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कोविड के असर से हड्डियों में कमजोरी, डॉक्टरों ने दी गंभीर चेतावनी

इंदौर  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल हिप कोर्स और इंडोकॉन 2026 के दूसरे दिन वैज्ञानिक सत्रों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र हिप प्रिजर्वेशन और कूल्हे से जुड़े जटिल मामलों के आधुनिक उपचार रहे। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. हेमंत मंडोवरा और उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने हिप फ्रैक्चर और ट्रोकेन्टर एरिया की समस्याओं पर अपने महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किए। इसमें बताया गया कि कोविड के बाद हिप आर्थराइटिस के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बच्चों और युवाओं की हड्डियां भी गलत जीवनशैली और तकनीक पर अधिक निर्भरता की वजह से कमजोर होती जा रही हैं।  संक्रमण और तकनीकी सत्रों का आयोजन दिन की शुरुआत हड्डी के संक्रमण से जुड़े मॉड्यूल के साथ हुई जिसमें विशेषज्ञों ने माइक्रोब्स की दुनिया और सर्जरी के बाद होने वाले संक्रमणों पर विस्तार से बात की। सत्र के दौरान कृत्रिम जोड़ संक्रमण और फ्रैक्चर से जुड़े संक्रमण के बीच का अंतर समझाते हुए उनके प्रबंधन के सटीक तरीके बताए गए। इसके साथ ही फीमरल नेक और ओस्टियोनेक्रोसिस जैसे विषयों पर लाइव वीडियो और केस स्टडी के माध्यम से नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। युवा मरीजों में बढ़ती कूल्हे की समस्या इंग्लैंड से आए विशेषज्ञ डॉ. अजय मालवीया ने बताया कि कई युवा मरीज हिप जॉइंट में संरचनात्मक असमानता की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कूल्हे के जोड़ में बॉल और सॉकेट का तालमेल ठीक नहीं होता है, तो टकराने के कारण आर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में हिप प्रिजर्वेशन तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है क्योंकि यह रिप्लेसमेंट की जरूरत को भविष्य के लिए टाल देती है, जिससे सक्रिय जीवनशैली वाले युवाओं को काफी लाभ मिलता है। पोस्ट-कोविड प्रभावों और जीवनशैली पर चिंता नागपुर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुश्रुत बाभुलकर ने साझा किया कि कोविड के बाद हिप आर्थराइटिस के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं गुजरात के डॉ. कश्यप ने दवाइयों के अनियंत्रित उपयोग और अल्कोहल के सेवन से कूल्हे के जोड़ की रक्त-आपूर्ति पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। दिन के अंत में स्किल लैब में चिकित्सकों को 3-डी आधारित हिप तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। 

बड़ा डेटा ब्रीच: Facebook, Instagram, Gmail यूजर्स सावधान, 14 करोड़ लॉग-इन डिटेल्स लीक

अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। एक बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक मामले में 14 करोड़ से ज्‍यादा यूजरनेम और पासवर्ड लीक हो गए हैं। इसमें जीमेल से लेकर फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से लेकर नेटफ्लिक्‍स चलाने वालों की जानकारी शामिल है। यह काम किसी हैकर ने नहीं किया, बल्कि एक साइबर सिक्‍योरिटी रिसर्चर ने इन यूजरनेम और पासवर्ड को इंटरनेट पर बिना सिक्‍योरिटी या एन्‍क्र‍िप्‍शन के ढूंढा है। बताया जाता है कि कुल 96 जीबी डेटा को कोई भी आसानी से देख सकता था। रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने इसका पता लगाया है। अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। क‍िन प्‍लेटफॉर्म्‍स का डेटा लीक हुआ है? एक रिपोर्ट के अनुसार, लेटेस्‍ट डेटा ब्रीच में हर बड़ी ऑनलाइन सर्विस के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। इनमें Facebook, Instagram, TikTok, X, Onlyfans, Netflix, HBO Max, Disney Plus, Roblox, Gmail, Yahoo, Outlook के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। जो नहीं जानते उनके लिए बता दें कि Onlyfans एक डेटिंग साइट है, जबकि Roblox भी नेटफ्लिक्‍स की तरह कंटेंट स्‍ट्रीमिंग प्‍लेटफॉर्म है। Gmail, Facebook, Instagram का क‍ितना डेटा लीक? रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 4.8 करोड़ जीमेल अकाउंट, 40 लाख याहू, 15 लाख आउटलुक की लॉगइन डिटेल लीक हुई है। फेसबुक की 1.7 करोड़, Instagram के 65 लाख, TikTok के करीब 8 लाख अकाउंट का डेटा लीक हुआ है। नेटफ्लिक्‍स के 42 लाख अकाउंट की जानकारी लीक हुई है। कई देशों के सरकारी लॉगइन डेटा की जानकारी भी लीक की गई है। हैकर नहीं मैलवेयर से लीक हुआ डेटा रिपोर्ट में बताया गया है कि डेटा को किसी हैकर ने लीक नहीं किया है। इसे ‘इन्फोस्टीलर’ (infostealer) नाम के मैलवेयर से लीक किया गया। इन्‍फोस्‍टीलर बेहद खतरनाक है और किसी भी डिवाइस में चुपके से घुसकर यूजरनेम और पासवर्ड आदि को चुरा लेता है। जानकारी के अनुसार, जेरेमिया फाउलर ने इस डेटाबेस की जानकारी होस्टिंग प्रोवाइडर को दे दी थी, लेकिन इसे बंद होने में एक महीना लग गया। यह पता नहीं चल पाया है कि डेटा कितने लोगों के हाथ लगा हो सकता है। खास बात है कि जब तक डेटा खुला पड़ा था, उसमें चोरी किए गए यूजरनेम-पासवर्ड की संख्‍या बढ़ रही थी क्‍योंकि मैलवेयर लगातार अपने काम में जुटा था और लोगों को जानकारी को अपडेट करता जा रहा था। यूजरनेम-पासवर्ड को कैसे करें सेफ     अपने फोन या अन्‍य डिवाइस जहां ईमेल वगैरह हैं, उसे स्‍कैन करें। मैलवेयर से स्‍कैन करके आप अपनी ड‍िवाइस को सुरक्ष‍ित बनाएं।     अपने फोन में टू फैक्‍टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को चालू करें। आप पासवर्ड या बायोमेट्र‍िक्‍स जोड़कर इसे चालू कर सकते हैं।     जीमेल, इंस्‍टाग्राम, नेटफ्लिक्‍स जैसे ऐप्‍स के लिए अलग-अलग पासवर्ड इस्‍तेमाल करें और उन्‍हें बदलते रहें।

