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जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।   मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है। फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें। इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के  नारों से गूंज उठा।  इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी  फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया।   इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। … Read more

भीषण गर्मी का असर: डायरिया-डिसेंट्री के मरीज बढ़े, हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट मोड में

चंडीगढ़. शहर में बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच पेट में इन्फेक्शन और फ्लू के मामलों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। हेल्थ डिपार्टमेंट के पिछले 10 दिनों के डेटा के मुताबिक, डायरिया के 42 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। OPD में एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (ARI) के 226 मरीज रजिस्टर हुए, जबकि 45 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी बढ़ने के साथ ऐसे मामलों में बढ़ोतरी आम बात है। गंदा पानी, बाहर का खाना और तापमान में बदलाव इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं। इसी वजह से डिपार्टमेंट ने गर्मी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में लोगों से शरीर में पानी की कमी न होने देने पर जोर दिया गया है। दिन भर बार-बार पानी पीने, सफर में पानी साथ रखने और नींबू पानी, लस्सी और नारियल पानी जैसे ड्रिंक्स का सेवन करने की सलाह दी गई है। तरबूज, खीरा और संतरा जैसे पानी से भरपूर फल खाने की भी सलाह दी गई है। धूप से बचाव जरूरी लोगों को सलाह दी गई है कि वे सीधी धूप में बाहर न निकलें, हल्के और ढीले कॉटन के कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें। उन्हें दोपहर में बाहर जाने से बचने के लिए कहा गया है। दिन में घर की खिड़कियां और पर्दे बंद रखने और रात में खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

लिफ्ट फेलियर से हड़कंप: करंसी टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, नेता भी फंसे

रायपुर. राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर (Currency Tower) में लिफ्ट से जुड़ी लापरवाही का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। IAS ऋचा शर्मा के लिफ्ट में फंसने की घटना के बाद अब कांग्रेस प्रवक्ता नितिन भंसाली भी इसी तरह की स्थिति का शिकार हो गए। जानकारी के मुताबिक, नितिन भंसाली बुधवार को करेंसी टावर पहुंचे थे, जहां वे भी कुछ समय के लिए लिफ्ट में फंस गए। इस दौरान लिफ्ट का सपोर्ट सिस्टम काम नहीं कर रहा था। मदद के लिए कोई व्यवस्था न होने पर उन्होंने लिफ्ट का दरवाजा पीटना शुरू किया। आवाज सुनकर मौके पर मौजूद गार्ड ने किसी तरह दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला। 850 दुकानें, 4 में से सिर्फ 2 लिफ्ट है ठीक, 2 बंद इस घटना के बाद पूरे कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस बड़े कॉम्प्लेक्स में करीब 850 दुकानें और ऑफिस संचालित हैं, लेकिन यहां केवल 4 लिफ्ट हैं। उनमें से भी केवल 2 ही किसी तरह संचालित हो रही हैं, जबकि बाकी लिफ्ट बंद पड़ी हैं। जो लिफ्ट चालू हैं, वे भी बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। लिफ्ट की सीमित उपलब्धता के कारण लोगों की लंबी कतारें लगती हैं और कई बार काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। स्थिति यह है कि रोजाना अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। सुरक्षा सिस्टम भी फेल सबसे चिंताजनक बात यह है कि लिफ्ट के अंदर न तो कोई हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित है और न ही इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है। ऐसे में लिफ्ट फंसने की स्थिति में लोगों को खुद ही किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ती है। पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब करेंसी टावर में लिफ्ट फंसी हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे ACS ऋचा शर्मा करीब 10 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। उस दौरान लिफ्ट के भीतर न पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा की समुचित व्यवस्था, जिससे उन्हें घबराहट का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह लापरवाही यूं ही जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: जल संरक्षण में सभी को जोड़ें, हर किसी की हो सहभागिता

