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बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब बने ‘निपुण’

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब ‘निपुण योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लगातार प्रयासों का ठोस परिणाम हर स्कूल को ₹50 हजार की सहायता, निपुण स्कूलों के शिक्षकों का सम्मान लखनऊ  योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। निपुण भारत मिशन के तहत किए गए ताजा आकलन में 32,480 प्राथमिक विद्यालय ‘निपुण’ घोषित किए गए हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 1 और 2 के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों ने भाषा और गणित में अपेक्षित दक्षता हासिल की है। इन विद्यालयों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराए गए इस आकलन को पारदर्शी और जमीनी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि कड़े मानकों के बावजूद यह परिणाम गुणवत्ता सुधार की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। निपुण रैंकिंग वाले टॉप जिले निपुण रैंकिंग में प्रदेश के कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निपुण आकलन के आधार पर सबसे अधिक निपुण विद्यालयों वाले जिलों में हरदोई (1002 विद्यालय), अलीगढ़ (969 विद्यालय), शाहजहांपुर (916 विद्यालय), महाराजगंज (874 विद्यालय) और खीरी (830 विद्यालय) शीर्ष स्थान पर हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इन जिलों में बड़ी संख्या में विद्यालयों ने निपुण मानक हासिल किया है और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का ठोस असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। पारदर्शी आकलन, डीएलएड प्रशिक्षुओं की भूमिका इस बार आकलन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने विद्यालयों में जाकर कक्षा 1 और 2 के छात्रों की सीखने की क्षमता का वास्तविक परीक्षण किया। निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से यह रिपोर्ट सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। इससे न सिर्फ योगी सरकार की पारदर्शिता नीति को बल मिला है, बल्कि जवाबदेही भी तय हुई है। शिक्षकों का सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन निपुण घोषित विद्यालयों के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है। प्रत्येक विद्यालय को ₹50 हजार की धनराशि दी जाती है, जिसका उपयोग शैक्षणिक सामग्री और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाता है। विद्यालय परिसरों में ‘निपुण विद्यालय’ का लोगो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिससे उनकी अलग पहचान बनती है। गुणवत्ता सुधार का व्यापक अभियान निपुण परिणामों के पीछे व्यापक तैयारी की भूमिका है। बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (पढ़ने, लिखने और गणना) आधारित प्रशिक्षण दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व ICT लैब विकसित किए गए हैं। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरण से डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा मिला है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.32 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत 2024-25 में 13.22 लाख और 2025-26 में 15.84 लाख बच्चों का नामांकन कराया गया। 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया।  समग्र बदलाव का संकेत 2025-26 में करीब 1.07 लाख परिषदीय विद्यालयों का आकलन किया गया था। कड़े मानकों के बावजूद 32,480 विद्यालयों का निपुण घोषित होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कम प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें निपुण श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। प्रदेश में बेसिक शिक्षा अब केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखने के परिणामों पर फोकस है। निपुण भारत मिशन के तहत मिले ये परिणाम बताते हैं कि नीति, प्रशिक्षण और निगरानी का समन्वय असर दिखा रहा है। आने वाले समय में और अधिक विद्यालयों को निपुण श्रेणी में लाने की तैयारी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचा उठाया जा सके।

लेंसकार्ट शोरूम पर बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन, भोपाल और छिंदवाड़ा में कर्मचारियों को तिलक और कलावा बांधने की घटना

भोपाल /छिंदवाड़ा  भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। छिंदवाड़ा में लेंसकार्ट शोरूम पर बजरंग दल का प्रदर्शन छिंदवाड़ा में ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच लेंसकार्ट के शोरूम पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सोमवार को कार्यकर्ताओं ने शोरूम में मौजूद कर्मचारियों के माथे पर तिलक लगाया और उनके हाथों में कलावा बांधा।  बताया जा रहा है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर कंपनी की कथित ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसमें कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसी मुद्दे को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं। जिला संयोजक बोले: धार्मिक प्रतीकों पर रोक बर्दाश्त नहीं प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक नरेंद्र पटेल ने कहा कि वे किसी भी तरह की धार्मिक पाबंदी के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में संगठन लगातार विरोध दर्ज कराता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में व्यापार करने वालों को यहां की संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। कंपनी ने दी सफाई: कोई प्रतिबंध नहीं विवाद के बीच लेंसकार्ट की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि उसकी मौजूदा गाइडलाइंस में बिंदी, तिलक या अन्य धार्मिक प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कंपनी ने वायरल हो रहे दस्तावेज को पुराना बताया है और कहा है कि वर्तमान नीति में ऐसा कोई नियम लागू नहीं है।  

