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ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में फायरिंग से हड़कंप, एक शख्स की हालत नाजुक

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) राज्य की पुलिस ने रविवार को एक बयान में बताया कि सिडनी के पश्चिमी इलाके लालोर पार्क में शनिवार रात को एक घर पर गोलीबारी हुई, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने पुलिस के हवाले से बताया कि शनिवार रात करीब 11.35 बजे (स्थानीय समयानुसार) गोलीबारी की खबर मिलने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को बुलाया गया। अधिकारियों को बताया गया कि कुछ अज्ञात लोगों ने एक घर में कई गोलियां चलाईं, जिससे एक शख्स घायल हो गया और फिर वे एक गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गए। 46 साल के घायल व्यक्ति का एनएसडब्ल्यू एम्बुलेंस के पैरामेडिक्स ने प्रारंभिक उपचार किया और फिर उसे स्थिर हालत में अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और जांच जारी है, साथ ही आसपास के लोगों से सीसीटीवी फुटेज या जानकारी मांगी गई है। पिछले साल बोंडी बीच आंतकी हमले के बाद सिडनी काफी चर्चा में है। हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने गुरुवार को यहूदी-विरोध और सामाजिक एकता पर एक रॉयल कमीशन का गठन किया। अल्बानीज ने कैनबरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि उनकी सरकार एक रॉयल कमीशन का गठन करेगी, जो ऑस्ट्रेलिया में जांच का सबसे बड़ा रूप है, जिसका नेतृत्व पूर्व हाई कोर्ट जस्टिस वर्जीनिया बेल करेंगी, जो दिसंबर के मध्य तक एक रिपोर्ट सौंपेंगी। उन्होंने कहा, "मैंने सोचने-समझने के लिए समय लिया है, यहूदी समुदाय के नेताओं से मुलाकात की है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं उस भयानक हमले के पीड़ितों और जीवित बचे लोगों के कई परिवारों से मिला हूं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जांच ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोध की प्रकृति और प्रसार की जांच करेगी, यहूदी-विरोध से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन को सिफारिशें देगी, बोंडी बीच हमले से जुड़े हालात की जांच करेगी, और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर सिफारिशें देगी। उन्होंने कहा, "मैंने बार-बार कहा है कि हमारी सरकार की प्राथमिकता समरसता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है, और ऑस्ट्रेलिया को ठीक होने, सीखने और राष्ट्रीय एकता की भावना से एक साथ आने के लिए इसी की जरूरत है।" कथित तौर पर एकमात्र जीवित बचे बंदूकधारी, 24 वर्षीय नवीद अकरम पर हमले के सिलसिले में 59 अपराधों का आरोप लगाया गया है, जिसमें 15 हत्याएं शामिल हैं। अधिकारियों का आरोप है कि यह इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था। पिछले साल दिसंबर में, ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य की संसद ने सिडनी के बोंडी बीच पर हुई घातक सामूहिक गोलीबारी के जवाब में नए सख्त बंदूक और विरोध प्रदर्शन कानून पारित किए, जैसा कि ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) ने रिपोर्ट किया। गोलीबारी 14 दिसंबर को हुई थी, जिसमें यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन मनाए जा रहे एक कार्यक्रम को निशाना बनाया गया था और 15 लोगों की हत्या कर दी गई थी।

मुंबई में सियासी सस्पेंस: ताज होटल को आर्थर रोड और यरवदा जेल बनाने का आरोप, राउत ने शिंदे को घेरा

