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आम से बनाएं असरदार फेस पैक, स्किन बनेगी मुलायम और चमकदार

 गर्मियों के मौसम में सिर्फ लू और कब्ज जैसी दिक्कतें ही परेशान नहीं करती हैं, बल्कि इस मौमस में चेहरा भी मुरझा जाता है. यह मौसम अपने साथ धूप, पसीना और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां लेकर आता है. तेज धूप की वजह से चेहरा बेजान दिखने लगता है, स्किन टैन हो जाती है और उसका नेचुरल ग्लो कहीं खो जाता है. इन सबकी वजह से लोग फिर बाजार में मिलनेव वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदार साबित होते हैं. अगर आप इस गर्मी अपनी स्किन को ठंडक, पोषण और नेचुरल चमक देना चाहती हैं, तो आम आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आम सिर्फ फलों का राजा नहीं है, बल्कि इसमें कुछ ऐसे पोषण तत्व मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन की खोई हुई चमक वापस लाने में मदद कर सकते हैं. इसलिए गर्मी के दिनों में आप आम से बना फेस पैक ट्राई कर सकते हैं. स्किन के लिए वरदान है आम आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन यह सिर्फ स्वाद के लिए ही मशहूर नहीं है. इसमें विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्किन को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं. आम त्वचा को हाइड्रेट करता है, डेड स्किन हटाने में कारगार है और चेहरे पर एक प्राकृतिक निखार लाता है. गर्मियों में आम आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए इसे ब्यूटी रूटीन में शामिल करना काफी आसान होता है. ड्राई स्किन वाले ऐसे बनाएं मैंगो फेस पैक     अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो पके हुए आम का दो चम्मच गूदा लें.     उसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच दही मिलाकर अच्छी तरह पेस्ट तैयार करें.     इस फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें.     बाद में ठंडे पानी से धो लें. इससे त्वचा को गहराई से नमी मिलेगी और चेहरा मुलायम बनेगा. ऑयली स्किन वाले ऐसे करें इस्तेमाल     जिन लोगों की स्किन ऑयली होती है वो आम का गूदा, एक चम्मच बेसन और थोड़ा गुलाबजल मिलाकर पैक तैयार करें.     यह उनके फेस के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करेगा और स्किन को फ्रेशनेस देगा.     चेहरे पर टैनिंग हो गई है, तो आम के गूदे में थोड़ा नींबू रस और दही मिलाकर लगाएं.     नींबू, आम और दही के मिक्सर से स्किन टोन को बेहतर बनाने में मदद करेगा. फेस पैक के बाद लगाएं ये चीजें फेस पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. पैक हटाने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं. यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट करना न भूलें.

