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एक कैप्सूल से खत्म होगा फैटी लिवर, हार्ट और लकवे का इलाज, वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

इंदौर  अगर आप फैटी लीवर, हार्ट या लकवे की समस्या से परेशान है तो ये खबर आपके काम की है। एमजीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने तीन दिवसीय जीआइ कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इसमें देशभर के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में हो रहे आधुनिक शोध और इलाज की नई तकनीकों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया, 2040 तक आज की जटिल एंडोस्कोपी जांच एक साधारण पिल (कैप्सूल) से संभव हो जाएगी। यह कैप्सूल न सिर्फ पाचन तंत्र की जांच करेगा, बल्कि फैटी लिवर, हार्ट की बीमारी और लकवे जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान और इलाज में भी मददगार होगा। लोगों को पड़ रही ट्रांसप्लांट की जरूरत शराब के बढ़ते सेवन और उससे जुड़ी लिवर बीमारियों पर विशेष चिंता जताई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है। कॉन्क्लेव में पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित वरिष्ठ लिवर विशेषज्ञ डॉ. शिव सरिन की पुस्तक ओन योर बाडी का विमोचन किया गया। साथ ही पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण प्ला से सम्मानित एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डा. डी नागेश्वर रेड्डी का सम्मान किया गया। इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. डेमो सुनील जैन को लाइफटाइम गया अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया, कार्यशाला में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) पर आधारित 16 जटिल केस किए गए। इनमें गालब्लैडर कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर, पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट मेंप्लास्टिक और मेटैलिक स्टेंट डालना, गैस्ट्रिक वैरिक्स में ग्लू और काइल से इलाज जैसे मामले शामिल रहे। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया गया और बायोप्सी व स्टेंट डालने की प्रक्रिया बताई गई। पेट में पानी भरने की समस्या पर चर्चा इसके अलावा कॉन्फ्रेंस में एल्कोहालिक लिवर डिजीज, मेटाबालिक एल्कोहालिक लिवर डिजीज (मेट-एएलडी), फैटी लिवर और एश्राइटिस यानी पेट में पानी भरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश लिवर रोग शराब, फैटी लिवर और गलत खानपान से होते हैं। इस दौरान नई दिल्ली के डॉ. आदर्श चौधरी, डॉ. अमित महदेव, मुंबई के डॉ. अनिल अरोरा, हैदराबाद के डॉ. प्रमोद गर्ग आदि को सम्मानित किया गया।

सौंदर्य समस्याओं के स्मार्ट साल्यूशन

ड्राई स्किन को साफ्ट और स्मूद बनाने के लिए स्नान करने के बाद मलाई में केसर मिक्स करके उसे पूरे शरीर पर लगाकर अच्छे से मसाज करें। इसके स्थान पर आप माइश्चराइजर का प्रयोग भी कर सकती हैं। इसका प्रयोग आपकी स्किन की नमी को स्थापित रखने में अत्यंत उपयोगी है। वैक्सिंग के उपरांत प्रायः महिलाओं को स्किन पर रेडनेस व जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आपको यह समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए आप जब भी वैक्सिंग कराए तो किसी अनुभवी ब्यूटीशियन से ही कराएं, वहीं वैक्सिंग करने के उपरांत स्किन की आइसिंग अवश्य करें, साथ ही काटन की सहायता से रैडनेस और जलन वाले स्थान पर ऐस्ट्रिजेंट का प्रयोग करें। स्किन को दाग-धब्बों से मुक्त बनाने के लिए रात को सोने से पूर्व पुदीने की पत्तियों को पीसकर उसका मिश्रण स्किन पर पैक की भांति लगभग बीस मिनट तक लगा कर रखें, तदुपरांत साफ पानी से धो लें, इसका प्रयोग स्किन को क्लीन और अट्रैक्टिव बनाता है। हल्दी के साथ चंदन को मिक्स करके उसका लेप चेहरे पर लगभग बीस मिनट के लिए लगाकर रखें, इसके प्रयोग से चेहरे के दाग-धब्बों के साथ एक्ने की समस्या का भी समाधान होता है। काले अंडर आर्म्स की समस्या के समाधान के लिए नींबू के रस में चुटकी भर हल्दी और थोड़ा सा बेसन मिक्स करके पेस्ट बना लें और उक्त मिश्रण को सूखने तक लगाकर रखे फिर हल्के हाथों से रगड़ कर साफ कर लें, ये प्रक्रिया सप्ताह में में दो से तीन बार करें, लाभ होगा। एक्नेयुक्त स्किन पर चंदन की लकड़ी को घिसकर उस मिश्रण को स्किन पर पैक की भांति लगाएं, इसके प्रयोग से जहां एक्ने की समस्या का समाधान होगा वहीं रंगत में भी आकर्षक निखार आएगा।  

