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भाजपा संगठन में हलचल तेज: 12 और 13 मई को कार्यसमिति बैठक में तय होगी नई रूपरेखा

रायपुर. छत्तीसगढ़ भाजपा ने आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक रायपुर में 12 और 13 मई को आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी, जिला अध्यक्षों और कोर ग्रुप के सदस्य शामिल होंगे। बैठक की जानकारी देते हुए केदार कश्यप ने बताया कि इस दौरान संगठन के मंडल और जिला प्रशिक्षण वर्ग की समीक्षा की जाएगी। साथ ही पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। बैठक में भाजपा संगठन आने वाले महीनों के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर मंथन करेगा। इसमें जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। राजनीतिक प्रस्ताव होगा पारित वन मंत्री के अनुसार, कार्यसमिति की बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा, जिसमें पश्चिम बंगाल और असम चुनावों में भाजपा की जीत पर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया जाएगा। साथ ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के लिए धन्यवाद प्रस्ताव भी रखा जाएगा। चुनावी तैयारी का संकेत राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक आने वाले चुनावों और संगठन विस्तार की दिशा में भाजपा की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। 19 मई को जगदलपुर में अमित शाह की बड़ी बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे एक उच्चस्तरीय अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक (Inter-State Council meeting) की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती 5 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा गृह मंत्री इस दौरान बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और सुरक्षा बलों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे। वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार अमित शाह की बस्तर बैठक नक्सलवाद के खात्मे के बाद की सुरक्षा स्थिति और अंतर-राज्यीय विकास के मुद्दों पर केंद्रित होगी। छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के सरकार के लक्ष्य (31 मार्च 2026) के बाद यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। कुछ खबरों में आसपास के अन्य प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के जुड़ने की भी बात कही गई है। बैठक बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित की जाएगी।

योगी सरकार की योजनाओं का गांव-गांव में दिख रहा असर, दुग्ध कारोबार के जरिए अवध क्षेत्र में बनीं 18 हजार लखपति दीदी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गांवों में अब महिलाएं केवल घरेलू काम और पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजी और संगठित दुग्ध व्यापार के जरिए सीधे बाजार से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की योजनाओं और प्रशिक्षण मॉडल का असर यह है कि केवल अवध क्षेत्र में दुग्ध कारोबार से 18 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। योगी सरकार द्वारा तैयार किए गए पारदर्शी दुग्ध नेटवर्क के जरिए गांवों में कारोबार करने वालों को बिचौलियों से मुक्ति मिल गई है। अब दूध की गुणवत्ता जांच से लेकर भुगतान और बिक्री तक का पूरा हिसाब तकनीक के जरिए संचालित हो रहा है। मोबाइल एप और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से महिलाएं गांव से ही सीधे बाजार व्यवस्था से जुड़ रही हैं। हाईटेक बन रहीं गांव की महिलाएं योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए दुग्ध क्षेत्र में बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की गईं। अवध क्षेत्र में सवा लाख से अधिक महिलाओं को आधुनिक दुग्ध उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन और डिजिटल भुगतान प्रणाली का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। महिला स्वामित्व वाली सामर्थ्या मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी के जरिए महिलाओं को कारोबार में तमाम सुविधाएं मिलने लगी हैं। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर दस दिन में सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और ग्रामीण महिलाओं का भरोसा भी मजबूत हुआ है। बढ़ती आर्थिक ताकत और संगठित दुग्ध क्रांति का संकेत मात्र तीन वर्षों के भीतर सवा लाख से अधिक महिला सदस्य इस नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग चार लाख लीटर से ज्यादा दूध का संग्रहण किया जा रहा है। यह आंकड़ा गांवों में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक ताकत और संगठित दुग्ध क्रांति का संकेत माना जा रहा है। दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता और भुगतान से जुड़ी सूचनाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गांवों में पारंपरिक दुग्ध कारोबार अब आधुनिक व्यवसाय मॉडल में बदलता दिखाई दे रहा है। लखपति दीदी मॉडल से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था महिला स्वयं सहायता समूहों और दुग्ध समितियों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। दुग्ध व्यापार से जुड़ी महिलाएं अब अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ गांवों में रोजगार सृजन का भी माध्यम बन रही हैं। योगी सरकार की योजना गांव स्तर पर ऐसे नेटवर्क को और विस्तारित करने की है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। योगी सरकार का यह मॉडल अब ग्रामीण महिला सशक्तीकरण और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बनता जा रहा है।

