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नेतन्याहू ने कसम खाई, फिलिस्तीन को अलग राष्ट्र बनने से रोका जाएगा

तेल अवीव गाजा में युद्धविराम के बाद अब अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिलिस्तीन राष्ट्र को लेकर अपना प्रस्ताव पेश करने जा रहा है। इसपर वोटिंग से पहले ही इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने कसम खा ली है कि वह किसी भी कीमत पर फिलिस्तीन राष्ट्र का समर्थन नहीं करने वाले हैं। नेतन्याहू लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि फलस्तीनी राष्ट्र बनाने से हमास को लाभ होगा और इजराइल की सीमाओं पर अंततः हमास द्वारा संचालित एक और भी बड़ा राष्ट्र बनेगा। हालांकि, गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की अमेरिका की कोशिशों के बीच नेतन्याहू को लचीलापन दिखाने के लिए भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा परिषद द्वारा अमेरिका के प्रस्ताव पर मतदान किए जाने की संभावना है, जिसके तहत रूस, चीन और कुछ अरब देशों के विरोध के बावजूद गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की स्थापना की जाएगी। हमास और फलस्तीनी गुटों ने रविवार को अमेरिकी प्रस्ताव के खिलाफ चेतावनी दी और इसे गाजा पर एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय शासनादेश थोपने का प्रयास बताया जो इजराइल के प्रति पक्षपाती है और फलस्तीनियों को अपने मामलों का प्रबंधन करने के अधिकार से वंचित करता है। इन गुटों ने एक बयान में कहा कि इस बल में इजराइल शामिल नहीं होना चाहिए और यह सीधे संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में होना चाहिए। बयान में अमेरिकी प्रस्ताव में गाजा को निरस्त्र करने के हर संदर्भ को खारिज कर दिया गया। नेतन्याहू ने रविवार को इस प्रस्ताव का उल्लेख किया जिसमें गाजा को सेना से मुक्त करने और हमास को निरस्त्र करने का आह्वान किया गया है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल से कहा, ‘‘यह या तो आसान तरीके से होगा, या कठिन तरीके से।’’ नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के प्रति इजराइल के विरोध में ‘‘जरा भी बदलाव नहीं आया है’’ और उसे बाहरी या आंतरिक दबाव से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी की पुष्टि, किसी के ट्वीट या किसी के भाषण की जरूरत नहीं है।’

मेयर हत्या के बाद Gen Z ने की बगावत, नेशनल पैलेस पर प्रदर्शन और हिंसक घटनाएं

 मिचोआकन मेक्सिको में मेयर कार्लोस मांजो की हत्या के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.  Gen Z के नेतृत्व में हजारों लोग भ्रष्टाचार, हिंसा और सरकार की नाकामी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए. मेक्सिको सिटी में राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम के आवास की बाड़ तोड़ी गई, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शनकारियों ने सत्ता के दुरुपयोग और हिंसा को रोकने की मांग की है, जबकि सरकार ने दक्षिणपंथी विरोधियों पर प्रदर्शन भड़काने का आरोप लगाया है. दरअसल, मेयर कार्लोस मांजो की हत्या इस महीने की शुरुआत में एक सार्वजनिक 'डे ऑफ द डेड' कार्यक्रम में गोली मारकर की गई थी. इसके बाद मेक्सिको के मिचोआकन राज्य समेत देशभर में विरोध भड़क उठा. राष्ट्रपति आवास की बाड़ तोड़ी न्यूज एजेंसी के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेक्सिको सिटी में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों के एक छोटे समूह ने राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम आवास नेशनल पैलेस के चारों ओर लगी बाड़ को तोड़ दिया. इसके जवाब में दंगा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया. राष्ट्रपति को निशाना बना रहे हैं प्रदर्शनकारी मेक्सिको सिटी में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सीधे राष्ट्रपति शीनबॉम की पार्टी को निशाना बना रहे हैं. वहीं, मेक्सिको सिटी में प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति शीनबॉम की पार्टी पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए नारे लगाए, 'मोरेना, बाहर निकलो.' कुछ लोगों ने अपराध और हिंसा को रोकने के लिए राज्य द्वारा और मजबूत प्रयास करने की भी मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कार्लोस मरा नहीं, सरकार ने उसे मार डाला. सत्ता के दुरुपयोग से परेशान: प्रदर्शनकारी विरोध प्रदर्शनों का आह्वान करने वाले खुद को 'Gen Z मेक्सिको' कहने वाले एक समूह ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक घोषणापत्र में कहा है कि वह किसी पार्टी से जुड़ा नहीं है. समूह का दावा है कि वह मेक्सिको के उन युवाओं का प्रतिनिधित्व करता है जो हिंसा, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से परेशान हैं. दूसरी ओर, शीनबॉम सरकार ने शनिवार के मार्च के पीछे के इरादों पर सवाल उठाया है. सरकार ने कहा कि इनका आयोजन बड़े पैमाने पर दक्षिणपंथी राजनीतिक विरोधियों द्वारा किया गया था और सोशल मीडिया पर बॉट्स के माध्यम से इन्हें बढ़ावा दिया गया था.      

