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मध्यप्रदेश में 33 अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक, जानें कौन-कौन सी कालोनियां प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में 24 नई अवैध कॉलोनियों के मामले में डेवलपर्स को नोटिस जारी किए हैं। एक साल पहले भी प्रशासन ने 70 कॉलोनी को नोटिस देने के बाद एफआइआर की कार्रवाई की थी, हालांकि इसके बाद जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से इनकी नामजद सूची जारी की गई है। बावजूद इसके अवैध कॉलोनियों का विकास नहीं रुक रहा है। एक्सपर्टस का कहना है कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त करें। 33 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक 70 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि 63 लोगों पर नामजद एफआइआर दर्ज की है। प्रशासन की ओर से 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी गई है। हताईखेड़ा और रोलूखेड़ी जैसे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया है। अवैध कॉलोनियों की अधिकता वाले क्षेत्रों में रातीबड़, नीलबड़, पिपलिया बरखेड़ी, अमरावदकलां, शोभापुर, रोलूखेड़ी, कानासैय्या, कालापानी, पचामा, थुआखेड़ा, छावनी पठार, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, सेवनिया ओंकारा, कोलुआ खुर्द, हथाईखेड़ा, रायसेन रोड, बिशनखेड़ी, कलखेड़ा, करोंद, संतनगर, भौंरी आदि शामिल है। जैसा मैंने कहा है कि राजधानी में अवैध कालोनी समेत अतिक्रमण अवैध निर्माण को लेकर पूरी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं। इसके बाद हम तेजी से कार्रवाई शुरू करेंगे।  प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर यहां विकसित अवैध कॉलोनियां पर मई में फैसला अरेडी में तीन कॉलोनियां ईंटखेड़ी में पांच कॉलोनियां हज्जामपुरा में एक कॉलोनी बसई में एक कॉलोनी अचारपुरा में छह कॉलोनी बदरखां सड़क में एक कॉलोनी बांसिया में एक कॉलोनी अमझरा में एक कॉलोनी परेवाखेड़ी में एक कॉलोनी सेवनियां ओंकारा में दो कॉलोनी मुबारकपुरा मे एक कॉलोनी 40 मकान मालिकों को ननि का नोटिस नगर निगम ने साकेत नगर 9ए में अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने करीब 40 निवासियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने अपनी स्वीकृत भवन सीमा से चार मीटर बाहर तक निर्माण कर लिया है। वार्ड 54 (जोन 13) के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के कई मकान मालिकों ने अपनी निर्धारित सीमा के बाहर किचन गार्डन और पार्किंग शेड बनाकर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इन विस्तारों के कारण मुख्य सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे वहां से चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सर्वे में अतिक्रमण की पुष्टि बीते माह ए्स इलाके में अवैध निर्माण के छज्जा गिरने से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद इलाके के रहवासियों द्वारा बारबार शिकायतों की जा रही थीं। साथ ही सड़क बाधित होने का मुद्दा उठाया था। विस्तृत जांच के बाद, निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सर्वे में उल्लंघन की पुष्टि की। शुरुआत में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निवासियों ने पालन नहीं किया। निगम अधिनियम, 1956 की धारा 322 के तहत नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने एक सप्ताह की समय सीमा दी है। लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तो निगम हटाएगा। पार्षद ने कहा- स्वयं हटा लें अवैध निर्माण नोटिस मिलने के बाद प्रभावित रहवासियों ने स्थानीय पार्षद जितेंद्र शुक्ला से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। पार्षद ने अन्याय न होने का आश्वासन तो दिया।

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, 20 अप्रैल को इन जिलों में हो सकती है बारिश