लापरवाही और भ्रष्टाचार पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सख्त एक्शन

 लखनऊ  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लापरवाह और भ्रष्ट चिकित्सकों पर बड़ी कारवाई करते हुए पांच चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने पर एडीएम की जांच में दोषी पाए गए अंबेडकरनगर के सीएमओ डॉ. संजय शैवाल एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। हरदोई में संडीला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने अवैध रूप से संचालित प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों को बचाया। वरिष्ठ चिकित्साधिकारियों को नजरंदाज कर कनिष्ठों से काम लेने पर सीएमओ से जवाब-तलब किया गया है। लंबे समय से गैरहाजिर गोरखपुर जिला चिकित्सालय की डॉ. अलकनन्दा, कुशीनगर सीएमओ के अधीन डॉ. रामजी भरद्वाज, बलरामपुर सीएमओ के अधीन डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी स्थिति जगदीशपुर सीएचसी के डॉ. विकलेश कुमार शर्मा व औरैया दिबियापुर सीएचसी की डॉ. मोनिका वर्मा को बर्खास्त किया गया है। प्रयागराज मेजा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर कोरांव सीएचसी अधीक्षक रहते हुए प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही पर विभागीय कार्यवाही एवं तबादला किये जाने के आदेश दिये गये हैं। सुल्तानपुर के लम्भुआ सीएचसी में महिला के इलाज में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह (वर्तमान तैनाती-सीएचसी कादीपुर), डॉ. धर्मराज, चिकित्साधिकारी एवं सीएचसी-लम्भुआ में तैनात फार्मासिस्ट अवधनारायण के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही होगी। मथुरा जिला चिकित्सालय में तैनात इमर्जेन्सी मेडिकल अफसर डॉ. देवेन्द्र कुमार एवं सर्जन डॉ. विकास मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने गलत मेडिकोलीगल बनाया। उन पर विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही होगी। डिप्टी सीएम ने बलरामुर सीएमओ के अधीक्षक डॉ. अन्नू चन्द्रा, वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के डॉ. शिवेश जायसवाल, बदायूं जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. अरुण कुमार, खीरी स्थित गोला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार, संयुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डा.अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. जानकीश चन्द्र शंखधर शामिल हैं। झांसी के मोठ ट्रामा सेंटर में आर्थोसर्जन डॉ. पवन साहू पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप सही पाए जाने पर दो वेतनवृद्धियां रोक दी गई हैं। बलरामपुर सीएमओ के अधीन डॉ. संतोष सिंह की चार, झांसी सीएमओ के अधीन डॉ. निशा बुन्देला की दो वेतनवृद्धियां रोकने के आदेश दिए गए हैं। हमीरपुर जिला महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लालमणि पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान प्रसूताओं से वसूली एवं अभद्रता करने पर तीन वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकी गई हैं। स्टेट हेल्थ एजेन्सी, साचीज की ओर से संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेश चिकित्सा योजना में प्रतिनियुक्ति पर तैनात डॉ. आदित्य पाण्डेय की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उन्हें मूल तैनाती स्थल रायबरेली सीएमओ के अधीन भेजा गया है। लापरवाही बरतने के मामले में बहराइच महसी सीएचसी की डॉ. प्रतिभा यादव व मथुरा राल सीएचसी के डॉ. राकेश सिंह को परिनिन्दा का दंड दिया गया। बदायूं राजकीय मेडिकल कालेज में हड्डी रोग विभाग में तैनात सह-आचार्य डॉ. रितुज अग्रवाल द्वारा एक महिला चिकित्साधिकारी एवं एक अन्य चिकित्साधिकारी से गाली गलौज एवं अभद्रता किये जाने के मामले पर उन पर विभागीय कार्यवाही की गई है।  

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में “संध्या संवाद” से ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

