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भाजपा नेता विक्रमादित्य ने नौगई ट्रिपल मर्डर पीड़ित परिवार से की मुलाकात, सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

कोरिया. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई ट्रिपल मर्डर मामले को लेकर जूदेव परिवार के सदस्य एवं भाजपा नेता विक्रमादित्य सिंह जूदेव बैकुंठपुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर शोक व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने कहा कि इस घटना से पूरा क्षत्रिय समाज शोक में है। उन्होंने मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। एनकाउंटर और मौत के बदले मौत की मांग साथ ही उन्होंने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की मांग भी की और कहा कि जब तक ऐसी कार्रवाई नहीं होती, तब तक समाज शांत नहीं बैठेगा। इस दौरान उन्होंने अपने बयान में आरोपियों के एनकाउंटर और ‘मौत के बदले मौत’ जैसी मांग भी रखी।

CM विष्णु देव साय बोले- रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने रामगढ़ पहुँचकर निहारी सीताबेंगरा की प्राचीन विरासत जोगीमारा गुफा शिलालेख एवं हाथीपोल का किया अवलोकन हमारी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत – मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक एवं रामवनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़े रामगढ़ में आयोजित दो दिवसीय "रामगढ़ महोत्सव-2026" के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा का अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जोगीमारा गुफा के प्राचीन शिलालेख, भित्तिचित्रों तथा क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर हाथीपोल का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ सरगुजा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य एवं पर्यटन का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत भी विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान रखती है। रामगढ़ जैसी धरोहरें हमारी ऐतिहासिक अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों। उल्लेखनीय है कि रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ भारतीय इतिहास, स्थापत्य, शिलालेख एवं चित्रकला की अनुपम धरोहर मानी जाती हैं। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इन्हीं पहाड़ियों में अपनी कालजयी कृति "मेघदूतम्" की रचना की थी, जिसका आरंभ "आषाढस्य प्रथमदिवसे" से होता है। इसी ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लगभग 44 फीट लंबी सीताबेंगरा गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच, जोगीमारा गुफा में तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भित्तिचित्र परंपरा तथा यहाँ प्राप्त प्राचीन अभिलेख इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। रामगढ़ की एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान "हाथीपोल" नामक प्राकृतिक सुरंग है। लगभग 180 फीट लंबी तथा 15 से 20 फीट ऊँची यह प्राकृतिक सुरंग अपनी अनूठी संरचना के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ इस सम्पूर्ण क्षेत्र को और अधिक रहस्यमयी, आकर्षक एवं ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित इन कलात्मक गुफाओं का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है, जिसके कारण यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

महिलाओं को एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी स्वास्थ्य जांच और परामर्श सुविधाएँ

सिरसा  महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर हरियाणा सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब प्रदेश के चयनित सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जहां महिलाओं को जांच, परामर्श, टीकाकरण और रेफरल जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य महानिदेशक पंचकूला की ओर से इस संबंध में संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल मुख्यमंत्री के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट भाषण की घोषणा के तहत लागू की जा रही है। इससे पहले जिला नागरिक अस्पतालों में मौजूदा पोस्ट-पार्टम सेंटर पीपीसी के माध्यम से एसएनएसपी क्लीनिक शुरू किए जा चुके हैं और अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से ब्लाक स्तर के अस्पतालों तक विस्तारित किया जा रहा है। इन अस्पतालों को किया गया है चिंहिृत मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के 9 जिलों के 10 सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। इनमें अंबाला जिले के अबांला कैंट व नारायणगढ़ उपमंडल अस्पताल, फतेहाबाद के टोहाना, हिसार के नारनौंद, पानीपत के समालखा, कुरूक्षेत्र के शाहबाद, यमुनानगर के जगाधरी, सिरसा के डबवाली, झज्जर के बहादुरगढ़ तथा नारनौल के महेंद्रगढ़ उपमंडल अस्पताल को शामिल किया गया है। अस्पताल प्रशासन को चार दिनों के भीतर क्लीनिक के लिए चिन्हित स्थान की फोटो सहित तैयारी रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं एसएनएसपी क्लीनिक का उद्देश्य महिलाओं से जुड़ी सामान्य और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है। यहां 9 से 65 वर्ष तक की महिलाओं के स्वास्थ्य डेटा संकलन, टीकाकरण, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर और स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग, पोषण एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, फॉलोअप और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्देशों के अनुसार क्लीनिक में एचपीवी टीकाकरण कवरेज बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही महिलाओं को किशोरावस्था, रजोनिवृत्ति, आस्टियोपोरोसिस, हृदय रोग, मेटाबोलिक विकार और स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक क्लीनिक में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और संबंधित अस्पताल के पीएमओ, एमएस इसकी निगरानी करेंगे, जबकि जिला स्तर पर सिविल सर्जन पूरी व्यवस्था के प्रभारी होंगे। हर सोमवार दोपहर 12 बजे तक साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य रहेगा। सिरसा के सीएमओ डॉ. पवन कुमार ने कहा किस्वस्थ नारी सशक्त परिवार क्लिनिक नागरिक अस्पताल में संचालित हो रहा है। मुख्यालय से उपमंडल नागरिक अस्पताल डबवाली में भी इसके संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।  