भोपाल  मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषम गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम पलटी मारता नजर आ रहा है। राज्य में मौसम का मिला जुला असर देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के अलग-अलग हालात बन रहे हैं। एक तरफ जहां कुछ जिले लू की चपेट में हैं तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर बादल और बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एक तरफ जहां रविवार को प्रदेश के टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बदलते मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि यहां अबतक तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। इन जिलों में बारिश की संभावना अप्रैल में दूसरी बार बारिश जैसे हालात बनने की संभावना है। इससे पहले महीने की शुरुआत में पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल चुका है। अब करीब 10 दिन बाद एक बार फिर मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की उम्मीद है। इनमें बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, पाढ़ूर्णा और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। ऐसे में संबंधित जिलों के वासियों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। रतलाम रहा सबसे गर्म वहीं, बीते 24 घंटों के मौसम पर गौर करें तो सबसे ज्यादा गर्मी रतलाम में पड़ी। यहां सीजन का सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ये प्रदेश में इस साल पहली बार है, जब पारा 44 डिग्री पर पहुंचा है। इसके बाद उमरिया में 43.8 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इन जिलों को भीषण गर्मी वाले जिले कहा जा सकता है। इन जिलों में भी पारा 40 पार वहीं, अन्य जिलों की बात करें तो छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 42.9 डिग्री सेलिसियस रिकॉर्ड हुआ, इसके अलावा गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह-नौगांव में 42.5 डिग्री और टीकमगढ़-सतना में 42.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल और मई साल के सबसे गर्म महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार बार-बार मौसम सिस्टम सक्रिय होने से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी में बरतें सावधानी -दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं -दोपहर की तेज धूप से बचें -हल्के और सूती कपड़े पहनें -बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

हरियाणा की बेटी का जलवा: Ritu को एशियन गेम्स में मिली टीम इंडिया कबड्डी की कमान

चरखी दादरी. अगले सप्ताह चीन में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में बीच कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा देखने को मिलेगा। चीन में आयोजित एशियन गेम्स के लिए चयनित भारतीय महिला कबड्डी टीम में छह में से कप्तान सहित तीन खिलाड़ी हरियाणा से हैं। जिनमें एक चरखी दादरी जिले से व दो हिसार की खिलाड़ी शामिल है। भारतीय टीम में आधे खिलाड़ी छोटे से प्रदेश हरियाणा से हैं जो गर्व की बात है। उल्लेखनीय है कि चीन में 22 से 27 अप्रैल तक छठे एशियन बीच गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए चयनित छह सदस्यीय टीम में तीन हरियाणा से है। इस टीम में चरखी दादरी से रितु श्योराण, हिसार जिले से मनीषा कुमारी और निकिता चयन हुआ है। इसके अलावा बची हुई तीन खिलाड़ी अलग-अलग प्रदेश राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से हैं। टीम में रितु राइटर कार्नर, मनीषा लेफ्ट कार्नर और निकिता रेडर की भूमिका निभाएंगी। टीम के खिलाड़ियों को देखकर एशियन बीच गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। हरियाणा से चयनित कई खिलाड़ी छह सदस्यीय महिला कबड्डी टीम में से तीन खिलाड़ी हरियाणा से चयनित की गई हैं। वहीं पुरुष टीम में भी हरियाणा के सोनीपत जिले के नीरज नरवाल को शामिल किया गया है। जो प्रदेश की मजबूत खेल संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाता है। खास बात यह है कि महिला टीम की कमान चरखी दादरी की उभरती खिलाड़ी रितू श्योराण को सौंपी गई है, जिससे जिले और प्रदेश में खुशी का माहौल है। वाइब्रेंट एकेडमी निदेशक मास्टर नवीन श्योराण के अनुसार बीच कबड्डी में चार खिलाड़ी खेलते हैं और दो अतिरिक्त होते हैं। उसी के चलते छह सदस्यीय टीम का चयन हुआ है। रितु श्योराण विश्वकप टीम का थी हिस्सा दादरी जिले के बिलावल निवासी रितु श्योराण वाइब्रेंट एकेडमी हंसावास खुर्द में अभ्यास करती हैं। वे बीते दिनों हुए महिला कबड्डी विश्वकप टीम का हिस्सा थी जिसमें भारत को जीत मिली थी। अब वे भारतीय टीम की कप्तान चुनी गई है। जो राइट कार्नर खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। रितू का चयन कप्तान के रूप में होना उनके निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी उनके चयन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। महिला टीम में हिसार जिले के भिवानी रोहिल्ला निवासी मनीषा और हसनगढ़ निवासी निकिता को भी शामिल किया गया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। हरियाणा की इन तीनों खिलाड़ियों के एक साथ टीम में शामिल होने से प्रदेश के खेल प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों का तालमेल और अनुभव टीम के लिए फायदेमंद साबित होगा और देश को एशिन बीच गेम्स कबड्डी प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल करेगा। खिलाड़ी     खेल पोजीशन     निवासी रितु श्योराण     राइट कार्नर     चरखी दादरी, हरियाणा मनीषा कुमारी     लेफ्ट कार्नर     हिसार, हरियाणा निकिता     रेडर     हिसार, हरियाणा मनप्रीत कौर     आलराउंडर     राजस्थान सिमरन कंबोज     रेडर     पंजाब निकिता चौहान     आलराउंडर     हिमाचल प्रदेश