लखनऊ  योगी सरकार के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के विजन को नई धार देने के लिए देवीपाटन मंडल में “संध्या संवाद कार्यक्रम” की शुरुआत शुक्रवार को श्रावस्ती से की गई। योगी सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासन को सीधे गांव-गांव तक ले जाने की इस पहल की शुरुआत श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।  संध्या संवाद में मंडलायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, शिविर लगाकर दिया गया योजना का लाभ देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती दौरे के दौरान “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ में प्रतिभाग कर ग्रामीणों से खुली चौपाल में सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत में एक दिवसीय विशेष शिविर भी आयोजित किया गया, जहां विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया गया। मंडलायुक्त ने बताया कि “संध्या संवाद कार्यक्रम” का उद्देश्य शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का है। इसी के तहत प्रशासनिक अधिकारी सीधे गांवों में पहुंचे और लोगों से संवाद किया। इससे न केवल लोगों का योगी सरकार पर विश्वास मजबूत होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।  किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई की।  इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान कराया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद  संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की। आयुक्त ने राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता और विभागों के बीच समन्वय की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय और मजबूत रखी जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए  मंडलायुक्त ने कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं की भी सुनवाई की। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जीपीएफ, पेंशन और अन्य देयकों के लंबित भुगतान की शिकायत की, जिस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मालूम हो कि योगी सरकार लगातार वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर जोर दे रही है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। इसके बाद आयुक्त ने श्रावस्ती में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन और नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच की। इस दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित कई परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए।

यूपी में बूथ सत्यापन अभियान शुरू, दो हजार कार्यकर्ता मैदान में उतरे

 लखनऊ  बंगाल, असम और पुडुचेरी में प्रचंड जीत के बाद यूपी का चुनावी पारा चढ़ गया है। आत्मविश्वास की लहर पर सवार भाजपा ने प्रदेश पर पूरा फोकस कर दिया है। मिशन-2027 को भेदने के लिए बूथ कमेटियों के सत्यापन, सामाजिक समीकरण और जीत-हार के कारकों पर 15 दिन में रिपोर्ट बनाने के लिए दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा गया है। उन्हें हर मंडल में दस दिन रहते हुए चुनावी धड़कन पकड़ना होगा गाजियाबाद, लखनऊ एवं कानपुर में बैठक कर पार्टी होमवर्क बना चुकी है। 12 मई को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन जिलाध्यक्षों के साथ लखनऊ में मीटिंग कर बूथ प्रबंधन को मथेंगे। 1981 मंडलों में बूथों सत्यापन के लिए पार्टी ने उतारे गए दो हजार कार्यकर्ता भाजपा ने प्रदेश के विधान सभा चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर बूथ प्रबंधन को बदले हुए तेवर के साथ जमीन पर उतारा है। प्रभारी रहते हुए वर्ष 2014 में अमित शाह ने विरोधी दलों को बूथ प्रबंधन के चक्रव्यूह में उलझाकर भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भी माइक्रोमैनेजमेंट ने पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाया। 2019 लोकसभा एवं 2022 विधानसभा चुनाव में भी बूथों के राजनीतिक कौशल की भूमिका रही, लेकिन कमेटियों का भौतिक सत्यापन न होने से बाद में कई पदाधिकारी कागजों पर ही नजर आए। अब 2027 विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी ने बूथ प्रबंधन का गियर नए सिरे से लगाया है। जातीय समीकरण, विपक्षी दलों की स्थिति व जीत-हार पर भी देनी होगी रिपोर्ट प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों के 1981 मंडलों में बूथ कमेटियों एवं शक्ति केंद्रों (जिसमें पांच से सात बूथ होते हैं) की जांच के लिए पार्टी ने दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मा दिया है, जो 10 दिन में प्रदेश संगठन को रिपोर्ट देंगे। उन्हें न सिर्फ बूथ अध्यक्षों, बूथ प्रभारियों एवं शक्ति केंद्रों का भौतिक सत्यापन करना है, बल्कि विपक्षी दलों एवं मतदाता सूची की स्थिति, सामाजिक-राजनीतिक समीकरण, जीत-हार के फैक्टर एवं कार्यकर्ताओं की स्थिति पर जमीनी रिपोर्ट बनाकर देनी होगी। कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे बूथ कमेटियों की रिपोर्ट तैयार होने के बीच योगी सरकार में छह नए मंत्रियों एवं प्रदेश और क्षेत्रीय इकाई घोषित करने की योजना है। लखनऊ में प्रदेश इकाई की जिलाध्यक्षों के साथ बैठक के बाद बूथों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज करते हुए कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे। सालभर चले अभियानों की पड़ताल करने के साथ ही भाजपाइयों को हर विधानसभा सीट पर फीडबैक भी देना होगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को दी शुभकामनाएं

