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बलूचिस्तान में झटका, निशाने पर भारत! अपने हालात से घिरा पाकिस्तान क्या बोल गया?

इस्लामाबाद पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोहियों ने एक बार फिर से बड़ा हमला किया है। इन हमलों में 80 पाकिस्तानी सैनिक ढेर हुए हैं। वहीं पाकिस्तान ने इससे उलट ही दावा करते हुए कहा है कि उसके 18 सैनिक मारे गए हैं, जबकि 92 बलूच विद्रोही मारे गए हैं। यही नहीं पाकिस्तान ने अपने घर में लगी आग के लिए भारत पर भड़ास निकाली है। चीन के हस्तक्षेप, CPEC प्रोजेक्ट और ग्वादर बंदरगाह के लिए बड़े पैमाने पर बलूचिस्तान के संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन वहां के स्थानीय निवासियों की जिंदगी बदतर है। इसी के विरोध में बलूच विद्रोही संगठन अकसर पाकिस्तानी सेना, पंजाबी मूल के लोगों और यहां तक की चीनी नागरिकों पर भी निशाना साधते रहते हैं।   कई बार बलूच विद्रोही संगठनों ने खूनी हमले भी किए हैं। इस बार अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक अटैक किया है। लेकिन पाकिस्तान इन हमलों की वजह तलाशने की बजाय भारत पर ही भड़ास निकाल रहा है। पाकिस्तानी सेना की प्रोपेगेंडा यूनिट ISPR ने इसके लिए भारत को जिम्मेदार बताने की कोशिश की है। उसने कहा कि ये हमले भारत से मदद पाने वाले फितना-अल-हिन्दुस्तान नाम के संगठन ने किए हैं। ये हमले क्वेटा, मस्तंग, नुशकी, दलबंदीन, खारन, पंजगुर, ग्वादर और पसनी में हुए हैं। इस तरह एक साथ ही कई शहरों पर बलूच विद्रोहियों ने हमले किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान जैसे संगठन की बात कर रहा है, उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। पाकिस्तानी एजेंसी ने कहा कि उसकी सेना ने बलूचिस्तान में क्लियरेंस ऑपरेशन चलाया है। इसमें अब तक 92 बलूच विद्रोही मारे गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान 18 नागरिक और 15 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं। बता दें कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा जैसे प्रांतों में पाकिस्तानी सेना और प्रशासन से गहरी नाराजगी है। यही नहीं यहां पर अकसर पंजाबियों को टारगेट करते हुए भी हमले किए जाते रहे हैं। इसकी वजह पंजाबी वर्चस्व को माना जाता है। इस बीच खबर है कि पंजाब से बलूचिस्तान जाने के सारे रास्तों को भी पाकिस्तान ने बंद कर दिया है। खौफ इतना कि पंजाब से बलूचिस्तान जाने के रास्ते ही बंद डेरा गाजी खान के डिप्टी कमिश्नर उस्मान खालिद ने कहा कि बलूचिस्तान से पंजाब जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ऑपरेशन के दौरान बलूच विद्रोही किसी आम नागरिक को टारगेट न कर सकें। अकसर बलूच विद्रोही पंजाबी मूल के लोगों को टारगेट करते रहे हैं। ऐसे में रूट ही बंद करने के पीछे यही एक वजह मानी जा रही है। खालिद ने कहा कि फोर्ट मुनरो हाइवे और मूसा खेल रोड को बंद किया गया है, जो बलूचिस्तान जाते हैं। इसके अलावा जो ट्रैफिक चल रहा था, उसे भी सीमाओं पर ही रोक दिया गया है। ये सारे कदम एहतियात के तौर पर उठाए गए हैं।  

मुंबई में दहशत: रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी खुली धमकी

