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डॉक्टरों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर, बिहार के 15 हजार स्वास्थ्य संस्थानों में होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

पटना  बिहार में स्वास्थ्य मंत्री की कुर्सी संभालने के बाद निशांत कुमार फुल ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। वो ताबड़तोड़ अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और लापरवाही पर ऐक्शन ले रहे हैं तो वहीं वो बड़े-बड़े फैसले भी ले रहे हैं। अब निशांत कुमार ने ऐलान किया है कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के पीछे सरकार की यह मंशा है कि वो डॉक्टरों पर निगरानी रख सकें कि अस्पताल में वो किस तरह से अपना काम कर रहे हैं।निशांत कुमार ने यह भी कहा है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल और सभी सीएचसी को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में डेवलप किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि हम जो दवा दे रहे हैं वो जनता तक पहुंचे। हम इस बात को लेकर प्रयासरत हैं कि दवा सही मात्रा में और सही ढंग से जनता तक पहुंच सके। हमारी सबसे बड़ी समस्या है डॉक्टरों या अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी की। इसके लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और हम इन सभी में अब कैमरा लगवा रहे हैं। हम एक ऐसा सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं कि कोई भी डॉक्टर अस्पताल में आता है, जाता है तो उसके बीच में वो क्या करता है उसका रिकॉर्ड हम रख सकें। मान लीजिए अगर कोई डॉक्टर 9 बजे आया और 1 बजे गया तो इस बीच में उसने ओपीडी किया या आईपीडी किया याा फिर उसने सर्जरी की या क्या कुछ किया उन सभी चीजों का रिकॉर्ड हमारे पास रहेगा। सभी जगहों पर हम कैमरा लगा रहे हैं ताकि हम कैमरे से ही निगरानी कर सकें। मैं खुद इसको मॉनीटरिंग करूंगा।’ निशांत कुमार ने बताया है कि बिहार के पांच जोन में 11 लेवल-थ्री और पांच लेवल-टू ट्रामा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। PMCH के प्राचार्य पर हुआ था ऐक्शन बता दें कि इससे पहले पटना स्थित PMCH में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जब दौरा किया था तब लापरवाही के आरोप में प्राचार्य पर ऐक्शन भी लिया गया था। बिहार सरकार ने पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के प्रभारी प्राचार्य को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पीएमसीएच के पूर्व निर्धारित निरीक्षण के बाद की गई थी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया था कि प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र प्रताप सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना नहीं दी थी और न ही अपने स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों के फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया। नरेंद्र सिंह को अब बेतिया में प्रोफेसर के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं, पटना चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो. गीता सिन्हा को अगले आदेश तक पीएमसीएच की प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

36 लाख लोगों के खाते में पहुंचेगी राहत, पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए जारी किए ₹1583 करोड़

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, अनाथ एवं आश्रित बच्चों तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1,583 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। सरकार का कहना है कि इस राशि के माध्यम से लाखों पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें दैनिक जीवन की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सके। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सोमवार को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं के तहत कुल 6,131.91 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट का उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। हर व्यक्ति तक पहुंचे आर्थिक सहायता उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से पंजाब के लगभग 36 लाख लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना किसी देरी के आर्थिक सहायता पहुंचे और किसी भी लाभार्थी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक जारी की गई कुल राशि में से 1,048 करोड़ रुपये से अधिक बुजुर्ग पेंशन के रूप में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। 535 करोड़ की अतिरिक्त राशि भी जारी इसके अलावा विधवाओं, बेसहारा महिलाओं, अनाथ एवं आश्रित बच्चों तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 535 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार के लिए सामाजिक सुरक्षा केवल बजटीय प्रावधान नहीं, बल्कि जरूरतमंद वर्गों के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विभाग ने लाभ वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारु बनाया है, ताकि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक बिना किसी देरी के सहायता पहुंच सके।

