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एलएसजी बनाम पंजाब: जीत के बावजूद PBKS को रहेगी राजस्थान के नतीजे की चिंता

 लखनऊ  आईपीएल के 68वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स की भिड़ंत पंजाब किंग्स से होगी। पंजाब के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है, क्योंकि उसकी नजरें प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने पर होंगी। वहीं, एलएसजी घरेलू मैदान पर जीत के साथ अपने अभियान का समापन करना चाहेगी। हालांकि, ऋषभ पंत की कप्तानी वाली टीम अपने खराब प्रदर्शन की वजह से पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है, लेकिन पिछले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स पर मिली जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। इकाना में खेले गए मैच में निकोलस पूरन और मिचेल मार्श ने शानदार बल्लेबाजी कर टीम की जीत सुनिश्चित की। सिर्फ जीत नहीं का काफी पंजाब ने 13 मैचों में छह मुकाबले जीते हैं और अंक तालिका में पांचवें नंबर पर है। ऐसे में एलएसजी के खिलाफ जीत से उसके 15 अंक हो जाएगा। हालांकि, अगले मैच में जीतने के बाद भी पंजाब को राजस्थान रॉयल्स की जीत-हार पर निर्भर रहना होगा, जो इतने ही मैचों में 14 अंक के साथ चौथे स्थान पर है। यदि राजस्थान अपना आखिरी मुकाबला जीतती है तो 16 अंकों के साथ उसे प्लेऑफ का टिकट मिल जाएगा। लखनऊ की चिंता अस्थिरता लखनऊ के लिए इस सीजन में सबसे बड़ी चिंता बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अस्थिरता रही है। मोहम्मद शमी और आवेश खान जैसे अनुभवी गेंदबाज लगातार असर नहीं छोड़ सके। हालांकि, युवा तेज गेंदबाज आकाश सिंह और प्रिंस यादव ने कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया है। बल्लेबाजी में मिचेल मार्श, निकोलस पूरन और एडेन मार्करम टीम की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। जोश इंग्लिस आखिरी मैचों में टीम से जुड़े, लेकिन उन्होंने बढ़िया बल्लेबाजी की है। ऋषभ पंत लगातार दूसरे सीजन में भी बल्ले से संघर्ष कर रहे है, जिसके कारण टीम ने 13 मैचों में नौ गंवाए और सिर्फ चार में जीत मिल सकी। हालांकि, इन सबको भुलाकर मेजबान टीम घर में आखिरी मुकाबला जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी। आसान नहीं होगी पंजाब की राह लगातार छह हार ने पंजाब किंग्स की इस प्लेऑफ की राह मुश्किल बना दी है। सीजन की शुरुआत में शानदार लय में दिख रही टीम अब दबाव में नजर आ रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब ने शुरुआती मुकाबलों में आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए खुद को खिताब के दावेदारों में शामिल कर लिया था, लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे चरण में टीम का प्रदर्शन पूरी तरह बिखर गया। पंजाब किंग्स ने अपने पहले दस मुकाबलों में छह जीत दर्ज कर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बना ली थी। उस समय टीम का नेट रन रेट भी बेहतर था और बल्लेबाजी इकाई संतुलित दिखाई दे रही थी, लेकिन इसके बाद टीम लगातार हार के भंवर में फंस गई। लगातार छह मैच गंवाने के बाद अब पंजाब के लिए नॉक आउट की राह केवल अपनी जीत पर नहीं, बल्कि दूसरी टीमों के परिणामों पर भी निर्भर हो गई है निरंतरता की कमी टीम की सबसे बड़ी समस्या प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही। शुरुआती मैचों में जहां शीर्ष क्रम ने जिम्मेदारी निभाई, वहीं पिछले मुकाबलों में बल्लेबाज बड़े मौकों पर विफल रहे। श्रेयस अय्यर, प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या जैसे बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। मध्यक्रम भी दबाव के समय टीम को संभालने में नाकाम रहा। कई मुकाबलों में पंजाब अच्छी स्थिति में होने के बावजूद मैच गंवाती नजर आई। गेंदबाजी विभाग में भी पंजाब को लगातार संघर्ष का सामना करना पड़ा। आखिरी ओवरों में रन रोकने में टीम असफल रही, जबकि स्पिन आक्रमण अपेक्षित असर नहीं छोड़ सका। ऐसे में इकाना स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला पंजाब किंग्स के पूरे सीजन का सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है। यदि टीम अपनी गलतियों से सीख लेकर संतुलित प्रदर्शन करती है तो वापसी की उम्मीद बनी रह सकती है, लेकिन एक और हार पंजाब के अभियान का अंत साबित हो सकती है। रिकॉर्ड पंजाब के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल सात मुकाबले खेले गए हैं। इन मैचों में लखनऊ ने चार बार जीत हासिल की है, जबकि पंजाब को तीन में जीत मिली है। ऐसे में रिकार्ड पंजाब के पक्ष में है।  

