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टेबल टेनिस फेडरेशन का विवादित फैसला: खिलाड़ियों से ट्रायल और यात्रा का खर्च मांग

कराची  पाकिस्तान के शीर्ष पुरुष और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन (पीटीटीएफ) ने उनसे कहा कि इस वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अगर वे भाग लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी यात्रा और अन्य खर्च स्वयं वहन करने होंगे। लाहौर में ट्रॉयल्‍स लाहौर में जारी दो दिवसीय राष्ट्रीय ट्रॉयल्स के दौरान जब कुछ खिलाड़ियों ने अपने दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते को लेकर महासंघ के अधिकारियों से जानकारी मांगी तब इस बारे में पता चला। एक खिलाड़ी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हमें बताया गया है कि ट्रॉयल्स में हिस्सा लेने के लिए कोई भुगतान नहीं मिलेगा। अनुदान नहीं मिला है इसके अलावा, एशियाई खेलों के लिए चयनित खिलाड़ियों को अपने हवाई टिकट और खर्च के लिए प्रतिदिन 50 डॉलर की विदेशी मुद्रा स्वयं व्यवस्था करनी होगी। खिलाड़ी ने कहा कि जब खिलाड़ियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई तो पीटीटीएफ एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुश होना चाहिए कि ट्रॉयल का आयोजन हो रहा है क्योंकि महासंघ को पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (पीएसबी) से कोई कोष या अनुदान नहीं मिला है। कोई पदक नहीं जीता इस खिलाडी ने कहा कि हमें बताया गया कि एशियाई खेलों के लिए भी पीटीटीएफ को पीएसबी से कोई अनुदान नहीं मिलता है। यह खेलों के विकास के लिए चिंताजनक स्थिति है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अब तक एशियाई खेलों या एशियाई चैंपियनशिप में टेबल टेनिस में कोई पदक नहीं जीता है। इसका कारण मलेशिया, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे मजबूत देशों का दबदबा माना जाता है।  

दांबुला में रोमांचक मुकाबला: इंडिया-ए ने बनाए 265 रन, मध्यक्रम हुआ फ्लॉप लेकिन अंत में दमदार फिनिश