मोबाइल बंद करें, दिमाग को राहत दें: टेंशन कम, मेमोरी बढ़े

 नई दिल्ली आज की भागती-दौड़ती दुनिया में हमारा दिमाग हर समय फोन, टीवी, कंप्यूटर और आसपास के शोर से भरा रहता है. लेकिन वैज्ञानिकों ने अब एक बहुत सरल और मुफ्त तरीका खोज निकाला है जो दिमाग को नया जीवन दे सकता है. बस डिवाइस बंद कर दो और दो घंटे पूरी तरह शांति में बैठ जाओ।  न्यूरोसाइंटिस्ट्स कहते हैं कि पूरी शांति दिमाग की सेल्स को रिजनरेट करती है. यह प्रोसेस दिमाग को इतना मजबूत बनाती है कि याद्दाश्त बेहतर होती है. रोजमर्रा की भावनाएं भी संतुलित रहती हैं. आधुनिक जीवन में हर समय डिजिटल चैटर और शोर रहता है. इससे हमारा नर्वस सिस्टम थक जाता है क्योंकि दिमाग लगातार सेंसरी इनफॉर्मेशन प्रोसेस करता रहता है।  लेकिन जब हम डिवाइस बंद करके पूरी तरह शांति चुनते हैं तो दिमाग को आराम मिलता है. शांति में शरीर की सारी ऊर्जा दिमाग के अंदर हिप्पोकैंपस नाम के हिस्से की तरफ जाती है. हिप्पोकैंपस वह जगह है जहां नई ब्रेन सेल्स बनती हैं. शांति इन नई सेल्स को पोषण देती है ताकि वे जीवित रहें और पुराने नर्व नेटवर्क में जुड़ जाएं।  ड्यूक यूनिवर्सिटी का रिसर्च क्या कहता है? ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने हाल ही में एक बड़ा अध्ययन किया. उन्होंने पाया कि रोजाना सिर्फ दो घंटे की पूरी शांति दिमाग में गहरे बदलाव लाती है. इस दौरान दिमाग अपनी सारी ऊर्जा हिप्पोकैंपस में लगाता है. वहां तेजी से नई ब्रेन सेल्स बनने लगते हैं. शोर की वजह से ये नई सेल्स मर जाती हैं लेकिन शांति में वे सुरक्षित रहती हैं।  दिमाग का हिस्सा बन जाती हैं. यह प्रोसेस न्यूरोजेनेसिस कहलाता है. न्यूरोजेनेसिस लंबी याद्दाश्त को मजबूत करता है और रोज की भावनाओं को नियंत्रित रखता है।  जब हम बैकग्राउंड म्यूजिक या नॉइज सुनते रहते हैं तो दिमाग को सिर्फ टेम्पररी उत्तेजना मिलती है लेकिन असली फायदा नहीं होता. शांति इन नई ब्रेन सेल्स को बचाती है. उन्हें स्थाई रूप से जोड़ती है. इससे दिमाग में सेलुलर डैमेज की मरम्मत होती है. शांति एक नेचुरल रीसेट बटन की तरह काम करती है. इससे कॉग्निटिव हेल्थ यानी सोचने-समझने की क्षमता सुधरती है. मानसिक ताकत बढ़ती है।  कैसे अपनाएं पूरी शांति का तरीका? यह तरीका बहुत आसान है. रोजाना दो घंटे फोन, टीवी और कंप्यूटर बंद रखो. कमरे में अकेले बैठो जहां कोई आवाज न हो. शुरू में थोड़ा मुश्किल लग सकता है लेकिन धीरे-धीरे दिमाग खुद शांति का आदी हो जाएगा. इससे दिमाग की सेल्स रिजनरेट होंगी, मेमोरी बढे़गी और रोजमर्रा का तनाव कम होगा।  वैज्ञानिक कहते हैं कि यह छोटा बदलाव लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ और मजबूत रख सकता है. आजकल हर कोई व्यस्त है लेकिन शांति का यह साधारण तरीका बिना किसी खर्च के दिमाग को नया जीवन दे सकता है।  न्यूरोसाइंटिस्ट्स का मानना है कि शांति सिर्फ आराम नहीं बल्कि दिमाग की बायोलॉजिकल मरम्मत है. अगर हम इसे अपनी आदत बना लें तो हमारा दिमाग ज्यादा स्वस्थ, ज्यादा याद रखने वाला और ज्यादा खुश रहेगा। 

iPhone 18 Pro में होगा शानदार कैमरा अपग्रेड, नए फीचर्स से आएगा बड़ा बदलाव

मुंबई  Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी।   कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी।  स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है।  ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा।  वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा?  कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है।  यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है।  क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा  iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं।  ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी।   

डेंगू और मलेरिया में क्या फर्क है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