SRH के विस्फोटक बैटर ने IPL में रचा इतिहास, ऋषभ पंत का ‘महारिकॉर्ड’ टूटा; हारकर भी टॉप पर RCB

 हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैच नंबर-67 में शुक्रवार (22 मई) को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से हुआ. हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए इस मैच में एसआरएच ने 55 रनों से जीत हासिल की. एसआरएच ने आरसीबी को जीत के लिए 256 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो चार विकेट पर 200 रन ही बना सकी।  इस जीत के बाद भी एसआरएच को एलिमिनेटर मुकाबला खेलना होगा. वहीं हार के बावजूद आरसीबी पहला क्वालिफायर 26 मई को गुजरात टाइटन्स (GT) से खेलेगी. आरसीबी अंकतालिका में पहले नंबर पर रही. आरसीबी को अंकतालिका में टॉप-2 पर बने रहने के लिए 166 रन बनाने थे, जो उसने आसानी से बनाए।  सनराइजर्स हैदाराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पहले ही प्लेऑफ में जगह बना चुकी थी. सनराइजर्स हैदाराबाद ने 14 मुकाबले खेलकर नौ में जीत हासिल की और उसके 18 अंक रहे. दूसरी ओर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी 14 मुकाबलों में से 9 में जीत दर्ज की. आरसीबी के भी 18 पॉइंट्स रहे।  रनचेज में वेंकटेश अय्यर ने विराट कोहली के साथ मिलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाई. वेंकटेश ने 4 छ्क्के और 4 चौके की मदद से 19 गेंदों पर 44 रन बनाए. ईशान मलिंगा ने वेंकटेश अय्यर कोआउट कर 62 रनों की ओपनिंग साझेदारी को ब्रेक किया. फिर साकिब हुसैन ने विराट कोहली का विकेट लिया, जिन्होंने दो चौके की मदद से 11 गेंदों पर 15 रनों का योगदान दिया।  देवदत्त पडिक्कल (21 रन) भी ज्याादा बड़ी इनिंग्स नहीं खेल पाए और ईशान मलिंगा का शिकार बने. यहां से रजत पाटीदार (56 रन) और क्रुणाल पंड्या (नाबाद 41 रन) ने चौथे विकेट के लिए 84 रन जोड़कर ये सुनिश्चित किया कि टीम क्वालिफायर-1 में भाग ले. टिम डेविड ने नाबाद 15 रन बनाए।  SRH के बैटर ने IPL में रच दिया नया इतिहास विस्फोटक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इतिहास रच दिया है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए हाईस्कोरिंग मुकाबले में क्लासेन ने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो टी20 क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया था।  हेनरिक क्लासेन अब दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने किसी टी20 सीरीज या टूर्नामेंट में नंबर-4 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 600 से ज्यादा रन बनाए हैं. इसी के साथ उन्होंने भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।  आरसीबी के खिलाफ मुकाबले से पहले हेनरिक क्लासेन को इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 45 रनों की जरूरत थी. उन्होंने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 51 रनों ठोक दिए और मौजूद आईपीएल सीजन में 600 रनों का आंकड़ा पार कर लिया।  इससे पहले नंबर-4 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए किसी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था. पंत ने आईपीएल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए 579 रन बनाए थे. अब क्लासेन ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास लिख दिया है।  क्लासेन ने ये रिकॉर्ड भी बनाया इतना ही नहीं, हेनरिक क्लासेन आईपीएल इतिहास के पहले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने किसी एक सीजन के लीग स्टेज के सभी 14 मैचों में दहाई का आंकड़ा पार किया हो. उनकी यह लगातार शानदार बल्लेबाजी सनराइजर्स हैदराबाद के लिए सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।  सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले हेनरिक क्लासेन को 23 करोड़ रुपये में रिटेन किया था और उन्होंने अपने प्रदर्शन से टीम के फैसले को पूरी तरह सही साबित किया है. आईपीएल 2026 में वह एसआरएच के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और अब तक 6 अर्धशतक जड़ चुके हैं।  आरसीबी के खिलाफ क्लासेन ने अपनी पारी में 2 चौके और 5 लंबे छक्के लगाए. उन्होंने ईशान किशन के साथ तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 113 रनों की विस्फोटक साझेदारी भी की, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया. हालांकि पारी के 17वें ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह क्रुणाल पंड्या की गेंद पर वेंकटेश अय्यर को कैच दे बैठे. लेकिन तब तक क्लासेन अपना काम कर चुके थे और एसआरएच को विशाल स्कोर की ओर पहुंचा दिया था।  हैदराबाद की पारी की हाइलाइट्स सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए चार विकेट पर 255 रन बनाए. सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत तूफानी रही. ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा ने मिलकर पहले विकेट के लिए 45 रनों की पार्टनरशिप की. रसिक सलाम डार ने ट्रेविस हेड (26 रन) को आउट कर इस साझेदारी का अंत किया. हेड के आउट होने के बाद भी अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ बैटिंग जारी रखते हुए सिर्फ 20 गेंदों पर फिफ्टी जमा दी. इस दौरान अभिषेक ने ईशान किशन ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े. स्पिनर सुयश शर्मा ने अभिषेक को पवेलियन भेजा. अभिषेक ने 22 गेंदों का सामना करते हुए 56 रन बनाए, जिसमें पांच छक्के और चार चौके शामिल रहे।  यहां से हेनरिक क्लासेन और ईशान किशन के बीच तीसरे विकेट के लिए 113 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने सनराइजर्स हैदराबाद को बड़े स्कोर तक पहुंचाया. ईशान ने आठ चौके और तीन छक्के की मदद से 46 बॉल पर 79 रनों का योगदान दिया. वहीं क्लासेन ने 24 बॉल पर 51 रनों की पारी खेली, जिसमें पांच छक्के और दो चौके शामिल रहे. नीतीश कुमार रेड्डी ने तीन छक्के और एक चौके की मदद से सिर्फ 12 गेंदों पर तूफानी 29* रन बनाए।  इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच अब तक 28 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने 15 मैचों में जीत हासिल की. वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 12 मैचों में सफलता मिली. जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा. मौजूदा सीजन में दोनों टीमों दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 28 मार्च 2026 को सीजन के ओपनिंग मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से परास्त किया था।  हैदराबाद vs बेंगलुरु h2h कुल आईपीएल मुकाबले: 28 हैदराबाद ने जीते: 16 बेंगलुरु ने जीते: 12 बेनतीजा: 1