  दांबुला इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में आमने-सामने हैं. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में है. मुकाबले में इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए को जीत के लिए 266 रनों का टारगेट दिया है. इंडिया-ए के लिए विप्रज निगम ने 51 और सूर्यांश शेडगे ने 72 रन बनाए. इंडिया-ए ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए को 8 रनों से पराजित किया था. फिर उसे अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बारिश से बाधित मुकाबले में डीएलएस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली थी. अब इंडिया-ए के लिए ये मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है. इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए मैच से जुड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहिए… ऐसी रही है इंडिया-ए की बल्लेबाजी टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए इंडिया-ए ने 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने इंडिया-ए की पारी का आगाज किया. लेकिन वैभव 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए. 29 रन पर पहला विकेट गिरा. वैभव ने 3 चौके के अलावा एक छक्का जड़ा. 150 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए वह आक्रामक अंदाज में नजर आए, लेकिन अंततः कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए. वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गंवा दिया. गेंद की लेंथ सही नहीं थी और उसमें टर्न व डिप था, जिसके चलते उन्होंने गेंद को पॉइंट की ओर काट दिया. शानदार कैच के साथ उनकी पारी 14 गेंदों में 21 रन (3 चौके, 1 छक्का) पर खत्म हुई. सहान अराचिगे की गेंद पर वानुजा सहान ने उनका कैच लपका.   प्रभसिमरन सिंह भी लंबी पारी नहीं खेल पाए. वह 11 रन (13 गेंद) बनाकर आउट हुए. 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर इंडिया-ए को 39 रनों पर दूसरा झटका लगा. मोहम्मद शिराज की स्लोअर गेंद पर वह शॉट खेलने गए, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह चूक गए और गेंद मिड-ऑफ पर कैच हो गई. वानुजा सहान ने शानदार कैच लपका. उनकी पारी में 2 चौके शामिल रहे, लेकिन धीमी गेंद को ठीक से ना खेल पाने के कारण वह जल्दी पवेलियन लौट गए. कप्तान तिलक वर्मा इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 23 रनों के निजी स्कोर पर कुगाथास मथुलन का शिकार बने. ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में भी बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे, लेकिन स्पिनर विजयकांत व्यासकांत ने उन्हें पवेलियन रवाना कर दिया. ऋतुराज ने 3 चौके की मदद से 42 बॉल पर 37 रन बनाए. ऋतुराज जब आउट हुए, तब स्कोर 111/4 था. आयुष बदोनी (15 रन) और निशांत सिंधु (6 रन) भी कुछ खास नहीं कर पाए, जिससे भारतीय टीम मुश्किल में आ गई. ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने भी निराश किया और सिर्फ 8 रन बना सके. यहां से सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने आठवें विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी कर भारतीय टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया. विप्रज निगम ने 6 चौके की मदद से 49 बॉल पर 51 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 66 बॉल पर 72 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके. इंडिया-ए की प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय और यश ठाकुर श्रीलंका-ए की प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, अहान विक्रमसिंघे, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांत, विशेन हलंबगे, कुगाथास मथुलन, चमिका गुणसेकरा और मोहम्मद शिराज. ट्राई सीरीज का पूरा शेड्यूल • 09 जून: इंडिया-ए की श्रीलंका-ए पर 8 रनों से जीत • 11 जून: अफगानिस्तान-ए ने इंडिया-ए को 4 रनों से हराया (DLS) • 13 जून: श्रीलंका-ए ने अफगानिस्तान-ए को 8 विकेट से हराया (DLS) • 15 जून: इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए • 17 जून: इंडिया-ए vs अफगानिस्तान-ए • 19 जून: अफगानिस्तान-ए vs श्रीलंका-ए • 21-जून: फाइनल

