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होलकर स्टेडियम में पहली बार 200, 500 और 750 किलो के आधुनिक रोलर, भारत-वेस्टइंडीज मैच की पिच पर खास तैयारी

 इंदौर  11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले की तैयारियां अब आधुनिक तकनीक के साथ की जा रही हैं। मैदान में पहली बार 200, 500 और 750 किलोग्राम वजन वाले आधुनिक रोलर मंगाए गए हैं। ये पुराने मैनुअल रोलर की तुलना में आकार में बड़े हैं और इनके वजन का वितरण भी अलग तरीके से किया गया है। इन्हें चेन्नई से इंदौर लाया गया है। इन आधुनिक रोलर के पीछे क्रिकेट पिच की मिट्टी, नमी, घास की जड़ों और गेंद के उछाल को लेकर हुई वैज्ञानिक रिसर्च है। इंग्लैंड की क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से जुड़े शोध में पिच की नमी, मिट्टी की स्थिति और रोलर के दबाव के मैच के दौरान सतह के व्यवहार पर पड़ने वाले असर का अध्ययन किया गया है। यानी पिच तैयार करते समय अब यह तय करना भी जरूरी है कि कितना रोलिंग करना है, किस वजन का रोलर इस्तेमाल करना है और उस समय मिट्टी में कितनी नमी है। केवल भारी रोलर चलाने से पिच बेहतर नहीं होती क्रिकेट में लंबे समय तक यह धारणा रही कि भारी रोलर चलाने से पिच ज्यादा सख्त होगी और बल्लेबाजी के लिए बेहतर सतह तैयार होगी। हालांकि, आधुनिक पिच साइंस में रोलिंग का असर मिट्टी की नमी और पिच की संरचना पर निर्भर करता है। पिच कब और कितनी देर रोल की जाए, इसका संबंध मिट्टी के सूखने की प्रक्रिया से भी है। यदि नमी और रोलिंग का संतुलन ठीक नहीं है तो जरूरत से ज्यादा दबाव सतह की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। पिच पर मौजूद घास भी अहम भूमिका निभाती है। उसकी जड़ें मिट्टी के भीतर से नमी खींचने में मदद करती हैं। पिच की तैयारी के दौरान घास की स्थिति, मिट्टी की नमी और सतह की मजबूती को साथ-साथ देखा जाता है। रोलर का काम सिर्फ मिट्टी दबाना नहीं आधुनिक रोलिंग तकनीक का एक अहम उद्देश्य पिच पर समान उछाल यानी यूनिफॉर्म बाउंस बनाए रखना भी है। मैच से पहले रोलर चलाने का मकसद सिर्फ सतह को कठोर करना नहीं होता। खिलाड़ियों की आवाजाही, मौसम और नमी के कारण सतह में आने वाले छोटे बदलावों को भी रोलिंग के जरिए नियंत्रित किया जाता है। पिच के अलग-अलग हिस्सों की कठोरता या सतह में अंतर होने पर गेंद की उछाल भी बदल सकती है। ऐसे में रोलिंग तकनीक का इस्तेमाल सतह को अधिक समान रखने के लिए किया जाता है। 200, 500 और 750 किलो के तीन विकल्प होलकर स्टेडियम में इस बार 200, 500 और 750 किलोग्राम वजन वाले तीन आधुनिक रोलर उपलब्ध हैं। ग्राउंड की स्थिति और मौसम के अनुसार इनमें से उपयुक्त रोलर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनकी खासियत सिर्फ वजन नहीं है, बल्कि वजन का वितरण भी पुराने मैनुअल रोलर से अलग है। इससे पिच पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित तरीके से इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है। BCCI ने दिए थे रोलर की व्यवस्था के निर्देश मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के CEO रोहित पंडित ने बताया कि ये पुराने मैनुअल रोलर की तुलना में नया डेवलपमेंट है। इनके वजन का वितरण अलग तरीके से किया गया है, जिससे पिच तैयार करने में फायदा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि BCCI की ओर से इन रोलर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद इन्हें चेन्नई से इंदौर मंगाया गया है। मौसम तय करेगा कौन सा रोलर चलेगा विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रिकेट पिच की तैयारी में मौसम की अहम भूमिका होती है। तापमान, नमी, बारिश और मिट्टी की स्थिति के अनुसार रोलिंग का तरीका बदल सकता है। हर परिस्थिति में एक ही वजन के रोलर का इस्तेमाल जरूरी नहीं है। पिच की मौजूदा स्थिति के आधार पर कम या ज्यादा वजन वाले रोलर का चयन किया जा सकता है। यही वजह है कि होलकर स्टेडियम में तीन अलग-अलग वजन के रोलर उपलब्ध कराए गए हैं। इंग्लैंड से शुरू हुई पिच की ‘साइंस’ अब भारतीय क्रिकेट में इंग्लैंड में क्रिकेट पिचों पर मौसम और मिट्टी के प्रभाव का लंबे समय से वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता रहा है। क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी और ECB से जुड़े शोधों में पिच रोलिंग को केवल ग्राउंड स्टाफ के अनुभव तक सीमित रखने के बजाय इसे वैज्ञानिक तरीके से समझने पर जोर दिया गया। रिसर्च में मिट्टी की नमी, उसके सूखने, घास की जड़ों, रोलिंग के दबाव और गेंद के उछाल के बीच संबंध को समझने पर ध्यान दिया गया। इसी तरह की आधुनिक सोच अब क्रिकेट मैदानों की तैयारी में भी इस्तेमाल की जा रही है।

