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हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत का पहला टेस्ट, पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक टक्कर तय

 नई दिल्ली आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप का मंच तैयार है। टीम इंडिया रविवार को अपना पहला मैच खेलेगी और ये मैच होगा चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ। इन दोनों देशों का मैच किसी भी फॉर्मेट में हो रोमांच अपने सिर चढ़कर बोलता है, क्योंकि हार दोनों ही टीमें बर्दाश्त नहीं कर सकती। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम वनडे विजेता के तौर पर इस टूर्नामेंट में गई है और अब उसकी कोशिश टी20 का खिताब भी अपने नाम करने पर है। हालांकि, पहले मैच में पाकिस्तान की चुनौती उसके लिए आसान नहीं होगी। इस मैच का दबाव काफी अलग रहता है और इसी कारण इसे हाई वोल्टेज मैच कहा जाता है। क्या कहते हैं आंकड़े दोनों टीमों के बीच अभी तक टी20 में कुल 16 मैच खेले गए हैं। इनमें से भारत ने 13 मैचों में जीत हासिल की है जबकि दो मैचों में पाकिस्तान ने बाजी मारी है। हालांकि, पाकिस्तान की ये दो जीत उसे टी20 वर्ल्ड कप में ही मिली है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम छह बार पाकिस्तान से भिड़ी है जिसमें से चार में उसे जीत नसीब हुई है। आंकड़ों में तो टीम इंडिया का पलड़ा भारी है, लेकिन क्रिकेट आंकड़ों का खेल नहीं है। खासकर भारत और पाकिस्तान का मैच, जहां दोनों टीमों का सबकुछ दांव पर लगा होता है इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें भारत को जीत चाहिए तो इसके लिए उसकी दमदार बल्लेबाजी का चलना काफी जरूरी है। टीम की कमान संभाल रही हरमनप्रीत कौर का बल्ला चलना काफी जरूरी है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने अगर पैर जमा लिए तो फिर पाकिस्तान की गेंदबाजों की लाइन लैंग्थ बिगड़नी तय है। खासकर शेफली का बल्ला अगर चल गया तो तूफान मचना तय है क्योंकि वह तूफानी अंदाज में रन बनाने के लिए जानी जाती हैं