ठाणे महाराष्ट्र में बीएमसी समेत नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। खासकर नवनिर्वाचित शिवसेना कॉर्पोरेटर्स को लेकर को राजनीति जोरों पर है। खबरों के मुताबिक शिवसेना के 29 कॉर्पोरेटर्स को ताज लैंड्स एंड होटल में बुलाया गया है और वहां रोक कर रखा गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि शिंदे गुट ने ताज होटल को यरवदा और आर्थर रोड जेल बना दिया है, जहां नए चुने गए पार्षदों को बंद कर दिया है। उन्होंने इसे पूरी तरह नाइंसाफी और अनुचित कार्रवाई बताया। राउत ने कहा कि यह लॉ एंड ऑर्डर का सवाल है। राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद नए चुने गए शिवसेना के पार्षदों के साथ गलत किया जा रहा है। उनका आरोप है कि शिवसेना को डर है कि उनके पार्षदों को तोड़ा जा सकता है। राउत ने कहा कि ताज होटल को एक तरह से जेल जैसा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत आदेश देना चाहिए कि होटल में बंद किए गए पार्षदों को छोड़ दिया जाए। उनका कहना है कि किसी भी चुनावी या सियासी प्रक्रिया में ऐसे डर और दबाव का इस्तेमाल करना गलत है। सूत्रों की मानें तो नए कॉर्पोरेटर्स को होटल में बुलाने का उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त या दबाव के जरिए पार्षदों को अपने गुट में लाने की कोशिश रोकी जा सके। शिंदे गुट यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि नए चुने गए पार्षद उनके पक्ष में रहें। गौरतलब है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने नगर निगम चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की। 29 में से 25 निकायों में जीत दर्ज की गई, और बीएमसी चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि बहुमत (114) के लिए शिंदे सेना की मदद चाहिए। महायुति की जीत ने ठाकरे परिवार का तीन दशक का वर्चस्व खत्म कर दिया। वहीं, उद्धव-राज ठाकरे की जोड़ी पूरी तरह विफल नहीं हुई। उनके गठबंधन ने 71 सीटें जीतकर मुंबई के मराठी बहुल इलाके में अपना दबदबा बनाए रखा।

ट्रेड डील पर चर्चा तेज, जयशंकर ने अमेरिका में सांसद स्टीव डैनिस से मुलाकात की

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी सांसद स्टीव डैनिस ने नई दिल्ली में रविवार को मुलाकात की है। ईएएम एस जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर जल्द ही कोई खुशखबरी मिलने की उम्मीद बढ़ रही है। एस जयशंकर ने बताया कि अमेरिकी सीनेटर के साथ भारत और अमेरिका के आपसी संबंधों और रणनीति को लेकर चर्चा हुई। अमेरिकी राजदूत का यह कहना कि भारत अमेरिका के लिए सबसे जरूरी साझेदार है और फिर अमेरिकी सांसद का भारतीय विदेश मंत्री से मिलना इस बात का संकेत दे रहा है कि दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ता तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक्स पर तस्वीरों के साथ कैप्शन में एस जयशंकर ने लिखा, "आज सुबह दिल्ली में सीनेटर स्टीव डैनिस से मिलकर खुशी हुई। हमारे आपसी रिश्ते और इसके रणनीतिक महत्व पर खुलकर बातचीत हुई।" इससे पहले विदेश मंत्री ने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की थी। इस बातचीत का मुद्दा व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग था। इससे पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच ट्रेड वार्ता को लेकर कहा था कि दोनों पक्ष लगातार सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। असल में, ट्रेड पर अगली बातचीत मंगलवार को होगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए बातचीत को अंतिम लाइन तक पहुंचाना आसान काम नहीं है, लेकिन हम वहां पहुंचने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। हालांकि, ट्रेड हमारे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। हम सिक्योरिटी, काउंटर टेररिज्म, एनर्जी, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत जरूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे। अमेरिकी राजदूत ने भारत को यूएस का सबसे जरूरी साझेदार बताया और कहा था, "भारत से ज्यादा जरूरी कोई पार्टनर नहीं है। आने वाले महीनों और सालों में, राजदूत के तौर पर मेरा लक्ष्य एक बहुत बड़ा एजेंडा पूरा करना है। हम यह काम सच्चे रणनीतिक साझेदार के तौर पर करेंगे, जिसमें हर कोई ताकत, सम्मान और नेतृत्व लाएगा।" उन्होंने पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को लेकर कहा कि मैं यह कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्र दोस्ती सच्ची है। अमेरिका और भारत सिर्फ अपने फायदों से ही नहीं, बल्कि सबसे ऊंचे स्तर पर बने रिश्तों से भी जुड़े हैं। सच्चे दोस्त अलग-अलग राय रख सकते हैं, लेकिन आखिर में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।

