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पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ी गर्मी, आज हीट वेव का यलो अलर्ट, कल से आंधी और बारिश का अनुमान

 कपूरथला शहरवासियों को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने झुलसा दिया पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश ने आम जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बाजारों में सन्नाटा छाने लगा है। सुबह और शाम के समय जहां कुछ चहल-पहल नजर आती है, वहीं दोपहर के समय मुख्य बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थान लगभग खाली दिखाई देते हैं। मौसम विभाग के अनुसार जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पंजाब और चंडीगढ़ में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। बठिंडा और फरीदकोट में अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री, जबकि चंडीगढ़ में 41.0 डिग्री दर्ज किया गया है। शुक्रवार की तुलना में तापमान में 0.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने आज के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में इस दौरान वार्म नाइट रहने की संभावना है। वहीं कल यानी 26 से 30 अप्रैल तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। आज मुख्य रूप से 10 जिलों मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, बरनाला, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में कुछ स्थानों पर हीट वेव की स्थिति बन सकती है। वहीं अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, बरनाला और लुधियाना में कुछ जगहों पर वार्म नाइट रहने की संभावना है। इसके अलावा फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बाजारों और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय ग्राहक न के बराबर आते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार इस मौसम में लापरवाही बरतना खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग लू की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि इन दिनों हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डिहाइड्रेशन से बचाव जरूरी एसएमओ डॉ. परमिंदर कौर का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा अत्यधिक मीठे और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। लू के लक्षण और सावधानियां लू लगने पर सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर रखें। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि इसी तरह तापमान बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सात जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक पंजाब में गर्मी का असर साफ दिख रहा है। आंकड़ों के अनुसार 7 जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। इनमें चंडीगढ़ (सिटी) 41.0 डिग्री, अमृतसर 40.3 डिग्री, लुधियाना 42.4 डिग्री, पटियाला 42.4 डिग्री, बठिंडा 42.5 डिग्री (एयरपोर्ट पर 44.3 डिग्री), फरीदकोट 44.3 डिग्री और रूपनगर (भाखड़ा डैम) 41.3 डिग्री शामिल हैं। वहीं 6 जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच रहा। जिनमें फाजिल्का 39.9 डिग्री, फिरोजपुर 39.2 डिग्री, होशियारपुर 38.4 डिग्री, एसबीएस नगर 39.6 डिग्री, मोगा 39.4 डिग्री और पठानकोट 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी जिलों में तापमान 35 डिग्री के आसपास या उससे कम दर्ज किया गया। इनमें गुरदासपुर 38.0 डिग्री, रोपड़ (रूपनगर मुख्यालय) 39.0 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.9 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 40.0 के करीब और कुछ अन्य स्थानों पर तापमान 37 से 39 डिग्री के बीच रहा, जबकि किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई। रात को 26 डिग्री तक तापमान पूरे हफ्ते राज्य में बारिश की खास उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान 38 से 42 डिग्री के बीच रहेगा और आम से ज्यादा गर्मी महसूस होगी। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहेगा, यानी रातें भी सामान्य से थोड़ी ज्यादा गर्म रहेंगी। इस समय पश्चिमी विक्षोभ ऊपर की हवाओं में सक्रिय है और उत्तर दिशा की तरफ बना हुआ है। वहीं उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में करीब 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर हवा का हल्का सा चक्रवाती सिस्टम भी बना हुआ है, जिसका असर आसपास के मौसम पर पड़ सकता है। कल से आंधी और बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल बताते हैं कि राज्य में 26 से 30 तारीख के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले चार दिनों तक दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 25 तारीख को कुछ जगहों पर लू चलने और वार्म नाइट रहने की संभावना है। वहीं 26 से 30 तारीख के दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले तीन दिन के मौसम का अनुमान 26 अप्रैल – फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं इन जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। 27 अप्रैल – पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और … Read more

