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लोक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचार जरूरी : मंत्री काश्यप

भोपाल.  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा है कि लोकहित कार्यों के बेहतर परिणामों के लिए लोक सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होते रहना चाहिए। जिन्होने लोक सेवा का संकल्प लिया है उन्हें गहन चिंतन और निरंतर आत्मविश्लेषण की आवश्यकता होती है। मंत्री काश्यप मंगलवार को आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री काश्यप ने कहा कि लोक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचार की आवश्यकता होती है। लोक महत्व की सेवाओं तक सभी हितग्राही लोगों की पहुंच आसान होना चाहिए। उन्होने भारतीय सिविल सेवा की स्थापना में सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में सिविल सेवा की स्थापना एक अभूतपूर्व कार्य था। उन्होने कहा कि भारत की सिविल सेवा हर प्रकार से मजबूत है। वास्तविक अर्थ में इसका स्टील फ्रेम है। उन्होने कहा कि कोरोना संकट में कई देशों में प्रशासनिक सेवाओं के तंत्र चरमरा गये थे लेकिन भारत में पूरी दक्षता और क्षमता से सिविल सेवा तंत्र ने काम किया और सेवाएं दी। उन्होने कहा कि योग्यता, संस्कार और समर्पण के संगम से यह संभव हो पाया। मंत्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश निरंतर अपना योगदान देने के लिए तैयार है। आज मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर विकासशील प्रदेश बन चुका है और तेजी से विकास कर रहा है। उन्होने कहा कि जन सुनवाई जैसी प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावी सिद्ध हुई हैं। मंत्री काश्यप ने वर्ष 2024-25 के लिए नागरिक सेवा, शिक्षा एवं मानव संसाधन, सामाजिक समावेश और स्वास्थ्य एवं पोषण सेवा श्रेणियों में नवाचार और उत्कृष्ट सेवाओं के लिये नौ विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और मार्गदर्शी लोकसेवकों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने लोक सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि लोक सेवा दिवस आत्मपरीक्षण कर नये संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होने कहा कि साढे नौ लाख अधिकारी-कर्मचारी "आई गाट पोर्टल" पर रजिस्टर हुए यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होने कहा कि भूमिका आधारित प्रशासन प्रभावी होगा। मध्यप्रदेश 490 कोर्स के साथ अन्य प्रदेशों से आगे है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारी को बधाई दी। लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी जैसी मध्यप्रदेश की पहल को अन्य प्रदेशों ने लागू किया। प्रदेश में नीति निर्माण प्रक्रिया में प्रशासन तंत्र की भूमिका सहयोगकर्ता की है। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि प्रशासनिक नियमों और नीतियों के क्रियान्वयन में नवाचारी पहल से प्रभावी परिणाम मिलते हैं। समस्याओं के प्रभावी समाधान मिलते हैं जो लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं। उन्होने लोक सेवकों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यव्यवहार में लोकहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मप्र बना मॉडल क्षमता विकास आयोग के पूर्व अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई ने 'कर्मचारी से कर्मयोगी' विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि अधिकारियों-कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने और क्षमता निर्माण में मध्यप्रदेश ने देश में प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होने कहा कि 50 से ज्यादा विभागों की क्षमता निर्माण