भाजपा की पहचान पर जोर, काजीरंगा परियोजना में विकास और संरक्षण का संदेश

कालियाबोर (असम) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के काजीरंगा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालियाबोर–नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग परियोजना, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने काजीरंगा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए असम की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और भाजपा सरकार की नीतियों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल उनके जीवन के सबसे खास अनुभवों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम और अगली सुबह एलिफेंट सफारी के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि असम आकर उन्हें हमेशा एक अलग तरह की खुशी मिलती है। यह धरती वीरों की धरती है और हर क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने वाले बेटे-बेटियों की भूमि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष वे झुमोइर महोत्सव में शामिल हुए थे और इस बार माघ बिहू के अवसर पर असम आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए लगातार यहां आने से भाजपा सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र को और मजबूती मिली है। राजनीतिक संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। बीते एक-डेढ़ वर्षों में पार्टी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ा है। उन्होंने बिहार चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 वर्षों बाद भी वहां जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट और सीटें दी हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे देश के सबसे बड़े नगर निगम में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश मिला है। उन्होंने कहा, “जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के सभी चुनाव परिणामों का संदेश साफ है—देश का मतदाता आज गुड गवर्नेंस और विकास चाहता है। वह विकास के साथ-साथ विरासत पर भी फोकस करता है, इसलिए भाजपा को चुनता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ, वहां आज वह चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बनकर रह गई है। पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे होम स्टे, गाइड सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने असम सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं बड़ी चिंता थीं। 2013-14 में दर्जनों एक सींग वाले राइनो मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन दिए और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई। इसका परिणाम यह रहा कि 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई। नॉर्थ ईस्ट के विकास पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पीड़ा दूरी की रही है—दिलों की दूरी और स्थानों की दूरी। दशकों तक यहां के लोगों को लगता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने इस भावना को बदला और नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता दी। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के जरिए असम को देश से जोड़ने का काम तेज़ी से किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में असम को जहां लगभग 2000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, वहीं भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देंगी।

पहाड़ों में अलर्ट: बद्रीनाथ-केदारनाथ की चोटियों पर बर्फ नहीं, 40 साल में ऐसा पहली बार

