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सीएम ने सागर में 58 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बुंदेलखंड की धरा से किसानों की खुशहाली की शुरुआत

सागर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अप्रैल को सागर जिले के नरयावली को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 58 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका मार्गदर्शन किया। इस मौके पर वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस की तुलना कौरवों से और द्रौपदी चीरहरण की तुलना महिला आरक्षण बिल पास न होने से की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन से की। इस दौरान मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती अद्बभुत है। चंबल की शान, छत्रसाल महाराज के बुंदेलखंड का ये इलाका, हर काल-हर समय में अपने संघर्ष के लिए जाना जाता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यहां एक भव्य-दिव्य भवन विद्यालय के रूप में मिल रहा है। ये विद्यालय नहीं है, बल्कि 5 हजार साल पहले हुई भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्मृति स्थल है। भगवान कृष्ण के जीवन की कई लीलाएं हैं। हर लीला ने उनके प्रति हमारी श्रद्धा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने कदम-कदम पर संघर्ष किया। गरीब और अमीर की दोस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण भी भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण है। व्यक्ति कितना भी धनी क्यों न हो जाए, लेकिन उसे अपने निर्धन दोस्त के प्रति प्रेम रखना चाहिए।  सिंचाई और बिजली पर बड़ा फैसला मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के जल संकट को दूर करने के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस योजना से क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन सिंचित होगी। साथ ही, किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 240 करोड़ रुपये की संशोधित राशि की स्वीकृति भी प्रदान की।   बिना भूमि अधिग्रहण के दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर समारोह में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के लिए लगभग 600 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसमें किसानों की एक इंच भूमि भी प्रभावित नहीं हुई, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं में संतोष का वातावरण है। कड़ान परियोजना पूरी होने पर करीब 30 हजार एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। गेहूं खरीदी पर सरकार का संकल्प किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सरकार 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी वैश्विक कारणों से आए बारदाने के संकट को जल्द सुलझाया जाएगा। प्रदेश में बंपर पैदावार को देखते हुए केंद्र से खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों का दाना-दाना सरकार खरीदेगी। दिग्गजों की रही मौजूदगी इस अवसर पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, सांसद लता वानखेड़े और सागर संभाग के समस्त विधायक व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कांग्रेस ने बहनों को नहीं दिया मान-सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां बहनें बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हमारी सरकारों ने माताओं-बहनों का सम्मान बढ़ाया है। माता का नाम लो तो भगवान प्रसन्न होते हैं। जब तक राधा नहीं बोलो तो कन्हैया मुस्कुराते नहीं हैं, जब तक सीता मां को याद न करो, तो भगवान राम का आशीर्वाद नहीं मिलता है। यह बातें हमें माताओं-बहनों के आदर का आभास कराती हैं।उन्होंने कहा कि हमने 5 हजार साल पहले घटना सुनी थी कि कौरवों ने भरे दरबार में द्रौपदी का चीरहरण किया था, उसी तरह अभी कुछ दिन पहले लोकसभा में वो ही नाटक दोहराया गया। उस समय कौरव थे और अब कांग्रेसी हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहनों को अधिकार देने का जो निर्णय लिया था, कांग्रेसियों ने मुस्कुरा-मुस्कुरा कर उस निर्णय पर पानी फेर दिया। कांग्रेसियों को इस बात पर जरा दया नहीं आई। प्रधानमंत्री मोदी ने तो यहां तक कहा कि आप श्रेय ले लीजिए, मैं विज्ञापन छपवा दूंगा। तुम लोग जहां बोलोगे वहां हम तुमको श्रेय दे देंगे। आपने कभी बहनों को मान-सम्मान नहीं दिया, लेकिन हम मान-सम्मान देने को तैयार हैं। कांग्रेसी उसी अपनी पुरानी लाइन पर ही चलेंगे। तीन तलाक के मामले में भी राहुल गांधी ने बहनों के भरण-पोषण के मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला ठुकराया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा संगठन महिलाओं को तीस फीसदी आरक्षण दे रहा है। हमारे प्रदेश में 17 बहनें कलेक्टर हैं। सागर की सांसद-महापौर-कलेक्टर सब बहनें हैं। 