कार्ययोजनाएं बन चुकी हैं और 490 से ज्यादा हिन्दी में कोर्स आईगाट पोर्टल पर उपलब्ध है। अब अन्य राज्य भी मध्यप्रदेश में ऑनलइन ट्रेनिंग मॉडल अपना रहे हैं। उन्होने कहा कि लोक सेवकों को निरंतर सीखते रहने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि टेक्नॉलाजी के आने और निरंतर परिवर्तनशील होने से कार्य की गति भी बढ़ गई है। इसके लिये एआई टूल्स का उपयोग अब जरूरी हो गया है। मंत्री काश्यप ने कहा कि कि अब कार्य की आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण पाठयक्रम तैयार किए जा सकते हैं। इस प्रकार सीखने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। विकसित भारत के लिए सीखना जरूरी हो गया है। उन्होने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी को रोजाना 15 मिनट आईगाट पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। नवाचारों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार नवाचारों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में प्रत्येक को एक लाख रूपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। नागरिक सेवा प्रदाय सूचना प्रौदयोगिकी एवं सुशासन श्रेणी में गैर वन भूमि एवं जंगल से दूरी के प्रमाण पत्र ऑनलाईन जारी करने हेतु सॉफ्टवेयर का विकास, नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार एवं डिजिटल रिकॉर्ड लोकेशन प्रणाली, सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने हेतु "पुलिस चौपाल अभियान, बजट साहित्य के साथ नवाचार के रूप में वित्त विभाग द्वारा "मेरा बजट पुस्तिका" का प्रकाशन को पुरस्कृत किया गया। शिक्षा एवं मानव संसाधन विकास श्रेणी में रोचक सहायक अधिगम सामग्री के माध्यम से शिक्षण कार्य, सामाजिक समावेश एवं सशक्तीकरण श्रेणी में शक्ति दीदी योजना अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को रोजगार दिलाने का कार्य, श्रम संबंधी अर्धन्यायिक प्रकरणों के निराकरण के लिये लेबर केसेस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल, सुपर-100 योजना में विदयार्थियों का वृहद स्तर पर जेईई और नीट में चयन, स्वास्थ्य एवं पोषण श्रेणी में मातृ-मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर करने में परिणाममूलक कार्य के लिये पुरस्कार दिये गये । साधना सप्ताह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को सम्मान कार्यक्रम में साधना सप्ताह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को पुरस्कृत किया गया। दस हजार से अधिक लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन में प्रथम स्थान पर जनजातीय कार्य विभाग, द्वितीय स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग और तृतीय स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग को पुरस्कृत किया गया। एक हजार से 10000 लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये प्रथम स्थान पर आयुष विभाग, द्वितीय स्थान पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और तृतीय स्थान पर जेल विभाग को पुरस्कृत किया गया। एक हजार से कम लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन में प्रथम स्थान पर पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, द्वितीय स्थान पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग और तृतीय स्थान पर जनसंपर्क विभाग को पुरस्कृत किया गया। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे ने सिविल सेवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा और बड़ी संख्या में लोक सेवक उपस्थित थे। उप सचिव, मुख्यमंत्री सुधीर कोचर ने कार्यक्रम का संचालन किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार व्यक्त किया।  

‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026’ का नोटिफिकेशन जारी, पंजाब सरकार का बड़ा कदम

चंडीगढ़   पंजाब सरकार ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह अधिनियम 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस संशोधन अधिनियम का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं और परंपराओं से जुड़े मामलों में व्यवस्था को और स्पष्ट तथा सुव्यवस्थित करना है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद राज्य में लंबे समय से चल रहा समाना मोर्चा समाप्त करने की भी घोषणा की गई है। इसे राज्य में चल रहे धार्मिक और सामाजिक तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस फैसले के बाद भाई गुरजीत सिंह खालसा श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद टावर से नीचे उतरेंगे। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों और सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पंजाब सरकार के इस कदम को राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत और समझौते के बाद ही यह निर्णय लागू किया गया है, जिससे स्थिति को सामान्य किया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस बल को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सरकार का मानना है कि इस अधिनियम और इससे जुड़े फैसलों से राज्य में चल रहे विवादों का समाधान निकालने में मदद मिलेगी और धार्मिक सौहार्द को और मजबूत किया जा सकेगा।

वैश्विक पहचान बना रहा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क : मंत्री टेटवाल

भोपाल.  संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में मध्यप्रदेश के कौशल विकास मॉडल की व्यापक और प्रभावी प्रस्तुति उस समय देखने को मिली, जब फिलीपींस की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के 24 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान का विस्तृत भ्रमण कर इसकी कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और उद्योग-आधारित दृष्टिकोण को गहराई से समझा। यह दौरा प्रदेश में विकसित हो रहे कौशल तंत्र की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ती विश्वसनीयता का स्पष्ट संकेत बना। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को ऐसी आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है, जिससे वे सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क देश का पहला पूर्णतः संचालित बहु-कौशल प्रशिक्षण केंद्र है, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। मंत्री टेटवाल एवं प्रतिनिधि मण्डल के बीच स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान हुआ। मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह संस्थान आज एशिया स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि यहाँ आकर इसकी कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं तथा अपने देशों में इस प्रकार के संस्थान स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ प्रशिक्षित युवा देश और विदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 1200 क्षमता वाले छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है तथा बढ़ती मांग को देखते हुए समान क्षमता के नए छात्रावास का विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने से हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमण्डल एवं संस्थान के कोर्स हेड एवं प्रिंसिपल हेड द्वारा एक-दूसरे को पद और भूमिका का परिचय दिया गया। सीईओ गिरीश शर्मा द्वारा संस्थान की उपलब्धियों और संरचना के संबंध में जानकारी दी गयी। प्रतिनिधि मण्डल को ऑडियो-विजुअल के माध्यम से संस्थान की विकास यात्रा और उपलब्धियों से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य परिसर एवं सिटी परिसर की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम, मीडिया कक्ष, पुस्तकालय और जीवन कौशल क्लब का भ्रमण किया गया। प्रतिनिधियों ने लाइव प्रदर्शन देखे और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रशिक्षण की व्यावहारिकता एवं गुणवत्ता की सराहना की। इस दौरान करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया गया। साथ ही लीडरशिप मास्टर क्लास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं प्रोत्साहन वाउचर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में अंकित प्रजापति को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिटी परिसर में प्रिसिजन इंजीनियरिंग से संबंधित सीएनसी एवं पारंपरिक प्रयोगशालाओं का गहन अवलोकन किया। हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुति दी गई, जिसमें विकेन्द्रीकृत प्रशिक्षण प्रणाली को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित किए जाने की जानकारी साझा की गई। संवाद सत्र में प्रशिक्षण प्रक्रियाओं, पाठ्यक्रम संरचना, उद्योग सहभागिता और प्लेसमेंट व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने आगामी वैकल्पिक पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की, वहीं प्रतिनिधिमंडल ने भी अपने क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क को प्रस्तुत किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच ज्ञान और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान हुआ। इस अवसर पर उन्नत नेटवर्किंग एवं प्रणाली प्रशासन पाठ्यक्रम के अंतर्गत सिस्को नेटवर्किंग अकादमी का शुभारंभ किया गया, जो वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागृह में आयोजित दोपहर भोज के दौरान प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा और विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल द्वारा वृक्षारोपण किया गया, जो सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के निदेशक गिल्बर्ट एम. कास्त्रो, स्टीफन आई. सीज़र, एशियन विकास बैंक की शिक्षा क्षेत्र की प्रधान परियोजना अधिकारी श्रीमती पूनम शर्मा भाम्बरी तथा आईपीई ग्लोबल के सदस्य सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।  

