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चंडीगढ़ में ₹645 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस, ED ने 14 ठिकानों पर की छापेमारी

चंडीगढ़  ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है। जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई। सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

₹2.75 करोड़ बैनर और आयोजनों पर खर्च करने के बजाय कॉलेजों की हालत सुधारने में लगाए सरकार साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र की नहीं बल्कि संस्थान से बहार निकलने के बाद रोजगार की जरूरत है.

इटारसी कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता रमेश के. साहू ने प्रदेश के 55 शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों को सेवा संकल्प अभियान के लिए ₹5-₹5 लाख दिए जाने पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “प्रदेश के कॉलेज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सरकार को एक महीने के अभियान, बैनर, पोस्टर तथा पार्टी के औपचारिक आयोजनों की चिंता है।” उन्होंने कहा कि ये राशि  ₹2 करोड़ 75 लाख  वास्तविक शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किए जाएं तो कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण, पुस्तकालयों में उपयोगी पुस्तकें, विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, परिसर की सुरक्षा तथा जरूरी मरम्मत जैसे अनेक काम हो सकते हैं। रमेश साहू ने कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल भाषण, पोस्टर और फोटो खिंचवाने से मजबूत नहीं होगी। इसके लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, योग्य शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति, नियमित प्रायोगिक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने वाली मजबूत प्लेसमेंट व्यवस्था आवश्यक है। एडवोकेट साहू ने तंज कसते हुए कहा, विद्यार्थियों को रोजगार चाहिए, प्रचार के प्रमाणपत्र नहीं।” कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव रमेश के साहू एडवोकेट  ने कहा की सेवा संकल्प की राशि भाजपा नेताओं की लॉन्चिंग और ब्रांडिंग पर खर्च हो रही है वे हैरान है कि कार्यक्रम के अतिथियों की सूची पूर्व निर्धारित कर जारी की गई जिसमें पालकों और जन भागीदारी का कोई स्थान नहीं है। अधिवक्ता साहू ने मांग की कि सरकार प्रचार की बजाय कॉलेजों की स्थायी शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर खर्च किया जाए।

नीदरलैंड-जापान से टन में शहद की मांग, इटली ने ₹2 हजार प्रति किलो तक में मिलेट्स कुकीज का सौदा किया