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2030 तक प्रदेश की विमानन क्षमता में होगा व्यापक विस्तार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण से विमानन क्षेत्र को मिल रही नई गति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘उड़ान’ विजन को साकार करते हुए प्रदेश को उत्कृष्ट विमानन केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक यात्री क्षमता 5.5 मिलियन से बढ़ाकर 10 मिलियन प्रति वर्ष तथा माल कार्गो क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ एयरपोर्ट सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी, जिससे निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच हुई सुलभ मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और अनुपम शिल्पकला का संगम है। उज्जैन के महाकाल लोक, ओंकारेश्वर के एकात्म धाम, खजुराहो की ऐतिहासिक धरोहर और ओरछा-चित्रकूट की आस्थाएँ जन-मानस में रची-बसी हैं। इन स्थलों तक सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘पीएमपर्यटन वायु सेवा’ और ‘धार्मिक पर्यटन हेली सेवा’ प्रभावी माध्यम बन रही हैं। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 8 प्रमुख केंद्रों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को आपस में जोड़कर श्रद्धा और पर्यटन को नए पंख लगा रही है। हाल ही में ओरछा और चित्रकूट जैसे पावन धामों के लिए प्रारंभ हुई हेली सेवा ने श्रद्धालुओं के लिए 'हरि-हर-दर्शन' कीको और भी सरल, सुखद और स्मरणीय बना दिया है। तहसील स्तर तक हो रहा हवाई सेवाओं का विस्तार प्रदेश में विमानन क्षेत्र को विकेंद्रीकृत करते हुए हवाई सुविधाओं को तहसील स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हवाई सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर क्षेत्र तक पहुंचें। इसी दृष्टि से प्रत्येक तहसील ब्लॉक में हेलीपैड विकसित करने की योजना है। प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कॉमर्शियल एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई गति देगी। क्षेत्रीय हवाई संपर्क से छोटे शहरों को मिली विकास की उड़ान विगत दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने हवाई सेवाओं के विस्तार में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दतिया प्रदेश के 8वें हवाई अड्डे के रूप में अपनी सेवा दे रहा है। रीवा, सतना और दतिया की सफलता के बाद अब शिवपुरी और उज्जैन में भी नए हवाई अड्डों की तैयारी तेजी से चल रही है। रीवा हवाई अड्डा पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए विकास का नया इंजन बन चुका है। यह न केवल सीमेंट और बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है, बल्कि मुकुंदपुर टाइगर सफारी जैसे पर्यटन केंद्रों तक पर्यटकों की पहुँच को भी आसान बना रहा है। इसी कड़ी में हम चित्रकूट और मैहर जैसे आस्था के बड़े केंद्रों को भी बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान हवाई यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हवाई अड्डे सेवा और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो रहे हैं।इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ‘एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी’ सर्वे में 4.90 स्कोर के साथ 16 एशियाई हवाई अड्डों में छठे स्थान पर रहा है। वहीं भोपाल के राजा भोज अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 घंटे संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नागर विमानन नीति-2025 से निवेश और रोजगार को बढ़ावा प्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 विमानन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को मजबूत करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना है।नीति के तहत प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों को उड़ान प्रशिक्षण (FTO) और अन्य व्यावसायिक विमानन गतिविधियों के लिए निजी भागीदारी से विकसित किया जा रहा है। इनमें सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा। मध्यप्रदेश में पायलट ट्रेनिंग और एविएशन एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रदेश विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। नीति के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे  देश के ‘हृदय प्रदेश’ के रूप में विशेष बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘गति शक्ति’ विजन और ‘रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम’ के साथ राज्य की नीतियों का समन्वय प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमानन क्षेत्र का यह विस्तार किसानों, व्यापारियों, युवाओं और पर्यटकों के लिए नए अवसर सृजित कर रहा है। यह केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प के साथ प्रदेश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।  