स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी पर सख्ती, आयुष्मान और चिरायु में होगा थर्ड पार्टी ऑडिट

चंडीगढ़. आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत किए जा रहे दावों (क्लेम) का थर्ड पार्टी आडिट कराया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड को आडिट और क्लेम प्रक्रिया के लिए थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर को निर्देशित किया है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना के कामकाज में थर्ड-पार्टी आडिट अनिवार्य किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयुष्मान भारत प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो। आयुष्मान भारत के तहत सरकारी कालेजों और मेडिकल संस्थानों से क्लेम को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसकी जांच के लिए रणनीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि किडनी मरीजों के लिए क्रोनिक हीमोडायलिसिस, जो एक जरूरी और बार-बार होने वाला इलाज है, उसके लिए आयुष्मान भारत स्कीम के तहत सक्रिय दावा किया जाना चाहिए, ताकि यह पक्का हो सके कि रेगुलर डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को बिना किसी पैसे की परेशानी के पूरा कवरेज मिले। समीक्षा बैठक में बताया गया कि हरियाणा ने आयुष्मान भारत और चिरायु स्कीम के तहत लगभग 28 लाख क्लेम निपटाए हैं। लाभार्थियों को 3900 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए क्लेम 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गए हैं, जो लोगों में स्कीम के बारे में बढ़ती जागरूकता और उपयोग को दिखाता है। राज्य में 1363 पैनल वाले अस्पतालों (प्राइवेट -777, पब्लिक -586) का नेटवर्क है, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं। डा. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने चिरायु योजना और इसके एक्सटेंशन को लागू करके राष्ट्रीय आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई रूपरेखा से आगे बढ़कर काम किया है। इसमें तीन लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले परिवार शामिल हैं। इससे राष्ट्रीय पात्रता मानदंडों से परे स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा नेट से भी ज्यादा बढ़ गया है और राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा सुनिश्चित स्वास्थ्य कवरेज के तहत आ गया है। पात्र लाभार्थियों के लगभग 1.38 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं।

स्कूल में बड़ा खुलासा: 24 महिला स्टाफ ने लगाए उत्पीड़न के आरोप, आरोपी कर्मचारी घिरा

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल की 24 महिला कर्मचारियों द्वारा एक पुरुष सहकर्मी के खिलाफ उत्पीड़न और धमकी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराए जाने के दो महीने से अधिक समय बाद भी, वह स्कूल में आता रहता है और कथित पीड़ितों के साथ ही दफ्तर साझा करता है। 12 फरवरी को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत स्कूल की आंतरिक शिकायत समिति को सौंपी गई शिकायत में कहा गया है कि आरोपी शिक्षक के व्यवहार ने "प्रतिकूल, असुरक्षित और अपमानजनक कार्य वातावरण" का निर्माण किया है। आरोपों की गंभीरता और हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या के बावजूद, आरोपी उनके साथ ड्यूटी पर बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने "अपमानजनक, निंदनीय और लैंगिक भाषा", "मौखिक धमकियों और डराने-धमकाने" और "महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा से समझौता करने वाले अवांछित शारीरिक दुस्साहस" का आरोप लगाया है। शिकायत में इसे अलग-थलग घटनाओं के बजाय "आक्रामकता का एक दस्तावेजी पैटर्न" बताया गया है। क्या है पीड़ितों की मांग? “हम मांग करते हैं कि इस शिकायत को तुरंत दर्ज किया जाए और त्वरित जांच के लिए आईसीसी के समक्ष रखा जाए… अंतरिम सुरक्षात्मक उपाय बिना देरी किए लागू किए जाएं,” 24 शिकायतकर्ताओं ने लिखा, और चेतावनी दी कि कार्रवाई न करने पर आपराधिक कार्यवाही हो सकती है। शिकायतकर्ताओं द्वारा उसके आसपास असुरक्षित महसूस करने की बात कहने के बावजूद, अधिकारियों ने उसे स्थानांतरित करने या यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है कि महिलाएं उसके साथ एक ही स्थान पर न रहें। विद्यालय शिक्षा निदेशक नीतीश सिंगला ने इस पर टिप्पणी प्राप्त करने के प्रयासों का जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने आरोपों की जांच के लिए कम से कम तीन सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और एक वरिष्ठ अधिकारी को मिलाकर एक अलग पैनल का गठन किया है, जबकि स्कूल की आईसीसी अपनी अलग जांच कर रही है।

