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गोल्ड जीतने के बाद बागेश्वर धाम पहुंचीं क्रिकेटर क्रांति गौड़, धीरेंद्र शास्त्री से मिलीं

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर की महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर सीधा बागेश्वर धाम दर्शन करने पहुंचीं. यहां क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने बाबा बागेश्वर से आशीर्वाद लेकर बाला जी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की. बड़े मैच से पहले क्रिकेटर क्रांति गौड़ बागेश्वर धाम के दर्शन करने जरूर जाती हैं और खेल के बाद भी बाबा बागेश्वर का आशीर्वाद लेने पहुंचती हैं।  मंदिर में गर्भगृह में शीश नवाया एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में क्रांति गौड़ ने अहम भूमिका निभाई है. देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत लौटीं स्टार क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने शुक्रवार को बागेश्वर धाम पहुंचीं. धाम पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले बालाजी सरकार के मुख्य मंदिर में दर्शन किए और विधिवत पूजन-अर्चन कर देश और अपनी टीम की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।  पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार भेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराकर देश लौटीं होनहार बेटी को अपने बीच पाकर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया. मंदिर में मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बालाजी के दर्शन के उपरांत क्रांति गौड़ ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार व आत्मीय भेंट की. मुलाकात के दौरान क्रिकेटर ने अपनी ऐतिहासिक खेल यात्रा और अंतरराष्ट्रीय मैदान के अनुभवों को साझा किया।  मैदान में बालाजी सरकार का आशीर्वाद बरकरार मुलाकात के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए अंगवस्त्र व प्रसाद भेंट किया. इसके साथ ही भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट और राष्ट्र का मान अंतरराष्ट्रीय पटल पर बढ़ाने का शुभाशीष प्रदान किया. वहीं, महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय ईश्वरीय कृपा और देश के 140 करोड़ नागरिकों के प्यार को दिया. उन्होंने कहा, '' मैदान पर हर गेंद और हर ओवर में देशवासियों की दुआएं और बालाजी सरकार का आशीर्वाद साथ रहता है।  छतरपुर के घुवारा गांव निवासी महिला क्रिकेटर क्रांति गोंड ने युवाओं और खासकर बेटियों से खेल में पूरे समर्पण से आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने बेटियों से आह्वान करते हुए कहा, "अटूट विश्वास और निरंतर कठोर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है, बस हौसला रखो और लगातार प्रयास करते रहो। 

भारत-पाकिस्तान फाइनल में हाई-वोल्टेज ड्रामा, वैभव के आउट होने पर अयूब का जश्न; अगली गेंदों पर अभिषेक का पलटवार

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान के बीच जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला। भारतीय बल्लेबाजी के दौरान तीसरे ओवर में पाकिस्तानी गेंदबाज सैम अयूब ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आउट करने के बाद उनके सामने विवादित बेबी सेलिब्रेशन किया। हालांकि, सैम अयूब की यह आक्रामकता उन पर ही भारी पड़ गई क्योंकि अगली ही गेंद पर क्रीज पर मौजूद आक्रामक ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बल्ले से ऐसा पलटवार किया कि सैम अयूब के पसीने छूट गए। सैम अयूब का विवादास्पद जश्न पारी के तीसरे ओवर की पहली ही गेंद पर सैम अयूब ने वैभव सूर्यवंशी (15 रन, 9 गेंद) को अपने जाल में फंसाया। वैभव रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश में विकेटकीपर उस्मान खान को कैच दे बैठे। उस्मान खान ने कैच लपकने के दौरान थोड़ी ढील दी और गेंद उनकी छाती से टकराकर कई बार जगल हुई लेकिन अंत में उन्होंने कैच पूरा कर लिया। 14 साल के युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव का विकेट लेने के बाद सैम अयूब ने उकसाने वाले अंदाज में बेबी सेलिब्रेशन किया, जिसे देखकर क्रिकेट फैंस काफी नाराज नजर आए। अभिषेक शर्मा का करारा प्रहार सैम अयूब की इस हरकत का जवाब भारत के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बल्ले से दिया। ओवर की चौथी गेंद पर सैम अयूब ने थोड़ी शॉर्ट गेंद डाली, जिस पर अभिषेक ने करारा पुल शॉट जड़ते हुए गेंद को वाइल्ड लॉन्ग-ऑन के ऊपर से सीधे 6 रनों के लिए भेज दिया। अगली ही गेंद पर अयूब ने फिर लंबाई में गलती की और अभिषेक ने इस बार फिर बैकफुट पर जाकर गेंदबाज के सिर के ऊपर से मिड-ऑन को पार करते हुए शानदार चौका बटोर लिया। सैम अयूब के एक ही ओवर में लुटाए 15 रन इसके बाद भी अभिषेक का कहर नहीं रुका। ओवर की आखिरी गेंद पर सैम अयूब की ओर से कोई खास छोटी गेंद नहीं फेंकी गई थी, लेकिन अभिषेक ने क्रीज की गहराई का फायदा उठाते हुए ऐसा गगनचुंबी सीधा शॉट जड़ा और एक और चौका बटोरा।  