अमरनाथ यात्रा में भारी उत्साह: 2 लाख रजिस्ट्रेशन, पहले जत्थे की सीटें 3 दिन में ही भर गईं

चंडीगढ़. अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुकी है और भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के पंजीकरण करवा रहे हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि यात्रा के पहले जत्थे का कोटा पूरा हो गया है और मात्र 3 दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवा लिया है। जानकारी मिली है कि इस बार पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है जिस कारण इस बार भारी संख्या में श्रद्धालुओं के अमरनाथ जाने की संभावना है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। बता दें कि 15 अप्रैल से यात्रियों का पंजीकरण शुरू किया गया है। वहीं यात्रा के लिए 13 साल से कम और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा व्यवस्था, आवास और परिवहन सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। पिछले वर्षों के मुकाबले पंजीकरण की रफ्तार तेज बताया जा रहा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शुरुआती दिनों में ही पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है, जिससे यात्रा के दौरान रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हर शहरों से पंजीकरण के लिए शिवभक्तों की कतारों की तस्वीरें सामने आ रही हैं। ई-केवाईसी पूरा करें, आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करें श्राइन बोर्ड के अनुसार, समूह पंजीकरण के बाद यात्रियों को निर्धारित केंद्रों पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रेडियो फ्रीक्वेंस आईडेंटीफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड प्राप्त करना होगा। बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के डोमेल-बालटाल या चंदनवाड़ी के प्रवेश द्वार से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजो और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें ताकि यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

छत्तीसगढ़ में बड़ा एग्री स्कैम: Bastar के खाद-बीज घोटाले में अफसरों पर शक, करोड़ों की जांच तेज

बकावंड. बस्तर जिले के बकावंड क्षेत्र में कृषि योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। किसानों को मिलने वाले खाद, बीज और कृषि किट में भारी अनियमितता सामने आई है। शिकायत के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कागजों में खरीदी दिखाई गई। विभिन्न जनपद पंचायतों के अफसरों और एजेंसियों की भूमिका जांच में है। दस्तावेजों में वितरण दिखाकर सरकारी राशि निकालने का आरोप लगाया गया है। जमीनी स्तर पर कई किसानों तक सामग्री पहुंची ही नहीं बताई जा रही है। अब बिल, वाउचर और स्टॉक रिकॉर्ड विभागों से तलब किए गए हैं। भौतिक सत्यापन के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। स्थानीय किसानों ने कहा योजना का लाभ उन्हें कभी नहीं मिला। प्रशासन ने गड़बड़ी साबित होने पर वसूली की चेतावनी दी है।कृषि सहायता योजना अब भ्रष्टाचार के कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव राजधानी रायपुर में दो दिनों तक मैराथन बैठक कर राज्य के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की प्रगति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निगम आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने वरिष्ठ अभियंताओं के साथ बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस कन्वेंशन-हॉल में 20 अप्रैल को सवेरे 10 बजे से प्रदेश के सभी नगर निगमों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे दोपहर ढाई बजे से नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करेंगे। साव अगले दिन 21 अप्रैल को दिनभर संभागवार सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।  इन कार्यों और योजनाओं की होगी समीक्षा उप मुख्यमंत्री अरुण साव दो दिवसीय मैराथन बैठक के दौरान नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

गड्ढे में पलटने से 4 दोस्तों की मौत, अनूपपुर में ट्रैक्टर पलटने से शव जेसीबी से निकाले गए

