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पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी से भूतनाथ तक मेट्रो सेवा शुरू; सीएम ने किया लोकार्पण

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटनावासियों को बड़ी सौगात दे दी है। मुख्यमंत्री ने पटना में मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना मेट्रो रेल का मलाही पकड़ी स्टेशन से भूतनाथ रोड स्टेशन तक विस्तारीकरण का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री खुद मेट्रो पर सवार होकर भूतनाथ तक गए। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद थे। उक्त दोनों स्टेशन के बीच की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। कई महीनों से इस मेट्रो स्टेशन के चालू होने की प्रतीक्षा यहां के लोग कर रहे थे। उद्घाटन के बाद अब आम यात्री इस स्टेशन से मेट्रो ट्रेन पकड़कर अपना सफर कर सकते हैं। सीएम सम्राट चौधरी के उद्घाटन करने के बाद मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। पटना मेट्रो ने जारी किया है हेल्पलाइन नंबर इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। इस मेट्रो स्टेशन के चालू होने के बाद अब पटना के कंकड़बाग और राजेंद्रनगर इलाके में रहने वाले लोगों को बड़ी सुविधा होगी। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। इसके तहत 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। उद्घाटन के कारण आज शाम चार बजे तक मेट्रो सेवा स्थगित रहेगी बता दें कि मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें।मेट्रो स्टेशन पर सीएम के उद्घाटन के लिए पहुंचने को लेकर सुरक्षा की भी जबरदस्त तैयारियां की गई थीं। उद्घाटन से पहले मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन को सजाया गया था। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने शुरू किया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, रिज वन पुनरुद्धार को मिलेगा बल

नई दिल्ली  सीएम रेखा गुप्ता ने बुधवार को ग्रीन ड्राइव पोर्टल (greendrive.delhivanmahotsav.in) का शुभारंभ किया। यह पोर्टल आगामी 'रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम' ' एक पेड़ मां के नाम ' अभियान को जन आंदोलन के रूप में शुरू करने की पहल है। सीएम ने सभी लोगों से अपील की कि वह इस महाअभियान में हिस्सा लें। इस कार्यक्रम में दिल्ली ग्रीन वॉरियर्स भी शामिल हुए। सीएम ने कहा कि राजधानी को हरा भरा और साफ बनाने का यह अभियान सरकार के साथ-साथ जनभागीदारी से ही सफल होगा। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सिर्फ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त माध्यम है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए सीधे इस अभियान से जुड़ सकता है। सीएम ने कहा कि यह दिल्ली के हर नागरिक का अभियान है। लोग एक पेड़ मां के नाम जरूर लगाएं। इससे वे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरित पर्यावरण का उपहार दे सकते हैं। पोर्टल पर मिलने वाली सुविधाएं     पौधारोपण स्लॉट बुकिंग- लोग अपनी सुविधा के मुताबिक इस पोर्टल पर स्थान और समय का चयन कर पौधारोपण का ऑनलाइन स्लॉट बुक करवा सकते हैं।     वृक्ष रथ सुविधा- यदि किसी व्यक्ति, स्कूल, कार्यालय, आरडब्ल्यूए या आवासीय सोसायटी के पास पौधारोपण के लिए पर्याप्त स्थान है, तो दिल्ली सरकार निशुल्क पौधे सीधे उनके परिसर तक पहुंचाएगी।     नर्सरी लोकेटर- इस फीचर की मदद से नागरिक अपने पास की सरकारी नर्सरी की लोकेशन जानकर वहां से सीधे निशुल्क पौधे ले सकता है।     एनवायरमेंट सेवियर- इसके जरिए लोग दिल्ली सरकार के पर्यावरण अभियानों से सीधे जुड़कर एक जिम्मेदार 'ग्रीन वॉरियर' के रूप में अपना स्थायी योगदान दे सकेंगे। क्या है विशेष     जुलाई में गृह मंत्री अमित शाह रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।     70 लाख पौधे पूरी दिल्ली में लगाए जाएंगे।     300 नई इलेक्ट्रिक बसों और नए अंतरराज्यीय मार्गों की बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।     रिज में देसी और दीर्घायु प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया सम्मानपूर्वक अभिनंदन