मुंबई बॉलीवुड डायरेक्टर-प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के मुंबई के जुहू में स्थित घर के बाहर फायरिंग की घटना ने एक बार फिर हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 5 राउंड फायरिंग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है और रोहित शेट्टी का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। इस बीच मामले में बड़ा अपडेट आया है। इस गोलीबारी की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पोस्ट में ये भी कहा है कि अब सीधे बेडरूम में गोली चलेगी और छाती पर लगेगी। मालूम हो कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान के घर 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' के बाहर भी फायरिंग की थी। जानकारी के अनुसार, बीती देर रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई। इस घटना के बाद भारी पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई। पुलिस सूत्र का कहना है कि हमलावर बाइक पर जुहू पहुंचा। कुछ दूरी पर बाइक खड़ी की और शेट्टी टावर के पहले फ्लोर पर गोलियां चलाईं। ये रोहित का घर है और जहां गोली चली, वो उनका जिम एरिया है। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी 'इंडिया टुडे' के पोस्ट के स्क्रीनशॉट के अनुसार, इसमें लिखा है, 'सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर जो ये फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। इसको अगर आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर।' बॉलीवुड को दी चेतावनी इसी पोस्ट में आगे लिखा है, 'और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे तुम्हारा और हमने जिन जिन लोगों को फोन कर रखा है या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी तुम्हें और जितने भी हमारे दुश्मन हैं तैयार रहो जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग। सलमान खान के घर के बाहर हुई थी फायरिंग साल 2024 में सलमान खान के बांद्रा स्थित 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' के बाहर कुछ राउंड फायरिंग हुई थी। यह घटना लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी बताई गई थी। कुछ दिनों पहले दिशा पाटनी के घर के बाहर भी फायरिंग हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली थी। कौन है लॉरेंस बिश्नोई? लॉरेंस बिश्नोई की कुख्यात गैंगस्टर है। उसकी गैंग हत्या, जालसाजी और हिंसा जैसी गतिविधियों में शामिल रही है। सलमान खान का नाम इस गैंग की हिट लिस्ट में काफी समय से है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला हुआ। इसमें सलमान को राजस्थान में दो ब्लैकबक मारने के लिए सजा दी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट में फैसला बदला था। बिश्नोई समाज काले हिरण को पूजता है। ऐसे में शिकार के बाद गैंग सलमान के विरोध में आ गया। 14 अप्रैल 2024 को सलमान के घर के बाहर फायरिंग करवाई गई। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सलमान को Y-प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी। साथ ही बालकनी में बुलेटप्रूफ ग्लास लगी और वो बुलेटप्रूफ कार में सफर करने लगे। 'सिंघम अगेन' का किया था निर्देशन रोहित शेट्टी ने साल 2024 में 'सिंघम अगेन' फिल्म का निर्देशन किया था। टीवी की बात करें तो इसी साल 'इंडियन पुलिस फोर्स' का निर्देशन किया था और इसे प्रोड्यूस भी किया था। उन्होंने अभी तक अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट का ऐलान नहीं किया है।

‘विकसित भारत’ का ब्लूप्रिंट उत्तराखंड से! सीएम धामी बोले—यह बजट दिखाएगा नई दिशा

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की है। उन्‍होंने कहा, यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे। बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी। यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा।

कारखाने में मौत का धमाका: राजस्थान में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से 3 श्रमिकों की मौके पर ही मौत

जयपुर जयपुर स्थित एक कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की घटना में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह हादसा शनिवार रात विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के करणी विहार कॉलोनी स्थित कारखाने में उस समय हुआ, जब सिलेंडर में ऑक्सीजन भरी जा रही थी तभी एक सिलेंडर में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि कारखाने पर लगी टिन शेड उड़ गई और एक दीवार भी ढह गई। पुलिस ने बताया कि एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जिसकी पहचान झारखंड निवासी मुन्ना राय के रूप में हुई है। विश्वकर्मा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह नरूका ने बताया कि हादसे में मुरलीपुरा निवासी कारखाना प्रबंधक विनोद गुप्ता (45) और झारखंड निवासी कर्मचारी शिबू उर्फ अनुवा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि विनोद को मणिपाल अस्पताल और शिबू को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।  