फीफा विश्व कप टिकट विवाद: महंगे दामों ने आम दर्शकों की पहुंच पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  फीफा विश्व कप के 100 साल के इतिहास में टिकटों के लिहाज से अब तक के सबसे महंगे विश्व कप को अगर सिर्फ अमीरों का टूर्नामेंट कहा जाए तो अतिशियोक्ति नहीं होगी। बड़ी मुश्किल से इस विश्व कप की टिकट खरीदकर मैदान पहुंच रहे कुछ आम प्रशंसकों को इसका अहसास भी हो रहा है। स्टेडियमों की सीटों पर उन्हें अधिकतर लोग ऊंचे तबके के नजर आ रहे हैं, जिनमें से अधिकतर को वह पहले ही सुर्खियों या टीवी पर देख चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध इस विश्व कप के पहले मुकाबले को देखने पहुंचे मेक्सिको के फुटबॉल प्रशंसक मार्सेलो गोंजालेस की मानें तो उन्होंने मेक्सिको सिटी के एस्टाडियो एज्टेका स्टेडियम के एंट्री गेट की ओर जाते हुए हरे रंग की शर्ट पहने लोगों की जो भीड़ देखी तो वह खुद से सवाल करने लगे कि क्या यह भीड़ असली मेक्सिको का नेतृत्व करती है, क्योंकि उन लोगों में अधिकतर ने राष्ट्रीय टीम की बिल्कुल नई जर्सी पहनी हुई थी। गोंजालेस ने महसूस किया कि वहां मौजूद ज्यादातर लोग मेक्सिको के अमीर और ऊंचे तबके से थे। जिनमें कई राजनेता भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि मैं उनमें से लगभग 10 लोगों को तो पहले ही देख चुका था। गोंजालेस और उनके एक दोस्त को सिर्फ तीन दिन पहले ही टिकट मिले थे और प्रत्येक टिकट के लिए लगभग 3.32 लाख रुपये (3,500 अमेरिकी डालर) खर्च करने के बाद भी इन हालातों में गोंजालेस को लग रहा है कि गनीमत है कि उन्हें टिकट सस्ती मिल गईं। खस्ता हाल मेक्सिको के स्टेडियम में महंगी बीयर मैच देखने पहुंचे एक और आम प्रशंसक 40 वर्षीय अल्फोंसो एसेवेज ने बताया कि एक और मेक्सिको में शिक्षक संघ वेतन और पेंशन के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान परेशान हैं। दूसरी और स्टेडियम में अमीर लोग करीब 2000 रुपये की बीयर का मजा ले रहे हैं। अल्फोंसो के अनुसार असल में इन लोगों में से कई मैक्सिकन मूल के अमेरिकी हैं, जो टूर्नामेंट के मैक्सिकन चरण में अपने समर्थन के साथ-साथ अपनी खर्च करने की क्षमता का दिखावा करने आए हैं। मेक्सिको की राष्ट्रपति नहीं आईं स्टेडियम मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने महीनों पहले फैसला किया था कि वह उद्घाटन मैच में शामिल नहीं होंगी। शिनबाम को इस मुकाबले के लिए फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के बगल वाली सीट टिकट मिली थी, लेकिन शिनबाम ने अपने देश की आदिवासी एथलीट वेराक्रूज को यह टिकट दे दी थी। शिनबाम ने शहर में प्रशंसको के साथ स्क्रीन पर मैच देखा और शायद इस तरह उन्होंने फीफा की आम लोगों की पहुंच से दूर महंगी टिकटों का मूक विरोध किया। अमेरिका में हो रही कानूनी कार्रवाई फीफा ने मुकाबलों के लिए टिकटों की कीमतों को सही ठहराते हुए कहा है कि उसे वैश्विक फुटबॉल के लिए अपनी फंडिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस कमाई की जरूरत है। हालांकि इन कीमतों की वजह से न सिर्फ प्रशंसक नाराज हुए हैं, बल्कि अमेरिका में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है।  

रोहित शर्मा के निशाने पर इतिहास, आज सेंचुरी जड़ी तो सचिन का बड़ा रिकॉर्ड होगा चकनाचूर

