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मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में टूटा पर्यटन का रिकॉर्ड, 10 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे; मंगलवार से बंद रहेंगे पार्क

उमरिया मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में इस पर्यटन सत्र में वन्यजीव प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में इस बार 10 लाख से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी कर बाघों और अन्य वन्य प्राणियों का दीदार किया है। वहीं मंगलवार को शाम को सफारी के बाद प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही जंगल में तीन महीने का विश्राम काल शुरू हो जाएगा। एक अक्टूबर से टाइगर रिजर्व के गेट खुलेंगे। बांधवगढ़ में पहुंचे 2 लाख से ज्यादा पर्यटक बांधवगढ़ में दो लाख से ज्यादा पर्यटकों ने बाघों के दीदार किए हैं, जबकि मध्य प्रदेश के छह टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और संजय धुबरी में इस साल आठ लाख से ज्यादा पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी मिली है। हालांकि अधिकृत आंकड़े एक जुलाई तक ही उपलब्ध हो पाएंगे। तीन माह बंद रहेंगे पार्क बरसात के तीन महीने- जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान जंगल में बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को शांत वातावरण मिलेगा। इस अवधि में टाइगर रिजर्व प्रबंधन सफारी मार्गों की मरम्मत, पर्यटकों की सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी करेगा। विश्राम अवधि वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान जंगल में मानवीय दखल कम होने से वे प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे। इसलिए बंद होते हैं पार्क बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि वर्षाकाल में सुरक्षा की दृष्टि से पार्क बंद किए जाते हैं। वर्षाकाल में जंगल के अंदर के कच्चे रास्तों में वाहनों के फंसने का खतरा रहता है। दूसरी तरफ वन्य प्राणी भी अधिक हिंसक हो जाते हैं। बफर में जारी रहेगा पर्यटन अलबत्ता, टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। यहां पर्यटक बारिश के मौसम में हरियाली से भरपूर जंगल, झरनों और वन्य प्राणियों की गतिविधियों का आनंद उठा सकेंगे। वहीं पार्क बंद होने के बाद जंगल और पर्यटन पर निर्भर रहने वाले प्रदेश के लगभग 20 हजार परिवारों का आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। कूनो भी 30 सितंबर तक बंद होगा उधर, श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के गेट मंगलवार शाम से आगामी तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद हो जाएंगे। चीता परियोजना शुरू होने के बाद से यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। यहां लंबे समय से दिखाई नहीं दिए जंगली कुत्ते, दुर्लभ जंगली बिल्ली (कैरोल) विलुप्त प्रजाति के उल्लू, काले हिरण से लेकर कई प्रकार के अन्य वन्यजीव नजर आने लगे हैं। कूनो नेशनल पार्क में कुल 49 चीते हैं। इनमें से 32 कूनो की धरती पर जन्मे शावक हैं। 19 खुले जंगल में हैं। कूनो के जंगल के रास्ते पर आया चीता, करीब एक घंटे रुकी रही सफारी  कूनो नेशनल पार्क के अंदर चीता सफारी से जंगल भ्रमण कर रहे पर्यटक तब खुशी से झूम उठे जब अचानक जंगल से निकलकर एक चीता उनके रास्ते के सामने आ गया और रास्ते पर ही बैठा रहा, इस दौरान करीब एक घंटे तक सफारी के पहिए थम गए, पर्यटक आनंदित हो उठे, उन्होंने नजारे को अपने मोबाइल के कैमरे में रिकार्ड कर लिया, अब चीता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।  

Punjab Lecturer Recruitment 2026: 1013 पदों पर निकली भर्ती, 1 जुलाई से रजिस्ट्रेशन; जानें योग्यता और पूरी डिटेल