मोबाइल नोटिफिकेशन बना जाल, यमुनानगर में ASI के खाते से लाखों रुपये गायब

यमुना नगर. रेलवे पुलिस के एएसआइ साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आया। जिस पर क्लिक किया तो मोबाइल बंद हो गया। उस समय अधिक ध्यान नहीं दिया। कई दिन तक इसी तरह से मोबाइल बंद होता रहा। बाद में खाता चेक किया तो उसमें से यूपीआइ के माध्यम से 3.27 लाख रुपये साफ हो चुके थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उनकी पत्नी के बयान पर मामला दर्ज किया है। नरेंद्रनगर निवासी आशा रानी ने बताया कि उसका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। पति रेलवे पुलिस में एएसआइ हैं। इस समय उनकी ड्यूटी उत्तर प्रदेश के लखनऊ में है। बैंक खाते को गूगल पे से पति ने अपने मोबाइल में लिंक किया हुआ है। 27 जून को पति ड्यूटी से छुट्टी पर यमुनानगर आए हुए थे। बच्चों का दाखिला चेक करने के लिए पति ने गूगल पे पर बैलेंस चेक किया तो खाते में कुल चार हजार रुपये ही थे। यह देखकर हैरान रह गए। जिस पर तुरंत बैंक में गए। वहां जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि किसी ने धोखे से यूपीआइ के माध्यम से अलग-अलग कर खाते से तीन लाख 27 हजार 999 रुपये निकाल लिए। वहीं एक अन्य मामले में प्रतापनगर निवासी युवती को निवेश के नाम पर ठग लिया गया। टेलीग्राम आइडी पर आए मैसेज से वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई। उसे निवेश कर लाभ कमाने का झांसा दिया गया। उसने अलग-अलग कर एक लाख 71 हजार रुपये निवेश किए। शुरूआत में उसकी आइडी पर लाभ दिखता रहा। बाद में आइडी ब्लाक हो गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

रेड लाइट तोड़ते ट्रक ने ली नाबालिग की जान, चंडीगढ़ में बड़ा सड़क हादसा

चंडीगढ़. हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 वर्षीय सुशांत की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह अपने पिता के साथ हल्लोमाजरा स्थित एक दुकान से सामान लेकर साइकिल पर घर लौट रहा था। पिता बाइक पर आगे चल रहे थे, जबकि सुशांत साइकिल से उनके साथ-साथ चल रहा था। इसी दौरान रेड लाइट जंप कर आए तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक सुशांत के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल किशोर ने अपने पिता के सामने ही दम तोड़ दिया। बेटे की आंखों के सामने हुई इस दर्दनाक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुआ। आरोप है कि चालक ने रेड लाइट की अनदेखी करते हुए तेज गति से ट्रक निकालने की कोशिश की, जिससे साइकिल सवार सुशांत उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद चालक ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर तलाश शुरू की और कुछ ही समय बाद आरोपी ट्रक चालक को डेराबस्सी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व मौत का कारण बनने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। ट्रक ने की रेड लाइट जंप स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर अक्सर भारी वाहन ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए रेड लाइट जंप करते हैं। लोगों ने इस चौराहे पर सख्त निगरानी और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

पुलिस ने कोचिंग संस्थानों का किया निरीक्षण, फायर सेफ्टी समेत सुरक्षा इंतजामों की परखी हकीकत

राजनांदगांव. शहर के कोचिंग संस्थानों में पुलिस की टीम ने दबिश देकर फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा मानकों की बारिकी से जांच की। इस दौरान कोचिंग संस्थानों के संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए। दरअसल, पुलिस टीम द्वारा 29 जून को पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में राजनांदगांव शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पावर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना कोतवालीतपुर एवं चिखली क्षेत्र के लगभग 12 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने कोचिंग संस्थानों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों आपातकालीन निकास, काली खिड़कि विद्युत वायरिंग, विद्युत सुरक्षा उपकरणों, सीढ़ियों एवं विकास मार्गों सहित अन्य सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया। ज्ञात हो हाल ही में नगर सेना की टीम ने भी शहर के निजी कोचिंग सेंटरों में दबिश देकर जांच पड़ताल की थी। के साथ ही प्रशासन भी लखनऊ की घटना के बाद से ही कोचिंग सेंटरों को लेकर सतर्क हो गया है। किसी भी प्रकार के हादसे से बचने के लिए निरीक्षण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की जा रही है। हालांकि शहर में इस जां पड़ताल के दौरान किसी भी कोचिंग सेंटर को सौल नहीं किया गया है के निर्देश जारी किए गए है।