धर्मशाला इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान तीन मैच की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी शनिवार, 13 जून को धर्मशाला के हिमाचर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाना है। विराट कोहली चोट के चलते सीरीज से बाहर हो गए हैं, ऐसे में हर किसी की नजरें रोहित शर्मा पर होगी। रोहित शर्मा इंजरी से वापस आ रहे हैं, आईपीएल 2026 के दौरान उन्हें हैम्सट्रिंग में चोट लगी थी। अब वह बीसीसीआई का टेस्ट पास कर अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने के लिए एकदम फिट है। रोहित शर्मा जैसे ही धर्मशाला के मैदान पर खेलने के लिए उतरेंगे वैसे ही वह 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे और वनडे में भारत के लिए खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी जी हां, इससे पहले यह रिकॉर्ड 1983 वर्ल्ड कप फाइनल के हीरो मोहिंदर अमरनाथ के नाम था। मोहिंदर अमरनाथ ने 1989 में अपना आखिरी वनडे खेला था, तब वह 39 साल और 36 दिन के थे। वहीं आज जब रोहित शर्मा मैदान पर उतरेंगे तो उनकी उम्र 39 साल 44 दिन होगी और वह भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। वहीं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा क्रिकेट खेला है। उन्होंने भी अपना आखिरी वनडे 38 साल 329 दिन की उम्र में खेला था। सचिन का आखिरी मैच 18 मार्च 2012 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ था। सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी पर हैं ‘हिटमैन’ मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो बतौर भारतीय ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में रोहित शर्मा फिलहाल सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर खड़े हैं. सचिन तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में बतौर ओपनर खेलते हुए कुल 45 शतक जड़े थे. वहीं, रोहित शर्मा भी अब तक बतौर ओपनर 45 शतक ठोक चुके हैं. आज अफगानिस्तान के खिलाफ अगर रोहित शर्मा 100 रनों का आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर ओपनर अपना 46वां शतक पूरा कर लेंगे. ऐसा करते ही वह सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय ओपनर बन जाएंगे।  वॉर्नर के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड रोहित शर्मा अगर आज सचिन का रिकॉर्ड तोड़ते हैं, तो उनकी नजरें सिर्फ भारत के नंबर वन ओपनर बनने पर नहीं, बल्कि दुनिया का नंबर वन ओपनर बनने पर भी टिक जाएंगी. फिलहाल, बतौर ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने ओपनिंग करते हुए 49 शतक बनाए हैं. रोहित (45 शतक) इस वर्ल्ड रिकॉर्ड से अब महज 4 कदम दूर हैं।  सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना या उसकी बराबरी करना किसी भी क्रिकेटर के करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन होता है. रोहित शर्मा पहले ही वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक और एक वर्ल्ड कप (2019) में 5 शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. लेकिन सचिन के इस रिकॉर्ड की बराबरी करना उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ देगा।  ODI खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बात ODI खेलने वाले सबसे उम्रदराज क्रिकेटर की करें तो, ओवरऑल रिकॉर्ड नीदरलैंड्स के टॉप-ऑर्डर बैटर नोलन क्लार्क के नाम है। क्लार्क 47 साल और 257 दिन के थे, जब उन्होंने 5 मार्च 1996 को रावलपिंडी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ डच टीम को रिप्रेजेंट किया था। ODI में खेलने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ियों की लिस्ट में क्लार्क के बाद ज़िम्बाब्वे के जॉन ट्रेकोस और इंग्लैंड के नॉर्मन गिफोर्ड हैं। ट्रेकोस ने अपना आखिरी ODI 45 साल और 312 दिन की उम्र में खेला था, जबकि गिफोर्ड ने अपना आखिरी ODI 44 साल और 361 दिन की उम्र में खेला था। रोहित शर्मा 6 रन बनाते ही करेंगे एक और कमाल हिटमैन रोहित शर्मा अफगानिस्तान के खिलाफ 6 रन बनाते ही इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर ओपनर 16000 रन पूरा कर लेंगे। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले वीरेंद्र सहवाग के बाद दूसरे भारतीय ओपनर बनेंगे। सहवाग ने पारी का आगाज करते हुए 16,119 रन बनाए थे, अगर रोहित शर्मा को उन्हें पछाड़ना है तो इस सीरीज में कम से कम 126 रन बनाने होंगे।  

USA vs Paraguay: बालोगुन बने जीत के हीरो, अमेरिका ने वर्ल्ड कप में दर्ज की शानदार 4-1 की जीत