केंद्र ने पेश किया बजट 2026: जानें देशभर के लिए 10 अहम फैसले

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश करते हुए कहा कि 'सुधार एक्सप्रेस' अपनी राह पर है। बजट भाषण में उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने 'कोरी बयानबाजी' के बजाय 'सुधारों' का रास्ता चुना है। कहा कि देश 'विकसित भारत' बनने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। 7 नए हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर से लेकर हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल तक, बजट की 10 बड़ी बातों पर आइए नजर डालते हैं। 1- सात हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर और एक फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में अलग-अलग शहरों के बीच सात हाई-स्पीड कॉरिडोर और पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत के बीच एक नए विशेष फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा। – ये प्रस्तावित गलियारे मुंबई और पुणे, पुणे और हैदराबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई, चेन्नई और बेंगलुरु, दिल्ली और वाराणसी तथा वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच विकसित किए जाएंगे। – पश्चिम बंगाल के डंकुनी को गुजरात के सूरत से जोड़ने वाला एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। – अभी अहमदाबाद और मुंबई के बीच एक हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम जारी है। इसी तरह, कई राज्यों और जिलों में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर – ईस्टर्न और वेस्टर्न का काम जारी है। 2- हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। देश में 700 से अधिक जिले हैं। 3- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हजार करोड़ – इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को और मजबूती देने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये आवंटित किया जाएगा। – पूंजीगत वस्तुओं के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए दो जगहों पर हाई टेक्नॉलजी वाले 'टूल रूम' स्थापित किए जाएंगे। – देश में स्मार्ट टीवी और मोबाइल उत्पादन में और ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है। – देश में मोबाइल फोन का उत्पादन चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक करीब 6.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक या लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। 5- यूनिवर्सिटी टाउनशिप का ऐलान एजुकेशन सेक्टर पर खास फोकस रहा। पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप के साथ राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनाने की घोषणा। – यूनिवर्सिटी टाउनशिप में आवास, रिसर्च फैसिलिटी, स्टार्टअप स्पेस, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक ढांचा शामिल होगा, जिससे छात्रों, शिक्षकों और रिसर्चर को एक बेहतर और जीवंत शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। -पूर्वी भारत में शिक्षा और विकास को बढावा देने के लिए नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोले जायेंगे। 6- किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ीं योजनाएं – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट 2026-27 में मत्स्य पालन, पशुपालन योजना को मजबूत बनाने के साथ ही देश के काजू और नारियल को वैश्विक ब्रांड बनाया जाएगा। -भारतीय काजू और भारतीय कोको को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्राण्ड बनाए जाने का प्रस्ताव -500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की पहल से मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के साथ ही पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता विकास से रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे। – कोकोनट प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही एक करोड़ किसानों समेत तीन करोड़ लोगों को सहायता प्रदान करेगी। । -चंदन के कारोबार को बढ़ाने के लिए सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर भारतीय चंदन इकोसिस्टम के गौरव को पुनर्स्थापित किया जाएगा। 7- देश के भीतर डेटा सेंटर को बढ़ावा देने के लिए 'टैक्स हॉलिडे' – उन विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक 'टैक्स हॉलिडे' का लाभ मिलेगा जो देश में स्थित डेटा सेंटर का उपयोग करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती हैं। – सीतारमण ने कहा कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और डेटा सेंटर में निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। – इस टैक्स हॉलिडे का लाभ उठाने के लिए कंपनियों को एक भारतीय पुनर्विक्रेता इकाई के माध्यम से भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देनी होंगी। 8- टैक्स से जुड़े अहम ऐलान – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया। – मामूली शुल्क के भुगतान के साथ आयकरदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। – शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के मामले में टीडीएस 5 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत – मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजा को कर से छूट मिलेगी। – एक अप्रैल से आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। – विदेश में अघोषित संपत्ति पर अब आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा। – जब तक अपील लंबित रहती है तब तक टैक्स पेयर को पेनाल्टी पर इंट्रेस्ट नहीं देना होगा। 9- MSME की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्र’ – सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में 'कॉरपोरेट मित्रों' का एक दस्ता तैयार किया जाएगा। – 'कॉरपोरेट मित्रों' का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। – इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। 10- राजकोषीय घाटा को जीडीपी का 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य – सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है। – सीतारमण ने अपने 2026-27 के बजट भाषण में कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कर हस्तांतरण राशि के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये प्रदान करेगी जबकि शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। – केंद्रीय बजट 2026-27 का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। – चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में अनुमानित राजकोषीय घाटा (सरकारी व्यय और आय के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रेयर अर्थ कॉरिडोर का राज: Budget 2026 में क्यों चुने गए सिर्फ ये 4 राज्य?