कोडीन सिरप की तस्करी पर पुलिस का एक्शन, चार गिरफ्तार, 800 नग बरामद

भिलाई नगर. पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस टीम को सफलता मिली है। दवा कंपनी के प्रतिनिधि की आड़ में प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख रुपये का मशरुका जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 8 (ख), 27 (क) और 29 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पत्रवार्ता में बताया कि 23 अप्रैल को चौकी स्मृतिनगर क्षेत्र के जुनवानी – खम्हरिया रोड पर संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही चौकी स्मृति नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने त्वरित घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार सीजी 07-8595 को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 7 कार्टून में भरी 800 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त केडीफोस टी सिरप बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस बनाकर गुजरात की कंपनी से ई- कुरियर के जरिए सिरप मंगवाते थे और स्थानीय स्तर पर ऊंचे दाम पर बेचते थे । पुलिस ने इस मामले में आरोपियों योगेश शर्मा ( 41 वर्ष), कादम्बरी नगर, दुर्ग, उमेश कुमार यादव (42 वर्ष), पदुम नगर, चरोदा, महावीर जैन उर्फ रोहित (38 वर्ष), पोलसाय पारा दुर्ग, सतीश मेश्राम (40 वर्ष), शंकर नगर, दुर्ग निवासी को गिरफ्तार किया है। असली लाइसेंस में की थी हेराफेरी पुलिस ने बताया कि जांच मे सामने आया है कि मुख्य आरोपी योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस मे एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार किया था। इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार के जरिए आरोपी युवाओं में नशे की लत फैलाकर भारी मुनाफा कमा रहे थे। 800 नग नशीली सिरप की गई जब्त विजय अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 800 नग नशीली सिरप (कीमत 2,08,800 रुपए), एक एक्टिवा (30,000 रुपए) एक सेण्ट्रो कार (1,00,000 रुपए), 4 मोबाइल फोन (1,60,000 रुपए) तथा नगद 1,200 रुपए जब्त किए हैं।

अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की दादागिरी, SCERT किताबें मिलेंगी फ्री

