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राजस्थान में मेट्रो विस्तार तेज, जयपुर में 10 नए एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे

जयपुर  जयपुर मेट्रो के फेज-2 का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. अब तक जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए बैठकों का दौर चल रहा था. हाल ही में केंद्र ने जयपुर मेट्रो के सेकंड फेज को मंजूरी दी. दूसरे फेज में 41 किलोमीटर मेट्रो जोड़ने का काम होने वाला है. हालांकि भविष्य में इसे 125 किलोमीटर बनाने का है. जो साल 2055 तक का टारगेट है. जबकि 41 किलोमीटर मेट्रो को 2031 तक पूरा करने का टारगेट है. इस बीच केंद्र सरकार से 918 करोड़ की मंजूरी मिली है जिससे 12 किलोमीटर कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा. सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को लेकर प्रक्रिया में तेजी आ गई है. राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ मानी जा रही इस परियोजना के तहत अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है. 10 एलिवेटेड स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने फेज-2 के पहले पैकेज के लिए 918.04 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों हेतु स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है. इस पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक करीब 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण शामिल है. इसके तहत एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण किया जाएगा. इस कॉरिडोर में प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला स्टेशन शामिल हैं. इसके साथ ही मेट्रो डिपो तक जाने वाली स्पर लाइन का निर्माण भी इसी पैकेज का हिस्सा होगा. 29 किलोमीटर के लिए भी जल्द निविदा प्रक्रिया शुरू मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुल 41 किलोमीटर के प्रस्तावित नेटवर्क में से शेष 29 किलोमीटर के लिए भी जल्द निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि पूरे प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके. गौरतलब है कि इस मेट्रो परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 13,037.66 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी. इसके बाद राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय बैठकों में इसके तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए थे. अब स्वीकृति पत्र जारी होने के साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे शहर के यातायात ढांचे में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.

राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डिजिटल अरेस्ट और निवेश फ्रॉड गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार

कोटा राजस्थान के कोटा ग्रामीण पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जिसमें पिछले 10 दिनों में 4 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े बैंक खातों में देशभर में करीब 70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं. डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर बिछाया जाल  पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के मुताबिक, यह गिरोह ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग, शेयर मार्केट निवेश, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था.आरोपी नवनीत विजयवर्गीय कोटा के महावीर नगर का रहने वाला है जबकि सलमान अहमद तलवंडी क्षेत्र का रहने वाला है वही एक नाबालिग को भी निरूद्ध किया गया है . आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करते थे, जिन्हें बाद में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किया जाता था. पेंशन के बहाने 58 करोड़ का 'खूनी' लिंक जांच में सामने आया कि अलग-अलग मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी की गई. एक मामले में पेंशन चालू करवाने के बहाने सिम और बैंक डिटेल लेकर करीब 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से लिंक मिला. वहीं अन्य मामलों में 1.69 करोड़, 71 लाख और करीब 9.71 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के युवक शामिल हैं, जो व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर गिरोहों से जुड़े हुए थे.  साइबर सेल ने किया खुलासा इस कार्रवाई में सुल्तानपुर, इटावा, दीगोद और रामगंजमंडी थाना पुलिस सहित साइबर सेल की विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया. पुलिस का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा.

