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पंजाब में बड़ा हादसा टला: पटियाला में ट्रैक ब्लास्ट, शंभू-राजपुरा रेल लाइन क्षतिग्रस्त

राजपुरा. शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर देर रात करीब 9:30 बजे तेज धमाका हुआ। धमाके से पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। सूत्रों के अनुसार इसी रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव भी मिला है, जिसके चीथड़े उड़े हुए थे। हालांक पुलिस की तरफ से किसी शव मिलने की पुष्टि नहीं का जा रही। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने शंभू-राजपुरा रूट की सभी ट्रेनों, चाहे वह यात्री हैं या मालगाड़ी को एहतियातन नजदीकी स्टेशनों पर रोक दिया है। यह धमाका राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर की रेलवे ट्रैक पर हुआ है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ली जा रही मदद घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुट गई हैं। धमाका किस वस्तु से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 जनवरी 2026 को भी फतेहगढ़ साहिब ज़िले के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास भी डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर रात लगभग 9:50 बजे भी धमाका हुआ था। एक रेलवे कर्मचारी हुआ जख्मी मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया और इसमें सवार एक रेलवे कर्मचारी इंजन के शीशे टूटने से जख्मी हो गया था जबकि लोको पायलट बाल-बाल बच गया था। इस धमाके में ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इस मामले की जांच अब तक जारी है। बीती रात शंभू बॉर्डर के नजदीक रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में एसएसपी पटियाला आईपीएस वरुण शर्मा ने मंगलवार सुबह बताया कि बीती रात धमाके के बारे में सूचना मिलते ही डीआईजी सहित वह पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। घटना स्थल की जांच के दौरान पता चला कि यह धमाका प्लांड था और जो व्यक्ति धमाका करने के लिए विस्फोटक लग रहा था वह इसी धमाके में मारा गया। मरने वाला व्यक्ति जगरूप सिंह है जो तरनतारन के गांव पंजखड़ का रहने वाला था। मौके से एक सिम कार्ड भी मिला है। इस सिम कार्ड को तकनीकी टीम के जरिए जांचा जा रहा है। इसके अलावा फॉरेंसिक की टीम में भी मौके पर जांच कर रही है। फिलहाल घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस टीम काम कर रही है।

RTE में बड़ा बदलाव: EWS बच्चों को प्राथमिकता, पारदर्शिता के लिए डिजिटल सिस्टम लागू करेगी सरकार