भारत-पाकिस्तान फाइनल में रोमांच चरम पर, अभिषेक ने ठोका 61 रन; तिलक वर्मा 51 पर नाबाद

 नई दिल्ली आज भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट स्पर्धा का फाइनल खेला जा रहा। दोनों टीमों की निशिन सिटी के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में टक्कर हो रही है। भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रनों का टारगेट रखा है। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 211 रन जुटाए। यह भारत का T20I में पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर है। भारत की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वैभव सर्यवंशी 9 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें दो सिक्स हैं। उन्हें तीसरे ओवर में सईम अयूब ने पवेलियन भेजा। सूर्यवंशी ने अभिषेक शर्मा के साथ 28 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की। संजू सैमसन (4 गेंदों में 2) भी सस्ते में लौटे। उन्हें अहमद दानियाल ने चौथे ओवर में आउट किया। अभिषेक और तिलक ने लगाई तूफानी फिफ्टी सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 28 गेंदों में तीन चौकों और सात छक्कों की मदद से 61 रन बनाए। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी की। अभिषेक को अराफात मिन्हास ने आठवें ओवर में स्टंप आउट कराया। अराफात ने 14वें ओवर में ईशान किशान (18 गेंदों में 20, तीन चौके) का शिकार किए। ईशान ने अय्यर के साथ चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। भारत को पांचवां झटका अय्यर के रूप में लगा। उन्होंने 24 गेंदों में दो चौकों के जरिए 21 रन बटोरे। उन्हें अबरार अहम ने 15वें ओवर में अपना शिकार बनाया। अय्यर जब लौटे, तब भारत का स्कोर 133 था। इसके बाद, शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने तूफानी बैटिंग की। दोनों ने छठे विकेट लिए 30 गेंदों में 62 रन जोड़े। दानियाल ने 20वें ओवर की पहली गेंद पर दुबे को आउट किया। उन्होंने 15 गेंदों में दो चौकों और दो छक्कों की बदौलत 27 रन की पारी खेली। उपकप्तान तिलक 22 गेंदों में 51 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने तीन चौके और चार छक्के ठोके। भारत ने आखिरी चार ओवर में 69 रन बटोरे। भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह। पाकिस्तान की प्लेइंग XI: साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफियान मुकीम। भारत ने दिया 212 का टारगेट भारत ने पाकिस्तान को 212 रनों का बड़ा टारगेट दिया है। भारत ने आखिरी ओवर में 16 रन जुटाए और शिवम दुबे (27) का विकेट गंवाया। तिलक वर्मा 51 और अक्षर पटेल 1 रन बनाकर नाबाद रहे।  