रांची के कई इलाकों में बिछेगी पीएनजी पाइपलाइन, 2026 तक जुड़ेंगे 20 हजार नए उपभोक्ता

 रांची  राजधानी रांची में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में गेल इंडिया लगातार अपने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क का विस्तार कर रही है। शहर के वार्ड नंबर 46 स्थित कृष्णापुरी, मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।  इस विस्तार योजना के पूरा होने के बाद शहर की लगभग एक लाख आबादी को घरेलू गैस पाइपलाइन सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।  150 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना गेल इंडिया के डीजीएम प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि रांची में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 150 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना बनाई गई है, ताकि शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ा जा सके।  उन्होंने बताया कि वर्तमान में रांची में करीब 550 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और लगभग 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन नेटवर्क में गैस चार्ज की जा चुकी है। इसके माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में गैस आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की गई है। 78 हजार घरों तक पहुंची अवसंरचना घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए अब तक लगभग 78 हजार घरों में आवश्यक अवसंरचना तैयार की जा चुकी है। इनमें से करीब 24 हजार घरों तक गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि लगभग 18 हजार उपभोक्ता नियमित रूप से पीएनजी गैस का उपयोग कर रहे हैं।  कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक अतिरिक्त 20 हजार नए घरेलू उपभोक्ताओं को इस सुविधा से जोड़ने का है। गेल इंडिया की यह योजना केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्रों तक भी गैस नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे उद्योगों को सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। वार्ड 46 में 20 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य वार्ड नंबर 46 की पार्षद आरती कुमारी ने बताया कि गैस सिलिंडर की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों के कारण लोगों में पीएनजी कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों की मांग और शिकायतों के बाद उनके वार्ड में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया है। वार्ड में लगभग 20 किलोमीटर गैस पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्य पूरा होने के बाद विशेष शिविर लगाकर एक साथ बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वार्ड में करीब 20 हजार परिवार रहते हैं, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी गेल इंडिया ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-123-121-111 जारी किया है। किसी भी प्रकार की शिकायत, तकनीकी सहायता या कनेक्शन संबंधी जानकारी के लिए उपभोक्ता इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। कंपनी ने वर्ष 2027 के अंत तक परियोजना को व्यापक रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। घर तक गैस पाइपलाइन पहुंचने से सिलेंडर बुकिंग और ढुलाई की परेशानी खत्म होगी। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।- संतोष सिंह, स्थानीय निवासी     पीएनजी कनेक्शन सुरक्षित होने के साथ-साथ किफायती भी है। इससे पुरुषों का समय बचेगा व महिलाओं को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी।- सुमंत महतो, स्थानीय निवासी यदि पूरे वार्ड में समय पर काम पूरा हो जाता है तो हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। घरेलू गैस के साथ उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।- विजय कुमार, स्थानीय निवासी  