चेन्नई सुपर किंग्स करेगी बड़ा फेरबदल, 14 करोड़ वाला खिलाड़ी भी बाहर होने की कगार पर

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स लगातार तीसरा मैच हारकर IPL 2026 में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है. लगातार तीसरी बार है जब 5 बार की चैंपियन CSK प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर पाई. अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही चेन्नई अगले साल कई परिवर्तन करना चाहेंगी. ऐसे में कई प्लेयर्स हैं, जिनको लेकर माना जा रहा है कि चेन्नई उन्हें रिलीज कर देगी।  IPL 2027 से पहले मेगा ऑक्शन होगा, जिसमें सभी फ्रेंचाइजियों के लिए रिटेन करने वाले खिलाड़ियों की संख्या निश्चित होती है. ऐसे में चेन्नई कई प्लेयर्स को रिलीज कर सकती है, जो उनकी योजना में फिट नहीं बैठे या बैठेंगे. वहीं कई को इसलिए अलग किया जा सकता है क्योंकि उनसे पहले टीम दूसरे खिलाड़ियों को प्रायोरिटी देगी।  सरफराज खान सरफराज खान को चेन्नई सुपर किंग्स ने 75 लाख रुपये में खरीदा था. इस सीजन उन्हें 8 मैच खेलने को मिले, जिसमें खेली 7 पारियों में उन्होंने कुल 161 रन बनाए. मेगा ऑक्शन से पहले चेन्नई शायद ही सरफराज को रिटेन करे, हालांकि उनका प्राइस कम ही है लेकिन फिर भी टीम शायद उन्हें रिलीज कर दे।  खलील अहमद खलील अहमद प्रभाव नहीं छोड़ पाए, शुरूआती मैचों में वह बेअसर रहे और फिर चोट के कारण नहीं खेल पाए. उन्होंने 5 मैचों में सिर्फ 2 ही विकेट लिए. चेन्नई की गेंदबाजी इस बार अच्छी नहीं रही. मेगा ऑक्शन से पहले चेन्नई शायद ही खलील को भी रिटेन करे, टीम उन्हें रिलीज कर सकती है।  प्रशांत वीर प्रशांत को चेन्नई सुपर किंग्स ने रिकॉर्ड बोली (14 करोड़ 20 लाख रुपये) लगाकर खरीदा था, लेकिन वह कोई छाप नहीं छोड़ पाए. उन्होंने 6 मैच खेले और सिर्फ एक ही मैच में उन्हें गेंदबाजी दी गई, जिसमें डाले 2 ओवरों में उन्होंने 25 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया. ऐसा नजर आया कि प्रशांत उनकी योजना में फिट नहीं बैठ पा रहे. मेगा ऑक्शन से पहले फ्रेंचाइजी निश्चित संख्या तक ही प्लेयर्स को रिटेन कर सकती हैं, ऐसे में शायद चेन्नई प्रशांत वीर को रिलीज कर दे और अपने पर्स को बढ़ाना चाहे।  मुकेश चौधरी 29 वर्षीय तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी 2022 से चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ही खेल रहे हैं, इस साल उन्होंने 8 मैचों में 8 ही विकेट लिए. उनका इकॉनमी 8.89 का रहा, लेकिन शायद चेन्नई अब नए खिलाड़ियों को तलाशे. हालांकि मुकेश में शानदार प्रतिभा है, वह इस टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं लेकिन शायद वह उन खिलाड़ियों में न आएं जिन्हे चेन्नई मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन करना चाहे।  स्पेंसर जॉनसन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन को भी चेन्नई सुपर किंग्स रिटेन नहीं करना चाहेगी. जॉनसन ने इस साल खेले 3 मैचों में 2 विकेट लिए. जॉनसन को चेन्नई ने रिप्लेसमेंट के तौर पर सीजन के बीच में शामिल किया था, उनका प्राइस 1.5 करोड़ रुपये है. चेन्नई उन्हें अगले संस्करण के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले रिलीज कर सकती है। 