मेक्सिको  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की. कैलिफोर्निया के इंगलवुड स्थित सोफी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-डी मुकाबले में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी का मजबूत संदेश दिया।  1994 के बाद पहली बार घरेलू सरजमीं पर वर्ल्ड कप मैच खेल रही अमेरिकी टीम शुरुआत से ही आक्रामक नजर आई. मैच के शुरुआती चरण में ही पराग्वे के डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल ने अमेरिका को बढ़त दिला दी और यहीं से मुकाबले की दिशा तय हो गई।  इसके बाद फोलारिन बालोगुन ने अपने शानदार प्रदर्शन से मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया. 31वें मिनट में क्रिस्टियन पुलिसिक ने बेहतरीन थ्रू बॉल खेली, जिस पर बालोगुन ने पहला गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. इससे पहले उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द भी हो चुका था।  पहले हाफ के इंजरी टाइम में बालोगुन ने मैच का सबसे खूबसूरत गोल किया. मलिक टिलमैन के पास को हासिल करने के बाद उन्होंने दो डिफेंडरों को छकाया और शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ अमेरिका ने हाफ टाइम तक 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली।  दूसरे हाफ में पराग्वे ने वापसी की कोशिश की. 73वें मिनट में जूलियो एन्सिसो ने ढीली गेंद पर तेजी दिखाते हुए मौरिसियो को पास दिया, जिन्होंने गोलकीपर मैट फ्रीज को छकाते हुए टीम का पहला गोल दागा. हालांकि यह गोल केवल अंतर कम करने तक ही सीमित रहा।  अमेरिका ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा. सब्स्टीट्यूट रिकार्डो पेपी के पास भी गोल करने का मौका था, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव किया।  मैच के स्टॉपेज टाइम में जियो रेयना ने शानदार अंदाज में मुकाबले का चौथा गोल दागा. तेज काउंटर अटैक के बाद रेयना ने बाहरी पैर से ऐसा शॉट लगाया जिसे गिल रोक नहीं सके. इस गोल ने अमेरिकी प्रशंसकों की खुशी को और बढ़ा दिया।  यह मुकाबला डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स की वापसी के लिए भी यादगार रहा. क्रिस्टल पैलेस के लिए खेलते समय लगी टखने की चोट के कारण वह अमेरिका के आखिरी वॉर्म-अप मैचों से बाहर रहे थे. वहीं गोलकीपर मैट फ्रीज को मैट टर्नर पर प्राथमिकता दी गई, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप में अमेरिका के सभी मैच खेले थे।  इस जीत के साथ अमेरिका ने ग्रुप-डी में मजबूत शुरुआत की है. अब उसकी अगली भिड़ंत 19 जून को सिएटल में ऑस्ट्रेलिया से होगी. वहीं पराग्वे की टीम उसी दिन तुर्की के खिलाफ मैदान में उतरेगी।  78वें मिनट में चला लारिन का जादू, कनाडा ने बचाई लाज, कनाडा-बोस्न‍िया मैच ड्रॉ  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान कनाडा ने अपने अभियान की शुरुआत हार से बचते हुए की. टोरंटो में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट का अपना पहला अंक हासिल किया।  मुकाबले की शुरुआत कनाडा के लिए अच्छी नहीं रही. बोस्निया-हर्जेगोविना ने 21वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. चोटिल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किए गए जोवो लुकिच ने कॉर्नर किक पर शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।  पहला हाफ और दूसरे हाफ का बड़ा हिस्सा कनाडा के लिए संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन कोच का दांव आखिरकार काम कर गया. 76वें मिनट में मैदान पर उतरे काइल लारिन ने सिर्फ दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया।  78वें मिनट में प्रॉमिस डेविड ने बेहतरीन पास दिया, जिस पर लारिन ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया. इस गोल के साथ स्टेडियम में मौजूद कनाडाई प्रशंसक खुशी से झूम उठे।  यह गोल कनाडा के लिए बेहद खास रहा. वर्ल्ड कप इतिहास में यह टीम का सिर्फ दूसरा गोल था. इससे पहले कनाडा 1986 के वर्ल्ड कप में अपने तीनों मैच हार गया था. वहीं 2022 में कतर वर्ल्ड कप में भी टीम को जीत नहीं मिली थी. बोस्निया-हर्जेगोविना भी अपने इतिहास में दूसरी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है. 2014 में टीम पहली बार टूर्नामेंट में उतरी थी, लेकिन ग्रुप राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी थी।  हालांकि कनाडा जीत हासिल नहीं कर पाया, लेकिन घरेलू मैदान पर खेले जा रहे अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में वापसी करते हुए एक पॉइंट हासिल करना टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला र‍िजल्ट साबित हुआ. काइल लारिन के देर से किए गए गोल ने कनाडा को हार से बचाया और टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास भी दिया।   

219 रन का विश्व रिकॉर्ड, श्रीलंका पर इंग्लैंड की बड़ी जीत; डैनी वायट ने मचाया धमाल