ह्यूमनॉइड रोबोट मार्केट में चीन का दबदबा, अमेरिकी कंपनियों की तिकड़ी भी नाकाम

इंसानी रोबोट (ह्यूमनॉइड रोबोट) बेचने के मामले में चीन, अमेरिका से बहुत आगे निकल गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 2025 में चीन ने जितने रोबोट बेचे, उसका मुकाबला अमेरिका की 3 कंपनियां मिलकर भी नहीं कर पाईं। इनमें एलन मस्‍क की टेस्‍ला भी शामिल है। चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स (Unitree Robotics) अकेले सब पर भारी पड़ी है और उसने एक साल में 5500 से ज्‍यादा इंसानी रोबोट बेच डाले। वहीं अमेरिका की 3 कंपनियां लगभग 450 रोबोट बेच सकीं। हाल में हुए कंस्‍यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स शो (CES 2026) में दुनियाभर की कंपनियों का जोर एआई और रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में दिखाई दिया है। मौजूदा वक्‍त में अमेरिका और चीन इस क्षेत्र के सबसे बड़े प्रत‍िद्वंदी हैं और आंकड़े यह बता रहे हैं कि चीन ने इस द‍िशा में बहुत तरक्‍की कर ली है। चीन की एक कंपनी अमेरिका की 3 पर भारी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिट्री रोबोटिक्‍स को लेकर यह जानकारी बहुत पुख्‍ता सोर्स से आई है। यह आंकड़े ह्यूमनॉइड रोबोट से जुड़े हैं जो इंसानों जैसे दिखने वाले, दो पैरों पर चलने वाले रोबोट होते हैं। मार्केट रिसर्च फर्म ओम्डिया (Omdia) का डेटा कहता है कि पिछले साल अमेरिका की टेस्‍ला ऑप्‍ट‍िमस, फ‍िगर एआई और एजि‍लिटी रोबोट‍िक्‍स कंपनियों ने हरेक ने 150 रोबोट बेचे जो कुल मिलाकर 450 रोबोट हैं। इससे पता चलता है कि चीन की 1 कंपनी अमेरिका 3 कंपनियों पर भारी पड़ी है। 6000 हजार रोबोट बनाए यूनिट्री ने रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल यूनिट्री ने 6 हजार से ज्‍यादा रोबोट बनाए। इनमें पहियों वाले रोबोट और दूसरे डिजाइन के रोबोट शामिल नहीं है। हालांकि यूनिट्री ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रि‍या नहीं दी है। यह कामयाबी चीन के लिए अहम है। चीन पिछले कई वर्षों से रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है। उसकी कंपनियां नए-नए रोबोट बना रही हैं। चीन से सालाना रोबोट मेला भी आयोजित करना शुरू कर दिया है, जिसमें दुनिया भर के देशों से प्रतिनिध‍ि पहुंचते हैं। इस इवेंट्स से भी चीनी कंपनियों को रोबोट के ऑर्डर मिलना शुरू हुए हैं। पिछले साल जब अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया तो उसका असर चीन के रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। क्‍या कहते हैं अन्‍य आंकड़े हाल में ओम्‍ड‍िया और काउंटरपॉइंट रिसर्च के कुछ और आंकड़े आए हैं। इसमें शिपमेंट और इंस्‍टॉलेशन के मामले में एगीबॉट को सबसे ऊपर रखा गया है। एगीबॉट भी एक चीनी कंपनी है। यह रैंकिंग उसे ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर दी गई है। यूनिट्री को सेकंड रैंकिंग मिली है। ओम्‍डि‍या का मानना है कि यून‍िट्री ने पिछले साल 4200 ह्यूमनॉइड रोबेट बेचे और उसका मार्केट शेयर 32 फीसदी रहा। काउंटर पॉइंड ने यह संख्‍या 4224 बताई है और उसने यूनिट्री का मार्केट का 26.4% हिस्‍सा दिया है।