नशे के खिलाफ एक्शन मोड में CM भगवंत मान, DC-SSP को दिए सख्त निर्देश और चेतावनी

बठिंडा पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बीते सोमवार डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि जब तक पंजाब नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक इस अभियान को और अधिक तेज किया जाए। विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है, जिससे नशे के अभिशाप की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए तथा जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त कार्रवाई, अधिक जनभागीदारी और गांवों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस गति को बनाए रखते हुए नशों के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की जा सके। बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से मैंने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सभी अधिकारियों को नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आइए, हम सभी मिलकर पंजाब को नशामुक्त बनाएं और राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों की सप्लाई लाइन पहले ही तोड़ी जा चुकी है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस अभियान की गति को बनाए रखना होगा और समय की मांग है कि इसे तब तक और तेज किया जाए, जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं और उन्होंने पिछले तीन महीनों में ही नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा, “जिन जिलों में विलेज डिफेंस कमेटियां अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं, उन्हें इस जनहित के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में हर महीने विलेज डिफेंस कमेटियों की बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और मैं स्वयं मासिक राज्य स्तरीय बैठकों में उनके कार्यों की समीक्षा करूंगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इसके खिलाफ इतनी दृढ़ और व्यापक मुहिम नहीं चलाई गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.50 लाख सदस्यों की एक मजबूत शक्ति तैयार की गई है। जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा एक सामाजिक समस्या है और इस अभियान की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीसीज़ और एसएसपीज़ को निर्देश दिए कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग प्राप्त करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी नशे की बिक्री न हो और प्रत्येक नशा पीड़ित व्यक्ति को इस दलदल से बाहर निकाला जा सके।  

हरियाणा के अंबाला में बड़ा हादसा, 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 3 वर्षीय बच्चा

अंबाला. गांव शाहपुर के पास गांव धन्यौडा में एक साढ़े तीन साल का निर्भय खेलते हुए 220 गहरे बोरवेल में गिर गया। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा। इसके बाद सेना ने बच्चे को निकालने का मोर्चा संभाल लिया। जानकारी अनुसार, गांव धन्यौडा में साढ़े तीन साल का निर्भय अपने चाचा के साथ खेत में गया था। खेत में धान लगाई जा रही है। इस कारण चाचा का काम में ध्यान होने से बच्चे से भटक गया। इतने में बच्चा खेलते हुए 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। बोरवेल खराब होने के कारण बंद था, जो ढका हुआ नहीं था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा, मशीन मंगवाई गई। बच्चे को निकालने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची।

PGI चंडीगढ़ में पानी की बोतलों पर MRP से ज्यादा कीमत, अतिरिक्त वसूली का मामला सामने आया