ग्रेटर नोएडा/अमरोहा  ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' में अमरोहा के ग्रामीण हुनर और जैविक उत्पादों का डंका बज रहा है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल पर प्रदर्शित प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ब्रांड नाम: किसान वेदा) के उत्पादों को विदेशी और घरेलू खरीदारों ने हाथों-हाथ लिया। कभी गांव की चौखट से शुरू हुआ यह सफर अब ट्रेड शो के मंच पर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गया है। इटली, ओमान और नीदरलैंड की कंपनियों ने बड़े निर्यात सौदों के लिए एमओयू किए हैं।  विदेशी खरीदारों को भाया नीम-मोरिंगा शहद, इटली ने ₹2,000 प्रति किलो के भाव में मांगी कुकीज ट्रेड शो में पहुंचे विदेशी खरीदारों के बीच हितेश चौधरी के एफपीओ द्वारा तैयार किए गए प्राकृतिक शहद और मिलेट्स कुकीज की सबसे अधिक मांग रही। ओमान, जापान और नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने शहद के आयात के लिए आधिकारिक एमओयू किया है। नीदरलैंड के खरीदारों ने टन के हिसाब से बल्क सप्लाई की मांग रखी है, जबकि शुरुआत में 1,000 से 1,500 बोतलों के पहले बैच पर सहमति बनी है। वहीं, इटली के खरीदारों ने ज्वार और रागी से बनी कुकीज के लिए अनुबंध किया है, जिसके लिए ₹1,600 से ₹2,000 प्रति किलो के भाव पर समझौता हुआ है। एफपीओ के सभी उत्पाद एपीडा और पीजीएस द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रमाणित हैं। घरेलू कंपनियों और स्थानीय खरीदारों में भी उत्साह, बी2बी स्तर पर मिले अग्रिम ऑर्डर ट्रेड शो के बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) और बी2सी सत्रों में स्थानीय कारोबारियों ने भी खासा उत्साह दिखाया है। बागपत के प्रमुख एफपीओ और 'डॉक्टर मोरिंगा' सहित करीब 10 से 15 घरेलू कंपनियों और एफपीओ ने उत्पादों की आपूर्ति के लिए बातचीत पूरी कर ली है। इसके अलावा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे परिवारों ने बड़ी संख्या में स्टॉल पर आकर खरीदारी की।  कमल ककड़ी का अचार और लेमनग्रास उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र प्रदर्शनी में आने वाले खरीदारों के लिए एफपीओ के नवाचारी उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सब्जी के रूप में खाई जाने वाली कमल ककड़ी का अचार, करौंदे, आंवले और लहसुन के पारंपरिक अचार को खरीदारों ने खूब पसंद किया। वहीं, दूध से 10 गुना अधिक कैल्शियम वाले मोरिंगा पाउडर, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन, मल्टीग्रेन आटा तथा लेमनग्रास से तैयार टी, ऑयल, हैंड सैनिटाइजर और फिनाइल की भी जमकर बिक्री हुई। पूरी तरह हैंडमेड और केमिकल-मुक्त होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शहरी उपभोक्ताओं ने इन उत्पादों को प्राथमिकता दी। 