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी व सभी मंत्रियों को उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।  अब सिद्ध होगा 'सोनार बांग्ला' का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सुवेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! ​पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आप (सुवेंदु अधिकारी) के ऊर्जावान नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' का संकल्प सिद्ध होगा और प्रदेश सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं आर्थिक उत्थान के अमृतकाल में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री ने लिखा कि ​आपका कार्यकाल बंगाल के जन-जन की आकांक्षाओं की पूर्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बने, माँ काली से यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित मंत्रियों को भी दी बधाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को भी बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में मंत्री पद की शपथ लेने वाले समस्त माननीय को भी हृदयतल से बधाई! पूर्ण विश्वास है कि आप सभी जन-सेवा को सर्वोपरि मानकर 'सोनार बांग्ला' के गौरव को पुनर्स्थापित करेंगे।  ​माँ काली की कृपा से आप सभी का कार्यकाल यशस्वी और लोक-कल्याणकारी हो।

किसी की लगी लॉटरी, किसी को लगा झटका! बिहार कैबिनेट विस्तार में दिखा बड़ा फेरबदल

पटना  बिहार में सम्राट का स्मार्ट मूव। कल तक जो मुख्यमंत्री के रेस में थे मंत्री तक नहीं बन पाए। सम्राट का 'स्मार्ट मूव' गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान दिखा। कई मंत्रियों को मिजाज के साथ-साथ विभाग भी बदल दिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में विभागों का जब बंटवारा हुआ तो कई के तो लॉटरी लग गए, गर कई को तो जोर का झटका धीरे से लगा। बिहार में जिन मंत्रियों का विभाग बदला बीजेपी के कई मंत्रियों के विभाग बदल दिए गए। ये बदलाव विभाग में अपेक्षित कार्य नहीं करने के कारण नहीं लगा। ऐसा इसलिए कि तीन चार-माह में किसी का मूल्यांकन क्या हो सकता है। लेकिन जैसे पानी में पत्थर फेंक शांत तालाब में हलचल लाई जाती है वैसे ही विभाग को बदल कर आलाकमान ने साफ-साफ कह दिया कि यहां स्थाई कुछ नहीं होता, काम कर के दिखाना पड़ता है।     विजय सिन्हा: पिछले मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री रहे विजय कुमार सिन्हा को एक साथ कई विभाग मसलन राजस्व एवं भूमि सुधार के साथ-साथ खान एवं भूतत्व विभाग भी था। लेकिन इस बार विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग से संतोष करना पड़ा।     दिलीप जायसवाल: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के पास पिछली बार पथ निर्माण जैसा विभाग था, मगर इस बार उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग दिया गया।     रामकृपाल यादव: विभाग तो रामकृपाल यादव का बदल दिया गया है। रामकृपाल यादव के पास कृषि था, अब इन्हें सहकारिता दी गई है।     नीतीश मिश्रा: पिछले के पिछले मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। इस बार उन्हें नगर विकास विभाग मिला है। साथ में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिला है।     अरुण शंकर प्रसाद: पिछले मंत्रिमंडल में कला, संस्कृति एवं पर्यटन थे, उन्हें श्रम एवं प्रवासी कल्याण युवा विभाग दी गई है। बीजेपी में जिनका कद बढ़ा कुछ विधायक जो इस बार मंत्री बने हैं उन पर सम्राट चौधरी विशेष मेहरबान रहे हैं।     इंजीनियर शैलेन्द्र: पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल इंजीनियर शैलेन्द्र को मिला बड़े विभाग का तोहफा। इन्हें पथ निर्माण जैसा विभाग दिया गया है।     संजय टाइगर: इस बार उच्च शिक्षा विभाग देकर मान बढ़ाया है। साध ही विधि विभाग भी दिया गया है। इसके पहले संजय टाइगर को श्रम विभाग था।     श्रेयसी सिंह: इनका कद बढ़ाया गया है, इन्हें पहले खेल विभाग मिला था। इस बार इस विभाग के साथ ही इन्हें उद्योग भी मिला है।     प्रमोद चंद्रवंशी: पर्यावरण एवं वन खान एवं भूतत्व, कला एवं संस्कृति विभाग बिहार में पहली बार मंत्री बने     केदार गुप्ता: पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई।     रामचंद्र प्रसाद: पर्यावरण, वन्य एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मिला।     नंद किशोर राम: डेयरी, मतस्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री बना गए।

