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चाय के रेट बढ़ाए गए, अब LPG संकट से दूध की कीमत भी बढ़ने की आशंका

नई दिल्ली ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है. कई जगह लोगों को लंबी लाइनों में लगकर महंगे दाम पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों तक पहुंच गया है. चाय बेचने वालों ने भी चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दी है. यह संकट सिर्फ रेस्टोरेंट और होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि दूध के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। पहले गल्फ देशों से 85-90 प्रतिशत एलपीजी आती थी, लेकिन अब आयात पर संकट आ गया है. जिससे घरेलू गैस के साथ-साथ इंडस्ट्रीज को भी मार पड़ रही है. रेस्टोरेंट, होटल पहले से परेशान थे और अब डेयरी वाले भी इसकी मार खा रहे हैं. डेयरी उद्योग में एलपीजी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. दूध को पाश्चराइजेशन (खास तापमान पर गर्म करके बैक्टीरिया मारना) के लिए बड़ी मात्रा में गैस चाहिए. बिना नियमित गैस के दूध जल्दी खराब हो सकता है. छोटे-मध्यम डेयरी प्लांट्स को यह समस्या सबसे ज्यादा झेलनी पड़ रही है. महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कई डेयरी मालिकों ने बताया कि गैस न मिलने से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के काम में रुकावट आ रही है. इससे दूध की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। मुश्किल में पड़ी दूध की पैकेजिंग इस इंडस्ट्री में सबसे बड़ी समस्या पैकेजिंग की है. दूध के प्लास्टिक पैकेट और कार्टन बनाने वाली फैक्टरियां भी एलपीजी पर निर्भर हैं. इन फैक्टरियों को पर्याप्त गैस नहीं मिल रही, इसलिए प्रोडक्शन धीमा हो गया है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गोवर्धन डेयरी के फाउंडर देवेंद्र शाह ने कहा, “हमारे पास अभी सिर्फ 10 दिन का पैकेजिंग मटेरियल स्टॉक बचा है. अगर सप्लाई जल्द नॉर्मल नहीं हुई तो दूध सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा.” चेंबूर के सुरेश डेयरी के मैनेजर शरीब शेख ने भी चेतावनी दी, “अगले 10 दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो पूरी डेयरी इंडस्ट्री बड़े संकट में फंस सकती है। दूध स्टोर करने की क्षमता कम इसके अलावा मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है कि बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके सिंह के अनुसार, हाल ही में भैंस के दूध के तीन बड़े ऑर्डर रद्द हुए. छोटी डेयरियों के पास दूध स्टोर करने की क्षमता नहीं है. इसलिए वे गाय और भैंस का दूध कम कीमतों पर बेचने को मजबूर हैं. यह संकट सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है. देश के कई हिस्सों में डेयरी ऑपरेटर्स इसी तरह की शिकायतें कर रहे हैं. होटल और रेस्टोरेंट पहले से दूध के ऑर्डर कम कर रहे हैं. अगर पैकेजिंग रुक गई तो दुकानों पर दूध के पैकेट कम मिलेंगे. इससे आम लोग प्रभावित होंगे, खासकर शहरों में जहां लोग पैकेज्ड मिल्क पर निर्भर हैं. गांवों में जहां ढीला दूध बिकता है, वहां भी प्रोसेसिंग प्रभावित हो सकती है। डेयरी मालिकों की मांग क्या है? डेयरी मालिकों की मांग है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्राथमिकता से बढ़ाई जाए. उनका कहना है कि दूध एक जरूरी चीज है, इसे संकट में नहीं छोड़ना चाहिए. अगर 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो दूध की कीमतें बढ़ सकती हैं या उपलब्धता कम हो सकती है. कुछ जगहों पर किसान बायोगैस जैसे विकल्प अपना रहे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर यह मुश्किल है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है. पहले भारत का बड़ा हिस्सा तेल, गैस और एलपीजी सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था. लेकिन ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है. हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से तेल खरीदकर कच्चे तेल की सप्लाई कुछ हद तक संभाली है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की सप्लाई कम कर दी गई है और होटल-रेस्तरां जैसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए एलपीजी में भी कटौती की गई है। यह संकट अस्थायी है, लेकिन इसका असर आम आदमी तक पहुंच रहा है. पहले रेस्टोरेंट में एक्स्ट्रा चार्ज लगे, अब दूध पर खतरा मंडरा रहा है. सरकार को जल्द कदम उठाने होंगे ताकि दूध जैसी बेसिक चीज प्रभावित न हो।