 गर्मी और बारिश का मौसम आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. अक्सर लोगों को तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर यह समझ नहीं आता कि यह आम बुखार है या फिर डेंगू या मलेरिया. शुरुआत में डेंगू और मलेरिया के लक्षण काफी हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन असल में इनके कारण, फैलने का तरीका और इलाज अलग होता है. समय पर सही पहचान न हो तो दोनों ही बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए इनके बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है. डेंगू और मलेरिया में क्या है अंतर डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है. मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium parasite) के कारण होता है, जबकि डेंगू एक वायरस से फैलता है. मच्छरों की बात करें तो मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर रात में एक्टिव होता है. वहीं डेंगू एडीस (Aedes aegypti) मच्छर से फैलता है, जो दिन के समय काटता है. यही वजह है कि दोनों बीमारियों से बचाव के तरीके भी अलग-अलग समय पर ध्यान देने की मांग करते हैं. लक्षण और इलाज में क्या फर्क डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में कुछ समानता जरूर होती है, लेकिन इनके पैटर्न अलग होते हैं. मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना और पसीना आना आम लक्षण हैं. यह बुखार एक निश्चित अंतराल पर बार-बार आ सकता है. वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द और स्किन पर रैश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इलाज की बात करें तो मलेरिया के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में मौजूद परजीवी को खत्म करती हैं. दूसरी तरफ डेंगू का कोई खास एंटीवायरल इलाज नहीं होता, इसमें मरीज को आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है, ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ सके. डेंगू और मलेरिया दोनों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह होता है. दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है. अगर बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके. डेंगू और मलेरिया दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इनसे बचा जा सकता है. याद रखें, हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज ही इन बीमारियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है.

गर्मी से राहत,घर पर बनाएं ठंडा और हेल्दी जलजीरा ड्रिंक

 गर्मी के मौसम में जब धूप सिर चढ़कर बोलती है और लू के थपेड़े लगते हैं तो पूरे शरीर की एनर्जी डाउन हो जाती है. तेज धूप और लू की वजह से शरीर में थकान महसूस होने लगती है और उस समय बस कुछ ठंडा-ठंडा पीने का दिल करता है और ऐसे में बाजार की कोल्ड ड्रिंक्स लोग पीते हैं जो उनकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है क्योंकि उसमें अधिक मात्रा में शुगर होती है. अगर आप भी गर्मियों के दिनों में कुछ हेल्दी और टेस्टी पीना चाहते हैं तो आप घर पर जलजीरा बना सकते हैं. तेज धूप के बाद एक गिलास ठंडा-ठंडा जलजीरा राहत देने का काम करता है. बाजार में मिलने वाला जलजीरा भले ही अच्छा लगे, लेकिन घर पर बना ताजा जलजीरा ज्यादा हेल्दी, टेस्टी और हाइजीनिक होता है. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. जलजीरा पीने के फायदे जलजीरा सिर्फ एक टेस्टी ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला सदियों-पुरानी ड्रिंक है.  इसमें इस्तेमाल होने वाला जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाता है, वहीं पुदीना और धनिया शरीर को ताजगी देते हैं. काला नमक और अमचूर इसका टेस्ट बढ़ाने के साथ-साथ पेट को भी आराम पहुंचाते हैं और इस वजह से जलजीरा पीने से पेट की सभी दिक्कतों से आराम मिलता है. शेफ संजीव कपूर के स्टाइल में बनाएं जलजीरा शेफ संजीव कपूर ने घर पर जलजीरा बनाने की रेसिपी शेयर की थी, जो बेहद आसान है और उसे आप भी ट्राई कर सकते हैं. स्टेप बॉय स्टेप ऐसे बनाएं जलजीरा     जब जीरे से खुशबू आने लगे, तो उसे ठंडा करके मिक्सर में पीस लें.     अब इसमें काला नमक, थोड़ा सा अमचूर पाउडर, एक मुट्ठी पुदीना की पत्तियां डालें.     जार में ही थोड़ा धनिया, दो से तीन हरी मिर्च, और दो बड़े चम्मच नींबू का रस भी मिलाएं.     अब इन सभी चीजों में थोड़ा पानी मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     एक बड़े जग या ग्लास में बर्फ के टुकड़े और तैयार पेस्ट डालें और ऊपर से ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें.     अगर चाहें तो इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, चाट मसाला या बूंदी भी डाल सकते हैं. इससे इसका जलजीरा का टेस्ट और भी बढ़ जाएगा. घर पर बना जलजीरा न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. बाहर से महंगे ड्रिंक्स खरीदने के बजाय अगर आप यह देसी ड्रिंक घर पर बनाएंगे, तो पूरा परिवार इसे पसंद करेगा. वो आप से इसे बार-बार बनाने की जिद्द भी करेंगे.

iPhone 18 Pro में बड़ा कैमरा अपग्रेड,मिलेगा वेरिएबल अपर्चर फीचर

Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी.    कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है. ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा. वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा? कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है. यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है. क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं. ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी.