रायपुर. डिजिटल सुशासन का सशक्त मॉडल से शिक्षा के अधिकार को एक नया आसमान मिल रहा है। भारत में शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा मिलने के बाद से लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि हर बच्चे तक शिक्षा का उजाला पहुंच सके। हमारे देश मे एक लंबे समय तक यह देखा गया कि नीतियां तो जरूर बनाई जाती रही मगर जमीन पर उसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पहुंच की कमी बनी रहती थी। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने जो करके दिखाया है आज उसकी मिसाल दी जा रही है। प्रदेश भर मे मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन के जरिए शिक्षा के अधिकार (RTE) को वास्तविक रूप में लागू किया जा रहा है। यह कदम तकनीकी सुधार ही नई बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और पारदर्शिता की दिशा में भी एक क्रांतिकारी पहल है। RTE और डिजिटल बदलाव से पैदा हो रही एक नई सोच शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित किया गया है। पहले यही प्रक्रिया जटिल, समय लेने वाली और कई बार विवादों से घिरी रहने वाली होती थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस चुनौती को समझा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया। अब आवेदन करने से लेकर चयन तक स्टेप ऑनलाइन और औटोमेटिक हो गया है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप स्वयमेव कम हो गया है। पक्षपात की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो गई है साथ ही पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा है। निष्पक्षता की गारंटी बन रही है ऑनलाइन लॉटरी डिजिटल प्रक्रिया का सबसे इम्पॉर्टन्ट पार्ट है ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम। उदाहरण के तौर पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कुल 38,439 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमे 27,203 आवेदन पात्र पाए गए और इन पात्र आवेदन से 14,403 बच्चों का ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयन किया गया। पूरी तरह कंप्यूटर आधारित और रैंडमाइज्ड होने वाली इस प्रक्रिया से किसी भी प्रकार की सिफारिश या पक्षपात की गुंजाइश अपने आप समाप्त हो जाती है। राज्य सरकार का यह कदम सुनिश्चित करता है कि हर बच्चे को समान अवसर मिले जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। सटीकता और भरोसे का आधार है डिजिटल सत्यापन डिजिटल प्रणाली में चयन के साथ डिजिटल सत्यापन को भी शामिल किया गया है। इस प्रणाली मे आवेदन के दौरान दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच,पात्रता की स्वचालित पुष्टि, गलत जानकारी की तत्काल पहचान कर ली जाती है। जिससे यह पूरी प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बन जाती है। अभिभावकों के लिए भी बनी सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया डिजिटल प्रणाली का बड़ा लाभ आम नागरिकों को भी मिल रहा है। अब अभिभावकों को स्कूलों या कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते क्योंकि वे अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापन और अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन करते समय सिस्टम के द्वारा 1.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले निजी स्कूलों की सूची और उपलब्ध सीटों की जानकारी भी उपलब्ध हो जाती है। इस सुविधा से अभिभावकों को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। कमजोर वर्ग के बच्चों को मिल रही प्राथमिकता इस योजना के उद्देश्य के मूल मे ही समाज के उन कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाना है जो अब तक अपने पिछड़ेपन की वजह से ज्ञान और शिक्षा से वंचित रहे। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस योजना मे अनुसूचित जाति (SC),अनुसूचित जनजाति दिव्यांग और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार की यह पहल सामाजिक समावेशन को मजबूत करने वाली और समानता की दिशा में ठोस कदम साबित हो रही है। योजना के व्यापक प्रभाव से हो रहा लाखों बच्चों को लाभ वर्तमान मे छत्तीसगढ़ में इस योजना से 3 लाख 63 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य की साय सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 300 करोड़ रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया है, जिससे और भी अधिक बच्चों को लाभ मिल सकेगा और निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और मजबूत होगी। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह कदम केवल कागजों तक ही सीमित नहीं होगा बल्कि जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव को देखा जा सकेगा। जिलेवार सफलता प्रमाण है की योजना राज्य के हर कोने तक पहुंच रही है। इस डिजिटल प्रक्रिया की सफलता इस बात से ही साबित हो जाती है कि छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में हजारों बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है। रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, सरगुजा, जशपुर, बस्तर जैसे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों का चयन हुआ है। सुदूर प्रांतों से बच्चों का चयन यह दर्शाता है कि यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों तक भी सफलता पूर्वक पहुंची है। छत्तीसगढ़ मे हुई डिजिटल सुशासन की व्यापक पहल RTE के अलावा भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कई डिजिटल सुधार किए जा चुके हैं जैसे e-Office प्रणाली,CMO पोर्टल, स्मार्ट क्लासरूम, विद्या समीक्षा केंद्र इत्यादि इन सभी कदमों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना ही रहा है। APAAR ID से और संवरेगा राज्य का डिजिटल भविष्य शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को और मजबूत करने के लिए छात्रों को 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान देने वाली APAAR ID जैसी पहल भी महत्वपूर्ण है। यह ID उनके पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का कम करती है, जिससे भविष्य में बच्चों को स्कूल बदलने में आसानी होगी, रिकॉर्ड की पारदर्शिता बनी रहेगी और शिक्षा प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता से संभव हो पाया यह बदलाव इस महा परिवर्तन के पीछे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की स्पष्ट सोच और प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है क्योंकि वे दृढ़ता से इस बात के पक्षधर हैं कि “कोई भी बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।” उनकी यही सोच इस डिजिटल RTE मॉडल की नींव है। समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम डिजिटल प्रक्रिया ने शिक्षा को अधिक समावेशी, अधिक सुलभ और अधिक पारदर्शी बनाने का कम किया है परिणामस्वरूप … Read more