मक्का-मदीना मार्ग पर बस और टैंकर की टक्कर, भीषण आग में 42 भारतीयों की मौत

 रियाद सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 42 भारतीय उमरा यात्रियों के मारे जाने की आशंका है. इनमें से कई यात्रियों के तेलंगाना के हैदराबाद से होने की जानकारी सामने आई है. हादसा उस समय हुआ जब मक्का से मदीना जा रही एक बस मुफ्रिहात इलाके के पास एक डीजल टैंकर से टकरा गई. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया. वहीं इस घटना को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति की पुष्टि करने और तत्काल सहायता के लिए विदेश मंत्रालय और सऊदी दूतावास के साथ समन्वय करने को कहा है। तेलंगाना सचिवालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस दौरान एक हेल्पलाइन: 79979 59754, 99129 19545 भी जारी किया गया है। वहीं हैदराबाद के व्यक्ति ने बताया मक्का जाने के लिए यात्री उमरा करने गए थे। इस दौरान मदीने से 25 किलोमीटर पहले बस में आग लग गई। इस घटना में शोएब नामक व्यक्ति ने कूद कर जान बचाई। हादसे में वह घायल हो गया और उसे उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। उन्होंने कहा कि 42 हाजी बस में सवार थे। घटना के बारे में लगातार संपर्क किया जा रहा है। 42 यात्रियों में 16 बच्चे शामिल थे और 24 से 25 बड़े यात्री सवार थे। वहीं अन्य वय्क्ति ने कहा कि उमरा के लिए 45 यात्री हैदराबाद से बस में सवार हुए थे। इस यात्रियों में से उसके परिवार के 6 लोग शामिल थे। इस घटना में बस जलकर पूरी तरह से राख हो गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव और डीजीपी बी. शिवाधर रेड्डी को तुरंत पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकार विदेश मंत्रालय (MEA) और सऊदी दूतावास के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मदद के प्रयास कर रही है.

17–19 नवंबर Weather Alert: कई राज्यों में भारी बारिश + कड़ाके की ठंड की चेतावनी

मुंबई  भारत मौसम विभाग (IMD) ने 20 नवंबर तक मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगले तीन-चार दिनों तक देश के कई राज्यों में मौसम की दोहरी मार देखने को मिलेगी। कहीं भारी बारिश की संभावना है तो कहीं कड़ाके की ठंड और शीतलहर लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में ठंड और शीतलहर का असर और तेज हो सकता है, जबकि दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। आईएमडी (IMD Weather Forecast) के अनुसार, उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है और कई जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के कई इलाकों में सुबह और रात की ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 और 18 नवंबर को मध्य भारत और पड़ोसी राज्यों में शीतलहर और तेज हो सकती है। 17 से 19 नवंबर के बीच पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर की संभावना जताई गई है।   दूसरी ओर, दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम मूसलाधार बारिश की वजह बनेगा। इसके चलते तमिलनाडु, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 16 से 20 नवंबर के बीच केरल और माहे में लगातार तेज बारिश हो सकती है, जबकि 17 और 18 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण कर्नाटक में भी तेज वर्षा की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 19 नवंबर तक भारी बारिश और तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की चेतावनी दी गई है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तापमान कई स्थानों पर 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। राजस्थान में देश का सबसे कम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है।   मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक उत्तर भारत में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और ठंड का असर जारी रहेगा। उसके बाद तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वी भारत में इस सप्ताह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