इवेंट्स की पूरी जानकारी चाहिए? अब यहीं मिल जाएगी हर अपडेट

कुछ साल पहले तक अपने ही शहर में होने वाले नाटक, संगीत कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठी, प्रदर्शनी या सेमिनार की जानकारी समय पर मिल पाना मुश्किल होता था। अख़बारों में सीमित कवरेज और पोस्टरों पर निर्भरता के कारण लोग चाहकर भी कई अच्छे कार्यक्रमों से वंचित रह जाते थे। लेकिन डिजिटल दौर ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज इवेंट्स से जुड़ी जानकारी, टिकट बुकिंग, रिमाइंडर और यहां तक कि ऑनलाइन इवेंट्स तक-सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है। आज देशभर में कई ऐसी वेबसाइटें और ऐप्स मौजूद हैं, जो न सिर्फ इवेंट्स की विस्तृत जानकारी देती हैं बल्कि टिकट खरीदने, ऑफर पाने और पसंद के अनुसार इवेंट चुनने की सुविधा भी देती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ प्रमुख और अपडेटेड इवेंट वेबसाइट्स के बारे में- बुकमायशो बुकमायशो आज भारत की सबसे लोकप्रिय इवेंट और टिकटिंग वेबसाइट बन चुकी है। यह प्लेटफॉर्म फिल्मों के साथ-साथ लाइव कॉन्सर्ट, थिएटर, स्टैंड-अप कॉमेडी, स्पोर्ट्स, फेस्टिवल और वर्कशॉप्स को कवर करता है। -300+ शहरों में इवेंट्स -आसान टिकट बुकिंग और डिजिटल टिकट -कई कार्यक्रमों पर छूट और कैशबैक -तारीख, शहर और कैटेगरी के हिसाब से सर्च की सुविधा पे-टाइम इनसाइडर पे-टाइम इनसाइडर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह म्यूजिक फेस्टिवल, पार्टी, स्टार्टअप मीटअप, फिटनेस इवेंट्स और एक्सपीरियंस-बेस्ड इवेंट्स पर खास फोकस करता है। -क्यूरेटेड और ट्रेंडी इवेंट्स -ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प -टिकट के साथ एक्सपीरियंस बुकिंग -आसान मोबाइल ऐप टाउनस्क्रिप्ट टाउनस्क्रिप्ट खासतौर पर सेमिनार, वर्कशॉप, टेक इवेंट्स और एजुकेशनल प्रोग्राम्स के लिए जाना जाता है। -स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी -फ्री और पेड इवेंट्स की अलग पहचान -आयोजकों और दर्शकों दोनों के लिए सुविधाजनक इवेंट्सहाई इवेंट्सहाई देश के कई बड़े शहरों में होने वाले सांस्कृतिक, पारिवारिक और प्रोफेशनल इवेंट्स की जानकारी देता है। -शहरवार इवेंट लिस्टिंग -बच्चों और परिवार के लिए खास कैटेगरी -कई इवेंट्स पर टिकट बुकिंग सुविधा दिल्ली इवेंट्स दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए यह वेबसाइट बेहद उपयोगी है। -दिन, महीने और वेन्यू के अनुसार इवेंट्स -उम्र और रुचि के हिसाब से वर्गीकरण -ईमेल अलर्ट और नियमित अपडेट मीटअप अगर आप नेटवर्किंग, स्टार्टअप, टेक, फिटनेस या हॉबी ग्रुप्स में रुचि रखते हैं, तो मीटअप आपके लिए सही प्लेटफॉर्म है। -लोकल कम्युनिटी इवेंट्स -ज़्यादातर फ्री या कम शुल्क वाले कार्यक्रम -नए लोगों से मिलने और सीखने का अवसर निष्कर्ष आज इवेंट्स की जानकारी के लिए सिर्फ अख़बारों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने शहरों की सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रोफेशनल गतिविधियों को हर व्यक्ति तक पहुंचा दिया है। चाहे आप संगीत प्रेमी हों, थिएटर के शौकीन, स्टूडेंट, प्रोफेशनल या परिवार के साथ वीकेंड प्लान करने वाले-इन वेबसाइट्स पर आपको हर पसंद का इवेंट मिल जाएगा।  