नई दिल्ली इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने उस समय इतिहास रचा जब उन्होंने आईसीसी वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में श्रीलंका के खिलाफ 219 रन बोर्ड पर लगाए। यह वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा टोटल है। जी हां, इंग्लैंड ने इस मामले में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है। बता दें, इंग्लैंड टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 200 रन का आंकड़ा पार करने वाली एकमात्र टीम है, इंग्लैंड ने ऐसा एक नहीं बल्कि दो-दो बार किया है। इससे पहले इंग्लिश टीम ने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे। वहीं वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा स्कोर बनाने की टॉप-5 टीमों की लिस्ट में साउथ अफ्रीका, भारत और ऑस्ट्रेलिया का भी नाम है। साउथ अफ्रीका ने थाइलैंड के खिलाफ 195 रन बनाए थे, वहीं टीम इंडिया 194 रनों के साथ लिस्ट में चौथे पायदान पर है। भारत ने यह रन न्यूजीलैंड के खिलाफ 2018 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान बनाए थे। वहीं 6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने आयरलैंड के खिलाफ 2014 में 191 रन बनाए थे। आईसीसी वुमेंस T20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा स्कोर- 219/1 – ENG-W SL-W, एजबेस्टन, 2026 213/5 – ENG-W बनाम PAK-W, केप टाउन, 2023 195/3 – SA-W बनाम THA-W, कैनबरा, 2020 194/5 – IND-W बनाम NZ-W, प्रोविडेंस, 2018 191/4 – AUS-W बनाम IRE-W, सिलहट, 2014 डैनी व्याट ने शतक जड़ किया कमाल इंग्लैंड की ओपनर डैनी व्याट के शतक के दम पर ही उनकी टीम 219 के विशाल स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही। डैनी ने 62 गेंदों पर 13 चौकों और 1 गगनचुंबी छक्के की मदद से 105 रनों की नाबाद पारी खेली। वह वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के लिए शतक जड़ने वाली मात्र दूसरी प्लेयर हैं। उनसे पहले हीथर नाइट ने थाइलैंड के खिलाफ 2020 में सेंचुरी लगाई थी। डैनी वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप में शतक जड़ने वाली मात्र 7वीं प्लेयर हैं। विमेंस T20 WC में शतक 126 – मेग लैनिंग (AUS-W) बनाम IRE-W, सिलहट, 2014 112* – डिएंड्रा डॉटिन (WI-W) बनाम SA-W, बैसेटेरे, 2010 108* – हीथर नाइट (ENG-W) बनाम THA-W, कैनबरा, 2020 105* – डैनी वायट-हॉज (ENG-W) बनाम SL-W, एजबेस्टन, 2026 103 – हरमनप्रीत कौर (IND-W) बनाम NZ-W, प्रोविडेंस, 2018 102 – मुनीबा अली (PAK-W) बनाम IRE-W, केप टाउन, 2023 101 – लिजेल ली (SA-W) बनाम THA-W, कैनबरा, 2020 श्रीलंका 137 पर ढेर इंग्लैंड के 219 के विशाल स्कोर के सामने श्रीलंकाई टीम 20 ओवर में 137 के स्कोर पर ही सिमट गई। फ्रेया केम्प ने अपने टी20 वर्ल्ड कप डेब्यू मैच में 4 विकेट चटकाकर इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। वह टी20 वर्ल्ड कप डेब्यू में 4 विकेट लेने वाली मात्र तीसरी गेंदबाज बनी हैं।

विराट-हार्दिक के बिना उतरेगा भारत, युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका

धर्मशाला  भारतीय क्रिकेट टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत आज से कर रही है। इसके साथ ही टीम अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारी शुरू करेगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा की मैच फिटनेस की परीक्षा होगी। आईपीएल के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रोहित 5 मैच नहीं खेल पाए थे। आईपीएल में इंजरी से वापसी करने के बाद रोहित ने फील्डिंग नहीं की थी। 50 ओवर के मैच में बैटिंग और फील्डिंग करके रोहित अपनी फिटनेस साबित करना चाहेंगे। टीम इंडिया में तीन अनकैप्ड खिलाड़ी विराट कोहली को आईपीएल फाइनल में इंजरी हुई थी। इसकी वजह से वह इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। इसके साथ ही हार्दिक पंड्या भी सीरीज शुरू होने से ठीक पहले बाहर हो गए। ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी पर सभी की नजरें हो सकती हैं। टीम इंडिया में तीन अनकैप्ड खिलाड़ी हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव को भी जगह मिली है। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे कब खेला जाएगा? भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 13 जून (शनिवार) को खेला जाएगा। भारत और अफगानिस्तान का पहला वनडे मुकाबला कहां खेला जाएगा? धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान का पहला वनडे होगा। भारत और अफगानिस्तान के पहले वनडे मैच की शुरुआत कितने बजे से होगी? यह वनडे मुकाबला डे-नाइट होगा। इसकी शुरुआत भारतीय समय अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर होगी। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले पहले वनडे का लाइव टेलीकास्टर कहां देखें? स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर फैंस भारत और अफगानिस्तान के पहले वनडे का लाइव टेलीकास्ट देख सकते हैं। भारत और अफगानिस्तान के पहले वनडे मैच की लाइव स्ट्रीमिंग किस प्लेटफॉर्म पर होगी? भारत और अफगानिस्तान के पहले वनडे मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर दिखी जा सकती है। इस प्रकार हैं दोनों टीमें भारत: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव। अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमत शाह, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांगेयालिया खरोती, एएम गजनफर, बिलाल सामी, दरविश रसूली, फरीद अहमद मलिक, जिया उर रहमान शरीफी।