सतना के ग्राम बैरहना में 24 अप्रैल से श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन

सतना सतना जिले के अंतर्गत ग्राम बैरहना में दिनांक 24 अप्रैल से 1 मई  2026 तक विशाल श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है ! जिसमे चित्रकूट आश्रम के पीठाधीश्वर श्री 1008 राजगुरु स्वामी श्री बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज के श्री मुख से कथा की अमृत वर्षा होगी ! कार्यक्रम के आरम्भ में भव्य कलशजल शोभा यात्रा प्रातः 9:00 बजे ग्राम बैरहना में निकाली जायेगी एवं प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से नित्य भगवत रस की वर्षा हरि इच्छा तक।  कथा के मुख्य यजमान श्री युगल किशोर पांडे, राम सखी पांडेय पुष्पराज पांडेय ,शिवहर पांडेय ,शीतल संत श्री राम दस जी महाराज , श्री कृष्ण पांडेय एवं समस्त पांडेय परिवार ! इस पवन कार्यक्रम में जगत में कल्याण के लिए किया जाएगा एवं साधु संतों का समागम रहेगा ! कथा के अंतिम चरण में विशाल भंडारे के आयोजन भी 1 मई को किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें। आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा— प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई। युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

गांव में पत्नी का सिर काटकर घूमता रहा पति, चरित्र पर शक के चलते किया खौफनाक कृत्य

कोरबा  छत्तीसगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र पर शंका करने पर एक आदमी ने अपनी पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। उसके बाद एक हाथ में कटा सिर और दूसरे हाथ में हथियार लेकर गांव में घूमता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है पुलिस ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव में 58 साल के एक आदमी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का सिर काट दिया और फिर कटा हुआ सिर लेकर घूमता रहा। यह घटना बुधवार शाम को राजगमार पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत आने वाले बुंदेली गांव में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सालिक राम यादव एक स्थानीय पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है। मांस काटने वाले धारदार हथियार से वार उसने कथित तौर पर शराब के नशे में झगड़े के बाद मांस काटने वाले एक धारदार हथियार से अपनी 50 साल की पत्नी पर हमला कर दिया। उसने अपनी पत्नी का सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद उस आदमी को गांव में घूमते हुए देखा गया। उसके एक हाथ में कटा हुआ सिर था और दूसरे हाथ में हथियार। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उसने कथित तौर पर कटे हुए सिर और हथियार को एक प्लास्टिक के बोरे में रख दिया और धड़ को वहीं मौके पर छोड़ दिया। उसके बाद वह राजगामर पुलिस चौकी पहुंच गया। पत्नी को उसके चरित्र पर शक था उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने यह अपराध अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाले झगड़ों के बाद किया। पत्नी को कथित तौर पर उसके चरित्र पर शक था। यह जोड़ा मूलरूप से कोरबा ब्लॉक के अजगरबहार हल्दीमाड़ा गांव का रहने वाला था। दोनों पिछले तीन सालों से एक पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे थे। इस दंपचि के चार बच्चे हैं। आरोपी को गिरफ्तार किया गया अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