पंजाब में ‘मिशन अन्वेषण’ की शुरुआत, गैस और तेल की खोज के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू

 चंडीगढ़  पंजाब में पोटाश की संभावनाओं के बाद अब प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की खोज के लिए नई पहल शुरू की गई है। खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को बताया कि हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज से राज्य के आर्थिक विकास में नया आयाम जुड़ सकता है। मंत्री गोयल ने एमजीएसआइपीए में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और आयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें राज्य में प्रस्तावित सर्वेक्षण के लिए सहयोग मांगा गया। अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में डीजीएच के एचओडी अजय कुमार शर्मा, डीजीएम सुरेंद्र कुमार दास और ओआइएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुप कुमार समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। बैठक में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में तेल और गैस की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर ओआइएल राज्य में 2डी सिस्मिक सर्वे करेगा, जिससे जमीन के नीचे मौजूद तेल और गैस भंडारों का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा। इस परियोजना का नाम ‘मिशन अन्वेषण’ रखा गया है। सर्वे में श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला जिलों को शामिल किया गया है। पंजाब सब-बेसिन में लगभग 169 लाइन किलोमीटर क्षेत्र में सिस्मिक सर्वे किया जाएगा, जिससे सटीक भू-वैज्ञानिक डाटा तैयार किया जा सकेगा। मंत्री गोयल ने कहा कि इस पहल से ऊर्जा संसाधनों की खोज को गति मिलेगी और देश की विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार, निदेशक खनन अभिजीत कापलिश और मुख्य अभियंता हरदीप सिंह मेंदिरत्ता समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि राज्य अपने जलकार्बन भंडार का दोहन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पहले, जलकार्बन महानिदेशालय और ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित सर्वेक्षणों के लिए समर्थन मांगने के लिए उनसे मुलाकात की थी। केंद्रीय टीम ने श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला सहित जिलों में प्राकृतिक तेल और गैस भंडार की संभावना पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रव्यापी अन्वेषण अभियान के तहत जलकार्बन भंडार की पहचान करने के लिए बड़े पैमाने पर 2डी भूकंपीय सर्वेक्षण किया जाएगा। केंद्र सरकार की “मिशन अन्वेषण” पहल के तहत किए जाने वाले इस सर्वेक्षण में पंजाब उप-बेसिन के लगभग 169 किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य सटीक भूवैज्ञानिक डेटा जुटाना और अनछुए क्षेत्रों में मौजूद खनिज और पेट्रोलियम संसाधनों का आकलन करना है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें पंजाब, राजस्थान और गंगा बेसिन सहित प्रमुख बेसिनों में अन्वेषण प्रयासों का विस्तार करना शामिल है। इस कदम के महत्व पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि यह अन्वेषण अभियान एक व्यापक भूवैज्ञानिक डेटाबेस बनाने, आयातित ऊर्जा पर भारत की निर्भरता कम करने और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलने में सहायक होगा। उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की पहल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।” मंत्री जी ने समय पर सर्वेक्षण पूरा करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार और खनन निदेशक अभिजीत कपलीश शामिल थे, भी उपस्थित थे।  

‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ कहने वाले रिंकू सिंह राही ने चुपचाप लिया यू-टर्न

