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Defection Row: अमन अरोड़ा बोले- नेताओं का जाना ‘पुरानी बात’, पार्टी मजबूत

जालंधर. कैबिनेट मंत्री अमन अरोरा जालंधर में आम आदमी पार्टी का बैठक में पहुंचे। आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा राघव चड्ढा और संदीप पाठक पार्टी के लिए 24 घंटे पुरानी बात हो चुकी है। पार्टी एकजुट है और जालंधर में आयोजित की मीटिंग पार्टी ऑब्जर्वर के संबंध में को लेकर है। पार्टी इस संबंध में चिंतित नहीं के कोई राघव चड्ढा और संदीप पाठक के साथ जाने वाले हैं। अमन अरोडा में इस मीटिंग को रूटीन बताया और उन्होंने कहा ये एक बड़ी मीटिंग है इसलिए मीडिया में चर्चा का केंद्र है। कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे। कुछ दिन पहले बीजेपी में शामिल हुए थे सांसद राघव कुछ दिन पहले एक वीडियो शेयर करते हुए राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो गया था और अब भी वे जनहित के मुद्दे उठाते रहेंगे। अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं।

बोकारो डिपो की तकनीकी खराबी से प्रभावित हुई सप्लाई, धीरे-धीरे हालात सामान्य

 रांची राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की अचानक किल्लत से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर या तो तेल सीमित मात्रा में दिया गया या फिर पूरी तरह स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ पंपों पर स्थिति सामान्य भी रही, लेकिन कई इलाकों में उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कोकर स्थित चड्डा पेट्रोल पंप में पेट्रोल और डीजल कटौती कर दिया जा रहा है। पंप प्रबंधन के अनुसार, डिपो से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण सीमित मात्रा में ही तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं डोरंडा के तिवारी बेचर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म होने के कारण ‘पेट्रोल नहीं है’ का बोर्ड लगा दिया गया। खुखरी पेट्रोल पंप में भी दोपहर 12 बजे के बाद पेट्रोल खत्म हो गया, जिससे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। डीजल पर भी लगाई गई सीमा कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति भी सीमित कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर एक बार में अधिकतम 300 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है। इससे खासकर ट्रांसपोर्ट और व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर के साथ-साथ हाईवे पर स्थित कई पेट्रोल पंप भी मंगलवार को ड्राई नजर आए। पेट्रोल नहीं होने के कारण कुछ पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्या है वजह, क्या कहते हैं डीलर्स पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन झारखंड के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि रविवार को बोकारो स्थित डिपो में तकनीकी खराबी आने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसी वजह से कुछ पेट्रोल पंपों पर कुछ घंटों के लिए किल्लत देखने को मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है और स्थिति सामान्य हो रही है। डीलर्स का कहना है कि जल्द ही सभी पंपों पर आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो जाएगी। हालांकि, इस अस्थायी किल्लत ने एक बार फिर आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Panchkula Transport Update: बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन के लिए डायरेक्ट बस सेवा शुरू

पंचकूला. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिये पंचकूला से कनेक्ट हो गया है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की तरह अब पंचकूला बस स्टैंड से हरियाणा रोडवेज की बसें यात्रियों को लेकर स्टेशन तक पहुंचेंगी। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाॅप बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही पंचकूला की बसें स्टेशन पर आने लगेंगी। स्टेशन पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी होने से यात्रियों को महंगी टैक्सी और आटो का किराया खर्च नहीं करना पड़ेगा। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाप बनकर तैयार हो चुका है, हालांकि अभी रोड की कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। सड़क निर्माण पूरा होने पर पंचकूला की तरफ से बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी सिर्फ एक बस सुबह के समय पंचकूला से स्टेशन तक आ रही है। आने वाले दिनों में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी। स्टेशन पर आने व जाने वाले यात्रियों को बस स्टाॅप से बस मिलेगी और गंतव्य तक पहुंचाएगी। पंचकूला, पिंजौर-कालका के यात्रियों को फायदा पंचकूला की तरफ से पिंजौर, कालका और आसपास के यात्रियों के लिए फायदा होगा। इससे पहले पंचकूला की तरफ से पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने की वजह से यात्रियों को स्पेशल टैक्सी या आटो करना पड़ता था, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। अभी फिलहाल चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की बसों की स्टेशन तक कनेक्टिविटी है। अब दोनों तरफ से बसों की सुविधा होने से यात्रियों को फायदा होगा। अंतिम चरण पर स्टेशन का काम उधर, दूसरी तरफ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का काम भी अपने अंतिम चरण पर है। रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ नया फाइव-स्टार रेलवे स्टेशन बनेगा, जिसमें रूफ प्लाजा और मॉड्यूलर डिजाइन शामिल है। बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी पंचकूला की तरफ बस स्टाप बन गया है। अभी कुछ जगह सड़क निर्माण चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद पंचकूला साइड से बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी। – संजीव कुमार चौधरी, स्टेशन अधिक्षक, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन।