महिला का लिफ्ट में प्राइवेट वीडियो वायरल, हिडन कैमरा पहचानने के उपाय जानें

मुंबई मुंबई के अंधेरी में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. एक 36 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि की लिफ्ट में लगे CCTV का एक निजी वीडियो अचानक वायरल हो गया।  रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला लिफ्ट में एक व्यक्ति के साथ थी और दोनों को यह पता नहीं था कि कैमरा उनकी रिकॉर्डिंग कर रहा है. बाद में यह वीडियो किसी ने CCTV बैकअप सिस्टम से निकालकर सोसाइटी और सोशल मीडिया में फैलाना शुरू कर दिया, जिसके बाद महिला को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।  पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि CCTV सिस्टम तक पहुंच रखने वाले व्यक्ति ने ही बैकअप से वीडियो निकाला और उसे शेयर किया. इस मामले में IT एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. CCTV की सिक्योरिटी पर सवाल यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं है. यह एक बड़ा सवाल भी उठाती है कि आज के समय में जब हर जगह कैमरे लगे हैं, तो हमारी प्राइवेसी कितनी सुरक्षित है. CCTV या कैमरा सिस्टम सुरक्षित तरीके से मैनेज नहीं किया जाए तो उसका गलत इस्तेमाल बहुत आसानी से हो सकता है. कई बार छोटी गलती जैसे सॉफ्टवेयर अपडेट ना करने की वजह से भी कैमरा हैक हो सकता है.  होटल और ट्रायल रूम में हिडेन कैमरा का खतरा आजकल होटल, ट्रायल रूम, चेंजिंग रूम और रेंटल अपार्टमेंट में छिपे कैमरों की खबरें भी सामने आती रहती हैं. टेक्नोलॉजी छोटी और सस्ती होने की वजह से ऐसे स्पाई कैमरे बनाना आसान हो गया है जिन्हें स्मोक डिटेक्टर, चार्जर, घड़ी, एयर वेंट या दीवार के छोटे छेद में छिपाया जा सकता है. कई बार लोग सोचते हैं कि चेंजिंग रूम या ट्रायल रूम पूरी तरह सुरक्षित जगह है. लेकिन अगर समय समय पर ट्रायल रूम और होटल के लीक्ड फुटेज की खबरें आती रहती हैं. कैसे पता लगाएं हिडेन कैमरा कहां है?  ऐसे में सबसे पहला सवाल यही है कि किसी कमरे में छिपा कैमरा है या नहीं, यह कैसे पहचाना जाए?  कमरे में घुसते ही सबसे पहले आसपास की चीजों को ध्यान से देखना जरूरी है. अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अजीब जगह लगा हुआ है या किसी चीज में छोटा गोल छेद दिखाई देता है तो उस पर ध्यान देना चाहिए. स्पाई कैमरे अक्सर ऐसी जगहों पर लगाए जाते हैं जहां से पूरा कमरा दिखाई दे सके, जैसे दीवार के कोने, छत के पास लगे डिवाइस या स्मोक डिटेक्टर. मोबाइल फोन से पता करें मोबाइल फोन भी छिपे कैमरे पहचानने में मदद कर सकता है. अगर कमरे की