गोल्फ में भारत का ऐतिहासिक गोल्ड, प्रणवी उर्स ने रचा नया कीर्तिमान

आइची-नागोया  प्रणवी शरथ उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं, जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढ़त बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया । मैसूर की 23 वर्ष की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये। आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। प्रणवी, अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने रजत पदक जीता। भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरुष गोल्फ का स्वर्ण पदक जीता था।  प्रणवी ने ऐतिहासिक स्वर्ण पर कहा, ‘मुझे किसी भी चीज में प्रथम होना पसंद है। बाद में और भी लोग आएंगे, लेकिन जो सबसे पहले करता है, वह हमेशा सबसे पहला ही रहता है।’ प्रणवी के शानदार प्रदर्शन में फाइनल राउंड के छठे, 10वें और 13वें होल पर बर्डीज शामिल थीं। इससे उन्होंने भारत को टीम सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। गोल्फ में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक, दीक्षा डागर ने सिल्वर जीता भारत ने टीम इवेंट में 14 अंडर पार पर फिनिश किया, जो विनर चीन से पीछे था, जिसने 22 अंडर पार पर फिनिश किया। बेशक, प्रणवी पहले स्थान पर रहीं, अदिति 14वें और दीक्षा 23वें स्थान पर रहीं। तीरंदाजी: कुमकुम मोहोद ने गोल्ड जीता 17 साल की इस खिलाड़ी ने महिलाओं के इंडिविजुअल रिकर्व फाइनल में 5-5 से टाई रहने के बाद शूट ऑफ में साउथ कोरिया की ओह येजिन को 10-8 से हराकर गोल्ड जीता। टीम के अन्य सदस्यों में अदिति अशोक (फाइनल राउंड में 67) और दीक्षा डागर (फाइनल राउंड में 77) शामिल थीं। ओलंपियन अदिति ने पिछले गेम्स में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने इस हफ्ते का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने एक डबल बोगी और एक बोगी के मुकाबले लगातार पांच बर्डीज लगाईं और कुल 282 (दो-ओवर) के स्कोर के साथ व्यक्तिगत रूप से संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा कुल 12-ओवर के स्कोर के साथ व्यक्तिगत लीडरबोर्ड पर संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर रहीं। कौन हैं प्रणवी उर्स सिर्फ 23 साल की उम्र में, प्रणवी ने गोल्फ की दुनिया में कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं. हालांकि, एशियाई खेलों का पदक निश्चित रूप से उनकी सबसे बड़ी सफलता है. 15 अप्रैल 2003 को कर्नाटक के मैसूर शहर में जन्मी प्रणवी ने अपने पिता और भाई से प्रेरित होकर छह साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया।  प्रणवी ने जूनियर और एमेच्योर गोल्फ सर्किट में आगे बढ़ते हुए कई जीत हासिल कीं, जिनमें खास तौर पर थाईलैंड में 2018 सिंघा वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप और ऑल इंडिया जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप शामिल हैं. वह 2020 में प्रोफेशनल बनीं।  2023 में हांग्जो एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, वह महिला टीम इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं और बहुत कम अंतर से पदक जीतने से चूक गईं।  इसके बाद प्रणवी ने इंटरनेशनल सर्किट में अपनी पहचान बनाई और लेडीज़ यूरोपियन टूर (LET) जैसे टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया. 2024 में अंडालूसिया कोस्टा डेल सोल ओपन डी एस्पाना में तीसरे स्थान पर रहकर उन्होंने न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में उभरती हुई महिला गोल्फरों में से एक के तौर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।  अब तक उनकी सबसे शानदार उपलब्धि 2025 IGPL इनविटेशनल मुंबई जीतना रही है, जिससे वह पुरुष गोल्फरों के खिलाफ प्रोफेशनल ओपन-फील्ड टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं।  प्रणवी को 2023 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, और उन्हें जनवरी 2022 में ओलंपिक की तैयारी के लिए खास मदद देने के मकसद से 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) के कोर ग्रुप में भी शामिल किया गया था।  एशियन गेम्स के आखिरी दो दिन में भारतीय एथलीट्स का मेडल जीतने का धमाकेदार अभियान जारी है। शनिवार का दिन भारत के लिए बेहद व्यस्त और अहम रहने वाला है, जिसमें गोल्फ के फाइनल राउंड के बाद कुश्ती, तीरंदाजी, ताइक्वांडो, सेलिंग, रग्बी सेवन्स और वॉलीबॉल जैसे मुकाबलों में भारत अपनी दावेदारी पेश करेगा। कुश्ती पर सबकी खास नजरें होंगी, जहां अमन सहरावत, दीपक पूनिया और अंतिम पंघाल समेत कई पहलवान पदक की दौड़ में उतरेंगे। इसके अलावा, दो सबसे बड़े महामुकाबलों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। सुबह 10 बजे क्रिकेट के गोल्ड मेडल मैच में भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा, वहीं दोपहर 3:30 बजे हॉकी टीम मलेशिया के खिलाफ मेडल राउंड का मुकाबला खेलने उतरेगी। 4 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह से पहले भारत के पास अपनी पदक तालिका को और मजबूत करने का यह बेहतरीन मौका है।  पंघाल क्वार्टर फाइनल में, दीपक पूनिया और मनीषा ने सेमीफाइनल में बनाई जगह एशियन गेम्स 2026 में कुश्ती के अखाड़े से भारत के लिए लगातार अच्छी खबरें आ रही हैं। भारत की स्टार महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने अपना दबदबा कायम रखते हुए महिलाओं की फ्रीस्टाइल 53 किग्रा स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अंतिम ने कजाकिस्तान की शुगिला ओमिरबेक को 9-0 से एकतरफा अंदाज में करारी शिकस्त दी। कुमकुम ने जीता गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में भारत की 17 वर्षीया सनसनी कुमकुम मोहद ने इतिहास रच दिया है। महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी के रोमांचक फाइनल मुकाबले में कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को शूट-ऑफ में पछाड़कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर कोरियाई तीरंदाज ने केवल 8 का स्कोर किया, जबकि कुमकुम ने दबाव के बीच सटीकता की मिसाल पेश करते हुए परफेक्ट 10 पर निशाना साधा और भारत की झोली में ऐतिहासिक गोल्ड डाल दिया। एशियाई खेलों के मौजूदा संस्करण में कुमकुम का यह दूसरा स्वर्ण पदक है, जबकि महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा के इतिहास में भारत को मिला यह पहला गोल्ड मेडल है।  कुमकुम मोहद का ऐतिहासिक प्रदर्शन, एक और मेडल पक्का एशियन गेम्स 2026 से तीरंदाजी के मैदान से भारत के लिए बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। भारत की 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम … Read more