CM सैनी का बड़ा ऐलान, 5000 एकड़ में विकसित होगी नमो सिटी; जानें मास्टर प्लान

चंडीगढ़. हरियाणा में व्यापारियों के लिए 5000 एकड़ में "नमो सिटी" बनाई जाएगी। इसमें व्यापारियों और आम लोगों के लिए अलग प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में दिल्ली की विभिन्न मार्केट्स से जुड़े थोक व्यापारियों के साथ सीधा संवाद करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में विश्वस्तरीय मार्किट स्थापित की जाएगी, जिसमें बेहतर से बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने व्यापारियों को अधिक संख्या में हरियाणा में निवेश करने का आह्वान किया। इस दौरान इलेक्ट्रानिक्स, मार्बल, ड्राई फ्रूट, लोहा मंडी समेत दिल्ली की कुल 26 व्यापारिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया और सुझाव दिए। दिल्ली के आसपास बनेगा प्लॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के आसपास के इलाके में बड़ी व्यापारिक मार्किट व पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने का फैसला लिया है ताकि व्यापारियों को खुला और सुविधायुक्त वातावरण मिल सके। अमृतसर की ड्राई फ्रूट मार्केट के व्यापारियों ने भी लगभग 280 प्लॉट लिए हैं और अब बड़ी ड्राई फ्रूट मंडी हरियाणा में स्थापित होगी। इसी तरह लुधियाना के व्यापारियों ने भी लगभग 180 प्लॉट लिए हैं। यह मार्केट विश्व स्तर की अलग पहचान वाली होगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम कड़ी का काम करेगी। 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए इतनी चौड़ी सड़कों और सुविधाओं के साथ इस मार्केट को विकसित किया जाएगा कि आवागमन में कोई दिक्कत न आए। निवेशकों को आसानी से मिलेगा अप्रूवल यह एक ग्रीन और पाल्यूशन मुक्त मार्केट होगी, जहां परिवार भी घूमने के लिए आ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े निवेशकों के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज, रोजगार आधारित प्रोत्साहन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और टाइम बाउंड अप्रूवल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राई के नजदीक मारुति का बड़ा प्लांट तैयार हो गया है, जहां सालाना करीब 10 लाख गाड़ियां बनेंगी। साथ ही खरखौदा में आइएमटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जोन भी विकसित हो रहा है। इसके अतिरिक्त 600 एकड़ में एक बड़ी हार्टिकल्चर मंडी का निर्माण भी गति से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक की कनेक्टिविटी से जुड़ी होगी। कहा- हर समस्या के समाधान के लिए खुले हैं द्वार मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देगी और किसी भी समस्या पर सीधे मुख्यमंत्री से मिलने के द्वार खुले हैं। इस दौरान लोहा मंडी से जुड़े श्री केके गुप्ता, देवराज, राकेश यादव, मार्बल एसोसिएशन और राजेंद्र कपूर ने भी अपने सुझाव रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रूप से सहमति जताते हुए संबंधित व्यवस्थाएं करने का आश्वासन दिया। वहीं, उद्योग मंत्री राव नरबीर ने कहा कि दिल्ली के बाजारों में बहुत भीड़ भाड़ है। हरियाणा सरकार अलग-अलग औद्योगिक कलस्टर बनाकर व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं दे रही है। व्यापारी जो सोच लेकर हरियाणा में आएगा, उसे वह सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर दिल्ली हरियाणा भवन की रेजिडेंट कमिश्नर मोना श्रीनिवास, एचएसआइआइडीसी के एमडी सुशील सारवान, एचएसआईआईडीसी के कार्डिनेटर सुनील शर्मा मौजूद रहे।

मोहर्रम पर लुधियाना में DJ और डांस का VIDEO चर्चा में, शाही इमाम बोले- शोक के दिन जश्न शर्मनाक