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा का हंगामेदार सत्र

लखनऊ महिला आरक्षण मुद्दे पर उत्तर विधानसभा का 30 अप्रैल से शुरू होने सत्र खास होगा। सरकार ने सार्थक चर्चा की तैयारी की है। इसमें महिलाओं को ही अधिक बोलने का मौका दिया जाएगा। वहीं समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्ष ने जहां सदन और उसके बाहर सरकार को घेरने की योजना तैयार की है। सपा के तीखे तेवर से विधानसभा सत्र हंगामेदार होने का आसार हैं। गुरुवार को होने वाला विधानसभा सत्रपरिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के मामले पर महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दोनों ही सदनों में अनवरत चर्चा होगी। 18वीं विधान सभा में कुल 51 महिला सदस्य हैं, इनमें सर्वाधिक 30 सदस्य भाजपा की हैं। सपा की 15, अपना दल की चार, कांग्रेस व रालोद की एक-एक महिला सदस्य हैं। वहीं, 100 सीटों वाली विधान परिषद में मात्र चार महिला सदस्य हैं। इनमें तीन भाजपा व एक निर्दलीय हैं। बुधवार 29 अप्रैल को विधानसभा व विधान परिषद की कार्यमंत्रणा समिति की अलग-अलग बैठक में विशेष सत्र का कार्यक्रम तय होगा, लेकिन यह माना जा रहा है कि महिला सदस्यों को ही ज्यादा बोलने का अधिक मौका दिया जाएगा। सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष व दलीय नेता भी इस पर अपने विचार रखेंगे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विषय पर अपनी बात रखेंगे और महिलाओं के लिए डबल इंजन की सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को गिनाएंगे। भाजपा महिला आरक्षण पर विपक्ष खासकर कांग्रेस व सपा को घेरेगी। विधान परिषद कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक गुरुवार 30 अप्रैल को होने जा रहे विधान परिषद के एकदिवसीय विशेष सत्र को लेकर सदन की कार्य परामर्शदात्री समिति की बुधवार को बैठक बुलाई गई है। विधान परिषद के विशेष सचिव संजय मेहरोत्रा ने इस संबंध में समिति के सदस्यों के नाम पत्र भेजा है। श्री मेहरोत्रा के अनुसार समिति की बैठक की अध्यक्षता सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह करेंगे जबकि बैठक में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य व नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव सहित नेता अपना दल (सोनेलाल) आशीष पटेल, नेता निषाद पार्टी, नेता जनत्तता दल लोकतांत्रिक, अक्षय प्रताप सिंह, नेता राष्ट्रीय लोकदल योगेश चौधरी, नेता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, बिच्छे लाल राम, नेता शिक्षक दल (गैर राजनीतिक) ध्रुव कुमार त्रिपाठी तथा नेता निर्दल समूह राज बहादुर चन्देल मौजूद रहेंगे। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सदन में उप नेता समाजवादी पार्टी, मो. जासमीन अंसारी, मुख्य सचेतक भारतीय जनता पार्टी अश्विनी त्यागी, समेत विधान परिषद सदस्य राजेन्द्र चौधरी, डा. महेन्द्र कुमार सिंह, सलिल विश्नोई और डा. जयपाल सिंह व्यस्त को भी आमंत्रित किया गया है।