भारत की महिला हॉकी टीम का कमाल, चीन को मात देकर 44 साल बाद जीता स्वर्ण पदक

टोक्यो  44 साल का इंतजार खत्म हो गया. भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया. काकामिगाहारा में खेले गए फाइनल में लालरेमसियामी के 10वें मिनट के गोल ने भारत को बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने आखिरी सीटी तक बरकरार रखा. इस जीत के साथ भारत ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता।  इस गोल्ड की अहमियत सिर्फ मेडल तक सीमित नहीं है. एशियन गेम्स की महिला हॉकी चैंपियन को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन मिलता है. यानी चीन के खिलाफ मिली इस जीत ने भारत को एशियन गेम्स चैंपियन बनाने के साथ अगले ओलंपिक का टिकट भी दिला दिया।  लालरेमसियामी ने 200वें मैच को बनाया यादगार फाइनल में भारत को 10वें मिनट में बढ़त मिली. लालरेमसियामी ने गोल कर टीम को 1-0 आगे कर दिया. यह मुकाबला उनके लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह भारत के लिए अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही थीं. पहले क्वार्टर के बाद भारत के पास 1-0 की बढ़त थी. चीन ने इसके बाद बराबरी के लिए दबाव बढ़ाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने लगातार हमलों का सामना किया।  दूसरे क्वार्टर में सविता बनीं दीवार चीन को दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी स्ट्रोक मिला. भारत के लिए यह मैच का अहम मोड़ था. गोलकीपर सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक रोककर चीन को बराबरी करने से रोक दिया. इसके बाद भी चीन ने भारत के सर्कल में दबाव बनाए रखा, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी बढ़त बरकरार रखी. हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 भारत के पक्ष में रहा।  तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर ने गोललाइन पर बचाया गोल तीसरे क्वार्टर में चीन ने लगातार हमले किए. 33वें मिनट में चीन को पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस दौरान नवनीत कौर ने गोललाइन पर गेंद को रोककर भारत को बचाया. इसके बाद चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला था, लेकिन भारत के रेफरल के बाद फैसला बदला गया और पेनल्टी स्ट्रोक की जगह पेनल्टी कॉर्नर दिया गया।  चीन ने इसके बाद ड्रैग फ्लिक से गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद को रोकने के लिए अपना शरीर तक लगाया. फर्स्ट रशर के तौर पर सलीमा टेटे के हाथ पर गेंद लगी, जिसके बाद उन्हें कुछ देर के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा. उनकी जगह बलजीत कौर मैदान पर आईं।  आखिरी 15 मिनट में चीन ने बनाया दबाव आखिरी क्वार्टर में चीन ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया. भारत को कई बार अपने सर्कल के आसपास दबाव झेलना पड़ा, लेकिन डिफेंस ने चीन को गोल करने का मौका नहीं दिया. भारत ने 1-0 की बढ़त को आखिरी सीटी तक बचाए रखा और इसी के साथ एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड अपने नाम कर लिया।  1982 के बाद फिर भारत का स्वर्ण भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर से संतोष करना पड़ा. 2026 में चीन को हराकर भारत ने 44 साल बाद फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।  इस एशियन गेम्स में भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. चीन ने जापान को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था।  गोल्ड के साथ मिला LA 2028 का टिकट भारत के लिए इस जीत का एक और बड़ा मतलब है. एशियन गेम्स महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मिलता है. भारत ने चीन को हराकर यह जगह पक्की कर ली है। 