नेमार बाहर, ब्राजील की ओपनिंग मैच में मोरक्को से कड़ी टक्कर

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच नॉर्थ अमेरिका में लगातार जारी है। शनिवार को टूर्नामेंट में चार ग्रुप-स्टेज मुकाबले खेले जाने हैं, लेकिन सबकी निगाहें जिस महामुकाबले पर टिकी हैं, वह है ब्राजील बनाम मोरक्को। इसके अलावा आज कतर का मुकाबला स्विट्जरलैंड से, हैती का स्कॉटलैंड से और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत तुर्की से होगी। छठे वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में जुटी ब्राजील की टीम के लिए टूर्नामेंट का पहला ही मैच काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है, क्योंकि मोरक्को की टीम उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। नेमार पहले मैच से बाहर, कोच कार्लो एंसेलोटी ने की पुष्टि मैच से ठीक पहले ब्राजील के फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। टीम के स्टार फॉरवर्ड और पूर्व कप्तान नेमार मोरक्को के खिलाफ इस ओपनिंग मैच में नहीं खेल पाएंगे। ब्राजील के हेड कोच कार्लो एंसेलोटी ने शनिवार को इस खबर की पुष्टि की। टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले नेमार के पैर की पिंडली में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह इस मैच से बाहर हो गए हैं। कोच एंसेलोटी ने कहा, 'नेमार जल्द से जल्द फिट होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अगले हफ्ते से फुल ट्रेनिंग में लौट आएंगे।' ब्राजील को अपना अगला मैच 19 जून को हैती से और 24 जून को स्कॉटलैंड से खेलना है, और कोच को भरोसा है कि नेमार इन दोनों मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। रैंकिंग में टॉप-10 की एकमात्र जंग यह ग्रुप-स्टेज का एकमात्र ऐसा मुकाबला है जहां फीफा वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप-10 में शामिल दो टीमें आपस में भिड़ रही हैं। फिलहाल ब्राजील दुनिया में छठे और मोरक्को आठवें स्थान पर काबिज है। वर्ल्ड कप इतिहास में दोनों टीमें सिर्फ एक बार 1998 में आपस में भिड़ी थीं, जहां ब्राजील ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, साल 2023 में खेले गए एक दोस्ताना मैच में मोरक्को ने ब्राजील को 2-1 से हराकर उस हार का बदला ले लिया था। मुकाबला 50-50 का है मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी से जब पूछा गया कि क्या उनकी टीम इस मैच में अंडरडॉग के रूप में उतरेगी, तो उन्होंने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। हकीमी ने कहा, 'वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के ऐसे बड़े मैच में कोई फेवरेट नहीं होता। यह मुकाबला 50-50 का है। जीत-हार का फैसला बहुत छोटी-छोटी बारीकियों और मौकों को भुनाने से तय होगा। हमें उम्मीद है कि वह टीम हम होंगे।' वहीं ब्राजील के स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर ने भी मोरक्को की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद मजबूत और किसी भी टीम को हराने में सक्षम टीम बताया है। ब्राजील का अफ्रीकी टीमों के खिलाफ दबदबा इतिहास गवाह है कि वर्ल्ड कप में ब्राजील का प्रदर्शन अफ्रीकी देशों के खिलाफ बेहद शानदार रहा है। ब्राजील ने अफ्रीकी टीमों के खिलाफ खेले अपने 8 मैचों में से 7 में जीत हासिल की है, जबकि उन्हें एकमात्र हार 2022 वर्ल्ड कप में कैमरून के खिलाफ मिली थी। साल 2002 के बाद से ब्राजील की टीम अक्सर क्वार्टर फाइनल में ही बाहर होती आई है। ऐसे में कोच एंसेलोटी को भरोसा है कि उनके पास किसी भी टीम को हराने का अनुभव और क्वालिटी मौजूद है।  

काई हावर्ट्ज के डबल गोल से जर्मनी की 7-1 की बड़ी जीत

हॉस्टन  फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी ने एकतरफा जीत के साथ शुरुआत की है। 4 बार की चैंपियन जर्मनी का मुकाबला कुराकाओ से हुआ। यह फीफा विश्व कप में कुराकाओ का डेब्यू मैच था। मैच को जर्मनी ने 7-1 के अंतर से अपने नाम किया। जर्मनी की तरफ से काई हावर्ट्ज ने दो गोल किए। उन्होंने पहले हाफ इंजरी टाइम में पेनल्टी पर पहला गोल दागा। इसके बाद 88वें मिनट में अपना दूसरा और टीम का सातवां गोल मारा। फीफा विश्व कप 2026 की सबसे बड़ी जीत जर्मनी के लिए हावर्ट्ज के अलावा फेलिक्स नमेचा, निको श्लोटरबेक ने पहले जबकि जमाल मुसियाला, नथानिएल ब्राउन और डेनिज उंडाव ने दूसरे हाफ में गोल दागे। 7-1 की जीत फीफा विश्व कप 2026 में सबसे बड़ी जीत है। फेलिक्स नमेचा ने मैच के छठे मिनट में ही गोल दाग दिया। यह इस बार के टूर्नामेंट में अब तक का सबसे तेज गोल भी है। फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल रैंक     टीम     गोल 1     जर्मनी     239 2     ब्राजील     238 3     अर्जेंटीना     152 4     फ्रांस     136 5     इटली     128 कुराकाओ के लिए यादगार मैच रहा 22 साल के लिवानो कोमेनेन्सिया ने कुराकाओ के लिए 21वें मिनट में गोल किया। कुराकाओ फीफा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम जनसंख्या वाला देश बन गया है। इस देश की आबादी सिर्फ 158,000 ही है। नवंबर 2025 में कुराकाओ ने फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। वह टूर्नामेंट में जगह बनाने वाला सबसे कम जनसंख्या वाला देश बना था। इसके लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है। जर्मनी ने गोल की बौछार कर दी जर्मनी ने जल्द ही अपना दबदबा बना लिया और छठे मिनट में फेलिक्स नमेचा के गोल से खाता खोला। मिडफील्डर ने फ्लोरियन विर्ट्ज के साथ अच्छा तालमेल बिठाया और फिर पेनल्टी एरिया के किनारे से शानदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। कुराकाओ की तरफ से 21वें मिनट में ऐतिहासिक पल आया लेकिन 38वें मिनट में निको श्लॉटरबेक ने 38वें मिनट में कॉर्नर पर हेडर से अपना पहला इंटरनेशनल गोल किया और जर्मनी को फिर से आगे कर दिया। पहले हाफ के इंजरी टाइम में कुराकाओ के खिलाफ ने बॉक्स में खतरनाक टैकल किया। इससे जर्मनी को पेनल्टी मिली और काई हावर्ट्ज ने गोल में दागकर स्कोर 3-1 कर दिया। जर्मनी ने दूसरे हाफ में अपना आक्रामक खेल जारी रखा। जमाल मुसियाला ने 47वें मिनट में जोशुआ किमिच के पास पर गोल मारकर टीम को 4-1 से आगे कर दिया।। इसके बाद नथानिएल ब्राउन ने 68वें मिनट में 5वां और 10 मिनट बाद डेनिज उंडाव ने छठा गोल दागा। 88वें मिनट में काई हावर्ट्स ने अपना दूसरा और मैच का 7वां गोल दागा।  