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को आधुनिक तौर-तकनीकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' (Rare Earth Corridors) के निर्माण का एक दूरदर्शी प्रस्ताव रखा है। यह कदम मुख्य रूप से चीन जैसे देशों पर भारत की निर्भरता कम करने और भविष्य के उद्योगों (EV, रक्षा, और अक्षय ऊर्जा) को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। क्या है रेयर अर्थ कॉरिडोर? वित्त मंत्री ने खनिज समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को समर्पित कॉरिडोर विकसित करने के लिए सहायता देने की घोषणा की है। यह पहल नवंबर 2025 में शुरू की गई 7,280 करोड़ रुपये की 'रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट स्कीम' का ही विस्तार है। ये केवल खदानें नहीं हैं, बल्कि एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र हैं। इसके जरिए तटीय रेत से दुर्लभ खनिजों को निकालना, कच्चे अयस्क को शुद्ध ऑक्साइड और धातुओं में बदलना और इन खनिजों का उपयोग करके परमानेंट मैग्नेट और अन्य हाई-टेक घटकों का निर्माण करना। इन चार राज्यों को ही क्यों चुना गया? भारत में 'रेयर अर्थ' तत्वों का सबसे बड़ा भंडार समुद्री तटों पर पाया जाता है। ओडिशा और केरल के तटीय क्षेत्रों में मोनाजाइट और इल्मेनाइट जैसे खनिजों का विशाल भंडार है। यहां IREL (इंडिया) लिमिटेड जैसी कंपनियों की इकाइयां और प्रमुख बंदरगाह पहले से मौजूद हैं जो परिवहन और निर्यात को आसान बनाते हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल (EV) के बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर हैं, जिन्हें इन खनिजों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसका भारत के लिए क्या महत्व है? वर्तमान में चीन वैश्विक रेयर अर्थ बाजार के 90% से अधिक हिस्से को नियंत्रित करता है। घरेलू कॉरिडोर भारत को वैश्विक आपूर्ति बाधाओं से सुरक्षित करेंगे। भारत की चीन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। ईवी मोटरों के लिए 'परमानेंट मैग्नेट' अनिवार्य हैं। इस कॉरिडोर से भारत में बैटरी और मोटर निर्माण सस्ता होगा। मिसाइल गाइडिंग सिस्टम, लड़ाकू विमान और रडार में इन खनिजों का उपयोग होता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा विंड टर्बाइन और सोलर पैनल के निर्माण में तेजी आएगी, जिससे 2070 तक 'नेट जीरो' लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने इसे बजट के 'प्रथम कर्तव्य' के हिस्से के रूप में पेश किया है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और ₹40,000 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग फंड भी घोषित किया गया है, जो इस पूरे इकोसिस्टम को मजबूती देगा।  