जल संरक्षण में सभी की सहभागिता हो, सबको जोड़ें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पानी बचाने में मध्यप्रदेश है देश में तीसरे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से की चर्चा सरकार की उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल बचाने में समाज की भागीदारी जरूरी है, इसीलिये प्रदेश में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान से सब जुड़े, सभी अपना सहयोग दें, हम सबको मिल-जुलकर यह करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी बचाना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। हम सालों से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए जल संरक्षण को जल आंदोलन का रुप दिया जा रहा है। यह अभियान की सफलता ही है कि हमारा मध्यप्रदेश जल संचयन के मामले में नेशनल रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आया है। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए लगभग 6 हजार 278 करोड़ का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है। विभिन्न श्रेणियों के कुल 2.44 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य चिन्हित कर करीब 6 हजार 236 करोड़ रुपये की लागत से जल विकास-निकास एवं विस्तार कार्य कराये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक चर्चा में यह जानकारी देकर सभी को अपने प्रभार के जिलों में इस अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा जल संचायन के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बीते सप्ताह में राज्य सरकार को मिली विशेष उपलब्धियों की जानकारी भी दी। स्कूल शिक्षा में 15 अप्रैल को आया पिछले 16 साल का सर्वश्रेष्ठ परिणाम – बेटियां रहीं अव्वल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 15 अप्रैल को मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा ली गई कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित हुआ। हमेशा की तरह इस बार भी होनहार बेटियां अव्वल रहीं। हमारी बेटियों को बेटों से 10 प्रतिशत अधिक सफलता मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस बार के परिणाम पिछले 16 सालों के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सर्वश्रेष्ठ रहे। यह हमारी सरकार द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए किए जा रहे नवाचारों और सांदीपनि विद्यालयों की सफलता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में असफल विद्यार्थियों को 'रुक जाना नहीं परीक्षा योजना' के तहत 'द्वितीय परीक्षा अवसर' भी दिया जा रहा है। द्वितीय अवसर की परीक्षाएं 7 से 25 मई तक आयोजित होंगी। एक साल में दो परीक्षाएं आयोजित कर मध्यप्रदेश सरकार ने बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को बहुत बड़ी राहत दी है। अमरकंटक को "नो मूवमेंट-नो कंस्ट्रक्शन जोन" बनाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि नर्मदा माता के उद्गम स्थल अमरकंटक को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 13 अप्रैल को अमरकंटक में ही नर्मदा समग्र मिशन की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि यह मनोरम स्थल प्रकृति की गोद में आध्यात्मिक शांति पाने का उत्तम केंद्र है। हम इस स्थल के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। अमरकंटक को 'नो मूवमेंट एवं नो कंस्ट्रक्शन जोन' निर्धारित करने की आवश्यकता है, जिससे यहां सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि हम अमरकंटक का इकोलॉजिकल बैलेंस मेंटेन रखने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि मोक्षदायिनी (पापनाशिनी) नर्मदा माता की शुचिता और पवित्रता अक्षय बनी रहे। संकल्प से समाधान अभियान – 99.90 प्रतिशत आवेदनों का हुआ निराकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इसी साल 12 जनवरी से 31 मार्च तक संकल्प से समाधान अभियान चलाया गया। अभियान में सरकार को 45.69 लाख से अधिक आवेदन मिले। इनमें से 47.68 लाख प्रकरणों का समाधान करते हुए 99.90 प्रतिशत आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी जरूरतों की पूर्ति की दिशा में बेहद अच्छा प्रयास साबित हुआ। इसने प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी प्रशासन को और मजबूत किया है। 21 प्रतिशत से अधिक आबादी के समग्र विकास की पूरी चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 16 अप्रैल को राज्यस्तरीय जनजातीय उपयोजना कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला प्रदेश की 21 प्रतिशत से अधिक आबादी (जनजातीय वर्ग) के समग्र विकास और कल्याण की नई रुपरेखा बनाने का महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी चिंता के साथ जनजातीय वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए समुचित वित्त व्यवस्थापन एवं प्रबंधन किए हैं। ओरछा-चंदेरी के लिए शुरू हुई पीएमहेली पर्यटन सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 19 अप्रैल को भोपाल-ओरछा और चंदेरी सेक्टर के लिए पीएमहेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया। हमारे एविएशन सेक्टर से महाराष्ट्र सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं। इससे न केवल पर्यटन का विकास होगा बल्कि आर्थिक एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हेलीकॉप्टर का किराया, टैक्सी का शुल्क 1150 रुपए और दर्शन एवं प्रसाद के लिए 350 रुपए का भुगतान करना होगा। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया ज रहा है। दिव्य स्वरूप में विकसित होगी भगवान परशुराम की जन्मस्थली- जानापाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। भगवान परशुराम का जीवन आस्था, श्रद्धा और धर्म की स्थापना के लिये समर्पण का अनुपम उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ रुपए की लागत से परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जायेगा, जो भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक सांस्कृतिक और पर्यटन का केन्द्र बनेगा। जानापाव में प्रस्तावित लोक में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा के माध्यम से भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा। जनगणना शुरु : 30 अप्रैल तक चलेगा स्व-गणना कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को बताया कि जनगणना देश के विकास की नींव है। जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे। … Read more