लाइट बंद करके मोबाइल की टॉर्च दीवारों और उपकरणों पर डाली जाए तो कैमरे का लेंस अक्सर रोशनी को रिफ्लेक्ट करता है. अगर कहीं छोटा सा चमकता हुआ बिंदु दिखाई दे तो वहां कैमरा हो सकता है. कुछ स्पाई कैमरे इन्फ्रारेड लाइट का इस्तेमाल करते हैं ताकि वे कम रोशनी में भी रिकॉर्डिंग कर सकें. यह रोशनी इंसानी आंख से दिखाई नहीं देती लेकिन मोबाइल कैमरा उसे पकड़ सकता है. अगर मोबाइल कैमरे से कमरे को स्कैन किया जाए और स्क्रीन पर कहीं छोटी चमकती रोशनी दिखे तो वहां कैमरा हो सकता है. WiFI स्कैनिंग से भी जान सकते हैं इसके अलावा कई कैमरे इंटरनेट से जुड़े होते हैं. ऐसे में अगर आप कमरे के WiFi नेटवर्क से जुड़े हैं तो नेटवर्क स्कैनिंग ऐप से यह देखा जा सकता है कि कितने डिवाइस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. अगर कोई संदिग्ध डिवाइस दिखाई दे तो सावधान रहने की जरूरत होती है. एक और तरीका है कमरे के शीशों की जांच करना. कई बार टू-वे मिरर का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें एक तरफ से आईना दिखाई देता है लेकिन दूसरी तरफ से कमरे के अंदर देखा जा सकता है. ऐसे शीशे की पहचान करने के लिए लोग उंगली टेस्ट भी करते हैं. सिक्योरिटी बेहद जरूरी हालांकि सिर्फ छिपे कैमरे ही खतरा नहीं हैं. कई बार कैमरे तो सुरक्षा के लिए लगाए जाते हैं लेकिन बाद में उनकी रिकॉर्डिंग का गलत इस्तेमाल किया जाता है. अंधेरी का मामला इसी बात का उदाहरण है जहां एक निजी पल CCTV में रिकॉर्ड हुआ और फिर सिस्टम से निकालकर वायरल कर दिया गया. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि CCTV सिस्टम को ठीक से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. अगर बैकअप सर्वर या रिकॉर्डिंग सिस्टम तक बहुत ज्यादा लोगों की पहुंच हो तो फुटेज चोरी या लीक होने का खतरा बढ़ जाता है. स्पाई कैम का खतरा होने पर तुरंत रिकॉर्ड कर लें अगर किसी जगह आपको स्पाई कैमरा होने का शक हो तो उसे तुरंत छेड़ना नहीं चाहिए. पहले उसकी फोटो या वीडियो रिकॉर्ड कर लें ताकि सबूत सुरक्षित रहे. इसके बाद होटल मैनेजमेंट, स्टोर स्टाफ या संबंधित लोगों को जानकारी दें. जरूरत पड़े तो पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है. आज के डिजिटल दौर में कैमरे सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, लेकिन अगर उनका गलत इस्तेमाल हो जाए तो वही कैमरे किसी की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. इसलिए चाहे होटल का कमरा हो, ट्रायल रूम हो या चेंजिंग रूम, कुछ मिनट का सावधानी भरा चेक कई बार आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकता है.