लुधियाना  पंजाब शिक्षा भर्ती निदेशालय ने पंजाब लेक्चरर भर्ती 2026 की विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें लेक्चरर पदों के लिए 1,013 रिक्तियों की घोषणा की गई है। इनमें 1013 रिक्तियां शामिल हैं, जिनमें 829 नियमित नई रिक्तियां और 184 बैकलॉग रिक्तियां शामिल हैं। ये रिक्तियां भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, हिंदी, इतिहास, गणित, राजनीति विज्ञान और पंजाबी सहित 12 विषयों में हैं। पंजाब लेक्चरर कैडर भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक खुली रहेगी। संबंधित विषय में मास्टर डिग्री और बी.एड. वाले उम्मीदवार नीचे दी गई जानकारी, पात्रता, पाठ्यक्रम और ऑनलाइन आवेदन की समय सारिणी देख सकते हैं।     शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री, जिसमें 55% अंक (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 50%) प्राप्त किए हों।     आयु सीमा: पंजाब सरकार के मानदंडों के अनुसार आयु सीमा 18 से 37 वर्ष है। साथ ही, इस भर्ती अभियान में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की गई है।     शामिल विषय: अंग्रेजी, पंजाबी, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और भूगोल। पंजाब शिक्षा भर्ती निदेशालय ने अंग्रेजी, पंजाबी, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और अन्य विषयों में 1,013 रिक्तियों के लिए पंजाब नियमित और बैकलॉग रिक्तियों हेतु विस्तृत अधिसूचना जारी की है। उम्मीदवार दोनों अधिसूचनाओं के लिए संपूर्ण नियम और शर्तें विभाग की आधिकारिक वेबसाइट erd.punjab.gov.in पर देख सकते हैं।     पंजाब लेक्चरर कैडर भर्ती 2026 की अधिसूचना में कुल 1,013 पदों को शामिल किया गया है – जिनमें 829 नियमित रिक्तियां और 184 लंबित रिक्तियां शामिल हैं – ये रिक्तियां 12 विषयों से संबंधित हैं। आवेदन का लिंक 1 जुलाई 2026 से erd.punjab.gov.in पर सक्रिय हो जाएगा और 31 जुलाई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। पंजाब लेक्चरर कैडर भर्ती 2026: अवलोकन पंजाब राज्य में सरकारी स्कूलों में लेक्चरर के पदों को भरने के लिए शिक्षा भर्ती निदेशालय, पंजाब द्वारा भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। त्वरित संदर्भ के लिए नीचे दी गई तालिका में इस भर्ती प्रक्रिया के मुख्य विवरण दिए गए हैं। 12 विषयों में होगी भर्ती इस भर्ती के तहत 12 अलग-अलग विषयों में लेक्चररों की नियुक्ति की जाएगी। सबसे अधिक 210 पद हिस्ट्री विषय के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा इंग्लिश के 141, पॉलिटिकल साइंस के 131, मैथ्स के 105, पंजाबी के 99, कॉमर्स के 98, फिजिक्स के 58, इकोनॉमिक्स के 50, केमिस्ट्री के 41, बायोलॉजी के 37, हिंदी के 29 और जियोग्राफी के 14 पदों पर भर्ती की जाएगी। 10वीं में पंजाबी भाषा पास होना अनिवार्य आवेदकों के लिए शैक्षणिक योग्यता के तहत संबंधित विषय में मास्टर डिग्री के साथ न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक और किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएड डिग्री अनिवार्य है। इसके अलावा यह शर्त भी रखी गई है कि उम्मीदवार ने मैट्रिक (10वीं) स्तर पर पंजाबी भाषा को अनिवार्य या वैकल्पिक विषय के रूप में उत्तीर्ण किया हो। आवेदन करने वाले उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना भी आवश्यक है। 