झारखंड वेतन घोटाला: सीआईडी ने 1.80 करोड़ फ्रीज किए, कई गिरफ्तारियां जारी

बोकारो झारखंड के बोकारो कोषागार से वेतन की अवैध निकासी मामले में सीआईडी की एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच टीम ने अब तक की तफ्तीश में 10 करोड़ रुपये से अधिक की मनी ट्रेल का पता लगाया है। इसे अब तक का सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है। सीआईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच दल ने धन के लेन-देन (मनी ट्रेल) का विश्लेषण करने के बाद विभिन्न बैंक खातों में हस्तांतरित 1.80 करोड़ रुपये चिह्नित कर फ्रिज कर दिया है। 18 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को भी सीज किया गया है। एसआईटी ने गुरुवार को अशोक भंडारी के बोकारो आवास पर छापे मारे। इस दौरान पुलिस को निवेश और अचल संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज मिले, जिसमें बोकारो के तेलीडीह में 4.08 डिसमिल जमीन व उस पर बना एक तीन मंजिला आलीशान मकान, तेलीडीह में 4.98 डिसमिल की एक अन्य भूमि के दस्तावेज मिले हैं। बोकारो एसपी कार्यालय से आरक्षी गिरफ्तार बोकारो ट्रेजरी से अवैध निकासी की जांच कर रही सीआईडी रांची की टीम ने गुरुवार को एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित आरक्षी काजल मंडल को गिरफ्तार किया। उसे पूछताछ के लिए रांची लाया गया है। काजल पर कौशल पांडेय का सहयोगी होने का आरोप है। काजल की गिरफ्तारी से पूर्व सीआईडी रांची की टीम ने मैनुअल व डिजिटल तरीके से कई रिकार्ड की जांच की। लगातार चार कर्मियों की गिरफ्तारी से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। तीन पहले ही गिरफ्तार इस घोटाले में संलिप्तता के आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय बोकारो की लेखा शाखा में तैनात तीन कर्मियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें लेखापाल कौशल कुमार पांडेय को मास्टरमाइंड मान कर जांच की जा रही है। जबकि होमगार्ड सतीश कुमार व जमादार अशोक भंडारी की गिरफ्तारी कौशल के सहयोगी के तौर पर हुई है। गुमला में भी 28 लाख की गड़बड़ी, रिपोर्ट तलब गुमला जिले में वेतन मद से 28.39 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है। गुमला ट्रेजरी से यह गड़बड़ी महालेखाकार द्वारा आईएफएमएस डाटा की समीक्षा के दौरान सामने आई है। यह अवैध निकासी वर्ष 2017 से वर्ष 2025 के दौरान की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गुमला डीसी दिलेश्वर महतो ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट मांगी है। उपायुक्त की ओर से डीएसई समेत संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि महालेखाकार के पत्र के आलोक में पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि मुख्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके। जांच के लिए जिन डीडीओ और पदाधिकारियों को चिह्नित किया गया है, उनमें डीएसपी बीरेंद्र टोप्पो, घनश्याम चौबे (जीएमएस पतराटोली) और प्रियाश्री भगत (गवर्नमेंट मिडिल स्कूल मोरहाटोली) शामिल हैं।

अंबाला में सनसनीखेज वारदात: गो-तस्करों ने पुलिस समझकर चलाई गोली, युवक की गई जान

अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

जम्मू-अमृतसर हाईवे पर दर्दनाक घटना, रोडवेज बस दुकानों में जा घुसी

पठानकोट. पठानकोट में एक भयानक हादसा हो गया, जहां एक बेकाबू हरियाणा की बस दुकानों में जा घुसी। मिली जानकारी के मुताबिक, जम्मू-अमृतसर नेशनल हाईवे पर माधोपुर के पास हरियाणा रोडवेज की तेज रफ्तार बस अचानक नियंत्रण खो बैठी, जिसके बाद वह सड़क किनारे बनी दुकानों के शटर को तोड़ती हुई अंदर घुस गई। हादसे की सीसीटीवी भी सामने आई है। इस वजह से हुआ हादसा मौके पर दीवारे भी टूट गई और दुकानों के अंदर बड़ा कीमती सामान भी खराब हो गया। वहीं इस हादसें कई लोगों घायल भी हो गए हैं। हादसे के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ी इकट्ठी हो गई। बताया जा रहा है कि, हरियाणा रोडवेज बस जम्मू से पठानकोट आ रही थी, इस दौरान ड्राइवर की अचानक झपकी लग गई, जिस कारण बस कंट्रोल से बाहर हो गई और हाईवे पर स्थित दुकान पवन मोटर से जा टकराई उसके बाद बस बिट्टू इलेक्ट्रिशियन की दुकान में घुस गई।  हादसे की CCTV आई सामने इस भयानक मंजर की सीसीटीवी भी सामने आई है। पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा घटना कैद हो गई। इसमें साफ दिखाई दे रहा है कि, तेज रफ्तार बस दुकानों से टकराती हुई अंदर घुस गई। इससे पहले वहां से एक कार गुजरी जोकि बस की चपेट में आने से बच गई।  अन्य बस में सवारियां रवाना बताया जा रहा है कि, इस दौरान बस में कुछ यात्री सवार थे। अचानक से हुए इस हादसे में लोगों चीखने चिल्लाने लगे। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही इस दौरान कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, सभी सवारियों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद सवारियों को अन्य बसों में के जरिए रवाना कर दिया गया।  मौके पर पहुंची पुलिस ने लिया एक्शन घटना की सूचना मिलते ही मौके पर सुजानपुर पुलिस पहुंच गई और बस को जब्त कर लिया गया। पुलिस बस ड्राइनर को पकड़कर थाने ले गई। दुकानादारों के बयानों पर शिकायत दर्ज कर ली। इस दौरान दुकानदारों ने ड्राइवर से कहा कि नुकसान की भरपाई कर दो कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करवाएंगे। इस हादसे अंजाम देने के बाद भी ड्राइवर और कंडक्टर ने नुकसान की भरपाई देने की बात नहीं की। फिलहाल दुकानदारों ने ड्राइवर के खिलाफ थाना सुजानपुर में लिखित शिकायत दे दी है।