नेतन्याहू का बड़ा बयान: हमास को हथियारबंद रहने नहीं देंगे, कार्रवाई जारी

यरूशलेम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीन और गाजा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के खिलाफ हमारा विरोध जारी रहेगा और हमास को निरस्त्र किया जाएगा। इजरायल सरकार की बैठक में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मैं दो प्रमुख मुद्दों पर बात करना चाहता हूं। पहला मुद्दा गाजा के उस हिस्से के कथित 'गैर-सैन्यीकरण' का है, जो हमास के कब्जे में है। इस क्षेत्र का विसैन्यीकरण किया जाएगा और हमास को निरस्त्र किया जाएगा। इसके लिए चाहे आसान तरीका अपनाना पड़े या कठिन। यही राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप भी चाहते हैं। उन्होंने फिलिस्तीनी राज्य के संबंध में कहा कि जॉर्डन नदी के पश्चिम में किसी भी क्षेत्र में फिलिस्तीनी राज्य के प्रति हमारा विरोध जारी रहेगा। इसमें रत्ती भर भी परिवर्तन नहीं होगा। नेतन्याहू ने इस बैठक में 20 सूत्रीय प्लान रखा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हम दो तरह के उपद्रव देख रहे हैं, जिन्हें हम पूरी तरह से अस्वीकार करते हैं। एक है निर्वाचित अधिकारियों के विरुद्ध उपद्रव, चाहे वे कोई भी हों, और कल ही हमारे मित्र एमके बेन-त्जूर के विरुद्ध ऐसी ही हिंसा हुई। उपद्रवी माइनॉरिटी में हैं। यह अति-रूढ़िवादी जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करता, लेकिन हमें कानून के इन उल्लंघनों से पूरी ताकत से लड़ना होगा और हम ऐसा करेंगे। नेतन्याहू ने आगे कहा कि दूसरी गड़बड़ी भी माइनॉरिटी द्वारा की जा रही है। ये माइनॉरिटी लोग यहूदिया और सामरिया में प्रवेश करते हैं। उनके खिलाफ भी ये उपद्रव, आईडीएफ सैनिकों और फिलिस्तीनियों दोनों के खिलाफ हम बहुत सख्त कार्रवाई करेंगे, क्योंकि हम कानून का पालन करने वाला देश हैं, और कानून का पालन करने वाला देश कानून के अनुसार काम करता है।

US Immigration Update: कई देशों के लोगों की ग्रीन कार्ड तक पहुंच अब और मुश्किल

नई दिल्ली अमेरिका इमिग्रेशन नीति में बदलाव करने की पूरी तैयारी में है। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर सख्त होते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, यहां की नई आव्रजन नीति तैयार की जा रही है। इसमें ट्रंप प्रशासन के यात्रा प्रतिबंध के तहत ग्रीन कार्ड और अन्य दर्ज लाभों को लेकर कुछ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के आंतरिक मसौदों में अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे ग्रीन कार्ड, शेल्टर, पैरोल और अन्य आव्रजन लाभों के लिए आवेदनों का मूल्यांकन करते समय यात्रा-प्रतिबंधित देशों से आने वाले किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता को नकारात्मक फैक्टर मानेंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अमेरिका ने जिन देशों के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध लगा रखा है, वहां के लोगों के लिए ग्रीन कार्ड के लाभ को सीमित कर दिया जाएगा। हालांकि, यह परिवर्तन अमेरिकी नागरिकता के आवेदनों पर लागू नहीं होगा। फिलहाल, यूएससीआईएस सामुदायिक संबंधों, आपराधिक इतिहास और मानवीय आवश्यकताओं जैसी बातों पर विचार करता है। इसी साल जून में अमेरिका ने 12 देशों पर ट्रैवल बैन लगाया था। इसमें अफगानिस्तान, चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका ने सात देशों बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला पर आंशिक प्रतिबंध लगा रखा है। इसके तहत यहां के नागरिक अमेरिका में स्थायी रूप से प्रवेश नहीं कर सकते या कुछ विशेष वीजा प्राप्त नहीं कर सकते। हालांकि, नई इमिग्रेशन नीति की फिलहाल आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो प्रतिबंधित देशों के लिए ग्रीन कार्ड पाना मुश्किल हो जाएगा। यह नीति कानूनी आव्रजन पर ट्रंप की कार्रवाई में एक बड़ी तेजी लाएगी। इसकी वजह से नागरिक अधिकार समूहों की ओर से नई कानूनी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

युवाओं का फूटा गुस्सा: जेन-जी के हिंसक प्रदर्शन, सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ पत्थरबाज़ी