18 से 37 वर्ष की आयु के युवा कर सकेंगे आवेदन इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, पंजाब सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों जैसे अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), दिव्यांग उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। दो चरणों में होगी परीक्षा, नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग योग्य उम्मीदवारों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 300 अंकों की ऑफलाइन ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा आयोजित होगी, जो दो भागों में विभाजित होगी। इस परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) नहीं होगा। मेरिट सूची में स्थान पाने के लिए उम्मीदवारों को दोनों सेक्शन में अलग-अलग न्यूनतम कट-ऑफ अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को दूसरे चरण में दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) के लिए बुलाया जाएगा। प्रोबेशन पीरियड में मिलेगा फिक्स वेतन भर्ती प्रक्रिया में अंतिम रूप से चयनित होने वाले लेक्चरर्स को शुरुआत के 3 साल के प्रोबेशन पीरियड के दौरान ₹34,500 से ₹35,400 प्रति माह का एक निश्चित मूल वेतन दिया जाएगा। इस शुरुआती अवधि में कोई भी सरकारी भत्ता जैसे डीए या एचआरए देय नहीं होगा। 3 साल का प्रोबेशन सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को नियमित वेतनमान के साथ सभी सरकारी भत्तों का लाभ मिलने लगेगा।   विवरण विवरण संगठन शिक्षा भर्ती निदेशालय, पंजाब डाक व्याख्याता पद (नए पद) नई रिक्तियां 829 लंबित रिक्तियां 184 कुल रिक्तियां 1013 अधिसूचना दिनांक 18.06.2026 Application Start Date 1- 31 July 2026 Application Mode Online Official Website erd.punjab.gov.in Notification Regular Vacancy Notice: Download PDF Backlog Vacancy Notice: Download PDF Revised Notification Revised Schedule Notice for 829 Posts Revised Schedule Notice for 184 Posts Join our Telegram Channel for the Latest Updates Punjab Lecturer Cadre Vacancy 2026 The 1013 vacancies (regular and backlog) are distributed across 12 subjects under the new Lecturer Cadre. History and Political Science carry the highest number of posts among the listed subjects, while Geography has the fewest. Candidates should check the subject-wise distribution of the Punjab Lecturer Vacancy below before applying. Subject Regular Vacancies Backlog Vacancies Total Vacancies English 111 30 141 Punjabi 71 28 99 Hindi 25 4 29 History 200 10 210 Political Science 118 13 131 Math 91 14 105 Economics 35 15 50 Commerce 71 27 98 Chemistry 28 13 41 Biology 25 12 37 Physics 46 12 58 Geography 8 6 14 Total 829 184 1,013        