झारखंड: जंगल में मिले तीन शव, बिना चोट के निशान से बढ़ी सस्पेंस

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में रिश्ते के भाई-बहनों का शव बरामद हुआ। सगे भाई-बहनों के मौत के मामले में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उसने बताया कि तीनों के शव चार दिन पहले वन क्षेत्र में मिले थे। शव पर ना कोई चोट का निशान था और ना ही खून बह रहा था। ऐसे में सवाल उठता है कि तीनों भाई-बहनों की मौत कैसे हुई। इसी सवाल का जवाब अब एसआईटी ढूंढने का प्रयास करेगी। अल्पसंख्यक आयोग ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं पुलिस ने क्या बताया इस मामले की जानकारी देते हुए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि गुरुवार को पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों शवों पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। मृतकों की पहचान मोहम्मद आदिल (25) निवासी कटकमदाग, शानिया परवीन (19) निवासी लोहसिंघा और खुशी परवीन (21) निवासी हजारीबाग मुफस्सिल के रूप में हुई है। तीनों के शव 27 अप्रैल को मुफस्सिल पुलिस थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौटा वन क्षेत्र से बरामद किए गए थे। तीनों के लापता होने की शिकायत 23 अप्रैल को दर्ज कराई गई थी। अब पुलिस जांच के बाद पता चलेगा कि आखिर तीनों भाई-बहनों की मौत कैसे हुई थी। टेस्ट के बाद पता चलेगा सच पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मैंने तीनों व्यक्तियों की मौत की जांच के लिए एसडीपीओ (मुख्यालय) अमित कुमार आनंद के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शवों पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अभी कुछ परीक्षण किए जाने बाकी हैं, जिनसे यह निष्कर्ष निकाला जा सकेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मोहम्मद आदिल के पिता के बयान के आधार पर सात से आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष ने लगाए आरोप इस बीच, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने आरोप लगाया कि 23 अप्रैल को शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार को उन्होंने तीनों मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और उस स्थान का दौरा किया जहां शव मिले थे। मथारू ने संवाददाताओं से कहा कि मामले की शुरुआती चरण की पुलिस जांच संतोषजनक नहीं थी। हमने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें मामले में तेजी से कार्रवाई करने और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

रायपुर में समर कैंप शुरू: कला केंद्र में बच्चों को मिलेगा संगीत और कला सीखने का मौका

रायपुर. रायपुर के कला केंद्र में 15 दिवसीय समर कैंप के पहले बैच का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में पहले ही दिन 135 से अधिक बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कैंप के पहले दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए नई-नई कला विधाओं को सीखना शुरू किया। समर कैंप में गायन, वादन, गिटार, कीबोर्ड, डांस, क्ले आर्ट, पेंटिंग, माटी कला और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह समर कैंप तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 1 मई से 15 मई, 16 मई से 30 मई और 1 जून से 15 जून तक। कैंप का समय सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक रखा गया है, जिसमें शुरुआती 30 मिनट योग और जुंबा के लिए निर्धारित है, जबकि शेष समय में बच्चों को उनकी रुचि अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

डिप्टी सीएम अरुण साव का अलग अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर किया विकास कार्यों का निरीक्षण

लोरमी. अक्सर राजनीति में ऊंचे पदों पर बैठे चेहरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा का अभेद्य घेरा और सायरन बजाती गाड़ियाँ दिखाई देती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस ‘वीआईपी दीवार’ को ढहाकर एक नई मिसाल पेश की है। आज उप मुख्यमंत्री का एक ऐसा अंदाज दिखा, जिसने यह साबित कर दिया कि वे पद से नहीं, बल्कि दिल से जमीन से जुड़े नेता हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज औचक निरीक्षण पर निकले थे, लेकिन उनका तरीका किसी को भी चौंकाने वाला था। अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ी और प्रोटोकॉल को छोड़, डिप्टी सीएम ने एक आम नागरिक की तरह स्कूटी उठाई और खुद हैंडल संभालकर गलियों में निकल पड़े। रास्ते में जो भी मिला अरुण साव ने उनसे सीधा संवाद किया। स्कूटी रोककर बुजुर्गों का हाल जाना और युवाओं से विकास कार्यों पर फीडबैक लिया। जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि एक उपमुख्यमंत्री का इतना सहज और सरल होना लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को समय से गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