Sultanganj Shootout: किताब के अंदर पिस्टल लेकर पहुंचा आरोपी, मुठभेड़ में ढेर

भागलपुर. भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद की राजनीति में पिछले पांच वर्षों के भीतर सत्ता, ठेके और बंदोबस्त पर नियंत्रण को लेकर चल रही वर्चस्व की लड़ाई धीरे-धीरे हिंसा और खूनी संघर्ष का रूप ले चुकी है। यही वजह है कि स्थानीय राजनीति में शह-मात का खेल अब सीधे अपराध और हमलों तक पहुंच गया है। इसी संघर्ष की परतें मंगलवार को हुए चर्चित शूटआउट और उससे जुड़ी पुरानी घटनाओं में साफ दिखाई देती हैं। तीन साल पुरानी रंजिश से शुरू हुई थी कहानी जानकारी के अनुसार, उप सभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव और उनके विरोधी गुट के बीच वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चल रही थी। इस लड़ाई में रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू के बीच भी अंदरूनी राजनीतिक समीकरण बनते-बिगड़ते रहे। बताया जाता है कि इसी राजनीतिक खींचतान ने तीन साल पहले बड़े हमले की पृष्ठभूमि तैयार की थी। 2023 का जानलेवा हमला बना टर्निंग प्वाइंट 23 फरवरी 2023 को मुंगेर से आए शूटर प्रशांत मंडल और आनंद ने रामधनी यादव पर जानलेवा हमला किया था। यह हमला उस समय उनके घर के पास स्थित गिट्टी-छर्री बिक्री के प्लाट के पास हुआ था। बताया जाता है कि हमलावरों ने गणित की किताब में छिपाकर पिस्टल लाई थी। इस हमले में रामधनी यादव को गोली लगी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई थी। शूटर की गिरफ्तारी से खुला था राज हमले के तुरंत बाद शूटर प्रशांत मंडल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए थे, जिससे हमले की साजिश की परतें खुलने लगी थीं। कहा जाता है कि इसी दौरान रामधनी यादव गुट ने सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू और कनबुच्चा यादव पर भी संलिप्तता के आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही राजनीतिक तनाव और गहरा गया। बढ़ती दुश्मनी और बदलते समीकरण सूत्रों के अनुसार, रामधनी यादव गुट को यह आशंका थी कि उनके खिलाफ साजिश में स्थानीय स्तर पर बड़े राजनीतिक गठजोड़ शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर राजकुमार उर्फ गुड्डू ने नगर परिषद की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। धीरे-धीरे बंदोबस्त और ठेका व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष और तेज हो गया। कनबुच्चा यादव पर भी हुआ था हमला पांच नवंबर 2023 को रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा यादव पर भी जानलेवा हमला हुआ था। यह हमला उनके घर में घुसकर किया गया था, जिसमें उन्हें गोली मारकर हत्या का प्रयास किया गया। हालांकि वह किसी तरह बच निकले थे। स्थानीय स्तर पर इस हमले को भी रामधनी यादव से जुड़ी पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा गया। नगर परिषद की सत्ता में बढ़ता संघर्ष नगर परिषद सुल्तानगंज में राजकुमार उर्फ गुड्डू के अध्यक्ष बनने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले। उस समय परिषद की राजनीति में राजकुमार, कनबुच्चा और रामधनी यादव के बीच त्रिकोणीय संघर्ष बन गया था। बंदोबस्त और ठेके के आवंटन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज होती गई, जिसने राजनीतिक विवाद को आपराधिक घटनाओं में बदल दिया। मंगलवार की वारदात का पूरा घटनाक्रम मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई गोलीबारी में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ कार्यालय पहुंचे थे और उन्हें पहले से जानकारी थी कि दोनों अधिकारी मौजूद हैं। हमले के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी किसी तरह बचकर बाहर निकल गए। हमले में केवल सभापति थे निशाने पर सूत्रों के अनुसार, हमलावरों का मुख्य निशाना केवल सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू थे। कार्यपालक पदाधिकारी ने जब विरोध करने की कोशिश की तो उन्हें भी गोली लग गई। बताया जाता है कि हमलावरों ने किसी और कर्मचारी को निशाना नहीं बनाया, जिससे यह साफ होता है कि हमला योजनाबद्ध और टारगेटेड था। हमलावरों की रणनीति और भागने का तरीका वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर कार्यालय से पैदल भागे और मुख्य सड़क पर पहले से खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें भागते हुए देखा, लेकिन किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं की। पुलिस को आशंका है कि हमलावर दियारा इलाके की ओर भागे हैं। 2023 की घटना में भी मिला था अहम सुराग 23 फरवरी 2023 के हमले में जब रामधनी यादव को गोली मारी गई थी, तब हमलावरों में से एक को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी थीं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। बाद में मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन भी किया गया था। पुलिस जांच में सामने आ रहे नए एंगल पुलिस अब पूरे मामले को पुराने हमलों और राजनीतिक रंजिश से जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नगर परिषद की राजनीति में ठेके और बंदोबस्त को लेकर चल रही लड़ाई ने ही इस पूरे घटनाक्रम को जन्म दिया है। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