120 हेक्टेयर में ताइवान पिंक अमरूद और मल्टी क्रॉपिंग का मॉडल ट्रेड शो में पहुंचीं हितेश चौधरी ने बताया कि इन उत्पादों के पीछे 3,000 किसानों और 1,000 ग्रामीण महिलाओं की कड़ी मेहनत जुड़ी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में बदलाव लाते हुए उन्होंने कोलकाता से टिश्यू कल्चर पौधे लाकर 120 हेक्टेयर में 'एडवांस ताइवान पिंक अमरूद' की खेती कराई। किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए गन्ने के साथ अमरूद, मोरिंगा, गेहूं और मिलेट्स (रागी, ज्वार) की मल्टी क्रॉपिंग कराई जाती है। बाजार में बिचौलियों से बचाने के लिए एफपीओ खुद खरीदार बनता है। जैसे रागी का बाजार भाव यदि ₹60 प्रति किलो है, तो एफपीओ किसानों से ₹63 प्रति किलो की दर से खरीद करता है। शुरुआती दौर में पशुओं को खिलाना पड़ा तैयार माल, अब सालाना ₹50 लाख का कारोबार ट्रेड शो में मिली यह कामयाबी संघर्षों से निकलकर हासिल हुई है। एफपीओ शुरू करने से पहले हितेश एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका थीं और बच्चों को योग सिखाती थीं। वर्ष 2020 में उन्होंने एनआरएलएम के तहत महिला स्वयं सहायता समूह बनाया और गन्ने की सिंगल बड चिप नर्सरी तथा गाय के गोबर के दीपक बनाने शुरू किए। 17 अप्रैल 2021 को उन्होंने निजी एफपीओ की स्थापना की। आज उनके एफपीओ का वार्षिक टर्नओवर ₹50 लाख पहुंच चुका है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत आय ₹10 से 11 लाख है। इस वित्तीय वर्ष में ₹1 करोड़ का टर्नओवर पार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी मंचों से मिला संबल, अब मोरिंगा बर्फी और हल्दी अचार की तैयारी कृषि विभाग, नमामि गंगे और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत बने क्लस्टरों के माध्यम से हितेश किसानों और सखियों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देती रही हैं। ट्रेड शो में मिली वैश्विक पहचान के बाद अब वह मोरिंगा के लड्डू, मोरिंगा की बर्फी और कस्तूरी, काली व सुगंधा हल्दी के साथ हल्दी का विशेष अचार लॉन्च करने जा रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा सराही जा चुकीं हितेश चौधरी का यह सफर ट्रेड शो के माध्यम से अब वैश्विक बाजार तक पहुंच रहा है। वर्जन “यह सब सरकार के सहयोग की ही देन है कि आज हम जैसे साधारण लोग इस अंतरराष्ट्रीय मुकाम पर पहुंचे हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो हमारे एफपीओ के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। यहां कृषि विभाग के माध्यम से हमें स्टॉल मिला, जिसने सीधे विदेशी खरीदारों तक हमारी पहुंच बना दी। हैं।” — हितेश चौधरी, संस्थापक, प्रखंड बायो एनर्जी एफपीओ (किसान वेदा)

