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रांची ट्रैफिक पुलिस का रिकॉर्ड अभियान, एक महीने में 9.50 करोड़ रुपये के चालान

रांची  राजधानी रांची में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जून माह में ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक अभियान चलाते हुए 1,24,144 वाहनों का चालान काटा। इस दौरान कुल 9.50 करोड़ रुपये का चालान किया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इसकी जानकारी ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि मई महीने में लगभग 50 हजार वाहनों का चालान किया गया था, जबकि जून में यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई। जून माह में सबसे अधिक कार्रवाई नो-पार्किंग के मामलों में हुई, जिसमें 50,500 वाहनों का चालान काटा गया। वहीं बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 58,743, पीछे बैठे यात्री के बिना हेलमेट होने पर 547, रेड लाइट जंप के 4,612, ओवरस्पीडिंग के 2,118, ऑटो ओवरलोडिंग के 1,359 तथा ड्रंक एंड ड्राइव के 99 मामलों में चालान किया गया। ट्रैफिक एसपी ने बताया कि लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 765 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) करने की अनुशंसा भी की गई है। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी कार्रवाई की गई। सिविक सेंस अपनाने की अपील प्रेस वार्ता में ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य लोगों से जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यदि लोग सिविक सेंस का पालन करें, निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करें, हेलमेट पहनें और ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें, तो न केवल चालान से बच सकते हैं बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।  

USA Birthright Citizenship: ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अमेरिका में जन्मे पंजाबी बच्चों की नागरिकता बरकरार

जालंधर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को रद्द कर जन्मजात नागरिकता को बहाल कर दिया है। इससे अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है।  रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं, न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता पिता को बड़ी राहत है जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उनको स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।  पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।  हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है। अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं। न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता-पिता को बड़ी राहत है, जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उन्हें स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे, लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और फ्यूचर की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। 150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक आर्डर से खत्म कर दिया था।  सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे यूएसए के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं, इसलिए उन्हें जन्म सिद्ध नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।  150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक ऑर्डर से खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे … Read more

अब जानवरों के और करीब होंगे विजिटर्स, दिल्ली जू में ग्लास वॉल एनक्लोजर और आधुनिक सुविधाएं

नई दिल्ली  दिल्ली के चिड़ियाघर में आने वाले लोगों का अनुभव जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। अब कई वन्यजीवों को दूर से देखने की बजाय विजिटर्स और जानवरों के बीच सिर्फ मजबूत ग्लास की दीवार जितनी दूरी होगी। इसके लिए एरिना (जहां दर्शकों के लिए वन्यजीव लाए जाते हैं) की डिजाइन बदली जाएगी, ताकि लोग उन्हें पहले से ज्यादा करीब और सुरक्षित तरीके से देख सकें। इसी बदलाव के साथ चिड़ियाघर के बड़े हिस्से के कायाकल्प का काम शुरू हो गया है। योजना को लेकर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की 400 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुका है। रेप्टाइल हाउस का होगा निर्माण     केंद्र सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (DIB) से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना अब जमीन पर पर काम शुरू हो गया है।     सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) के अधिकारियों के मुताबिक, डिजाइन की डीपीआर और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (PMC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीवों के बाड़ों का निर्माण नए सिरे से शुरू होगा।     अभी एरिना (जहां विजिटर्स के देखने के लिए वन्य जीव लाए जाते हैं) में विजिटर्स वन्यजीवों को काफी दूर से देख पाते हैं। एरिना की बनावट को ठीक किया जाएगा।     इसके तहत कई बाड़ों में वन्य जीव और लोगों के बीच सिर्फ ग्लास की दीवार होगी।     वहीं नाइट शेल्टर भी आधुनिक मानकों के अनुसार बनाए जाएंगे। इसके अलावा नए रेप्टाइल हाउस का भी निर्माण होगा। फिलहाल चिड़ियाघर में 72 बाड़ों में वन्यजीव रखे गए हैं। अत्याधुनिक अस्पताल और रेस्क्यू सेंटर भी बनेंगे वन्यजीवों के इलाज की व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जाएगा। मौजूदा अस्पताल का विस्तार कर करीब दो एकड़ में अत्याधुनिक हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसमें ऑपरेशन थियेटर, पोस्टमार्टम रूम, लैब और जच्चा-बच्चा वार्ड जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा चार एकड़ में रेस्क्यू सेंटर और एक एजुकेशन सेंटर भी डिवेलप किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस चरण का काम पूरा होने के बाद 'वेलकम जू गेट' परिसर को भी नए रूप में डिवेलप किया जाएगा। यहां पिक-एंड-ड्रॉप ज़ोन, सरफेस पार्किंग और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।

पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन आज; जानें समय और किराया

पटना  पटना में मेट्रो ट्रेन से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन गुरुवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सुबह 11:45 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उद्घाटन एवं मेट्रो सेवा विस्तार का लोकार्पण करेंगे। जनता की सेवा में समर्पित होने वाला पटना मेट्रो रेल के प्राथमिक कॉरिडोर का ये चौथा एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन यात्रियों के स्वागत के लिए सजधज कर तैयार है। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। यही मेट्रो फिर वापस मलाही पकड़ी तक आएगी। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नं.- 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी समीक्षा बैठक बता दें कि कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पटना मेट्रो शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी और वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया था कि परियोजना के विभिन्न स्थलों पर एक साथ तेजी से कार्य किए जाएं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पटना मेट्रो के संचालन से राजधानीवासियों को सुरक्षित, तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी व लोगों का आवागमन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।

Punjab Scheme: मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत, महिलाओं को मिली सम्मान राशि; ₹1100 करोड़ जारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजीकरण करा चुकी करीब 50 लाख महिलाओं के बैंक खातों में आज से पहली किस्त आ गई। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धुरी में मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री ने योजना का वेब लिंक लॉन्च कर इसका औपचारिक शुभारंभ किया। महिलाओं के खातों में 1100 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। योजना के तहत बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा। तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लाभार्थियों के मोबाइल पर बैंक की ओर से राशि जमा होने का संदेश आया और तीन महीनों की राशि एक साथ सीधे खातों में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री का दावा है कि राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन महीने के 3000 रुपये दिए जाएंगे। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खातों में 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 4500 रुपये ट्रांसफर होंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली पात्र महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।  सरकार के अनुसार योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को मिलेगा जो पंजाब की स्थायी निवासी और पंजीकृत मतदाता हैं। लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। कई जिलों में अभी भी बैंक खाते खुलवाने और आधार लिंक कराने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से जल्द रजिस्ट्रेशन और बैंक संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी, सरकारी पेंशनभोगी और आयकरदाता परिवारों की महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। 

हरियाणा में मानसून पहुंचा, कई जिलों में झमाझम बारिश; पूरे प्रदेश में जल्द छाने के आसार

हिसार हरियाणा में मानसून की एंट्री हो गई है। इस बार मानसून यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला की तरफ से आया है। मौसम विज्ञानियों ने पहले ही 48 घंटे में मानसून के आने का अलर्ट जारी किया था। अब मानसून के पूरे प्रदेश में जल्द से जल्द छाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदेश के तीन जिलों को छोड़ कर बाकी जगह पर प्री-मानूसन की वर्षा हुई। प्रदेश के 10 जिलों में वर्षा के साथ ही वीरवार को 20 जिलों में वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून के 48 घंटे में एंट्री की संभावना व्यक्त की गई थी। मानसून की गति तेज होने के साथ ही इसकी हरियाणा में एंट्री यमुनानगर की तरफ से हुई। मानसून के साथ ही पहले दिन 23 एमएम यमुनानगर में वर्षा हुई। आइएमडी के विज्ञानियों की तरफ से इस साल वर्षा सामान्य से कम जताई जा रही है। अभी तक भी हरियाणा में सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। विज्ञानियों के अनुसार मानसून आने वाले दिनों में जल्द ही पूरे हरियाणा में छा जाएगा। मानसून के दौरान 2025 में 134 प्रतिशत हुई थी वर्षा 2025 में मानसून के दौरान 134 प्रतिशत वर्षा हुई थी। यह सामान्य से अधिक थी। जुलाई 2025 में ही यह वर्षा 173.7 एमएम थी। यह सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई थी। वर्षा का यलो अलर्ट पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, हिसार, भिवानी, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात व पलवल।  