टीम इंडिया के लिए दीवानगी! रांची में टिकट के लिए रातभर स्टेडियम के बाहर लगी फैन्स की कतार

 रांची भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 6 अक्टूबर (मंगलवार) से शुरू हो रही है. सीरीज का पहला मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. वहीं दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में होना है. बाकी तीन मुकाबले इंदौर (11 अक्टूबर), हैदराबाद (14 अक्टूबर) और बेंगलुरु (17 अक्टूबर) में खेले जाने हैं।  भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने रांची में होने वाले मुकाबले का खुमार फैन्स के सिर चढ़कर बोल रहा है. टीम इंडिया को अपने सामने खेलते देखने की चाहत में क्रिकेट प्रेमी टिकट खरीदने के लिए रातभर जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के बाहर डटे रहे. टिकट काउंटर खुलने में अभी कई घंटे बाकी थे, लेकिन फैन्स ने अपनी जगह पहले ही सुनिश्चित कर ली थी।  दरअसल, मुकाबले के टिकटों की बिक्री 5 अक्टूबर (सोमवार) सुबह 9 बजे से शुरू होनी है. हालांकि, टिकट लेने के लिए क्रिकेट फैन्स देर रात से ही स्टेडियम पहुंचने लगे. रात बीतने के साथ यहां लोगों की संख्या बढ़ती गई और सुबह होने से पहले ही टिकट काउंटर के बाहर लंबी कतार लग गई।  कई फैन्स पूरी रात स्टेडियम के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. फैन्स की भीड़ देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि रांची में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले को लेकर किस कदर उत्साह है।  भारत का मुकाबला देखने के लिए स्टेडियम में जगह हासिल करना फैन्स के लिए किसी जुनून से कम नहीं है. टिकटों की मांग को देखते हुए क्रिकेट प्रेमियों ने रात में ही स्टेडियम पहुंचकर लाइन में लगना बेहतर समझा, ताकि सुबह टिकट काउंटर खुलते ही उनकी बारी आ सके. टिकट काउंटर खुलने के साथ ही भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है. फैन्स की लंबी कतार ने यह साफ कर दिया है कि मुकाबले के दिन जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का माहौल बेहद खास रहने वाला है।  भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, नमन धीर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।  भारत-विंडीज टी20 सीरीज का शेड्यूल पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 (लखनऊ) दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 (रांची) तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 (इंदौर) चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 (हैदराबाद) पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु)

पिता के नक्शेकदम पर बेटा! आर्यवीर सहवाग को दिल्ली U-19 की कप्तानी, 297 रन की पारी से मचा चुके हैं धमाल