विनेश केस में हाई कोर्ट की तीखी टिप्पणी, बोला- मातृत्व को सजा नहीं बना सकते

रोहतक  मां बनने के बाद वापसी की राह पर चल रहीं भारतीय स्टार पहलवान विनेश फोगाट के समर्थन में दिल्ली हाई कोर्ट खुलकर सामने आ गया. कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को फटकार लगाते हुए साफ कहा कि 'मातृत्व कोई अपराध नहीं है' और किसी खिलाड़ी के साथ 'बदले की भावना' से व्यवहार नहीं किया जा सकता।  मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि तुरंत विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाए, जो विनेश फोगाट की फिटनेस और प्रतिस्पर्धा में वापसी का आकलन करे. कोर्ट ने यह भी कहा कि हर हाल में विनेश को आगामी एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए।  सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने WFI के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को पहले राहत दी जाती रही है, लेकिन विनेश के मामले में अचानक नियम बदल देना 'बहुत कुछ कहता है.' अदालत ने दो टूक कहा, 'इस देश में मातृत्व का सम्मान किया जाता है… इसे किसी खिलाड़ी के करियर के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता।  दरअसल, WFI ने विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट खेलने के लिए 'अयोग्य' घोषित कर दिया था. संघ का दावा था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी है. लेकिन जुलाई 2025 में मां बनने के बाद वापसी की तैयारी कर रहीं विनेश इसके बावजूद गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पहुंच गईं।  विनेश की ओर से अदालत में दलील दी गई कि 9 मई को जारी शो-कॉज नोटिस सिर्फ उन्हें बाहर करने की कोशिश थी. कोर्ट ने उस नोटिस पर भी नाराजगी जताई, जिसमें 2024 Summer Olympics में 100 ग्राम अधिक वजन के कारण हुए उनके डिस्क्वालिफिकेशन को 'राष्ट्रीय शर्म' कहा गया था।  अदालत ने सख्त लहजे में कहा, 'खेल किसी व्यक्तिगत दुश्मनी से बड़ा होता है. खिलाड़ियों के भविष्य के साथ इस तरह का व्यवहार खेल के हित में नहीं है।  गौरतलब है कि विनेश फोगाट 2023 में महिला पहलवानों के उस ऐतिहासिक आंदोलन का चेहरा भी रही थीं, जिसमें WFI के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे। 

यूरोपा लीग 2026: फ्रीबर्ग को 3-0 से हराकर एस्टन विला ने रचा इतिहास

इस्तांबुल  एस्टन विला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को फ्रीबर्ग को 3-0 से हराकर यूरोपा लीग खिताब जीत लिया। इस खिताब के साथ विला ने 30 साल से चले आ रहे ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया। विला के समर्थक इंग्लैंड के भावी किंग प्रिंस विलियम ने मैच खत्म होने की सीटी बजते ही जोरदार जश्न मनाया। 1996 के इंग्लिश लीग कप के बाद यह पहला मौका था, जब एस्टन विला ने कोई बड़ा खिताब जीता। 44 साल बाद मिली ट्रॉफी विला ने 1982 में यूरोपीय कप और फिर सुपर कप जीता था। इस तरह पहली बार यूरोपीय कप जीतने के बाद यह क्लब को यह ट्रॉफी 44 साल बाद मिली है। पहले हाफ में यूरी टिलेमैंस और एमी बुएंडिया के शानदार गोल ने एस्टन विला को मैच में दबदबा बनाने में मदद की। जिसके बाद मार्गन रोजर्स के गोल ने टीम को दूसरा मेजर यूरोपीय खिताब दिला दिया। एमरी का पांचवां खिताब 1982 की उस टीम के नौ सदस्य स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने क्लब के मैनेजर उनाई एमरी को अपना पांचवां यूरोपा लीग खिताब जीतते हुए देखा। एमरी ने नवंबर 2022 में स्टीवन जेरार्ड की जगह ली थी, उस समय विला 'लिगेशन जोन से सिर्फ तीन अंक ऊपर था। एमरी ने 2014-16 तक सेविला के साथ लगातार तीन साल और फिर 2021 में विलारियाल के साथ यह खिताब जीता था। वहीं जर्मनी की टीम फ्रीबर्ग 10 साल पहले दूसरे डिवीजन में खेल रही थी, लेकिन अपने पहले यूरोपीय फाइनल में पूरी तरह से पिछड़ गई। यूरोपा लीग के हाल के चैंपियन वर्ष            क्लब                      देश 2020       सेविया                    स्पेन 2021       विलारियल,               स्पेन 2022       आइंट्राख्ट फ्रैंकफर्ट      जर्मनी 2023       सेविया                    स्पेन 2024       अटलांटा                  इटली 2025       टॉटनहैम                  इंग्लैंड 2026      एस्टन विला                इंग्लैंड  