मंत्रालय की कैंटीन में बड़ा बदलाव तय, 26 साल बाद कर्मचारी संघ ने उठाई मांग

रायपुर. नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) की कैंटीन व्यवस्था बदलने जा रही है. लंबे समय से कैंटीन संचालन इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के किया जा रहा था. अब निविदा के जरिए एक एजेंसी का चयन कर कैंटीन संचालन की नई व्यवस्था लागू करने जा रही है, इस बीच मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन संचालित करने की मांग रखी है. मंत्रालय याने महानदी भवन में अब तक इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के कैंटीन का संचालन किया जा रहा था. आईसीएच को कैंटीन संचालन के लिए राज्य शासन द्वारा लगभग 12 लाख रुपए प्रतिमाह की सब्सिडी प्रदान की जाती थी, वह भी बिक्री आय के अतिरिक्त. इसी कारण से कैंटीन में खाद्य पदार्थों की दरें बाजार दरों की तुलना में काफी कम बनी रहती थीं. कर्मचारी संघ ने चुनाव के दौरान इस व्यवस्था को समाप्त कर टेंडर आधारित, पारदर्शी प्रणाली लागू करने को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था. सामान्य प्रशासन विभाग इसी आधार पर खुली निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई. प्रारंभिक चरणों में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं मिली, परंतु प्रयासों के बाद अंततः एक एजेंसी का चयन कर नई व्यवस्था लागू की जा रही है. बताया जा रहा है कि कैंटीन पूर्णतः लागत-आधारित मॉडल पर संचालित होगी, जहां दरों का निर्धारण वास्तविक लागत के अनुरूप किया जाएगा. नई व्यवस्था में खाद्य पदार्थों के महंगे होने की आशंका जताते हुए मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है. जिसमें कैंटीन का संचालन निजी हाथों में सौंपने की बजाए महिला स्व-सहायता समूह को देने की मांग की है. इसके लिए प्रदेश के अन्य शासकीय कार्योलयों में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित किए जा रहे कैंटीन का हवाला देते हुए मंत्रालय कैंटीन की भी जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूह को देने की मांग की है.

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने की सीएम योगी के नेतृत्व में हो रहे विकास की सराहना

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने की सीएम योगी के नेतृत्व में हो रहे विकास की सराहना पीएम ने गंगा एक्सप्रेसवे को बताया विकास की नई लाइफलाइन, किसानों, उद्योग व युवाओं के लिए खुलेंगे अवसरों के द्वार हरदोई  गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में केवल एक्सप्रेसवे ही नहीं बन रहे, बल्कि इनसे भी तेज गति से प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने इसे “नए उत्तर प्रदेश” की पहचान बताते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और रोजगार के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक परिवर्तन का आधार है, जहां प्रदेश का विकास एक्सप्रेसवे की रफ्तार से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हरिद्वार तक विस्तार की योजना पर काम शुरू प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे का यह वरदान मां गंगा के आशीर्वाद से मिला है। अब लोग कुछ ही घंटों में संगम पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने खुशी जताई कि एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा गया है, जो प्रदेश की विरासत और विकास दोनों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले किसानों की फसलें समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन अब एक्सप्रेसवे के माध्यम से कम समय में उत्पाद बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर और प्रतापगढ़ का आंवला जैसे उत्पादों को नई बाजार पहुंच मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों में उद्योगों को आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे केवल पांच वर्षों में बनकर तैयार हुआ है और इसके विस्तार की योजना पर भी काम शुरू हो गया है, जिससे यह मेरठ से आगे हरिद्वार तक पहुंचेगा। साथ ही इसे अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़कर एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही यूपी की तस्वीर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। राज्य में 21 एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। ब्रह्मोस मिसाइल जैसे बड़े प्रोजेक्ट यूपी की औद्योगिक शक्ति को नई पहचान दे रहे हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल रही है और अब यूपी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। पिछली सरकारों ने अपराध-जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या पुरानी सरकारों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कल्पना भी की जा सकती थी? पहले पलायन होता था, आज यहां इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं। भारत में जितने मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं, उनमें से आधे से अधिक केवल उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने पुरानी सियासत को बदल दिया है। हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की पावन धरती है। पिछली सरकारों ने अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। जिनके हाथ से सत्ता गई है, वे आज फिर यूपी और समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे महिला विरोधी हैं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उन्होंने विरोध किया। लेकिन इन विपक्षी दलों को यूपी की सीटें बढ़ने से आपत्ति है। वे आपके वोट से संसद पहुंचते हैं और फिर यूपी को गाली देने वालों के साथ खड़े हो जाते हैं।