रायपुर में आज की नारी सम्मान अवॉर्ड शो, महिला सशक्तिकरण का धूमधाम से उत्सव

आज की नारी–नारी शक्ति सम्मान” अवॉर्ड शो: रायपुर में महिला सशक्तिकरण का भव्य उत्सव नई उड़ान जनसेवा फाउंडेशन के आयोजन में फैशन, प्रतिभा और आत्मविश्वास का संगम, विजेताओं को मिला सम्मान रायपुर  नई उड़ान जनसेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में रायपुर में आयोजित “आज की नारी–नारी शक्ति सम्मान” अवॉर्ड शो (सीजन 4) केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। यह आयोजन उस सोच को दर्शाता है, जहाँ नारी समाज के निर्माण की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित हो रही है। कार्यक्रम में आयोजित फैशन शो, रैंप वॉक और टैलेंट शो ने यह सिद्ध किया कि आज की नारी आत्मविश्वास, गरिमा और प्रतिभा के साथ हर मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही है। शाइन ऑफ छत्तीसगढ़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने हुनर का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसने सभी को प्रेरित किया। प्रतियोगिता के परिणाम 1. मिस टाइटल कैटेगरी: प्रथम स्थान: मिस दीक्षा (रायपुर) द्वितीय स्थान: मिस मनीष (भाटापारा) तृतीय स्थान: गायत्री धवन (दुर्ग) 2. Mrs कैटेगरी: फर्स्ट विनर: दीपिका साहू (राजनांदगांव) सेकंड विनर: शीतल गुप्ता (रायगढ़) 3. किड्स कैटेगरी: फर्स्ट विनर: अवया निर्मलकर (बिलासपुर) सेकंड विनर: अव्यय श्रीवास्तव (रायपुर) थर्ड विनर: ऐश्वर्या बोई (जांजगीर-चांपा) 4. Mr किड्स कैटेगरी: फर्स्ट विनर: वेदांत बूयूतरा (कांकेर) कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में फैशन शो जूरी शिखा साहू (मिस कलर वर्ल्ड, भिलाई) एवं कविता मिश्रा (Mrs छत्तीसगढ़, Mrs स्टार ऑफ इंडिया) ने निष्पक्ष रूप से विजेताओं का चयन किया। अन्य प्रतिभागियों को भी मंच पर क्राउन एवं विशेष टैग देकर सम्मानित किया गया, जिनमें अंजनी ध्रुव, सृष्टि साहू, कामिनी निषाद सहित कई प्रतिभागी शामिल रहे। इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य प्रतिष्ठित हस्तियाँ शामिल थीं। कार्यक्रम की शोभा उस समय और बढ़ गई, जब प्रसिद्ध धारावाहिक रामायण में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया एवं ये रिश्ता क्या कहलाता है फेम कांची सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहीं। उनके हाथों विजेताओं को ताज पहनाकर सम्मानित किया गया, जो प्रतिभागियों के लिए गर्व का क्षण रहा। रैंप वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने जिस आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रदर्शन किया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। खास बात यह रही कि जो प्रतिभागी विजेता नहीं बन सके, उन्हें भी सम्मानित किया गया—यह संदेश देते हुए कि हर प्रयास सराहनीय है। नई उड़ान जनसेवा फाउंडेशन का उद्देश्य महिलाओं को शिक्षित करना, उनकी प्रतिभा को मंच देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। संस्था का मानना है कि जब एक नारी सशक्त होती है, तो पूरा समाज सशक्त होता है। “आज की नारी–नारी शक्ति सम्मान” अवॉर्ड शो ने यह सिद्ध कर दिया कि अवसर मिलने पर महिलाएँ न केवल अपने सपनों को साकार कर सकती हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकती हैं। यह आयोजन एक सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुनील चिंचोलकर