भारत-पाकिस्तान गोल्ड मेडल मुकाबले में नहीं दिखेंगे मोहसिन नकवी, ACC ने की पुष्टि

आइची-नागोया आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत-पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबला 3 अक्टूबर (शनिवार) को निशिन के स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा. इस गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले मोहसिन नकवी को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने पुष्टि की है कि उसके अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी फाइनल के दिन जापान में मौजूद नहीं रहेंगे. एशियन क्रिकेट काउंसिल ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बताया कि मोहसिन नकवी पूर्व निर्धारित प्रतिबद्धताओं के कारण एशियन गेम्स के फाइनल डे में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबलों में उतरने वाली चारों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं. नकवी ने अपने बयान में कहा कि उनकी प्रतिबद्धताएं उन्हें नागोया से दूर रखेंगी, लेकिन वह एशियन गेम्स के मुकाबलों को देखने के लिए उत्सुक हैं. भारत और पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में जगह बनाई है. भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से हराया, जबकि पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में बांग्लादेश को मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया. भारत पिछली बार हांगझोउ में खेले गए एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत चुका है. एशिया कप में हुआ था प्रेजेंटेशन विवाद मोहसिन नकवी की फाइनल में मौजूदगी को लेकर चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं थी कि वह एशियन क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) दोनों के प्रमुख हैं. पिछले दो एशिया कप के दौरान भारतीय टीमों की ट्रॉफी प्रेजेंटेशन से जुड़े घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा था कि अगर नकवी एशियन गेम्स में मेडल सेरेमनी का हिस्सा बने तो क्या स्थिति होगी. मेन्स एशिया कप 2025 में खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी. इसके बाद विमेंस एशिया कप 2026 में भी भारतीय टीम ने ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था. इन घटनाओं के बाद भारत-पाकिस्तान के किसी बड़े मुकाबले में नकवी की मौजूदगी पर स्वाभाविक रूप से नजर रही है. एशियन गेम्स फाइनल में दोनों टीमों के आमने-सामने आने के बाद यह सवाल और अहम हो गया था. मोहिसन नकवी के फाइनल डे पर मौजूद नहीं होने की पुष्टि के बाद मेडल सेरेमनी को लेकर उठ रहे सवालों की एक अहम कड़ी साफ हो गई है. अब एशियन गेम्स के आयोजकों, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और भारतीय ओलंपिक संघ के सामने प्रेजेंटेशन को लेकर नकवी की मौजूदगी से जुड़ी स्थिति नहीं होगी.

