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चंडीगढ़ के कर्मचारियों को मिलेगा महंगाई भत्ते में इज़ाफा, जल्द मिलेगा फायदा

चंडीगढ़ चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त विभाग ने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की दरों में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। नए आदेश के अनुसार महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। यह निर्णय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 22 अप्रैल को जारी आदेश के अनुरूप लिया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस निर्णय को अपनाते हुए इसे अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों पर लागू कर दिया है। यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा तथा अन्य संबंधित सेवाओं के अधिकारियों और चंडीगढ़ प्रशासन के सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों, प्रशासनिक सचिवों और कार्यालय प्रमुखों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस आदेश को प्रशासन की आधिकारिक जानकारी प्रणाली पर दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस फैसले से कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है और उनकी आय में वृद्धि होगी। 1 जनवरी से लागू हुआ 60% महंगाई भत्ता लाखों रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई का सामना करने में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। महंगाई राहत में कितनी बढ़ोतरी हुई है और यह कब से लागू होगा? पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के जारी एक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, महंगाई राहत (DR) में 2% का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही बेसिक पेंशन पर मिलने वाला DR मौजूदा 58% से बढ़कर 60% हो गया है। पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर यह है कि यह नई दर 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी (retroactive) प्रभाव से लागू मानी जाएगी, जिसका मतलब है कि उन्हें पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा। इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा किन पेंशनर्स को मिलेगा? आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ व्यापक स्तर पर लाभार्थियों को मिलेगा, जिनमें मुख्य रूप से सभी केंद्र सरकार के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, सशस्त्र बल के पेंशनभोगी और रक्षा सेवा अनुमानों से भुगतान पाने वाले नागरिक (Civilian) पेंशनभोगी, रेलवे के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, अखिल भारतीय सेवा के रिटायर्ड अधिकारी और पेंशनभोगी और वर्तमान में प्रोविजनल पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी शामिल हैं। क्या बढ़ा हुआ पैसा खाते में आने में कोई देरी होगी? बिल्कुल नहीं। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि पेंशनर्स को उनके बढ़े हुए लाभ बिना किसी रुकावट या देरी के मिलें। अकाउंटेंट जनरल के कार्यालयों और अधिकृत पेंशन वितरण बैंकों (Pension Disbursing Banks) को तत्काल संशोधित DR के भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि बैंकों को "किसी अन्य निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना" कैलकुलेशन और भुगतान की प्रक्रिया तुरंत आगे बढ़ानी चाहिए।    

ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं। राज्य में जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों के लिए सीएसआर मद की उपलब्ध राशि का उपयोग करना प्रस्तावित करें। छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना के लिए गठित स्टियरिंग समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।  बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना, राज्य में जलवायु परिवर्तन विषयक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन और राज्य में कार्बन क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। विभागीय सचिवों से जलवायु परिवर्तन पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की पृष्ठ भूमि, जलवायु परिवर्तन के कारक और छत्तीसगढ़ राज्य में भी जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। बैठक में पीसीसीएफ  निवास राव, एपीसीसीएफ  सुनील मिश्रा शामिल हुए। वृक्ष-आवरण में देश में प्रथम स्थान पर रहा छत्तीसगढ           छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जलवायु परिवर्तन से संबंधित विविध कार्य किये जा रहें हैं। इनमें मुख्यतः वृक्षारोपण कार्य किये जा रहें हैं। एक पेड़ माँ के नाम योजना के तहत् करीब 7 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। किसान वृ़क्ष मित्र योजना के तहत् 3 करोड़ 68 लाख वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आई.एस.एफ.आर. 2025 के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष-आवरण में सर्वाधिक वृद्धि 683 किलोमीटर किया गया है, जो देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य में जलवायु परिवर्तन के तहत ई-वाहनों के चालन के लिए जन-सामान्य को प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प वितरित किये जा रहे हैं।             अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-2026 में लगभग 55 हजार 50 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई। राज्य में 300 से अधिक बांधों की हाईड्रोलॉजिकल प्लानिंग के साथ 24 वृहद एवं मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। राज्य में जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र निर्मित किए जाने के लिए अधिकारियों ने अपने विचार रखें।              बैठक में जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के क्रियान्वयन के संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, वाणिज्य एवं उद्योग, खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों अपने-अपने विभाग की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव मती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विद्यायी विभाग की प्रमुख सचिव मती सुषमा सावंत, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव मती शहला निगार, खनिज संसाधन एवं मुख्यमंत्री के सचिव  पी.दयानंद, नगरीय प्रशासन विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव  बसवराजु एस., वाणिज एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सु इफ्फत आरा सहित राज्य योजना आयोग, नाबार्ड, सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन, इंडियन इंस्टयूट ऑफ साइंस और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