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया अभिनंदन 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में होंगे शामिल भोपाल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने गुरुवार को निवास कार्यालय, भोपाल में आत्मीय अभिनंदन किया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा और उप मुख्यमंत्री शुक्ल के मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को लेकर चर्चा हुई। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती स्वप्ना साहा भी उपस्थित थीं। त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा मध्यप्रदेश प्रवास पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. साहा भोपाल में आयोजित 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर तथा पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में यह राष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 जुलाई 2026 तक पीपुल्स यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “क्रिएटिंग अ होलसम सर्जन” अर्थात “समग्र सर्जन का निर्माण” है। यह सम्मेलन ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अकादमिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, शोधकर्ता तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। सम्मेलन में नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों, जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं तथा चिकित्सा शिक्षा के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  

इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट को गति, रांची में कांके रोड से चिरौंदी तक नई सड़क का रास्ता साफ

रांची  कांके रोड से चिरौंदी को जोड़ने के लिए सड़क योजना को स्वीकृति मिल गई है. विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन योजनाओं को स्वीकृति मिली है. यह सड़क बिल्कुल नई होगी. अब योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा. इस तरह अब कांके रोड में झिरगाटोली से चिरौंदी तक सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.  2.97 किलोमीटर लंबी होगी नई सड़क यह सड़क राजधानी रांची के इनर रिंग रोड का हिस्सा है. इसके बन जाने से पंडरा से बड़गाईं (बरियातू) इनर रिंग रोड से जुड़ जाएगा. फिलहाल पंडरा से कांके रोड इनर रिंग रोड के पहले सेक्शन पर काम चल रहा है. वहीं, चिरौंदी से लेम होते हए बड़गाईं तक तीसरे सेक्शन के रूप में काम हो रहा है. बीच में दूसरा सेक्शन कांके रोड से चिरौंदी तक की सड़क की स्वीकृति नहीं हुई थी. इस सड़क को करीब 2.97 किमी बनाया जाएगा. इसके बन जाने से चिरौंदी इलाके से लोग सीधे कांके रोड निकल सकेंगे. अभी कांके रोड निकलने के लिए बोड़ेया से ब्लॉक चौक या मोरहाबादी मैदान की ओर से निकलना पड़ता है, जिससे काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.   अन्य सड़क परियोजना को भी मंजूरी  योजना प्राधिकार समिति ने बरलंगा से गोला-मुरी होते हुए 4.83 किमी सड़क योजना को भी स्वीकृति दी है. 

Ketan Murder Case: ‘दो आदमी क्या मरे…’ टिप्पणी पड़ी भारी, मध्य प्रदेश की डेंटिस्ट निलंबित