Punjab Weather Update: 18 जिलों में बारिश की चेतावनी, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; लुधियाना मेयर ने देर रात संभाला मोर्चा

लुधियाना /चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। कई जिलों में भारी बारिश हुई। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। मानसून के असर से गुरुवार को पंजाब के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। जबकि 14 जिलों के लिए तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट है। इनमें से 5 जिलों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है। लुधियाना में मानसून ने बुधवार रात 1 बजे दस्तक दी। इसके साथ ही तेज बारिश हुई। इसी बीच शहर की मेयर इंद्रजीत कौर रात 2 बजे वाटर लॉगिंग का जायज लेने निकलीं। उन्होंने दो पंपिंग स्टेशन और जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी है कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं, ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो। बुधवार को अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक था। सबसे अधिक तापमान 41.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया है। जबकि, चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश-मेयर रात 2 बजे पंपिंग स्टेशन पहुंची लुधियाना शहर में मानसून ने रात करीब एक बजे दस्तक की। एक बजे से पूरे शहर में झमाझम बारिश शुरु हुई तो शहर में वाटर लॉगिंग का खतरा मंडराने लगा। उधर, मेयर इंद्रजीत कौर ने मानसून की दस्तक के एक घंटे बाद यानि मिड नाइट 2 बजे पंपिंग स्टेशन पर रेड की। मेयर रात को पहले टिब्बा रोड स्थित पंपिंग स्टेशन पर पहुंची। जब मेयर वहां पहुंची तो वहां स्टाफ मौजूद था और पंपिंग स्टेशन वर्किंग था। मेयर ने उसके बाद जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। मेयर फिर वहां से माधोपुरी के पास बने पंपिंग स्टेशन का जायजा लेने पहुंची। वहां भी पंपिंग स्टेशन वर्किंग कंडीशन में था। मेयर ने ताजपुर रोड पर एसटीपी की भी जांच की। मेयर ने पंपिंग स्टेशन के कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो। आधी रात में मेयर को देख घबराए कर्मचारी मेयर आधी रात में जब पंपिंग स्टेशन पर पहुंची तो नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारी घबरा गए। मेयर ने जाते ही पंपिंग स्टेशन चेक किया और कर्मचारियों से जानकारी ली। कर्मचारियों ने मेयर को बताया कि पंपिंग स्टेशन लगातार चल रहा है और सीवरेज के पानी को यहां से एसटीपी तक पंपिंग सेट के जरिए ही पहुंचाया जा रहा है। हर पंपिंग स्टेशन पर जनरेटर की व्यवस्था है। बिजली बंद हो जाती है तो जनरेटर के जरिए पंपिंग सेट चलाए जाते हैं। वाटर लॉगिंग से बचना है तो फील्ड में उतरना होगा मेयर इंद्रजीत कौर ने आधी रात को बरसात में फील्ड में उतरकर अफसरों को भी साफ संदेश दे दिया है कि मानसून सीजन में सिर्फ दफ्तरों में बैठकर आदेश जारी करने से शहर को वाटर लॉगिंग से नहीं बचाया जा सकेगा। इसके लिए फील्ड में उतरना होगा। मेयर ने अफसरों को कहा है कि बारिश शुरू होते ही सभी अलर्ट मोड पर रहें ताकि पानी की निकासी के लिए जो संसाधन हैं उनको यूटेलाइज किया जा सके। 25 साल में मानसून 2008 में जल्दी आया साल 2026 में मानसून ने 1 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़, दोनों में दस्तक दी। यह पिछले साल के मुकाबले पंजाब में 9 दिन और चंडीगढ़ में 7 दिन देरी से पहुंचा। पिछले 25 वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, पंजाब में सबसे जल्दी मानसून 13 जून 2008 को पहुंचा था। जबकि सबसे ज्यादा देरी 2002 में हुई, जब पूरे राज्य में मानसून 15 अगस्त तक फैल पाया। आमतौर पर 2001 से 2026 के बीच मानसून ने पंजाब में जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच दस्तक दी है। हालांकि, 2020 और 2025 में मानसून जून में ही पूरे पंजाब और चंडीगढ़ को कवर कर चुका था। जबकि, 2021 और 2023 में पूरे पंजाब तक पहुंचने में करीब 1 महीना लग गया। कई बार चंडीगढ़ में मानसून पहले पूरी तरह पहुंच गया। जबकि, पंजाब के बाकी हिस्सों में कुछ दिन बाद फैला। वहीं, मानसून की विदाई ज्यादातर सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में हुई, जिससे राज्य में इसका असर करीब 3 महीने तक बना रहा।

आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं, जनता को सपा-कांग्रेस के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं

दंगाइयों के मुकदमे वापस लेने का प्रयास करती थी सपा सरकार:  सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया सहारनपुर नगर एवं सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹620 करोड़ से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं, जनता को सपा-कांग्रेस के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं कांग्रेस व सपा सरकारें रोकती थीं कांवड़ यात्रा,  जन्माष्टमी व दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर लगता था प्रतिबंध 2017 से पहले दंगा व पलायन, लेकिन आज विकास और निवेश बना है सहारनपुर की पहचान सहारनपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़ व मथुरा दंगों और कर्फ्यू की आग में झुलसते थे। कैराना व कांधला से पलायन की स्थिति थी, बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे। तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार दंगाइयों और उपद्रवियों के मुकदमे वापस लेने का कुत्सित प्रयास करती थी। लेकिन डबल इंजन सरकार ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया और हाल में मुरादाबाद के उपद्रवियों को कड़ी सजा भी दिलवाई है। अब उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं होते, बल्कि विकास की योजनाएं धरातल पर उतरती हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को सहारनपुर नगर एवं सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹620 करोड़ से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विपरीत मौसम व बारिश की चुनौतियों के बावजूद कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों, किसानों, मातृशक्ति व स्थानीय जनप्रतिनिधियों का हृदय से आभार व अभिनंदन किया। सीएम ने जनपदवासियों को विकास की इन सौगातों के लिए बधाई भी दी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं सीएम ने कहा कि जाति व क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले लोग आपको कमजोर कर रहे हैं। इनके बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं। वे कभी मां शाकंभरी के दर्शन करने के लिए नहीं गए। वे काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन, श्रीराम मंदिर का विरोध कर रहे थे। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में कह दिया कि भगवान राम व श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले  आस्था पर उपदेश दे रहे हैं! आस्था के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार नहीं है, जो अपराधी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। वैश्विक पटल पर चमक रही अयोध्या सीएम ने कहा कि कभी संकरी गलियों व अव्यवस्था की पहचान बन चुकी अयोध्या में आज चारों ओर से फोर लेन कनेक्टिविटी है। ब्रॉडगेज की डबल लाइन, इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका मिला, लेकिन उसने अयोध्या धाम के लिए कुछ नहीं किया। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में अयोध्या धाम त्रेतायुग की दिव्यता व भव्यता के साथ वैश्विक पटल पर चमक रहा है। संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि व बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुषों की विरोधी समाजवादी पार्टी व कांग्रेस ने सिर्फ अपने परिवार का नाम आगे बढ़ाने का काम किया।  2017 से पहले दंगा-पलायन थी पहचान सीएम योगी कहा कि 2017 से पहले दंगा, कर्फ्यू हमारी नियति बन गई थी। कैराना व कांधला से पलायन होता था। ये सभी क्षेत्र हिंदू विहीन कर दिए गए थे। बेटी व व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। कानून-व्यवस्था तहस नहस हो चुकी थी। 2011 में मुरादाबाद में डीआईजी पर हमला किया गया। उपद्रवी उन्हें मरा हुआ समझ छोड़कर चले गए। सपा सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके केस वापस लेने का कुत्सित प्रयास कर रही थी। हमारी सरकार ने उन सभी उपद्रवियों को सजा दिलाई। मजबूत कानून-व्यवस्था अब यूपी की नई पहचान है। कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था पैसा मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उनकी आस्था तब कहां थी जब कांवड़ यात्राओं, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा के पंडालों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे और विकास का पैसा या तो सपा के गुर्गों द्वारा खा लिया जाता था या कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में खर्च हो जाता था। आज वही पैसा मां शाकंभरी कॉरिडोर, इकोनॉमिक कॉरिडोर, फोर व टू लेन सड़क, पुल, विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, सरसावा में सिविल टर्मिनल निर्माण, रनवे की लंबाई बढ़ाने और वुड कार्विंग के कारीगरों का जीवन स्तर उठाने में खर्च हो रहा है। यह दृष्टिकोण का अंतर है। सपा को केवल सैफई की चिंता होती थी, जबकि डबल इंजन सरकार सभी 75 जनपदों, 1,07,000 गांवों, 57,000 ग्राम पंचायतों, 825 विकास खंडों, 12,000 वार्डों और 762 नगर निकायों की चिंता करती है। कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर से अर्थव्यवस्था को नई उड़ान सहारनपुर की बदलती तस्वीर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ₹12,000 करोड़ की लागत से बने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (ग्रीन फील्ड कॉरिडोर) का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली व सहारनपुर के बीच की दूरी महज डेढ़ घंटे की रह गई है। अब सहारनपुर एयर कनेक्टिविटी के लिए भी पूरी तरह तैयार हो रहा है। सरसावा में सिविल टर्मिनल के निर्माण और रनवे के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही सहारनपुर का अपना चालू एयरपोर्ट होगा और यहां के नागरिकों को दिल्ली या देहरादून जाने की बाध्यता नहीं रहेगी।   मां शाकंभरी देवी का भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मां शाकंभरी देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए एक भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। पिछले दिनों शिवालिक की पहाड़ियों में अचानक हुई भारी वर्षा के दौरान प्रशासनिक मुस्तैदी और समय पर जारी अलर्ट के कारण जन-धन की हानि रोकने में सफलता मिली थी। भविष्य में मौसम चाहे कैसा भी हो, श्रद्धालुओं का आवागमन बाधित न हो, इसके लिए एलिवेटेड कॉरिडोर और बेहतरीन फैसिलिटेशन सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जो पहले की सरकारों के लिए सपना था। सहारनपुर के कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी वुड कार्विंग की परंपरा को जीवित रखा। यहां से 600 करोड़ रुपये से अधिक के वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात किया गया है। सहारनपुर में सुनिश्चित किया चौतरफा विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि सहरानपुर का अपना मेडिकल कॉलेज भी बन गया है। इसके प्रथम चरण का काम पूरा हो चुका है … Read more