केंद्र सरकार की नई पहल,शहरों के रोजगार और अर्थव्यवस्था का तैयार होगा विस्तृत रिपोर्ट कार्ड

रांची तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य के बीच केंद्र सरकार बड़े शहरों के समग्र विकास के लिए ठोस डेटा आधारित नीति तैयार करेगी। केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने देश के उन 47 शहरों के लिए सिटी लेवल स्टैटिस्टिकल रिपोर्ट (नगर-स्तरीय सांख्यिकी रिपोर्ट) तैयार करने का प्रस्ताव रखा है, जिसकी आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख से अधिक है। इसमें झारखंड के दो शहर रांची और धनबाद का चयन हुआ है, जिसके आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से विशेष शहरी नीति निर्माण योजना बनानी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों को समझना और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करना है। क्यों आवश्यकता पड़ी केंद्र का मानना है कि देश के कई शहर आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन के रूप में उभर रहे हैं। संरचनात्मक बदलाव के बावजूद शहर स्तर पर आधिकारिक आंकड़ों की उपलब्धता सीमित है, जिससे साक्ष्य-आधारित शहरी नीति निर्माण और नियोजन में बाधा उत्पन्न होती है। साथ ही अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर जो भी आर्थिक आंकड़े जारी होते थे, वे मुख्य रूप से देश या राज्य स्तर के होते थे। शहरों के भीतर रोजगार की क्या स्थिति है या वहां का व्यापार कैसा चल रहा है, इसका कोई सटीक सरकारी डेटा उपलब्ध नहीं था। इसी कमी को दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय के अधीन ‘एनएसओ’ ने यह नई पहल शुरू की है। इसमें रांची और धनबाद जैसे शहरों को स्वतंत्र इकाई मानकर उनका डेटा अलग से संकलित किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर आम लोगों से भी सुझाव मांगे गए हैं। इच्छुक व्यक्ति 15 मई तक अपने सुझाव दे सकते हैं। पड़ोसी राज्यों में यूपी के सात शहर, बिहार के केवल एक चयनित 47 शहरों में महाराष्ट्र के सर्वाधिक 10 शहर शामिल हैं। झारखंड के दो शहर के अलावा उत्तर प्रदेश के 7 शहर, पश्चिम बंगाल एवं छत्तीसगढ़ के 2-2 और बिहार के एक शहर का चयन किया गया है। दो भागों में तैयार होगी रिपोर्ट पहली रिपोर्ट में दस लाख से अधिक आबादी वाले संबंधित शहरों का विस्तृत रोजगार प्रोफाइल होगा। इसमें 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को शामिल करते हुए कुल छह प्रमुख संकेतकों (इंडिकेटरों) का विश्लेषण किया जाएगा। इनमें श्रम बल सहभागिता दर, श्रमिक जनसंख्या अनुपात, बेरोजगारी दर, रोजगार की स्थिति और विभिन्न उद्योगों में रोजगार का वितरण शामिल होगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि शहरों में रोजगार के अवसर किस क्षेत्र में अधिक हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। दूसरी रिपोर्ट असंगठित क्षेत्र के उद्यमों पर केंद्रित होगी। इसमें उन आर्थिक गतिविधियों (रेहड़ी-पटरी व्यवसाय, निर्माण मजदूर और छोटे घरेलू उद्योग) को शामिल किया जाएगा, जो सरकारी विनियमन या कराधान के दायरे से बाहर हैं। इसमें कुल 13 संकेतकों के आधार पर विश्लेषण होगा। इसमें प्रतिष्ठानों की संख्या, स्वामित्व और साझेदारी आधारित प्रतिष्ठानों का प्रतिशत, किराए पर काम कर रहे कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों का अनुपात, महिला स्वामित्व वाले उद्यमों की हिस्सेदारी और व्यापार में इंटरनेट के उपयोग का प्रतिशत आदि प्रमुख हैं। इससे असंगठित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और उसकी चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।