टेक कंपनियों के लिए खुशखबरी! Budget 2026 में डेटा सेंटर पर 2047 तक टैक्स छुट

नई दिल्ली Budget 2026: वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने आज लगातार अपना नौवां बजट पेश किया है। इस दौरान उन्होंने क्लाउड सर्विसेस और डेटा सेंटर्स को लेकर भी बड़ी घोषणा की। वित्त मंत्री ने लोकल डेटा सेंटर बनाए रखने वाली क्लाउड सर्विसेस के लिए Tax Holiday शुरू करने की योजना की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भारत में स्थित डेटा सेंटर के जरिए दुनिया भर में क्लाउड सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देगी। यह पहल देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पॉलिसी का मकसद डेटा लोकलाइजेशन को बढ़ावा देना और क्लाउड प्रोवाइडर्स को घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।   भारत में मजबूत होगा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दरअसल, प्रस्तावित टैक्स हॉलिडे खास तौर पर उन क्लाउड सर्विसेज को टारगेट करता है जो भारतीय क्षेत्र में डेटा सेंटर बनाते और चलाते हैं। यह कदम डेटा लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी कंपनियों को घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। हालांकि, एलिजिबल होने के लिए, विदेशी कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को विशेष रूप से भारतीय रीसेलर के जरिए सर्विस देनी होगी। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा, "मैं किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रस्ताव करती हूं, जो भारत में स्थित डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके ग्लोबल कस्टमर्स को क्लाउड सर्विस देती है। हालांकि, ऐसी कंपनियों को एक भारतीय रीसेलर एंटिटी के जरिए भारतीय कस्टमर्स को सर्विस देनी होगी।" "मैं यह भी प्रस्ताव करती हूं कि अगर भारत से डेटा सेंटर सर्विस देने वाली कंपनी एक संबंधित एंटिटी है, तो कॉस्ट पर 15% का सेफ हार्बर दिया जाए।" लोकल डेटा सेंटर वाले क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को टैक्स इंसेंटिव देकर, इस पॉलिसी का मकसद डेटा संप्रभुता सुनिश्चित करते हुए भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में ज्यादा निवेश को बढ़ावा देना है। विदेशी रिसोर्सेस पर निर्भरता कम होगी इससे पहल से देश में घरेलू डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और विदेशी डेटा स्टोरेज रिसोर्सेस पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। टैक्स छूट का ढांचा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए लोकल डेटा सेंटर ऑपरेशंस को आर्थिक रूप से ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह नई पॉलिसी भारतीय बाजार में क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स के काम करने की रणनीति पर काफी असर डाल सकती है। लोकल डेटा सेंटर वाली कंपनियों को टैक्स में फायदा होगा, जिससे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा निवेश हो सकता है और बेहतर सर्विस मिल सकती हैं।  

डिजिटल इंडिया का नया दशक: Budget 2026 में युवाओं को मिलेगा गेमिंग और VFX का बूस्ट

नई दिल्ली Budget 2026 का ऐलान हो चुका है। इस बजट में सरकार ने एक अलग और नया रास्ता चुना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान बताया कि अब भारत सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि क्रिएटिव इंडस्ट्री को भी देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत हिस्सा बनाना चाहता है। इसी सोच के तहत सरकार ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स यानी वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे सेक्टर को 'ऑरेंज इकोनॉमी' का नाम दिया गया है। मोबाइल गेमिंग, OTT प्लेटफॉर्म, डिजिटल फिल्में और ऑनलाइन कंटेंट की बढ़ती मांग से ये इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि अगर सही ट्रेनिंग और प्लेटफॉर्म दिया जाए, तो यही युवा देश को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिला सकते हैं। बजट में किए इन ऐलान से आने वाले सालों में Animation, VFX और Gaming जैसे क्षेत्र लाखों नौकरियां पैदा कर सकते हैं। खास बात यह है कि सरकार अब स्कूल और कॉलेज स्तर से ही छात्रों को कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल स्किल्स से जोड़ना चाहती है। Orange Economy क्या है सरकार ने Budget 2026 में ‘Orange Economy’ की बात की है। इसमें Animation, VFX, Gaming, Comics और डिजिटल कंटेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं। ये वो सेक्टर हैं जिनमें आइडिया, सोच और क्रिएटिविटी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। दुनिया भर में इन इंडस्ट्रीज की डिमांड तेजी से बढ़ रही है और भारत भी इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहता। सरकार का मानना है कि भारत में पहले से ही कई बड़ी फिल्में, वेब सीरीज और गेम्स पर काम हो रहा है। VFX और Animation का इस्तेमाल अब हर फिल्म और ऐड में आम बात हो गई है। ऐसे में सरकार चाहती है कि यह काम विदेशों में आउटसोर्स होने के बजाय भारत में ही हो और इससे देश के युवाओं को रोजगार मिले। Budget 2026 में हुआ ये ऐलान Budget 2026 में सरकार ने ऐलान किया है कि देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में Content Creator Labs खोली जाएंगी। इन लैब्स में छात्रों को Animation, Gaming, VFX और डिजिटल कंटेंट बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद यह है कि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स भी सीख सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। अगर क्रिएटिव स्किल्स को सही दिशा दी जाए, तो आने वाले समय में यह सेक्टर करोड़ों रुपये की इंडस्ट्री बन सकता है और लाखों युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार दे सकता है। रोजगार और युवाओं को होगा फायदा Animation, Gaming और VFX जैसे सेक्टर में काम करने के लिए सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स की जरूरत होती है। बजट में किए ऐलानों से उन युवाओं को फायदा मिलेगा जो डिजाइन, स्टोरीटेलिंग, गेम डेवलपमेंट या डिजिटल आर्ट में रुचि रखते हैं। सरकार के अनुमान के मुताबिक आने वाले कुछ सालों में यह सेक्टर करीब 20 लाख लोगों को रोजगार दे सकता है। इसमें फ्रीलांस काम, स्टार्टअप और ग्लोबल प्रोजेक्ट्स के मौके भी शामिल होंगे।