दोमुंहे बालों से हैं परेशान, लेकिन कट नहीं करवाना? इन 5 बातों का रखें खास ध्यान

क्या आपके भी बाल के सिरे दो अलग-अलग हिस्सों में बटने लगे हैं? अगर हां, तो यह दोमुंहे बालों की समस्या है। दोमुंहे बालों की वजह से न सिर्फ आपके बालों की खूबसूरती पर नेगेटिव असर पड़ता है, बल्कि आपकी हेयर ग्रोथ भी रुक जाती है। ऐसे में सही देखभाल और कुछ आसान तरीकों को अपनाकर इससे छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में। तौलिए की मदद से हल्के हाथों से सूखाएं कई बार लोग हेयर वॉश के बाद बालों को तेजी से झटकते हैं, जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में शैम्पू और कंडीशनर लगाने के बाद बालों की सही देखभाल करें। अगर आप बालों को तौलिए से रगड़कर सुखाने की आदत रखते हैं, तो इससे बाल टूट सकते हैं और इनके क्यूटिकल्स भी खराब हो सकते हैं, जिससे दोमुंहे बाल की समस्या बढ़ सकती है। आपने हमेशा ध्यान दिया होगा कि गीले या सूखे उलझे बालों को कंघी करना काफी मुश्किल हो जाता है और कई बार दर्द भी होने लगता है। इसलिए हमेशा पहले बालों को सुलझाएं और उसके बाद ही कंघी करें या स्टाइल बनाएं। अगर आप बिना डैमेज के बालों को सुलझाना चाहते हैं, तो चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें। यह बालों को टूटने से बचाता है। बालों को रखें हाइड्रेटेड अगर आप स्प्लिट एंड्स से बचना चाहते हैं, तो बालों में नमी बनाए रखें। अगर बाल के सिरे ड्राई होते हैं, तो इससे बाल कमजोर हो सकते हैं और दोमुंहे बालों की समस्या बढ़ सकती है। इसके लिए आप हफ्ते में एक बार हेयर मास्क का इस्तेमाल करें। यह बालों को नमी देकर उन्हें सॉफ्ट और शाइनी बनाते हैं। बालों को हीट से बचाएं अगर आप लगातार बालों में स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे बाल ड्राई हो सकते हैं। आप हमेशा बाल धोने के बाद उन्हें हवा में सूखने दें और फिर बिना ब्लो ड्रायर के बाल बनाएं। साथ ही, अगर आपको स्टाइलिंग टूल्स की जरूरत है, तो उसका इस्तेमाल कम हीट पर करें। ज्यादा ब्रश करने से बचें दोमुंहे बालों का एक बड़ा कारण है बालों को बार-बार ब्रश करना। अगर आप दिन में कई बार बालों में कंघी करते हैं, तो इससे बालों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा करने से बाल टूटने व झड़ने भी लगते हैं। साथ ही, कंघी करते समय बालों को खींचने या झटकने से बचाएं।  

इम्युनिटी से लेकर पाचन तक: आंवला जूस के 5 फायदे जो आपको जानने चाहिए

आज के समय में खुद का ख्याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। गलत खानपान, प्रदूषण और स्ट्रेस के बीच इम्यून सिस्टम कमजोर होना आम बात हो गई है। ऐसे में आंवला के जूस को डाइट में शामिल करना काफी फायदेमंद माना गया है। यह विटामिन C का एक बेहतरीन स्त्रोत है। यह सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाने में ही नहीं, बल्कि  सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। आइए जानते हैं आंवला का जूस पीने के कुछ शानदार फायदों के बारे में। पाचन के लिए अच्छा अनहेल्दी फूड्स की वजह से आजकल ज्यादातर लोगों में पेट से जुड़ी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। आंवला जूस नियमित रूप से पीने से पाचन तंत्र हेल्दी रहता है। जानवरों के एक अध्ययन पर पाया गया है कि आंवला दस्त, मांसपेशियों की ऐंठन, पेट में ऐंठन और बेचैनी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इंसानों के पाचन पर आंवले का रस कैसे प्रभाव डाल सकता है इसके लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है। दिल के लिए फायदेमंद आंवला का जूस दिल के मरीजों के लिए एक नेचुरल उपाय के तौर पर बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं। साथ ही, इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए आंवला का जूस बेस्ट ऑप्शन है। इसमें विटामिन C की मात्रा काफी होती है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। खासकर बदलते मौसम के दौरान रोजाना आंवला जूस पीना सर्दी-जुकाम, खांसी और इन्फेक्शन जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद करता है। बालों के लिए वरदान आजकल ज्यादातर लोग अपने पतले बालों को लेकर काफी परेशान रहते हैं। ऐसे में आंवला जूस सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह बालों की ग्रोथ बढ़ाता है और बालों को झड़ने से बचाता भी है। आप भी अपनी डाइट में इसे जरूर शामिल करें। किडनी को रखे हेल्दी अगर आपको किडनी से जुड़ी समस्या है, तो आंवला का जूस आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आप इसे अपनी डेली डाइट में शामिल करके किडनी की सेहत को हेल्दी रख सकते हैं। साथ ही, यह किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम करता है।  

Aadhaar और मोबाइल लिंक कराया है? सावधान! नई साइबर फ्रॉड ट्रिक से खाली हो सकता है अकाउंट