UPTET 2026 परीक्षा 2 से 4 जुलाई तक, 60 जिलों के 955 केंद्रों पर 19.94 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

यूपीटीईटी-2026 की परीक्षा 2 से 4 जुलाई तक, 60 जनपदों के 955 केंद्रों पर 19.94 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल एआई सीसीटीवी और इंटीग्रेटेड कमांड रूम से होगी निगरानी, परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू पारदर्शी, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण परीक्षा के लिए आयोग कृत संकल्पित लखनऊ,  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी-2026) की लिखित परीक्षा 02 व 03 जुलाई 2026 को दो-दो पालियों तथा 04 जुलाई 2026 को एक पाली, इस प्रकार कुल 05 पालियों में प्रदेश के 60 जनपदों में 955 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। इस परीक्षा में कुल 19,94,661 पंजीकृत परीक्षार्थी प्रतिभाग करेंगे। आयोग के अनुसार 02 जुलाई की दोनों पालियों एवं 03 जुलाई की प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी, जबकि 03 जुलाई की द्वितीय पाली एवं 04 जुलाई की प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार (सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, उ.प्र.) ने बताया कि सभी 60 जनपदों के 955 परीक्षा केंद्रों पर तैयारियों की गहन समीक्षा कर ली गई है। सभी केंद्रों पर परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण हिस्सों को एआई सीसीटीवी से आच्छादित कर जनपद के कंट्रोल रूम तथा आयोग में स्थापित अत्याधुनिक एआई कैमरों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। आयोग के कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण कर लिया गया है। आयोग स्तर से प्रत्येक जनपद के लिए एक-एक सदस्य, सेवानिवृत्त आईएएस व सेवानिवृत्त आईपीएस को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया है, जो अपने आवंटित जनपद में पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुके हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण तथा उनकी निगरानी टीमों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर लगातार भ्रमण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा केंद्रों पर पर्याप्त फोर्स की तैनाती की जा रही है। संदिग्ध व असामाजिक तत्वों पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नकल कराने अथवा परीक्षा की शुचिता व गोपनीयता को प्रभावित करने वाले व्यक्ति, संस्था या संबंधित के विरुद्ध उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों द्वारा किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन आदि का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा आगमन, प्रवास व प्रस्थान के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आकस्मिक स्थिति हेतु समुचित सुरक्षा एवं चिकित्सीय प्रबंध के निर्देश भी शासन द्वारा दिए गए हैं। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तथा प्रवेश पत्र में मुद्रित निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें। शासन के निर्देशों के अनुरूप केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उनके हित में सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी अफवाह अथवा बहकावे में न आएं और सूचनाओं की पुष्टि आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in एवं 'X' हैंडल @upesscprayagraj से कर लें। अध्यक्ष ने कहा कि शासन एवं आयोग इस परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष तथा शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 10 जिलों में आधुनिक रजिस्ट्री कार्यालय और अभिलेखागार बनेंगे

