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जालंधर में गेहूं की 3.31 लाख मीट्रिक टन खरीद, 882 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ

जालंधर जिले की मंडियों में गेहूं की आवक ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब सरकार के एक-एक दाना खरीदने के वादे के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 3,31,419 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए बताया कि किसानों को फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी भी कर दी गई है। हालांकि, कागजों में खरीद की रफ्तार जितनी तेज है, मंडियों में लिफ्टिंग की सुस्त चाल ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस सीजन में जिले में कुल 5 लाख 27 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 60 फीसदी से ज्यादा आवक हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि खरीदी गई फसल का स्टॉक मंडियों से तुरंत उठाया जाए। असल में, अगर समय पर लिफ्टिंग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फसल रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी, जिससे जाम जैसी स्थिति बन सकती है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का सबसे बड़ा दावा किसानों को समय पर पेमेंट देने का है। डीसी वालिया के अनुसार, अब तक खरीदी गई फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी सुनिश्चित की गई है।

लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: AGTF ने हथियारों के साथ सहयोगी को दबोचा

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बाबू खेमानी पर बड़ी कार्रवाई: रेड में 5 महंगी कारें और करोड़ों की दौलत का खुलासा

रायपुर. क्रिकेट सट्टे का मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के घर शुक्रवार को पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। पड़ताल के दौरान पुलिस को 5 महंगी कारों के साथ बाबू खेमानी और उसके परिवार की करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ। गंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की 10 टीमों ने शुक्रवार को बाबू के आमानाका के मारुति एनक्लेव स्थित मकान में छापा मारा। सर्च वारंट लेकर पहुंची पुलिस की टीम को घर में बाबू और करण की पत्नियों के अलावा उसकी मां भी मिली। जानकारी के मुताबिक, मारुति एनक्लेव में कान के अलावा रविभवन में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम, महासमुंद – बागबाहरा मेनरोड में 1 एकड़ जमीन के अलावा बीएमडब्ल्यू, क्रेटा सहित अन्य ब्रांड की 5 महंगी कारें मिली है। पुलिस ने बाबू और करण के अलावा उसके पिता के बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। बाबू और करण ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के लिए अलग-अलग नाम से 50 से अधिक आईडी बनाए थे। कई म्यूल खातों का भी इस्तेमाल किया गया है। कई आपत्तिजनक वीडियो आरोपी बाबू पहले महादेवबुक ऐप से जुड़ा था। इसके बाद सट्टे का अपना काम शुरू कर दिया था। बाबू और उसके भाई करण से जुड़े लोगों की भी पुलिस जांच कर रही है। खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाला बाबू खेमानी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया में रील और वीडियो बनाता था। इसमें से कई वीडियो गाली-गलौज व आपत्तिजनक भी है। पूर्व महापौर के भतीजे से दोस्ती सटोरिया बाबू खेमानी के साथ शहर के पूर्व महापौर के भतीजे का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। इसमें दोनों गाली-गलौज में बातचीत कर रहे है। उल्लेखनीय है कि कबीर नगर सट्टे पर कार्रवाई के दौरान बाबू के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था। इसमें उसका चचेरा भाई ओम खेमानी पकड़ा गया था। उस दौरान बाबू और करण के बारे में पुलिस को जानकारी मिल गई थी।

दशकों का अंधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली

दशकों का अँधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली रायपुर कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया। ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।  घने जंगलों के बीच चला विकास अभियान  कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है। ₹56.11 लाख की लागत, लेकिन असर पीढ़ियों तक ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है। अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा। भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।  ग्रामीणों की आंखों में दिखी खुशी  जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।  अबूझमाड़ में बदलाव की नई शुरुआत   ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

पारिवारिक पेंशन पर बड़ा फैसल,अवैध विवाह से पत्नी को नहीं मिलेगा अधिकार

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह से किसी महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार। महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा थी। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता। पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता।  – जस्टिस संदीप मौदगिल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट  