नई दिल्ली अगर आपने भी आधार और मोबाइल नंबर को लिंक कराया है, तो आपको भी चौकन्ना हो जाना चाहिए। दरअसल साइबर अपराधियों ने लोगों के बैंक खाते खाली करने का नया तरीका निकाल लिया है। गुजरात के नडियाद में एक होटल मैनेजर के साथ ऐसा कुछ हुआ है, जिसने प्रशासन समेत आम आदमी की नींद भी उड़ा दी है। इस काम को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने उस शख्स के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड तक को कैंसिल कर दिया ताकि उसे कोई बैंक अलर्ट या OTP न मिल सके। क्या है ठगी का नया तरीका? इस मामले में पीड़ित नवलकिशोर सिंह बोहरा ने हाल ही में अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला था। उनके नए नंबर से आधार कनेक्ट होता, उससे पहले ही उनके पुराने सिम के नेटवर्क गायब हो गए। जब वह टेलीकॉम सेंटर गए, तो मालूम पड़ा कि उनका आधार कार्ड कैंसिल हो गया है। इसी वजह से उनका सिम भी डिक्टिवेट हो गया था। पुलिस की मानें, तो साइबर अपराधियों ने अपने जुर्म को सफाई से अंजाम देने के मकसद से ही पीड़ित के आधार कार्ड को बंद किया था, ताकि बैंक खाता खाली होते समय उन्हें कोई मैसेज न मिल पाए। इस दौरान अपराधियों को पीड़ित के HDFC और SBI बैंक खातों में सेंध लगाने का मौका मिल गया। बिना OTP कैसे हो पाई ठगी? इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि ठगों को पीड़ित का बैंक खाता खाली करने के लिए किसी OTP की जरूरत नहीं पड़ी। इससे भी बड़ी बात यह थी कि बिना ओटीपी बैंक से लाखों रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पीड़ित की आधार डिटेल्स और बैंक खातों की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद उनके आधार ऑथेंटिकेशन और सिम कार्ड को ब्लॉक करा दिया गया। सिम के चालू न होने के चलते पीड़ित को बैंक खातों के खाली होने का पता नहीं चल पाया और ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में 3.09 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आप किन बातों का ध्यान रखें? पुलिस के मुताबिक यह साइबर अपराधियों का ठगी का नया तरीका है। नडियाद पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड्स और टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर उन खातों की तलाश शुरू कर दी है जिनमें पैसा भेजा गया है। पुलिस के अनुसार अगर आपके सिम कार्ड के नेटवर्क भी अचानक गायब हो जाएं और आपको कुछ भी संदिग्ध लगे, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

WhatsApp Web वर्ज़न पर वॉइस और वीडियो कॉल फीचर की शुरुआत, डेस्कटॉप ऐप की अब कोई जरूरत नहीं