जोरासांको में गरजे सीएम योगी, बोले- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं”, 4 मई को बंगाल में भगवा लहराएगा

योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं जोरासांको में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा पहले चरण में 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के लिए जनता से वोट मांगा कोलकाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि टीएमसी के जो लोग बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बता दो कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिस पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होना है। परिवर्तन के प्रति लोगों के हृदय का उद्गार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पहले चरण में 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल का अंधकार समाप्त होगा, बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। सीएम ने बड़ा बाजार को सबसे समृद्धतम व्यापारिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि व्यापार, साहित्य, कला, सांस्कृतिक परंपरा व पौराणिक कालीबाड़ी मंदिर के लिए भी यह क्षेत्र जाना जाता है। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना है और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगा दिया ममता दीदी का फोटो  सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। यह गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की ठाकुरबाड़ी का क्षेत्र है। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में जहां रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं, 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही।  रामराज्य के नए युग में जी रहे उत्तर प्रदेश के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है।   हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा, लेकिन टीएमसी के गुंडे रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर कब्जा कर रहे सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस व सपा सरकार के समय माफिया ने सरकार, गरीबों व व्यापारियों की जिन संपत्तियों पर कब्जा किया था,  हमने वो सारी संपत्तियां वापस कराईं। माफिया की अवैध जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज महाकुम्भ में पूरी दुनिया आई थी। विरासत के प्रति सम्मान का यह भाव तभी होता है, जब डबल इंजन सरकार होती है। हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा-सजाया है। बंगाल में रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर टीएमसी के गुंडे कब्जा कर रहे हैं, लेकिन यूपी में ऐसा करने वाले माफिया की सात पुश्तों की प्रॉपर्टी जब्त कर सरकार गरीबों के आवास बना देगी।  जनसभा में मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी, एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल को भारी मतों से जिताने की अपील की।

बागेश्वर बाबा का लेंसकार्ट पर पलटवार: नक्कटा, लाहौर में खोल अपनी कंपनी, सुधर जाओ बेटा

छतरपुर  प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। कथा 21 से 23 अप्रैल तक चल रही है।पहले दिन न्होंने कंपनी के कथित 'ड्रेस कोड' पर यह बयान दिया। विवाद कंपनी द्वारा तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी के दावे से जुड़ा है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता…। धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- ठटरी के बरे! नक्कटा! तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? आगि के लगे! तेरो कक्का को भारत है का? हां! हमारे तो बाप का भारत है। हां! जिनको तिलक से, चंदन से, वंदन से, राम से, श्याम से, हनुमान से, बाबा बागेश्वर से दिक्कत हो, वो पतली गली लाहौर खिसक लें। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- इसीलिए हम एक बात हिन्दुओं से कहे, कथा शुरू करने के पहले। आज उन्होंने तुम्हारे मंगलसूत्र पर उंगली उठाई, तिलक पर उंगली उठाई, कल तुम्हारी बिरादरी पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे सनातन पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे बच्चों पर उंगली उठाएंगे। यदि हम एकजुट नहीं होंगे, तो वो कल हमारी गीता-रामायण पर भी उंगलियां उठाएंगे। इसलिए हम सबको संगम से एक बात सीखनी है। जैसे संगम में तीन नदियां मिलकर महासंगम बनता है, ऐसे ही हम सब जातियों को छोड़कर हिन्दू होकर एकता का परिचय दें।" तिलक-कलावा पर रोक, हिजाब-पगड़ी को अनुमति मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इसी कथित भेदभाव को लेकर विवाद बढ़ा। एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर स्क्रीनशॉट साझा कर कंपनी से सवाल किया कि जब हिजाब की अनुमति है, तो बिंदी और कलावा पर रोक क्यों। इसके बाद यह मुद्दा वायरल हुआ और कंपनी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। लेंसकार्ट शोरूम में कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कंपनी की सफाई- सभी धर्मों का सम्मान करते हैं विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है। कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं।