दुकानदारों के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार ने ड्राई फ्रूट, किराना और इलेक्ट्रिकल व्यापारियों को दिया बड़ा लाभ

अमृतसर. एकतरफ जहां अमृतसर की ड्राईफ्रूट व करियाना होल सेल मंडी (मजीठ मंडी व ढाब बस्ती राम) में कारोबारी सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं तो वहीं भाजपा शासित हरियाणा सरकार की तरफ से अमृतसर व दिल्ली के ड्राईफ्रूट-करियाना एवं इलैक्ट्रिकल दुकानदारों को 250 से ज्यादा दुकानों की अलाटमैंट की जा रही है, जिसमें व्यापारियों को हर प्रकार की सुविधा मिलेगी। जानकारी के अनुसार भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पंजाब के उप-प्रधान एवं द फैडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राइफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात की गई और व्यापारियो को दरपेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर के ड्राईफ्रूट व करियाना कारोबारियों को हरियाणा में दुकानें अलॉट करने का ऐलान किया। बकायदा एच.एच.आई.आई.डी.सी. (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्टक्चर डिवैल्पमैंट कार्पोरेशन) की तरफ से अप्रूवल भी जारी किया गया है। 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर मिलेगा इंफ्रास्टक्चर हरियाणा सरकार की तरफ से 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर कारोबारियों के लिए इंफ्रास्टक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें व्यापारियों की दुकानों के अलावा, लेबर के रहने के लिए क्वार्टर, खाना खाने के लिए हाल, सिक्योरिटी गार्डर्स व हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। अफगानिस्तान से आयात बंद होने के कारण आई.सी.पी. बंद ड्राईफ्रूट मंडी मजीठ मंडी की बात करें तो आई.सी.पी. अटारी बार्डर के जरिए अफगानिस्तान से भारी मात्रा में अमृतसर व उत्तर भारत के कारोबार ड्राईफ्रूट का आयात करते रहे हैं, लेकिन पहले पुलवामा हमले व फिर पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ कारोबारी रिश्ते बिल्कुल खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के रास्ते आई.सी.पी. अटारी पर आने वाले ड्राईफ्रूट के ट्रकों को भी पाकिस्तान रास्ता नहीं देता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है और दुबई के रास्ते ड्राईफ्रूट आयात किया जा रहा है, जिससे खर्च बहुत ज्यादा आता है और इसका असर ग्राहक पर भी पड़ता है, क्योंकि जितना ज्यादा खर्च आएगा उतनी ज्यादा कीमत पर ग्राहकों को ड्राईफ्रूट बेचा जाएगा। वॉल्ड सिटी के अन्दर होने के कारण मजीठ मंडी में रास्ते तंग ढाब बस्ती राम व ड्राईफ्रूट की मजीठ मंडी की बात करें तो इस ऐतिहासिक मंडियों को वॉल्ड सिटी के अन्दर बसाया गया था और जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, वैसे-वैसे वाल्ड सिटी के अन्दर बसी इन मंडियों में आना-जाना आसान नहीं रहा और लेबर को मंडी में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह व्यापारियों पर निर्भर करता है कि वह अमृतसर में ही काम करना चाहते हैं या फिर हरियाणा में दुकानें खरीदकर काम करना चाहते हैं, लेकिन इसका नाकारात्मक पक्ष यह भी जरुरी है कि यदि व्यापारियों को दूसरे राज्य में पलायन होता है तो शहर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि पहले ही सरकार की गलत नीतियों के कारण अमृतसर की इंडस्ट्री हिमाचल व अन्य राज्यों में पलायन कर चुकी हैं। मोदी सरकार व्यापारी हितैशी : अनिल मेहरा अनिल मेहरा ने कहा कि मोदी सरकार व्यापारी हितैषी है और व्यापारियों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। केन्द्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के लक्षय पर काम कर रही है।