CM भगवंत मान की राष्ट्रपति से अहम बैठक तय, डिपोर्टेशन और दलबदल मुद्दे एजेंडे में

चंडीगढ़. पंजाब की सियासत में राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। पत्रकारों के साथ बातचीत में मान ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और जनता के भरोसे उच्च सदन में भेजा गया, उनका दल बदलना गंभीर विषय है। सरकार इस पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे भारतीयों के मुद्दे पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब के हैं और एक महिला भी शामिल है। दिल्ली जाएंगे सीएम भगवंत मान अन्य में 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 2 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। मान ने कहा कि वह खुद दिल्ली जाकर इन लोगों को रिसीव करेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये पंजाब पहुंचेंगे, पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। अब तक कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। मान ने बताया कि जांच में अमृतपाल सिंह से जुड़े कुछ नाम सामने आने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कानून व्यवस्था पर भी दिया बयान उन्होंने दोहराया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे किसी का भी राजनीतिक या सामाजिक समर्थन हो, अगर जांच में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में राज्यसभा विवाद, सुरक्षा मामलों और डिपोर्टी जैसे मुद्दों पर सियासी हलचल और बढ़ने के संकेत हैं।

तीर्थ, विरासत और इको-टूरिज्म स्थलों तक पहुंच होगी तेज और आसान

लखनऊ गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण होने के साथ उत्तर प्रदेश में विकास, आस्था और पर्यटन को नई रफ्तार मिल गई है। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे केवल यातायात का आधुनिक मार्ग नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ने वाला मजबूत आध्यात्मिक कॉरिडोर बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साकार हुआ 594 किलोमीटर लंबा विश्वस्तरीय कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज तक पश्चिम, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को तेज रफ्तार संपर्क से जोड़ रहा है। करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने छह लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में भारी कमी आएगी और मेरठ से प्रयागराज का सफर अब करीब 6 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यावरण पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, साथ ही व्यापार, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। मेरठ के हस्तिनापुर को मिला अधिक फायदा  गंगा एक्सप्रेसवे से सबसे अधिक लाभ पाने वाले क्षेत्रों में मेरठ जिले का हस्तिनापुर है। महाभारत काल से जुड़ा हस्तिनापुर जैन धर्म का भी प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां योगी सरकार 15 करोड़ रुपये से अधिक की एकीकृत पर्यटन विकास परियोजना चला रही है। बेहतर सड़क संपर्क से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पाण्डेश्वर महादेव मंदिर, करण मंदिर, उल्टा खेड़ा उत्खनन स्थल और हस्तिनापुर वन्यजीव अभ्यारण्य जैसे स्थल अब नई पहचान पाएंगे। संभल क्षेत्र को भी इस परियोजना से नई ऊर्जा मिलेगी। यहां विकसित हो रहे कुरुक्षेत्र तीर्थ स्थल तक पहुंच आसान होने से धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा।  यह मार्ग धार्मिक तथा प्राकृतिक पर्यटन को एक साथ जोड़ता है   हापुड़ के ब्रजघाट गढ़मुक्तेश्वर, बुलंदशहर के अवंतिका देवी मंदिर, अमरोहा के वासुदेव मंदिर, बदायूं के श्रीरामचंद्र विराजमान मंदिर और शाहजहांपुर के परशुराम मंदिर जैसे स्थलों को भी इस कॉरिडोर से बड़ा लाभ मिलेगा। बागपत के लाक्षागृह जैसे ऐतिहासिक स्थलों के पर्यटन महत्व में भी वृद्धि होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में हरदोई के वनेश्वर महादेव मंदिर, उन्नाव के नवाबगंज इको-टूरिज्म क्षेत्र, रायबरेली के चामुंडा शक्तिपीठ, प्रतापगढ़ के मां ज्वाला देवी धाम और प्रयागराज तक यह मार्ग धार्मिक तथा प्राकृतिक पर्यटन को एक साथ जोड़ता है। प्रयागराज ब्लैकबक रिजर्व जैसे स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यावरण पर्यटन को भी गति मिलेगी। इको-टूरिज्म स्थलों को प्रदान करेगा नई ऊर्जा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होगा। यह एक्सप्रेस-वे जैन सर्किट, महाभारत सर्किट और 'कल्कि धाम' संभल के अतिरिक्त मार्ग के आसपास के इको-टूरिज्म स्थलों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, गंगा एक्सप्रेस-वे अब केवल एक सड़क नहीं, यह एक सपने की मूर्त अभिव्यक्ति है। गंगा एक्सप्रेस वे से मेरठ और प्रयागराज की दूरी 10-12 घंटे से घटकर महज 5 घंटे रह जाने की उम्मीद है। मेरठ से एक्सप्रेस-वे की शुरुआत होगी जो हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज में समाप्त होगी।