भारत-वेस्टइंडीज तीसरा वनडे आज, बेंच स्ट्रेंथ को परखने के साथ गेंदबाजी पर भी नजर

नई दिल्ली तीन मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम नजर शनिवार को महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में क्लीन स्वीप के साथ बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने पर होगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे। इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं। बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में आठ विकेट से जीत के साथ भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। उस मैच में कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 223 और रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए थे। इस नतीजे ने टीम मैनेजमेंट को तुरंत मिलने वाले परिणाम से आगे देखने और उन खिलाड़ियों को परखने का मौका दिया है जिन्हें सीरीज में कम खेलने का मौका मिला है। इसलिए, कल अपराह्न होने वाला तीसरा वनडे भारत की बेंच स्ट्रेंथ (रिजर्व खिलाड़ियों) के लिए एक अहम मौका साबित हो सकता है। टॉप ऑर्डर ने दोनों मैचों में बनाए रन ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज और स्क्वाड में शामिल अन्य खिलाड़ियों पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि भारत जीत का कॉम्बिनेशन बनाए रखते हुए खिलाड़ियों को खेलने का समय देना चाहता है। शुरुआती दोनों मैचों में रोहित-गिल और कोहली ने रन बनाए हैं। भारत की मूल वनडे टीम में 15 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें कप्तान गिल के अलावा रोहित, विराट कोहली, गायकवाड़, राहुल, ध्रुव जुरेल, नीतीश, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर शामिल थे। हालांकि, दूसरे वनडे के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण प्रसिद्ध निर्णायक मैच से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। गेंदबाजों ने बढ़ाई टेंशन भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे। भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा। वेस्टइंडीज के पास आखिरी मौका मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी। वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी वनडे सीरीज से कुछ हासिल करने का मौका है, क्योंकि दो हार के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार दिखा है। गुवाहाटी में उनके 405/7 के स्कोर में जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जांगू के शतक शामिल थे। मेहमान टीम के इतने बड़े स्कोर ने दूसरे वनडे को हाई-स्कोरिंग मुकाबला बना दिया, हालांकि आखिर में भारत की जीत ने उनके प्रयास को फीका कर दिया।

भारत ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, महिला रिकर्व टीम का गोल्ड; कुल मेडल की संख्या पहुंची 72

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत का दमदार प्रदर्शन जारी है। दिन की शुरुआत तीरंदाजी में गोल्ड मेडल के साथ हुई। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रचा। रोमांचक फाइनल में खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। इसके बाद तीरंदाजी में ही भारत को दिन का दूसरा मेडल सिल्वर के रूप में मिला। कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसके बाद सेलिंग में भारत को नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मुक्केबाजी में लवलीना चमकी, जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। तीरंदाजी में पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। सेपकटकराव में भारतीय मेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 65 किलो स्पर्धा में चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहलवान सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारा कियूका को 3-3 से हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 65kg वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। उनका गोल्ड मेडल मैच 2.46 से शुरू होगा। परवीन हुड्डा ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड परवीन हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन के साथ महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में खिताबी मुकाबला जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हूडा ने एशियन गेम्स में महिला 65 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को 3-2 से हराया। सेपकटकराव: भारत ने पुरुषों के क्वाड्रंट में ब्रॉन्ज जीता भारत के अरुण, बॉबी कुमार, लोखोन सिंह, मालेमंगंबा सिंह, राम कुमार शर्मा और आकाश युमनन ने जापान के खिलाफ सेमीफाइनल हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। आर्चरी: धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान ने जीता सिल्वर भारत ने पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, साउथ कोरिया ने आखिरी फेज में 2-0 से सेट जीतकर गोल्ड मेडल जीता, जिससे कुल मिलाकर 5-1 की जीत हुई। भारत के धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान ने सिल्वर मेडल के साथ मैच खत्म किया। बॉक्सिंग में लवलीना ने जीता गोल्ड मेडल लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75kg बॉक्सिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है, उन्होंने चीन की बाओ जियाई को 5-0 के एकमत फैसले से हराया। यह उनका एशियन गेम्स में पहला गोल्ड है।महिला बॉक्सिंग में यह भारत का सिर्फ दूसरा गोल्ड मेडल है। 2014 में मैरी कॉम के मेडल के बाद यह पहला गोल्ड मेडल है। लवलीना ने महिलाओं की 75kg का फाइनल एकमत फैसले से जीता। सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने जीता ब्रॉन्ज मेडल नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी में 14 नेट पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता और फाइनल रेस में पहला स्थान हासिल करके मेडल पक्का किया। रेस से पहले वह चौथे स्थान पर थीं। वह हांगकांग चीन की ओलंपियन स्टेफ़नी नॉर्टन के बराबर पॉइंट्स पर रहीं, लेकिन बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की वजह से ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह इन एशियन गेम्स में भारत का तीसरा सेलिंग मेडल है, इससे पहले कल पुरुषों और महिलाओं के स्किफ़ इवेंट्स में क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे। आर्चरी: दिहराज और कुमकुम ने रिकर्व मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा गोल्ड मेडल मैच में चीन से हार गए और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। आर्चरी: अंकिता, कीर्ति, कुमकुम ने रिकर्व आर्चरी महिला टीम में गोल्ड जीता अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला टीम ने हैवीवेट साउथ कोरिया को हराकर महिला टीम रिकर्व आर्चरी में ऐतिहासिक गोल्ड जीता।  