देवास पुलिस की नवाचार पहल “पुलिस चौपाल” को सीएम एक्सीलेंस अवार्ड

भोपाल.  मध्यप्रदेश पुलिस के लिए यह एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि जिला देवास पुलिस द्वारा संचालित सामुदायिक पुलिसिंग आधारित नवाचार पहल “पुलिस चौपाल” को वर्ष 2025 के लिए सीएम एक्सीलेंस (इनोवेशन) अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान आज 21 अप्रैल को आयोजित सिविल सेवा दिवस के अवसर पर आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग), प्रशासन अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न सेवाओं के वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारी उपस्थित रहे। “सीएम एक्‍सीलेंस अवार्ड” के अंतर्गत विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट नवाचारों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में देवास पुलिस की पहल “सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने हेतु ‘पुलिस चौपाल’ अभियान” को नागरिक सेवा प्रदाय, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुशासन श्रेणी में चयनित किया गया। इस उपलब्धि के लिए पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत एवं प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर (क्रमांक 770) को संयुक्त रूप से 1 एक लाख रूपए की राशि, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। देवास पुलिस की “पुलिस चौपाल” पहल जन सहभागिता आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का एक प्रभावी मॉडल है, जिसने न केवल अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं, बल्कि पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहभागिता को भी सुदृढ़ किया है। “पुलिस चौपाल” पहल के अंतर्गत 01 नवम्बर 2024 से 28 फरवरी 2026 की अवधि में देवास पुलिस द्वारा व्यापक जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसके तहत कुल 2807 पुलिस चौपालों का आयोजन कर लगभग 94 हजार 393 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया। “ऑपरेशन त्रिनेत्रम” के माध्यम से लगभग 10 हजार CCTV कैमरों की स्थापना कर 46 ग्राम पंचायत एवं 2 नगर पंचायतों को पूर्ण CCTV कवरेज में लाया गया, जिससे सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ किया गया। सायबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में भी इस पहल के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। पुलिस चौपालों के माध्यम से सायबर जागरूकता अभियान चलाकर 214 संभावित डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को रोका गया तथा सायबर फ्रॉड में खोई हुई राशि में से लगभग 2 करोड़ 14 लाख रूपए की वापसी सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही डिजिटल कम्युनिटी नेटवर्क को सशक्त करते हुए प्रत्येक ग्राम स्तर पर लगभग 1100 व्हाट्सएप समूहों का गठन किया गया, जिनसे लगभग 22 हजार युवाओं को जोड़ा गया, जिससे अपराधों के त्वरित अनावरण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। “पुलिस चौपाल” पहल के सकारात्मक प्रभाव से जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही चोरी के मामलों में भी गिरावट आई है, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकवरी दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समारोह का समापन मध्यप्रदेश पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की गरिमामयी प्रस्तुति के साथ हुआ।  

लुधियाना में भ्रष्टाचार पर वार, विजिलेंस टीम ने SHO को रिश्वत लेते दबोचा

लुधियाना. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डिवीजन नंबर-4 के SHO गुरजीत सिंह को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों काबू कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्लानिंग के तहत की गई, जिसमें विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, वहीं विजिलेंस टीम द्वारा आगे की जांच जारी है। आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इसके पहले, लुधियाना के गांव मोही स्थित कैंप खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सरकारी सहायता प्राप्त) के प्रिंसिपल गुरमीत सिंह को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उनपर एक छात्र से सर्टिफिकेट के लिए रुपए मांगने का आरोप है। लुधियाना में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बताया गया कि छात्र ने कोविड काल में 10वीं पास की थी, लेकिन उसे सर्टिफिकेट नहीं मिला था। जब वह प्रिंसिपल के पास गया, तो आरोपी ने 15,800 रुपये की मांग की। डुप्लीकेट सर्टिफिकेट की सरकारी फीस मात्र 900 रुपये है, लेकिन प्रिंसिपल ने छात्र से मौके पर ही 10,000 रुपये ऐंठ लिए बाकी के 6,000 रुपये लेते समय विजिलेंस की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में प्रिंसिपल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।

विकास को लेकर सख्त रुख: कलेक्टर ने कहा—5 साल की प्लानिंग बनाएं, DMF नियमों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

एमसीबी. कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा लागू प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 9B(3) के तहत अधिसूचित इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। बैठक में कलेक्टर ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाए, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाती हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत कार्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकृति नहीं दी जाएगी। कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय जैसे कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित हैं और ऐसे प्रस्तावों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम, अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीद जैसी गतिविधियों को भी योजना से बाहर रखने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सभी विभागों को 5 वर्षीय Perspective Plan (दीर्घकालिक योजना) तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस योजना में आगामी पांच वर्षों के लिए जिले के समग्र विकास का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया जाएगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को खनन प्रभावित गांवों की सूची के आधार पर योजनाओं का चयन करने तथा पंचायत, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, विद्युत, क्रेडा और उद्यानिकी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति का आकलन करने तथा प्रति वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, जबकि पंचायत विभाग को जल संरक्षण हेतु चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल की जाए, ताकि सभी परिसंपत्तियां पूर्ण रूप से उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के रिक्त पदों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यय की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिक से अधिक राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