चंडीगढ़. पीजीआई की न्यू ओपीडी और कार्डियक सेंटर में बनी कैंटीन में ठेकेदारों की ओर से पानी की बोतलों पर एमआरपी बढ़ाकर लोगों से लूट का खेल चल रहा है। मरीजों व तीमारदारों पहले की इलाज के चलते पैसों की किल्लत झेल रहे होते हैं, लेकिन मजबूरी का फायदा उठा कर कैंटीन संचालक उनकी जेब पर सेंधमारी कर रहे है। न्यू ओपीडी और कार्डियक सेंटर में बनी कैंटीन में 20 रुपये की पानी की बोतल पर 30 रुपये वसूले जा रहे हैं। पूरे शहर में पानी की बोतल 20 रुपये में उपलब्ध है और ऑनलाइन 15 रुपये में उपलब्ध है। इस प्रकार के कई मामलों की शिकायतें पीजीआई प्रशासन के पास पहुंच चुकी है, लेकिन कैंटीन संचालकों पर किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हर दिन पीजीआई में इलाज के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से 12 से 15 हजार मरीज आते हैं। मरीजों के साथ ही तीमारदारों की संख्या भी इतनी ही है। यानी हर दिन अस्पताल में 28 से 30 हजार लोग आ रहे हैं। ऐसे में कैंटीन संचालकों की ओर से हजारों लोगों को लूटने का काम किया जा रहा है। बाहर से आने वाले लोगों को आस पास खाने पीने का सामान कहा मिलेगा इसकी जानकारी नहीं होती है, इसका फायदा उठाकर ही कैंटीन संचालक लोगों की जेब पर डाका डाल रहे है। ओवरचार्जिंग के बहुत सारे वीडियो इंटरनेट पर भी वायरल हो चुके है। प्रिंट रेट पर पानी बेचा जा रहा- वीडियो बनाने वाले लोग फ्री बहुत है। 20 रुपये प्रिंट रेट वाली बोतल के 20 और 30 रुपए वाली प्रिंट वाली बोतल के 30 रुपये लिए जा रहे है। पीजीआइ के टेंडर के मुताबिक प्रिंट रेट पर पानी बेचा जा रहा है। -पवन छाबड़ा, कैंटीन संचालक, कार्डियक सेंटर, पीजीआई प्रीमियम पानी है – 20 रुपये में बिकने वाला पानी सामान्य पानी है, जो हर जगह 20 का ही मिलता है। इसके साथ जो पानी की बोतल 30 रुपये की बेची जा रही है। वही प्रीमियम पानी है। -धीरज धवन, कैंटीन संचालक, न्यू ओपीडी, पीजीआई ब्रांच को कार्रवाई के दिए निर्देश- मामला संज्ञान में आ गया है। संबंधित ब्रांच को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए है। नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। -पंकज राय, डिप्टी डायरेक्टर, पीजीआई विक्रेता के खिलाफ की जा सकती है कार्रवाई – उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप भारद्वाज बताते हैं कि किसी भी उत्पाद की मूल एमआरपी या लेबल में बदलाव कर अधिक कीमत वसूलना उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में खरीद का बिल सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। हर उपभोक्ता को खरीदारी के समय बिल अवश्य लेना चाहिए और उस पर दर्ज कीमत का मिलान उत्पाद पर अंकित एमआरपी से करना चाहिए। यदि अधिक कीमत वसूली गई है तो बिल और उत्पाद की फोटो सुरक्षित रखकर उपभोक्ता आयोग या संबंधित विभाग में शिकायत की जा सकती है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

रायपुर मौसम अपडेट: छाए बादल, कल से तेज होगा मानसून का असर

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कुछ इलाकों में बादल बरस रहे हैं, तो कहीं भीषण गर्मी का दौर जारी है. रायपुर में बारिश नहीं हो रही है. आज से आषाढ़ मास शुरू हो रहा है, जिससे लोगों को बारिश की उम्मीदें हैं. राजधानी में मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल नजर आ रहे हैं. मौसम विभाग ने एक जुलाई से पूरे प्रदेश में वर्षा की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में सभी संभागों में कुछ जगहों पर देर रात से मध्यम वर्षा हुई. आंकड़ों के अनुसार सक्ती, कोंटा, नानगुर, भोपालपटनम, तोकापाल, तिल्दा, मुंगेली में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई. वहीं मर्रीबंगला देवरी, नारायणपुर, जगरगुंडा, जगदलपुर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. हरदीबाजार, मनोरा, चंद्रपुर, नवागढ़, पेंड्रा, छुरिया, खरसिया, खैरागढ़, भोथिया, गंगालूर में 1-1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई. मौसम विज्ञानी के अनुसार समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका पंजाब से हरियाणा और उत्तरप्रदेश से होते हुए बिहार तक स्थित है. एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी तेलंगाना और आस-पास के इलाकों में बना हुआ है और अब यह समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार, अधो हिमालय पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम से होते हुए मणिपुर तक 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इनके प्रभाव से प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षाहोने की संभावना है. एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात और भारीवर्षा की चेतावनी दी गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर में आज बादल छाए रह सकते हैं. मौसम विभाग ने तेज हवाएं और बारिश की संभावनाएं जताई है. मंगलवार को अधितकम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है.