iPhone Lovers के लिए खुशखबरी: Republic Day Sale में Croma दे रहा ₹48,000 की डील

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर क्रोमा ने Republic Day Sale की घोषणा कर दी है. इस सेल में iPhone 17 और Galaxy S25 Ultra जैसे प्रीमियम फोन भारी छूट के साथ मिल रहे हैं. Croma की यह सेल 26 जनवरी तक ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर जारी रहेगी. खास बात यह है कि सेल में एक्सचेंज, बैंक कैशबैक और बोनस ऑफर्स जैसे फायदे मिल रहे हैं.इसके अलावा लैपटॉप और टीवी पर भी दमदार डिस्काउंट मिल रहा है. iPhone 17 और iPhone 15 पर सबसे बड़ी कटौती Croma Republic Day Sale का सबसे बड़ा आकर्षण iPhone 17 है, जो अब ₹82,900 की लॉन्च कीमत से घटकर प्रभावी रूप से ₹47,990 में मिल रहा है. यह कीमत एक्सचेंज वैल्यू, ₹2,000 बैंक कैशबैक और ₹8,000 के अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस जैसे फायदे मिलाकर होती है. हालांकि, एक्सचेंज का फायदा पुराने फोन की कंडीशन पर निर्भर करता है. वहीं iPhone 15 भी ग्राहकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और यह ₹59,900 की बाजार कीमत के मुकाबले ₹31,990 की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध है. यह ऑफर उन यूजर्स के लिए खास है जो Apple इकोसिस्टम में एंट्री करना चाहते हैं. Samsung फ्लैगशिप फोन्स पर दमदार डील Apple के साथ-साथ Samsung स्मार्टफोन्स पर भी Croma ने जोरदार ऑफर पेश किए हैं. Galaxy S25 को Galaxy S24 के एक्सचेंज पर ₹50,499 में खरीदा जा सकता है. वहीं Galaxy S25 Ultra, Galaxy S24 Ultra के एक्सचेंज पर ₹79,999 की प्रभावी कीमत में उपलब्ध है. इसके अलावा फोल्डेबल फोन पसंद करने वालों के लिए Samsung Z Fold 7 भी शामिल है, जो Z Fold 6 के एक्सचेंज पर ₹1,09,999 में मिल सकता है. यहां भी कीमत फोन की कंडीशन पर निर्भर करेगी. Laptop पर मिल रहा Student Offers सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, Croma Republic Day Sale में लैपटॉप खरीदारों के लिए भी खास ऑफर्स हैं. MacBook Air M4 स्टूडेंट प्राइस पर ₹55,911 में उपलब्ध है, जिसमें बैंक कैशबैक और एक्सचेंज ऑफर भी शामिल हैं. इसके अलावा HP OmniBook 5 (13th Gen) को ₹48,130 की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है. ये डील्स खासतौर पर स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर लाई गईं हैं. TV और Home Appliances पर भारी छूट इस सेल में Samsung Neo QLED 65-इंच TV की कीमत ₹1,75,000 से घटकर ₹98,990 हो गई है. वहीं TCL का 55-इंच QLED TV ₹38,990 में मिल रहा है. फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीनों की शुरुआती कीमत ₹31,290 रखी गई है. Marshall Bluetooth स्पीकर्स पर 35 प्रतिशत तक की छूट और चुनिंदा एयर कंडीशनर्स पर ₹11,500 तक के डिस्काउंट मिल रहे हैं.