साढ़े पांच लाख आगंतुकों ने देखा पर्यटन पवेलियन, करीब 10 हजार यात्रा मार्गदर्शिकाओं और यात्रा कार्यक्रमों की रही मांग

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक संपदा और विविध पर्यटन अनुभवों ने यूपीआईटीएस-2026 में देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का पवेलियन आगंतुकों के लिए महज पर्यटन स्थलों की जानकारी का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यात्रा की संभावनाओं, निवेश के अवसरों और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के नए द्वार खोलने वाला प्रभावी मंच बनकर उभरा। यूपीआईटीएस-2026 के दौरान करीब साढ़े पांच लाख आगंतुकों ने उत्तर प्रदेश पर्यटन के पवेलियन का भ्रमण किया। इस दौरान लगभग 10 हजार मुद्रित यात्रा मार्गदर्शिकाओं और यात्रा कार्यक्रमों की मांग रही। करीब 100 आगंतुकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने निवेश और सहयोग से जुड़ी संभावनाओं में रुचि दिखाई, जबकि विभागीय अधिकारियों ने लगभग 20 टूर ऑपरेटरों के साथ उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों और विविध पर्यटन उत्पादों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की। प्रमुख गंतव्यों के साथ नए पर्यटन अनुभवों पर जोर पवेलियन में अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जैसे देश-विदेश में प्रसिद्ध आध्यात्मिक एवं धार्मिक गंतव्यों के साथ-साथ नीब करौरी बाबा यात्रा मार्ग, कन्नौज की सदियों पुरानी इत्र विरासत, वन्यजीव एवं ईको-टूरिज्म को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से उत्तर प्रदेश की पर्यटन क्षमता को केवल चुनिंदा प्रसिद्ध स्थलों तक सीमित न रखते हुए बहुआयामी और अनुभव आधारित पर्यटन के रूप में सामने रखा गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी पर्यटन विविधता को अनुभव आधारित यात्रा मार्गों के माध्यम से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है। यूपीआईटीएस में मिले रिस्पॉन्स से स्पष्ट है कि पर्यटक राज्य के प्रमुख गंतव्यों के साथ-साथ अन्य जिलों और नए पर्यटन अनुभवों को जानने तथा देखने में भी रुचि ले रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि इस रुचि को प्रदेश के अधिक से अधिक जिलों तक पहुंचाया जाए, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिले और पर्यटन के माध्यम से व्यापक आर्थिक अवसरों का सृजन हो। डिजिटल माध्यम से यात्रा योजना को मिला नया आयाम पर्यटन पवेलियन में डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग ने भी आगंतुकों को आकर्षित किया। क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सामग्री को करीब 500 लोगों ने एक्सेस किया। इसके माध्यम से आगंतुकों को विभिन्न पर्यटन स्थलों और यात्रा मार्गों से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध हुई। मुद्रित यात्रा मार्गदर्शिकाओं के साथ डिजिटल सामग्री ने संभावित पर्यटकों को भविष्य की यात्राओं की योजना बनाने के लिए उपयोगी और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई। निवेशकों और पर्यटन उद्योग के लिए खुली संभावनाएं पवेलियन में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े निवेश और सहयोग के अवसरों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं, गंतव्य विकास, पर्यटक सुविधाओं और अनुभव आधारित पर्यटन से संबंधित संभावनाओं पर निवेशकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद हुआ। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से पर्यटन अवसंरचना और सेवाओं के विस्तार में संभावित सहयोगियों को उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। आयोजन के दौरान प्राप्त निवेश एवं सहयोग संबंधी पूछताछ और प्रस्तावों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित टीमों को भेजा गया है। इससे यूपीआईटीएस में उत्पन्न कारोबारी रुचि को प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं और नई साझेदारियों में परिवर्तित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि पर्यटन पवेलियन ने एक साथ आगंतुक सहभागिता केंद्र और पर्यटन व्यापार मंच की भूमिका निभाई। करीब 10 हजार यात्रा कार्यक्रमों का वितरण, डिजिटल माध्यमों से जुड़ाव, निवेश संबंधी पूछताछ तथा टूर ऑपरेटरों के साथ हुई चर्चाओं ने आगे की कार्ययोजना के लिए उपयोगी आधार तैयार किया है। विभाग का उद्देश्य यूपीआईटीएस के दौरान उत्पन्न रुचि को वास्तविक यात्राओं, नए पर्यटन उत्पादों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सार्थक साझेदारियों में बदलना है। तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम उत्तर प्रदेश पर्यटन पवेलियन में भगवान श्रीकृष्ण की ब्रज लीला पर आधारित आभासी वास्तविकता प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके माध्यम से आगंतुकों को ब्रज की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का ऐसा अनुभव कराया गया, जिसने तकनीक और विरासत के बीच सुंदर समन्वय स्थापित किया। संवर्धित एवं आभासी वास्तविकता आधारित अन्य प्रस्तुतियों ने भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की जीवंत झलक आगंतुकों के सामने रखी। इंटरैक्टिव मैग्नेटिक फील्ड गेम, क्विज, सिनेमाई फोटो बूथ और थीम आधारित सेल्फी जोन ने भी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों से लेकर विद्यार्थियों, युवाओं, परिवारों और वरिष्ठ नागरिकों तक ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रकार पर्यटन जानकारी को केवल प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय उसे सहभागिता और अनुभव से जोड़ा गया। कला, शिल्प और स्वाद ने बढ़ाई पवेलियन की रौनक पवेलियन में लाइव जरदोजी कढ़ाई के प्रदर्शन ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक शिल्पकला की बारीकियों से आगंतुकों को रूबरू कराया। वहीं कन्नौज के इत्र ने प्रदेश की सुगंधित विरासत और सदियों पुरानी इत्र निर्माण परंपरा को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। मार्बल डस्ट से निर्मित उत्पादों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। इस तरह स्थानीय शिल्प, कला और उत्पादों को प्रदेश के पर्यटन अनुभव से जोड़ने का प्रभावी प्रयास किया गया।  

मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी ने पुरुष पोल वॉल्ट में अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को किया बेहतर

भोपाल एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी देव कुमार मीना ने पुरुष पोल वॉल्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में देव कुमार मीना ने 5.50 मीटर की ऊंचाई पार कर भारतीय एथलेटिक्स में नया कीर्तिमान स्थापित किया।देव कुमार मीना ने 5.50 मीटर की ऊंचाई पार कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया, जबकि कुलदीप कुमार ने 5.35 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया। 5.50 मीटर की छलांग, अपने ही रिकॉर्ड को किया पीछे देव कुमार मीना ने फाइनल में अपने दूसरे प्रयास में 5.50 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार की। इससे पहले उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 5.46 मीटर था, जो उन्होंने जून 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। एशियन गेम्स में 5.50 मीटर की छलांग लगाकर देव ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार किया। इसके बाद देव ने 5.60 मीटर की ऊंचाई पार करने के प्रयास भी किए। हालांकि वे यह ऊंचाई पार नहीं कर सके, लेकिन 5.50 मीटर की रिकॉर्डतोड़ छलांग ने एशियन गेम्स के मंच पर भारतीय पोल वॉल्ट के लिए नया मानक स्थापित कर दिया। देव कुमार मीना ने एशियन गेम्स के पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में 5.50 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ 7वां स्थान हासिल किया। पदक से चूकने के बावजूद उनका रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। कुलदीप कुमार ने 5.35 मीटर पार कर हासिल किया 10वां स्थान मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के ही खिलाड़ी कुलदीप कुमार ने भी पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया। कुलदीप ने 5.35 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार करते हुए 10वां स्थान हासिल किया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर देव मीना और कुलदीप कुमार की मौजूदगी और प्रदर्शन मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। एशियन गेम्स के फाइनल में दमदार प्रदर्शन देव कुमार मीना ने फाइनल की शुरुआत 5.05 मीटर की ऊंचाई को पास करते हुए की। इसके बाद उन्होंने 5.20 मीटर दूसरी कोशिश में और 5.35 मीटर पहली कोशिश में पार किया। इसके बाद 5.50 मीटर की रिकॉर्डतोड़ छलांग लगाकर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स में अपनी पहचान और मजबूत की। एशियन गेम्स के 12 खिलाड़ियों वाले फाइनल में देव सातवें स्थान पर रहे। पदक से चूकने के बावजूद उनका 5.50 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदर्शन भारतीय पोल वॉल्ट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी से एशियन गेम्स तक देव कुमार मीना की इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी में मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अकादमी में खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण, शारीरिक तैयारी और प्रतियोगिताओं के अनुरूप प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार की इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी में प्राप्त प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दोनों खिलाड़ी इस वर्ष पोल वॉल्ट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। देव द्वारा 5.50 मीटर का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करना और कुलदीप का 5.35 मीटर पार करना अकादमी की खेल प्रतिभाओं के निरंतर विकास को दर्शाता है। देव और उनके प्रशिक्षण साथी कुलदीप कुमार ने इस वर्ष पोल वॉल्ट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। मई 2026 में दोनों ने 5.45 मीटर की ऊंचाई पार कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, जबकि जून में देव ने 5.46 मीटर की छलांग के साथ रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से तैयार हो रही प्रतिभाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश की खेल प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है। रिकॉर्ड की ऊंचाई तक पहुंची देव की मेहनत देव कुमार मीना का एशियन गेम्स में 5.50 मीटर का प्रदर्शन उनके निरंतर सुधार और मजबूत संकल्प को दर्शाता है। जून में 5.46 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के बाद कुछ ही महीनों में उन्होंने फिर अपना ही रिकॉर्ड बेहतर कर दिया। विश्व एथलेटिक्स के रिकॉर्ड के अनुसार भी देव का जून 2026 का 5.46 मीटर प्रदर्शन उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड रहा है। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार को एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्री सारंग ने कहा कि देव कुमार मीना ने 5.50 मीटर की राष्ट्रीय रिकॉर्ड छलांग लगाकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। वहीं कुलदीप कुमार ने भी 5.35 मीटर की ऊंचाई पार कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी निरंतर मेहनत और लगन के साथ इसी तरह प्रदेश और देश का नाम रोशन करते रहें। मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा ने फिर छुआ नया शिखर एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के देव कुमार मीना का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। 5.50 मीटर की रिकॉर्डतोड़ छलांग के साथ देव ने न केवल अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया, बल्कि भारतीय पुरुष पोल वॉल्ट में एक नया मानक भी स्थापित किया है। एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का दम एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार का प्रदर्शन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। देव की रिकॉर्डतोड़ 5.50 मीटर की छलांग और कुलदीप का 5.35 मीटर पार कर 10वां स्थान हासिल करना भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी उल्लेखनीय प्रदर्शन है।  

बुजुर्गों के लिए चंडीगढ़ में बनेगा बैठक स्थल, खेल सकेंगे शतरंज-लूडो

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। सेक्टर-17 के प्लाजा में एक बैठक स्थल को संवारा गया है। नई कुर्सियां और मेजें लगाई गई हैं। छतरियां, पीने का पानी, समाचार पत्र और पत्रिकाओं की व्यवस्था की गई है। मनोरंजन के लिए शतरंज, लूडो और कैरम जैसे खेल भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल उपायुक्त निशांत कुमार यादव के मार्गदर्शन में चंडीगढ़ रेडक्रॉस की ओर से की गई है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके खाली समय में बैठने, आराम करने और आपस में बातचीत करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। मंगलवार को एडीसी अमनदीप सिंह भट्टी ने प्लाजा बैठक स्थल का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ नागरिकों से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उनसे बातचीत की। उनकी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी भी ली, ताकि इस सुविधा को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके। अमनदीप सिंह भट्टी ने कहा कि चंडीगढ़ रेडक्रॉस वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक मेल-जोल और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए सुरक्षित और आरामदायक स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में चंडीगढ़ में उपयुक्त स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसी और बैठकें स्थापित की जाएंगी।

विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक को लेकर राज्य के आम नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।  गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। आम नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी राय शासन के समक्ष रख सकें, इसके लिए विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। विधेयक का प्रारूप पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर किसी नागरिक, संस्था अथवा संबंधित हितधारक का कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेजा जा सकता है। सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके माध्यम से प्रस्तावित विधेयक पर आम जनता के साथ ही विषय विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। सुझाव एवं आपत्तियां 'प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर' के पते पर भेजी जा सकती हैं। इस पहल के माध्यम से प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

छत्तीसगढ़ में गिरफ्तारी के बाद सहायक शिक्षक पर गिरी गाज

सूरजपुर. सूरजपुर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार सहायक आरोपी शिक्षक मधूसुदन गुप्ता के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है. जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने आरोपी शिक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया है. इस अवधि में उसका मुख्यालय प्रेमनगर शिक्षा कार्यालय रहेगा. जानकारी के मुताबिक, भटगांव थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल में 11 वीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ. आरोप है कि आरोपी शिक्षक द्वारा उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया. अश्लील वीडियो बनाकर बाद में उसे ब्लेकमेल और बार-बार शारीरिक शोषण करता था.  शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया. कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. मामले में पुलिस की जांच जारी है. भटगांव थाना में शिक्षक मधूसुदन गुप्ता के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. उक्त कृत्य को प्रथम दृष्टया विभाग की छवि धूमिल करने वाला और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया. शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. सस्पेंशन की अवधि के दौरान, मधूसुदन गुप्ता का मुख्यालय प्रेमनगर स्थित शिक्षा कार्यालय में तय किया गया है. वहीं नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा.

दुर्गा पूजा पर अलर्ट रहेगा झारखंड, पंडालों में फायर सेफ्टी की होगी सख्त निगरानी

रांची  दुर्गा पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा पर इस बार विशेष इंतजाम रहेगा। अभी एक महीने पहले अग्निशमन विभाग को मिले 58 मिनी वाटर टेंडर भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार हैं। पूर्व में दुर्गा पूजा पंडालों में लगी आग की घटनाओं के बाद प्रशासन भी तैयार है। अब जिलों से जो आवश्यकताएं आएंगी, उसके अनुसार अग्निशमन विभाग से अग्निशमन के इंतजाम किए जाएंगे। सभी 24 जिलों में मिनी वाटर टेंडर की भी तैनाती की जाएगी। आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू होगी। जान माल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है। एक दिन पहले ही डीजीपी ने भी सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, रेंज डीआईजी, जोनल आईजी के साथ दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी। अब जल्द ही दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी विधि व्यवस्था पर सभी जिलों के उपायुक्तों, एसएसपी, एसपी, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग व अन्य सभी सहयोगी विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। उक्त बैठक में जो आवश्यकताएं सामने आएंगी, उस अनुरूप संबंधित विभाग संसाधन उपलब्ध कराएंगे। पूजा पंडालों का जल्द भ्रमण करेगी जिलों में वहां की समिति राज्य के पूजा पंडालों में संबंधित जिले की कमेटी वहां के पूजा पंडालों का भ्रमण करेगी। जिलों की कमेटी में वहां के डीसी, एसएसपी, एसपी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहते हैं। यह कमेटी संबंधित पूजा पंडाल में सुरक्षा के तमाम इंतजाम की समीक्षा करती है। यह समिति उक्त पूजा पंडाल में आने-जाने वाले मार्ग, सीसीटीवी कैमरे, पानी, बिजली की व्यवस्था, अग्निशमन की व्यवस्था व आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम देखती है। समिति पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देती है और उसका अनुपालन सुनिश्चत करने के लिए निर्देशित करती है। अस्थाई नियंत्रण कक्ष भी बनेंगे, अतिरिक्त बल व अग्निशमन वाहन तैनात होगा पुलिस के वरीय अधिकारियों के अनुसार पूजा पंडालों की संख्या, संभावित भीड़ को देखते हुए बड़े शहरों में अस्थाई नियंत्रण कक्ष भी बनाए जाएंगे। प्रत्येक नियंत्रण कक्ष के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल के अलावा अग्निशमन वाहनों की तैनाती होगी। इस बार बड़े वाटर टेंडर के अलावा मिस्ट टेक्नोलोजी वाले मिनी वाटर टेंडर को भी तैनात किया जाएगा। इतना ही नहीं, सभी अग्निशामालयों में भी सभी वाहन अलर्ट मोड पर रहेंगे, ताकि तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया जा सके