लखनऊ यूपी कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपना तकनीकी इस्तीफा आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. उन्होंने 26 मार्च 2026 को राष्ट्रपति और डीओपीटी को अपना त्यागपत्र भेजकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था. राजस्व परिषद से अटैच राही ने बिना काम के वेतन लेने को अनैतिक बताते हुए यह कदम उठाया था. इसके साथ ही उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चलने का गंभीर आरोप लगाया था. अब शासन स्तर पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने गोपनीय तरीके से इस्तीफा वापसी की अर्जी दी है. इस्तीफा वापसी की प्रक्रिया रही बेहद गोपनीय रिंकू सिंह राही का इस्तीफा 30 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद यूपी की ब्यूरोक्रेसी में तूफान आ गया था. हालांकि, अब उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया. शासन के सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा वापसी का मामला अभी उच्च स्तर पर लंबित है. सरकार से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद उनकी बहाली और नई तैनाती के संबंध में आदेश जारी किया जाएगा. फिलहाल रिंकू सिंह ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. आखिर क्यों नाराज थे IAS अधिकारी? जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहते हुए वकीलों के साथ हुए विवाद और उठक-बैठक के वीडियो के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था. तब से वे राजस्व परिषद में अटैच थे. राही का तर्क था कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा के लिए कोई सार्थक कार्य नहीं सौंपा गया. उन्होंने 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का सिद्धांत देते हुए कहा था कि एक ईमानदार अधिकारी के लिए बिना काम के पैसे लेना स्वीकार्य नहीं है. समानांतर सिस्टम पर उठाए थे सवाल अपने इस्तीफे वाले पत्र में रिंकू सिंह ने प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखा हमला किया था. उन्होंने लिखा था कि मौजूदा समय में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम काम कर रहा है, जहां अच्छे काम के बावजूद अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है. उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी के पुराने पद पर वापस भेजे जाने की भी मांग की थी.  

दर्दनाक घटना: भिवानी की प्राइवेट बस में भीषण आग, कई घायल

 भिवानी हरियाणा के भिवानी जिले के गांव मिलकपुर में सोमवार को एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. यहां भिवानी से हांसी की ओर जा रही एक प्राइवेट बस अचानक आग का गोला बन गई. इस दर्दनाक हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. अचानक लगी आग के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. यात्रियों की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी. सूचना मिलते ही आनन-फानन में मौके पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंच गई. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस भिवानी से सवारियां लेकर हांसी की तरफ जा रही थी. जैसे ही बस मिलकपुर गांव के पास पहुंची, अचानक बस का टायर फट गया. बताया जा रहा है कि टायर का एक नुकीला टुकड़ा बस की तेल की टंकी (फ्यूल टैंक) से जा टकराया, जिससे टंकी फट गई और देखते ही देखते पूरी बस में भीषण आग लग गई. दो की मौत, घायलों का उपचार जारी आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. इस हादसे में दो लोगों की झुलसने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से हांसी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान अभी बाकी हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस यात्रियों के सामान और अन्य माध्यमों से उनकी पहचान करने में जुटी है. मौके पर भारी भीड़ जमा है और बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी है.

जालंधर में बारिश, तापमान में गिरावट, अगले 48 घंटे तक होगी बूंदाबांदी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी

जालंधर/ चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आज (28 अप्रैल) से मौसम बदल गया है। कई जगह आसमान में बादल छाए हुए हैं, जबकि लुधियाना, अमृतसर, मोहाली और जालंधर में बारिश हुई है।मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने लगातार 2 दिन आंधी और बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाएं 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी। हीट वेव की संभावना नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। औसत अधिकतम तापमान अभी सामान्य से तीन डिग्री अधिक बना हुआ है। सबसे अधिक 43 डिग्री अधिकतम तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया है। 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक 20 जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), एसएएस नगर (मोहाली), फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, पटियाला में आंधी चलने की संभावना है, जबकि सभी में बारिश का अनुमान है। जालंधर में बारिश से बदला मौसम जालंधर में मंगलवार (28 अप्रैल) सुबह हुई बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज शहर का अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 23°C रहने का अनुमान है। सुबह की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ जालंधर में उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। आज सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया। सुबह सवेरे शुरू हुई बारिश ने शहर को पूरी तरह से सराबोर कर दिया। बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। इस समय मौसम की यह स्थिति बनी आसमान के ऊपरी हिस्से में पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं का सिस्टम एक्टिव है, जो उत्तर भारत (खासतौर पर पंजाब-हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर) के ऊपर से गुजर रहा है। इस वजह से आंधी, बारिश व बिजली गिरने की संभावना बढ़ गई है। लुधियाना में सुबह मौसम बिगड़ा। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। लोगों को गर्मी से मिली राहत लगातार बढ़ते तापमान के कारण जालंधरवासी लू और पसीने वाली गर्मी से परेशान थे। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को लू के प्रकोप से राहत मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि वायरल बुखार या संक्रमण से बचा जा सके। 8 जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक राज्य में 40 डिग्री से अधिक तापमान 8 जिलों में दर्ज किया गया। चंडीगढ़ (40.2 डिग्री), लुधियाना (41.0 डिग्री), पटियाला (42.1 डिग्री), बठिंडा (43.0 डिग्री), फरीदकोट (41.0 डिग्री), गुरदासपुर (40.5 डिग्री), फाजिल्का (40.8 डिग्री) और भाखड़ा (41.3 डिग्री) शामिल हैं। वहीं 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 11 जिलों में रहा। इनमें चंडीगढ़ एयरपोर्ट (39.2 डिग्री), अमृतसर (40.0 डिग्री), नवांशहर (39.6 डिग्री), फिरोजपुर (40.0 डिग्री), होशियारपुर (38.6 डिग्री), सलैरन (38.7 डिग्री), मोहाली (39.1 डिग्री), पठानकोट (39.1 डिग्री), थीन डैम (38.5 डिग्री), पटियाला एडब्ल्यूएस (39.6 डिग्री) और रोपड़ (38.7 डिग्री) शामिल हैं। 2 मई तक बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, आज राज्य में 28 अप्रैल व 30 अप्रैल से 3 मई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि, 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। 28 और 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। 30 अप्रैल, 2 और 3 मई को 40 से50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी आ सकती है।  