चौंकाने वाला शोध: रात में जागना और मोबाइल की लत कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे

भोपाल  अकसर लोग आजकल रात में अधिक देर तक मोबाइल चलाने और देर रात तक जागते हैं। लेकिन अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं तो आज से ही अपनी जीवन शैली बदल लीजिए। क्योंकि, मध्य प्रदेश की राजधानी में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में हालही में हुए एक शोध में चौंकाने वाला तथ्य सामने आए हैं कि, नींद की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का आमंत्रण है। शधकर्ता और एम्स के डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, हमारा शरीर दिन और रात के एक चक्र में काम करने के लिए बना है। यही चक्र हमारी नींद, पाचन, हार्मोन और सबसे खास रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने का काम करता है। देर रात तक जागने, नाइट शिफ्ट में काम करने और अनियमित दिनचर्या से जैविक घड़ी पटरी से उतर जाती है। ये होता है नुकसान अगर ऐसा होता है तो ऐसी स्थिति में शरीर की रक्षा कोशिकाएं 'सुस्त' पड़ जाती हैं, जिसके चलते कैंसर कोशिकाएं हमारी ऊर्जा प्रणाली पर कब्जा कर लेती हैं। धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली हो जाती हैं कि, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें पहचानने के बावजूद नष्ट करने में असमर्थ रहती है। इंटरनेशनल जर्नल में मिली पहचान, मिला सम्मान डॉ. अशोक कुमार ने यह शोध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (केजीएमयू लखनऊ), मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित के सहयोग से पूरा हुआ। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल 'स्लीप मेडिसिन रिव्यूज' में प्रकाशित किया गया है। यही नहीं, डॉ. अशोक कुमार को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से भी नवाजा गया है। आमजन को 'सुरक्षा मंत्र' -सोने का समय तय करें। रोज एक तय समय पर सोएं और जागें, ताकि जैविक घड़ी का संतुलन बना रहे। -सोने से 01 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बनाएं। -अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है। समय पर भोजन करें। क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? इस संबंध में भोपाल एम्स के कार्यपालक निदेशक और सीईओ डॉ. माधवानन्द कर का कहना है कि, नींद और कैंसर के बीच छुपे संबंध पर ये शोध समाज के लिए एक वेकअप कॉल का काम करेगा। यह वैज्ञानिक उपलब्धि न सिर्फ चिकित्सकीय जगत में सबसे मूल्यवान है, बल्कि आम लोगों को ये समझाने में भी कारगर होगी कि, स्वस्थ जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

अदरक के चौंकाने वाले फायदे: इन 4 तरह के लोगों को जरूर मिलती है खास राहत

नई दिल्ली अदरक, जो हर घर में चाय से लेकर सब्जियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह अपने स्वाद और खुशबू के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन सेहत के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। खासकर कुछ लोगों के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित होता है। आइए जानते हैं वो 4 लोग जिन्हें अदरक जरूर खाना चाहिए। पाचन समस्या वाले लोग खराब पाचन और पेट से जुड़ी समस्याएं हर किसी को काफी परेशान कर देता है, जिससे राहत पाने के लिए लोग दवाइयां और घरेलू उपाय अपनाते हैं। ऐसे में इन लोगों के लिए अदरक खाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। साथ ही, यह इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज के मरीजों का खाना आसानी से पचाने में मदद करता है और पेट की तकलीफ से भी राहत दिलाता है। वहीं, अदरक खाने से शरीर की सूजन, अपच, बदहजमी और पाचन तंत्र में अल्सर का खतरा कम करता है और यह कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम से भी बचाता है। वजन घटाने वाले लोग बढ़ते वजन को लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं, इसके लिए वह डाइट में बदलाव व एक्सरसाइज का सहारा भी लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अदरक वेट लॉस के लिए एक हेल्दी ऑप्शन हो सकता है? जी हां, अगर आप भी वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो इसे डाइट में जरूर शामिल करें। यह आपको मोटापे से छुटकारा दिलाने और कमर को कम करने में मदद करता है। पीरियड्स के दर्द में असरदार कुछ लड़कियों को पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, दर्द और कई तरह की परेशानियां होती हैं। अगर आप भी इन दिनों दर्द से राहत पाना चाहती हैं, तो अदरक को डाइट में जरूर शामिल करें। यह पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। उल्टी या मतली से परेशान लोग मतली से परेशान लोगों के लिए अदरक खाना काफी कारगर हो सकता है। खासकर प्रेग्नेंसी में उल्टी और मतली की समस्या होने पर। साथ ही, यह सर्जरी कराने वाले लोगों और कीमोथेरेपी से जुड़ी मतली को कम करने में भी मददगार है। प्रेग्नेंट महिलाएं ज्यादा मात्रा में अदरक खाने से बचें और इसे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि यह हर किसी के लिए सेफ नहीं होता है।  