मेक्सिको सिटी  जेन-जी का गुस्सा मेक्सिको में भी फूट पड़ा है। मेक्सिको सिटी की गलियों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी उमड़ पड़े। उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जेन जी के इस विरोध प्रदर्शन को अन्य उम्र के लोगों का भी खूब समर्थन मिला। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह विरोध प्रदर्शन चीन समर्थक राष्ट्रपति के खिलाफ हुआ। युवा प्रदर्शनकारी पुलिसवालों से भी उलझ पड़े, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। पुलिस पर हमला प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों, डंडे और चेन से पुलिस पर हमला बोला। मेक्सिको सिटी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वैजेक ने बताया कि करीब 120 लोग घायल हुए हैं, जिसमें 100 पुलिस वाले हैं। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शन कर रहे एक 29 वर्षीय बिजनेसमैन ने कहा कि हमें और ज्यादा सुरक्षा चाहिए। एक 43 साल की महिला फिजिशियन भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि वह पब्लिक हेल्थ सिस्टम के लिए अधिक फंड की मांग के साथ मार्च में शामिल हुई है। इसके अलावा उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। महिला डॉक्टर का कहना था कि आज हत्या हो जाती है और कुछ नहीं होता। कई हाई-प्रोफाइल हत्याएं मेक्सिको में हाल के दिनों में कई हाई प्रोफाइल हत्याएं हुई हैं। इनमें पश्चिमी राज्य मिचोआकैन के मशहूर मेयर की हत्या भी शामिल है। खास बात यह है शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन में विभिन्न उम्र के लोग शामिल हुए। इसमें मेयर कार्लोस मान्जो के समर्थक भी शामिल थे। इनमें से ही एक रोजा मारिया एविला ने कहा कि यह राज्य अब मर रहा है। उन्होंने मेयर को याद करते हुए कहा कि उसे सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि वह पहाड़ी में भी अफसरों को भेज देता था जो युवा अपराधियों को मारते थे। उसके पास अपराधियों का मुकाबला करने की हिम्मत थी।  

ठंड का प्रकोप तेज़: कई राज्यों में अगले 48 घंटे शीतलहर की चेतावनी

नई दिल्ली देश में मौसम का तेजी से बदलता मिजाज परेशानी बढ़ा रहा है। उत्तर और मध्य भारत शीतलहर, कोहरे और गिरते पारे की चपेट में हैं, जबकि दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून के असर से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे स्वास्थ्य, खेती, यातायात और बिजली आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर और मध्य भारत में ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 16 और 17 नवंबर को शीतलहर की स्थिति सबसे अधिक दिखने की संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सुबह और रात के समय सर्दी का असर बेहद तीखा रहेगा। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। तड़के कड़क सर्दी, दोपहर में हल्की धूप और शाम ढलते ही फिर से बढ़ती ठंड के साथ मौसम तेजी से अपना रंग बदल रहा है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से लोगों में सर्दी-जुकाम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़नी शुरू हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश-जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ठंड ने रिकॉर्ड स्तर छू लिए हैं। ताबो का तापमान माइनस 5.3, कुकुमसेरी माइनस 4.1, केलांग माइनस 3.6 और कल्पा 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि रात के समय ठंड और तेजी पकड़ सकती है। इसके विपरीत ऊना में कल 28.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। कोहरा और दृश्यता में कमी का खतरा अगले 5 दिनों तक उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है। कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता 500 मीटर तक सीमित हो गई है। विशेषज्ञों ने सड़क और रेल यातायात के दौरान गति नियंत्रित रखने, हेडलाइट-फॉग लाइट का उपयोग करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि दुर्घटनाओं के जोखिम कम हों। दक्षिण भारत: भारी बारिश का अलर्ट जारी दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय है और बारिश का दौर जारी है। श्रीलंका के दक्षिणी क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार तथा बांग्लादेश के आसपास मौजूद दूसरा चक्रवात नमी के परिवहन को बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण भारी बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं। आगामी दिनों में तमिलनाडु, केरल और द्वीप समूहों में भारी बारिश की आशंका है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश देखी जा सकती है।

स्कूल में अमानवीय दंड: बैग टांगकर कराई उठक-बैठक, मासूम ने तोड़ा दम

मुंबई महाराष्ट्र के वसई में एक दुखी करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक स्कूल में 10 मिनट देरी से आने पर अध्यापक ने 13 साल की बच्ची को बैग कंधे पर टांगकर 100 उठक-बैठक करने की सजा दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे बच्ची की तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 8 नवंबर की है, जब वसई के श्री हनुमंत विद्या मंदिर में कक्षा 6 में पढ़ने वाली कक्षा छह की छात्रा काजल गौड़ को देरी से स्कूल आने पर अध्यापक ने सौ उठक-बैठक लगाने की सजा दी। उठक-बैठक लगाने के बाद काजल के कमर में दर्द होने लगा। बच्ची की मां ने बताया कि स्कूल से आने के बाद उसने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद उसे वसई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे एक अन्य अस्पताल में और फिर जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को इलाज के दौरान बच्ची की जेजे अस्पताल में मौत हो गई। बच्ची की मां की शिकायत पर मामला दर्ज बच्ची की मां ने अध्यापक और स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने फिलहाल दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद धाराएं बदली जा सकती हैं। इस मामले में मनसे की भी एंट्री हो गई है। मनसे कार्यकर्ताओं ने घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल पहुंचकर स्कूल में ताला लगा दिया। वहीं एनसीपी एसपी के नेताओं ने भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