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लंबे समय तक बल्ले से धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले वीरेंद्र सहवाग की कमी आज भी फैन्स खलती है. वीरेंद्र सहवाग पारी का आगाज ताबड़तोड़ अंदाज में करने के लिए जाने जाते रहे हैं. अब वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. 18 साल के युवा बल्लेबाज आर्यवीर को वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली अंडर-19 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है. यह पहला मौका है जब आर्यवीर को किसी बड़ी टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने शनिवार को इस 16 सदस्यीय स्क्वाड का ऐलान किया है. वीनू मांकड़ ट्रॉफी का आयोजन इस बार विशाखापत्तनम में 8 अक्टूबर से होने जा रहा है. आर्यवीर के लिए पिछले कुछ महीने बेहद शानदार रहे हैं. हाल ही में उन्होंने राजकोट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई यूथ वनडे सीरीज में भारत अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया था. शानदार फॉर्म में हैं आर्यवीर इस सीरीज के पहले मैच में बारिश से बाधित मुकाबले में आर्यवीर ने 26 गेंदों पर 28 रन बनाए थे. इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 47 रनों की दमदार पारी खेली, हालांकि बदकिस्मती से वे महज 3 रन से अर्धशतक से चूक गए थे. तीसरे मैच में भी उन्होंने 34 रनों की उपयोगी पारी खेली थी. 297 रन जड़ किया था कमाल हाल ही में उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए भी हाथ आजमाए थे. इसके अलावा साल 2024 में कूच बिहार ट्रॉफी के दौरान मेघालय के खिलाफ उनके बल्ले से 297 रनों की ऐतिहासिक पारी भी निकल चुकी है, जिसने सभी का ध्यान खींचा था. दिल्ली अंडर-19 टीम का पूरा स्क्वाड आर्यवीर सहवाग (कप्तान), तन्मय चौधरी, अर्णव बुग्गा (उप-कप्तान), धन्या नकरा, उदय चावला, गर्व कुमार, अभिराज गगन सिंह (विकेटकीपर), तरुण सिंह (विकेटकीपर), आर्यन शर्मा, ओजसदीप सिंह, किरीत कौशिक, वरुण वंजानी, रुद्र देव यादव, प्रद्युमन सनन, पार्थ राज, शांतनु यादव.

गिल ने साफ किया प्लान, रोहित-कोहली के बिना अधूरी है टीम इंडिया की 2027 वर्ल्ड कप तैयारी

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का अंतिम मैच भारतीय टीम जीतने में सफल नहीं हो सकी. इसके बावजूद शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने 2-1 से सीरीज जीतने में कामयाबी हासिल की. मैच खत्म होने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर शुभमन गिल ने खुलकर बात की. गिल के बयानों से साफ हो गया है कि फिलहाल इन दोनों दिग्गजों के बिना टीम इंडिया की प्लानिंग अधूरी है और वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहेंगे. वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान गिल ने साफ शब्दों में कहा कि रोहित और विराट लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. टीम को जब भी जरूरत पड़ी है, उन्होंने बेहतरीन पारियां खेली हैं. बेहतरीन फॉर्म में हैं कोहली-रोहित गिल ने कहा कि ये दोनों खिलाड़ी वाकई बहुत शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं. हमने देखा है कि रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में कमाल की बल्लेबाजी की हैं. विराट भाई भी जबरदस्त फॉर्म में हैं और जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने भी टीम के लिए बेहतरीन योगदान दिया है. 2027 वर्ल्ड कप को लेकर क्या कहा? जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम यंगस्टर्स को आजमाने के लिए इन दिग्गजों को आराम दे सकती है. इस सवाल पर गिल ने दो टूक कहा कि अब बहुत ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं बचा है. टीम को वर्ल्ड कप से पहले अपनी पक्की प्लेइंग इलेवन तय करनी होगी, ताकि सभी खिलाड़ी एक साथ मिलकर खेल सकें. दिग्गजों का जलवा जारी भले ही रोहित शर्मा (39 वर्ष) और विराट कोहली (37 वर्ष) की उम्र को लेकर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन मैदान पर उनके बल्ले से निकल रहे रन आलोचकों को करारा जवाब दे रहे हैं. सीरीज के दौरान विराट ने अपने वनडे करियर का 55वां शतक जड़ा तो वहीं रोहित ने भी लगातार उम्दा पारियां खेलकर यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है. कप्तान गिल के इस बयान के बाद यह तो तय है कि फिलहाल रोहित और विराट नीली जर्सी में अपना जलवा बिखेरते नजर आते रहेंगे. भारतीय क्रिकेट फैन्स भी रोहित शर्मा और विराट कोहली को साल 2027 के वर्ल्ड कप खेलते हुए देखना चाहते हैं.

