएसडीएम के स्टॉल पर पहुंचकर विभिन्न कौशलों को नजदीक से जाना और समझा। पांच दिनों तक चले इस व्यापार शो में यूपीएसडीएम ने प्रदेश के युवाओं के कौशल, रचनात्मकता और हुनर को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। मिशन के पवेलियन में लाइव कौशल प्रदर्शन, संवादात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। यूपीआईटीएस-2026 के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और कौशल को वैश्विक मंच मिला।

अब घर बैठे 1-क्लिक में कराएं जमीन का सीमांकन, तहसील दफ्तरों के चक्करों से मिली आजादी!

​रायपुर  ​राज्य में नागरिक सुविधाओं को सुगम, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रदेश के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने जमीन के सीमांकन संबंधी प्रकरणों के त्वरित और सहज निपटारे के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर लागू कर दिया है। इस आधुनिक व्यवस्था के शुरू होने से अब आम नागरिकों को अपनी ही जमीन की नाप-जोख या सीमांकन कराने के लिए तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने की मजबूरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। राज्य का कोई भी नागरिक अब अपने घर अथवा नजदीकी केंद्र से ही सीमांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेगा।    ​पुरानी व्यवस्था के तहत जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदकों को खुद तहसील दफ्तर जाकर आवेदन जमा करना पड़ता था। इतना ही नहीं, आवेदन के बाद फाइल किस स्तर पर अटकी है, कार्रवाई पूरी होने में देरी क्यों हो रही है या किन कारणों से मामला लंबित है—इसकी सही जानकारी समय पर न मिल पाने के कारण लोगों को हफ्तों और महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नवीन व्यवस्था ने इस पूरी जटिल प्रक्रिया को बेहद सुलभ बना दिया है। अब नागरिक अपनी सुविधा अनुसार लोक सेवा केंद्र (CSC), सेवा सेतु या फिर राजस्व विभाग के सिटीजन पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।    ​जैसे ही कोई आवेदक ऑनलाइन फॉर्म जमा करेगा, वह सीधे संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार की लॉगिन आईडी में प्राप्त हो जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही सीमांकन की पूरी जांच और मौका मुआयना करने के बाद राजस्व निरीक्षक (RI) भी अपनी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही प्रस्तुत करेंगे। इस नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आवेदक अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति, प्रकरण की प्रगति, फाइल लंबित रहने के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की हर छोटी-बड़ी अपडेट घर बैठे देख सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और मामलों का समय-सीमा में निपटारा हो सकेगा।            ​ इस नई व्यवस्था की एक और बड़ी राहत देने वाली बात यह है कि यदि सीमांकन प्रक्रिया के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं की जाती है, तो आवेदक को तहसील कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। केवल किसी प्रकार की आपत्ति या जमीन से जुड़ा विवाद सामने आने पर ही संबंधित पक्षों को आमने-सामने की कार्रवाई के लिए बुलाया जाएगा।

यूपीआईटीएस में काशी के स्वाद का जलवा, 100 किलो से ज्यादा बिकी लौंगलता और तिरंगा बर्फी