दुर्ग. निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार ने नकेल कसना शुरू कर दी है। निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तक के स्थान पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें क्रय करने विद्यार्थियों एवं पालकों को बाध्य किए जाने की शिकायत को लेकर राज्य शासन ने कड़े मुख्य निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में सचिव छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को 24 अप्रैल को भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निजी विद्यालय जहां सीजी बोर्ड से संबद्धता प्राप्त कर अध्यापन कराया जाता है, वहां पहली से दसवीं तक पाठ्य पुस्तकें एससीईआरटी की छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम से प्रकाशित पुस्तकें विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रदाय किया जाना है। लिहाजा इन विद्यालयों में विद्यार्थियों / पालकों को किसी अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें क्रय करने हेतु बाध्य नहीं किया जाए। इसी प्रकार सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त विद्यालयों में एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का अध्यापन कराया जाता है। पालकों से प्रायः यह शिकायत प्राप्त होती है कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा उन्हें दुकान विशेष से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इस संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा पहली से आठवीं तक निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। यह सभी विद्यार्थियों को शिक्षा सुलभ कराने की दृष्टि से लागू किया गया है। अतः कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों हेतु एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकें लागू करवायें ताकि पालकों पर निजी पुस्तकों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े। तीन पालकों और दो नागरिकों की शिकायत विगत 18 व 20 अप्रैल को जिला कार्यालय दुर्ग के कम्प्यूटर कक्ष में उपस्थित 5 सदस्यीय जांच दल के समक्ष तीन पालकों और दो नागरिकों द्वारा शिकायत की गई। शिकायत में कह गया कि कुछ स्कूलों द्वारा एक निजी दुकान खासकर सेक्टर 6 भिलाई से किताबें खरीदने बाध्य किया जाता है। इन शिकायतों को लेकर संबंधित स्कूल प्रबंधन का भी पक्ष सुना गया, जिसमें कुछ स्कूल प्रबंधक अपनी गलती स्वीकार किए और कुछ का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश: समृद्ध किसान ही बनाएगा विकसित भारत की नींव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की जनता के नाम संदेश प्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में ले जाएंगे नई ऊंचाइयों तक सच्चा वादा और पक्का काम, यही हमारी सरकार का है संकल्प किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की है असली ताकत अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन, स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया हर परिस्थिति में आखिरी दम तक रहेंगे अपने अन्नदाताओं के साथ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सच्चा वादा और पक्का काम, यही हमारी सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मैं प्रदेश के सभी किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि उनकी मेहनत, पसीना और आपका भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है। आइए, हम सब मिलकर “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को प्रदेश की जनता के नाम दिये संदेश में कहा कि मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे मध्यप्रदेश की सेवा का अवसर मिला है और उसी सेवा भाव से मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हूं। जब से मैंने मुख्यमंत्री के रूप में इस महत्वपूर्ण पद की शपथ ली है, तब से पूरा मध्यप्रदेश ही मेरा परिवार है, प्रदेशवासियों का सुख ही मेरा सुख है और उनका दुख ही मेरा दुख है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की तीव्र गति के विकास का मुख्य आधार हमारे प्रिय किसान भाई-बहन हैं। मैं प्रदेश के समस्त अन्नदाताओं को नमन करता हूं। हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम न केवल किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए संकल्पित हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख और आनंद के सूर्योदय का भी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाये बिना प्रदेश के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुख में साथ है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसान हितैषी ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। आज मैं ऐसे विषय पर संवाद कर रहा हूं, जो हमारे प्रदेश की आत्मा, हमारे अन्नदाता यानी किसानों से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है और इसी भावना के साथ इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों से यह साझा करना चाहता हूं कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की अभूतपूर्व वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन, स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे यह बताते हुए भी अत्यंत प्रसन्नता है कि आज से पूरे प्रदेश के छोटे–बड़े सभी किसान भाइयों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से खोली जा चुकी है। गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा। उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। साथ ही 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को अब 9 मई तक बढ़ा दिया गया है। किसानों को अब उनकी भूमि के बदले 4 गुना मुआवजा  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाइयों को कोई समस्या न हो, यह हमारी सरकार का संकल्प है। राज्य सरकार सदैव किसानों के साथ है। हमारी सरकार ने भू-अर्जन को भी लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सिर्फ निर्णयों की सूची नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है जो हमारी सरकार और किसानों के बीच मजबूत हो रही है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार इन सभी क्षेत्रों में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन, उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन की सफलता के बाद सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा के फलस्वरूप बाजार भाव में वृद्धि हुई और किसानों को सरसों का दाम एमएसपी से भी अधिक मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबको विदित है कि हमारी सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, जिसमें किसानों को मात्र पांच रुपये में कृषि पंप का कनेक्‍शन दिया जा रहा है। साथ ही, हमारी योजना है कि अब हमारे किसानों को रात के बदले दिन में ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी। कृषक मित्र योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसान को सोलर सिंचाई … Read more

विकसित भारत की दिशा में कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ – मुख्यमंत्री रायपुर  डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राज्य में खाद संकट पर कृषि मंत्री का बयान, पंजीकृत रकबे के अनुसार सभी किसानों को मिलेगा पर्याप्त खाद

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेताम खरीफ सीजन 2026 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित काला बाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्यवाही के निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 के तैयारियों का लिया जाएजा नैनो यूरिया-नील हरित काई जैसे विकल्प अपनाने के निर्देश; उन्नत बीज, क्लस्टर खेती और एग्रीटेक पंजीयन पर फोकस रायपुर  पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका – इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।   मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन  इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है। मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।  मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।  कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए।  उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

अजनाला केस में सांसद अमृतपाल की आज पेशी, 2 दिन के रिमांड के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

अमृतसर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अजनाला अदालत में पेशी करवाई जाएगी। दो दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद यह पेशी तय की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) हटने के बाद अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों में नियमित न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी के तहत अदालत में वर्चुअल माध्यम से सुनवाई की जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची थी, जहां अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद थे। उनकी NSA के तहत नजरबंदी 22 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने पुराने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज सिंह ने बताया तब बताया था कि NSA समाप्त हो चुका है, लेकिन FIR नंबर 39 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में धारा 307 समेत कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उनके अनुसार, इस केस में शामिल अन्य सहयोगियों की पहले ही अदालत में पेशी हो चुकी है। मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था अमृतपाल गौरतलब है कि अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाने पर बड़ा विवाद हुआ था, जब अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ बैरिकेड्स तोड़कर थाने में घुस गए थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसका मकसद एक गिरफ्तार साथी को छुड़ाना बताया गया था। अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज इस मामले में अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं। उधर, अमृतसर देहात पुलिस की टीम डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल पहुंच चुकी है, जहां से उसे पंजाब लाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा ट्रांजिट रिमांड सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि अमृतसर लाए जाने के बाद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाने पर हुए हमले सहित कई दर्ज मामलों में संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा। इन मामलों में पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई करेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।  