डिंडौरी अनूपपुर जिले में रविवार सुबह एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गड्ढे में पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के इंजन और ट्रॉली के नीचे दबने के कारण चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। करन पठार थाना प्रभारी वीरेंद्र बडकरे के मुताबिक, डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव से ठाड़ पाथर गांव की दूरी 20 से 25 किलोमीटर की है। ट्रैक्टर ट्रॉली खाली थी। तेज रफ्तार की ट्रैक्टर ठाड़ पाथर गांव के पास अचानक मोड पर सड़क से नीचे उतर गई और नीचे गड्‌ढे में पलट गई। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव करते हुए ट्रैक्टर को हटाने का प्रयास किया। साथी पुलिस को सूचना दी। सुबह 6:30 बजे सूचना मिलने पर तत्काल जेसीबी वाहन लेकर मौके पर पहुंचते हुए चारों शवों को बाहर निकल गया। साथ ही ट्रैक्टर को भी वहां से हटाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन भी पहुंच गए। जेसीबी की मदद से निकाले शव हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। ट्रैक्टर का इंजन और हिस्सा युवकों के ऊपर ही पलट गया था, जिसके कारण उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवाई और भारी मशक्कत के बाद दबे हुए शवों और ट्रैक्टर को गड्ढे से बाहर निकाला गया। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के मुताबिक, मृतकों की पहचान हो गई है। सभी डिंडौरी के थे। एक नाबालिग था। ये हैं मृतक     अंकुश उइके (24 वर्ष): ट्रैक्टर चालक और मालिक।     ब्रजेश पेंदो (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।     रवींद्र कुमार गोयल (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।     प्रकाश मार्को (17 वर्ष): निवासी भीमकुंडी। सुबह-सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही भीमकुंडी गांव पहुंची, वहां मातम छा गया। एक साथ चार युवकों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक: Gurugram में हुड्डा के ‘पीनल रेंट’ माफी मुद्दे पर दोबारा चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 22 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बार पूरी सरकार गुरुग्राम में जुटेगी, जहां बुधवार सुबह नौ बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। इससे पहले आठ अप्रैल को कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए थे। आगामी बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकारी कोठी का पीनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। हुड्डा पर करीब साढ़े 16 लाख रुपये का पीनल रेंट बकाया है। इससे पहले भी मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब तीन कैबिनेट मंत्रियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करा दी थी। मंत्रियों का तर्क था कि पहले संबंधित विभाग से कोठी के रखरखाव पर हुए मेंटेनेंस, बिजली, पानी और मैनपावर सहित सभी खर्चों का विस्तृत ब्योरा लिया जाए। जब तक कुल बकाया और वास्तविक खर्च की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक किसी भी तरह की राहत देने का निर्णय जल्दबाजी माना जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव को अगली बैठक तक टाल दिया गया था। अब संभावना जताई जा रही है कि संबंधित विभाग से पूरी जानकारी मिलने के बाद यह मुद्दा अगली कैबिनेट बैठक में फिर से उठाया जाएगा।

पंजाब में साइबर ठगी का जाल: Jalandhar में नकली NRI ने महिला को बनाया शिकार, 9 लाख ऐंठे