BJP का बड़ा दावा: वसुंधरा राजे का वायरल पत्र फर्जी, कांग्रेस से मांगा जवाब

रायपुर. नारी शक्ति वंदन को लेकर पूरे देशभर में सियासी चर्चा गर्म है। इस बीच बीजेपी नेत्री और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का कथित फर्जी पत्र भी चर्चा में है। पत्र को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पोस्ट पर लिखा- कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल अब फेक न्यूज का अड्डा बन चुके हैं। पूर्णतः फर्जी और भ्रामक पत्र को आधिकारिक प्लेटफॉर्म से पोस्ट करना उसकी गिरती हुई राजनीतिक सोच और स्तर का स्पष्ट प्रमाण है। कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैलाने के लिए “Anti Women Alliance” का मुख्य चेहरा बनी कांग्रेस अब भाजपा नेताओं के नाम से कूट-रचित पत्र गढ़कर खुलेआम झूठ परोस रही है। यह सिर्फ राजनीतिक षड्यंत्र नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ उसकी कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा है। मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे कांग्रेस छत्तीसगढ़ तुरंत यह फर्जी पोस्ट हटाए, बिना शर्त माफी मांगे और इस पूरे मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे।फर्जीवाड़ा बंद करो, माफी मांगो-नारी शक्ति सड़कों से लेकर लोकतंत्र के हर मंच पर जवाब देगी।

नासा के वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश की चमक, योगी सरकार की ऊर्जा नीति को मिली वैश्विक पहचान

नासा के वर्ल्ड नाइट मैप में चमका उत्तर प्रदेश, योगी सरकार की ऊर्जा नीति को मिली वैश्विक पहचान वैश्विक मंच पर चमका उत्तर प्रदेश का नाम, हर घर रोशनी की योगी सरकार की नीति को मिली अंतर्राष्ट्रीय मान्यता हर घर रोशनी के संकल्प को अंतर्राष्ट्रीय मुहर, उत्पादन से वितरण तक यूपी बना मॉडल लखनऊ,  नासा द्वारा जारी वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश का दुनिया के सबसे अधिक रोशन क्षेत्रों में प्रमुखता से उभरना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बनकर सामने आया है। यह केवल रोशनी का दृश्यात्मक आंकलन नहीं, बल्कि योगी सरकार के “सबको बिजली, पर्याप्त बिजली और गुणवत्तापूर्ण बिजली” के संकल्प की वैश्विक पुष्टि है। दरअसल, नासा ने सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित एक नया ग्लोबल मैप जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है कि 2014 से 2022 के बीच पृथ्वी पर रात की रोशनी में कैसे बदलाव आया है? वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की तस्वीर बनाने के लिए नौ सालों तक हर रात जमा की गई 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया। नतीजों से पता चला कि शहरी विकास के कारण उत्तरी भारत में, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में रात की रोशनी का स्तर बढ़ गया है। गांव से शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में बीते वर्षों में जो संरचनात्मक बदलाव किए हैं, उनका प्रभाव अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी दिखाई दे रहा है। गांव से शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नीति, प्रबंधन और तकनीक के स्तर पर व्यापक सुधार किए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को नई दिशा मिली है। उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ-साथ ऊर्जा के विविध स्रोतों को मजबूत किया गया है, जिससे बढ़ती मांग को संतुलित तरीके से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन से ट्रांसमिशन तक मजबूत ढांचा प्रदेश में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की तीसरी इकाई का सफल सिंक्रनाइजेशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली में सुधार के तहत नए उपकेंद्र स्थापित किए गए, जर्जर लाइनों का आधुनिकीकरण हुआ और स्मार्ट तकनीकों का उपयोग बढ़ा। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और निर्बाध हुई है, साथ ही लाइन लॉस में भी उल्लेखनीय कमी आई है। तकनीक और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं को लाभ योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल हुआ है। उपभोक्ताओं को अब रियल टाइम खपत की जानकारी मिल रही है, ऑनलाइन सेवाएं आसान हुईं हैं और विद्युत चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि उपभोक्ता संतुष्टि भी मजबूत हुई है। कृषि, उद्योग और निवेश को मिली नई रफ्तार निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुगम हुई है, उद्योगों को स्थिर बिजली मिली है और सेवा क्षेत्र में भी विस्तार देखने को मिला है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रहा है। नासा का वर्ल्ड नाइट मैप उत्तर प्रदेश की ऊर्जा नीति, प्रबंधन क्षमता और विकासोन्मुखी सोच की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है। यह उपलब्धि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता को गति देगी।