एशियन गेम्स में सुजीत कलकल का जलवा, ओलंपिक चैंपियन के बाद वर्ल्ड मेडलिस्ट को हराकर जीता स्वर्ण

आइची-नागोया आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को भारतीय रेसलर सुजीत कलकल ने ऐसा मुकाबला जीता, जिसमें एक समय जीत की उम्मीदें लगभग खत्म होती दिख रही थीं. मेन्स फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में सुजीत एक समय 2-9 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी करते हुए ताजिकिस्तान के वर्ल्ड मेडलिस्ट पहलवान अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से मात दे दी और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. यह सिर्फ एक स्वर्णिम जीत नहीं, बल्कि सुजीत कलकल के संघर्ष और लगातार आगे बढ़ने की कहानी का एक और बड़ा अध्याय है. फाइनल से पहले भी उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए जापान के मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. यानी गोल्ड मेडल तक पहुंचने के रास्ते में सुजीत ने एक के बाद एक बड़े नामों को चुनौती दी. फाइनल में अब्दुलमजीद कुडिएव ने शुरुआत से ही सुजीत पर दबाव बनाए रखा. मुकाबला आगे बढ़ा तो सुजीत कलकल 2-9 से पिछड़ गए. इस स्थिति में कुडिएव का पलड़ा भारी नजर आ रहा था, लेकिन सुजीत ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने डिफेंस को मजबूत रखते हुए मौके तलाशे और धीरे-धीरे स्कोर का अंतर कम करना शुरू किया. इसके बाद सुजीत ने लगातार अंक जुटाए और मुकाबले का रुख ही बदल दिया. देखते ही देखते 2-9 का स्कोर 10-9 हो गया. अंतिम सीटी बजते ही सुजीत की जीत पक्की हो गई और भारतीय खेमे में जश्न शुरू हो गया. सुजीत कलकल के लिए यह दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि फाइनल में पहुंचने से पहले उन्हें जापान के कोटारो कियूका की चुनौती का सामना करना पड़ा था. कियूका पेरिस ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट हैं और 65 किग्रा कैटेगरी के सबसे बड़े नामों में शामिल हैं. सुजीत ने इस मुकाबले में भी धैर्य नहीं खोया. दोनों पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और स्कोर 3-3 पर बराबर रहा. इसके बाद बड़े स्कोरिंग मूव के आधार पर सुजीत को विजेता घोषित किया गया. उनके इस प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने भी सुजीत के डिफेंस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जापानी पहलवान के खिलाफ सुजीत का डिफेंस बेहद मजबूत था और दूसरे भारतीय पहलवान उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं. सुजीत कलकल की कहानी किसी बड़े शहर की अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधा से शुरू नहीं हुई. उनका जन्म 5 नवंबर 2002 को हरियाणा के भिवानी जिले के इमलोटा गांव में हुआ. उनके पिता दयानंद कलकल खुद राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती कर चुके थे और उन्होंने बेटे को इस खेल के लिए प्रेरित किया. सुजीत ने गांव के ही स्थानीय अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेच सीखने शुरू किए. सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन उन्होंने अभ्यास जारी रखा. 2020 तक इमलोटा में ट्रेनिंग करने के बाद वह 2021 में सोनीपत चले गए. यहां उन्हें बेहतर ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों के साथ अभ्यास करने का मौका मिला.यहीं से उनके करियर ने तेजी पकड़नी शुरू की. कम उम्र में ही जीते कई खिताब 2022 में सुजीत कलकल ने अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने अंडर-20 एशियन चैम्पियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया. उसी साल उन्होंने ट्यूनिस में सीनियर रैंकिंग सीरीज का गोल्ड जीतकर सीनियर स्तर पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. हालांकि, सीनियर कुश्ती में उनकी राह आसान नहीं थी. 65 किग्रा वर्ग में भारत के पास उस समय बजरंग पूनिया जैसा बड़ा नाम था. 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के चयन ट्रायल में सुजीत का सामना बजरंग से हुआ, जहां उन्हें 0-4 से हार मिली. लेकिन यह हार उनके सफर का अंत नहीं बनी. 2024 में सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग के चयन ट्रायल में जीत हासिल कर एशियन और वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका पाया. लेकिन पेरिस ओलंपिक 2024 का टिकट हासिल करने की उनकी कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हुई. एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के लिए बिश्केक जाते समय सुजीत और दीपक पूनिया दुबई में खराब मौसम और फ्लाइट संचालन प्रभावित होने के कारण फंस गए. दोनों देर से बिश्केक पहुंचे और प्रतियोगिता के नियमों के कारण मुकाबले में नहीं उतर सके. इसके बाद उनके पास इस्तांबुल में वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर के जरिए पेरिस पहुंचने का मौका था. सुजीत सेमीफाइनल में हार गए और फिर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अमेरिका के जेन रदरफोर्ड से 2-2 के स्कोर पर हार गए. इस हार के साथ पेरिस ओलंपिक में खेलने का उनका सपना टूट गया. पेरिस की निराशा भूल की जबरदस्त वापसी पेरिस की निराशा के बाद सुजीत कलकल ने जिस तरह वापसी की, उसने उन्हें भारतीय कुश्ती के उभरते हुए बड़े नामों में शामिल कर दिया. 2025 में उन्होंने अंडर-23 एशियन चैम्पियनशिप का खिताब जीता. इसके बाद बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में उन्होंने पेरिस ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट इस्लाम दुदायेव को 11-0 से हराया. सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, जहां उन्हें ईरान के रहमान अमूजाद से 6-5 से हार मिली. अमूजाद बाद में विश्व चैम्पियन बने. इसके बाद सुजीत कलकल ने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 65 किग्रा का गोल्ड मेडल जीत लिया. उन्होंने खिताबी मुकाबले में उज्बेकिस्तान के स्टार रेसलर उमिदजोन जलोलोव को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया. 2026 की शुरुआत भी उनके लिए शानदार रही. उन्होंने जाग्रेब ओपन और तिराना में मुहम्मद मालो रैंकिंग सीरीज में खिताब जीते. इसके बाद बिश्केक में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतकर सीनियर स्तर पर अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल की. इस जीत के बाद वह 65 किग्रा वर्ग में दुनिया के नंबर-1 पहलवान भी बने.