सिख मंत्रियों और विधायकों की पेशी के बाद अकाल तख्त का सख्त रुख, AAP-अकाली दल को दिए 8 बड़े संदेश

अमृतसर  पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा मामला गरमाया हुआ है जिसने सियासत से लेकर धर्म तक हलचल मचा दी है. दरअसल, श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब सरकार को एक महीने के भीतर बेअदबी कानून में संशोधन करने का आदेश दिया है. 29 जून को पंजाब के सभी दलों के सिख विधायक और कैबिनेट मंत्री नंगे पैर अकाल तख्त पहुंचे और लिखित सफाई के साथ पांच सिंह साहिबानों के सामने पेश हुए. आम आदमी पार्टी के विधायकों ने यहां तक कबूला कि उन्होंने बिना पढ़े ही मसौदा साइन कर दिया. आखिर क्या है अकाल तख्त, कैसे मुख्यमंत्री को दे सकता है आदेश और क्यों बड़ी से बड़ी हस्ती भी झुक जाती है… अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में सिख मंत्रियों-विधायकों की पेशी के बाद ये साफ हो गया कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, वह पंथ को नजरअंदाज नहीं कर सकती। सभी दलों के विधायक एक सामान्य सिख की तरह अकाल तख्त पर पेश हुए।  इस दौरान जत्थेदार के सवालों के आगे बेअदबी कानून को विधायकों की बिना पढ़े मंजूरी से जहां AAP सरकार एक्सपोज हुई। वहीं जत्थेदार ने सरकार को पंजाब में पंथ की अहमियत का भी पाठ पढ़ाया। जत्थेदार ने अकाली दल को भी घेरा तो कांग्रेस खुद को कानून से किनारे करने की कोशिश करते दिखी। पेशी के दौरान ही मीडिया मैनेजमेंट तक को लेकर जत्थेदार ने सरकार घेर ली। हालांकि आखिर में जत्थेदार ने 6 एतराज जताते हुए कहा कि कानून बनाना और सजा देना सरकार का काम है लेकिन ये एतराज दूर होने चाहिए। इसके लिए एक महीने का टाइम दिया। तब तक कानून होल्ड करने को कहा। पेशी से बाहर निकले पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवां और वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जब अकाल तख्त से लिखित एतराज आएंगे तो सरकार उस पर चर्चा करेगी। उसके बाद कानून में बदलाव पर फैसला लेंगे। जानिए, अकाल तख्त में हुई पेशी के असल मायने क्या हैं, इसका आने वाले चुनाव पर क्या असर पड़ेगा।  श्री अकाल तख्त में मंत्रियों-MLA की पेशी के 8 मायने:- 1. पंजाब में पंथ सुप्रीम, राजनीति धर्म के की नैतिकता माने श्री अकाल तख्त साहिब में बेअदबी कानून को लेकर सिख एमएलए व मंत्रियों की पेशी के दौरान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज स्पष्ट मैसेज दे दिया कि पंजाब में सिख पंथ (धर्म) सुप्रीम है। उन्होंने पेशी के समय स्पष्ट कहा कि सिख इतिहास और दर्शन में 'मीरी-पीरी' (राजनीति और धर्म) का सिद्धांत सर्वोपरि रहा है, जिसके तहत राजनीति हमेशा धर्म के नैतिकता के दायरे में चलती है। जत्थेदार गड़गज ने कहा कि आज राजनीति धर्म के पास आई है, जब राजनीति धर्म के साथ चलती है तो इंसाफ होता है। पूरी कैबिनेट व एमएलए का नंगे पैर अकाल तख्त के सामने हाजिर होना यह साबित करता है कि सिख मामलों में आज भी पंजाब की कोई भी चुनी हुई सरकार सर्वोच्च धार्मिक सत्ता श्री अकाल तख्त से ऊपर नहीं है। 