33 केवी लाइन विस्तार मामले में हाईकोर्ट का नोटिस, हाथी प्रभावित क्षेत्र पर सरकारों से जवाब तलब

बिलासपुर. रायगढ़ जिले के हाथी प्रभावित धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में नियम और मानकों का उल्लंघन कर 33 केवी लाइन विस्तार को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार और बिजली कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय सुनवाई के दौरान राज्य और केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने नोटिस स्वीकार किया, जबकि निजी कंपनी को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दे दी है। जवाब मिलने के बाद एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को रिजॉइंडर दाखिल करने की अनुमति दी। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि निजी कंपनी की ओर से जवाब पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उस जवाब पर भी प्रत्युत्तर सबमिट करने की छूट दी। जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को तय की गई है। वन स्वीकृति के बिना किए जाने का दावा याचिका में बताया है कि धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम भालूपखना स्थित धनबादा पावर की 7.50 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना के लिए आवश्यक वन स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना वन एवं राजस्व भूमि में गैर-वानिकी गतिविधियां संचालित की गईं तथा 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन विस्तार में भी नियमों की अनदेखी की गई। याचिका में दावा किया गया है कि भालूपखना से चरखापारा तक 11 केवी विद्युत लाइन के नवीनीकरण कार्य के दौरान सीएसपीडीसीएल के नए पोल लगाए गए। आरोप है कि इन्हीं खंभों का उपयोग करते हुए निजी परियोजना की 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन भी ले जाई गई, जिससे अलग से वन भूमि डायवर्सन और वैधानिक अनुमतियों की आवश्यकता से बचा जा सके। आरोपों के अनुसार, परियोजना प्रबंधन ने पूर्व में ट्रांसमिशन लाइन एवं अन्य संरचनाओं के लिए वन विभाग तथा जिला प्रशासन के समक्ष अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने से पहले ही निर्माण कार्य कर लिया गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि विद्युत विभाग के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से 11 केवी लाइन के नवीनीकरण के नाम पर ऐसा ढांचा तैयार किया गया, जिसका लाभ सीधे निजी जल विद्युत परियोजना को मिला। इससे सरकारी संसाधनों के संभावित दुरुपयोग और प्रक्रिया संबंधी पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं। पूर्व में खारिज हुई थी याचिका उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता ने पहले भी इसी मुद्दे पर याचिका दायर की थी। उस याचिका में सुरक्षा राशि जमा करने से छूट की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने छूट संबंधी आवेदन खारिज करते हुए 7 मई 2026 को याचिका निरस्त कर दी थी। हालांकि अदालत ने नियमों के अनुसार सुरक्षा राशि जमा कर नई याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता विवेक कुमार पांडेय ने नई जनहित याचिका प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज सरगुजा और रायगढ़ दौरा, रामगढ़ महोत्सव में होंगे शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सरगुजा और रायगढ़ के दौरे पर रहेंगे. सुबह 11 बजे वे मुख्यमंत्री निवास में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक लेंगे. इसके बाद सरगुजा जिले के उदयपुर के लिए रवाना होंगे और दोपहर 12:50 बजे झिरमिति स्टेडियम हेलीपैड पहुंचेंगे. दोपहर 1 बजे वे 50 वर्षों की गौरवशाली परंपरा वाले रामगढ़ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे. भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी आस्था के इस आयोजन में मुख्यमंत्री सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे. कार्यक्रम के बाद दोपहर 2:30 बजे रायगढ़ के लिए रवाना होंगे और शाम 5 बजे रायगढ़ से वापस रायपुर लौटेंगे. ‘सहयोग केंद्र’ में आज मंत्री श्यामबिहारी सुनेंगे समस्याएं ​रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में सहयग केंद्र जारी है. आज मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल मंगलवार 30 जून को सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगे. वह कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के माध्यम से आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे.