केंद्र सरकार से मिलेगा 10 करोड़ रुपये, महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थलों को बनाएंगे भयमुक्त और सुविधायुक्त

सार्वजनिक स्थलों को बनायेंगे महिलाओं के लिये भयमुक्त और सुविधायुक्त,केंद्र सरकार से मिलेंगे 10 करोड़ रुपये देश की 10 चयनित 10 "सेफ सिटीज" में धार शामिल भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए देश भर के 10 प्रमुख शहरों को 'सेफ सिटीज' परियोजना के अंतर्गत चयनित किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश से ऐतिहासिक नगरी धार को शामिल किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए धार जिले को 10 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है। देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए वर्ष 2013 में 'निर्भया फंड' की स्थापना की गई थी, जिसके बाद वर्ष 2015 में 'स्मार्ट सिटी मिशन' के माध्यम से शहरी विकास और सुरक्षा के मानकों को नया आयाम दिया गया। धार जिले में यह परियोजना न्यूनतम 05 वर्षों के लिए क्रियान्वित की जाएगी। इस योजना का मुख्य केंद्र बिंदु सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए पूरी तरह भयमुक्त और सुविधायुक्त बनाना है। परियोजना के अंतर्गत धार शहर में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएगें। स्वास्थ्य सेवाओं को महिला अनुकूल बनाने के लिए जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं एवं उनके परिजनों के लिए विशेष वेटिंग एरिया का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थानों पर 'पिंक टॉयलेट' का निर्माण और पर्यटन स्थलों पर महिला अनुकूल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार इस परियोजना का अभिन्न हिस्सा है। भौतिक संसाधनों के साथ-साथ यह योजना महिलाओं के मानसिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर भी बल देती है। इसके तहत जिले में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों का संचालन किया जाएगा, जिससे महिला सुरक्षा के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़े। धार के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए, यहाँ आने वाली महिला पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाओं का विकास जिले की वैश्विक छवि को और अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस परियोजना के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इससे आगामी वर्षों में धार जिला महिला सुरक्षा के मामले में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर सके।  

अवैध निर्माण पर सख्ती: Bahadurgarh प्रशासन का एक्शन, कॉलोनियों में बुलडोजर कार्रवाई

बहादुरगढ़. बहादुरगढ़ में लाइसेंस्ड कॉलोनियों में किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। झज्जर रोड स्थित ओमेक्स सिटी में डीटीपी विभाग की टीम ने अवैध कब्जों को हटाया।कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, जिसके चलते करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रुकी रही। लोगों का कहना था कि उन्होंने घरों के बाहर पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाई थी, जिसे प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं एटीपी सतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अवैध अतिक्रमण को हर हाल में हटाया जाएगा और कार्रवाई के दौरान किसी भी पेड़-पौधे को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यही बताया कि आने वाले दिनों में शहर की कई अन्य लाइसेंस शुदा कॉलोनियों में डीटीपी विभाग अतिक्रमण हटाएगा। यह कार्रवाई लगातार कई दिन तक जारी रहने वाली है।

चुनाव से पहले बड़ा खुलासा: Ludhiana में 70% वोटर डाटा पुरानी लिस्ट से मेल, EC ने शुरू की जांच