मुंबई   मेटा की मैसेंजिंग कंपनी व्हाट्सएप अपने वेब यूज़र्स के लिए एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रहा है. एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप वेब पर जल्द ही वॉइस कॉल और वीडियो कॉल की सुविधा दी जा सकती है. इसका मतलब यह होगा कि यूजर्स को कॉल करने के लिए अलग से Windows या Mac के लिए व्हाट्सएप का डेस्कटॉप ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. नए अपडेट के बाद यूज़र्स सीधा व्हाट्सएप वेब के ब्राउज़र से ही कॉल कर पाएंगे, जिससे यूज़र्स के लिए व्हाट्सएप वेब से कॉलिंग करना आसान हो जाएगा. व्हाट्सएप से जुड़े फीचर्स पर नज़र रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने इस डेवलपमेंट की जानकारी दी है. रिपोर्ट के अनुसार, यह फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और फिलहाल बीटा टेस्टिंग के लिए भी उपलब्ध नहीं कराया गया है. ऐसे में इस फीचर को व्हाट्सएप के सभी यूज़र्स तक पहुंचने में टाइम लग सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp Web पर आने वाला यह कॉलिंग फीचर सिर्फ पर्सनल चैट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आप ग्रुप चैट में भी वॉइस और वीडियो कॉल कर सकेंगे. हालांकि, ग्रुप कॉल में कुछ सीमाएं रखी जा सकती हैं, ताकि कॉल की क्वालिटी खराब न हो और किसी तरह की रुकावट न आए. ऐसा माना जा रहा है कि एक ग्रुप कॉल में अधिकतम 32 लोग जुड़ सकेंगे, लेकिन कंपनी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. यह भी संभव है कि शुरुआत में यह लिमिट 8 या 16 लोगों तक रखी जाए. व्हाट्सएप कॉल लिंक फीचर यूज़र्स एक्सपीरियंस को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए व्हाट्सएप कॉल लिंक फीचर भी पेश कर सकता है. इस फीचर के जरिए यूज़र्स एक शेयर करने लायक लिंक क्रिएट कर सकेगा, जिस पर क्लिक करके दूसरे लोग सीधे वॉइस या वीडियो कॉल जॉइन कर पाएंगे. इससे अलग-अलग प्लेटफॉर्म जैसे मोबाइल, डेस्कटॉप और वेब पर कॉल जॉइन करना काफी आसान हो जाएगा. इसके अलावा, WhatsApp शेड्यूल्ड कॉल फीचर पर भी काम कर रहा है. इसमें यूजर पहले से वॉइस या वीडियो कॉल शेड्यूल कर सकेगा. इस शेड्यूल्ड कॉल में नाम और डिस्क्रिप्शन जोड़ने का ऑप्शन होगा, ताकि बाकी लोगों को कॉल का मकसद समझ आ सके. यूजर कॉल का अनुमानित स्टार्ट और एंड टाइम भी सेट कर पाएंगे. WABetaInfo के मुताबिक, शेड्यूल्ड कॉल अपने आप शुरू या खत्म नहीं होगी, बल्कि यह एक तरह का इवेंट होगा, जिसकी जानकारी पहले से सभी पार्टिसिपेंट्स को मिल जाएगी. इसका इंटरफेस Zoom या गूगल मीट जैसे मीटिंग प्लेटफॉर्म से मिलता-जुलता हो सकता है. कुल मिलाकर, WhatsApp Web के लिए यह अपडेट ऑनलाइन मीटिंग और ग्रुप कॉलिंग को और आसान बना सकता है.

WhatsApp ला रहा नया सेफ्टी फीचर, बच्चे चुनिंदा लोगों से ही कर पाएंगे बातचीत

नई दिल्ली यह कुछ और नहीं बल्कि लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में आने वाला नया फीचर है। इस फीचर की मदद से माता-पिता सेकेंडरी अकाउंट के जरिए अपने बच्चों के व्हाट्सऐप अकाउंट की एक्टिविटी पर नजर रख पाएंगे। इसमें मेन अकाउंट से सेकेंडरी अकाउंट के तौर पर बच्चों का अकाउंट लिंक हो जाएगा। इससे माता-पिता बच्चों की प्राइवेसी सेटिंग्स को आसानी से देख और अपने अनुसार मैनेज कर सकेंगे। यह फीचर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। लिंक के जरिए जुड़ेगा अकाउंट व्हाट्सऐप के अपकमिंग फीचर पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लिए कुछ प्रतिबंधों और सीमित क्षमताओं के साथ व्हाट्सऐप में नया फीचर Primary Controls आने वाला है। यह पैरंट्स को बच्चों के अकाउंट पर अधिक कंट्रोल देगा। व्हाट्सऐप पर बच्चों के लिए बनाया गया सेकेंडरी अकाउंट मेन अकाउंट के साथ एक डिजिटल लिंक के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे माता-पिता उन प्राइवेसी सेटिंग्स को रिव्यू कर पाएंगे, जिन्हें बच्चे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इन सेकेंडरी अकाउंट्स में मैसेज और कॉल केवल कॉन्टैक्ट्स तक ही सीमित रहेंगे।फिलहाल, WhatsApp पर ऐसा कोई ऑप्शन नहीं है, जिससे यूजर यह चुन सकें कि उन्हें सिर्फ अपने कॉन्टैक्ट के मैसेज ही चाहिए। यह सुविधा बच्चों के लिए जरूरी है और सेकेंडरी अकाउंट इसी कमी को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे हैं। क्या माता-पिता बच्चों की चैट देख पाएंगे? माता-पिता बच्चों की चैट और कॉल को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। हालांकि, उन्हें अकाउंट के इस्तेमाल और पैटर्न से जुड़ी रिपोर्ट मिलेंगी। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बच्चों की बातचीत को सुरक्षित रखेगा, जिससे निजी मैसेज को कोई और नहीं पढ़ पाएगा। इस तरह, माता-पिता बच्चों पर नजर रख सकेंगे, लेकिन उनकी निजी बातचीत में दखल नहीं दे पाएंगे। अभी चल रही टेस्टिंग यह फीचर अभी डेवलपमेंट में है। व्हाट्सऐप टेस्टिंग कर रहा है कि नए पैरंटल कंट्रोल मौजूदा अकाउंट सेटिंग्स के साथ कैसे काम करेंगे, ताकि यह एक्सपीरियंस आसान और सेफ हो। इंटरफेस को इस तरह से बेहतर बनाया जा रहा है कि माता-पिता आसानी से सेकेंडरी अकाउंट को कॉन्फिगर कर सकें। जब यह फीचर जारी होगा, तो माता-पिता यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि उनके बच्चे के अकाउंट में उम्र के हिसाब से सही सेटिंग्स हों, जिससे उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