राजस्थान ATS की बड़ी कार्रवाई: फर्जी आधार सेंटर से राष्ट्र विरोधी नेटवर्क का खुलासा

जयपुर राजस्थान में फर्जी आधार कार्ड के रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. ATS की सूचना पर फर्जी आधार सेंटर चलाने में मदद करने वाले DOIT और आधार के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए लोगों में प्रोग्रामर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सहायक प्रोग्रामर और एक संविदाकर्मी शामिल है. ये सभी कर्मचारी अपनी आईडी और तकनीकी पहुंच का इस्तेमाल कर फर्जी बायोमेट्रिक्स के जरिए आधार कार्ड बनाने में गिरोह की मदद कर रहे थे. इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को दबोचा जा चुका है. जानकारी के मुताबिक, फर्जी तरीके से बनाए गए आधार साइबर क्राइम और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था. आरोपी के पास मिले थे कई उपकरण दरअसल, एटीएस ने कुछ दिन पहले भादरा में फर्जी आधार सेंटर पकड़ा था, जिसमें आरोपी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से लैपटॉप, प्रिटंर, आईरिस डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई, कैमरा, मोबाइल फोन सहित कई अन्य उपकरण बरामद हुए थे. इसके अलावा जसवन्त, बलराम व अमीर खान को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. आधार सेंटर जसवंत और आमिर ख़ान के नाम से ही अलॉट था और ये दोनों अपनी फिंगर प्रिंट और आंखों की Retina से कुलदीप से फर्जी आधार सेंटर हनुमानगढ़ में चलवा रहे थे. एटीएस के मुताबिक, गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, फर्जी सिम कार्ड जारी करने, साइबर अपराधों के लिए और फर्जी बैंक खाते खुलवाने में किया जा रहा था. एटीएस के एडीजी एमएन दिनेश ने बताया कि भादरा के ही फर्जी आधार सेंटर से हरियाणा निवासी एक युवक का पासपोर्ट बना था. जब राजस्थान एटीएस ने जांच आगे बढ़ाया तो पता चला कि इस मामले में आधार doit के कुछ कर्मचारी भी मिले हुए हैं. उसके बाद हनुमानगढ़ में ब्लॉक भादरा के दिनेश कुमार (प्रोग्रामर) और रामनिवास सोनी (सहायक प्रोग्रामर) सहित एक संविदाकर्मी रवि शीला (आर-स्वान इंजीनियर) को पकड़ा गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की हो रही जांच आरपियों द्वारा अब तक इस प्रकार फर्जी तरीके से कितने आधार तैयार किए गए हैं. इस बारे में UIDAI & DOIT से समन्वय स्थापित कर जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं गिरोह के द्वारा चलाए जा रहे इस धोखाधडी के नेटवर्क मे जुड़े अन्य साथियों के संबध में गहनता से जांच-पड़ताल जारी है. ATS के पास इनपुट है कि इस तरह से फ़र्ज़ी आधार सेंटर राजस्थान में और भी कई शहरों में चल रहे हैं. इस फ़र्ज़ी आधार सेंटर की सहायता से ग़लत लोग फ़र्ज़ी आधार कार्ड बनवा रहे हैं. इससे मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं और ये मोबाइल नंबर साइबर ठगी में उपयोग किया जा रहा है. वहीं, बैंक खाते खुलवाए जा रहे, उसमें साइबर अपराध से जुड़े पैसे मंगवाए जा रहे हैं. इसके अलावा पासपोर्ट बनवाकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल में लिया जा रहा है. बता दें कि हाल ही में जयपुर से एक मामला सामने आया था, जिसमें पाकिस्तान का आतंकी खरगोश जयपुर आया और फ़र्ज़ी आधार के इस्तेमाल कर वह पासपोर्ट बनवाकर वापस इंडोनेशिया से खाड़ी देश में फ़रार हो गया. इस तरह से आधार कार्ड का बड़ा रैकेट पूरे राजस्थान में चल रहा है.