इरंकुंडा-मेटकाफ के गोल से ऑस्ट्रेलिया की शानदार जीत

वैंकूवर  नेस्टोरी इरंकुंडा और कॉनर मेटकाफ के गोल की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से जीत दर्ज करके तुर्किए की 24 साल बाद विश्व कप फुटबॉल में वापसी के जश्न में रंग में भंग डाल दिया। इस मैच को देखने के लिए फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी स्टेडियम में पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलिया की जीत का श्रेय उसके गोलकीपर पैट्रिक बीच को भी जाता है जिन्होंने ग्रुप डी के इस मैच में आठ शानदार बचाव किए। ऑस्ट्रेलिया लगातार छठी बार और कुल मिलाकर सातवीं बार विश्व कप में खेल रहा था। तुर्किए 2002 में विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा था। उसने इस साल प्लेऑफ में कोसोवो को हराकर क्वालीफाई किया। इरंकुंडा ने तीन डिफेंडरों से घिरे होने के बावजूद 27वें मिनट में निचले शॉट से गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिला दी। इरंकुंडा ने ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के दिग्गज टिम कहिल के इस खेल में योगदान को याद करने के लिए कॉर्नर फ्लैग पर मुक्का मारकर जश्न मनाया। वाटफोर्ड के लिए खेलने वाले 20 वर्षीय इरंकुंडा ऑस्ट्रेलिया की तरफ से विश्व कप में सबसे कम उम्र के गोल स्कोरर बन गए हैं। इसके कुछ मिनट बाद बीच ने अब्दुलकरीम बरदाकसी के जोरदार शॉट को रोककर शानदार बचाव किया। ऑस्ट्रेलिया के कोच टोनी पोपोविच ने अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान की जगह बीच को शुरुआती एकादश में रखने का चौंकाने वाला फैसला किया जो सही साबित हुआ। तुर्किए को 57वें मिनट में फ्री किक मिली, लेकिन बीच ने बड़ी खूबसूरती से अर्दा गुलेर के शॉट को बचा दिया। रियाल मैड्रिड के लिए खेलने वाले 21 वर्षीय मिडफील्डर गुलेर का जन्म उस समय नहीं हुआ था जब तुर्किए इससे पहले आखिरी बार विश्व कप में खेला था। कॉनर मेटकाफ ने 75वें मिनट में इस्माइल युकसेक की गलती का फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को दोगुना कर दिया।