टीम इंडिया का शुरू होने वाला है सबसे व्यस्त शेड्यूल, 26 दिन में 10 टी20; फिटनेस और वर्कलोड बनेगा चुनौती

नई दिल्ली  वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम करने और एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे व्यस्त शेड्यूल शुरू होने जा रहा है। अगले 26 दिनों में भारतीय टीम को कुल 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। इसकी शुरुआत 6 अक्टूबर से घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज से होगी, जिसके तुरंत बाद टीम इंडिया 5 टी20 मैचों के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर रवाना होगी। खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट बनेगी सबसे बड़ी चुनौती श्रेयस अय्यर की अगुवाई में एशियन गेम्स में तिरंगा लहराने वाली भारतीय टीम के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। भारत में घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाकर टीम अपनी लय मजबूत करेगी, जबकि न्यूजीलैंड की उछालभरी और तेज पिचों पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों की परीक्षा होगी। लगातार मैच और यात्राओं के बीच टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और रोटेशन पॉलिसी को लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी, जिससे बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने का भी बड़ा मौका मिलेगा। भारत बनाम वेस्टइंडीज टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल (घरेलू सीरीज)     पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 — लखनऊ (भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम)     दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 — रांची (जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स)     तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 — इंदौर (होलकर स्टेडियम)     चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 — हैदराबाद (राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम)     पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 — बेंगलुरु (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम) भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल (न्यूजीलैंड दौरा)     पहला टी20: 22 अक्टूबर 2026 — क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)     दूसरा टी20: 24 अक्टूबर 2026 — क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)     तीसरा टी20: 27 अक्टूबर 2026 — वेलिंगटन (स्काई स्टेडियम)     चौथा टी20: 30 अक्टूबर 2026 — ऑकलैंड (ईडन पार्क)     पांचवां टी20: 1 नवंबर 2026 — हैमिल्टन (सेडन पार्क)  

पीसीबी में शामिल होने की खबरों को शोएब अख्तर ने बताया पूरी तरह फर्जी

नई दिल्ली  पाकिस्तान क्रिकेट टीम के इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में 0-3 से करारी शिकस्त झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कोचिंग और सेलेक्शन सेट-अप में बड़े बदलावों की चर्चाएं तेज थीं। मीडिया में यह दावों के साथ कहा जा रहा था कि रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को पाकिस्तान का नया चीफ सेलेक्टर बनाया जा सकता है। हालांकि, अब खुद शोएब अख्तर ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पीसीबी में किसी भी पद पर शामिल होने की कोई दिलचस्पी नहीं है। अम्मी ने कहा- बोर्ड और राजनीति से रहूंगा दूर एक टीवी चैनल पर सीधे पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अख्तर ने अपनी पुरानी बात को याद किया। जब एंकर ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने कभी कहा था कि उनकी मां ने उन्हें पीसीबी और पाकिस्तानी राजनीति से दूर रहने की हिदायत दी थी तो अख्तर ने रुख साफ करते हुए कहा, 'इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है यह सब सिर्फ अटकलें हैं। मैं अपनी बात पर कायम हूं और अपनी अम्मी की दी हुई उसी सलाह का पालन करूंगा।' चीफ सेलेक्टर बनने की खबरें पूरी तरह फर्जी हैं शोएब अख्तर ने पीसीबी का मुख्य चयनकर्ता बनने के दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'मेरी पीसीबी में जाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने को लेकर जो खबरें सुनने को मिल रही हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। इन दावों में दूर-दूर तक कोई सच्चाई नहीं है। मैं बस इतना चाहता हूं कि पाकिस्तान क्रिकेट का भला हो।' उन्होंने यह भी साफ किया कि वह फिलहाल एक निजी दौरे पर ह्यूस्टन में हैं और उनकी बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी से इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई है। देश के लिए योगदान देने के कई और रास्ते पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 मैच खेलने वाले इस दिग्गज तेज गेंदबाज का मानना है कि देश के क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए किसी आधिकारिक पद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं अपने देश के क्रिकेट की सेवा करना पसंद करूंगा लेकिन मुझे लगता है कि मैं इसे बिना बोर्ड में शामिल हुए अन्य कई तरीकों से भी कर सकता हूं।'  

वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी: भारत की वनडे टीम से कट सकता है इन तीन का पत्ता

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार जीत दर्ज करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज भी खेलनी है। सीनियर खिलाड़ियों की वापसी और स्क्वाड के समीकरणों को देखते हुए माना जा रहा है कि वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में शामिल रहे कम से कम 3 खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इनमें से ज्यादातर खिलाड़ी बैकअप के रूप में टीम में शामिल किए गए थे। अंशुल कंबोज उभरते हुए तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने के बाद टीम में जगह मिली थी। तीसरे वनडे में कंबोज को डेब्यू का मौका तो मिला, लेकिन वे गेंद से कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। न्यूजीलैंड सीरीज तक प्रसिद्ध कृष्णा के फिट होकर लौटने की उम्मीद है, जिसके बाद कंबोज को बाहर बैठना पड़ सकता है। नमन धीर स्पिन ऑलराउंडर नमन धीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मिला-जुला और औसत प्रदर्शन किया। न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान वॉशिंगटन सुंदर की वनडे टीम में वापसी तय मानी जा रही है। सुंदर के आते ही नमन धीर को ऑलराउंडर स्लॉट से बाहर होना पड़ेगा।

एशियन गेम्स में नीरू ढांडा का जलवा: तीन पदक जीतकर रचा इतिहास, मिला बड़ा सम्मान

नई दिल्ली जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराने वाली स्टार निशानेबाज नीरू ढांडा को एक और बहुत बड़ा सम्मान मिला है। ट्रैप शूटिंग में अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली नीरू को 4 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह के लिए भारतीय दल का आधिकारिक ध्वजवाहक चुना गया है। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में नीरू तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुवाई करेंगी। एक ही एशियन गेम्स में नीरू के नाम रहे तीन-तीन मेडल आइची-नागोया खेलों में नीरू का सफर बेहद शानदार और यादगार रहा है। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने सटीक निशानों के दम पर एक नहीं बल्कि पूरे तीन पदक (दो गोल्ड और एक सिल्वर) भारत की झोली में डाले। नीरू ने अपने पदक अभियान का आगाज महिलाओं की टीम ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर किया था। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में जिस तरह का प्रदर्शन किया उसने उन्हें एशियाई खेलों के इतिहास में अमर कर दिया। पहला गोल्ड जीतकर बनाया कीर्तिमान टीम इवेंट में सिल्वर जीतने के बाद नीरू ढांडा का असली जादू व्यक्तिगत स्पर्धा में देखने को मिला। उन्होंने फाइनल में बेहतरीन लय बरकरार रखते हुए गोल्ड पर निशाना साधा। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गईं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारतीय निशानेबाजी के लिए एक नया अध्याय लिख दिया। एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा गोल्ड व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐतिहासिक सोना जीतने के बाद भी नीरू का जलवा थमा नहीं। उन्होंने मिक्सड टीम ट्रैप स्पर्धा में साथी निशानेबाज कीनन चेनाई के साथ मिलकर एक और स्वर्णिम सफलता हासिल की। भारतीय जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में 34 का स्कोर बनाकर कतर (32 अंक) को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि चीन (23 अंक) को कांस्य से ही संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में नीरू और कीनन की जोड़ी ने एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया।  

भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज की रिकॉर्डतोड़ जीत: 350+ रन बनाकर भी नहीं बचा पाई टीम इंडिया