सीएम बोले- ममता दीदी कहती है खेला होवे, लेकिन इस बार खेला खत्म होगा और विकास प्रारंभ होगा

अब टीएमसी का खेल खत्म होगा और बंगाल का विकास शुरू होगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में की जनसभा सीएम बोले- ममता दीदी कहती है खेला होवे, लेकिन इस बार खेला खत्म होगा और विकास प्रारंभ होगा बंगाल की प्रतिभा आज पलायन कर रही है, बंगाल के पुरुषार्थ को कुंद कर दिया गया है: सीएम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए: योगी जॉयपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में भारी मतदान की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने बंगाल की गौरवशाली विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और वर्तमान में व्याप्त अराजकता-गुंडागर्दी के बीच स्पष्ट अंतर रखते हुए कहा कि बंगाल की धरा रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस जैसी महान विभूतियों की भूमि रही है। यहां की कुम्हार-प्रजापति समुदाय की मिट्टी की कला, छाऊ नृत्य की विश्वविख्यात परंपरा, कुरमाली-संथाली संस्कृति की आत्मीयता और खजूर रस की मिठास बंगाल की असली पहचान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होवे’, लेकिन अब टीएमसी का खेल समाप्त हो चुका है। अब बंगाल का विकास प्रारंभ होगा।  टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है विकास की शुरुआत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास करें। बंगाल की धरा प्रेरणा की धरा है। बंगाल की धरा भारत को दिशा देने वाली धरा थी। बंगाल में प्रतिभा थी, लेकिन प्रतिभा पलायन कर रही है। बंगाल में पुरुषार्थ था, लेकिन उसे कुंद कर दिया गया है। बंगाल में वह सब कुछ था जो बंगाल को भारत के अंदर नेतृत्व देने का माद्दा रखता था। लेकिन बंगाल को एक साजिश के तहत पहले कांग्रेस ने, फिर कम्युनिस्टों ने और अब टीएमसी ने अराजकता और गुंडागर्दी का अड्डा बना दिया है। कभी बंगाल की धरती से निकला “वंदे मातरम” भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। यह वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष है। इस उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए, क्योंकि टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है डबल इंजन की भाजपा सरकार और डबल इंजन की भाजपा सरकार का मतलब है, बंगाल में अब विकास शुरू होगा।  ..ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉयपुर की पावन धरा वीरांगना लाबण्या प्रभा घोष के सुर और बलिदान की साक्षी है। यहां के कुम्हार और प्रजापति समुदाय की अथक मेहनत से निर्मित कलाकृतियां देशभर में प्रसिद्ध हैं, साथ ही खजूर रस की मिठास और विश्वविख्यात छाऊ नृत्य इस भूमि की सांस्कृतिक पहचान हैं। कुरमाली और संथाली संस्कृति की अपनापन व आत्मीयता जॉयपुर की असली ताकत है। यह वही पावन धरा है, जहां से नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, स्वामी प्रणवानंद और खुदीराम बोस जैसी विभूतियां निकलीं। लेकिन आज टीएमसी के शासन में दुर्गा पूजा पर रोक, राम भक्तों पर अत्याचार, लव जिहाद-लैंड जिहाद, गौ-हत्या, माफिया राज, उद्योग-धंधों का बंद होना और 30 लाख नौजवानों की बेरोजगारी जैसी समस्याएं बंगाल को ग्रस्त कर रहीं हैं। एक समय देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन रहे बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और अब टीएमसी ने अराजकता का अड्डा बना दिया है। इसलिए यहां डबल इंजन की भाजपा सरकार की जरूरत है, ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो और विरासत का संरक्षण करते हुए बंगाल में फिर से विकास की नई यात्रा शुरू हो सके। अब यूपी की सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में आज जो अराजकता, गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की स्थिति है, यही स्थिति वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में थी। उस समय यूपी में पर्व-त्योहार से पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगा रहता था, लव जिहाद-लैंड जिहाद आम थे और गौ-हत्या सरेआम होती थी। लेकिन जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी, तो सब बदल गया। आज वहां उपद्रव नहीं, उत्सव है। 65 लाख गरीबों को आवास, करोड़ों शौचालय, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा, 16 करोड़ को राशन और 2 करोड़ को उज्ज्वला योजना के तहत फ्री एलपीजी कनेक्शन मिले हैं। नौजवानों को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों के चेहरे पर खुशहाली और कुम्हार समुदाय को मुफ्त मिट्टी व सोलर चाक जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। आज यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगे। सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से तेज आवाज नहीं आती। वहां अब एक ही नारा गूंजता है “न गौ माता को कटने देंगे, न हिंदुओं को बंटने देंगे”। हर जाति का हिंदू सुरक्षित और समृद्ध है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और प्रयागराज महाकुंभ ने विश्व को आयोजन की मिसाल दी है। यूपी का यह मॉडल साबित करता है कि डबल इंजन सरकार आने से विकास होता है और बंगाल में भी यही बदलाव लाना है।