रोमांचक मुकाबले में कोनोली ने बचाई ऑस्ट्रेलिया की इज्जत, बांग्लादेश 3-0 से चूक गया

 मीरपुर ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में 1 विकेट से जीत हासिल की. रविवार (13 जून) को मीरपुर के शेर-ए बांग्ला नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत के हीरो कूपर कोनोली रहे. सलामी बल्लेबाज कूपर कॉनोली ने अपने करियर का पहला ओडीआई शतक जड़ते हुए 149 रनों की शानदार पारी खेली. कोनीली ने 134 गेंदों की इनिंग्स में 13 चौके और 6 छक्के लगाए।  मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 5 विकेट पर 274 रन बनाए. मेजबान टीम की ओर से तौहीद हृदोय ने 83, लिटन दास ने नाबाद 58 और मोसाद्देक हुसैन ने 56 रनों की तेजतर्रार पारी खेली. एक समय बांग्लादेश 62 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।  275 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन शोरिफुल इस्लाम ने लगातार झटके देकर मैच को रोमांचक बना दिया. कप्तान जोश इंग्लिस, मैथ्यू रेनशॉ और एलेक्स कैरी के विकेट जल्दी गिरने से ऑस्ट्रेलिया दबाव में आ गया।  ऐसे मुश्किल समय में कूपर कोनोली ने पारी को संभाला. उन्होंने पहले मार्नस लाबुशेन (29 रन) के साथ अहम साझेदारी की और फिर कैमरन ग्रीन (27 रन) के साथ मिलकर टीम को जीत की ओर बढ़ाया. कोनोली ने 87 गेंदों में अपना पहला वनडे शतक पूरा किया।  हालांकि मैच का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा. शोरिफुल इस्लाम ने अपने ओडीआई करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 48 रन देकर 6 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल में डाल दिया. 266/5 से ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 271/9 हो गया, जबकि जीत के लिए अभी भी कुछ रन चाहिए थे।  आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए दो रन चाहिए थे. दबाव के बीच एडम जाम्पा ने तस्कीन अहमद की गेंद पर शानदार चौका लगाकर टीम को एक विकेट से जीत दिला दी. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के क्लीन स्वीप के सपने को तोड़ दिया. कूपर कोनोली की 149 रनों की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी, जिसने मुश्किल हालात में टीम को जीत दिलाई। 

दीप्ति शर्मा का कहर, 5 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी ध्वस्त, भारत ने दर्ज की शानदार जीत