घर बैठे WhatsApp, ऐप और कॉल से LPG सिलेंडर कैसे बुक करें, लंबी लाइन से बचने का तरीका

नई दिल्ली अगर आपके घर में LPG सिलेंडर खत्म होने वाला है तो उसे बुक करने के लिए अब सिर्फ गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है. आजकल Indane, HP Gas और Bharat Gas तीनों कंपनियां कॉल, SMS, WhatsApp और मोबाइल ऐप जैसे कई तरीकों से सिलेंडर बुक करने की सुविधा देती हैं।  हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में LPG बुकिंग सिस्टम पर लोड बढ़ने की खबरें भी आई हैं, जिसकी वजह से ऐप और कॉल सर्विस में दिक्कतें भी देखी गईं.  ऐसे में अगर कॉल से बुकिंग नहीं हो पा रही है तो आप दूसरे तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कॉल करके ऐसे करें LPG सिलेंडर बुक अगर आपके पास HP Gas कनेक्शन है तो आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से IVRS नंबर 88888 23456 पर कॉल करके सिलेंडर बुक कर सकते हैं. इसके अलावा 94936 02222 पर मिस्ड कॉल देकर भी बुकिंग की जा सकती है.  Bharat Gas के कस्टमर्स 77150 12345 या 77180 12345 नंबर पर कॉल करके LPG रिफिल बुक कर सकते हैं. वहीं Indane Gas यूजर्स 7718955555 नंबर पर कॉल या SMS के जरिए सिलेंडर बुक कर सकते हैं.  WhatsApp से भी हो जाती है LPG बुकिंग अब गैस सिलेंडर WhatsApp से भी आसानी से बुक किया जा सकता है. इसके लिए आपको अपनी गैस कंपनी का नंबर फोन में सेव करना होगा. लीडिंग कंपनियों के बुकिंग नंबर्स ये हैं:      Indane Gas WhatsApp: 75888 88824     HP Gas WhatsApp: 92222 01122     Bharat Gas WhatsApp: 1800 22 4344 WhatsApp पर इन नंबरों पर Hi या REFILL लिखकर मैसेज भेजना होता है. इसके बाद स्क्रीन पर आने वाले स्टेप्स को फॉलो करके सिलेंडर बुक किया जा सकता है.  मोबाइल ऐप से भी कर सकते हैं बुकिंग तीनों गैस कंपनियों की अपनी मोबाइल ऐप भी हैं.     Indane: IndianOil ONE ऐप     HP Gas: HP Gas ऐप     Bharat Gas: Hello BPCL ऐप इन ऐप्स में लॉगिन करने के बाद आप सिलेंडर बुकिंग, पेमेंट और डिलीवरी स्टेटस भी देख सकते हैं. ये ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. डाउनलोड करने के बाद लॉग LPG बुकिंग के नियम में भी हुआ बदलाव हाल ही में सरकार ने LPG सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा एक नियम भी बदला है. अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा, पहले यह समय 21 दिन था. सरकार का कहना है कि यह फैसला सिलेंडर की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बराबर पहुंचाने के लिए लिया गया है. ग्रामीण इलाकों में यह गैप और ज्यादा हो सकता है, जहां कुछ जगहों पर इसे 45 दिन तक बढ़ाया गया है.