न्यूजीलैंड क्रिकेट को बड़ा झटका! केन विलियमसन ने अचानक किया रिटायरमेंट का ऐलान

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन ने शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 35 वर्षीय पूर्व कीवी कप्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से तत्काल प्रभाव से रिटायर हो गए हैं। इसके साथ ही उनके 16 साल लंबे सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया है। केन विलियमसन की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम ने आईसीसी के कई टूर्नामेंट्स में फाइनल तक का सफर तय किया था। उनके नेतृत्व में ही न्यूजीलैंड की टीम ने भारत को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। सीरीज के बीच से संन्यास का ऐलान केन विलियमसन का ये निर्णय न्यूजीलैंड के इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के दौरान आया है, जहां न्यूजीलैंड की टीम लॉर्ड्स टेस्ट हारने के बाद सीरीज में 0-1 से पीछे चल रही है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड क्रिकेट में तीनों प्रारूपों में एक युग का अंत हो गया । विलियमसन ने 2025 में ही टी20 प्रारूप से संन्यास ले लिया था। 35 वर्ष के विलियमसन ने न्यूजीलैंड के लिये अलग-अलग प्रारूपों में 19346 रन बनाये हैं, जिनमें टेस्ट क्रिकेट में 33 शतक और छह दोहरे शतक समेत 9500 से अधिक रन हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा ,'' हमारे महानतम खिलाड़ियों में से एक विदा हो रहा है । केन विलियमसन ने त्वरित प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला किया है।'' विलियमसन इस समय इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं जिसमें न्यूजीलैंड पहला मैच 115 रन से हार गई थी। न्यूजीलैंड के सबसे सफल कप्तान केन विलियमसन ने 2016 से 2024 के बीच तीनों फॉर्मेट में न्यूजीलैंड की टीम की कप्तानी की थी। उनके नेतृत्व में न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने इतिहास का सबसे स्वर्णिम दौर देखा। विलियमसन की कप्तानी में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर पहली आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके अलावा उनकी कप्तानी में टीम ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल, 2021 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल और तीन अन्य आईसीसी सेमीफाइनल में पहुंची। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ''विलियमसन की यह घोषणा उनके 16 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत करती है, जिस दौरान उन्होंने अपने देश के लिए 378 मैच खेले। अनगिनत बल्लेबाजी रिकॉर्ड बनाए और क्रिकेट जगत का पूरा सम्मान और प्रशंसा अर्जित की।'' विलियमसन ने संन्यास पर कहा विलियमसन ने न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी बयान में कहा, ''मैंने इस बारे में काफी समय से सोचा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में मुझे साफ हो गया कि अब सही समय आ गया है। मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए एक मजबूत प्रेरणा और भूख महसूस की है, और मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने न्यूजीलैंड के लिए खेले हर मैच में अपना सब कुछ झोंक दिया। उन्होंने कहा ,'' इससे कम पर खेलते रहना सही नहीं होगा और मैं खुशकिस्मत हूं कि अपने हिसाब से मैने यह फैसला लिया है ।''