 बर्मिंघम आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला रविवार (14 जून) को पाकिस्तान से खेला. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने 64 रनों से जीत हासिल की. भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 171 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 17 ओवरों में 106 रनों पर सिमट गई. दीप्ति शर्मा (5 विकेट) और स्मृति मंधाना (68 रन) ने टीम इंडिया की जीत में अहम किरदार निभाया।  भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 17 जून (बुधवार) को नीदरलैंड्स का सामना करेगी. भारतीय टीम अब तक विमेंस टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है. उसने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 के संस्करण में किया था, जब भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची और ऑस्ट्रेलिया से खिताबी मुकाबले में हार गई. अब भारत की नजरें पहली बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर हैं।  रनचेज में पाकिस्तानी टीम के लिए सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही बड़ी पारी खेल पाईं. मुनीबा ने 35 गेंदों पर 41 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. इसके अलावा आलिया रियाज (18 रन), गुल फिरोजा (12 रन) और आयशा जफर (12 रन) ही दोहरे अंकों तक पहुंच सकीं. दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी बैटिंग की कमर तोड़ दी. जबकि श्री चरणी ने तीन और शेफाली वर्मा ने 1 विकेट झटके. पाकिस्तानी टीम के 9 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने लिए, वहीं मुनीबा अली रन आउट हुईं।  ऐसी रही भारत की बैटिंग टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा दिए. शेफाली वर्मा को स्पिनर सादिया इकबाल ने पहले ही ओवर में पवेलियन भेजा. वहीं जेमिमा रोड्रिग्स लेफ्ट आर्म सीमर तस्मिया रुबाब का शिकार बनीं. यहां से स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की शानदार पार्टनरशिप की।  5 विकेट लेकर रच दिया इतिहास आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर 64 रनों से शानदार जीत हासिल की. रविवार (14 जून) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुए मैच में भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने यादगार प्रदर्शन किया. अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर दीप्ति ने ना सिर्फ पाकिस्तान की बल्लेबाजी यूनिट को तहस-नहस किया, बल्कि कुछ बड़े रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए।  इस हाईवोल्टेज मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके. महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से किसी मैच में ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा. दीप्ति ने रेणुका सिंह ठाकुर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. रेणुका ने 2023 के संस्करण में इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन देकर 5 विकेट लिए थे. दीप्ति ने इस दौरान गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नाशरा संधू और तस्मिया रुबाब को अपना शिकार बनाया. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और शानदार नियंत्रण के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज टिक नहीं सके।  हालांकि महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अभी भी वेस्टइंडीज की दिग्गज ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन के नाम दर्ज है. डॉटिन ने 2018 में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 5 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे।  दीप्ति शर्मा का यह स्पेल भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ. उन्होंने बीच के ओवरों में लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया. महिला टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करके दीप्ति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उनकी इस यादगार गेंदबाजी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।  विमेंस टी20 विश्व कप में भारत के लिए पांच विकेट 5/10 – दीप्ति शर्मा बनाम पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026* 5/15। रेनूका ठाकुर बनाम इंग्लैंड, गाकेबरहा, 2023 5/16 – प्रियंका रॉय बनाम पाकिस्तान, टॉनटन, 2009 देखा जाए तो दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं. दीप्ति ने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. थिपाचा पुत्थावोंग के नाम पर विमेंस टी20 इंटरनेशनल में 165 विकेट दर्ज हैं।  महिला टी20I में सबसे अधिक विकेट 166- दीप्ति शर्मा (भारत) 165- थिपाचा पुत्थावोंग (थाईलैंड) 160- हेनरिएट इशिम्वे (रवांडा) 152- मेगन शट (ऑस्ट्रेलिया) 148- ओनिका कामचोम्फू (थाईलैंड) विमेंस टी20I में सर्वाधिक बार 5 विकेट (फुल मेम्बर टीम्स) 3- अनीसा मोहम्मद (वेस्टइंडीज) 2- शबनम इस्माइल (साउथ अफ्रीका) 2- अर्लीन केली (आयरलैंड) 2- सुने लुस (साउथ अफ्रीका) 2- नाहिदा अख्तर (बांग्लादेश) 2- दीप्ति शर्मा (भारत) विमेंस टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत 82 रन vs श्रीलंका, दुबई, 2024 79 रन vs बांग्लादेश, सिलहट, 2014 72 रन vs बांग्लादेश, बेंगलुरु, 2016 71 रन vs श्रीलंका, बासेटेरे, 2010 64 रन vs पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026