2. अकाल तख्त के आगे सियासी ताकत बेअसर पेशी के दौरान जत्थेदार ज्ञानी गड़गज ने नेताओं को श्री अकाल तख्त की पावर दिखाई और साफ कर दिया कि यहां पर जो वो कहेंगे उसके हिसाब से ही प्रोसिडिंग चलेगी। जब सुखपाल खैहरा कह रहे थे तो उसी दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों व मंत्रियों ने खड़े होकर विरोध करना शुरू किया तो जत्थेदार गड़गज ने दो टूक कह दिया कि यह विधानसभा नहीं है, श्री अकाल तख्त साहिब है। यहां ये व्यवहार नहीं चलेगा बैठ जाओ। जत्थेदार ने जैसे ही दबका मारा सभी बैठ गए। उन्होंने सुखपाल खैहरा को भी बोलने से रोका। जब खैहरा ने प्रार्थना की तो उसे एक मिनट का समय दिया। टाइम पूरा होते ही खैहरा को भी रोक दिया। यही नहीं जब आप सरकार के मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां सरकार के पक्ष में बोलने लगे तो जत्थेदार ने उन्हें भी टोकर बैठा दिया। 3. AAP सरकार एक्सपोज, बिना पढ़े कानून को मंजूरी पेशी के दौरान जत्थेदार ज्ञानी गड़गज ने कानून के संबंध में एक-एक विधायक से सवाल किए। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि उन्होंने इस पर सहमति दी थी। लेकिन ज्ञानी गड़गज ने जब पूछा कि उन्होंने कानून पढ़ा था तो ज्यादातर ने कह दिया कि नहीं पढ़ा। विधायक मनजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने कानून पढ़ा है तो जत्थेदार ने उनसे कस्टोडियन की परिभाषा पूछ ली। जिस पर उन्होंने कहा कि अगर कोई पागल या बच्चा बेअदबी करता है तो उसके माता पिता कस्टोडियन होंगे और उन्हें सजा दी जाएगी। इस पर ज्ञानी गड़गज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शाबाश ऐसे बुद्धिमान सभी होने चाहिए। कई विधायकों का इस तरह कहना कि उन्होंने कानून पढ़ा ही नहीं, सरकार के लिए भारी शर्मिंदगी का कारण बन गया है। विधायकों के इस कबूलनामे से आप सरकार पूरी तरह से एक्सपोज हो गई कि विधायक व मंत्री कानून पास करने से पहले उसे पढ़ते नहीं हैं। 4. पंथ में सरकार का हस्तक्षेप मंजूर नहीं जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सरकार को आगाह कर दिया कि पंथ से जुड़े मामलों में कोई दखलंदाजी स्वीकार नहीं होगी। पंथ को क्या करना है और क्या नहीं करना है यह सरकार तय नहीं करेगी। जत्थेदार ने कहा कि सिख होने के नाते सुझाव दे सकते हैं, उन्हें मानना या न मानना वो पंथ तय करेगा। जत्थेदार ने 'बीड़' की जगह 'स्वरूप' शब्द का इस्तेमाल करने और वेबसाइट पर पवित्र स्वरूपों का रिकॉर्ड डालने के लिए 'यूनिक नंबर' जारी करने पर तकनीकी एतराज जताया है। इसका सीधा मायना यह है कि पंजाब विधानसभा या कोई भी सेक्युलर कोर्ट सिख रहित मर्यादा और पंथक शब्दावली को डिक्टेट नहीं कर सकती। यह अधिकार केवल अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) जैसी पंथक संस्थाओं के पास सुरक्षित है। सरकार केवल गुनहगारों को सजा देने के लिए क्रिमिनल एक्ट बना सकती है, मर्यादा तय करने के लिए नहीं। 5.अकाली दल के रवैये पर सवाल सुनवाई के दौरान ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने बेअदबी कानून का विरोध न करने पर अकाली दल के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। ज्ञानी गड़गज ने अकाली विधायक गनीव कौर मजीठिया से सवाल पूछा कि आपने इसका विरोध किया?, तो उन्होंने … Read more