ग्रेटर नोएडा/वाराणसी उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में इस बार यूपी के पारंपरिक स्वाद भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। देशी-विदेशी खरीदारों, निर्यातकों और आगंतुकों ने बनारस के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा तो उनकी खूब सराहना की। काशी की मशहूर लौंगलता और तिरंगा बर्फी की ऐसी मांग रही कि 100 किलो से अधिक लौंगलता की बिक्री हो गई। वहीं, बनारसी पान के लाइव काउंटर पर भी देशी-विदेशी कारोबारियों और पान के शौकीनों की भीड़ नजर आई। जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती और चंदौली के काला चावल ने भी लोगों का स्वाद जीता। एक जनपद-एक व्यंजन के कारोबारियों ने ट्रेड शो में योगी सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को भी सराहा। काशी की लौंगलता-तिरंगा बर्फी का चला जादू, 100 किलो से ज्यादा मिठाई की बिक्री उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में वाराणसी की प्रसिद्ध लौंगलता, तिरंगा बर्फी और बनारसी पान से जुड़े कुल चार उद्यमी ट्रेड शो में पहुंचे हैं। लौंगलता के कारोबारी चंद्रबली यादव ने बताया कि लोगों ने लौंगलता के स्वाद को खूब पसंद किया और करीब एक क्विंटल लौंगलता की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से लोगों का रुझान देखने को मिल रहा है, उससे आने वाले समय में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। वहीं, तिरंगा बर्फी के कारोबारी राजीव सिंह ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ट्रेड शो में इतनी अधिक बिक्री होगी।  जौनपुर की इमरती भी बनी लोगों की पसंद, एक क्विंटल बिकी जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती ने भी यूपीआईटीएस में अपनी अलग पहचान बनाई है। इमरती व्यवसायी आशीष गुप्ता ने बताया कि अब तक लगभग 100 किलो इमरती की बिक्री हो चुकी है। मांग इतनी अधिक रही कि इमरती कम पड़ गई। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में सभी व्यवस्थाएं काफी अच्छी हैं और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने कारोबारियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए अच्छा मंच दिया है। ट्रेड शो में नए ग्राहकों और कारोबारियों से मुलाकात हुई है, जिससे आने वाले समय में व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। चंदौली के काला चावल-खीर का चढ़ा खुमार, 75 किलो काला चावल की बिक्री चंदौली का काला चावल और इससे तैयार की गई पौष्टिक खीर का जायका भी ट्रेड शो में लोगों को खूब भा रहा है। कारोबारी रामाश्रय कुमार पाल ने बताया कि काला चावल की खेती गो-आधारित प्राकृतिक तरीके से की जाती है, जो इसे पौष्टिक और सेहतमंद बनाती है। उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस में अब तक करीब 75 किलो काला चावल की बिक्री हो चुकी है। लोगों का इस खास उत्पाद के प्रति अच्छा रुझान देखने को मिला है और आगे भी ऑर्डर मिलने की संभावना है। रामाश्रय कुमार पाल ने बताया कि सरकार किसानों की हर स्तर पर मदद और सहयोग कर रही है।  लाइव काउंटर पर बनारसी पान का दिखा अलग अंदाज ट्रेड शो में बनारसी पान का लाइव काउंटर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देशी-विदेशी कारोबारी और आगंतुक यहां बनारसी पान का स्वाद लेते नजर आ रहे हैं। काशी के खानपान की पारंपरिक पहचान को एक ही मंच पर अलग-अलग उत्पादों के जरिए पेश किया जा रहा है, जिससे कारोबारियों को नए बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन को मिला मंच उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन के तहत विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया गया है। एक जनपद-एक व्यंजन के तहत उद्यमियों को निशुल्क काउंटर उपलब्ध कराया गया है।

बीज उत्पादन में तकनीकी नवाचार, स्थानीय फसलों और पैक्स-एफपीओ के माध्यम से वितरण पर जोर

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश बीज संघ की आम सभा की बैठक में संस्था की वर्तमान गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बीज संघ को अमूल, इफको और कृभको की तर्ज पर एक सशक्त एवं अग्रणी सहकारी संस्था के रूप में विकसित करने के प्रयासों को और गति दी जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि आगामी 2 से 5 वर्षों में मध्यप्रदेश बीज संघ को देश के प्रमुख बीज संस्थानों में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ उत्पादन, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जाना आवश्यक है। मंत्री  सारंग ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, बेहतर, फसल , उन्नत खेती , किसान की समृद्धि की पूरी श्रृंखला को सहकारिता के माध्यम से मजबूत किया जाएगा। किसानों को उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ बीज उत्पादन में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। तकनीकी नवाचार और नई फसलों पर फोकस मंत्री  सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश बीज संघ द्वारा हॉर्टीकल्चर और धान के साथ-साथ तिल, अलसी, कपास, मूंगफली और मक्का जैसी महत्वपूर्ण फसलों के बीजों पर भी कार्य किया जा रहा है। छोटे आकार के बीजों में उन्नत कोटिंग एवं लोडिंग तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में वैज्ञानिकों के साथ आवश्यक बैठकें एवं चर्चा की जा चुकी हैं। पैक्स और एफपीओ के माध्यम से किसानों तक पहुंचेंगे बीज मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि बीजों की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से और मजबूत किया जाए। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों की स्थानीय एवं पारंपरिक फसलों को भी बीज उत्पादन और विपणन की कार्ययोजना में प्राथमिकता दी जाए। आम सभा में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक  महेंद्र दीक्षित सहित प्रदेश की विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।