लुधियाना. भारत चुनाव आयोग के निर्देशों पर पंजाब में जल्द शुरू होने वाले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए वर्तमान वोटर सूची का मिलान साल 2003 की ऐतिहासिक वोटर सूची से किया जा रहा है। शहरी इलाकों में मैपिंग की रफ्तार 65 फीसदी से कम अब तक जिला लुधियाना के कुल 26,96,474 वोटरों में से करीब 70 प्रतिशत यानी 18,68,074 वोटरों की मैपिंग और मिलान का काम बी.एल.ओज़ द्वारा सफलतापूर्वक मुकम्मल कर लिया गया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटरों की पहचान और पते की सत्यता को पुख्ता करना है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे। अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी पूनम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तो काम संतोषजनक है, लेकिन शहरी इलाकों में मैपिंग की रफ्तार 65 फीसदी से कम दर्ज की गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के आदेश दिए गए हैं। 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र करवाना होगा जमा बी.एल.ओज़ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने बूथों पर विशेष कैंप लगाएं और घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का काम तेजी से निपटाएं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में बी.एल.ओज़ का सहयोग करें और मांगे गए जरूरी दस्तावेज मुहैया करवाएं ताकि वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट किया जा सके। वोटरों की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने उम्र के आधार पर सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। 38 साल या उससे अधिक उम्र के वे वोटर जिनका नाम 2003 की सूची में शामिल है, उन्हें किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिन वोटरों का नाम उस समय की सूची में नहीं था या जिनकी उम्र 18 से 37 साल के बीच है, उन्हें अपनी उम्र और माता-पिता के रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह मैपिंग प्रक्रिया आने वाले चुनावों के लिए एक मजबूत नींव का काम करेगी, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस सत्यापन प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। 

महिलाओं के अधिकारों को लेकर गरमाई सियासत: बिलासपुर में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

बिलासपुर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पारित नहीं होने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला बिलासपुर शहर द्वारा जिला मुख्यालय में जीडीसी कॉलेज के सामने अम्बेडकर चौक बिलासपुर में कांग्रेस का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया।    इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस पार्टी सहित पूरे विपक्ष का पुतला दहन किया और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष वैभव गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो मातृशक्ति के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आने वाली थी उसे कांग्रेस पार्टी समेत पूरी विपक्षी दल ने इस अधिनियम का विरोध करके उनके जीवन में आने वाली खुशहाली को छीन लिया है। महिलाओं को मिलने वाले अधिकार से उन्हें कांग्रेस पार्टी ने वंचित किया है। कांग्रेस पार्टी महिला विरोधी पार्टी है जो महिलाओं को अपमानित करती है। महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल के पारित नहीं होने से महिलाओं के सशक्तिकरण को नुकसान पहुंचेगा और वर्तमान समय में राजनीति और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। इस मौके पर बिलासपुर नगर निगम महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला मंत्री रितेश अग्रवाल, भाजयुमो जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता, प्रदेश मंत्री सन्नी केसरी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रोशन सिंह आलिंद तिवारी, नगर निगम पार्षद नितिन पटेल, सोशल मीडिया जिला संयोजक देवेश खत्री, भाजयुमो महामंत्री केतन वर्मा, राजकमल कश्यप, उपाध्यक्ष नीलेश सिंह, महर्षि बाजपेयी, अजय यादव, अंकित पाल, कोमल साहू, मोनू रजक, पंकज जायसवाल लक्ष्मी वैष्णव, शिवानी स्वर्णकार, गुलशन खांडेकर, साहिल कश्यप, अमर राजपूत, योगेश देवांगन, तनुज वोहरा, विवेक शर्मा, संदीप श्रीवास, किशन यादव, पृथ्वी श्रीवास, शुभम यादव, मीनाक्षी यादव, विवेक ताम्रकार, अनिल सूर्या, कैलाश वस्त्रकार, अरुण लास्कर, कृष्णा जोशी, आदर्श तिवारी, हिमांशु गुप्ता, बिट्टू रामानी, उमेश यादव सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।