CBSE Class 10 Exam Update: LOC सबमिशन शुरू, छात्रों के लिए अहम गाइडलाइंस जारी

नई दिल्ली सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 2026 की दूसरी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की सूची (LOC) जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, स्कूल पहले चरण के दौरान LOC जमा कर सकेंगे, जो 18 मार्च से 31 मार्च, 2026 तक निर्धारित है। साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की नीति के अनुसार जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किया गया है। कक्षा 10 के छात्रों को अब एक ही शैक्षणिक वर्ष के भीतर दो बार बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा। दूसरी परीक्षा मई 2026 में आयोजित होने वाली है, जिससे छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने का मौका मिलेगा। CBSE ने स्पष्ट किया है कि LOC स्कूलों द्वारा केवल उन छात्रों के लिए जमा की जानी है जो परीक्षा में बैठना चाहते हैं। इससे बोर्ड को पहले से ही यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दूसरी बोर्ड परीक्षा में कितने छात्र बैठने का इरादा रखते हैं, साथ ही वे किन विशिष्ट विषयों की परीक्षा देना चाहते हैं। LOC जमा करने की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी बोर्ड के अनुसार, LOC जमा करने की प्रक्रिया तीन अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 18 मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। इसके बाद, दूसरे और तीसरे चरण में भी LOC जमा करने का अवसर मिलेगा, हालांकि इसके लिए विलंब शुल्क (late fee) का भुगतान करना होगा। शुल्क जमा करने की अंतिम समय सीमा रात 11:59 बजे निर्धारित की गई है। स्कूलों के लिए निर्देश जारी CBSE ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन्हें छात्रों और अभिभावकों को दूसरी बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और शुल्क संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने को कहा गया है। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों की संख्या सीमित हो सकती है; परिणामस्वरूप, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि प्रत्येक छात्र को उसके तत्काल आसपास के क्षेत्र में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। पात्रता और नियम बोर्ड के अनुसार, केवल वही छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में भाग लेने के पात्र होंगे जो पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे। छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में से चुने गए अधिकतम तीन विषयों में अपने अंकों में सुधार करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र पहली परीक्षा के दौरान तीन या उससे ज्यादा विषयों में अनुपस्थित थे, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। ऐसे छात्रों को अगले शैक्षणिक वर्ष में मुख्य परीक्षा में बैठना होगा। इसके विपरीत, जो छात्र 'कम्पार्टमेंट' श्रेणी में रखे गए हैं, वे विशिष्ट कम्पार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। डेटा या विषयों में कोई बदलाव नहीं  CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहली और दूसरी परीक्षा के बीच छात्र के डेटा में किसी भी तरह के बदलाव की अनुमति नहीं होगी। आम तौर पर, विषयों को बदलने की भी अनुमति नहीं होगी, सिवाय गणित से जुड़े विशेष मामलों के। बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessments) में सुधार के लिए कोई प्रावधान नहीं दिया जाएगा, क्योंकि यह एक साल तक चलने वाली प्रक्रिया है।

Eknath Shinde-Narendra Modi बैठक: वैश्विक हालात और भारत के हितों पर मंथन

नई दिल्ली शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान-इजरायल युद्ध, घरेलू हालात और महाराष्ट्र के अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, मिलिंद देवड़ा, धैर्यशील माने, श्रीरंग बारणे और रवींद्र वायकर मौजूद रहे। एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया कि युद्ध जैसे हालात में 'एनडीए' की सहयोगी के तौर पर शिवसेना, पीएम के स्टैंड का सपोर्ट करती है और हम देश के साथ हैं। इस मीटिंग के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत की। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के दौरान भारत में झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान की बात करते हैं। बालासाहेब के लिए देश पहले था और राजनीति बाद में। आज हम बालासाहेब के विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि युद्ध के कारण कुवैत, दुबई, मस्कट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को मुंबई और पुणे सुरक्षित वापस लाया गया। उन्होंने कोविड के बाद से खाड़ी देशों के साथ बने अच्छे रिश्तों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से दो जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राज्य में विकास के कामों और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष युद्ध जैसे हालात का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी देश में गैस की कमी की अफवाह फैला रहे हैं। इससे ब्लैक मार्केट करने वालों को मौका मिल रहा है। राजनीति के लिए और भी मुद्दे हैं, लेकिन जब युद्ध जैसे हालात में देश के साथ रहने की उम्मीद है, तब विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी ऐसी ही राजनीति की थी, जिसका पाकिस्तान में भी ध्यान रखा गया था। कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान में बोलते हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना एमपी को देश में गैस की कमी के मुद्दे पर कड़ा स्टैंड लेने और सदन में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रोपेगेंडा को नाकाम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। सरकार ब्लैक मार्केट करने वालों को रोकने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रही है।

मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा खुलासा, सामने आए ऑडियो ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी

ईरान ईरान के नव नियुक्त सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मौत को महज कुछ सेकंड से चकमा देकर जान बचाई थी। इस बात का खुलासा एक लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग से हुआ है। ऑडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को इजरायल के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत किए गए मिसाइल हमले में उनके पिता और ईरान के भूतपूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, लेकिन मोजतबा ठीक समय पर इमारत से बाहर निकल आए थे, इस कारण उनकी जान बच गई। ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऑडियो 12 मार्च को वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरुओं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) कमांडरों की एक आंतरिक बैठक से लीक हुआ है। बैठक में दिवंगत नेता के कार्यालय के प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहेर हुसैनी ने बताया कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता के साथ इमारत के अंदर थे, लेकिन मिसाइलें गिरने से ठीक पहले वे किसी काम से आंगन में बाहर निकल गए थे। ऑडियो रिकॉर्डिंग में और क्या हुसैनी के हवाले से रिकॉर्डिंग में कहा गया है कि ईश्वर की मर्जी से मोजतबा को कुछ काम के लिए बाहर जाना पड़ा और वे वापस लौट रहे थे। वे बाहर थे और ऊपर की ओर जा रहे थे, तभी इमारत पर मिसाइल हमला हुआ। हमले के तुरंत बाद इजरायली ब्लू स्पैरो बैलिस्टिक मिसाइलों ने परिसर को निशाना बनाया, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई सहित दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी और परिवारजन मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन मिसाइलें दागी गईं थी। बताया गया कि एक मुख्य निवास पर, दूसरी मोजतबा के ऊपरी मंजिल आवास पर और तीसरी उनके बहनोई मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी के घर पर। हमले के प्रभाव को बताते हुए हुसैनी ने कहा कि ईरानी सैन्य प्रमुख मोहम्मद शिराजी का शरीर टुकड़ों में बंट गया और केवल कुछ किलो मांस से उनकी पहचान हुई। एक अन्य मिसाइल से बाघेरी कानी का सिर दो हिस्सों में कट गया। मोजतबा के पैर में चोट लगने की बात आगे बताया गया कि मोजतबा खामेनेई को हमले में पैर में मामूली चोट आई, जबकि उनकी पत्नी हद्दाद की मौके पर ही मौत हो गई। दिवंगत नेता के एक अन्य बेटे मुस्तफा खामेनेई और उनकी पत्नी भी बाल-बाल बच गए। अब ऑडियो लीक होने के बाद से मोजतबा खामेनेई की सेहत और ठिकाने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे उनकी चोटों की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनके पैर का नुकसान पहुंचा है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अधिकारी ईरानी नेता की स्थिति से अनिश्चित हैं। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बहुत से लोग कह रहे हैं कि उनका चेहरा बुरी तरह विकृत हो गया है। वे कह रहे हैं कि उन्होंने एक पैर खो दिया है और गंभीर चोटें आई हैं। कुछ लोग उनकी मौत की भी बात कर रहे हैं। हमने उन्हें बिल्कुल नहीं देखा है। हमें नहीं पता कि वे जिंदा हैं या नहीं।  

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का संकल्प, Shivraj Singh Chouhan ने किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है, जैसे तंबाकू जैसी हानिकारक फसलों की जगह लाभदायक फसलों को बढ़ावा देना, एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, फसल बीमा योजना में सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना। संसद के निचले सदन में सांसदों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों से तंबाकू की खेती छोड़ने की अपील की है और इसके बदले कई फायदे वाली फसलों की पहचान की है। इनमें हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन्स, लोबिया, रागी, अरहर, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी फसलें शामिल हैं, ताकि किसानों की नकद आय सुरक्षित बनी रहे।  मंत्री ने कहा कि देश के ज्यादातर किसानों के पास छोटी जमीन होती है, इसलिए केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा होता है। इसको देखते हुए सरकार ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग (मिश्रित खेती) के कई मॉडल तैयार किए हैं, जिनका अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इन मॉडलों के तहत किसान अनाज (गेहूं और धान), सब्जियां, फल, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और एग्रो-फॉरेस्ट्री जैसी गतिविधियों को एक साथ अपना सकते हैं। इससे उन्हें पूरे साल स्थिर और ज्यादा आय मिल सकती है। चौहान ने आगे बताया कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाया गया है और इस सीजन में एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दालों जैसे तूर, मसूर और उड़द के लिए भी व्यवस्था की है, जिसमें किसान रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी पूरी उपज बेच सकते हैं और सरकार उसे खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिला है। फसल बीमा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि पहले किसानों को मुआवजा पाने में कई महीने लग जाते थे, लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अगर किसी एक किसान की फसल भी खराब होती है तो उसे मुआवजा मिलना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अगर 21 दिनों के भीतर बीमा राशि किसान के खाते में नहीं आती है, तो बीमा कंपनी और राज्य सरकार को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। इससे किसानों को देरी का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और फसल बीमा या अन्य योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि रक्षक पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता पाई जाती है, वहां दोषियों पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में राजस्थान सहित कई राज्यों में फसल बीमा के तहत हजारों करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे गए हैं, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिला है।