ED जांच में बड़ा अपडेट: रोशन चंद्राकर के घर से टीम लौटी, कई कागजात कब्जे में

धमतरी. बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले मामले में ईडी ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर के भाई के निवास में एक साथ दबिश दी गई. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. देर रात तक चली कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह ईडी अधिकारियों की टीम दस्तावेज जब्त कर रोशन चंद्राकर के घर से निकल गई है. जांच के बाद कई नाम सामने आ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सोमवार को धमतरी में भाजपा नेता रोशन चंद्राकर और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के भी ठिकानों पर छापेमारी की है. भूपेंद्र चंद्राकार पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है. गौरतलब है कि राइस मिल लेवी वसूली मामले में रोशन चंद्राकर के निवास पर करीब तीन साल पहले भी ईडी ने छापा मारा था। इस दौरान उन्हें जेल भी हुई थी. जानिए क्या है मामला भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं. रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप है. अधिकारियों और जमीन दलालों की मिलीभगत प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया. यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के साथ मिलकर खेला. इसमें एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया. 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां अटैच की हैं, और 40 लाख रुपये से अधिक कैश जब्त किए हैं. मामले में तत्कालीन सब-डिविज़नल ऑफिसर (SDO) निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके साथ ईओडब्ल्यू ने 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल शामिल हैं.

वित्तीय अनियमितताओं पर गिरी गाज, DEO निलंबित; शिक्षा विभाग का सख्त रुख

महासमुंद. छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय कुमार लहरे पर परीक्षा प्रश्नपत्र विवाद, विभागीय कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे कई गंभीर आरोप लगे है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, 8 जनवरी 2026 को एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसमें चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने का मामला सामने आया। प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प में भगवान राम का नाम शामिल किया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। इन कारणों से हुई कार्रवाई – परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही आपत्तिजनक सवाल से धार्मिक भावनाओं को ठेस हाईकोर्ट से जुड़े मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना विभागीय आदेशों की अवहेलना लेखा परीक्षण (ऑडिट) में गंभीर अनियमितताएं उजागर शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए, सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में विजय लहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय तय किया गया है। निलंबन के बाद अब बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पूरे मामले को शासन ने विभाग की छवि धूमिल करने वाला और गंभीर कदाचार मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

AAP ने पंजाब में टूट को रोकने के लिए उठाए कदम, सिसोदिया ने जालंधर बुलाए सभी विधायक; 7 सांसद BJP में शामिल