जनगणना 2027 के लिए ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने किया भागीदारी का संकल्प

जनगणना 2027 को लेकर ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने लिया भागीदारी का संकल्प घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, ग्राम सभा में दी गई पूरी जानकारी और भरोसा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आज आयोजित विशेष ग्रामसभा में जनगणना 2027 को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जनगणना के महत्व, प्रक्रिया और इससे जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) का अवसर दिया गया है, जिसके तहत नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ग्रामसभा में उपस्थित लोगों को मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन, ओटीपी सत्यापन, स्मार्ट जियो-टैगिंग और घर से संबंधित सभी विवरण भरने की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट तरीके से समझाई गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने जानकारी दी कि 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक मकान, उसकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारियों का संग्रह करेंगे। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान “हमारी जनगणनादृहमारा विकास” का संदेश प्रमुख रूप से दिया गया और लोगों को जागरूक किया गया कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं की नींव तय करते हैं। ग्रामसभा में “मेरी गणना, देश की ताकत” के संदेश के साथ लोगों में उत्साह देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने और जनगणना 2027 को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, जिससे नागरिकों में विश्वास और सहभागिता बढ़े।

पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने हासिल की सफलता

योगी सरकार में संस्कृत शिक्षा को नई पहचान, पारदर्शी व्यवस्था के बीच यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 का रिजल्ट घोषित पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने हासिल की सफलता तीनों वर्गों में बेहतर रहा प्रदर्शन, सीसीटीवी निगरानी, रियल टाइम मॉनिटरिंग और सख्त व्यवस्थाओं के बीच हुई परीक्षा  पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) में कन्नौज की सृष्टि ने हासिल किया शीर्ष स्थान उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने मारी बाजी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभाव अब संस्कृत शिक्षा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उ०प्र० माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम एवं उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। पारदर्शी व्यवस्था के बीच पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91% परीक्षार्थी, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% परिणाम और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ महेंद्र देव और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने परीक्षाफल की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेश के 241 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच संपन्न कराई गईं। परीक्षाफल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर जनसामान्य के लिए उपलब्ध है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कन्नौज के सुजीत और प्रतापगढ़ के रजनीश बने टॉपर पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के परीक्षाफल में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान पर सुजीत कुमार (कन्नौज) रहे, जिन्होंने 700 में से 661 अंक (94.43%) प्राप्त किए। द्वितीय स्थान पर खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) ने 660 अंक (94.29%) हासिल किए। तृतीय स्थान मुलायम सिंह यादव (प्रतापगढ़) और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29%) के साथ प्राप्त किया। उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने 1400 में से 1251 अंक (89.36%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) रहीं, जिन्होंने 1199 अंक (85.64%) प्राप्त किए। तृतीय स्थान पर काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43%) के साथ स्थान बनाया। पूर्व मध्यमा द्वितीय में शानदार प्रदर्शन पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 21,107 संस्थागत और 808 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा में 16,615 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 15,029 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.96 और व्यक्तिगत का 94.78 रहा। इस वर्ग में 11,340 बालक एवं 3,689 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत (96.64%) बालकों (95.68%) से अधिक रहा। उत्तर मध्यमा प्रथम में बालिकाओं ने फिर मारी बाजी उत्तर मध्यमा प्रथम में कुल 19,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 19,116 संस्थागत और 629 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 15,746 परीक्षार्थी शामिल हुए और 14,028 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.45 और व्यक्तिगत का 93.00 रहा। इस वर्ग में 10,420 बालक और 3,608 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जहां बालिकाओं का प्रदर्शन (94.62%) बालकों (94.33%) से बेहतर रहा। उत्तर मध्यमा द्वितीय में लगातार बेहतर परिणाम उत्तर मध्यमा द्वितीय में 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 13,694 संस्थागत और 468 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 13,302 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 12,306 सफल हुए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86 रहा। इसमें 9,053 बालक और 3,253 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.95 रहा, जो बालकों (94.47%) से अधिक है। पिछले वर्ष से बेहतर रहा परिणाम इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड कराई गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, वहीं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू रही। इसके अतिरिक्त जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की गई। मूल्यांकन कार्य 7 मार्च से 20 मार्च के बीच 13 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परिषद के अनुसार, इस वर्ष का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बेहतर रहा है, जो योगी सरकार की पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। तकनीक आधारित निगरानी से बनी परीक्षा की विश्वसनीयता परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, जनपद एवं मंडल स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग और उपस्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपायों ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाया। यही कारण है कि इस वर्ष का परिणाम न केवल बेहतर रहा, बल्कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। योगी सरकार की नीतियों से संस्कृत शिक्षा को मिला नया प्रोत्साहन योगी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का बेहतर प्रबंधन और बढ़ता उत्तीर्ण प्रतिशत इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिल रही है, बल्कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। श्रेणीवार परीक्षाफल श्रेणीवार परीक्षाफल के अनुसार पूर्व मध्यमा द्वितीय में सर्वाधिक 14,199 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 816 द्वितीय श्रेणी और 5 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में रहे। वहीं उत्तर मध्यमा प्रथम में 5,661 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 6,087 द्वितीय श्रेणी में तथा 555 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण घोषित किए गए।