ट्रेड शो में युवाओं ने विभिन्न पुस्तकों से प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समझा

ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का पवेलियन पांच दिनों तक युवाओं के ज्ञान, करियर और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का केंद्र बना रहा। पुस्तकों की प्रदर्शनी से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सामग्री और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों को डिजिटल माध्यम से देखने का अवसर युवाओं को मिला। यही वजह रही कि पवेलियन पर दिनभर युवाओं की आवाजाही बनी रही। किताबों में करियर की राह, ज्ञान में बढ़ा भरोसा पवेलियन में भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीतिक विज्ञान, उभरते भारत, उभरते उत्तर प्रदेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकों ने युवाओं का ध्यान खींचा। कई युवा किताबें लेकर वहीं बैठकर पढ़ते दिखाई दिए तो कुछ ने पसंद आई पुस्तकों के प्रकाशकों की जानकारी अपने मोबाइल में दर्ज की। उत्तर प्रदेश वार्षिकी जैसी पुस्तकें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास आकर्षण रहीं। सिकंदराबाद से आईं पीसीएस अभ्यर्थी निधि यादव ने बताया कि उनकी क्लासमेट ने उन्हें ट्रेड शो में उपलब्ध उत्तर प्रदेश वार्षिकी के बारे में बताया था। इसी पुस्तक को देखने और लेने के लिए वह विशेष रूप से यहां पहुंचीं। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उत्तर प्रदेश से जुड़े सामान्य ज्ञान की प्रमाणिक सामग्री उपयोगी रहती है। पवेलियन में बनारस तेरे रंग हजार, योगी का राम राज्य, लोक आराधना की अभिव्यक्ति, तीर्थनामा अयोध्या, न्यू यूपी फॉर ए न्यू इंडिया और विकसित यूपी विकसित भारत जैसी पुस्तकों में भी युवाओं ने रुचि दिखाई। सेल्फी से संस्कृति और विरासत से जुड़ा युवा युवाओं के बीच पवेलियन का सेल्फी जोन भी खास आकर्षण रहा। राम मंदिर अयोध्या, वाराणसी का नमो घाट, वृंदावन का प्रेम मंदिर और सारनाथ जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को बैकग्राउंड में चुनकर युवाओं ने सेल्फी ली। इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब के माध्यम से युवाओं और बच्चों को उभरते भारत और उभरते उत्तर प्रदेश की तस्वीर भी प्रस्तुत की गई। इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब के साथ भी युवाओं और बच्चों में सेल्फी लेने का क्रेज रहा। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई युवाओं को अपनी बारी के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सेल्फी लेने के बाद सूचना विभाग की ओर से उन्हें उपहार भी दिए गए। इस तरह पांच दिनों में पवेलियन ने सूचना देने की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर युवाओं को किताबों के जरिए ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामग्री, प्रदेश की संस्कृति और डिजिटल माध्यम से अपनी विरासत से जुड़ने का अवसर दिया। ट्रेड शो में युवाओं की मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि मनोरंजन के साथ ज्ञान और करियर से जुड़ी सामग्री को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाए तो युवा उसमें सक्रिय रुचि लेते हैं।