उत्तराखंड उत्तराखंड में इस सर्दी में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी  लगभग नहीं हुई है। अक्टूबर से जनवरी तक हिमपात का रिकॉर्ड लगभग शून्य रहा है। रुद्रप्रयाग जिले के प्रसिद्ध क्षेत्र तुंगनाथ में जनवरी में बर्फ नहीं जमी, जो 1985 के बाद पहली बार हुआ है। इसी तरह बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे ऊंचे पर्वतीय इलाकों में भी बर्फ नहीं पड़ी है, जबकि आम तौर पर जनवरी में यहां बर्फ की मोटी चादर फैल जाती है। गूंजी क्षेत्र में भी नहीं हुई बर्फबारी पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ लोकप्रिय हिल स्टेशन जैसे नैनीताल, मसूरी और मुक्तेश्वर में भी इस बार बर्फ दिखाई नहीं दी। यहां तक कि 15,000 फीट ऊंचाई वाले गूंजी क्षेत्र में भी बर्फबारी नहीं हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तराखंड में बर्फबारी के न होने का मुख्य कारण ग्लोबल वार्मिंग है। तापमान में बढ़ोतरी और जलवायु परिवर्तन के कारण पूरा प्रदेश अब एक “स्नोलेस एरिया” की ओर बढ़ता जा रहा है।   पहाड़ों में जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही बर्फ के अभाव का एक और प्रभाव यह भी है कि पहाड़ों में जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सामान्यतया गर्मियों में ही होती थीं। मौसम के अनियंत्रित बदलाव से हिमालय के पारिस्थितिक तंत्र, जल स्रोत, कृषि और पर्यटन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। नासा की सैटेलाइट तस्वीरों में केदारनाथ की पहाड़ियां सूखी दिखाई दे रही हैं, जो जनवरी में असामान्य है। बद्रीनाथ की पहाड़ियों में भी अभी तक बर्फ नहीं पड़ी है। वैज्ञानिक इसे “स्नो ड्राउट (बर्फ का अकाल)” कह रहे हैं, और यह पैटर्न उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ता जा रहा है।   इस सर्दी में पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहा एक प्रमुख वजह यह भी रही कि इस सर्दी में पश्चिमी विक्षोभ (वेदर सिस्टम) कमजोर रहा। सामान्यत: सर्दियों में चार-पांच पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश लाते हैं, लेकिन इस बार जो सिस्टम बना वह कमजोर होकर राज्य से पहले ही दक्षिण की ओर मुड़ गया। इसके कारण पहाड़ों को बर्फ नहीं मिली। मौसम विभाग के मुताबिक, कश्मीर के दक्षिण-पूर्व में एक पश्चिमी विक्षोभ 21 जनवरी तक उत्तराखंड तक पहुँच सकता है। अगर यह सिस्टम सक्रिय होता है तो राज्य में बर्फबारी होने की संभावना बन सकती है।  

धुएँ के गुबार में लिपटा कराची, मॉल में भीषण आग से हड़कंप

करांची पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची में शनिवार रात एक बहुमंजिला शॉपिंग मॉल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 3 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है जबकि करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आग इतनी भयानक थी कि इसने मॉल की दर्जनों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। रात 10 बजे का मंजर: गुल प्लाजा में मची चीख-पुकार यह हादसा कराची के व्यस्त इलाके में स्थित प्रसिद्ध गुल प्लाजा (Gul Plaza) में हुआ। आग रात करीब 10 बजे लगी जब अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। स्थानीय मीडिया के अनुसार अगर यह आग दिन के व्यस्त समय में लगी होती तो हताहतों की संख्या सैकड़ों में हो सकती थी।   आग की वजह: ज्वलनशील सामानों का भंडार प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार मॉल के उस हिस्से में आग सबसे पहले भड़की जहां आयातित कपड़ों (Imported Clothes), गारमेंट्स और प्लास्टिक के घरेलू सामानों का बड़ा स्टॉक रखा था। प्लास्टिक और कपड़े जैसे ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग ने देखते ही देखते कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। फिलहाल आग लगने की सटीक वजह (जैसे शॉर्ट सर्किट या लापरवाही) स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि पूरी तरह कूलिंग होने के बाद ही फॉरेंसिक जांच शुरू होगी।   घने धुएं के बीच दमकलकर्मियों की जद्दोजहद घटनास्थल पर दमकल की कई गाड़ियां और बचाव दल तुरंत पहुंच गए। टीवी फुटेज में दमकलकर्मी सीढ़ियों और पानी की तोपों (Water Cannons) के जरिए आग बुझाने की कोशिश करते दिखे। मॉल से निकलने वाला काला धुआं इतना घना था कि कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी आई। कराची में मॉल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। नवंबर 2023 में भी एक मॉल अग्निकांड में 10 लोगों की मौत हुई थी जिससे सुरक्षा इंतजामों पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।  