देश में मध्यप्रदेश तेजी से उभरता प्रदेश – मुख्य सचिव जैन

भोपाल.  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि देश में मध्यप्रदेश तेजी से उभरता दूसरा राज्य है। मुख्य सचिव जैन मंत्रालय में मंगलवार को भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। अधिकारियों का यह दल अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश आया हैं। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान भी इस अवसर पर मौजूद थे। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। यहां 24×7 उद्योगों के लिए बिजली उपलब्ध है और इस मामले में प्रदेश सर-प्लस इलेक्ट्रिीसिटी वाला है। उन्होंने बताया कि सिंचाई भी अब 55 लाख हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हो रही है, जो रिकार्ड है। उन्होंने कृषि उत्पादन में भी मध्यप्रदेश के दलहन-तिलहन उत्पादन आदि में अग्रणी होने की जानकारी दी। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी काफी बढ़ात्तरी हुई है। मुख्य सचिव जैन ने गत वर्ष उद्योग एवं निवेश तथा इस वर्ष को कृषि वर्ष मनाने की मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए मध्यप्रदेश में अधोसरंचना के विकास और आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में आ रहे निवेश की जानकारी दी। उन्होंने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के दौरान 18 नीतियों में हुए सकारात्मक बदलाव और उससे बदले औद्योगिक परिवेश की जानकारी दी। मुख्य सचिव जैन ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों की विविधता, वहां की बोली-खानपान आदि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नेशनल पार्क हों, विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों आदि के विकास से अब करोड़ो पर्यटक यहां आते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध परम्परागत कला, हस्तकला आदि की भी चर्चा की। मुख्य सचिव जैन से भेंट करने वालों में टोक्यो की भारत एबेंसी से सुउदिता गौरव, सिंगापुर हाई कमीशन में पदस्थ अनिकेत चंद्रहास पाटकर, काउंसलेट जनरल ऑफ इंडिया न्यून्यार्क से सुश्रुति पांडे और एस.एस आई एफ से ऋृषभ चौधरी शामिल थे।  

योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व, ब्राह्मणों पर ध्यान और OBC से एक नाम तय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं काफी दिन से हैं। कहा जा रहा था कि खरमास के बाद कभी भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। अब जानकारी मिल रही है कि बंगाल चुनाव के बाद कभी भी फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कुछ नए मंत्री जुड़ सकते हैं तो कुछ लोगों को संगठन में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विभागों में भी परिवर्तन किया जा सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा फिलहाल संगठन मजबूत कर रही है। ऐसे में कुछ सीनियर और तेज नेताओं को संगठन की कमान भी दी जा सकती है। वहीं मंत्री परिषद में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर होगा। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बीते कुछ दिनों में लगातार बैठकें हुई हैं। विनोद तावड़े लखनऊ पहुंचे थे तो कई नेताओं से मुलाकात की थी। इसके अलावा दिल्ली जाकर भी राज्य के दोनों डिप्टी सीएम शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। फिलहाल संघ की ओर से भाजपा के साथ समन्वय करने वाले अरुण कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत कई नेताओं के साथ मंथन का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लग जाएगी। पहले राउंड में कुछ नामों को तय किया गया है, जिन पर दिल्ली से मुहर लगने का इंतजार है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार था और अब पंकज चौधरी को जिम्मेदारी मिल गई है तो फिर कैबिनेट विस्तार का भी प्लान बन रहा है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार में किसी सीनियर ब्राह्मण नेता को तवज्जो मिल सकती है। अब तक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अलावा एक और ब्राह्मण चेहरा जितिन प्रसाद थे। फिलहाल जितिन प्रसाद दिल्ली की राजनीति में चले गए हैं। ऐसे में उनके स्थान पर किसी को चांस मिल सकता है। बीते कुछ महीनों से ब्राह्मणों की नाराजगी का नैरेटिव भी विपक्ष चलाता रहा है। ऐसे में भाजपा शायद बिरादरी के किसी नेता को मौका दे। अखिलेश के PDA की काट क्यों खोजना चाह रही भाजपा? इसके अलावा दलित समुदाय से भी किसी नेता को मंत्री पद मिल सकता है। कांशीराम जयंती से लेकर आंबेडकर जयंती तक मनाने वाले अखिलेश यादव लगातार पीडीए का नारा दोहरा रहे हैं। ऐसे में दलित समुदाय को अपने पाले में रखने के लिए भाजपा किसी नेता को मौका जरूर देगी। सबसे ज्यादा चर्चा किसी महिला को मंत्री बनाए जाने की है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में गिरने के बाद भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में किसी महिला को मंत्री बनाकर भाजपा के पास मौका होगा कि वह उदाहरण देते हुए विपक्ष को घेरे। ओबीसी वर्ग से तय माना जा रहा भूपेंद्र चौधरी का नाम ओबीसी की बात करें भूपेंद्र चौधरी का नाम तय माना जा रहा है। वह अब तक प्रदेश अध्यक्ष थे। जाट बिरादरी से आते हैं और बिना किसी विवाद के काम करने वाले नेता हैं। ऐसे में जाट समाज के बीच संदेश देने के लिए उन्हें मौका मिल सकता है। पश्चिम यूपी यूं भी भाजपा के लिए अहम है। अब तक सीएम के अलावा प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिम यूपी का नहीं है। इसलिए मंत्री परिषद के जरिए इस क्षेत्रीय संतुलन को भी साधा जा सकता है।

ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा बनी मध्यप्रदेश की नारी शक्ति की वैश्विक प्रतीक

भोपाल.  कहते हैं कि जब अटूट संकल्प और सही मार्गदर्शन से प्रतिभा हासिल होती है, तो इतिहास रचा जाता है। ग्वालियर की गलियों से निकलकर दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान तक का सफर तय करने वाली अनुष्का शर्मा की कहानी आज देश की हर उस बेटी के लिए मिसाल है, जो अपनी आंखों में बड़े सपने संजोती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्नेहिल स्वागत, कहा बेटियां बनें प्रेरणास्त्रोत अनुष्का की सफलता के सफर में एक अविस्मरणीय और गौरवशाली पल तब जुड़ा जब दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर टी-20 सीरीज खेलने जा रही भारतीय महिला टीम में उनके चयन की घोषणा हुई। संयोगवश उसी दिन ग्वालियर प्रवास पर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर एयरपोर्ट पर अनुष्का और उनके पिता श्री बृजमोहन शर्मा का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अनुष्का का मुँह मीठा कराया और स्नेहिल बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन कर अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। मुख्यमंत्री के ये शब्द उस समय हकीकत में बदल गए जब अनुष्का ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान में कदम रखा। अतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 'डेब्यू': कप्तान हरमनप्रीत ने सौंपी नीली कैप प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को समर्पित “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” मनाया जा रहा है। इसी पावन पखवाड़े के दौरान अनुष्का ने मध्यप्रदेश का मान पूरे विश्व में बढ़ा दिया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज के पहले ही मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की 'प्लेइंग इलेवन' में शामिल किया गया। मैदान पर एक भावुक और गर्व भरे पल के बीच, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अनुष्का को 'टीम इंडिया' की कैप पहनाकर उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) कराया। नीली जर्सी और सिर पर भारतीय कैप पहने अनुष्का का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर उतरना प्रदेश की नारी शक्ति के बढ़ते कदमों का वैश्विक प्रतीक बन गया। इस गौरवमयी क्षण के साथ ही ग्वालियर की अनुष्का वह चमकती सितारा बन गईं, जिसकी गूंज अब पूरी दुनिया सुनेगी। मध्यप्रदेश क्रिकेट एकेडमी ने तराशा है अनुष्का की प्रतिभा को अनुष्का के भीतर छुपी क्रिकेट की धार को तराशने में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिवपुरी में संचालित महिला क्रिकेट एकेडमी का अमूल्य योगदान है। भारत की इस एकमात्र सरकारी महिला एकेडमी के अनुशासित प्रशिक्षण और सुविधाओं ने अनुष्का को वह मंच प्रदान किया, जहाँ से उन्होंने घरेलू क्रिकेट से लेकर डब्ल्यूपीएल (वूमेंस प्रीमियर लीग) तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मध्यप्रदेश की इस क्रिकेट अकादमी की अनुष्का सहित तीन खिलाड़ी इस साल डब्ल्यूपीएल में चुनी गईं हैं। जब छत बनी 'कुरुक्षेत्र' और पिता बने सारथी अनुष्का का यह सफर आसान नहीं था। कोरोना काल में जब मैदानों पर ताले लटके थे, तब उनके पिता श्री ब्रजमोहन शर्मा ने अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया। उन्होंने ग्वालियर के माधवनगर में स्थित अपने घर की छत पर ही प्रेक्टिस के लिये नेट लगवा