मप्र में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट: 2-5 मई तक 21 जिलों में येलो अलर्ट, तबाही का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है और अब प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग (IMD) ने 2 मई 2026 को 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. बीते दो दिनों से राज्य के आधे से अधिक जिलों में मौसम का यही रुख बना हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. प्रदेश में अगले चार दिनों तक ऐसा ही अस्थिर मौसम बना रहेगा।  इस बदले हुए मौसम पैटर्न ने जहां आमजन को राहत दी है, वहीं किसानों और ग्रामीण इलाकों में चिंता भी बढ़ा दी है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक ऐसा ही अस्थिर मौसम बना रहेगा. चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह सिस्टम सक्रिय हुआ है, जो मई की शुरुआत में ही असामान्य मौसम का संकेत दे रहा है।  इन जिलों में आंधी और तेज बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र ने शनिवार को एमपी के ग्वालियर समेत 21 जिलों में आंधी और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोक नगर, नीमच और मंदसौर मुख्य रूप से शामिल हैं। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। इन जिलों में दिखेगा गर्मी का असर वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग ने इन जिलों में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए अपील की गई है। प्रदेश में आने वाले दिनों के मौसम की बात करें तो 3, 4 और 5 मई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। दरअसल, चक्रवाती गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान में हल्कि गिरावट के आसार है। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। लेकिन, किसानों पर बारिश का बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनकी खुली जगह पर रखी फसलें (अनाज) खराब हो रही है। अन्य जिलों में गर्मी, लेकिन बदल सकता है मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है. हालांकि दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अचानक और अल्पकालिक हो सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  पिछले दो दिनों में कैसा रहा मौसम बीते 48 घंटों में प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में कहीं न कहीं आंधी, बारिश या ओलावृष्टि दर्ज की गई है. जबलपुर और दमोह में हल्की बारिश हुई. तापमान में भी गिरावट देखी गई. खंडवा में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि नरसिंहपुर, रतलाम और टीकमगढ़ में भी पारा 41 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ. बड़े शहरों में भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी तापमान में कमी आई है।  अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 5 मई तक प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बनी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का मौसम असामान्य जरूर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसे ट्रेंड देखने को मिले हैं।  किसानों और आम लोगों के लिए अलर्ट तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है. खेतों में काम कर रहे किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचें. पेड़ों और कच्चे ढांचों से दूर रहें।   

नेपाल लिंक वाले हवाला-साइबर गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने घोड़ासहन में की छापेमारी

मोतिहारी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन इलाके में पुलिस ने साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस कार्रवाई में करीब 69 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और सीमा पार फैले एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। साइबर टीम को मिली खुफिया खबर से खुला राज साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात घोड़ासहन मेन रोड, बाजार क्षेत्र और वीरता चौक समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब आधा दर्जन दुकानों की तलाशी ली गई। साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि साइबर ठगी से कमाया गया पैसा सीमा पार नेपाल में संचालित बैंक खातों के जरिए भेजा जा रहा है। नेपाली बैंकिंग चैनलों में घुमाया जाता था पैसा, 68 लाख कैश मिले सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो अवैध रकम को नेपाली बैंकिंग चैनलों के जरिए घुमाकर जांच एजेंसियों से बचाने की कोशिश कर रहा था। एसडीपीओ ने बताया, 'छापेमारी के दौरान इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 69 लाख रुपए, 11 मोबाइल फोन, करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई व्हाट्सएप नंबर बरामद किए गए।' आम लोगों के बैंक खातों का होता था इस्तेमाल पुलिस का कहना है कि जब्त सामान पूरे साइबर क्राइम नेटवर्क का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर साइबर ठगी का कारोबार चला रहा था और इसके जरिए 50 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन की आशंका है। गिरोह पर आरोप है कि वह आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था। जुटाई गई जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई। इस दौरान 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 69 लाख रुपए, 11 मोबाइल फोन, करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मिले। नेटवर्क की जड़ें इंटरनेशनल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्वी चंपारण से जुड़े इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें राज्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और छापेमारी और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।