डेयरी सेक्टर में बदलाव,आईटी लैब से गाय-भैंस की जल्दी प्रेग्नेंसी टेस्टिंग

लखनऊ यूपी में करीब और 190.20 लाख गोवंश 330.10 लाख भैंस हैं। इसमें प्रजनन योग्य 89.36 लाख गाय और 153.12 लाख भैंस हैं। इसमें करीब एक लाख गाय भैंस में समय से गर्भ धारण नहीं करने की समस्या पाई जाती है। अभी तक पशुओं के गर्भवती होने की जांच तीन माह में हो पाती हैं। यदि कोई गाय या भैंस गर्भ नहीं धारण की है तो तीन से चार माह बाद ही उसे दोबारा गर्भ धारण कराया जाता है। इस अंतर को कम करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश में आईटी इनैबल्ड पशु गर्भपरीक्षण प्रयोगशाला बनाई जा रही है। इन प्रयोगशाला में किट के जरिये 28 दिन में ही जांच हो सकेगी। यदि कोई गाय भैस गर्भवती नहीं हुई है तो किसान माहभर बाद ही उसे दोबारा सीमेन चढ़वा सकेगा। साथ ही पशु चिकित्सक से संपर्क करके उसका उपचार भी करा सकेगा। इसकी शुरुआत बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच ब्लॉकों से की जा रही है। यानी हर क्षेत्र में एक-एक ब्लॉक का चयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अतिहिमीकृत वीर्य द्वारा कृत्रिम गर्भाधान को बढावा दिए जाने की नीति बनाई गई है। सभी पशु अस्पतालों में हिमीकृत बीज रखने के लिए अलग अत्याधुनिक लैब भी बनाई जा रही है। इसी तरह विदेशी नस्ल के सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराकर संकर नस्ल तैयार कर दूध की मात्रा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को दी जाएंगी गाय गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि कई गौशाला में अच्छी नस्ल की गायें हैं। इन गायों का उपचार कराया गया है। कुछ गर्भवती भी हैं। इन्हें किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुदेलखंड में यह प्रयोग काफी सफल रहा है।  

अमेरिका-ब्रिटेन को टक्कर देंगी भारतीय मिसाइलें: अपग्रेड मिशन तेज, Prahlada Ramarao का हिसार दौरा

हिसार. अगर युद्ध के मैदान में भारत का वर्चस्व कायम रखना है तो हमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली व फ्रांस जैसे देशों की सुपर हाइपरसोनिक मिसाइलों को चकमा दे नष्ट करने वाली एंटी-बैलिस्टिक राकेट की जरूरत है। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिक मिसाइलों को अपग्रेड करने के लिए 3 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें रफ्तार-घुमावदार व ब्रेन सिस्टम शामिल है। ये बात पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने कही। वे शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय स्थित चौधरी रणबीर सिंह आडिटोरियम में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। दैनिक जागरण के संवाददाता ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों के परीक्षण से लेकर भविष्य की तैयारियों को लेकर कई जानकारियां साझा भी की। सेना ने की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड मुख्यातिथि एवं पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने बताया कि 1985 में भारत का बांग्लादेश के साथ विवाद चल रहा था। जिसमें बांग्लादेश ने कुछ मिसाइलों से भारत में अटैक किए। जिसको रोकने के लिए भारतीय सेना ने सरकार से एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड की थी। तब सरकार ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सेना, वैज्ञानिक, नीति आयोग सहित अन्य क्षेत्रों के टाप अधिकारी मौजूद रहे। जिसमें थल व वायु सेना के टाप अधिकारियों ने मिसाइलों का ड्राफ्ट तैयार कर वैज्ञानिकों की टीम को दिया। इस दौरान टीम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी मौजूद रहे। ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों ने एकसाथ हिट किए थे तीन टारगेट मुख्यातिथि ने बताया कि ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल बनाने में करीब 10 साल लगे। 1995 में ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इस दौरान थल व वायु सेना के टाप अधिकारी मौजूद थे। दोनों मिसाइलों ने मात्र 5 सेकेंड के अंदर एकसाथ तीन टारगेट को हिट किया। रूस के साथ तैयार की मिसाइल पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा ने बताया कि ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने के लिए 15 साल का समय मांगा गया था। लेकिन रूस ने भारत के साथ मिलकर जेवी टीम बनाई, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर 5 साल के अंदर ही ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैयार की।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयार,सरकारी स्कूलों में पढ़ाई अनिवार्य करने पर जोर