विधानसभा में महिला आरक्षण पर गरम बहस, कांग्रेस पर साधा निशाना

 भोपल मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की। संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है। विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था। ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे। नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।     मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।     दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।     तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है।

अब तक 554 कारखानों ने प्राप्त की रेटिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर में उद्योगों से सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। इस पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है। संचालक औद्योगिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा मध्‍यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया है कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की विभिन्न विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की व्यापक स्वीकार्यता और औद्योगिक क्षेत्रों में इसके प्रभावी प्रसार को दर्शाती हैं। श्रम स्टार रेटेड कारखाने इस बात का प्रमाण होते हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित हैं तथा श्रमिकों के अधिकारों का समुचित संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। संचालक औद्योगिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा इंदौर ने इस पहल में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी कारखानों का आभार व्यक्त किया है। विशेष रूप से, श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले पहले पाँच कारखानों की सराहना की गई है, जिन्होंने इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाते हुए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रम रेटिंग में प्रथम पांच कारखाने संचालक औद्योगिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा मध्‍यप्रदेश इंदौर ने बताया कि UltraTech Cement Limited Unit Birla White कटनी, JK White (Unit of J K Cement Ltd.) कटनी, Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd. कटनी, Udaipur Beverages Ltd. जबलपुर एवं KEC International Ltd. जबलपुर श्रम स्टार रेटिंग प्राप्‍त करने वाले प्रथम पांच कारखाने हैं। इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। साथ ही, प्रमाणित कारखानों को उपभोक्ताओं द्वारा प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है, जिससे उनकी ब्रांड वैल्यू और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मजबूत होती है। संचालक औद्योगिक सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थान को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।  

सीकर के वीर सपूत देशराज सिंह की ड्यूटी के दौरान शहीद , गांव में शोक

  सीकर देश की सेवा करते हुए राजस्थान के सीकर का एक और जवान शहीद हो गया है. नीमकाथाना में पाटन इलाके के निवासी जवान देशराज सिंह तंवर की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, वह अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर पर पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान लैंडस्लाइड की वजह से एक दर्दनाक हादसा हुआ और वह इसके चपेट में आ गए. जिससे जवान देशराज सिंह की जान चली गई है. देशराज सिंह के ड्यूटी पर शहीद होने की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव काचरेडा में शोक की छा गई. कल राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार बताया जा रहा है कि शहीद देशराज सिंह तंवर का अंतिम संस्कार मंगलवार उनके पैतृक गांव काचरेडा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. कल सुबह शहीद के सम्मान में पाटन से काचरेडा तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे. जानकारी के अनुसार, देशराज सिंह तंवर 25 अप्रैल को सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान अचानक हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की चपेट में आए. जिसमें वह शहीद हो गए. शहीद देशराज के दादा भी भारतीय सेना में रहे सोमवार सुबह शहीद जवान देशराज का पार्थिव शरीर विशेष विमान से गुवाहाटी से दिल्ली लाया गया. इसके बाद दिल्ली से लाकर कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में रखा जाएगा. शहीद देशराज सिंह के परिवार का सेना से पुराना नाता है. उनके चाचा सुबे सिंह ने बताया कि देशराज तीन भाई-बहन थे, जिसमें वह दूसरे नंबर पर थे. उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना में सेवा हैं. अपने पीछे छोड़ गए पत्नी और 2 साल की बेटी वहीं उनके दादा भगवान सिंह भारतीय सेना में रहे, जो रिटायर हो चुके हैं. परिजनों ने बताया कि देशराज 5 साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे और भारतीय सेना के ग्रेनेडियर के पद तैनात थे. शहीद अपने पीछे पत्नी और एक 2 साल की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं. देशराज की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है. हालांकि अभी तक घर में पिता उदय सिंह, परिवार की महिलाओं और बुजुर्गों को देशराज सिंह के शहीद होने की जानकारी नहीं दी गई है.