रोज़गार की दिशा में एक और कदम: डॉ. बलजीत कौर ने ITI छात्रों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए किया प्रेरित

चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब. अनुसूचित जाति के युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार ने अलग-अलग जिलों के 351 ITI स्टूडेंट्स को टूल किट बांटे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कमिटेड है, ताकि वे अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकें और अपने परिवार का गुज़ारा कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कमिटेड है और अनुसूचित जाति के लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट बनाने के लिए लगातार असरदार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वेलफेयर स्कीमों का मकसद लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के काबिल बनाना है। उन्होंने कहा कि ये टूल किट मलोट में डॉ. बीआर अंबेडकर जी की 136वीं जयंती के मौके पर डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित फंक्शन के दौरान बांटी गईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की सोच को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने न सिर्फ अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा की, बल्कि महिलाओं का जीवन स्तर ऊपर उठाने और उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से आज महिलाएं हर फील्ड में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम सब उनके दिखाए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि ये टूल किट श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों की 9 ITI में बांटी गईं। अलग-अलग ट्रेड में ट्रेनिंग ले चुके 351 सीखने वालों को बांटी जा चुकी हैं। बिजली, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग और प्लंबर ट्रेड से जुड़े ये टूल किट ज़िला श्री मुक्तसर साहिब के 82, बठिंडा के 64, फरीदकोट के 67, फाजिल्का के 87 और फिरोजपुर के 51 स्टूडेंट्स को दिए गए हैं, ताकि वे अपना खुद का रोज़गार शुरू कर सकें। इस मौके पर उन्होंने स्कूली लड़कियों को लैपटॉप और ज़रूरतमंदों को सिलाई मशीनें भी बांटीं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जल्द ही अनुसूचित जाति के लोगों को अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए लोन बांटने का कार्यक्रम रखा जाएगा। इस बीच, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मलोट में नए बने वॉलीबॉल ग्राउंड का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों को सुंदर और सेहतमंद बनाने के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड और मिनी पार्क बनाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को खेलों की तरफ़ प्रेरणा मिलेगी और वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सेहतमंद ज़िंदगी जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि हलके के 24 गांवों में स्पोर्ट्स स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मलोट में बना यह वॉलीबॉल ग्राउंड कैबिनेट मंत्री ने अपने पर्सनल फंड से पंचायती राज डिपार्टमेंट के ज़रिए 10 लाख रुपये की लागत से तैयार करवाया है। इस मौके पर, दूसरों के अलावा, मार्केट कमेटी मलोट के चेयरमैन जशन बराड़, जगमोहन सिंह मान, गुरमीत सिंह बराड़, डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस, एम्पावरमेंट और माइनॉरिटी ऑफिसर और इलाके के दूसरे गणमान्य लोग भी मौजूद थे।