अलकराज की गैरमौजूदगी से बढ़ीं जोकोविच की उम्मीदें, सानिया मिर्जा का बड़ा बयान

 नई दिल्ली साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन 24 मई से शुरू होने जा रहा है। दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों के बीच इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस बार कार्लोस अलकराज पुरुष सिंगल्स में नहीं खेलेंगे और भारत की पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का कहना है कि अलकराज के नहीं होने पर नोवाक जोकोविक के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है। सानिया ने जोकोविक की जीत की संभावनाओं पर सानिया ने कहा कि कार्लोस अलकराज की गैरमौजूदगी से उनकी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अभी वह ज्यादातर हार सिर्फ जानिक सिनर और अलकराज से ही खाते हैं। 38-39 साल की उम्र में भी उनका शीर्ष स्तर पर बने रहना अविश्वसनीय है। सिनर इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, लेकिन नोवाक अब भी शीर्ष तीन खिलाड़ियों में हैं। उन्होंने हमेशा लोगों, उम्र और सीमाओं को गलत साबित किया है। इसलिए उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तीन बार की डबल्स ग्रैंडस्लैम चैंपियन सानिया मिर्जा ने फ्रेंच ओपन में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौतियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। सानिया ने कहा कि मुझे लगता है कि क्ले कोर्ट पर हमारा खेल हार्ड कोर्ट या ग्रास कोर्ट जितना मजबूत नहीं है। इसलिए यह मुश्किल जरूर होता है। क्ले कोर्ट पर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी बहुत अच्छी रिटर्न करते हैं। इसलिए शायद क्ले कोर्ट उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह उनकी पसंदीदा सतह है या नहीं। कुल मिलाकर, क्ले कोर्ट पर खेलना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा सानिया ने क्वालीफायर में भारतीय खिलाड़ी करमन कौर थांडी की वापसी को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि करमन ने अपनी प्रोटेक्टेड रैंकिंग के जरिए वापसी की है, जो इस बात का प्रमाण है कि चोट लगने से पहले वह अच्छे स्तर पर खेल रही थीं। सानिया ने कहा कि लगभग दो साल बाद कोर्ट पर लौटने वाले खिलाड़ी का तुरंत आंकलन करना सही नहीं होगा। सानिया ने कहा कि इंजरी से वापसी में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है, क्योंकि खिलाड़ी के मन में फिटनेस, प्रदर्शन और दोबारा चोट लगने जैसे कई सवाल चलते रहते हैं।

मेरठ की धाविका पारुल चौधरी का बड़ा लक्ष्य, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में चमकने की तैयारी

 नई दिल्ली  भारत की लंबी दूरी की धाविका पारुल चौधरी अब केवल एशियाई स्तर की खिलाड़ी नहीं रह गई हैं। पिछले एक साल में उन्होंने डायमंड लीग जैसी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में नियमित भाग लेकर खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। पारुल का मानना है कि दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और इससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। मेरठ की 31 वर्षीय एथलीट 2022 एशियाई खेलों में 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज (बाधा दौड़) में रजत पदक जीत चुकी हैं। वहीं पिछले साल गुमी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में पारुल ने दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीता था। पारुल ने बताया अपना लक्ष्य पारुल का लक्ष्य अब इस साल जुलाई में होने वाले ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पदक जीतना है। पारुल ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि पहले भारतीय एथलीटों को विदेशों में खेलने के ज्यादा अवसर नहीं मिलते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 2016 से राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा थीं, लेकिन उन्हें पहली बार 2022 में विदेश में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला। अब युवा खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिल रहा है, जिसका फायदा भारतीय एथलेटिक्स को मिल रहा है। भारतीय ट्रैक एंड फील्ड में अब तक स्पिरंट और फील्ड इवेंट के खिलाड़ियों को ज्यादा पहचान मिली है, लेकिन पारुल ने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार खेलने से खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन को समझने और सुधारने का मौका मिलता है। पदक जीतना सबसे बड़ा लक्ष्य लंबी दूरी की दौड़ के अंतिम चरण को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। पारुल के अनुसार अंतिम एक किलोमीटर में खुद को मजबूत बनाए रखना बेहद अहम होता है और इसके लिए कोच विशेष ट्रेनिंग और रणनीति तैयार करते हैं। पारुल ने बताया कि बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को स्पो‌र्ट्स साइंस, रिकवरी मॉनिटरिंग और फिटनेस से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों की क्वालीफाइंग टाइमिंग की बराबरी करने वाली पारुल ने कहा कि अगर उन्हें क्वालिफाई करने का मौका मिलता है तो उनका लक्ष्य वहां भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल उनका पूरा फोकस निरंतर सुधार और बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतने पर है।