3 मेजबान देश, 14 टीमें और 54 मैच… जानिए कैसा होगा वनडे वर्ल्ड कप 2027 का महाकुंभ

नई दिल्ली क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. 24 साल बाद यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट एक बार फिर अफ्रीकी धरती पर लौटने जा रहा है. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस मेगा इवेंट की संभावित तारीखें भी सामने आ गई हैं. ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व कप 4 अक्टूबर 2027 से शुरू होकर 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा।  आईसीसी बोर्ड की अहमदाबाद में हुई बैठक में इन तारीखों पर सहमति बन चुकी है. अब जुलाई में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होने वाली आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है. आखिरी बार अफ्रीका में वनडे वर्ल्ड कप 2003 में खेला गया था, जब साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने इसकी मेजबानी की थी. अब करीब ढाई दशक बाद क्रिकेट का यह महाकुंभ फिर अफ्रीकी महाद्वीप में लौट रहा है।  हालांकि साउथ अफ्रीका इससे पहले 2007 टी20 विश्व कप, 2009 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी20 विश्व कप की सफल मेजबानी कर चुका है. लेकिन वनडे विश्व कप की वापसी को लेकर उत्साह अलग स्तर पर है. 2023 और 2025 के संस्करणों में सिर्फ 10 टीमों ने हिस्सा लिया था, लेकिन 2027 विश्व कप में एक बार फिर 14 टीमें मैदान पर उतरेंगी. इससे प्रतियोगिता और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।  टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार 14 टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा, जिनमें प्रत्येक समूह में 7-7 टीमें होंगी. दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें सुपर सिक्स चरण में पहुंचेंगी. इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 14 टीमों के फॉर्मेट की वापसी से विश्व कप में बड़े उलटफेर और रोमांचक मुकाबलों की संख्या बढ़ेगी।  टूर्नामेंट में कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे. इनमें से कम से कम 41 मैच साउथ अफ्रीका के आठ अलग-अलग स्टेडियमों में आयोजित होंगे. जिम्बाब्वे को 8 से 10 मुकाबलों की मेजबानी मिलने की संभावना है. हरारे और बुलावायो के अलावा इस बार विक्टोरिया फॉल्स भी विश्व कप का हिस्सा बनेगा।  विक्टोरिया फॉल्स के पास बन रहा खूबसूरत स्टेडियम विक्टोरिया फॉल्स में बन रहा फाले मोसी-ओ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम इसी साल तैयार हो जाएगा और विश्व कप से पहले यहां घरेलू क्रिकेट भी खेला जाएगा. नामीबिया को भी कुछ मैचों की मेजबानी मिलने वाली है, जिससे पहली बार यह देश वनडे विश्व कप आयोजन का हिस्सा बनेगा. साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण सीधे विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं. वहीं नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।  अगर प्रस्तावित कार्यक्रम पर अंतिम मुहर लग जाती है, तो अक्टूबर 2027 में दुनिया की 14 सर्वश्रेष्ठ टीमें क्रिकेट के सबसे बड़े खिताब के लिए अफ्रीकी धरती पर भिड़ती नजर आएंगी. 2027 विश्व कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि 2027-31 फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) की शुरुआत भी होगा. इसी दौरान आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के भविष्य पर भी बड़ा फैसला ले सकती है।  फिलहाल जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान डब्ल्यूटीसी का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन आईसीसी सभी 12 पूर्ण सदस्य देशों को इसमें शामिल करने पर विचार कर रही है. साथ ही एकमात्र टेस्ट मैचों को भी डब्ल्यूटीसी अंक प्रणाली का हिस्सा बनाने की चर्चा चल रही है। 

क्रिकेट फैंस को लगा बड़ा झटका! इंग्लैंड सीरीज के दौरान केन विलियमसन ने लिया संन्यास

नईदिल्ली  क्रिकेट के गलियारों से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज केन विलियमसन (Kane Williamson) ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया है. संन्यास लेने से पहले वह न्यूजीलैंड की तरफ से इंटरनेशनल लेवल पर 2010 से 2026 के बीच कुल 378 मुकाबले खेलने में कामयाब रहे. इस दौरान उनके बल्ले से 452 पारियों में 48.12 की औसत से 19346 रन निकले. जिसमें 48 शतक और 103 अर्धशतक शामिल है. 251 रनों की खेली गई दोहरी शतकीय पारी उनकी एक मैच की एक पारी में खेली गई सर्वोच्च पारी रही।  विलियमसन ने न्यूजीलैंड की तरफ से सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन के साथ खत्म किया करियर  केन विलियमसन ने न्यूजीलैंड की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का साथ अपने क्रिकेट करियर का समापन किया है. उन्होंने पूरे इंटरनेशनल क्रिकेट के दौरान कुल 19346 रन बनाए. विलियमसन के बाद दूसरे स्थान पर पूर्व बल्लेबाज रॉस टेलर का नाम आता है. जो न्यूजीलैंड की तरफ से इंटरनेशनल लेवल पर 2006 से 2022 के बीच 18199 रन बनाने में कामयाब रहे. तीसरे स्थान पर 15289 रनों के साथ पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग काबिज हैं. फ्लेमिंग अपनी टीम की तरफ से 1994 से 2008 के बीच खेलने में कामयाब रहे।  विलियमसन ने टेस्ट क्रिकेट में बनाए सबसे ज्यादा रन विलियमसन अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर के दौरान टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने में कामयाब रहे. टीम के लिए रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने कुल 110 मुकाबले खेले. जहां वह 195 पारियों में 54.06 की औसत से 9515 रन बनाने में कामयाब रहे. इसके बाद उनके बल्ले से वनडे फॉर्मेट की 167 पारियों में 48.69 की औसत से 7256 और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की 90 पारियों में 33.44 की औसत से 2575 रन निकले।  केन विलियमसन टेस्ट क्रिकेट में 33 शतक और 38 अर्धशतक, वनडे में 15 शतक और 47अर्धशतक एवं टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे। 

मेक्सिको की जीत में 17 वर्षीय मोरा का इतिहास रचने वाला डेब्यू, 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

 नई दिल्‍ली  मेक्सिको ने फीफा वर्ल्‍ड कप 2026 में अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से मात दी। हालांकि, सबसे ज्‍यादा चर्चा एक 17 साल का खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा बटोर ले गया। गिलबर्टो मोरा ने मैदान पर उतरते ही इतिहास के पन्‍नों को पलट दिया और वर्ल्‍ड कप मैच खेलने वाले सबसे युवा मेक्सिकन फुटबॉलर बन गए। इसी के साथ मोरा ने 96 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मोरा मैच के 65वें मिनट में मैदान पर उतरे। तब मेक्सिको की टीम 1-0 से आगे थी। दो मिनट बाद ही जेमिनेज के गोल के दम पर मेक्सिको ने अपनी बढ़त 2-0 कर ली। यही मैच का निर्णायक स्‍कोर भी साबित हुआ। मोरा से पहले 1930 में मेनुअल रोसास ने मेक्सिको के लिए सबसे युवा डेब्‍यूटेंट की भूमिका निभाई थी। वर्ल्‍ड कप में डेब्‍यू करने वाले मेक्सिको के सबसे युवा खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा – 17 साल, 240 दिन (बनाम साउथ अफ्रीका, 2026) मेनुअल रोसास – 18 साल, 134 दिन (बनाम फ्रांस 1930) अलफ्रडो टोरेस – 19 साल, 16 दिन (बनाम ऑस्‍ट्रिया 1954) रउल अरेलानो – 19 साल, 108 दिन (बनाम फ्रांस 1954) आंद्रेस गार्डाडो – 19 साल, 269 दिन (बनाम ईरान, 2006) ह्युगो सांचेज – 19 साल, 326 दिन (बनाम ट्यूनीशिया, 1978) कौन हैं गिलबर्टो मोरा? मोरा ने बहुत जल्‍द अपनी चमक बिखेरी। चियापास में जन्‍में मिडफील्‍डर को क्‍लब तिजुआना यूथ एकेडमी से पहचान मिली। उन्‍होंने बहुत जल्‍द पहली टीम में अपनी जगह पक्‍की की। 17 साल की उम्र में मोरा के पास 50 से ज्‍यादा सीनियर मैच खेलने का अनुभव हासिल है। मोरा की लगातार तरक्‍की से कोच जेवियर एगुएरे प्रभावित हुए और उन्‍हें वर्ल्‍ड कप स्‍क्‍वाड में शामिल किया। मोरा ने 2025 में अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी धाक दिखाई और मेक्सिको सीनियर नेशनल टीम में डेब्‍यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। मोरा को फीफा ने टूर्नामेंट में सबसे शानदार युवाओं में से एक करार दिया।