अगर अंगूठा चूसना जारी रखा तो ये 5 बड़े नुकसान हो सकते हैं

क्या आप बड़े होने के बाद भी अभी तक चूसते हैं अंगूठा? अगर हां, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए चिंता का विषय है। अंगूठा चूसना छोटे बच्चों में एक आम और स्वाभाविक आदत मानी जाती है, लेकिन एडल्ट्स में भी अंगूठा चूसने की आदत देखने को मिलती है। ऐसा करने से उन्हें चिंता और स्ट्रेस कम होने और मन को शांत करने में मदद मिलती है, लेकिन यह आदत उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अगर आप एक समय के बाद भी अंगूठा चूसते हैं, तो आइए जान लीजिए इसके कुछ भारी नुकसानों के बारे में। दांतों की सेहत पर असर अगर आप लंबे समय तक अंगूठा चूसते हैं, तो इसका सबसे ज्यादा असर दांतों पर पड़ता है। इससे ओवरबाइट जैसी समस्या हो सकती है, जिससे दांत एक से ऊपर एक ओवरलैप कर सकते हैं। साथ ही, आगे के दांत बाहर की ओर निकलने लगते हैं और लगातार इस आदत की वजह से गाल की मांसपेशियां सिकुड़ भी सकती हैं, जिससे चेहरे का शेप भी बिगड़ सकता है। इसलिए अंगूठा चूसने की आदत से बचें। ओरल इन्फेक्शन का खतरा ये जरूरी नहीं कि हमेशा हमारे हाथ साफ हों। अगर आपके हाथ गंदे हैं, तो ऐसे में मुंह में अंगूठा डालने से शरीर में सीधा गंदगी और बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं, जिससे सेहत ही नहीं बल्कि दांत या मसूड़ों में भी इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। अंगूठे को भी होता है नुकसान अगर आप लंबे समय तक अंगूठा चूसते हैं, तो इससे उसकी स्किन ड्राई और हार्ड हो सकती है, जिससे उसमें दरारें पड़ सकती हैं और खून निकल सकता है। साथ ही, इन्फेक्शन होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, कई बार अंगूठे का शेप खराब दिखाई देने लगता है। मुंह की बनावट पर असर क्या आप जानते हैं कि अंगूठा चूसने से जबड़े के शेप पर भी असर पड़ सकता है। इससे मुंह का ऊपरी हिस्सा काफी धंस सकता है। इसके साथ ही ये हिस्सा काफी सेंसिटिव हो सकता है। इतना ही नहीं, इसका असर चेहरे के शेप पर भी दिख सकता है। बोलने में हो सकती है दिक्कत आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अंगूठा चूसने की आदत सिर्फ दांतों को खराब ही नहीं कर सकते हैं, बल्कि ऐसा करने से आपको बोलने में भी परेशानी हो सकती है। कई लोगों को तुतलाने की समस्या भी हो सकती है, जिससे आप असहज भी महसूस कर सकते हैं।