भारत में Apple पर संकट के बादल, सरकार की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

  नई दिल्ली भारत की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था यानी कि Competition Commission of India (CCI) ने Apple को एक कड़ी चेतावनी जारी की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल 2021 से चल रही एंटीट्रस्ट जांच में देरी करने की कोशिश कर रही है। इससे नाराज होकर CCI ने कंपनी को आखिरी चेतावनी दी है। यह मामला इन ऐप पेमेंट से जुड़ा है और कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर यानी कि लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल बार-बार जवाब देने में देरी कर रही है, जिससे जांच प्रक्रिया बाधित हो रही है। अब CCI ने साफ कर दिया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple ने जवाब नहीं दिया, तो वह एकतरफा कार्रवाई करेगी। क्या है पूरा मामला? भारत में ऐपल 2021 से एक एंटीट्रस्ट मामले में फंसी है, जो कि इन-ऐप पेमेंट से संबंधित है। इस कानूनी लड़ाई में कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर का जुर्माना लग सकता है। वहीं ऐपल ने भारत के नए एंटीट्रस्ट दंड कानून को चुनौती दी है। दरअसल यह कानून CCI को जुर्माने की राशि तय करने के लिए ऐपल के ग्लोबल टर्नओवर का इस्तेमाल करने की मंजूरी देता है। इसके जवाब में CCI ने ऐपल से जांच पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा था। इस पर ऐपल को लंबे समय से मौका दिया जा रहा है। CCI की सख्त चेतावनी 31 दिसंबर 2025 एक आदेश में CCI ने कहा है कि साफ निर्देश के बाद भी बार-बार समय बढ़ाना सही नहीं है और इससे नियम-कानून कमजोर होते हैं। साथ ही ऐसा करने से मामले को समय पर खत्म करने में समस्या आती है। ऐपल को लेकर CCI का यह भी कहना है कि ऐसी छूट हमेशा के लिए नहीं दी जा सकती। अब CCI ने फैसला किया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple की ओर से जवाब नहीं मिलता, तो वह खुद ही आगे बढ़ेगी और फैसला लेगी। बता दें कि लंबे समय से ऐपल सरकारी आदेश के जवाब देने में सुस्ती दिखा रही है, जिससे मामले को आगे बढ़ाने में समस्या हो रही है। ऐपल का रुख और आगे क्या? रिपोर्ट के मुताबिक Apple का मानना है कि CCI अदालती कार्यवाही को रोकने की कोशिश कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी को है और इससे पहले ऐपल की ओर से CCI को जवाब दिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में साफ है कि ऐपल अदालत के फैसले के इंतजार में है। हालांकि अगर Apple जवाब नहीं देती है, तो भारत सरकार सख्त कदम उठा सकती है और भारी जुर्माना लगा सकती है।