लुधियाना लुधियाना में मोहर्रम के दिन मुस्लिम युवकों ने एक कार्यक्रम करवाया। जिसमें डीजे पर मियां-मियां भाई बज रहा था और मुस्लिम युवक हाथों में तलवारें, लाठियां, डंडे लेकर हंसते हुए डांस करते रहे। वीडियो वायरल हुआ तो पंजाब के शाही इमाम मोहम्मद उस्मान उर रहमानी ने दी सफाई।  शाही इमाम ने कहा कि मोहर्रम पर इस तरह का हुड़दंग व बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। शाही इमाम ने देशभर के मुस्लिम नेताओं व उलेमाओं से अपील की है कि जहां-जहां मोहर्रम पर इस तरह की घटनाएं हुई, वहां पर आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए ताकि भविष्य में ऐसा न हो। शाही इमाम यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए यह शर्म की बात है। शोक वाले दिन पर जश्न मनाया जा रहा है। शराब पी रहे हैं, सरे आम लाठियां डंडे व तलवारें लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर मुस्लिमों को क्या जवाब देंगे? शाही इमाम ने वीडियो जारी कर कही ये अहम बातें…     व्यवस्था और जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते उलेमा: शाही इमाम ने देश के सभी तबकों के उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोहर्रम का दिन निकल चुका है और सबने अपने-अपने तरीके से शहीदों को याद किया। लेकिन अब मोहर्रम मनाने वालों पर किसी की निगरानी या कंट्रोल नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि बहुत सी चीजें शरियत में लिखित रूप में नहीं होतीं। जैसे अगर कोई जलसा होता है, तो यह शरियत में नहीं लिखा कि गेट पर कौन खड़ा होगा या मेहमानों को कौन रिसीव करेगा—यह एक प्रशासनिक व्यवस्था होती है जो हमें खुद बनानी पड़ती है।" उन्होंने सवाल उठाया कि उलेमा और जिम्मेदार लोग अपनी इस जिम्मेदारी से कैसे भाग सकते हैं?     शराब के ठेकों पर भीड़ शर्मनाक: शाही इमाम ने लुधियाना की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि मोहर्रम के मौके पर बहुत से लोग बेतरतीब तरीके से लाठी, डंडे और तलवारें लेकर सड़कों पर निकले। डीजे लगाकर गाने बजाए जा रहे थे, औरतें बेपर्दा गुजर रही थीं और सबसे ज्यादा शर्म की बात यह थी कि शराब के ठेकों पर ऐसे हुड़दंगियों की भीड़ लगी हुई थी।     गैर-मुस्लिमों को क्या मुंह दिखाएंगे?: उन्होंने भावुक होकर कहा, "आप अंदाजा लगाएं, जब गैर-मुस्लिम लोग हमसे पूछते हैं कि आज मोहर्रम का कौन सा दिन है, तो हम उन्हें क्या बताएं? क्या हम उन्हें यह बताएं कि आज हमारे धर्म में शहादत का दिन है, आज के दिन पैगंबर के बड़े घराने ने मानवता के लिए कुर्बानी दी थी? एक तरफ यह इज्जत और शालीनता का दिन है, और दूसरी तरफ सड़कों पर यह तमाशा हो रहा है!"     गलत काम करने वाले का हाथ पहले हम पकड़ेंगे: शाही इमाम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि हम मुसलमान हैं। अगर कोई मुसलमान गलत काम करेगा, तो उसका हाथ सबसे पहले हम ही पकड़ेंगे, कोई और नहीं पकड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मोहर्रम के नाम पर पीपीणियां बजाईं, लाठियां भांजीं, नाचे-गाए और शराब पीकर मर्यादा तार-तार की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।     आयोजकों और हुड़दंगियों पर होगी FIR: उन्होंने देश भर के मुसलमानों से अपील की कि जिन भी कमेटियों या लोगों ने इन कार्यक्रमों के लिए सरकारी परमिशन ली थी, और वहां मर्यादा का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दें ताकि मुकदमा दर्ज हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "कान खोलकर सुन लें, अब ऐसी बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार के जरिए ऐसी गुंडागर्दी और बदमाशी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।"     जो अहले-बैत को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसा?: शाही इमाम ने अंत में धर्म की बुनियादी बात याद दिलाते हुए कहा कि जो इंसान अहले-बैत का सम्मान नहीं करता, जो कर्बला की शहादत और उसके संदेश को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसे हो सकता है? मोहर्रम शोक का दिन है, इसमें जश्न मनाना पूरी तरह से इस्लामियत के खिलाफ है। शाही इमाम को क्यों आया गुस्सा दरअसल, पूरा विवाद लुधियाना के दाना मंडी में मोहर्रम के दिन आयोजित एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। इस कार्यक्रम का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिस पर लोगों ने सवाल खड़े करने शुरू किए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ मुस्लिम युवा हाथों में डंडे और नंगी तलवारें लहरा रहे हैं। पृष्ठभूमि में लाउडस्पीकर पर 'मियां भाई' जैसे फिल्मी और रैप गाने बज रहे हैं, जिस पर यह युवक शोक मनाने के बजाय थिरक रहे हैं और हुल्लड़बाजी कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में पटाखे चलाने, गाड़ियों को बेतरतीब तरीके से दौड़ाने और जिस्म पर तेल डालकर अजीब हरकतें करने के मामले भी सामने आए। इस वीडियो के शाही इमाम के पास पहुंचने के बाद आम मुस्लिम समाज और शिया समुदाय ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। पंजाब के शिया संप्रदाय से भी अपील की गई है कि अजादारी की एक अपनी तहजीब और मुकाम है, इस तरह का हुड़दंग अजादारी और इस्लाम दोनों का अपमान है।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में धर्मांतरित परिवारों का विरोध, गांव छोड़ने का दबाव; सामान बाहर फेंका