सीरिया में अमेरिकी स्ट्राइक: अल-कायदा के बड़े आतंकी का सफाया

वाशिंगटन अमेरिका ने सीरिया में जवाबी हमलों के तीसरे दौर में अल-कायदा से जुड़े एक शीर्ष आतंकवादी नेता को मार गिराया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह आतंकी उस इस्लामिक स्टेट (आईएस) सदस्य से सीधे तौर पर जुड़ा था, जिसने पिछले महीने सीरिया में घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक असैन्य दुभाषिए की मौत हो गई थी। ‘यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम)’ ने बताया कि शुक्रवार को उत्तर-पश्चिमी सीरिया में किए गए सटीक हमले में बिलाल हसन अल-जासिम मारा गया। सेंटकॉम के अनुसार, वह एक शीर्ष आतंकी साजिशकर्ता था और 13 दिसंबर को हुए उस हमले से सीधे तौर पर जुड़ा था, जिसमें सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवार, सार्जेंट विलियम नथानियल हॉवर्ड और अमेरिकी असैन्य दुभाषिया अयाद मंसूर सकात की जान गई थी। अमेरिकी कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, “तीन अमेरिकियों की मौत से जुड़े आतंकी का सफाया यह साफ करता है कि हमारे बलों पर हमला करने वालों का पीछा करने का हमारा संकल्प अडिग है। जो लोग अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों पर हमले करते हैं, उनकी योजना बनाते हैं या उकसाते हैं उनके लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं। हम आपको खोज निकालेंगे।” यह कार्रवाई उस व्यापक अमेरिकी अभियान का हिस्सा है, जिसका आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकियों पर हुए घातक हमले के बाद दिया था। इस अभियान का मकसद उन ‘आईएसआईएस के गुंडों’ को निशाना बनाना है, जो तानाशाह बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद फिर से संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं। सेंटकॉम ने बताया कि ‘हॉकी स्ट्राइक’ नामक इस अभियान के तहत अमेरिका और उसके साझेदार जॉर्डन और सीरिया ने अब तक आईएस के बुनियादी ढांचे और हथियारों से जुड़े 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

सैन्य और मीडिया में रहस्योद्घाटन: ताइवान में जासूसी रैकेट पकड़ाया

ताइवान ताइवान में एक पत्रकार को मुख्यभूमि चीन के लोगों को सैन्य जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सेना के अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपों में शनिवार को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब स्वशासित द्वीप ताइवान चीन की संभावित घुसपैठ के खिलाफ सख्ती बढ़ा रहा है। ताइवान के कियाओतौ जिला अभियोजक कार्यालय ने एक बयान में कहा कि एक जिला अदालत ने लिन उपनाम वाले एक टेलीविजन रिपोर्टर और सेना के पांच वर्तमान व सेवानिवृत्त अधिकारियों की हिरासत का आदेश दिया है। बयान में पत्रकार की पहचान उजागर नहीं की गई, लेकिन सीटीआई टीवी ने अपने रिपोर्टर लिन चेन-यू की हिरासत की पुष्टि की। चैनल ने कहा कि उसे मामले के विवरण की जानकारी नहीं है, लेकिन उसने निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया की मांग करते की है। ताइवान में सरकार और सेना के भीतर जासूसी मामलों की जांच आम है लेकिन पत्रकारों पर इस तरह के आरोप दुर्लभ माने जाते हैं। अभियोजकों का आरोप है कि लिन ने ‘‘चीनी व्यक्तियों'' को जानकारी देने के बदले वर्तमान सैन्य अधिकारियों को कुछ हजार से लेकर दस हजार ताइवानी डॉलर तक के कई भुगतान किये। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे चीनी व्यक्ति कौन थे या उनका चीनी सरकार से कोई संबंध था या नहीं।  