नामुमकिन हुआ मुमकिन: इस कंपनी ने फोन में ही चलाया Android और Windows दोनों

नई दिल्ली अब वो दिन दूर नहीं जब आप पूरा कंप्यूटर अपनी जेब में रख पाएंगे। दरअसल Nex Computer नाम की कंपनी ने NexPhone के जरिए नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। दरअसल इस कंपनी का फोन यानी कि NexPhone दुनिया का पहला ऐसा स्मार्टफोन होगा, जिस पर एंड्रॉयड के साथ-साथ Windows और Linux भी काम करेंगे। इसी के साथ लंबे समय के बाद किसी फोन पर Windows OS भी काम करता दिखेगा। इस तरह से आप एक ही फोन में तीन अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम को इस्तेमाल कर पाएंगे। यह उन यूजर्स के लिए भी फायदेमंद होगा, जो अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग फोन रखते हैं। चलिए इस गजब फोन के बारे में बाकी की बातें जानते हैं। 14 साल के संघर्ष का नतीजा नेक्स कंप्यूटर के सीईओ एमरे कोस्मज के मुताबिक, यह फोन उनके 14 साल के कड़े संघर्ष का नतीजा है। वह एक ऐसा डिवाइस बनाना चाहते थे, जो जरूरत पड़ने पर आपका पर्सनल कंप्यूटर बन जाए। बता दें कि इससे पहले सैमसंग और मोटोरोला जैसी कंपनियों ने 'Dex' और 'Continuum' जैसे फीचर्स के जरिए ऐसी कोशिशें की थीं लेकिन Nex Computer का फोन इनसे कई कदम आगे जाता है। NexPhone ड्यूअल बूट को सपोर्ट करता है, जिसका मतलब है कि इस डिवाइस को यूजर अपनी मर्जी से विडोंज पीसी या एंड्रॉयड फोन की तरह इस्तेमाल कर सकता है। फीचर्स में भी नहीं किसी से पीछे ऐसे फोन अक्सर फीचर्स के साथ समझौता करते दिखते हैं, हालांकि Nex Computer के साथ ऐसा नहीं है। इस फोन में 8-कोर वाला क्वालकॉम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर के साथ 12GB रैम और 256GB की इंटरनल स्टोरेज दी गई है। 6.58 इंच की डिस्प्ले और 5000mAh की बैटरी के साथ यह दिनभर के काम कर सकता है। सबसे खास बात है कि यह फोन P68/69K रेटिंग के साथ आता है। इससे पता चलता है कि यह फोन एक रग्ड फोन है। इस फोन की कीमत 549 डॉलर है। काम कैसे करेगा विंडोज और लिनक्स? NexPhone में विंडोज का इस्तेमाल 'Windows on Arm' टेक्नोलॉजी के जरिए किया गया है। जब आप इसे विंडोज या लिनक्स मोड में चलाएंगे, तो आप कॉल तो नहीं कर पाएंगे, लेकिन बाकी सारे कंप्यूटर वाले काम आसानी से कर सकेंगे। कंपनी इसे एक 'सेकेंडरी' या 'बैकअप' फोन के तौर पर पेश कर रही है, जिसे आप किसी मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस से कनेक्ट करके पूरा डेस्कटॉप वाला एक्सपीरियंस पा सकते हैं। कंपनी का कहना है कि विंडोज के अपडेट्स भी इसमें वैसे ही मिलेंगे जैसे आपके साधारण लैपटॉप या पीसी में मिलते हैं। यह फोन उन प्रोफेशनल्स के लिए बेस्ट है जिन्हें ऑन-द-गो कंप्यूटर पर होने वाले काम जैसे कि कोडिंग या डॉक्यूमेंटेशन करने पड़ते हैं।