गैस संकट मामले में केंद्र का कोर्ट को जवाब, क्या मिली राहत?

नई दिल्ली एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को जवाब दिया है। सरकार ने इस जवाब में कहा है कि एलपीजी संकट से उबरने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित न होने पाए। सरकार के दूसरे वरिष्ठतम कानून अधिकारी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अनिल एस किलोर और राज डी वाकोड़े की बेंच को बताया कि बातचीत जारी है और सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन कदमों को उठाया जा रहा है, उन्हें जानबूझकर नहीं बताया जा रहा है। साथ ही सरकार पर भरोसा बनाए रखने की भी अपील की। अपनी तरफ से पूरी कोशिश इसलिए, उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वह एलपीजी डीलरों द्वारा दायर याचिका को बंद कर दे। डीलरों ने दावा किया था कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है। एसजी मेहता ने कहाकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। सरकार पर भरोसा करते हुए अदालत इसे बंद करने पर विचार कर सकती है। अदालत ने सरकार की प्रस्तुतियों पर विचार किया और याचिका को बंद कर दिया। यह याचिका एलपीजी डीलरों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि एलपीजी की गंभीर कमी है। डीलरों ने कहाकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आपूर्ति मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण प्रभावित हुई। सरकार को दी थी नोटिस इससे पहले 12 मार्च को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया था। छह रसोई गैस वितरकों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि नागपुर स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड ने केन्द्र सरकार के घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देशों के बावजूद घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं बढ़ाई है। अधिवक्ता श्याम देवानी और साहिल देवानी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान से रसोई गैस उत्पादन पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस के उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए थे। याचिका में क्या था याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि कंपनी से निर्यात रोककर घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई बार अनुरोध किए गए, लेकिन कंपनी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार कंपनी ने जवाब दिया कि वह अपनी निर्यात नीति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति जारी रखने के लिए बाध्य है और घरेलू बाजार को प्राथमिकता नहीं दे सकती। जस्टिस अनिल एस किलोरे और न्यायमूर्ति राज डी वाकोड़े की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को नोटिस जारी किए और मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की थी।  