शंख भस्म: हड्डियों और जोड़ों के लिए अमृत, कैल्शियम से भरपूर लाभकारी तत्व

 आयुर्वेद में उपचार के लिए सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता आया है। जड़ी-बूटियों के गुण बड़े से बड़े रोग से मुक्ति दिलाने की शक्ति रखते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आयुर्वेद में भस्म के जरिए भी रोगों को दूर करने का काम पहले से होता आया है। हम बात कर रहे हैं शंख भस्म की, जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी भस्म के नाम से जाना जाता है। शंख भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं के उपचार में किया जाता है। इसमें अम्लरोधी गुण होते हैं जो सीने में जलन और दर्द जैसे लक्षणों से राहत प्रदान करते हैं। रसशास्त्र में शंख को शुद्ध वर्ग के अंतर्गत एक खनिज के रूप में वर्णित किया गया है। शंख भस्म आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा दैनिक अभ्यास में उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण भस्मों में से एक है। शंख भस्म का उपयोग पेट से जुड़े विकारों से लेकर हड्डियों और जोड़ों के विकारों को ठीक करने में किया जाता है, लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि बिना चिकित्सक के शंख भस्म का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसे सीधा खाया नहीं जाता है, बल्कि किसी न किसी चीज में मिक्स कर इसका सेवन किया जाता है। ये स्वाद में तीखी होती है और रोग के अनुसार इसके सेवन की मात्रा तय की जाती है। अगर पेट की पाचन अग्नि कमजोर हो गई है, पेट में दर्द रहता है, गैस बनने की वजह से उल्टी की परेशानी या सिर में दर्द होता है, तो शंख भस्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। शंख भस्म पाचन अग्नि को रीसेट करती है, जिससे खाना अच्छे से पचता है और पाचन की प्रक्रिया में सुधार आता है। शंख भस्म मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट होता है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने, ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने और दांतों की मजबूती को बनाए रखने में मदद करता है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है, तब भी शंख भस्म का सेवन किया जा सकता है, लेकिन गर्भवती महिलाएं सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। शंख भस्म शरीर में वात और कफ दोषों को संतुलित करने का काम भी करती है। अगर ये दोनों ही दोष शरीर में असंतुलित हैं तो कई बीमारियों का जन्म होता है। इससे पेट से लेकर स्किन से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। इसके अलावा, चेहरे के मुहांसों और दाग धब्बों से छुटकारा पाने के लिए भी शंख भस्म का लेपन और सेवन कर सकते हैं।