RO-ARO भर्ती: OBC अभ्यर्थियों को 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा पक्ष

RO-ARO भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को मिला 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा मजबूत पक्ष – 419 अभ्यर्थियों का हुआ था चयन, 176 ओबीसी वर्ग से चयनित – हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले के आधार पर कोर्ट में पक्ष रखेगा यूपी लोक सेवा आयोग – चयनित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन शुरू – रिजल्ट के बाद एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थी कर चुके हैं ज्वाइन – त्रिस्तरीय प्रक्रिया के तहत हुई थी RO-ARO भर्ती परीक्षा – आयोग का दावा- आरक्षण नियमों के तहत हुई पूरी चयन प्रक्रिया – कोर्ट में भर्ती प्रक्रिया के समर्थन में मजबूती से रखा जाएगा पक्ष – RO-ARO भर्ती में सामाजिक न्याय और मेरिट दोनों का संतुलन – ओबीसी युवाओं की बढ़ी भागीदारी बनी चर्चा का केंद्र प्रयागराज/लखनऊ समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले और उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का गहन अध्ययन कर रहा है। आयोग का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा केवल 'सूटेबिलिटी एग्जाम' होती है, जिसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, जबकि आरक्षण का अंतिम निर्धारण फाइनल चयन चरण में किया जाता है। आयोग के सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अंतरिम रोक दे चुका है और आयोग हाईकोर्ट में इन्हीं स्थापित कानूनी सिद्धांतों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। 419 चयनितों में 176 ओबीसी अभ्यर्थियों का चयन आयोग द्वारा बताया गया कि 5 अप्रैल 2026 को घोषित अंतिम परिणाम में कुल 419 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें 176 अभ्यर्थीओबीसी वर्ग से हैं। यानी कुल चयन में ओबीसी वर्ग की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जबकि सामान्य वर्ग का प्रतिशत 28.16 रहा। आयोग का कहना है कि यह परिणाम पूरी तरह समावेशी चयन प्रक्रिया को दर्शाता है, जिसमें मेरिट और नियमबद्ध आरक्षण व्यवस्था दोनों का संतुलन सुनिश्चित किया गया। नियमों और विज्ञापन के अनुरूप हुई पूरी प्रक्रिया आयोग सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि RO-ARO भर्ती प्रक्रिया में आयोग ने विज्ञापन की शर्तों और 1994 तथा 1986 की स्थापित नियमावलियों का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय परीक्षा प्रणाली में प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग और उपयुक्तता तय करने के लिए होती है, जबकि अंतिम चयन मुख्य परीक्षा, टंकण परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाता है। ऐसे में फाइनल रिजल्ट में ओबीसी वर्ग को मिला 42 प्रतिशत प्रतिनिधित्व यह साबित करता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सामाजिक न्याय के अनुरूप रही है। हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे हैं सवाल कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अंतिम चयन सूची को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाओं में आरक्षण और माइग्रेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि आयोग का कहना है कि अदालत में पूरी प्रक्रिया का कानूनी और तथ्यात्मक पक्ष विस्तार से रखा जाएगा। हरियाणा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर फोकस आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम आदेशों और कानूनी टिप्पणियों को अपने पक्ष के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। आयोग का मानना है कि आरक्षण और माइग्रेशन से जुड़े मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट संकेत दे चुका है कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के प्रश्न पर विस्तृत कानूनी परीक्षण आवश्यक है। इसी आधार पर आयोग हाईकोर्ट में यह पक्ष रखेगा कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमबद्ध, पारदर्शी और स्थापित संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी या नुकसान न हो।