अहम एयर बेस अब इराकियों के हाथ, अमेरिकी सेना ने छोड़ा क्षेत्र

इराक इराकी अधिकारियों ने शनिवार को पुष्टि की कि अमेरिकी बल पश्चिमी इराक स्थित एक अहम ‘एयर बेस’ से पूरी तरह हट गए हैं और अब उसका पूरा नियंत्रण इराकी सेना ने अपने हाथ में ले लिया है। यह कदम इराक और अमेरिका के बीच हुए उस समझौते के तहत उठाया गया है, जिसके अनुसार अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना को चरणबद्ध तरीके से इराक से बाहर जाना था। वाशिंगटन और बगदाद ने वर्ष 2024 में इस बात पर सहमति जताई थी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ अभियान में शामिल गठबंधन सेना को सितंबर 2025 तक इराक से हटा लिया जाएगा। इसी योजना के तहत अमेरिकी बल उन सभी ठिकानों से निकलने वाले थे, जहां वे लंबे समय से तैनात थे। हालांकि, समझौते के बावजूद कुछ समय तक अमेरिकी सैन्य सलाहकारों और सुरक्षा कर्मियों की एक छोटी टुकड़ी पश्चिमी इराक के ऐन अल-असद एयर बेस में मौजूद रही। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अक्टूबर में कहा था कि मूल समझौते के अनुसार सितंबर तक पूरी वापसी होनी थी, लेकिन “सीरिया में हुए घटनाक्रम” के कारण 250 से 350 अमेरिकी कर्मियों को अस्थायी रूप से वहां बनाए रखना पड़ा।   अब इराकी सेना ने स्पष्ट किया है कि सभी अमेरिकी कर्मी एयर बेस से जा चुके हैं। सेना के बयान के मुताबिक, अमेरिकी बलों की वापसी के बाद इराकी थलसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल अमीर राशिद याराल्लाह ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न सैन्य इकाइयों को नई जिम्मेदारियां सौंपीं।रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर इस वापसी की पुष्टि की है। वहीं, अमेरिकी सेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।हालांकि, यह भी साफ किया गया है कि अमेरिकी बल उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र और पड़ोसी सीरिया में अब भी अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं।

राजनीति में शोक की लहर, महाराष्ट्र के पूर्व BJP नेता ने तोड़ा दम

मुंबई    महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता राज पुरोहित का 71 वर्ष की आयु में निधन मुंबई, 18 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री राज के. पुरोहित का बीमारी के कारण रविवार को 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह मुंबई में उत्तर भारतीय समुदायों के मुद्दों को जोर-शोर से उठाने के लिए जाने जाते थे। सूत्रों ने बताया कि शनिवार को मुंबई के एक निजी अस्पताल में पुरोहित ने अंतिम सांस ली। मुंबई भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक पुरोहित पार्टी की मुंबई इकाई के अध्यक्ष रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। इसके अलावा, वह 2014 से 2019 तक विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक थे। पुरोहित को एक समय मुंबई भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता था, उनका दक्षिण मुंबई में खासा प्रभाव था। पुरोहित को 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था।   पार्टी नेताओं ने कहा कि उनके निधन के कारण महाराष्ट्र ने एक दिग्गज राजनीतिक और सामाजिक विद्वान खो दिया है, जिनका जमीनी स्तर पर लोगों से गहरा जुड़ाव था। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हें पुरोहित के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। तावड़े ने ‘एक्स' पर लिखा, “मुंबई नगर निगम के पार्षद, विधानसभा सदस्य और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे मेरे दोस्त राज पुरोहित एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे, जिनका लोगों से गहरा जुड़ाव था।” उन्होंने कहा कि पुरोहित को मुंबई में रहने वाले प्रवासी किरायेदारों का सबसे बड़ा "मसीहा" माना जाता था और उन्होंने उनके उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।   तावड़े ने कहा, “उनका निधन महाराष्ट्र भाजपा के साथ-साथ मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से एक अपूरणीय क्षति है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वह उनकी आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिवार व समर्थकों को संबल प्रदान करें।” हाल ही में संपन्न हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में, राज पुरोहित के बेटे और भाजपा नेता आकाश पुरोहित ने वार्ड संख्या 221 से जीत हासिल की। सूत्रों ने बताया कि विधायक और पूर्व मंत्री राज पुरोहित के पार्थिव शरीर को रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे से एक बजे तक मुंबई के मरीन ड्राइव पर स्थित राजहंस बिल्डिंग में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा जाएगा।