भाजपा संगठन में बदलाव की आहट: नए अध्यक्ष और मोदी कैबिनेट विस्तार की संभावना

नई दिल्ली बिहार में बीजेपी को बंपर जीत मिली है। पहली बार प्रदेश में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यही नहीं राज्य में एनडीए ने 2010 के बाद वहां सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। ऐसे में अब पार्टी के संगठन से लेकर सरकार तक में बड़े बदलाव की चर्चा शुरू हो चुकी है। बीजेपी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने का पिछले साल लोकसभा चुनावों से पहले से ही इंतजार है। बिहार के शानदार चुनाव परिणाम के बाद लगता है कि अब इसके दिन ज्यादा दूर नहीं रह गए हैं। साथ ही मोदी सरकार भी नए रंग-रूप में नजर आ सकती है। इसी महीने बीजेपी को मिल सकता है नया अध्यक्ष बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी और एनडीए को अप्रत्याशित जीत मिली है। 243 सीटों में से गठबंधन 202 सीटें जीता है और 89 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इसी साल की शुरुआत में पार्टी दिल्ली में सरकार बना चुकी है। लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने जो जीत का सिलसिला शुरू किया है, वह अब परवान पर है। अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने हैं, जो पार्टी के लिए मौजूदा दौर में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जानकारी है कि पार्टी अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में और ज्यादा देर नहीं करेगी और यह इसी महीने हो सकता है। 'शीतकालीन सत्र से पहले नया अध्यक्ष मिल सकता है' बीजेपी के एक भरोसेमंद सूत्र ने एनबीटी ऑनलाइन से कहा है "राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम इसी महीने तय हो सकता है। 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। उसके बाद बहुत देर हो जाएगी। अगले साल की शुरुआत में बंगाल में चुनाव भी होने हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "अगले साल मई तक लगातार चुनाव होने से पार्टी को समय नहीं मिलेगा। इसलिए इसी महीने यह हो जाना चाहिए।" 'धर्मेंद्र प्रधान के अध्यक्ष बनने की 99% संभावना' बीजेपी सूत्र ने बताया है कि "बिहार चुनाव की सफलता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लगभग तय माना जा रहा है। उनके नाम की चर्चा पहले से होती रही है, लेकिन अब 99% वही लग रहे हैं। उन्होंने संगठन में बहुत काम किया है। अगले साल बंगाल सहित अन्य प्रदेशों के चुनाव भी हैं, जिसे पार्टी अपने लिए बहुत महत्वपूर्ण मानती है।" मोदी सरकार में भी बड़े फेरबदल की संभावना यही नहीं लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिपरिषद को भी नया रूप दे सकते हैं। बीजेपी सूत्र के अनुसार कई नेता जो आज सरकार में हैं, उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है और जो संगठन में हैं, उन्हें सरकार में लाया जा सकता है। उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान के नाम की चर्चा भी इसी बदलाव की अटकलों की एक बड़ी कड़ी है। जेपी नड्डा भी सरकार से आ सकते हैं बाहर पार्टी सूत्र ने जो कुछ कहा है उसके हिसाब से अभी सिर्फ राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के ही निश्चित तौर पर मौजूदा कैबिनेट में बने रहने की संभावना है। यहां तक कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी सरकार से निकल सकते हैं। उनके अनुसार बीजेपी में एक व्यक्ति एक पद की व्यवस्था है। लेकिन, परिस्थितियों के कारण नड्डा के पास अभी तीन-तीन पद है। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, स्वास्थ्य मंत्री भी हैं और राज्यसभा में नेता सदन भी हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ तीसरे पद का ही उत्तरदायित्व दिए जाने की संभावना है। रूडी को फिर से मिल सकता है मौका जहां तक मोदी सरकार में पार्टी से नए लोगों को जगह दिए जाने की संभावना है तो पार्टी सूत्र की मानें तो एक बार फिर से राजीव प्रताप रूडी को जगह मिल सकती है। इनके अलावा प्रधानमंत्री कुछ ताजे नए चेहरे को सरकार का हिस्सा बना सकते हैं। पूरी संभावना है कि सरकार से संगठन तक में यह बदलाव संसद का सत्र शुरू होने से पहले हो जाए।