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी 5 वर्षीय समग्र विकास योजना बनाने के निर्देश, प्रतिबंधित कार्यों पर स्पष्ट रोक मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के तहत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल वही परियोजनाएं स्वीकृत होंगी, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाएं। व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत किसी भी कार्य को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। बैठक में कई कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध भी लगाया गया। इनमें व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय, मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम तथा अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीदी जैसे कार्य शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी विभागों को 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना (Perspective Plan) तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तैयार करने तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति सुधारने और हर वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने को कहा गया। पंचायत विभाग को जल संरक्षण के लिए चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल हो, ताकि परिसंपत्तियां पूर्णतः उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। कलेक्टर ने प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिकतम राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विकास और विरासत का संतुलन, योगी सरकार बना रही है नए उत्तर प्रदेश की पहचान

विकास के साथ विरासत का सम्मान, योगी सरकार गढ़ रही नए उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस-वे से रश्मिरथी पर्व तक, विकास और संस्कृति का संतुलित मॉडल महापुरुषों के सम्मान संग आगे बढ़ता यूपी, योगी सरकार की सकारात्मक पहल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने की दिशा में योगी सरकार लगातार सकारात्मक पहल कर रही है। प्रदेश में एक ओर जहां एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी, निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रनायकों, संतों, साहित्यकारों और समाज सुधारकों की स्मृतियों को सहेजने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। यही संतुलित सोच योगी सरकार की कार्यशैली को अलग पहचान दे रही है। प्रेरणास्रोत महापुरुषों से जोड़ रही योगी सरकार सरकार का कहना है कि केवल भौतिक विकास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, प्रेरणास्रोत महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत प्रदेश में समय-समय पर महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी विवेकानंद, महाराजा सुहेलदेव, संत रविदास, कबीरदास, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान व्यक्तित्वों को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर हो रहे इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा वहीं 24 अप्रैल को ‘रश्मिरथी संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण, राष्ट्रीय परिसंवाद तथा ‘रश्मिरथी’ नाटक का मंचन होगा। 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान पर परिसंवाद और नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। 26 अप्रैल को लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा होगी। साथ ही अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक नाटक मंचित होगा। योगी सरकार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिली ऊंचाई यूपी में ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा मिलती है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध, वाद-विवाद, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिली है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे स्थलों का व्यापक विकास किया गया है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।