87 रन की जीत या 11 ओवर में चेज! जानिए SRH कैसे छीन सकती है नंबर-1 पोजिशन

 हैदराबाद आईपीएल 2026 की लीग स्टेज बस खत्म होने ही वाली है और जल्द ही प्लेऑफ राउंड शुरू हो जाएगा. हालांकि प्लेऑफ की चारों टीम अभी तय नहीं हो सकी हैं क्योंकि चौथे स्थान के लिए कई टीमों के बीच मशक्कत अभी भी जारी है. मगर उससे पहले ही ये फैसला होने जा रहा है कि पहले और दूसरे स्थान पर कौन रहेगा. इसका फैसला होगा सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच आज यानि शुक्रवार 22 मई को होने वाले मुकाबले से. शुक्रवार को हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में इस सीजन का 67वां मैच खेला जाएगा. हैदराबाद और बेंगलुरु पहले ही प्लेऑफ में जगह पक्की कर चुकी हैं और अब उनके सामने टॉप-2 में जगह बनाने की चुनौती है. दोनों में से कोई एक ही टीम ये जगह ले पाएगी क्योंकि एक स्पॉट पर गुजरात टाइटंस ने अपना नाम लिख लिया है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराकर अपनी जगह पर मुहर लगाई. SRH और RCB का मौजूदा हाल अब सवाल ये है कि बेंगलुरु और हैदराबाद में से कौन बचा हुआ स्थान हासिल करेगा? फिलहाल पॉइंट्स टेबल बताती है कि पहले स्थान पर तो मौजूदा चैंपियन RCB ही है, जिसके 18 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट 1.065 है. वहीं मेजबान SRH के फिलहाल 16 पॉइंट्स हैं और रनरेट 0.350 है. ऐसे में अभी तो बेंगलुरु ही आगे है लेकिन इस मैच से स्थिति पूरी तरह बदल सकती है और हैदराबाद पहला स्थान हासिल कर सकती है. मगर ये होगा कैसे? सबसे पहली बात तो यही है कि सनराइजर्स को ये मैच जीतना ही होगा, जिससे उसके 18 पॉइंट हो जाएंगे. मगर बात सिर्फ जीतने से नहीं बनेगी क्योंकि 18 पॉइंट्स पर तीनों टीम बराबरी पर आ जाएंगी और ऐसे में फैसला नेट रनरेट से होगा. इसलिए हैदराबाद को उतनी ही बड़ी जीत चाहिए, जितनी गुजरात ने हासिल की. नेट रनरेट का गणित बताता है कि पहले बैटिंग करने की स्थिति में सनराइजर्स को हर हाल में 87 रन से 89 रन के बीच के अंतर से जीत चाहिए, जिससे वो RCB के नेट रनरेट को पीछे छोड़ सकती है. अगर SRH हार गई या कम अंतर से जीती तो बेंगलुरु पहले स्थान पर ही रहेगी. कैसा है SRH के लिए नेट रनरेट का गणित? माना SRH ने 180 रन बनाए तो उसे कम से कम 87 रन के अंतर से जीतना होगा. अगर टीम 200 रन बनाती है तो भी इतना ही अंतर चाहिए, जिससे वो RCB से आगे निकल जाए. अगर 220 रन बनते हैं तो 88 रन के अंतर से जीतने पर ही बात बनेगी. अगर SRH के बल्लेबाज टीम को 240 रन तक ले जाते हैं तो उसके गेंदबाजों को 89 रन से जीत दिलानी पड़ेगी. अब अगर टीम पहले बॉलिंग करती है तो उसे कोई भी लक्ष्य 11 से 11.1 ओवर के बीच हासिल करना होगा. माना SRH को 121 रन, 141 या 161 रन का लक्ष्य मिलता है तो उसे ये 11.1 ओवर में हासिल करना होगा. वहीं अगर लक्ष्य 181 का है तो 11 ओवर में जीतना होगा. अगर इससे भी ज्यादा लक्ष्य मिला तो 11 ओवर से भी कम में उसे जीतना होगा.  