जालंधर राघव चड्‌ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में टूट रोकने में जुट गई है। AAP के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कल (29 अप्रैल) को सभी विधायक जालंधर तलब कर लिए हैं। मीटिंग में CM भगवंत मान भी शामिल रहेंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी माना जा रहा है कि इसमें 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। जालंधर में इससे पहले हुई मीटिंग को लेकर मीडिया ने दावा किया गया था कि उसमें CM ने 5-5 हजार रुपए तक रिश्वत लेने को लेकर विधायकों को फटकार लगाई थी। पंजाब में AAP में टूट की चर्चा क्यों?     राघव चड्‌ढा की 60+ विधायकों से करीबी का दावा: राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा जॉइन कर ली। इस दौरान चड्‌ढा के करीबियों के जरिए दावा किया गया कि पंजाब के मौजूदा 94 AAP विधायकों में से 60+ विधायक राघव चड्‌ढा के संपर्क में हैं। इससे पंजाब में AAP की सरकार को संकट हो सकता है। हालांकि चड्‌ढा ने इसको लेकर खुलकर कुछ नहीं कहा है।     संदीप पाठक के पास सबका बायोडेटा: राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने भी भाजपा जॉइन की। वह पंजाब में AAP की स्ट्रेटजी बनाने का काम करते थे। उनके करीबियों का दावा है कि पाठक के पास पंजाब के हर AAP विधायक का बायोडेटा है। इसमें सिर्फ उनका प्रोफाइल ही नहीं बल्कि उनके हर तरह के कामों की जानकारी पाठक को है। यह भी चर्चा है कि AAP की तरफ से जो विधानसभा क्षेत्रवाइज टीम लगाई गई है, उनकी नियुक्ति भी संदीप पाठक ने ही की है। ऐसे में पाठक AAP को झटका दे सकते हैं।     बाजवा ने कहा- 60-65 MLA पलटी मारने की तैयारी में: पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि AAP के 60 से 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में हैं। बाजवा ने यह भी कहा कि सीएम भगवंत मान महाराष्ट्र की तरह पंजाब के एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। बाजवा ने पार्टी छोड़ने वाले AAP के 7 सांसदों को लेकर कहा था कि वे पैसे देकर सांसद बने थे। अब जहां से बड़ा खरीदार मिल गया है, वे वहां चले गए हैं। जैसे शेयर मार्केट में होता है, सस्ता शेयर खरीदा था, जब उसका रेट बढ़ गया तो उसे बेच दिया। क्या वाकई विधायक AAP छोड़ सकते हैं? सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं। अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत: अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है। अनमोल गगन मान ने भी पार्टी छोड़ दी थी: खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं। 9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्‌टी, वह नाराज: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्‌टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्‌टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्‌टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। AAP ने राज्यसभा से पूछा- सांसदों के आगे से नाम कैसे हटाया इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन सभी जरूरी आदेश की कॉपी भी मांगी है, जिनके आधार पर AAP का सांसदों के नाम के आगे से नाम हटाया गया है। 27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी, जिससे राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है। BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। राघव चड्‌ढा ने कहा- AAP चंद करप्टों की पार्टी कल ही राघव चड्ढा ने खुद सामने आकर पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी। उन्होंने कहा कि 15 साल देने के बाद AAP अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो चुका है, जहां काम करने और बोलने तक की आजादी नहीं है। उनके मुताबिक, यह फैसला अकेले का नहीं, बल्कि 7 सांसदों का सामूहिक निर्णय है। AAP अब चंद करप्टों और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों की पार्टी बनकर रह गई है। जो अब देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। राघव ने कहा- राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपना करियर बनाने यहां नहीं आया। एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को … Read more

ग्राम नारी की महिलाएं: हाथ करघे से सफलता तक के सफर की तस्वीर

हाथ करघे से कमाई तक- ग्राम नारी की महिलाओं की सफलता का राज रायपुर ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।  परंपरा से जुड़ी नई शुरुआत         नारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।  सरकार का मजबूत सहयोग         छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।  बढ़ता बाजार और आय          आज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।  महिलाओं का सशक्तिकरण            इस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।    भविष्य की दिशा           ग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।