भोपाल पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agarwal murder case) का मजाक उड़ाने को लेकर मध्य प्रदेश की डेंटिस्ट डॉ. मुस्कान सोनी को ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने पांच साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। डॉ. मुस्कान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक 19 सेकंड की एक वीडियो स्टोरी अपलोड की थी जिसमें उन्होंने 'आई हेट मेन' हैशटैग का इस्तेमाल कर मृतक केतन अग्रवाल का मजाक उड़ाया था। मुस्कान सोनी का वीडियो वायरल हो गया जिसके बाद उनकी सोशल मीडिया पर आलोचना और ट्रोलिंग शुरू हो गई। एआईडीएसए द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद मुस्कान ने दो वीडियो अपलोड किए जिनमें उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी है। डॉ मुस्कान ने स्टोरी में क्या बोला था? डेंटिस्ट मुस्कान सोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कुछ दिन पहले एक वीडियो स्टोरी शेयर की थी। इस वीडियो में उन्होंने कहा था कि – पुणे का जो लड़का था उसके बाल नहीं थे। अब ऐसे झूठ बोलोगे तो मरोगे ही न। तो हैशटैग आई हेट मेन। मुस्कान ने इसके बाद वीडियो में हंसते हुए कहा कि दो आदमी क्या मर गए, मर्द समाज में डर फैल गया।' मुस्कान का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होना शुरू हो गया। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने डेंटिस्ट की आलोचना और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। AIDSA ने लिया एक्शन, डेंटिस्ट पांच साल के लिए सस्पेंड डॉ. मुस्कान के वीडियो पर ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने संज्ञान लिया। उन्होंने एक आदेश जारी कर डॉ. मुस्कान सोनी को AIDSA के सभी पदों और सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंशन ऑर्डर में AIDSA ने कहा कि 'डॉ. मुस्कान सोनी को अनुशासनहीनता का काम करते हुए पाया गया है और उन्होंने मृतक केतन अग्रवाल के बारे में बहुत ही अनुचित, आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की है, जो AIDSA के संविधान, आचार संहिता और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन है। यह सस्पेंशन जारी होने की तारीख से पांच साल तक प्रभावी रहेगा जब तक कि सक्षम अधिकारी द्वारा इसे संशोधित या रद्द नहीं किया जाता।' वीडियो बनाकर मांगी माफी सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद मुस्कान सोनी ने 4 मिनट 45 सेकंड की वीडियो अपलोड किया। इस वीडियो में मुस्कान ने केतन हत्याकांड पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी और अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि- मैंने जो स्टोरी पोस्ट की थी उसके लिए माफी मांगती हूं। मैं अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों के लिए माफी मांगती हूं। मुस्कान ने आगे मामले में सफाई देते हुए कहा कि 'जिस दिन केतन अग्रवाल का केस सामने आया था उस दिन मैंने स्टोरी लगाकर कहा था कि ऐसी घटना किसी भी मासूम व्यक्ति के साथ नहीं होनी चाहिए।' मुस्कान ने आगे बताया कि 'मेरी इस स्टोरी के बाद मुझे कई पुरुषों ने कमेंट और मैसेज कर कहा था कि बस मैंने ही उनका(मर्दों) स्टैंड लिया। इसीलिए आप जो देखते हो वो हमेशा सच नहीं हो सकता।' इसके बाद डॉ. मुस्कान ने एक और वीडियो अपलोड किया जिसमे उन्होंने सोशल मीडिया पर हो रही उनकी ट्रोलिंग को लेकर आपत्ति दर्ज की। क्या है केतन मर्डर केस जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों महाराष्ट्र के पुणे में 26 साल के रियल एस्टेट बिजनसमैन केतन अग्रवाल की उसकी 20 साल की मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह यहां भी केतन को घूमने के बहाने से लोहगड़ किले के पास से उसे धक्का दे दिया गया जिससे उसकी जान चली गई। राजा की मां ने मामले पर बात करते हुए कहा कि 'लड़कियों को ऐसा कदम उठाने की हिम्मत आखिर कहा से आ रही है। सोनम ने भी हनीमून के दौरान राजा को खाई से गिरा दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी।

Footpath Encroachment: हाई कोर्ट ने कहा- फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए हैं, अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करें

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा है कि फुटपाथ पर सुरक्षित तरीके से चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। पैदल लोगों के लिए बनाए गए फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने लुधियाना नगर निगम को शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण की शिकायतों की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका लुधियाना के जसबीर सिंह ने दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि शहर में फुटपाथों की हालत बेहद खराब है और बड़ी संख्या में उन पर अतिक्रमण हो चुका है, जिससे लोगों को मजबूरन व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच नगर निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। फुटपाथों पर रेहड़ी-फड़ी वालों और अन्य अवैध कब्जों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया।  