जालंधर. महानगर में आपने हनी ट्रैप के मामलों में लड़कियों या महिलाओं की ओर से व्यक्तियों से पैसे ठगने की बात अकसर सुनी होगी। वहीं अब हनी ट्रैप का ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक पुरुष ने खुद को एनआरआइ बताकर एक महिला को शिकार बनाया। उस युवक ने फेसबुक के माध्यम से महिला से दोस्ती की, उसका विश्वास जीता और फिर उसे ब्लैकमेल करके करीब नौ लाख रुपये ठग लिए। आरोपित युवक ने फेसबुक पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला से संपर्क किया। उसने खुद को विदेश में रहने वाला एनआरआइ बताया और धीरे-धीरे महिला के साथ बातचीत बढ़ाई। कुछ समय बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं और आरोपित ने महिला को मिलने के लिए एक होटल में बुलाया। मुलाकात के दौरान आरोपित ने चुपके से महिला की आपत्तिजनक वीडियो बना ली। इसके बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर के कारण महिला ने कई बार में कुल नौ लाख रुपये आरोपित को दे दिए। जब आरोपित ने और पैसे मांगे तब महिला ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को पूरी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस के रिकार्ड के अनुसार पहले ऐसे मामलों में अधिकतर पुरुष शिकार बनते थे, लेकिन अब महिलाएं भी निशाने पर आ रही हैं। गिफ्ट भेजने के नाम पर कस्टम चार्ज के बहाने ठगा हाल ही में देहात में रहने वाली एक महिला को इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद गिफ्ट भेजने के नाम पर कस्टम चार्ज के बहाने ठगा गया। महिला के इंस्टाग्राम पर एक कैनेडियन प्रोफाइल से दोस्त बना। युवक ने कई तरह के प्रलोभन देकर महिला को विश्वास में लिया और फिर उसे भी कनाडा में सेटल करने की बात कही। महिला उसकी बातों में आ गई। इसके बाद उसने महंगे गिफ्ट भेजने की बात की और फिर कस्टम में फंसने की बात कहकर उससे करीब 50 हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। जालंधर की ही एक कालेज छात्रा को फेसबुक फ्रेंड ने फंसाया। उसके साथ वीडियो काल करता रहा और फिर एक वीडियो काल के दौरान आपत्तिजनक रिकार्डिंग कर ब्लैकमेल किया गया और उससे हजारों रुपये ऐंठे गए। विदेशी दूल्हे की तलाश में गंवाई जमा पूंजी जालंधर की एक महिला को विदेशी दूल्हा चाहिए था। उसने इंटरनेट पर सर्च किया और एक एनआरआइ से बात शुरू की। बात दोस्ती में बदली और फिर शादी का प्रस्ताव मिला। पूरे परिवार को विदेश में सेटल करने की बात कही गई। इसके बाद महिला की सारी सेविंग उस व्यक्ति ने विश्वास में लेकर अपने खाते में डलवा ली, लेकिन न तो शादी हुई और न ही विदेश में ले जाने का वादा पूरा हुआ। हनी ट्रैप में फंसाने के लिए साइबर ठग फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ऐसी महिलाओं की तलाश में रहते हैं जो विदेशी दूल्हे से शादी करने या विदेश में सेटल होने का सपना देखती हैं। ठग आकर्षक फोटो और झूठी पहचान के साथ इंटरनेट मीडिया पर अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद दोस्ती और भावनात्मक जुड़ाव से अपनी तरफ खींचते हैं और बातचीत कर भरोसा जीतते हैं। इसके बाद रिकार्डिंग और ब्लैकमेल का सिलसिला शुरू होता है। आपत्तिजनक फोटो या वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके पैसे ठगे जाते हैं। इस प्रकार के ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। इंटरनेट मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें। किसी भी व्यक्ति पर भरोसा न करें, खासकर जो खुद को एनआरआइ या बड़ा कारोबारी बताए। निजी मुलाकात या वीडियो काल से पहले सावधानी बरतें। यदि आप ब्लैकमेलिंग का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें और पैसे देने की बजाय कानूनी मदद लें। साइबर एक्सपर्ट पलविंदर सिंह ने कहा किसाइबर ठग कई तरह की ठगी करते हैं, इसलिए इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल पूरी सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रोफाइल पर क्लिक न  करें, यदि कोई रिक्वेस्ट आती है तो सबसे पहले यह देखें कि उसके साथ कामन फ्रेंड भी शामिल हैं या नहीं। पूरी प्रोफाइल चेक करें। यदि संदिग्ध लगे तो न रिक्वेस्ट भेजें, न स्वीकार करें। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

डिजिटल Bastar: Bastar के जंगलों में पहुंचेगी AI तकनीक, 10 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ

जगदलपुर. बस्तर की शिक्षा व्यवस्था अब तकनीक के नए दौर में प्रवेश कर रही है। जिला प्रशासन ने 10 हजार छात्रों को एआई शिक्षा से जोड़ने की तैयारी की है। धरमपुरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित हुई। 15 से 17 अप्रैल तक शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स सिखाए गए। चॉक-डस्टर की जगह अब स्मार्ट शिक्षण मॉडल पर जोर दिया गया। प्रशिक्षक नयन सोरी ने एआई को पढ़ाई से जोड़ने के तरीके बताए। गणित और विज्ञान शिक्षकों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण भी लिया। कार्यक्रम में 21वीं सदी के तकनीकी कौशलों पर विशेष फोकस रहा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण अंचल के बच्चों में तकनीकी रुचि बढ़ाने की योजना है। अब छात्र सिर्फ किताब नहीं, कोडिंग भी सीखेंगे। बस्तर का विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा। कोंडागांव तेंदूपत्ता सीजन तैयार, 31 हजार परिवारों को मिलेगा सहारा वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है।