ईस्ट बंगाल का ऐतिहासिक कमाल, 22 साल बाद ट्रॉफी उठाकर रचा इतिहास

 कोलकाता  ईस्ट बंगाल एफसी बृहस्पतिवार को यहां पहली बार इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल चैंपियन बना। इसके साथ ही देश की इस शीर्ष टियर प्रतियोगिता में उसका 22 साल से चला आ रहा खिताब का सूखा खत्म हो गया। खिताब के लिए शीर्ष पांच टीम के बीच हुए रोमांचक मुकाबले के बीच ईस्ट बंगाल ने बाजी मारी।ईस्ट बंगाल ने किशोर भारती क्रीड़ांगन में इंटर काशी पर कड़े मुकाबले में 2-1 की जीत के साथ खिताब अपने नाम किया।वहीं मोहन बागान ने युवा भारती क्रीड़ांगन में स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को 2-1 से हराया। ईस्ट बंगाल के अलावा मोहन बागान, मुंबई सिटी एफसी, पंजाब सिटी और बेंगलुरु एफसी अंतिम दौर के मुकाबलों से पहले खिताब के दावेदारों में शामिल थे।मुंबई एफसी ने पंजाब एफसी को 2-0 से हराया जबकि ओडिशा एफसी और जमशेदपुर एफसी के बीच मुकाबला गोल रहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ।हालाकि ईस्ट बंगाल को आखिरी मिनट तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी। अल्फ्रेड के शानदार गोल ने 15वें मिनट में इंटर काशी को बढ़त दिला दी। मध्यांतर से पहले बराबरी करने के कई मौके गंवाने के बाद ईस्ट बंगाल ने 50वें मिनट में स्ट्राइकर यूसुफ एजेजारी के गोल से बराबरी हासिल की। यूसुफ एजेजारी गोल्डन बूट के विजेता भी हैं। उन्होंने 13 मैच में 11 गोल करके लीग के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह बनाई। मुकाबले की शुरुआत ईस्ट बंगाल के लिए खराब रही. इंटर काशी ने 15वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. अल्फ्रेड ने शानदार फर्स्ट-टाइम फिनिश के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाकर ईस्ट बंगाल को दबाव में डाल दिया. पहले हाफ में ईस्ट बंगाल ने बराबरी के कई मौके बनाए, लेकिन टीम गोल नहीं कर सकी।  दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने जोरदार वापसी की. 50वें मिनट में स्टार स्ट्राइकर यूसेफ एजेज्जारी ने बराबरी का गोल दागा. स्पेन में जन्मे और मोरक्को की युवा टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके 33 वर्षीय एजेज्जारी ने मैच में पहले गंवाए मौकों की भरपाई शानदार अंदाज में की।  एजेज्जारी ने इस सीजन 13 मैचों में 11 गोल दागे और गोल्डन बूट भी अपने नाम किया. इसके बाद 73वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने ईस्ट बंगाल के लिए विजयी गोल दागकर मैच पूरी तरह पलट दिया. राशिद के गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद लाल-होलुद फैंस जश्न में डूब गए।  ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2003-04 सीजन में तत्कालीन नेशनल फुटबॉल लीग का खिताब जीता था. उस समय टीम के कोच दिवंगत सुभाष भौमिक थे. अब 22 साल बाद क्लब ने फिर देश की सबसे बड़ी लीग ट्रॉफी अपने नाम कर ली।  इस बार ISL का फॉर्मेट भी बदला हुआ था. प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलावों के कारण टूर्नामेंट को सिंगल-लेग राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया. सभी टीमों ने 13-13 मैच खेले और कोई प्लेऑफ नहीं हुआ. ऐसे में लीग टेबल में शीर्ष पर रहने वाली टीम को सीधे चैम्प‍ियन  घोषित किया गया।  ईस्ट बंगाल ने पूरे सीजन में लगातार दमदार प्रदर्शन किया और आखिरकार ट्रॉफी जीतकर अपने करोड़ों समर्थकों का इंतजार खत्म कर दिया।  मोहम्मद राशिद ने 73वें मिनट में ईस्ट बंगाल के लिए दूसरा गोल किया और कोलकाता के इस दिग्गज क्लब ने शानदार अंदाज में मैच का पासा पलटते हुए खिताब जीता। ईस्ट बंगाल ने पिछली बार 2003-04 सत्र में तत्कालीन राष्ट्रीय फुटबॉल लीग के दौरान स्वर्गीय सुभाष भौमिक के मार्गदर्शन में शीर्ष स्तर की घरेलू लीग का खिताब जीता था।