झारखंड मैट्रिक रिजल्ट 2026: Gumla-Dumka ने मारी बाजी, 99.60% पर 4 टॉपर

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 95.27% रहा है। मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के स्कूलों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है, वहीं सिमडेगा और रांची के विद्यार्थियों ने भी टॉप-3 में अपनी जगह बनाई है। टॉप-3 में 12 मेधावी, 4 परीक्षार्थियों ने किया स्टेट टॉप इस वर्ष मेरिट लिस्ट की सबसे खास बात यह रही कि पहले, दूसरे और तीसरे — तीनों स्थानों पर 4-4 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया है। 99.60% (498 अंक) हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चार परीक्षार्थी निम्नलिखित हैं: प्रियंशु कुमारी: इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग शिवांगी कुमारी: एस एस हाई स्कूल, बानो, सिमडेगा प्रेम कुमार साह: प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, रांची सन्नी कुमार वर्मा: सेंट अलॉयसियस हाई स्कूल, रांची हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका स्कूल का जलवा मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। टॉप-3 की सूची में शामिल कुल 12 विद्यार्थियों में से 5 छात्राएं अकेले इसी स्कूल से हैं। राज्य में द्वितीय स्थान (99.20%): दिव्यांशु उरांव (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) खिलेश साह (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) वैष्णवी श्री (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जुलिता मिन्ज (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) राज्य में तृतीय स्थान (98.80%): महताब अंसारी (सेंट जॉन्स हाई स्कूल, नवाटांड़) प्रीत राज (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ओरमांझी) अमिषा कुमारी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) दीप्ति रानी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जिलावार प्रदर्शन: गुमला ने चौंकाया जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला 99.32% पास प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद दुमका (99.02%) और पाकुड़ (98.56%) का स्थान रहा। राजधानी रांची का पास प्रतिशत 94.75% दर्ज किया गया है।

ड्रग्स के खिलाफ बड़ा एक्शन: Bhagwant Mann सरकार के अभियान से NDPS केस और जब्ती में उछाल

चंडीगढ़. भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन पंजाब में असरदार, तेज और असरदार नतीजे दे रहा है। लेटेस्ट डेटा से पता चलता है कि ड्रग्स के खिलाफ एक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई है, ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है और 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन के तहत आरोपियों को सजा मिलने की दर में भी काफी सुधार हुआ है। डेटा के मुताबिक, 2022 और 2026 (अब तक) के बीच 73,541 NDPS केस रजिस्टर हुए हैं, जो 2017-21 में 52,255 केस से 40 परसेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी दिखाता है। गिरफ्तारियों की संख्या भी काफी बढ़ी है, जो 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो पूरे राज्य में ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क पर लगातार और बड़े पैमाने पर कार्रवाई का इशारा है। ज़ब्ती के आंकड़े ऑपरेशन की सफलता को और दिखाते हैं, जो सप्लाई चेन में गहरी पैठ दिखाता है। हेरोइन की ज़ब्ती में 148% की बढ़ोतरी हुई है—2022 से अब तक 5,979 kg हेरोइन ज़ब्त की गई है, जबकि 2017-21 में यह 2,412 kg थी। अफ़ीम की ज़ब्ती भी 43% से ज़्यादा बढ़कर 3,583 kg हो गई है, जो ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई में तेज़ी का संकेत है। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ़ ऑपरेशन में खास तौर पर बड़ी उछाल देखी गई है। आइस (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की ज़ब्ती 17 kg से बढ़कर 93 kg हो गई है, जो 447% की बढ़ोतरी है। कोकीन की ज़ब्ती 6,064 kg रही, जो लगभग पिछले रिकॉर्ड 6,852 kg के बराबर है। यह कैंपेन अब दवाओं के गलत इस्तेमाल तक भी पहुँच गया है। 2022-26 के दौरान 87 करोड़ टैबलेट और कैप्सूल ज़ब्त किए गए हैं, जो युवाओं में बढ़ती लत को रोकने के लिए सप्लाई चेन को एक बड़ा झटका है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि इस ऑपरेशन से जस्टिस सिस्टम में भी अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। आरोपियों को सज़ा मिलने की दर 89% तक पहुँच गई है, जो मज़बूत जाँच, ठोस सबूत इकट्ठा करने और असरदार मुकदमे को दिखाता है। DGP पंजाब गौरव यादव ने कहा, “यह सिर्फ़ ऑपरेशन में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि ड्रग्स के खतरे से निपटने के हमारे तरीके में एक बड़ा बदलाव है। मामलों और ज़ब्ती में बढ़ोतरी इंटेलिजेंस पर आधारित कार्रवाई को दिखाती है, जबकि सज़ा मिलने की बढ़ती दर दिखाती है कि मामलों को आखिरी स्टेज तक ले जाया जा रहा है। सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी चेन पर लगातार दबाव है।” DGP ने कहा कि इस ऑपरेशन का पूरा होना और लगातार होना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ़ स्ट्रेटेजिक समझ का नतीजा है, जिसके तहत ‘ड्रग्स के खिलाफ़ जंग’ कैंपेन पूरे पंजाब में एक्टिव ऑपरेशन का एक अहम हिस्सा बन गया है। हालांकि ज़ब्ती में बढ़ोतरी ज़मीनी ऑपरेशन में तेज़ी को दिखाती है, लेकिन मान सरकार ने फिर से कहा है कि मुख्य लक्ष्य ड्रग नेटवर्क को तोड़ना और ड्रग्स की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस ऑपरेशन का लंबे समय तक असर रहे।