हल्दी से कैंसर पर वार! हरियाणा की यूनिवर्सिटी तैयार कर रही खास नैनो-जैल तकनीक

हिसार. महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर मामलों के बीच गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में हर्बल आधारित नैनो-जैल पर शोध शुरू किया गया है। फार्मास्युटिकल साइंसिज विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा राव इस शोध के माध्यम से ऐसी जैल विकसित करने पर काम कर रही हैं, जो शुरुआती स्तर पर कैंसर कोशिकाओं की पहचान और लक्षित उपचार में सहायक हो सके। शोध में गुरुग्राम स्थित डीपीजी यूनिवर्स कालेज की डॉ. वर्षा भी सहयोग कर रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित यह जैल प्रभावित हिस्से पर सीधे काम करने के सिद्धांत पर विकसित की जा रही है। इसमें हल्दी के सक्रिय तत्व ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल घटकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट कम रहने की संभावना जताई जा रही है। शोध पूरा होने पर इसका पेटेंट कराया जाएगा। जानें… क्या है नैनो-जैल तकनीक शोध के तहत विकसित की जा रही जैल नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर दवा के प्रभाव को प्रभावित हिस्से तक केंद्रित करना है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान उपचार में दवाओं की अधिक मात्रा और उनके व्यापक प्रभाव से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नैनो-जैल तकनीक इस चुनौती को कम करने की दिशा में उपयोगी हो सकती है। हरियाणा में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल लगभग 8 हजार से 10 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर मामले सामने आने का अनुमान है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहरी क्षेत्रों में मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान और जागरूकता की कमी को प्रमुख कारण मानते हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी कई बार तीसरे या चौथे चरण में सामने आती है। साइड इफेक्ट कम करने का प्रयास इस जैल में हल्दी से प्राप्त ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल तत्वों का उपयोग किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर्बल बेस होने के कारण इसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। जैल को त्वचा पर लगाने योग्य रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रभावित हिस्से पर सीधे उपयोग संभव हो सके।

बिल्डरों पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ और मोहाली में लंबी कार्रवाई से मचा हड़कंप

चंडीगढ़. मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कथित सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) घोटाले और मनी लांड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की कार्रवाई करीब 40 घंटे बाद खत्म हुई। गुरुवार सुबह शुरू हुई रेड शुक्रवार देर रात तक चली। लगातार दो दिन चली इस कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबारियों और प्रॉपर्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा रहा। सूत्रों के अनुसार ईडी की टीमें दूसरे दिन भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और बिल्डरों, कंपनियों तथा कथित लायजनरों से जुड़े दफ्तरों और आवासों की तलाशी ली। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में कुल मिलाकर कई ठिकानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत खंगाले गए। जांच के घेरे में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, आल्टस स्पेस बिल्डर्स, डीआर कंस्ट्रक्शन और कुछ अन्य रियल एस्टेट कंपनियां हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें नकदी, प्रॉपर्टी दस्तावेज, बैंक रिकार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि मनी ट्रेल और निवेशकों से जुड़े लेनदेन की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके। जांच में सामने आया है कि न्यू चंडीगढ़ में बड़े रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीएलयू मंजूरियां हासिल की गईं। आरोप है कि जमीन मालिकों की सहमति के लिए फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए। इसी आधार पर बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाकर करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 2022 और 2024 में एफआईआर दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग जांच शुरू की। सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जो कथित तौर पर बिल्डरों और सरकारी दफ्तरों के बीच संपर्क का काम करते थे। कुछ लायजनरों से जुड़े परिसरों में भी लंबी पूछताछ हुई। कार्रवाई के दौरान कई अहम फाइलें और डिजिटल डेटा कब्जे में लिया गया है। उधर, जांच के बीच पंजाब सरकार ने खरड़ नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह का तबादला फिरोजपुर कर दिया। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताया है, लेकिन रेड के दौरान हुए इस तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।