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भरण्डा के बाद खड़का गांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद शुरू हो गया है. धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. आदिवासी सामाज के लोगों ने धर्मांतरित परिवारों के घरों से सामानों को बाहर निकाल दिया है. इसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. दरअसल, पूरा मामला खड़का गांव का है. जहां आदिवासी समुदाय और धर्मांतरित परिवारों के बीच भारी विवाद की स्थिति बनी हुई है. ईसाई धर्म अपनाने वाले दो परिवारों पर गांव छोड़ने का दबाव बनाते हुए उनके घरों से सामान बाहर निकाल दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि धर्मांतरित परिवार गांव के सामाजिक कार्यक्रमों में अन्य ग्रामीणों की तरह चंदा दें और आदिवासी देवी-देवताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों को मानें. वहीं प्रभावित परिवारों का कहना है कि वह साल में केवल एक बार ही चंदा देंगे, लेकिन आदिवासी धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं करेंगे. इसको लेकर तनाव बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कोई भी अपिहार्य घटना न हो. मामले में प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि हाल ही में भरण्डा गांव में आदिवासी ग्रामीणों ने 26 धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने के लिए कहा था. उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि ईसाई धर्म अपना चुके लोग पुरानी संस्कृति में लौटें या फिर गांव छोड़ दें.

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, 50 जिलों में अलर्ट जारी; खरगोन में गाज गिरने से 2 की मौत, बैतूल में मिले 2 शव

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। आज भारी बारिश की संभावना मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है। आज भारी बारिश की संभावना मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है। खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले। छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया। इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है। पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है। इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश     कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।     ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।

‘शराब छोड़ो, वरना खंभे से बंधोगे’… बालाघाट में पत्नी ने शराबी पति को बांधकर मुंह पर चिपकाया टेप

बालाघाट  बालाघाट के बुढ़ी क्षेत्र में महिलाएं पिछले करीब 80 दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि इलाके में लंबे समय से चल रही शराब दुकान के कारण परिवारों में विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।  45 साल से संचालित हो रही है शराब दुकान स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़ी क्षेत्र में यह शराब दुकान पिछले करीब 45 वर्षों से संचालित हो रही है। वार्ड की महिलाओं ने इसे हटाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है और वे लगातार धरना दे रही हैं। धरने के दौरान संजू चौधरी नाम का एक व्यक्ति अत्यधिक शराब पीकर आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। संजू चौधरी आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिलाओं में शामिल एक महिला का पति है। महिलाओं से की अभद्रता आरोप है कि संजू चौधरी ने नशे की हालत में आंदोलनकारी महिलाओं के बीच पहुंचकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की। अपने पति की हरकत देखकर पत्नी का धैर्य जवाब दे गया। उसने अन्य महिलाओं की मदद से संजू चौधरी को बीच सड़क पर बिजली के खंभे से बांध दिया। मुंह पर चिपकाई सेलोटेप महिलाओं ने गाली-गलौज और हंगामा रोकने के लिए संजू चौधरी के मुंह पर सेलोटेप भी चिपका दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझाइश दी और काफी मशक्कत के बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद मामला शांत कराया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो शराबी पति को खंभे से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग महिला के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। महिलाओं ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी आंदोलनकारी महिला मंजीता सोनवाने और अन्य वार्डवासियों का कहना है कि शराब ने उनके परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन 45 साल पुरानी शराब दुकान को वहां से नहीं हटाता, तब तक उनका धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

भजनलाल शर्मा ने यमुना जल समझौते को बताया ऐतिहासिक, प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली जोधपुर हाउस में यमुना जल समझौते को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजस्थान को सबसे अधिक पानी की आवश्यकता है, और यह समझौता प्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित होगा. उन्होंने कहा कि 29 जून का दिन राजस्थान के लिए ऐतिहासिक है, और प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया.  "कांग्रेस ने नहीं किया समाधान"  मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक इस मुद्दे का समाधान नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की पानी की पीड़ा को समझते हुए इसे प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा कि इस समझौते से राजस्थान की प्यासी धरती को पानी मिलेगा.  सीएम भजनलाल ने गृह मंत्री का जताया आभार  भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो सकी.  "राजस्थान कर रहा विकास" मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और प्रदेश विकास योजनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में अनेक विकास कार्य हुए हैं, और डबल इंजन की सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरी है.  उन्होंने कांग्रेस पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने कभी जनता के हित में काम नहीं किया. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में रिफाइनरी परियोजना का उद्घाटन करेंगे.