भारत-पाक महिला टी20 वर्ल्ड कप मुकाबला आज, एजबेस्टन में बैलेंस्ड पिच की उम्मीद

बर्मिंघम इंडिया वर्सेस पाकिस्तान आईसीसी वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 6ठां मुकाबला आज यानी रविवार, 14 जून को खेला जाना है। इस मुकाबले का फैंस बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दोनों देशों के बीत राजनेतिक तनाव के चलते भारत-पाकिस्तान अब मल्टीनेशन टूर्नामेंट में ही एक दूसरे के खिलाफ खेलते दिखाई देते हैं, वहीं पुलवामा अटैक के बाद तो क्रिकेट फील्ड पर भी दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच तनाव पैदा हो गया है। भारत ने इस अटैक के बाद पाकिस्तान के खिलाफ नो हैंडशेक पॉलिसी को अपनाया है। भारतीय खिलाड़ी सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलते हैं, इसके अलावा ज्यादा इंट्रैक्शन दोनों टीमों के बीच नहीं रहता। हेड टू हेड में भारत पाकिस्तान से काफी आगे हैं, आज भी टीम इंडिया बतौर फेवरेट मैदान पर उतरेगी। आईए एक नजर IND vs PAK पिच रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं- IND W vs PAK W पिच रिपोर्ट बर्मिंघम के एजबेस्टन की पिच काफी बैलेंस्ड है। स्पिनर्स और पेसर्स दोनों को बराबर मदद मिलने की उम्मीद है। पेसर्स को ट्रेडिशनली इस पिच पर ज्यादा मदद मिलती है। बैट्समैन गेम के शुरुआती स्टेज में पेस का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। पहले बॉलिंग करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। रविवार को बर्मिंघम में बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश नहीं होगी, और तापमान 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। एजबेस्टन T20I आंकड़े मैच- 8 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 8 (100.00%) दूसरे बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 0 (0.00%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 4 (50.00%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 4 (50.00%) हाईएस्ट स्कोर- 221/5 लोएस्ट स्कोर- 121 एवरेज रन पर विकेट- 20.70 एवरेज रन पर ओवर- 8.71 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 175 IND W vs PAK W हेड टू हेड भारत और पाकिस्तान का T20I में आमना सामना कुल 16 बार हुआ है, जिसमें से भारत ने 13 बार जीत दर्ज की है, वहीं पाकिस्तान को तीन ही जीत नसीब हुई है। वहीं टी20 वर्ल्ड कप में भारत 6-2 से पाकिस्तान से आगे है। इंडिया-पाकिस्तान स्क्वॉड: इंडिया महिला: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव पाकिस्तान महिला: फातिमा सना (कप्तान), गुल फिरोजा, आयशा जफर, इरम जावेद, आयमान फातिमा, आलिया रियाज, नतालिया परवेज, सायरा जाबिन, मुनीबा अली, तुबा हसन, रमीन शमीम, सादिया इकबाल, नशरा संधू, डायना बेग, तस्मिया रुबाब

भारत ने अफगानिस्तान को हराया, लेकिन चर्चा में रहा रोहित-गिल का रनआउट मोमेंट

धर्मशाला भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला वनडे में भले ही सात विकेट से आसान जीत दर्ज कर ली हो, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा के रन आउट और उस पर कप्तान शुभमन गिल के रिएक्शन की रही. धर्मशाला में हुए इस मुकाबले के दौरान एक छोटी सी गलतफहमी ने 'हिटमैन' की पारी का अंत कर दिया था. मैच के बाद गिल ने इस पूरे मामले पर मुस्कुराते हुए ऐसा जवाब दिया, जिसने माहौल हल्का कर दिया. बारिश से प्रभावित 25-25 ओवर के मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल की नाबाद 84 रनों की शानदार पारी के दम पर लक्ष्य को 13 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया. गिल को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. भारत की पारी के छठे ओवर में यह घटना हुई. अफगानिस्तान के युवा स्पिनर अल्लाह गजनफर की गेंद को रोहित शर्मा ने मिडविकेट की ओर खेला और तेजी से रन लेने के लिए दौड़ पड़े. शुभमन गिल ने भी शुरुआत में रन लेने की हामी भरी, लेकिन कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद अचानक रुक गए और रोहित को वापस भेज दिया. तब तक रोहित काफी आगे निकल चुके थे. अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने तुरंत मौका भुनाया और राशिद खान के थ्रो पर विकेटकीपर ने गिल्लियां बिखेर दीं. रोहित 16 रन बनाकर रन आउट हो गए. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी. वह रिप्ले का इंतजार किए बिना सीधे पवेलियन लौट गए. पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान जब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस रनआउट को लेकर रोहित शर्मा से बात की, तो भारतीय कप्तान ने हंसते हुए जवाब दिया. गिल ने कहा, 'मुझे पता है कि उन्होंने रिप्ले देख लिया था. उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, सब ठीक है. अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए पिछले टी20 मैच में भी वह रन आउट हुए थे.' शुभमन गिल के इस जवाब ने सभी को हंसा दिया और यह संकेत भी दिया कि ड्रेसिंग रूम में इस घटना को लेकर कोई तनाव नहीं है. मैच के बारे में बात करते हुए गिल ने अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'यह मुकाबला किसी टी20 मैच जैसा था. एक समय ऐसा लगा कि गुरबाज मैच को हमसे दूर ले जाएंगे. उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाजों ने बेहतरीन वापसी की.' गुरबाज ने सिर्फ 51 गेंदों में 102 रनों की विस्फोटक पारी खेली और अफगानिस्तान को एक समय मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था. भारत की जीत में डेब्यूटेंट खिलाड़ियों गुरनूर बरार और हर्ष दुबे का भी अहम योगदान रहा. दोनों गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान की पारी को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. शुभमन गिल ने दोनों खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि गुरनूर ने नई गेंद और डेथ ओवरों में शानदार नियंत्रण दिखाया, जबकि हर्ष दुबे ने पहले ओवर में महंगे साबित होने के बावजूद शानदार वापसी की.

वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड की जीत, लेकिन रेफरी के फैसलों पर उठा विवाद

बोस्टन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी के मुकाबले में स्कॉटलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हैती को 1-0 से हराया। स्कॉटलैंड ने विश्व कप में यह 36 साल बाद जीत दर्ज की है। यह जीत स्कॉटलैंड के लिए कई मायनों में खास रही। टीम ने 1990 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की। इसके अलावा 1982 के बाद यह पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने किसी वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में जीत हासिल की है। 1982 में टीम ने न्यूजीलैंड को 5-2 से हराया था। इसके अलावा 1998 के बाद यह स्कॉटलैंड का पुरुषों के वर्ल्ड कप में पहला मैच था। स्कॉटलैंड और हैती का मुकाबला विवादित रहा रेफरी के फैसलों की वजह से स्कॉटलैंड और हैती का यह मुकाबला विवादित रहा। मैच के 79वें मिनट में हैती के जीन-रिकनर बेलेगार्डे ने जोरदार किक मारा। बॉक्स के अंदर स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ में गेंद लगी। हैती के खिलाड़ियों की जोरदार अपील के बावजूद रेफरी ने उसपर ध्यान नहीं दिया। वीएआर ने भी इसमें कोई दखल नहीं दिया। बॉक्स के अंदर हैंडबॉल होने पर विपक्षी टीम को पेनल्टी मिलती है। इससे पहले 73वें मिनट में भी स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ में गेंद लगी थी। इस बार भी रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी। अल्जीरिया के मुस्तफा घोरबल इस मैच में रेफरी की भूमिका में थे। केनी मैक्लीन ने पहले हाफ में जोसु कासिमिर के घुटने पर खतरनाक तरीके से टैकल किया। उन्हें रेड कार्ड मिल सकता था लेकिन रेफरी ने नहीं दिया। 29वें मिनट में हुए एकमात्र गोल 29वें मिनट में स्कॉटलैंड की टीम बढ़त हासिल करने में सफल रही। फॉरवर्ड खिलाड़ी चे एडम्स ने लंबी गेंद पर नियंत्रण बनाया और बेन गैनन-डोक को पास दिया। उनके क्रॉस को हैती के डिफेंडर ने ब्लॉक कर दिया, लेकिन गेंद जॉन मैकगिन के पास पहुंच गई। मैकगिन ने बॉक्स के किनारे से जोरदार शॉट लगाया, जो हल्के से डिफ्लेक्ट होकर गोलकीपर जॉनी प्लेसिड को चकमा देकर गोल पोस्ट में पहुंच गया।