इंस्टाग्राम लेकर आया नया फीचर ऐप, स्नैपचैट जैसा है ‘Instants’

इंस्टाग्राम ने एक नया ऐप अनवील किया है, जिसका नाम इंस्टैंट्स है. यह  इमेज शेयरिंग फीचर के साथ आता है. ये स्नैपचैट से इंस्पायर्ड है. इंस्टैंट्स से बाद भेजे गए इमेज एक बार देखने के बाद खुद ब खुद डिलीट हो जाते हैं या 24 घंटे के बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएंगे. इंस्टाग्राम की पुराना इतिहास रहा है कि वह अपने राइव्ल्स ऐप के पॉपुलर फीचर को कॉपी करता है. इसमें एक सबसे बड़ा उदाहरण रील्स है, जो टिकटॉक से इंस्पायर्ड है. इसी तरह से स्नैपचैट ने साल 2013 में स्टोरीज फॉर्मेट को पेश किया था. बाद में इंस्टाग्राम ने साल 2016 में अपने प्लेटफॉर्म में इस फीचर को पेश शामिल कर दिया है. अब इसी तरह से इंस्टाग्राम ने फिर से ये काम किया है. प्राइवेसी के लिए भी खास है न्यू ऐप इंस्टाग्राम ने अब इमेज शेयरिंग फीचर वाले इंस्टैंट्स को पेश किया है. प्राइवेसी के मद्देनजर यह एक अच्छा ऐप साबित होगा. यूजर्स सीक्रेट फोटो पर इसको यूज कर सकते हैं. इंस्टाग्राम ने Instants को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की है. इंस्टाग्राम ने इसमें 24 घंटे की टाइम लाइन को शामिल किया है. फोटो को रियल और अनफिल्टर्ड रखने के लिए ये फीचर यूजर्स को सिर्फ कैप्चर के लिए सिंगल टैप का ऑप्शन देगा और इसमें कोई एडिटिंग ऑप्शन नहीं मिलेगा. इंस्टाग्राम ने इंस्टैंट को क्यों पेश किया? रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम ऐप से अलग इंस्टैंट्स का फोकस रियल टाइम शेयरिंग, रॉ इमेज इमेज पर है. इसमें फोटो शेयर करने के बाद जब कोई यूजर्स उसे एक बार देख लेता है तो वह उसके बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएगी. यह फोटो सिर्फ 24 घंटे तक ही रहती है. इंस्टाग्राम न्यू ऐप की मदद से इंफ्लुएंसर्स की तरफ फोकस को बढ़ाना चाहती है. इसमें वह विज्ञापनों की संख्या को भी शामिल करेगा. आने वाले दिनों में इसको लेकर और भी अपडेट आएंगे.