परफेक्ट फिगर ही नहीं, ब्यूटी भी है उतनी ही जरूरी

वजन कम करने की ठान ली हो, तो अपनी फिगर के साथ-साथ ब्यूटी पर भी ध्यान दें, जिससे आगे चलकर परेशानी न हो। मोटी महिलाएं अगर छरहरी होने की ठान लें, तो उनके इस संकल्प के आड़े कोई नहीं आ सकती। मोटापे से नाता टूटे, उससे पहले ब्यूटी से अपना रिश्ता जोड़ें। वजन चाहे व्यायाम, डाइटिंग या किसी सर्जरी की सहायता से कम करें, हर सूरत में त्वचा प्रभावित होगी। वजन कम करने की इस पूरी प्रक्रिया में कई बार त्वचा इतनी लटक जाती है कि कसावट की स्थिति में लाने में काफी समय लगता है। त्वचा का लटकना आगे चलकर ठीक हो पाएगा कि नहीं यह महिला की उम्र, वह कितने लंबे समय तक मोटी रही और उसने कितनी मात्रा में वजन कम किया जैसी बातों पर भी खासतौर से निर्भर करता है। त्वचा की कोशिकाओं में प्रोटीन और प्रोटीन और फैट 2 तरह के मेट्रो एलिमेंट होते हैं, जिसे लाइपोप्रोटीन कहा जाता है। इससे त्वचा में लचक बनती है। जो महिलाएं वजन कंट्रोल की प्लानिंग कर रही है, वे अपनी कोशिकाओं में मौजूद फैट को नियंत्रित कर लेती हैं और पतली हो जाती हैं। लेकिन इससे शरीर में फैट और प्रोटीन का संतुलन बिगड़ जाता है। त्वचा की लचक कम हो जाती है, त्वचा में जल्दी झुर्रियां पड़ जाती हैं, त्वचा में जल्दी झुर्रियां पड़ जाती हैं। और त्वचा ढीली हो जाती है। इसलिए डॉक्टर बताते हैं कि जब भी वजन कम करें, तो अपनी डाइट पर पूरा ध्यान रखें। खाने में प्रोटीन कम न करें, लेकिन फैट और कार्बोहाइड्रेट पर नियंत्रण रख सकती हैं। किडनी में समस्या है, शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बन रहा है, तो उसे डॉक्टरी सलाह पर प्रोटीन की मात्रा कम लेनी चाहिए। वजन कम करनेवाली रही महिलाएं कुछ बातों पर गौर करें- -शरीर से चर्बी घटेगी, तो सबसे पहले गाल पिचकेंगे। -वक्ष, कूल्हे, बांहों और जांघों की त्वचा पर सफेद धारियां पड़ने लगेंगी और मांसपेशियां ढीली दिखने लगेंगी। -आंखों के आसपास की त्वचा पर झुर्रियां व काले घेरों की परेशानी होगी। इतना ही नहीं आंखों की रोशनी पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। -हाथों व पैरों का गुदगुदापन कम हो जाएगा और उंगलियां सिकुड़ी-सी दिखाई देंगी। -सिर के बाल तेजी से झड़ेंगे। -त्वचा चमकहीन दिखाई देगी। आंखों की देखभाल -सूर्योदय से पहले रोज सुबह उठकर अपने मुंह में ढेर सारा पानी भर कर बंद आंखों पर 15-2-बार ठंडे पानी के छींटे मारें। इससे आंखों के आसपास पड़ने वाली झुर्रियां कम होंगी या देरी से पड़ेंगी। -कभी भी देर तक व्यायाम करने के बाद या गर्मी में बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडे पानी से चेहरा और आंखें न धोएं। जब शरीर का पसीना सूखे, तब चेहरे व आंखों पर ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। -दूर की किसी चीज को देर तक न देखें। पलकें तनाव में रहेंगी और झुर्रियां जल्दी पड़ेगी। पलके झपकाएं, आंखों को आराम मिलेगा। -तेज धूप में सनग्लास का इस्तेमाल करें। -कम रोशनी में पढ़ने-लिखने का काम न करें। इससे आंखों थकी और सुस्त दिखाई देंगी। -वजन कम करने से आंखों के नीचे काले घेरों की शिकायत भी आम है, इसके लिए रात को सोने से पहले अंडर आई जैल का इस्तेमाल करें। आलू का रस या खीरे के स्लाइस 15 मिनट तक आंखों पर लगाकर रखेंगी तो भी लाभ मिलेगा। -आंखों की सूजन से बचने के लिए टी बैग्स, गुलाबजल में डूबे रुई के फाहे भी इस्तेमाल कर सकती हैं। गाल व गरदन की कसावट:- वजन कम होने का प्रभाव चेहरे पर पड़ता है। गालों और गरदन की कसावट बनी रहे इसके लिए 15 दिन के अंतराल पर फेशियल कराएं। -घर पर त्वचा के प्रकार के अनुसार पैक का प्रयोग कर सकती हैं। रूखी त्वचा वाली मोटी महिलाएं बादाम, दही और दूध से बने पैक का इस्तेमाल करें। सामान्य त्वचा वाली महिलाएं नीम व चंदनयुक्त फेस पैक इस्तेमाल कर सकती हैं। -हफ्ते में एक बार सरदियों के मौसम में ऑलिव ऑइल से गरदन से ऊपर की ओर ठोड़ी से कनपटी की ओर उंगलियों के ऊपर स्ट्रोक्स से चेहरे की मालिश करें। गर्मियों में तिल के तेल और बर्फ के पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करें। बदन और झुर्रियां:- -बदन से चरबी छंटते ही झुर्रियों से बचने के लिए कंडीशनर का प्रयोग करें। एक बड़ा चम्मच शहद और 2 बड़े चम्मच क्रीम को मिलाकर 2-मिनट के लिए चेहरे या बदन पर लगाकर धो लें। -पतले होने के दौरान हो सकता है शरीर में कुछ हारमोन्स की गड़बड़ी भी हो और गालों पर पिगमेंटेशन हो। इसके लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। घर आलू या खीरे का पैक भी नियमित लगाएं, ताकि बाहरी तौर पर त्वचा को नमीयुक्त व लचकदार बनाए रखें। -जांघों, बांहों और वक्षों की कसावट के लिए अरंडी और जैतून के तेल के बराबर की मात्रा में गरम करें और मालिश करें। -ऑइल मसाज के बाद कुछ स्किन लिफ्टिंग बॉडी पैक भी लगा सकती हैं, जैसे बादाम का पाउडर, दही, अंडे की सफेदी, शहद और गुलाब के फूलों के पेस्ट से तैयार बॉडी पैक। -कूल्हे और जांघों पर सफेद धारियों से बचने के लिए जैतून के तेल में विटामिन ई के कैप्सूल को तोड़ कर मिलाएं। इससे 2-मिनट तक कूल्हे और जांघों की मालिश करें। बाल रहें खूबसूरत:- शरीर में पौष्टिकता की कमी होते ही बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। ऐसा हो, इसके लिए आयरन, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर फल-सब्जियां खाएं। चुकन्दर का सलाद, पालक, आंवला, मछली, चैलाई व बथुआ खाएं, जो स्वस्थ बालों के लिए जरूरी हैं। -महीने में 2 बार हेअर पैक का इस्तेमाल करें। मेंहदी के हेअर पैक में ऑलिव आइल और अंडे की सफेदी भी डालें। बाल मुलायम रहेंगे। -हमेशा शैंपू के बाद बालों को कंडीशन करें।  