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, गुरदासपुर के कादियां को मिला सब-डिवीजन का दर्जा

गुरदासपुर. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि कादियां हल्के को सब-डिवीजन के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लटकती मांग पूरी होगी और आधुनिक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के माध्यम से सभी प्रमुख सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी कादियां में विशेष जनता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अकाली नेतृत्व पर तीखे निशाने साधते हुए कहा कि उन्होंने वोट हासिल करने के लिए लोगों को डराया-धमकाया और वर्षों तक पंजाब को लूटा। पंजाबियों को "चोरों, लुटेरों और ठगों" के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से अपील की कि वे साल 2027 के चुनावों में 'झाड़ू' को इतने निर्णायक ढंग से चलाएं कि विपक्षी दल को सूबे को गंदला करने का फिर कोई मौका न मिले। मुख्यमंत्री ने किसानों को यह भरोसा भी दिया कि कीड़ी शुगर मिल के गन्ने के बकाए जल्द ही अदा कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की लोक-पक्षीय पहलकदमियों, जिनमें 90 फीसद घरों के लिए शून्य बिजली बिल और 47 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है, का जिक्र करते हुए लोगों से 'रंगला पंजाब' बनाने में एकजुट होने की अपील की। इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'एक्स' पर लिखा: "माझे की बहादुर धरती और कादियां हल्के के लोगों के अपार प्यार और स्नेह के लिए तहे दिल से धन्यवाद। लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को पूरा करते हुए मैंने घोषणा की है कि कादियां को अब सब-डिवीजन बनाया जाएगा। एस.डी.एम., डी.एस.पी., और ए.डी.सी. के कार्यालय एक ही आधुनिक इमारत से काम करेंगे, जिससे लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में होने वाली ख्वारी खत्म होगी। हल्के के विकास को और तेज करने के लिए गुरइकबाल सिंह माहल को हल्के का नया सेवादार नियुक्त किया गया है।" "पारंपरिक राजनीतिक नेताओं द्वारा शोषण का दौर अब खत्म हो गया है। आज पंजाब के 90 फीसद घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं, और 47 लाख परिवार पहले ही 10 लाख रुपये के कैशलेस स्वास्थ्य उपचार के कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। आओ, हम सब मिलकर खुशहाल पंजाब का निर्माण करें।" विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह बड़ी भीड़ दिखाती है कि कादियां के लोग बदलाव लाने और इस हल्के को उस परिवार से मुक्त करवाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसने दशकों तक यहां राज किया है। पिछली सरकारों ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया, पर हमारी सरकार ने इसकी तरक्की को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की है। सीमा पर रहने वाले लोग सच्चे देशभक्त हैं जो हमेशा देश के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं, और हमारी सरकार उनकी भलाई के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "इस विधानसभा हल्के की लंबे समय तक नुमाइंदगी करने वाले स्मगलरों ने पंजाब की पीढ़ियों को बरबाद कर दिया है। लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें उचित सबक सिखाना चाहिए।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हम पड़ोस की बेकरियों में बने बिस्कुट खाकर बड़े हुए हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता अपने पिता-दादाओं द्वारा स्मगल किए गए सोने के बिस्कुट खाते रहे हैं। उनके पास न तो कोई विचारधारा है और न ही जनता की सेवा के लिए कोई वचनबद्धता। उनका एकमात्र उद्देश्य हमेशा सत्ता पर काबिज होना रहा है। अब समय आ गया है कि लोग बेकरी के बिस्कुटों और सोने के बिस्कुटों के बीच फर्क को समझें।" उन्होंने कहा, "इन शाही नेताओं का आम पंजाबियों से कोई लेना-देना नहीं है। इनकी गाड़ियां, कपड़े और जीवनशैली हमसे बिल्कुल अलग है। जिन्होंने विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में इस क्षेत्र का नुमाइंदगी की, उन्होंने कभी इसके विकास के लिए काम नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने सड़कों पर टोल लगाए और लोगों पर बोझ डाला। यहां तक कि उनका अपना घर भी बंटा हुआ है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के झंडे लहरा रहे हैं।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मेरा नाम पारंपरिक पार्टियों के नेताओं के लिए डरावना सपना बन गया है क्योंकि मैंने उनके बुरे कामों को लोगों के सामने बेनकाब किया है। वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को सफलतापूर्वक चला रहा है। लोगों ने इन नेताओं को पहले ही नकार दिया है क्योंकि हमेशा पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने परिवारों की परवाह की है।" कादियां को जल्द ही सब-डिवीजन बनाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल डूबता हुआ जहाज है और उसके समझदार नेता भी जनता के हित में पार्टी छोड़ रहे हैं। वर्षों तक लोगों ने अकालियों को इस सोच के साथ वोट दिए कि वे महान गुरुओं की पवित्र ‘तकड़ी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उन्होंने जनता को लूटा और अवैध कारोबारों में हिस्सेदारी की।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं। अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर अनेकों अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने राज्य को तबाह करने वाले माफिया को संरक्षण दिया और नशे के कारोबार को बढ़ावा दिया, जिसके कारण लंबे शासनकाल में पंजाब की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर से अधिक लिंक सड़कों का नवीनीकरण कर रही है तथा ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जवाबदेह बनाया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी खजाने का प्रत्येक पैसा जनता के कल्याण और पंजाब के सर्वांगीण विकास पर विवेकपूर्ण ढंग से खर्च हो।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पहली बार किसानों को दिन के समय भी बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति मिल रही … Read more