युवाओं पर फोकस: बजट 2026 में शिक्षा के लिए 139,289 करोड़ का मेगाप्लान

नई दिल्ली लोकसभा में आज बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा सेक्टर को ध्यान में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एजुकेशन सेक्टर के मद्देनजर 1,39,289 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया है। इस मास्टरप्लान के जरिए सरकार का मानना है कि पढ़ाई को रोजगार, उद्यम और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि डिग्री हाथ में होने के साथ-साथ काम का हुनर भी युवाओं के पास हो। सरकार ने शिक्षा और नौकरी के बीच की दूरी कम करने के लिए एक नई सोच के साथ ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ (Education to Employment and Enterprise – EEE) स्टैंडिंग कमेटी बनाने का ऐलान किया है। यह कमेटी खासतौर पर सेवा क्षेत्र, नई इंडस्ट्री और उभरती टेक्नोलॉजी में युवाओं को दक्ष बनाने पर फोकस करेगी। इसका सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए भटकते हैं। हायर एजुकेशन और STEM में बेटियों पर खास फोकस बजट में उच्च शिक्षा और खासतौर पर STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ बढ़े ही नहीं, बल्कि स्थायी बने। इसी सोच के तहत देश के हर ज़िले में हायर एजुकेशन STEM संस्थानों से जुड़े गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे दूर-दराज़ से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह मिलेगी। इसके साथ ही, औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन टाउनशिप का मकसद पढ़ाई और इंडस्ट्री को एक ही इकोसिस्टम में लाना है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और नौकरी के मौके मिल सकें। रिसर्च और साइंस को बढ़ावा देने के लिए देश में चार बड़े टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बनाए या अपग्रेड किए जाएंगे, जिससे युवा वैज्ञानिक और रिसर्चर अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित हों। स्किल डेवलपमेंट और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर दांव डिजिटल दौर की जरूरतों को समझते हुए बजट में स्किल डेवलपमेंट को केंद्र में रखा गया है। खासतौर पर तेजी से बढ़ रहे AVGC सेक्टर यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स पर बड़ा ऐलान हुआ है। सरकार ने देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का फैसला किया है। यह कदम उन युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं और सीधे रोजगार या स्टार्ट-अप की राह पकड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, हेल्थ और केयर सेक्टर को ध्यान में रखते हुए 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई गई है। बुजुर्गों, मरीजों और विशेष जरूरतों वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सेक्टर आने वाले समय में रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है। वहीं, दिव्यांग युवाओं के लिए इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक कस्टमाइज्ड स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। खोले जाएंगे नए संस्थान बजट 2026 में शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल मजबूत करने के लिए कई नए संस्थानों की घोषणा की गई है। पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में डिजाइन और क्रिएटिव एजुकेशन को नई पहचान मिलेगी। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की जाएगी, ताकि टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री को स्किल्ड प्रोफेशनल्स मिल सकें। इसके साथ-साथ दस चुनिंदा विषयों में अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। विदेश पढ़ाई करने वालों को राहत विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए भी बजट राहत लेकर आया है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ छात्रों बल्कि उनके परिवारों पर भी वित्तीय बोझ कम होगा और विदेशी शिक्षा पहले से ज्यादा सुलभ बनेगी।  

पीएम मोदी बोले—बजट से मजबूत होगी स्किल और सस्टेनेबिलिटी, नागरिक ही देश की सबसे बड़ी पूंजी

नई दिल्ली पीएम मोदी ने रविवार को बजट पर कहा, 'देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं वो एक्सप्रेशन से भरे हुए भारत के साहसिक प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देते हैं।' उन्होंने कहा कि बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। पीएम ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है। इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है। यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।