पटना  बिहार में मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही ठोस कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र किया। सीएम सम्राट चौधरी का स्पष्ट कहना था कि राज्य में शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे मंत्री और अधिकारी के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ने को बाध्य हो। इसी दिशा में जुलाई में राज्य के 209 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज को चालू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी। नवंबर में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर नवंबर में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 1.36 लाख करोड़ रुपये के बिहार में निवेश हुए। लेकिन, सरकार की उपलब्धियों को जिस तरह जनता के बीच पहुंचाना चाहिए था नहीं पहुंचा पाई। मेरी सरकार की प्राथमिकता रोजगार, कारोबार बढ़ावा देना और प्रवासन रोकना है। प्रखंड,अंचल और थानों पर सीएमओ की सीधी नजर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से जन समस्याओं के निदान के लिए प्रखंड, अंचल और थानों पर मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएमओ) के माध्यम से सीधी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत पर बीमा कंपनियों की ओर से परिजनों को चार लाख और राज्य सरकार की ओर से भी चार लाख दिए जाएंगे। घोषणाओं को लागू करने के लिए ठोस कदम सीएम सम्राट चौधरी की ओर से शिक्षा, निवेश और जन समस्याओं के निदान को लेकर विधानसभा में जो ऐलान किया है, इसे प्रभावी बनाने के लिए सम्राट चौधरी जल्द की कोई ठोस निर्णय ले सकते हैं। इसके अलावा स्वच्छ प्रशासन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई बड़े फैसले ले सकते हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद सख्त फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व की नीतीश सरकार में भी कई सख्त फैसला लेकर सभी को चौंकाने का काम किया। अब राज्य की बागडोर संभालने के बाद उनकी ओर से कई महत्वपूर्ण फैसला लिए जाने की संभावना है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के बाद ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सभी को विश्वास में लेकर सख्त फैसला लेंगे, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और युवाओं को रोजगार मिल सके।  

पंजाब के लुधियाना में बिजली गुल, मॉक ड्रिल के दौरान 30 लोगों का रेस्क्यू

लुधियाना. शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, नगर निगम और पंजाब होम गार्ड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। टीमों ने यह अभ्यास किया कि आपदा के समय घायलों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए, मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए और उन्हें तेजी से अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन की भी रिहर्सल की गई। एंबुलेंस के जरिए डमी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत संचालित की गई। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। दो मिनट तक लगातार बजा सायरन मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद ‘आल क्लियर’ सिग्नल के तौर पर दो मिनट तक लगातार सायरन बजाया गया, जिसके बाद बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। नायब तहसीलदार रंजीत सिंह ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय मजबूत होता है और रिस्पान्स टाइम बेहतर होता है। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर शहर की सुरक्षा तैयारियों की मजबूत झलक पेश की।

Naxal Surrender: तेलंगाना में बड़ा समर्पण, कमांडर हेमला के साथ 47 माओवादी छोड़ेंगे हथियार

जगदलपुर. नक्सल मोर्चा में तेलंगाना में हलचल नजर आ रही है. 18 वर्षीय महिला माओवादी मुडियम रामे उर्फ राजिता के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगड़ कैडर के 47 और नक्सली समर्पण की तैयारी में हैं. यह हलचल भले ही तेलंगाना में हो रही है, लेकिन इसका असर बस्तर में भी पड़ेगा, क्योंकि समर्पण करने वाले तमाम नक्सली बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थे. तेलंगाना के मुलुगु जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां 18 वर्षीय मुडियम रामे उर्फ राजिता ने मुलुगु पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया. मुलुगु एसपी सुधीर रामनाथ केकान ने उसे 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. बीजापुर जिले के बसागुड़ा क्षेत्र की रहने वाली मुडियम रामे उर्फ राजिता साउथ बस्तर डिवीजनल कमेटी में पार्टी सदस्य के तौर पर सक्रिय थी. इसके साथ ही 9वीं प्लाटून में भी उसकी भूमिका बताई गई है. पुलिस की ओर से पुनर्वास योजना के तहत उसे मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई. जानकारी के अनुसार, मुडियम रामे उर्फ राजिता के बाद हैदराबाद में आज बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे. इनमें बटालियन नंबर-1 के कमांडर हेमला वेज्जा के साथ छत्तीसगढ़ कैडर के 47 माओवादी 34 हथियारों के साथ समर्पण करने जा रहे हैं. आत्मसमर्पण कार्यक्रम तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष होगा. यह समर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.