सिख युवाओं के बीच जत्थेदार गरगज का संदेश: एकता और गुरमत से ही उज्ज्वल भविष्य

ऑकलैंड/अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने ऑकलैंड के गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब तकनीनी में न्यूज़ीलैंड सिख यूथ ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़े युवाओं के साथ करीब डेढ़ घंटे तक खास मीटिंग की। इस दौरान युवाओं ने जत्थेदार गरगज से सिख संस्थाओं, सिखों के खिलाफ़ उठाई जा रही बातों, तौर-तरीकों, गुरमत शिक्षा और धार्मिक प्रचार के बारे में सवाल पूछे, जिनके जवाब सिंह साहिब ने दिए। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि सिख युवा अपने धर्म और संस्थाओं के बारे में बहुत जागरूक और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड के सिख युवा चढ़दी कला का काम कर रहे हैं और उम्मीद जताई कि वे हमेशा गुरमत के अनुसार सेवा करते रहेंगे। जत्थेदार गरगज ने सिख युवाओं को शिक्षा हासिल करने और अच्छा मुकाम हासिल करने और देश की तरक्की के लिए सेवा करने की सलाह दी। उन्होंने सभी युवाओं से एक साथ रहने, एक-दूसरे की मदद करने, गुरमुखी पंजाबी सीखने और एक साफ़ सिख पहचान बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर जत्थेदार गरगज्ज ने कुछ सिख युवाओं, जिन्होंने हत्याएं की थीं, को साफ़ सिख पहचान बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान युवाओं ने जत्थेदार गरगज्ज को खास तौर पर सम्मानित किया। मौजूद लोगों में दलजीत सिंह प्रेसिडेंट, न्यूज़ीलैंड सेंट्रल सिख एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, एस. गुरनाम सिंह, बीबी पाहुलप्रीत कौर, बीबी गुरलीन कौर, बीबी सुपिंदर कौर, बीबी प्रीति कौर, एस. जसकरन सिंह मीडिया एडवाइज़र वगैरह शामिल थे।

Agniveer Exam Prep Free: लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण, ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

दुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून से 15 जून के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित केंद्र दुर्ग किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई से 3 जून तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी से 10 अप्रैल तक संचालित की गई थी। जिसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर द्वारा लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मई से 4 जून 2026 तक आयोजित की जा रही है। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को रोजगार विभाग के वेब पोर्टल ई रोजगार डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन या मोबाइल पर उपलब्ध छत्तीसगढ़ रोजगार एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला एवं विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रदान किया जाएगा। ये निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसका लाभ जिला और विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अभ्यर्थियों को मिलेगा। किसी भी दिक्कत या परेशानी के लिए आवेदक अभ्यर्थी रोजगार कार्यालय रायपुर से कॉन्टेक्ट कर सकते हैं।

फतेहगढ़ साहिब हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा, सीएम का बड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में हुए बस हादसे के पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुआवजे की घोषणा की है। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 34 लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये प्रति मृतक के हिसाब से देने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुआवजे की घोषणा की। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह हादसा बीते सप्ताह फतेहगढ़ साहिब जिले के बसी पठानां के नजदीक गांव मैन माजरी में हुआ था। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हादसे की जांच तेज कर दी है।