दिया। साथ ही एक हिस्से को जिम में बदल दिया। तपती धूप और अनिश्चितता के बीच अनुष्का की 'फिरकी' और 'बल्ले' की गूंज उसी छत से शुरू होकर आज अंतरराष्ट्रीय स्टेडियमों तक जा पहुंची है। अनुष्का का क्रिकेट के प्रति रुझान अपने भाई को क्रिकेट खेलते देखकर पैदा हुआ और ठान लिया कि मुझे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनना है। कठिन दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत पाई सफलता वर्ष 2022 में मैदान पर खेलते समय बेहोश होने और डेंगू जैसी बीमारी को मात देने वाली अनुष्का ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। डब्ल्यूपीएल 2026 में गुजरात जायंट्स की ओर से 45 लाख रुपये की सबसे महंगी अनकेप्ड खिलाड़ी बनना हो या मध्य प्रदेश को सीनियर वनडे ट्रॉफी में चैंपियन बनाना, अनुष्का ने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। अनुष्का शर्मा का भारतीय टीम तक का सफर केवल एक खिलाड़ी की जीत भर नहीं है, बल्कि यह उस पिता के विश्वास, एकेडमी के समर्पण और खुद अनुष्का के आत्म-अनुशासन की सामूहिक जीत है। आज पूरा ग्वालियर व मध्यप्रदेश अपनी इस 'क्रिकेट क्वीन' पर गर्व कर रहा है। अनुष्का की उपलब्धियों के मुख्य पड़ाव इंटरनेशनल डेब्यू: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी-20 मैच में भारतीय टीम का हिस्सा बनीं। डब्ल्यूपीएल स्टार: गुजरात जायंट्स के लिए डेब्यू मैच में ही 30 गेंदों में 44 रनों की साहसी पारी। एमपीएल 2025: 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' सहित सर्वाधिक व्यक्तिगत पुरस्कारों की विजेता। नेतृत्व क्षमता: मध्य प्रदेश अंडर-19 और सीनियर टीम की कप्तान व उपकप्तान के रूप में शानदार रिकॉर्ड।  

सीएम योगी की बैठक: होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर होगा विस्तृत विचार

होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर सीएम योगी करेंगे समीक्षा बैठक बुधवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होगी बैठक सभी जोन के एडीजी, पुलिस कमिश्नर, मंडलायुक्त, डीएम-एसपी होंगे बैठक में शामिल 25 से 27 अप्रैल के बीच होने वाली परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री देंगे आवश्यक दिशा निर्देश लखनऊ  प्रदेश में होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसमें परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण निर्देश देंगे। बैठक में प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, आईजी/डीआईजी रेंज, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक समेत संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। 25 से 27 अप्रैल तक होनी है भर्ती परीक्षा गौरतलब है कि प्रदेश में 25, 26 और 27 अप्रैल को होमगार्ड भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की सुविधा और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री बैठक के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे। संवेदनशील जिलों, परीक्षा केंद्रों और संभावित भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं। नकल व गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति योगी सरकार का पूरा जोर परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है। नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। इसी क्रम में सभी अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूरी तैयारी के साथ प्रतिभाग करने के लिए निर्देशित किया गया है।