नई दिल्ली न्यू चंडीगढ़ के पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शनिवार को खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने इतिहास रच दिया। होप की 143 गेंदों में 162 रनों की नाबाद और जुझारू पारी की बदौलत कैरेबियाई टीम ने 352 रनों के विशाल लक्ष्य को 48.2 ओवरों में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस यादगार जीत के साथ वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप होने से खुद को बचा लिया। वेस्टइंडीज क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज न्यू चंडीगढ़ में मिली यह जीत कैरेबियाई क्रिकेट के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई है। वेस्टइंडीज ने अपने 907 वनडे मैचों के लंबे इतिहास में पहली बार 350 से अधिक रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया है। इससे पहले वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज 328 रनों का था जो उन्होंने साल 2019 में आयरलैंड के खिलाफ डबलिन में हासिल किया था। यह कुल छठा मौका है जब कैरेबियाई टीम ने 300 या उससे अधिक का स्कोर सफलता के साथ चेज किया है। भारतीय टीम के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के लिए जहां यह मुकाबला ऐतिहासिक खुशियां लेकर आया, वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। भारतीय वनडे क्रिकेट इतिहास में यह सिर्फ तीसरा मौका है जब टीम इंडिया 350 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद अपने स्कोर का बचाव करने में नाकाम रही। भारतीय गेंदबाज बोर्ड पर एक विशाल स्कोर लगे होने के बाद भी विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए। भारतीय गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन भारतीय आक्रमण की बात करें तो मोहम्मद सिराज, गुरनूर बरार, कुलदीप यादव और नमन धीर ने 1-1 विकेट जरूर चटकाए लेकिन वे पूरी पारी के दौरान कप्तान शाई होप को रोकने का कोई तोड़ नहीं निकाल सके। ओपनिंग करने उतरे शाई होप अंत तक क्रीज पर खूंटा गाड़कर डटे रहे और अकेले दम पर मैच का पासा पलट दिया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी ने दोनों टीमों के बीच का अंतर साफ तौर पर तय कर दिया।  

भारत का वेस्टइंडीज पर पलटवार, केएल राहुल ने 129 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को 351 तक पहुंचाया

नई दिल्ली केएल राहुल की नाबाद शतकीय पारी (129 रन) और रोहित शर्मा के शानदार अर्धशतक के दम पर भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में धमाकेदार प्रदर्शन किया है. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया है. मुकाबले की शुरुआत में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने भारतीय टीम को शुरुआती झटके दिए. सील्स ने शुभमन गिल (1 रन) और विराट कोहली (0) को जल्दी आउट कर भारत को दबाव में ला दिया था. इसके बाद सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने मोर्चा संभाला और बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 92 रनों की शानदार पारी खेली.  तीसरे वनडे मुकाबले से जुड़ी अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहिए… अपनी इस पारी के दौरान रोहित ने 10 चौके और 3 छक्के जड़े. इसी के साथ 'हिटमैन' रोहित ने वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 10,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. रोहित के आउट होने के बाद रुतुराज गायकवाड़ (57 रन) ने भी अर्धशतकीय पारी खेलकर पारी को आगे बढ़ाया. बीच के ओवरों में कुछ जल्दी विकेट जरूर गिरे, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और अपनी बेहतरीन फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए 87 गेंदों पर नाबाद 129 रनों की धमाकेदार पारी खेली. अंत में अंशुल कंबोज (17 रन) और नमन धीर (30 रन) ने भी उपयोगी योगदान देकर टीम के स्कोर को 350 के पार पहुंचाया. कैरेबियन टीम के लिए गेंदबाजी में जेडन सील्स सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने शुरुआती झटके देकर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया. अब वेस्टइंडीज के सामने इस विशाल लक्ष्य को हासिल करने की कड़ी चुनौती होगी. तीसरे वनडे में भारत की प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार. तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज की प्लेइंग-11: जॉन कैम्पबेल, ज्वेल एंड्रयू, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), आमिर जंगू, शेरफेन रदरफोर्ड, कीमो पॉल, मैथ्यू फोर्ड, अल्जारी जोसेफ, जेडन सील्स, विटेल लॉज और गुडाकेश मोती. भारत का स्क्वॉड: रोहित शर्मा, शुबमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नमन धीर, रवींद्र जडेजा, आकिब नबी, गुरनूर बरार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी और अंशुल कम्बोज. वेस्टइंडीज का स्क्वॉड: जॉन कैम्पबेल, कीसी कार्टी, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), आमिर जंगू, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज, कीमो पॉल, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, जेडन सील्स, विटेल लॉज, गुडाकेश मोती, मैथ्यू फोर्ड और ज्वेल एंड्रयू.