7 दिन की देरी से पहुंचा मानसून, राजस्थान में अगले 5-7 दिन भारी बारिश की संभावना

जयपुर  सुबह राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार गुरुवार (2 जुलाई) को दस्तक दे दी.  इस बार मॉनसून सामान्य तिथि से 7 दिन की देरी से राज्य के पूर्वी हिस्सों में पहुंचा है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, फिलहाल मॉनसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है. अगले 2 से 3 दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है. कोटा में अतिभारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.  खासतौर पर कोटा संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.  पूर्वी राजस्थान में मॉनसून सक्रिय  मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक पूर्वी राजस्थान में मॉनसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है.  जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.  इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है.  पश्चिमी राजस्थान में मौसम बदलने के संकेत  पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम बदलने के संकेत हैं.  जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी. की भागदौड़ में भी हेल्दी नाश्ता, ट्राय करें 3 क्विक ब्रेकफास्ट रेसिपी

Delhi New Rules: बाहरी वाहनों पर रोक, बिना PUC पेट्रोल-डीजल नहीं, 4 महीने सख्त रहेगा सिस्टम

नई दिल्ली सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत 1 नवंबर से सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, दफ्तरों में एक समय पर केवल 50 % कर्मचारी ही काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली में वाहनों की पार्किंग दरों को दोगुना करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि पार्किंग शुल्क बढ़ने से लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे और सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ेंगे। सरकार ने सर्दियों के दौरान लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियों को अब पूरे सीजन के लिए लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत GRAP के अलग-अलग चरणों में लगने वाले प्रतिबंध हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक स्वत: प्रभावी रहेंगे। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किए गए नए दिशा-निर्देशों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इन नियमों में पुराने सभी आदेशों को एकीकृत कर एक स्पष्ट, सरल और सख्त व्यवस्था तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था से सरकारी विभागों, संस्थानों और आम लोगों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचना तैयार करते समय पिछले वर्षों के प्रदूषण स्तर, अनुभवों और वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि नए दिशा-निर्देशों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी संशोधित ग्रैप और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों को भी शामिल किया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में हर साल नवंबर से फरवरी के बीच प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने ऐसी स्थायी व्यवस्था लागू की है, जिससे हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी ऑफिसों की बदलेगी टाइमिंग दिल्‍ली में पिछले कई सालों में देखा गया है कि वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण व्‍हीकल्‍स से निकालने वाला धुआं होता है. इसमें निजी वाहनों की भूमिका सबसे ज्‍यादा होती है. इस समस्‍या से निपटने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' सबसे बेहतर उपाय है. ऐसे में दिल्‍ली सरकार ने नवंबर से फरवरी तक पाबंदियों के दिनों में यातायात का दबाव कम करने के लिए ऑफिसों के अलग-अलग समय और घर से काम करने की व्यवस्था भी लागू की गई है. सर्दियों के दौरान, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कार्यालयों में सुबह 8:30 बजे से शाम पांच बजे तक काम होगा, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालयों में एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम होगा।  वायु प्रदूषण के दिनों में कुछ ऐसी होती है दिल्‍ली की स्थिति प्राइवेट ऑफिसों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम दिल्‍ली सरकार के मुताबिक, एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार और प्राइवेट ऑफिसों में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी मौजूद नहीं रहेंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉर्म होम करेंगे. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्‍या काफी कम होने की उम्‍मीद है. हालांकि, जरूरी और इमरजेंसी सर्विस (जैसे अस्पताल, सार्वजनिक यातायात, बिजली, पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण करने वाली एजेंसियों) को इससे छूट दी गई है।      PUC सर्टिफिकेट दिखाने पर ही मिले पेट्रोल-डीजल  रेखा गुप्‍ता सरकार के अनुसार, दिल्ली में सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी/एलपीजी खुदरा दुकानें पूरे साल सिर्फ वैध पीयूसीसी दिखाने पर ही पेट्रोल और डीजल देंगे. बिना वैध प्रमाणपत्र के ईंधन लेते पाए जाने पर वाहनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है. इसकी जांच फिजिकल सर्टिफिकेट, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली और 'वाहन' जैसे इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस के जरिए की जाएगी।  PUC के बिना ईंधन नहीं मिलेगा अब पूरे वर्ष पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और LPG पंपों पर केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होगा। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक नए दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-6 से कम मानक वाले वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है। हालांकि, इस प्रतिबंध से कुछ आवश्यक वाहनों को छूट दी गई है। CNG वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति रहेगी। निर्माण गतिविधियां पर रहेगा प्रतिबंध नए दिशा-निर्देशों के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण रखा जाएगा। इसके लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़-फोड़ और खुले में होने वाली निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल के कारण बढ़ने वाले प्रदूषण को कम करना है। सर्दियों के महीनों में हवा की गति कम होने और प्रदूषक तत्वों के जमा होने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। दफ्तरों में 50% उपस्थिति दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में एक समय में केवल 50 % कर्मचारी ही कार्यालय से काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और कार्यालय आने-जाने वाले वाहनों की संख्या कम करने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। हालांकि, विभागाध्यक्षों और जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा। आवश्यक सेवाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए ऐसे कर्मचारियों को इस नियम से अलग रखा गया है। पार्किंग शुल्क होगा दोगुना नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकृत पार्किंग स्थलों पर अब … Read more