Bus Strike Alert: पंजाब के ड्राइवरों का बड़ा ऐलान, अगले महीने ठप हो सकती हैं सरकारी बसें

चंडीगढ़. पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने 25 से 27 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे इन दिनों बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग  जानकारी के मुताबिक, यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक में नेताओं ने सरकार पर ट्रांसपोर्ट विभाग के निजीकरण का आरोप लगाया। उनका कहना है कि किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है और कच्चे कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। यूनियन ने मांग की है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, किलोमीटर स्कीम बंद की जाए और आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लिए जाएं। 25 से 27 मई तक पूर्ण हड़ताल  आंदोलन की रूपरेखा के तहत 1 मई को गेट रैलियां, 10 मई को ट्रांसपोर्ट मंत्री के घर के बाहर धरना और 18 मई को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें न मानी गईं तो 25 से 27 मई तक पूर्ण हड़ताल होगी। इस हड़ताल के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

आर्थिक तंगी से रंजना की छुटी पढ़ाई, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सहयोग से फिर होगी शुरू उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर कबीरधाम जिले में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आर्थिक सहायता प्रदान कर एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने जरूरतमंद छात्राओं की पढ़ाई में सहयोग करते हुए ग्राम हरमो निवासी भारती साहू को 2 लाख रुपए तथा ग्राम चिल्फी निवासी रंजना झारिया को 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निर्देश पर उक्त राशि के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर  नरेन्द्र मानिकपुरी,  अमर कुर्रे,  ओमकार साहू,  लोकचंद साहू,  मिलू साहू उपस्थित रहे।         इस दौरान रंजना झारिया ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, जिसके कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तब उन्होंने उनसे संपर्क कर अपनी समस्या बताई। उनकी स्थिति को समझते हुए  शर्मा ने 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। रंजना ने बताया कि इस सहायता से वह अब दोबारा नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कर सकेंगी और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। उन्होंने इसके लिए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है।

पंचायत चुनाव से पहले यूपी में बड़ा बदलाव, हर वोटर को मिलेगा 9 डिजिट का यूनिक नंबर

रायबरेली पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान रोकने व डुप्लीकेट मतदाताओं को पकड़ने के लिए हर व्यक्ति का नौ अंक का एक यूनिक नंबर जारी होगा। इससे मतदान के दौरान होने वाले विवादाें को भी समाप्त किया जा सकेगा। यह नंबर 10 जून को जारी होने वाली मतदाता सूची में ही होगा। जनपद में 980 ग्राम सभा में चुनाव होने हैं। इसको लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने करीब तैयारी पूरी कर ली है। अब सिर्फ को सभी को मतदाता सूची का इंतजार हैं। इस बार मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। इस बार प्रत्येक मतदाता को यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया जाएगा, जो मतदाता सूची में ही होगा। विधान सभा चुनाव के इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (इपिक) की तरह यह नौ अंकों का विशेष नंबर मतदाता की पहचान बनेगा। ऐसे लिंक होगा यूनिक नंबर इस नंबर से मतदाता की व्यक्तिगत पहचान के साथ ही विकास खंड और गांव से भी वह डिजिटल रूप से जुड़ा रहेगा। अगर मतदाता का नाम किसी कारण वश सूची से हट जाएगा तो उसका एसवीएन नंबर भी स्वत: समाप्त हो जाएगा। इससे कोई भी उसके नाम पर मतदान नही कर सकेगा। दोबारा किसी अन्य को आवंटित नही किया जाएगा। इससे एक ही व्यक्ति के कई बूथों पर नाम होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनायक शुक्ला ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अलग साफ्टवेयर बनाया गया है। इसके माध्यम से हर मतदाता का एसवीएन जारी किया जाएगा। इस योजना से चुनाव में फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक सकेगा। इससे मतदान प्रक्रिया भी आसान होगी।