तुष्टिकरण छोड़कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में खुलकर बोलें सपा अध्यक्ष: सीएम योगी

रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने का देर-सबेर सार्वजनिक पश्चाताप करेंगे अखिलेश: सीएम योगी मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद देहात एवं कुंदरकी विधानसभा क्षेत्रों, नगर निगम व मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की 365 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुष्टिकरण छोड़कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में खुलकर बोलें सपा अध्यक्ष: सीएम योगी कुंदरकी उप चुनाव में जनता ने बता दिया कि अब बाबर का नहीं, रामराज ही चलेगा: मुख्यमंत्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर कॉरिडोर का होगा विकास, लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर 'दाऊ दयाल खन्ना नगर' किया जाएगा मुरादाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि क्या उन्हें कुछ सद्बुद्धि आई है या जनता की आंख में धूल झोंक रहे हैं। वह कह रहे हैं कि उनकी सरकार बनी तो अयोध्या को चमकाएंगे, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार पहले ही अयोध्या का अभूतपूर्व विकास कर चुकी है। वहां अब उनके सहयोग की कोई आवश्यकता नहीं। लेकिन, इस बात के लिए धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने आखिरकार अयोध्या को स्वीकार किया। यह भाजपा की वैचारिक विजय है। देर-सवेर सपा मुखिया भी भगवान श्रीराम का संकीर्तन करते दिखाई देंगे और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने के पाप का सार्वजनिक पश्चाताप करेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को मुरादाबाद में मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद देहात एवं कुंदरकी विधानसभा क्षेत्रों, नगर निगम व मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की 365 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दानवीर भामाशाह जी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और व्यापारी कल्याण दिवस पर व्यापारियों को सम्मान पत्र वितरित किए। सीएम ने कार्यक्रम स्थल में लगे स्टाल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर चम्मच से दूध पिलाकर दुलारा और उसे खिलौना भी दिया। सीएम योगी ने नगर निगम की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलें अखिलेश यादव मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को डबल इंजन सरकार पहले ही नई पहचान दे चुकी है। फोरलेन सड़क संपर्क, रेलवे की डबल लाइन, महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट, निषादराज के नाम पर रैन बसेरे, माता शबरी के नाम पर भोजनालय और राम की पैड़ी जैसे कार्य सरकार ने कराए हैं। अब समय मथुरा-वृंदावन और बांके बिहारी क्षेत्र के विकास का है। अखिलेश यादव वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहते हैं तो उन्हें खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। तुष्टिकरण से उबरना चाहिए। तभी जनता उनके बदले हुए रुख पर विश्वास करेगी। समाजवादी पार्टी की सोच बाबरी वाली मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की बाबरी सोच है। यह समाज को जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बांटने का काम करती है। संभल का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि यदि समाज जागरूक रहता तो वहां के प्राचीन हरिहर मंदिर, 67 तीर्थों और 19 प्राचीन कुओं पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या क्षति नहीं होती। समाज को अपनी विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना चाहिए। बाबर का नहीं, रामराज ही चलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू व उपद्रव नहीं होते। कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में जनता ने साबित कर दिया कि अब बाबर का नहीं, रामराज ही चलेगा। लोगों ने विकास व सुशासन के पक्ष में मतदान किया और भाजपा प्रत्याशी ठाकुर रामवीर सिंह को विजयी बनाया। पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनाने और तुष्टीकरण की राजनीति पर खर्च होता था, जबकि आज वही धन मंदिरों के पुनरुद्धार, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, रामायण वाटिका, संविधान वाटिका और सेना के शौर्य को सम्मानित करने वाले कार्यों पर लगाया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, नैमिषारण्य, विदुर कुटी और मथुरा-वृंदावन सहित अनेक धार्मिक स्थलों का अभूतपूर्व विकास किया गया है। प्रदेश में विरासत और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। नो कर्फ्यू, नो दंगा यूपी में सब चंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब "नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा” की स्थिति है। सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कोई बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, व्यापारी का अपहरण करेगा, नौजवान की नौकरी में सेंध लगाएगा या किसान के अधिकारों का हनन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। समाजवादी पार्टी की साइकिल पंक्चर हो चुकी मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की राजनीतिक जमीन लगातार कमजोर हुई है। जनता ने विकास व सुशासन को चुना है। अराजकता व तुष्टीकरण की राजनीति को नकार दिया। सपा की साइकिल अब पंक्चर हो चुकी है, उसकी गति समाप्त हो गई है। अब उसके आगे बढ़ने की कोई संभावना नहीं बची है। यदि विपक्ष राम का नाम लेता है तो यह भी सकारात्मक परिवर्तन है और इससे उसका भविष्य में भला ही होगा। गुरु जम्भेश्वर मंदिर कॉरिडोर का होगा विकास मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सरकार गुरु जम्भेश्वर के प्राचीन मंदिर के कॉरिडोर विकास का कार्य करेगी। यह स्थल प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है और सरकार इसके संरक्षण एवं विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। गुरु जम्भेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और मंदिर परिसर के समग्र विकास से मुरादाबाद की नई पहचान बनेगी। लाइनपार क्षेत्र का नाम होगा दाऊ दयाल खन्ना नगर मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के वरिष्ठ नेता और मुरादाबाद की विभूति दाऊ दयाल खन्ना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घोषणा की कि लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर 'दाऊ दयाल खन्ना नगर' किया जाएगा। वर्ष 1983 में गठित श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति में उनके पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ अध्यक्ष थे, जबकि दाऊ दयाल खन्ना महासचिव के रूप में पूरे आंदोलन से जुड़े रहे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को समर्पित किया। सरकार उनके योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय ले रही है। दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग व राष्ट्रभक्ति की मिसाल मुख्यमंत्री ने कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। हल्दीघाटी युद्ध के बाद जब महाराणा प्रताप के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया और उनके पास संसाधन नहीं बचे। तब भामाशाह ने अपनी … Read more