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिया एक सप्ताह का ब्रेक, विपश्यना साधना के लिए पहुंचे बेंगलुरु

 चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक सप्ताह के प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वह करीब सात दिनों तक एक निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रहेंगे। इस दौरान प्राकृतिक उपचार, शरीर की शुद्धि, योग, ध्यान और विशेष खानपान के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, प्रशासनिक बैठकों और विभिन्न सरकारी गतिविधियों में व्यस्त रहे हैं। लगातार कामकाज और यात्रा के कारण उन्हें पहले भी थकान की शिकायत हुई थी। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें कुछ समय आराम करने और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी थी। इसी सलाह के आधार पर उन्होंने एक सप्ताह का यह स्वास्थ्य कार्यक्रम तय किया है। प्राकृतिक चिकित्सा से गुजरेंगे सीएम सूत्रों का कहना है कि इस दौरान मुख्यमंत्री प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के तहत शरीर की शुद्धि की प्रक्रिया से गुजरेंगे। साथ ही योग, ध्यान और विशेष आहार योजना का पालन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बेहतर बनाना तथा व्यस्त दिनचर्या के बाद शरीर को फिर से सक्रिय करना है। बेंगलुरु स्थित निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में उनके रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों और विशेषज्ञों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। आवश्यकतानुसार उपचार और खानपान की योजना में बदलाव भी किया जा सकता है। रवाना होने से पहले खत्म किए सभी कार्य स्वास्थ्य कार्यक्रम पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में चल रही कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यों का उद्घाटन और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी निर्देश भी दिए, ताकि उनकी अनुपस्थिति के दौरान विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में भी पंजाब सरकार का नियमित कामकाज पहले की तरह चलता रहेगा। सभी विभागों को आवश्यक निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और प्रशासनिक व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री अधिकारियों के संपर्क में भी रहेंगे।

CM विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, प्रशासन सख्त

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई राजनांदगांव, बालोद, बलरामपुर और सरगुजा में ताबड़तोड़ अभियान, वाहन जब्त और लाखों रुपये का अर्थदंड रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा सख्त और सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रेत, पत्थर, मिट्टी एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया गया है तथा नियमानुसार अर्थदंड एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शासन का उद्देश्य प्रदेश के खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18 लाख 95 हजार 600 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। इनमें अवैध उत्खनन के 9, परिवहन के 41 तथा भंडारण के 2 प्रकरण शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया तथा मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर एक चेन माउंटेन (पीसी-130-7) मशीन को जब्त कर सील किया गया। संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है। बलरामपुर जिले में खनिज विभाग ने राजपुर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुर और बसंतपुर में कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक टिपर जब्त किया। वहीं बसंतपुर स्थित फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई में अवैध रूप से भंडारित लगभग 90 घनमीटर रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया। सरगुजा जिले में शिकायतों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। संशोधित नियमों के अनुसार अब शमन शुल्क न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा 2 हजार रुपये प्रति टन, जो अधिक होगा, के आधार पर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।