हेल्दी और प्रोटीन रिच झालमुड़ी रेसिपी, घर पर बनाएं झटपट स्नैक

प्रधानमंत्री मोदी जो करते हैं, जो पहनते हैं, वो सारी चीजें ट्रेंड बन जाती हैं। इस बार उन्होंने जब बंगाल में रैली के दौरान झालमुड़ी खाई तो देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गई और हर कोई झालमुड़ी के बारे में खोजने लगा। इस आर्टिकल में आपको घर पर झालमुड़ी (झालमुरी) बनाने की 3 रेसिपी बताई जा रही हैं और डाइटिशियन गिन्नी कालरा ने इन रेसिपी में ध्यान रखने वाली सावधानी भी बताई है। झालमुड़ी एक स्वादिष्ट नाश्ता है, जो झटपट बन जाता है और काफी हद तक सेहतमंद भी होता है। इसकी प्रमुख सामग्री मुरमुरे होते हैं, जिन्हें चावल (परबॉयल्ड चावल) को नमक या रेत पर गर्म करके फुलाया जाता है। इसके साथ ताजी सामग्री और पाचन के लिए बेहतरीन भाजा मसाला मिलाया जाता है। जो जीभ को चटपटा स्वाद देते हुए शरीर को स्वास्थ्यवर्धक गुणों की सौगात देता है। 1. कोलकाता वाली झालमुड़ी रेसिपी सामग्री     1 कप मुरमुरा     2 छोटा चम्मच (5mg) सेव     2 छोटा चम्मच चना जोर गरम     1 छोटा चम्मच काले चने     2 छोटा चम्मच कटी हुई प्याज     2 छोटा चम्मच कटा हुआ टमाटर     1 छोटा चम्मच कटा हुआ सूखा नारियल     आधा कटा उबला आलू     2 छोटा चम्मच अचार का सरसों तेल     बारी कटी हुई हरी मिर्च     1 छोटा चम्मच नींबू का रस     1 छोटा चम्मच भाजा मसाला (जीरा, धनिया बीज, हरी इलायची, सौंफ, नमक पीसकर) कोलकाता वाली झालमुड़ी कैसे बनाएं? झालमुड़ी को घर पर बनाना बेहद आसान है। एक बड़े कटोरे में मुरमुरा डालें और फिर एक-एक करके सारी ठोस सामग्री डालें। इसके बाद भाजा मसाला और नींबू रस डालकर अच्छी तरह मिलाएं। फिर ऊपर से अचार वाला सरसों का तेल डालकर एक बार फिर से मिला लें। आपकी कोलकाता के स्वाद वाली झालमुड़ी बनकर तैयार है। 2. हेल्दी झालमुड़ी रेसिपी सामग्री     1 कप मुरमुरा     2 छोटा चम्मच सेव     2 छोटा चम्मच चना जोर गरम     1 छोटा चम्मच स्प्राउट्स     1 छोटा चम्मच उबली मटर     2 छोटा चम्मच कटी हुई प्याज     2 छोटा चम्मच कटा हुआ टमाटर     आधा कटा उबला आलू     2 छोटा चम्मच अचार का सरसों तेल     बारी कटी हुई हरी मिर्च     1 छोटा चम्मच इमली का पानी     1 छोटा चम्मच भाजा मसाला (जीरा, धनिया बीज, हरी इलायची, सौंफ, नमक पीसकर) हेल्दी झालमुड़ी कैसे बनाएं? एक कटोरी में सारी ठोस चीजों को मिलाकर मसाला और इमली का पानी बढ़िया मिक्स करें। इसके बाद अचार का तेल मिलाएं और सर्व करें। 3. प्रोटीन वाली झालमुड़ी रेसिपी झालमुरी बनाने का तरीका सामग्री     1 कप मुरमुरा     2 छोटा चम्मच सेव     2 छोटा चम्मच चना जोर गरम     1 छोटा चम्मच रोस्टेड मूंगफली     1 छोटा चम्मच कटा उबला अंडा     2 छोटा चम्मच कटी हुई प्याज     2 छोटा चम्मच कटा हुआ टमाटर     आधा कटा उबला आलू     2 छोटा चम्मच अचार का सरसों तेल     बारी कटी हुई हरी मिर्च     1 छोटा चम्मच नींबू का रस     1 छोटा चम्मच भाजा मसाला (जीरा, धनिया बीज, हरी इलायची, सौंफ, नमक पीसकर) प्रोटीन रिच झालमुड़ी कैसे बनाएं? एक बर्तन में मुरमुरा, मूंगफली, उबला अंडा समेत सारी ठोस सामग्री डालें। इसके बाद मसाला और नींबू का रस मिलाएं। अंत में अचार का तेल मिलाकर खाएं। डाइटिशियन की सलाह आकाश हेल्थकेयर की हेड डाइटेटिक्स डॉ. गिन्नी कालरा के मुताबिक, झालमुड़ी की ये रेसिपी हेल्दी हैं। हालांकि, आपको ध्यान रखना है कि सरसों का तेल अच्छा है, लेकिन उसकी मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सरसों का तेल छोटी चम्मच यानी 5ml की मात्रा में इस्तेमाल करना सुरक्षित रहेगा।