Nothing का बड़ा कदम, बेंगलुरु में खुलेगा भारत का पहला फ्लैगशिप स्टोर

मुंबई  यूके की टेक कंपनी नथिंग अब भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने जा रही है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कन्फर्म किया है कि वह भारत में अपना पहला फ्लैगशिप स्टोर खोलने वाली है. यह स्टोर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में खुलेगा. हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी ओपनिंग डेट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह साफ कर दिया गया है कि स्टोर जल्द ही शुरू होगा. नथिंग ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि यह फ्लैगशिप स्टोर ग्राहकों के लिए एक खास अनुभव लेकर आएगा. यहां लोग कंपनी के अलग-अलग प्रोडक्ट्स को खरीदने से करीब से देख और इस्तेमाल कर सकेंगे. इस स्टोर में नथिंग के स्मार्टफोन, ट्रू वायरलेस ईयरबड्स यानी TWS और दूसरे स्मार्ट डिवाइस शामिल होंगे. कंपनी का मकसद है कि ग्राहक प्रोडक्ट को सिर्फ तस्वीरों या ऑनलाइन रिव्यू के आधार पर न खरीदें, बल्कि उसे हाथ में पकड़कर उसका डिजाइन, फील और कम्फर्ट खुद महसूस करें और उसके बाद उसे खरीदने का मन बनाएं. यह स्टोर नथिंग का भारत में पहला और दुनिया का दूसरा फ्लैगशिप स्टोर होगा. फिलहाल कंपनी का एकमात्र ब्रांड-ओन्ड स्टोर लंदन के सोहो इलाके में मौजूद है. ऐसे में भारत में फ्लैगशिप स्टोर खोलना यह दिखाता है कि नथिंग भारतीय बाजार को कितनी अहमियत दे रही है. आपको बता दें कि बीते कुछ समय में कंपनी ने भारत में कई प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं और अलग-अलग शहरों में प्रोडक्ट ड्रॉप इवेंट्स भी आयोजित किए हैं. CMF बनी इंडियन कंपनी नथिंग की सब-ब्रांड CMF को लेकर भी कंपनी ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की थी. CMF अब भारत में एक अलग और कानूनी रूप से रजिस्टर्ड कंपनी बन चुकी है. दिसंबर 2025 में इसे आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया और अब इसका नाम CMF इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हो गया है. इसकी खास बात यह है कि CMF का हेडक्वार्टर भी अब भारत में ही है. कंपनी के को-फाउंडर और इंडिया प्रेसिडेंट अकीस इवेंजेलिडिस ने कहा कि CMF भारत के लिए एक अहम भूमिका निभाएगा. उनका मानना है कि भारत तेजी से ग्लोबल कंज्यूमर टेक इकोसिस्टम का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. इसी को देखते हुए कंपनी ने भारत में अपने ऑपरेशंस को और बढ़ाने का फैसला किया है. इसमें स्मार्टफोन और वियरेबल्स की मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेशंस और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खास फोकस रहेगा. कुल मिलाकर, बेंगलुरु में खुलने वाला नथिंग का पहला फ्लैगशिप स्टोर न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि भारतीय टेक मार्केट के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे ग्राहकों को ब्रांड से जुड़ने और उसके प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा.