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क्रिकेट फैंस को लगा बड़ा झटका! इंग्लैंड सीरीज के दौरान केन विलियमसन ने लिया संन्यास

नईदिल्ली  क्रिकेट के गलियारों से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज केन विलियमसन (Kane Williamson) ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया है. संन्यास लेने से पहले वह न्यूजीलैंड की तरफ से इंटरनेशनल लेवल पर 2010 से 2026 के बीच कुल 378 मुकाबले खेलने में कामयाब रहे. इस दौरान उनके बल्ले से 452 पारियों में 48.12 की औसत से 19346 रन निकले. जिसमें 48 शतक और 103 अर्धशतक शामिल है. 251 रनों की खेली गई दोहरी शतकीय पारी उनकी एक मैच की एक पारी में खेली गई सर्वोच्च पारी रही।  विलियमसन ने न्यूजीलैंड की तरफ से सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन के साथ खत्म किया करियर  केन विलियमसन ने न्यूजीलैंड की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का साथ अपने क्रिकेट करियर का समापन किया है. उन्होंने पूरे इंटरनेशनल क्रिकेट के दौरान कुल 19346 रन बनाए. विलियमसन के बाद दूसरे स्थान पर पूर्व बल्लेबाज रॉस टेलर का नाम आता है. जो न्यूजीलैंड की तरफ से इंटरनेशनल लेवल पर 2006 से 2022 के बीच 18199 रन बनाने में कामयाब रहे. तीसरे स्थान पर 15289 रनों के साथ पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग काबिज हैं. फ्लेमिंग अपनी टीम की तरफ से 1994 से 2008 के बीच खेलने में कामयाब रहे।  विलियमसन ने टेस्ट क्रिकेट में बनाए सबसे ज्यादा रन विलियमसन अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर के दौरान टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने में कामयाब रहे. टीम के लिए रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने कुल 110 मुकाबले खेले. जहां वह 195 पारियों में 54.06 की औसत से 9515 रन बनाने में कामयाब रहे. इसके बाद उनके बल्ले से वनडे फॉर्मेट की 167 पारियों में 48.69 की औसत से 7256 और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की 90 पारियों में 33.44 की औसत से 2575 रन निकले।  केन विलियमसन टेस्ट क्रिकेट में 33 शतक और 38 अर्धशतक, वनडे में 15 शतक और 47अर्धशतक एवं टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे। 

मेक्सिको की जीत में 17 वर्षीय मोरा का इतिहास रचने वाला डेब्यू, 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

 नई दिल्‍ली  मेक्सिको ने फीफा वर्ल्‍ड कप 2026 में अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से मात दी। हालांकि, सबसे ज्‍यादा चर्चा एक 17 साल का खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा बटोर ले गया। गिलबर्टो मोरा ने मैदान पर उतरते ही इतिहास के पन्‍नों को पलट दिया और वर्ल्‍ड कप मैच खेलने वाले सबसे युवा मेक्सिकन फुटबॉलर बन गए। इसी के साथ मोरा ने 96 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मोरा मैच के 65वें मिनट में मैदान पर उतरे। तब मेक्सिको की टीम 1-0 से आगे थी। दो मिनट बाद ही जेमिनेज के गोल के दम पर मेक्सिको ने अपनी बढ़त 2-0 कर ली। यही मैच का निर्णायक स्‍कोर भी साबित हुआ। मोरा से पहले 1930 में मेनुअल रोसास ने मेक्सिको के लिए सबसे युवा डेब्‍यूटेंट की भूमिका निभाई थी। वर्ल्‍ड कप में डेब्‍यू करने वाले मेक्सिको के सबसे युवा खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा – 17 साल, 240 दिन (बनाम साउथ अफ्रीका, 2026) मेनुअल रोसास – 18 साल, 134 दिन (बनाम फ्रांस 1930) अलफ्रडो टोरेस – 19 साल, 16 दिन (बनाम ऑस्‍ट्रिया 1954) रउल अरेलानो – 19 साल, 108 दिन (बनाम फ्रांस 1954) आंद्रेस गार्डाडो – 19 साल, 269 दिन (बनाम ईरान, 2006) ह्युगो सांचेज – 19 साल, 326 दिन (बनाम ट्यूनीशिया, 1978) कौन हैं गिलबर्टो मोरा? मोरा ने बहुत जल्‍द अपनी चमक बिखेरी। चियापास में जन्‍में मिडफील्‍डर को क्‍लब तिजुआना यूथ एकेडमी से पहचान मिली। उन्‍होंने बहुत जल्‍द पहली टीम में अपनी जगह पक्‍की की। 17 साल की उम्र में मोरा के पास 50 से ज्‍यादा सीनियर मैच खेलने का अनुभव हासिल है। मोरा की लगातार तरक्‍की से कोच जेवियर एगुएरे प्रभावित हुए और उन्‍हें वर्ल्‍ड कप स्‍क्‍वाड में शामिल किया। मोरा ने 2025 में अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी धाक दिखाई और मेक्सिको सीनियर नेशनल टीम में डेब्‍यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। मोरा को फीफा ने टूर्नामेंट में सबसे शानदार युवाओं में से एक करार दिया।

चोट से वापसी के बाद रोहित शर्मा की असली परीक्षा, अफगानिस्तान सीरीज अहम

धर्मशाला  भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 मैच की वनडे सीरीज शुरु होने वाली है। कल यानि 13 जून को धर्मशाला में पहला मुकाबला खेला जाने वाला है। भारतीय क्रिकेट के समर्थक रोहित शर्मा को एक्शन में देखने के लिए उत्सुक हैं। वर्ल्ड कप 2027 का सपना लिए रोहित चोट से वापसी कर रहे हैं। ऐसे में अफगानिस्तान वनडे सीरीज उनकी फॉर्म और फिटनेस का कड़ा इ्म्तेहान होने वाली है। रोहित शर्मा की फिटनेस पर होगी नजरें आईपीएल के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण कुछ मैच नहीं खेल पाने वाले रोहित शर्मा अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के लिए समय रहते पूरी तरह से फिट हो गए हैं। आईपीए 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हिटमैन चोटिल हो गए थे। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में फिटनेस साबित करने के बाद वह एक्शन में नजर आने वाले हैं। भारत अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप की तैयारी कर रहा है। ऐसे में इस बात पर संदेह बना हुआ है कि क्या 39 वर्षीय रोहित वनडे विश्व कप तक टीम में बने रहेंगे या नहीं। रोहित शर्मा का फॉर्म में लौटना जरूरी वर्ल्ड कप 2027 की टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए रोहित शर्मा को लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा। आईपीएल 2026 के साधारण प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट उन्हें पैनी नजर से देखने वाला है। बता दें कि पिछले सीजन में रोहित ने 9 मैचों की इतनी ही पारियों में 283 रन बनाए थे। इस दौरान वह सिर्फ 2 बार पचास का आंकड़ा पार कर पाए थे। विराट कोहली की गैरमौजूदगी से बढ़ी जिम्मेदारी अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम और दर्शकों को विराट कोहली की कमी खलेगी जो मांसपेशियों में खिंचाव के कारण इस श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रोहित शर्मा पर भी विराट के बाहर होने का दबाव आ सकता है। गिल और रोहित के पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है, जबकि कोहली की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर पर ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल में से किसी एक को उतारा जा सकता है। विश्व कप से पहले भारत को लगभग 25 वनडे मैच खेलने हैं, जिससे टीम को खिलाड़ियों और अलग-अलग संयोजन आजमाने का पर्याप्त मौका मिलेगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, श्रेयस अय्यर, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, इशान किशन, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव। अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), इकराम अलिखिल (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, बिलाल सामी, नांगेयालिया खरोती, फरीद अहमद मलिक, एएम ग़ज़नफ़र, मोहम्मद नबी, राशिद खान, दरविश रसूली, इब्राहिम जादरान, जिया उर रहमान शरीफी।  

टेनिस में बड़ा बदलाव: विंबलडन का प्राइज मनी बढ़ा, खिलाड़ियों की हिस्सेदारी पर बहस तेज

लंदन  खिलाड़ियों की राजस्व में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच विंबलडन ने गुरुवार को कुल इनामी राशि में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अगले महीने होने वाले इस ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट के एकल चैंपियन को अब 48 लाख डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) मिलेंगे। वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन 29 जून से 12 जुलाई तक खेला जाएगा। ऑल इंग्लैंड क्लब की अध्यक्ष डेबोरा जेवंस ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि खिलाड़ियों के रोजाना भत्ते सहित कुल इनामी राशि 8.58 करोड़ डॉलर (करीब 821 करोड़ रुपये) होगी, जो अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। जेवंस ने कहा कि मुझे आशा है कि खिलाड़ी इसका स्वागत करेंगे। दरअसल, खिलाड़ी लंबे समय से चार ग्रैंडस्लैम से होने वाली कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने सामूहिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाना शुरू किया है। फ्रेंच ओपन से पहले दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो खिलाड़ियों को किसी ना किसी स्तर पर बहिष्कार करना चाहिए। पुरुषों के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर, कोको गफ और अन्य खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। इसके बाद रोलां गैरो पर टूर्नामेंट से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस में शीर्ष 10 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से होने वाली कमाई में अपने हिस्से को लेकर सांकेतिक विरोध जताते हुए पत्रकारों के साथ अपने सत्र को 15 मिनट तक ही सीमित रखा। एक साल से कुछ अधिक समय पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंडस्लैम के प्रमुखों को एक पत्र भेजा था जिसमें अधिक इनामी राशि और फैसले लेने की प्रक्रिया में अपनी अधिक भागीदारी की मांग की गई थी। ग्रैंडस्लैम में कितनी इनामी राशि (सिंगल्स विजेता)     आस्ट्रेलियन ओपन : 25 करोड़ रुपये     फ्रेंच ओपन : 30 करोड़ रुपये     विंबलडन : 46 करोड़ रुपये     यूएस ओपन : 44 करोड़ रुपये  

गौतम गंभीर समेत खेल जगत ने दी श्रद्धांजलि, जसपाल राणा के निधन से बड़ा शून्य

नई दिल्ली  भारत के दिग्गज निशानेबाजी कोच जसपाल राणा का गुरुवार रात को निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। राणा 49 साल के थे और देश के जाने-माने कोचेस में उनकी गिनती होती थी। पूरा देश उनके निधन की खबर से हैरान है। महज 49 साल की उम्र में राणा दुनिया छोड़ गए। वह भारत को दो ओलंपिक मेडल दिलाने वाली मनु भाकर के कोच थे। पेरिस ओलंपिक में राणा और मनु की जोड़ी ने ही भारत को ऐतिहासिक सफलता दिलाई थी। देश का नाम किया रोशन पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर राणा का याद करते हुए पोस्ट किया है और उन्हें देश का हीरा बताया है। मोदी ने लिखा, "जसपाल राणा जी के निधन की खबर सुनकर काफी दुखी हूं। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए बहुत बड़ी हानि है। निशानेबाजी में उन्होंने अपने अविश्वनीय खेल से देश को कई सफलताएं दिलाईं। एक मेंटर के तौर पर भी उनका योगदान उतना ही शानदार था। उन्होंने देश के युवा निशानेबाजों को बनाया और उन्हें दिशा दिखाई। उनकी मजबूत प्रतिबद्धता, अनुशासन और खेल जगत की सेवा के कारण उनको काफी माना जाता है।" उन्होंने आगे लिखा, " इस दुख की घड़ी में मेरी सांत्वना उनके परिवार, दोस्तों और पूरे खेल जगत के साथ है।"      गौतम गंभीर ने भी किया याद भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी राणा के निधन पर शोक जाहिर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "जसपाल राणा भारतीय खेल जगत के दिग्गज थे। उनके जाने से एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। ओम शांति।"  

सिंधु की दमदार जीत, सुपर 500 टूर्नामेंट में खिताब से दो कदम दूर

नई दिल्ली भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आज यानि 12 जून को उन्होंने चीन की चेन सु यू को क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मैच में मात दी। चेन को 21-6, 21-9 से हराने और अंतिम चार में जगह बनाने में सिंधु को सिर्फ 31 मिनट लगे। जिससे उनके साल के पहले खिताब की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। एकतरफा मैच में पीवी सिंधु की जीत इस सीजन के आठ BWF ( बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ) टूर्नामेंट में सिंधु का यह केवल दूसरा सेमीफाइनल है। उतार-चढ़ाव भरे नतीजों वाले सीजन के बाद पीवी सिंधु के लिए अच्छी खबर है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी बरुहा को मात देने के बाद उन्होंने सेमिफाइनल में चेन सु यू के सामने अपने अनुभव और आक्रामक खेल से बढ़त हासिल कर ली। पहले सेट में सिंधु ने 21-6 से जीत हासिल की। इसके बाद विपक्षी को मुकाबले में आने का मौका नहीं दिया। दूसरे सेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 21-9 से बाजा मार ली। यह इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिनी जा सकती है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी को 22-20 और 21-12 से हराया था। यह मुकाबला सिर्फ 42 मिनट में खत्म हो गया था। तन्वी शर्मा के पास इतिहास रचने का मौका इस जीत के साथ पीवी सिंधु ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर 500 में खिताब जीतने से सिर्फ दो जीत दूर हैं। क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी को जिस तरह से हराया उससे उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि महिला सिंगल्स में भारत की उम्मीदों को युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा से भी बढ़ावा मिला है। जिन्होंने अपनी ही देश की मालविका बंसोड़ को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। 17 साल की तन्वी ने 21-13, 21-15 से जीत हासिल की और ऑस्ट्रेलिया में अपना शानदार खेल जारी रखा। तन्वी ने पिछले राउंड में चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चिउ पिन-चियन को हराकर पहले ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और इसके बाद मालविका के सामने भी अच्छा खेल दिखाया।  

भारतीय शूटिंग के युग का अंत, जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा

नई दिल्ली भारतीय खेल इतिहास के सबसे चमकदार निशानेबाजों में शामिल जसपाल राणा का निधन हो गया है. वह 49 साल के थे. जर्मनी से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान बीमार पड़ गए थे और उन्हें एक चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. नई दिल्ली में उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें स्टेंट डाले गए थे. राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए ‘हाई परफार्मेंस कोच’ के रूप में कार्यरत थे. जसपाल  राणा अपने पीछे पत्नी रीना राणा, पुत्री देवांशी, पुत्र युवराज, पिता नारायण सिंह राणा तथा दो भाई-बहन सुषमा सिंह और सुभाष राणा को छोड़ गए हैं. गढ़वाल से ग्लोबल मंच तक 28 जून 1976 को उत्तराखंड के एक गढ़वाली परिवार में जन्मे जसपाल राणा का संबंध एक खेल-प्रेरित परिवार से था. उनके पिता नारायण सिंह राणा सेना के पूर्व अधिकारी रहे और बाद में उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री बने. बचपन से ही निशानेबाजी का माहौल उन्हें विरासत में मिला और उनके पिता ही उनके पहले कोच बने. महज 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था, जिससे उनका नाम तेजी से उभरने लगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने X पर लिखा कि राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.     करियर की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय पहचान 1988 में अहमदाबाद में हुए राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने देश का ध्यान खींचा. इसके बाद 1994 में मिलान (इटली) में जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप  में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाई. 1996 अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 10 मीटर एयर पिस्टल व 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट में हिस्सा लिया. कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल भारतीय जसपाल राणा का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. – कुल 15 पदक – 9 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य – 1994, 1998, 2002 और 2006 में लगातार चार संस्करणों में पदक 2002 मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स उनका सबसे सफल संस्करण रहा, जहां उन्होंने 6 पदक जीतकर इतिहास रचा.  एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन 2006 दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए- – 3 स्वर्ण पदक – 1 रजत पदक 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जो उनके करियर का सबसे प्रतिष्ठित क्षण माना जाता है. सम्मान और राष्ट्रीय पहचान उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च खेल और नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया- – अर्जुन पुरस्कार (1994) – पद्मश्री (1997) – द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020 में- कोचिंग के लिए)  कोचिंग में सुनहरा अध्याय खेल करियर के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना मिशन बनाया. 2012 के बाद उन्होंने युवा भारतीय निशानेबाजों को तैयार करना शुरू किया और भारतीय शूटिंग की नई पीढ़ी को मजबूत आधार दिया. 2018 से वे ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच बने. दोनों के बीच 2021 में कुछ समय का अलगाव रहा, लेकिन 2023 में वे फिर साथ आए और 2024 ओलंपिक की तैयारी की. उनकी ट्रेनिंग शैली को बेहद अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का माना जाता था, जिसमें ओलंपिक जैसी परिस्थितियों का अभ्यास कराया जाता था. राणा हमेशा कहते थे कि कोचिंग उनका जुनून है और उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर तैयार करना है, न कि व्यावसायिक लाभ. देहरादून स्थित उनकी अकादमी से कई युवा निशानेबाज निकले जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली आखिरी सांस  एक युग का अंत जसपाल राणा का जाना भारतीय शूटिंग के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने न केवल पदक जीते, बल्कि एक पूरी पीढ़ी तैयार की जिसने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया. उनकी विरासत भारतीय खेल इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी -एक ऐसे खिलाड़ी

विम्बलडन 2026 में बंपर जैकपॉट, विजेता को मिलेंगे करोड़ों रुपए; जानें पूरी प्राइज मनी

लंदन  खिलाड़ियों द्वारा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच व‍िम्बलडन  ने 2026 संस्करण के लिए रिकॉर्ड प्राइज मनी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. ऑल इंग्लैंड क्लब ने  बताया कि अगले महीने शुरू होने वाले प्रतिष्ठित ग्रास-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में कुल पुरस्कार राशि और खिलाड़ी भत्तों (Per Diems) में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।  इस बढ़ोतरी के बाद पुरुष और महिला सिंगल्स चैम्प‍ियन को 36 लाख पाउंड (करीब 48 लाख डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी, यानी भारतीय रुपए में बात करें तो करीब-करीब 46 करोड़ रुपए. वहीं कुल प्राइज मनी और भत्तों को मिलाकर यह आंकड़ा 6.42 करोड़ पाउंड (करीब 8.58 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया है, यानी करीब-करीब 76 करोड़ 77 लाख रुपए. इसे टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी सालाना वृद्धि बताया गया है।  ऑल इंग्लैंड क्लब की चेयर डेबोरा जेवंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि खिलाड़ी इस फैसले का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा- यह बेहद बड़ी रकम है. हमने क्वालिफाइंग राउंड समेत हर स्तर के खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए पुरस्कार राशि बढ़ाई है. मुझे उम्मीद है कि खिलाड़ी इसकी अहमियत समझेंगे।  हालांकि खिलाड़ियों की मांग इससे भी अधिक थी. जेवंस ने खुलासा किया कि हाल ही में पेरिस में खिलाड़ियों के सलाहकार और पूर्व डब्ल्यूटीए सीईओ लैरी स्कॉट के साथ हुई बातचीत में खिलाड़ियों ने इस साल व‍िम्बलडन  के लिए कुल 7.1 करोड़ पाउंड की पुरस्कार राशि की मांग रखी थी।  पिछले कुछ समय से टेनिस खिलाड़ी चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की आय में अधिक हिस्सेदारी और निर्णय प्रक्रिया में बड़ी भूमिका की मांग कर रहे हैं. फ्रेंच ओपन से पहले वर्ल्ड नंबर-1 महिला खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने कहा था कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो खिलाड़ी भविष्य में बहिष्कार (Boycott) जैसे कदम पर भी विचार कर सकते हैं. पुरुष विश्व नंबर-1 यानिक सिनर, कोको गॉफ और कई अन्य शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी थी।  रोलां गैरो में आयोजित फ्रेंच ओपन के दौरान शीर्ष-10 खिलाड़ियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए पत्रकारों के साथ अपने मीडिया सत्रों को 15 मिनट तक सीमित कर दिया था. इससे पहले करीब एक साल पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंड स्लैम प्रमुखों को पत्र लिखकर अधिक प्राइज मनी और फैसलों में ज्यादा भागीदारी की मांग की थी।  कब से शुरू हो रहा है व‍िम्बलडन  2026  29 जून से शुरू होने वाले व‍िम्बलडन  में इस बार पहले दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को भी बड़ा फायदा होगा. पहले दौर की पुरस्कार राशि 80,000 पाउंड कर दी गई है, जो 2024 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है. वहीं क्वालिफाइंग राउंड की कुल पुरस्कार राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।  व‍िम्बलडन  में उपव‍िजेताओं को क्या म‍िलेगा? पुरुष और महिला सिंगल्स उपविजेताओं को 18 लाख पाउंड (करीब 24 लाख डॉलर) मिलेंगे यानी 23 करोड़ भारतीय रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है।  व‍िम्बलडन  की आय का बड़ा हिस्सा ब्रिटेन की टेनिस और पैडल संचालन संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन (LTA) को जाता है. किसी भी वितरित वित्तीय अधिशेष का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा एलटीए को मिलता है, जिसका उपयोग खेल में भागीदारी बढ़ाने, कोर्टों के नवीनीकरण, युवा खिलाड़ियों के विकास और व‍िम्बलडन  से पहले होने वाले ग्रास-कोर्ट टूर्नामेंटों के आयोजन में किया जाता है।  एलटीए की 2025 रिपोर्ट के अनुसार व‍िम्बलडन  से प्राप्त अधिशेष (surplus)  2024 की तुलना में 4 प्रतिशत घटकर 4.86 करोड़ पाउंड रह गया, हालांकि महिला टूर्नामेंट को क्वीन्स क्लब में शामिल किए जाने के कारण संस्था की कुल आय में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।  व‍िम्बलडन  29 जून से शुरू होगा. महिला वर्ग में गत चैम्प‍ियन इगा स्वियातेक अपने खिताब की रक्षा करेंगी. वहीं पुरुष वर्ग में मौजूदा चैम्प‍ियन जैन‍िक सिनर हैं, जिन्होंने पिछले साल फाइनल में कार्लोस अल्काराज को हराया था. हालांकि अल्काराज इस बार कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। 

मेक्सिको का दमदार प्रदर्शन, क्विनोनेस और जिमेनेज चमके; दक्षिण अफ्रीका 2-0 से पराजित

मेक्सिको  फुटबॉल प्रेमियों के इंतजार का पल का समाप्त हो गया है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 (Fifa World Cup 2026) के महाकुंभ का आगाज हो गया है. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका (Mexico vs South Africa) के बीच मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला गया. जहां मेक्सिको की टीम जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज के शानदार गोलों के बदौलत 2-0 से कामयाबी हासिल करने में कामयाब रही. मैच के दौरान मैक्सिको की टीम काफी आक्रामक नजर आई. जिसका परिणाम यह रहा कि मेजबान टीम पूरे मैच के दौरान विपक्षी टीम के ऊपर हावी नजर आई. मैक्सिको के आक्रामक खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनोनेस ने गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. हालांकि, इसके बाद टीम को दूसरे गोल के लिए कुल 57 मिनटों का इंतजार करना पड़ा. टीम की तरफ से दूसरा गोल 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने हेडर के जरिए हासिल किया।    मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से दिखी अनुशासनहीनता मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से अनुशासनहीनता भी देखने को मिले. अफ्रीकी टीम की तरफ से जहां स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को अनुशासनहीनता के लिए रेड कॉर्ड दिखाया गया. वहीं इंजरी टाइम के दौरान मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला. मैच के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब अफ्रीकी टीम को नौ खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा. जिसका परिणाम यह रहा कि टीम को 2-0 की हार के साथ पहला मुकाबला गंवाना पड़ा।  राउल जिमेनेज ने हासिल की विशेष उपलब्धि मैच के दौरान राउल जिमेनेज ने एक विशेष उपलब्धि भी हासिल की. 66वें मिनट में गोल दागते हुए इंटरनेशनल करियर में उनके कुल 46 गोल हो गए हैं. जिसके साथ ही वह अब मैक्सिको की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे फुटबॉलर बन गए हैं. खास मामले में उन्होंने पूर्व फुटबॉलर जारेड बॉर्गेटी की बराबरी की है. बॉर्गेटी ने भी अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 46 गोल दागे थे. पहले स्थान पर जेवियर हर्नांडेज काबिज हैं. जिन्होंने 109 मुकाबलों में कुल 52 गोल लगाए हैं। 

बारिश बनी विलेन, 349 रन बनाने के बाद भी मिली हार; अब ट्राई सीरीज फाइनल की राह कैसे होगी तय?

 दांबुला IND A vs AFG A: दांबुला में खेली जा रही ट्राई-नेशन A सीरीज में अफगानिस्तान A ने बड़ा उलटफेर करते हुए भारत A को DLS नियम के तहत 4 रन से हरा दिया. इस नतीजे ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं और अब 21 जून को होने वाले फाइनल की रेस काफी रोमांचक हो गई है. सवाल है कि क्या भारत ए टीम इस टूर्नामेंट का फाइनल खेल पाएगी? लेकिन उससे पहले जान लीजिए गुरुवार (11 जून) को हुए मुकाबले में क्या हुआ?  भारत A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49 ओवर में 349/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया. टीम को तेज शुरुआत दिलाने में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभस‍िमरन सिंह ने अहम भूमिका निभाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 7.1 ओवर में 74 रन जोड़ दिए।  16 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 22 गेंदों पर 44 रन बनाए. उनकी पारी में 9 चौके शामिल रहे. खास बात यह रही कि उन्होंने बिना कोई छक्का लगाए 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. हालांकि वह एक बार फिर ऑफ स्टंप के बाहर उठती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए।  इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 69 गेंदों पर 84 रन ठोक दिए. कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने भी शानदार अर्धशतक जड़े. दोनों बल्लेबाजों ने 66-66 रन की पारियां खेलीं. तिलक ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया, जबकि ऋतुराज ने भी टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार 50+ स्कोर बनाया।  मध्यक्रम में सूर्यांश शेडगे ने 27 गेंदों पर 40 रन बनाकर तेजी से रन जुटाए और भारत को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. अफगानिस्तान की ओर से अब्दुल्लाह अहमदजई सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 5 विकेट झटके।  बारिश की वजह से मुकाबला प्रभावित हुआ और DLS नियम के तहत अफगानिस्तान A का लक्ष्य 38 ओवर में 294 रन कर दिया गया. जवाब में कप्तान इमरान और हसन इसाखिल ने तेज शुरुआत दिलाई. इमरान ने नाबाद 75 रन बनाए, जबकि बहिर शाह ने 51 रन की अहम पारी खेली।  जब 25.5 ओवर में अफगानिस्तान का स्कोर 177/2 था, तब एक बार फिर बारिश आ गई और खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका. DLS गणना में उस समय अफगानिस्तान A निर्धारित पार स्कोर से 4 रन आगे था, जिसके चलते उसे विजेता घोषित कर दिया गया।  भारत A के गेंदबाज शुरुआती दो विकेट लेने के बाद दबाव नहीं बना सके. अरशद और अनुकूल रॉय ने सफलता दिलाई, लेकिन इमरान और बहिर शाह की साझेदारी मैच भारत से दूर ले गई. अगर खेल आगे बढ़ता या कुछ और विकेट गिरते तो DLS समीकरण बदल सकता था, लेकिन बारिश ने भारत की वापसी का मौका ही नहीं दिया।  फाइनल का समीकरण क्या है? टूर्नामेंट में अब अफगानिस्तान A और भारत A दोनों के 2-2 अंक हैं. हालांकि बेहतर नेट रन रेट (+0.155) की वजह से अफगानिस्तान शीर्ष पर पहुंच गया है, जबकि भारत A (+0.053) दूसरे स्थान पर है. श्रीलंका A अभी बिना अंक के तीसरे स्थान पर है।  अब भारत A को 15 जून को श्रीलंका A और 17 जून को अफगानिस्तान A के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं. इन मैचों के नतीजे ही तय करेंगे कि 21 जून के फाइनल में कौन सी दो टीमें पहुंचेंगी. यदि श्रीलंका A अगले मुकाबले में अफगानिस्तान को हरा देता है तो अंक तालिका और भी दिलचस्प हो जाएगी।  ट्राई सीरीज का शेड्यूल 9 जून: भारत A ने श्रीलंका A को 8 रन से हराया 11 जून: अफगानिस्तान A ने भारत A को 4 रन से हराया (DLS) 13 जून: अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून: भारत A vs श्रीलंका A 17 जून: भारत A vs अफगानिस्तान A 19 जून: अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून: फाइनल