मेडिटेरियन डाइट क्या है और क्यों मानी जाती है सबसे हेल्दी लाइफस्टाइल

पिछले कुछ वर्षों में मेडिटेरियन डाइट (भूमध्यसागरीय आहार) काफी पॉपुलर हो गई है और इसे खाने के सबसे हेल्दी तरीकों में गिना जाता है। यह डाइट मेडिटेरियन सी (भूमध्य सागर) को घेरे हुए देशों के लोगों के खाने की पारंपारिक आदतों से प्रेरित होकर बनी है। यह देश यूरोप, एशिया और अफ्रीका के महाद्वीप के अंदर आते हैं। बतौर डाइटिशियन मैं इस बात पर जोर देती हूं कि यह डाइट केवल खाने से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह न्यूट्रिशन, फिजिकल एक्टिविटी और माइंडफुल ईटिंग के बीच संतुलन से बनी संपूर्ण जीवनशैली है। स्वास्थ्य को हर तरह से फायदा पहुंचाने की वजह से हेल्थ एक्सपर्ट इसे फॉलो करने की काफी सलाह देते हैं। जैसा कि आप देख रहे हैं कि मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां बढ़ती जा रही हैं तो ऐसे माहौल में इस डाइटरी पैटर्न को फॉलो करने पर लंबे समय तक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है। मेडिटेरियन डाइट क्यों है इतनी खास?     मेडिटेरियन डाइट की सबसे बड़ी खासियत दिल को फायदा पहुंचाना है। यह हेल्दी फैट्स देने वाले ऑलिव ऑयल, नट्स और सीड्स से भरी होती है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) लेवल को घटाते हैं। लगातार हो रही रिसर्च बताती हैं कि इस डाइट को फॉलो करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।     यह डाइट वेट मैनेज करने में काफी मदद करती है। यह कैलोरी कम करने की जगह पोषण से भरे साबुत फूड्स का सेवन बढ़ाने पर जोर देती है, जो लंबे समय तक आपकी भूख को शांत रखते हैं। यह प्राकृतिक रूप से ओवरईटिंग से बचाते हैं और वेट लॉस में मदद करते हैं।     मेडिटेरियन डाइट मेटाबॉलिक हेल्थ सुधारने में मदद करती है। यह ब्लड शुगर को रेगुलेट रखने में मदद करती है, जिस कारण टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए बढ़िया विकल्प है। फल, सब्जियां और साबुत अनाज के हाई फाइबर से डायजेशन और गट हेल्थ बेहतर बनता है।     इस डाइट में एंटी-इंफ्लामेटरी इफेक्ट होते हैं। इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटाने में मदद करते हैं। बता दें कि कैंसर और अल्जाइमर डिजीज जैसी क्रोनिक बीमारियों के पीछे इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को जिम्मेदार देखा जाता है। एक्सपर्ट क्या कहते हैं? एक सीनियर डाइटिशियन ने मेडिटेरियन डाइट को लंबे समय तक स्वस्थ रहने और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित डाइटरी पैटर्न में से एक बताया है। यह साबुत फूड्स, हेल्दी फैट्स और लीन प्रोटीन पर जोर देती है, जो हार्ट हेल्थ, मेटाबॉलिक बैलेंस और रिप्रोडक्टिव वेलनेस को सपोर्ट करती है। यह पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और महिलाओं में हॉर्मोनल बैलेंस को भी सपोर्ट करती है। मेडिटेरियन डाइट में क्या खाते हैं? इस डाइट की सबसे बड़ी खासियत इसकी फ्लैक्सिबिलिटी है। यह किसी भी फूड ग्रुप को वर्जित नहीं करती, बल्कि हेल्दी ऑप्शन अपनाने पर जोर देती है। 1. फल और सब्जियां ताजे फूड इस डाइट की बुनियाद हैं। टमाटर, पालक, ब्रोकली, संतरा, सेब और बेरीज जैसे फूड्स विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। 2. साबुत अनाज ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ और व्होल व्हीट ब्रेड जैसे साबुत अनाज लंबे समय तक एनर्जी देने का काम करते हैं और ब्लड शुगर लेवल स्टेबल रखते हैं। 3. हेल्दी फैट्स इस डाइट में फैट्स का प्राइमरी सोर्स ऑलिव ऑयल होता है। इस तेल के अंदर दिल के लिए फायदेमंद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं। बादाम और अखरोट जैसे नट्स और सीड्स भी इस डाइट का अभिन्न हिस्सा हैं। 4. लीन प्रोटीन इस डाइट में मछली और सीफूड का नियमित सेवन शामिल होता है। खासतौर से सैल्मन, सार्डिन जैसी फैटी फिश शामिल होती हैं, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरी होती हैं। इसके अलावा, पॉल्ट्री, अंडे और दाल व छोले जैसे प्लांट बेस्ड प्रोटीन फूड भी शामिल होते हैं। 5. मॉडरेशन में डेयरी प्रोडक्ट्स दही, चीज़, योगर्ट जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स मॉडरेशन अमाउंट में खा सकते हैं। यह अपने प्राकृतिक रूप में या कम से कम प्रोसेस्ड होने चाहिए। 6. मसाले और जड़ी-बूटी नमक का अत्यधिक इस्तेमाल करने की जगह लहसुन, तुलसी, ओरेगैनो, रोजमेरी जैसे मसालों और जड़ी-बूटियों को फ्लेवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। 7. कम मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स मेडिटेरियन डाइट में रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन बहुत ध्यान से करना चाहिए। इस आदत से अनहेल्दी फैट्स और एडिटिव्स को कम करने में मदद मिलती है।