पंजाब ह्यूमन राइट्स कमीशन सख्त, 35 कथित एनकाउंटर मामले में पुलिस से मांगा जवाब

 चंडीगढ़  पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन ने राज्य में कथित पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पंजाब मानवाधिकार संगठन (पीएचआरओ) के अध्यक्ष रंजीत सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पंजाब पुलिस को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।शिकायतकर्ता ने आयोग में आरोप लगाया है कि पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को हथियार या नशा तस्करी की बरामदगी के लिए ले जाती है और रास्ते में उनका एनकाउंटर कर देती है। आरोप यह भी है कि मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को निर्धारित की गई है। शिकायत में राज्यभर में हुए 35 पुलिस एनकाउंटरों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई का पैटर्न लगभग एक जैसा दिखाई देता है। शिकायत के अनुसार, आरोपित को किसी हथियार या अन्य बरामदगी के लिए मौके पर ले जाया जाता है। वहां आरोपित की ओर से पुलिसकर्मी का हथियार छीनने या हमला करने की कोशिश का दावा किया जाता है और इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपित के पैर में गोली लगने की कहानी सामने आती है। पुलिस अधिकारियों के वर्जन पर उठे सवाल पीएचआरओ ने आयोग को बताया कि कई मामलों में पुलिस का आधिकारिक वर्जन सवालों के घेरे में है। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई से मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों के बयान कानून से बाहर जाकर हिंसक कार्रवाई को बढ़ावा देते हैं। शिकायत में गुरदासपुर के हालिया एनकाउंटर का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि घटना के वास्तविक हालात पुलिस के सार्वजनिक दावों से मेल नहीं खाते। साथ ही “गोली का बदला गोली” जैसे बयानों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसी सोच कानून के शासन और संविधान प्रदत्त जीवन के अधिकार के विपरीत है। अब विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला:-     पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रही: पंजाब मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इस मामले में शिकायत की। शिकायत में पंजाब में पिछले कुछ समय के दौरान हुए 35 एनकाउंटरों पर सवाल उठाए गए।  शिकायत में दावा किया गया कि कई मामलों में पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को बरामदगी के लिए ले जाया जाता है, वह हथियार छीनने या फायरिंग करने की कोशिश करता है और फिर जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग जाती है।     एनकाउंटर पूर्व नियोजित या फर्जी हो सकते हैं: शिकायतकर्ता के अनुसार इस तरह के एनकाउंटर पूर्व नियोजित या फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा कि गुरदासपुर में हाल ही में हुए एक एनकाउंटर का जिक्र करते हुए दावा किया गया कि जमीनी तथ्यों और पुलिस के आधिकारिक दावों में अंतर है।     एनकाउंटर को लेकर जारी किए गए निर्देशों की अनदेखी: सत्ताधारी दल के कुछ प्रतिनिधि "गोली का बदला गोली" जैसी सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 21, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। साथ ही हाई कोर्ट की तरफ से एनकाउंटर को लेकर जारी किए गए निर्देशों की अनदेखी है।     कुछ इन मामलों का किया गया जिक्र: शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कई कथित एनकाउंटर मामलों का उल्लेख किया है। इनमें 20 दिसंबर 2023 को अमृतसर के जंडियाला गुरु इलाके में गैंगस्टर और हेरोइन तस्कर अमृतपाल सिंह, दिसंबर 2025 में अमृतसर में फायरिंग मामले के आरोपी अमृतपाल सिंह, फरवरी 2026 में गुरदासपुर में 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह, 2023 में फतेहगढ़ साहिब में गैंगस्टर तेजा मेहंदीपुरिया, मार्च 2024 में गैंगस्टर सुखविंदर सिंह और फरवरी 2024 में बरनाला में गैंगस्टर गुरमीत सिंह सहित संजू बहमन और सुखदेव सिंह जैसे मामलों का जिक्र किया गया है। दो साल में बढ़े केस यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में पुलिस मुठभेड़ों के मामलों में पिछले दो वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस ने 2025 में राज्य में कम से कम 47 पुलिस मुठभेड़ दर्ज की गईं, जिनमें कई गैंगस्टर, नशा तस्कर और संगठित अपराध से जुड़े आरोपित शामिल थे। वहीं जनवरी से जून 2026 के बीच ही 35 से अधिक एनकाउंटर सामने आ चुके हैं। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली प्रमुख जिले रहे।  

खाने का स्वाद बिगड़ा तो भड़के IPL क्रिकेटर और उनके IPS पिता! भोपाल में कुक की पिटाई, मामला दर्ज

 भोपाल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं. भोपाल पुलिस ने अपने घर के रसोइए के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और उसे अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के आरोप में दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।  इस मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है. यह पूरी घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित उनके आवास की है. मूल रूप से रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय पीड़ित रसोइए विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।  विपेंद्र के मुताबिक, उन्हें हाल ही में एक परिचित के जरिए ₹15000 प्रति माह वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने के आश्वासन पर पूर्व पुलिस अधिकारी के नील बड़ बंगले पर काम के लिए लाया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर खाने की क्वालिटी को लेकर उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया और गाली-गलौज की गई।  कमरे में बंद होकर बचाई जान पीड़ित कुक के अनुसार, जब उसने घर के खराब माहौल को देखकर नौकरी छोड़ने और वापस रीवा लौटने की इच्छा जताई, तो आरोपी भड़क गए. उसका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके और उस पर जबरन काम करने का दबाव बनाया गया।  खुद को बचाने के लिए कुक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पिता-पुत्र की जोड़ी और उनके ड्राइवर ने दरवाजा खोलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई है।  भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज रातीबड़ पुलिस ने औपचारिक शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 296(B) (अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना/मारपीट) और धारा 3(5) (साझा आपराधिक दायित्व/समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) शामिल हैं। 

मुरादाबाद में CM योगी का अनोखा अंदाज, दो अनजान बच्चियों के हाथों कराया ‘श्री राम वाटिका’ का लोकार्पण

मुरादाबाद में दिखा सीएम योगी का वात्सल्य: दो अनजान बच्चियों के हाथों कराया 'श्री राम वाटिका' का लोकार्पण मुरादाबाद विकास और विरासत के संगम के बीच मुरादाबाद में एक भावुक नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब करोड़ों रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया, तो सबसे खास और भावुक पल 'श्री राम वाटिका' के उद्घाटन का रहा। इस भव्य वाटिका का लोकार्पण किसी राजनेता या अधिकारी ने नहीं, बल्कि वहां मौजूद दो नन्ही बच्चियों वांची और आची ने मुख्यमंत्री के सानिध्य में किया। मुख्यमंत्री और नन्ही बच्चियों का पुराना है स्नेह का नाता मुख्यमंत्री के साथ फीता काटने वाली छह वर्षीय वांची और उसकी छोटी बहन आची का सीएम योगी से यह स्नेहिल जुड़ाव नया नहीं है। दरअसल, इसके पीछे एक बेहद भावुक कहानी है। मुरादाबाद के रहने वाले इन बच्चियों के पिता अमित कुमार अपनी बेटी वांची के स्कूल एडमिशन को लेकर तीन महीने से परेशान चल रहे थे। इसके बाद, जून 2025 में उन्होंने ‘जनता दर्शन’ में बेटी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी गुहार लगाई थी। महज तीन घंटे में दूर की थी पिता की परेशानी बच्चों के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी फरियाद सुनी थी, बल्कि महज तीन घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान भी कर दिया था। सीएम के त्वरित निर्देश पर आरटीई के तहत उसी दिन सोमवार दोपहर को वांची का एडमिशन मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल' में हो गया था।  सुरक्षा घेरे के बीच बेटियों को दिया सम्मान श्री राम वाटिका के लोकार्पण के दौरान जब मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा, तो उनसे मिलने यह दोनों बच्चियों भी पहुंची थी। एक पल की भी देरी किए बिना, मुख्यमंत्री ने पूरे वात्सल्य के साथ उन दोनों बहनों को अपने पास बुलाया और उन्हीं नन्हे हाथों से इस भव्य श्री राम वाटिका का फीता कटवाकर इसे जनता को समर्पित कर दिया। बच्चियों के चेहरों की मुस्कान और इस अनूठे पल ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।

यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी वोल्वो; 4 की मौत, 19 लोग घायल

 मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे की जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि लखनऊ से नोएडा की तरफ जा रही एक वोल्वो बस आगे चल रहे ट्रेलर से टक्करा गई, जिसमें चार यात्रियों की मौत हो गई और उन्नीस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।  पुलिस ने बताया कि मथुरा स्थित राया थाना क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे माइलस्टोन 112 के पास सड़क हादसे की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची टीम ने आस-पास के लोगों के साथ मिलकर तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी 19 घायल यात्रियों को एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।  पुलिस ने बताया कि हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है. पुलिस टीम ने मृतकों के शव को कब्जे में ले लिया और उनकी पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। आमने-सामने हुई बस और ट्रक की भिड़ंत सीओ महावन संजीव कुमार ने बताया कि राया थाना क्षेत्र में बिहार नंबर की बस और राजस्थान नंबर के ट्रक के बीच टक्कर हुई। टक्कर के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में करीब 20 से 25 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। एक यात्री की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान की जा रही है। वहीं हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये हादसा उस वक्त हुआ, जब लखनऊ से नोएडा की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बस अचानक सामने चल रहे ट्रेलर (ट्रक) से टकरा गई. हादसे के वक्त बस में सवार करीब 65 यात्रियों सवार थे जो अपनी-अपनी सीटों पर  सो रहे थे, तभी जोरदार धमाके के साथ बस के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।