फिल्मी अंदाज में वारदात: मिर्ची झोंककर 1 करोड़ कैश लूट ले गए बदमाश

तेलंगाना तेलंगाना के हैदराबाद में एक बड़ी लूट की घटना ने पुलिस को हिलाकर रख दिया है। 16 मार्च की रात करीब 9:40 बजे कुकटपल्ली इलाके में पिलर नंबर 837 के पास दो एसी मैकेनिक्स स्कूटी पर जा रहे थे। मोहम्मद खुसरू और मोहम्मद अजीमुद्दीन बहादुरपुरा निवासी हैं, वे गोल्ड ड्रॉप कार्टन बॉक्स में 1 करोड़ रुपये नकद लेकर जा रहे थे। अचानक चार अज्ञात व्यक्ति बाइकों पर आए और उन पर मिर्च पाउडर फेंक दिया। मिर्च पाउडर से उनकी आंखें जलने लगीं और वे असहाय हो गए। हमलावरों ने तुरंत कार्टन बॉक्स छीन लिया और अपनी बाइकों पर तेजी से भाग निकले। यह घटना इतनी तेज हुई कि आसपास के लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। पीड़ितों ने तुरंत कुकटपल्ली पुलिस को सूचना दी। दोनों मैकेनिक्स एसी रिपेयर का काम करते हैं और शायद यह राशि किसी बड़े काम या व्यापार से जुड़ी हुई थी। लुटेरों ने बहुत चालाकी से हमला किया, क्योंकि मिर्च पाउडर फेंकने से पीड़ितों की दृष्टि क्षणभर के लिए चली गई और वे विरोध नहीं कर पाए। यह तरीका अपराधियों की ओर से अक्सर इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यह सस्ता, आसान और प्रभावी हथियार है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व गवाहों के बयानों को इकट्ठा करना शुरू किया। लूट की राशि इतनी बड़ी होने से यह मामला संवेदनशील हो गया है। जांच में जुटी पुलिस तेलंगाना पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और चार अलग-अलग जांच टीमें गठित की हैं। ये टीमें मैनहंट अभियान चला रही हैं ताकि जल्द से जल्द चारों लुटेरों को पकड़ा जा सके। पुलिस ने आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया है और बाइक की नंबर प्लेट या चेहरों की पहचान के लिए प्रयासरत है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि वे जल्द ही सुराग हासिल कर लेंगे। यह घटना शहर में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है, खासकर जब बड़ी रकम लेकर लोग यात्रा करते हैं।

इजरायल का बड़ा दावा: ईरान के टॉप कमांडर समेत सुरक्षा प्रमुख को मार गिराया, क्षेत्र में तनाव बढ़ा

ईरान ईरान युद्ध का आज (मंगलवार, 17 मार्च को) 18वां दिन है। इस बीच इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने बड़ा दावा किया है। IDF ने कहा है कि बीती रात ईरान में किए गए हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ यानी सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को निशाना बनाया गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि लारीजानी इस हमले में मारे गए हैं या घायल हुए हैं। इसके अलावा इजरायली सेना ने यह भी दावा किया है कि उसने रात के हमले में IRGC की बासिज फ़ोर्स के टॉप कमांडर घोलमरेज़ा सोलेमानी को मार गिराया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने इससे भी आगे बढ़कर दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई है। इजरायल के इस दावे ने ईरान में खलबली मचा दी है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। IDF ने कहा है कि सोलेमानी की कथित हत्या ईरान के "कमांड-एंड-कंट्रोल ढांचे" के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले दिनों अली खामेनेई और ईरान के बाकी बड़े नेतृत्व के मारे जाने के बाद अली लारीजानी को ही सबसे ताकतवर शख्स माना जा रहा था, जो इस युद्ध में ईरान की अगुवाई कर रहे हैं। अली लारीजानी को कथित तौर पर आखिरी बार 13 मार्च को कुद्स डे पर देखा गया था। पहले परमाणु वार्ताकार रहे हैं लारीजानी लारीजानी, जो पहले परमाणु वार्ताकार रह चुके हैं और वर्तमान में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें ईरान की सत्ता संरचना में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है। अगर उनकी मौत की पुष्टि होती है, तो लारीजानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद मारे जाने वाले ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे। तेहरान, शिराज और तबरीज़ में हमले बता दें कि अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 10 व्यक्तियों की सूची में, लारीजानी सहित वरिष्ठ ईरानी सैन्य और खुफिया अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की थी। IDF का कहना है कि उसने सोमवार की रात तेहरान, शिराज और तबरीज़ में ईरान के कई अहम ठिकानों और आधारभूत संरचनाओं पर हमले किए हैं। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों में तेहरान में कमांड सेंटर, लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है जबकि शिराज में, आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड सेंटर और एक बैलिस्टिक मिसाइल साइट पर हमला किया गया है। IDF का ये भी दावा है कि तबरीज़ में हुए हमलों ने ईरान के अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म कर दिया है।