अंकुश पंघल ने जीता एशियन गेम्स गोल्ड, साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराया

 नई दिल्ली एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग का अभियान गोल्डन अंदाज में खत्म हुआ. 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघल ने फाइनल में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अंकुश की जीत के साथ भारत ने बॉक्सिंग में एक ही दिन तीसरा गोल्ड जीत लिया. फाइनल में दिखा अंकुश का दम अंकुश ने मुकाबले में अपनी रफ्तार, मूवमेंट और काउंटर-पंचिंग का अच्छा इस्तेमाल किया. आखिर में जजों ने 4-0 के सर्वसम्मत फैसले से भारतीय बॉक्सर को विजेता घोषित किया. यह अंकुश का 2026 एशियन गेम्स में शानदार अभियान का आखिरी पड़ाव रहा.     2026 CWG- गोल्ड      2026 बॉक्सम कप- सिल्वर      2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल- सिल्वर      2026 एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैम्प‍ियनश‍िप – गोल्ड      2025 U-22 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप- ब्रॉन्ज बॉक्सिंग में भारत का सबसे सफल गोल्ड अभियान अंकुश के गोल्ड के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 6 पदक जीते, जिसमें 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं. गोल्ड की संख्या के लिहाज से यह भारत का एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का सबसे सफल अभियान रहा. 2022 में भारत ने 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 पदक जीते थे, जबकि 2010 में 9 पदक आए थे, जिनमें 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल थे. बॉक्स‍िंग में एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले बॉक्सर  खिलाड़ी                               वर्ग              मेडल लवलीना बोरगोहेन      विमेंस 75 किग्रा      गोल्ड परवीन हुड्डा             विमेंस 65 किग्रा       गोल्ड अंकुश पंघल                मेन्स 80 किग्रा      गोल्ड प्रिया घंघस                विमेंस 60 किग्रा      ब्रॉन्ज कपिल पोखरिया        मेन्स 90 किग्रा         ब्रॉन्ज नरेंद्र बेरवाल             मेन्स 90+ किग्रा       ब्रॉन्ज