20 हजार रुपये में OnePlus Nord CE 6 सीरीज लॉन्च, डुअल चिपसेट और पावरफुल परफॉर्मेंस

OnePlus भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जो उसकी किफायती सीरीज का हिस्सा होगा. अपकमिंग हैंडसेट का नाम OnePlus Nord CE 6 है. कंपनी ने OnePlus Nord CE 6 और OnePlus Nord CE 6 Lite की लॉन्च डेट का भी खुलासा कर दिया है, जो 7 मई को लॉन्च होगा. OnePlus Nord CE 6 के स्पेसिफिकेशन्स   ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले OnePlus Nord CE 6 के फीचर्स का खुलासा हो चुका है. लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, OnePlus Nord CE 6 में 144 Hz का रिफ्रेश डिस्प्ले मिलेगा, जो 1.5K (1.5 रेजोल्युशन) सपोर्ट के साथ लॉन्च होगा. इसमें आई केयर प्रोटेक्शन फीचर भी शामिल है. मिलेगी 8000mAh की बैटरी OnePlus Nord CE 6 में 8000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको लेकर दावा किया है कि यह बैटरी करीब ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देगी. हालांकि अभी तक चार्जर स्पीड की जानकारी का खुलासा नहीं किया है. मिलेगी पावरफुल परफॉर्मेंस OnePlus Nord CE 6 में डुअल चिपसेट का फायदा मिलेगा. इसमें Snapdgragon 7 सीरीज का चिपसेट यूज किया है, जिसकी मदद से यूजर्स को बेहतर परफोर्मेंस मिलेगी. OnePlus Nord CE 6 Lite भी होगा लॉन्च भारत में 7 मई को OnePlus Nord CE 6  Lite को भी लॉन्च किया जाएगा. इसमें बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा. इसमें भी 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जो बेहतरीन परफोर्मेंस देता है. OnePlus Nord CE 6 Lite में 7000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको लेकर दावा किया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद करीब 2 दिन की बैटरी बैकअप मिलेगा. 6 साल तक बैटरी हेल्थ की जानकारी दी गई है. OnePlus Nord CE 6  और OnePlus Nord CE 6 Lite की कीमत का खुलासा अभी नहीं किया है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कीमत को लेकर लीक्स डिटेल्स शेयर की है. ये हैंडसेट 20 हजार रुपये की कीमत में खरीदे जा सकेंगे.