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के दस जिलों में फ्लैट, मकान, प्लाट वगैरह की रजिस्ट्री और आसान होने वाली है। इन जिलों में दस उप निबंधक कार्यालयों और अभिलेखागारों का शिलान्यास किया गया है। योगी सरकार में स्टांप और पंजीयन राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बुधवार को लखनऊ से ही इनका वर्चुअल शिलान्यास किया। मथुरा, कुशीनगर, झांसी, गोण्डा, मुरादाबाद, अमरोहा, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ और बाराबंकी जनपदों में विभिन्न जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार रजिस्ट्री कार्यालयों में आने वाले आमजन को हर अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इन नए और विस्तारित भवनों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को विलेखों के पंजीकरण और शासकीय अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव में अत्यधिक सुगमता होगी। सभी दस जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित इस वर्चुअल शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सभी 10 शिलान्यास स्थलों पर भव्य स्थानीय समारोहों का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। आगरा मंडल के मथुरा जनपद के सदर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य तेजवीर सिंह, सांसद हेमामालिनी, विधान परिषद सदस्य योगेश चौधरी, विधान परिषद सदस्य ओमप्रकाश सिंह तथा विधायक श्रीकान्त शर्मा उपस्थित रहे। गोरखपुर मंडल वहीं गोरखपुर मंडल के कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज में आयोजित समारोह में सांसद विजय कुमार दूबे तथा विधायक विनय प्रकाश गोंड ने सहभागिता की। झांसी मंडल के झांसी जनपद के सदर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद अनुराग शर्मा, विधायक राजीव  सिंह पारीछा तथा विधायक रवि शर्मा मौजूद रहे। देवीपाटन मंडल देवीपाटन मंडल के गोण्डा जनपद के सदर में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक प्रतीक भूषण सिंह, विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह (मंजू सिंह) तथा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने हिस्सा लिया। मुरादाबाद मंडल मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत मुरादाबाद जनपद के सदर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक रितेश कुमार गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि इसी मंडल के अमरोहा जनपद के हसनपुर में आयोजित समारोह में सांसद श्री कवंर सिंह तंवर, विधायक महेन्द्र सिंह खड़गवंशी तथा विधान परिषद सदस्य डा० हरि सिंह ढिल्लो ने भागीदारी की। लखनऊ मंडल के सीतापुर जनपद के सदर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य मंत्री कारागार सुरेश राही, राज्य मंत्री नगर विकास राकेश राठौर तथा विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान सम्मिलित हुए। लखनऊ मंडल लखनऊ मंडल के ही हरदोई जनपद के सदर में आयोजित समारोह में सांसद जय प्रकाश, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल तथा विधान परिषद सदस्य अशोक कुमार अग्रवाल ने सहभागिता की। लखनऊ जनपद के मोहनलालगंज में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक अमरेश कुमार रावत मौजूद रहे। अयोध्या मंडल अयोध्या मंडल के बाराबंकी जनपद के सदर में आयोजित कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह उपस्थित रहे। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में रजिस्ट्री कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार के इस जनहितैषी प्रयास की सराहना की।