गुजरात की शानदार जीत ने तोड़ा CSK का सपना, प्लेऑफ से लगभग बाहर

 अहमदाबाद  शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस ने गुरुवार, 21 मई की रात चेन्नई सुपर किंग्स पर 89 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह जीटी की आईपीएल की सबसे बड़ी जीत है, वहीं सीएसके की आईपीएल इतिहास में रनों के मामले में सबसे बड़ी हार। इस जीत के बाद गुजरात टाइटंस के 14 मैचों में 18 अंक हो गए हैं और वह आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर है। हालांकि उन पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद उन्हें टॉप-2 से अभी भी बाहर कर सकती है। एसआरएच 13 मैचों में 16 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। आज उनका लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला टेबल टॉपर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ है। आईए जानते हैं सनराइजर्स हैदराबाद टॉप-2 में कैसे जगह बना सकती है। IPL 2026 पॉइंट्स टेबल में आरसीबी नंबर-1 डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 के शानदार नेट रन रेट के साथ आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर है। आरसीबी की सीट टॉप-2 में कन्फर्म है। टॉप-2 में जगह पक्की करने वाली दूसरी टीम कौन सी होगी उसका फैसला आज SRH vs RCB मैच के बाद हो जाएगा। गुजरात टाइटंस ने अपनी पूरी कोशिश कर ली है। 14 मैचों में 9 जीत और 18 अंकों के साथ फिलहाल जीटी दूसरे पायदान पर है। उनका नेट रन रेट +0.695 का है। जबकि सनराइजर्स हैदराबाद 16 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर बनी हुई है। उन्हें भी प्लेऑफ का टिकट मिल गया है, मगर आज उनकी नजरें आरसीबी को हराकर टॉप-2 में जगह बनाने पर होगी। टॉप-2 में जगह बनाने का फायदा यह है कि फाइनल में पहुंचने के लिए टीम को दो चांस मिलेंगे। अगर क्वालीफायर-1 में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ता है तो उन्हें फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालीफायर-2 खेलने का मौका मिलेगा। तीसरे और चौथे पायदान पर रहने वाली टीमों का प्लेऑफ में एक मैच हारते ही ट्रॉफी जीतने का सपना टूट जाएगा। गुजरात के बल्लेबाजों ने मचाया धमाल टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद शानदार रही। कप्तान शुभमन गिल और साईं सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए तेज साझेदारी करते हुए चेन्नई के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। शुभमन गिल ने 37 गेंदों में 64 रन की कप्तानी पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर साईं सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 84 रन बनाए। जब गिल आउट हुए तब भी गुजरात की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा। जोस बटलर ने आखिर में तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में नाबाद 57 रन ठोक दिए। उनकी पारी की बदौलत गुजरात टाइटंस ने 20 ओवर में 229 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। बड़े लक्ष्य के दबाव में बिखरी चेन्नई 230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पहली ही गेंद पर विकेट गंवा दिया, जिससे दबाव और बढ़ गया। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन उनका साथ दूसरे बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं दे सके। मैथ्यू शॉर्ट ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, मगर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। चेन्नई की बल्लेबाजी लगातार अंतराल पर विकेट गिरने की वजह से संभल नहीं पाई। एक समय टीम ने सिर्फ 63 रन तक अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद शिवम दुबे ने तेज बल्लेबाजी कर मैच में थोड़ी उम्मीद जगाई। दुबे ने सिर्फ 17 गेंदों में 47 रन की विस्फोटक पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। पूरी टीम 13.4 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। गुजरात के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों ने भी मैच में शानदार काम किया। मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और राशिद खान ने तीन-तीन विकेट लेकर चेन्नई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। तेज गेंदबाजों ने शुरुआती झटके दिए, जबकि स्पिन विभाग में राशिद खान ने बीच के ओवरों में रन रोकने के साथ विकेट भी निकाले। चेन्नई के बल्लेबाज किसी भी समय मैच में वापसी करते नजर नहीं आए। प्लेऑफ की तस्वीर हुई साफ इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम अब 18 अंकों के साथ शीर्ष टीमों में बनी हुई है। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स की बात करें तो टीम इस सीजन उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। 14 मैचों में सिर्फ 6 जीत के साथ चेन्नई की टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। इससे पहले मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स भी बाहर हो चुकी हैं।   गुजरात टाइटंस या सनराइजर्स हैदराबाद टॉप-2 में कौन बनाएगा जगह? ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार अगर सनराइजर्स हैदराबाद आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में पहले बैटिंग करते हुए 220 रन बोर्ड पर लगाती है तो उन्हें 88 रनों से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं अगर वह 200 रन डिफेंड कर रहे हैं तो उन्हें 87 रनों से जीतना होगा। अगर सनराइजर्स हैदराबाद को आरसीबी 150 रन का टारगेट देती है तो एसआरएच को यह टारगेट लगभग 11.1 से 11.3 ओवर में चेज करना होगा। सीधा-सीधा मतलब यह है कि सनराइजर्स हैदराबाद को जीटी की तरह आरसीबी पर बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। तभी वह नेट रन रेट के मामले में गुजरात टाइटंस को पछाड़ पाएगी। जीटी का नेट रन रेट +0.695 का है, जबकि एसआरएच का +0.350 का। अगर आज सनराइजर्स हैदराबाद हार जाती है तो गुजरात टाइटंस की जगह टॉप-2 में पक्की हो जाएगी। वहीं अगर उन्हें जीत मिलती है तो मामला नेट रन रेट पर फंसेगा।