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BMC की बड़ी कार्रवाई! प्रदूषण फैलाने वाली 53 निर्माण साइटों को नोटिस जारी

मुंबई  बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कहा है कि उसने मुंबई में बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मद्देनजर 53 निर्माण स्थलों पर काम रोकने के नोटिस जारी किए हैं। बीएमसी ने बृहस्पतिवार को यह भी निर्देश दिया कि पहले से जारी किए गए वायु प्रदूषण संबंधी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। इन निर्देशों में लगातार काम करने वाले एक्यूआई निगरानी सेंसर लगाना शामिल है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) अश्विनी जोशी ने चेतावनी दी कि यदि एक्यूआई सेंसर चालू नहीं पाए गए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि अधिकारी महानगर में वायु प्रदूषण के लिए इथोपिया में ज्वालामुखी फटने से उठी राख को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते और एक्यूआई उससे बहुत पहले से ही खराब रहा है। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने दिल्ली की स्थिति का जिक्र करते हुए पूछा कि इस समस्या से निपटने के लिए क्या प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं। पीठ ने सवाल किया, ‘‘सबसे प्रभावी उपाय क्या हो सकते हैं? हम सब देख रहे हैं कि दिल्ली में क्या हो रहा है? इसका क्या असर होगा?'' अदालत ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र लिखकर उनसे तत्काल और असाधारण कार्रवाई करने का आग्रह किया, जिसमें वायु गुणवत्ता में सुधार होने तक सभी खुदाई और निर्माण स्थलों पर अस्थायी रोक लगाना भी शामिल है। देवड़ा ने कहा, ‘‘मुंबई का वायु प्रदूषण संकट अब कोई मौसमी मुद्दा नहीं रह गया है- यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है। भारत को वायु प्रदूषण के विरुद्ध एक राष्ट्रव्यापी युद्ध और राष्ट्रीय सहमति की आवश्यकता है।'' शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई का एक्यूआई हर दिन खराब होता जा रहा है और शहर इस मामले में दिल्ली से प्रतिस्पर्धा कर रहा है लेकिन सभी सरकारें लोगों की दुर्दशा को नजरअंदाज कर रही हैं। वहीं, बीएमसी ने कहा कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें ‘बेकरी' और श्मशान में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को अनिवार्य करना, इलेक्ट्रिक बसें शुरू करना, निर्माण मलबे का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन करना और सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव करने वाली मशीनों का उपयोग शामिल है। बीएमसी ने बताया कि 26 नवंबर तक 53 निर्माण स्थलों को प्रदूषण फैलाने के लिए काम रोकने के नोटिस जारी किए गए हैं। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त जोशी ने बृहस्पतिवार को निर्माण स्थलों पर सेंसर-आधारित एक्यूआई निगरानी प्रणाली की स्थिति की समीक्षा भी की।   

प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा में दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा का किया अनावरण

कनकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा के पर्तगाली (कनकोण) स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची विश्व की सबसे बड़ी राम प्रतिमा का अनावरण किया. यह भव्य प्रतिमा मशहूर मूर्तिकार राम सुतार ने बनाई है, जिन्होंने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' भी डिजाइन किया था. यह कांस्य प्रतिमा 77 फीट ऊंची है, जो इसे भगवान राम की अब तक की सबसे ऊंची स्थापित प्रतिमा बनाती है. अनावरण के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगली जीवोत्तम मठ अपनी स्थापना की 550वीं वर्षगाठ मना रहा है. बीते 550 वर्षों में इस संस्था ने समय के कितने ही चक्रवात झेले हैं. युग बदला, दौर बदला, देश और समाज में कई परिवर्तन हुए लेकिन बदलते युगों और चुनौतियों के बीच इस मठ ने अपनी दिशा नहीं खोई, बल्कि मठ लोगों को दिशा देने वाला केंद्र बनकर उभरा और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है.' इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह के दौरान मठ परिसर में स्थित मंदिर के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. यह मठ भारत के सबसे पुराने मठवासी संस्थानों में से एक है, जो अपने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिए जाना जाता है और सारस्वत समुदाय में एक प्रमुख स्थान रखता है. मठ का जीर्णोदार श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ, गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का पहला वैष्णव मठ माना जाता है. यह मठ 13वीं शताब्दी में जगद्गुरु माधवाचार्य द्वारा स्थापित द्वैत वेदांत परंपरा का अनुयायी है. इसका मुख्यालय दक्षिण गोवा के पर्तगाली कस्बे में, शांत कुशावती नदी के किनारे स्थित है, जहां यह सदियों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित है. गोवा लोक निर्माण विभाग मंत्री दिगंबर कामत ने बताया कि सदियों से आध्यात्मिक केंद्र के रूप में कार्यरत मठ परिसर का पूरी तरह से जीर्णोद्धार किया गया है और इसे आधुनिक रूप दिया गया है. समारोह में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे.

हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027: चार अमृत स्नान सहित तीन महीने तक धार्मिक उत्सव

 हरिद्वार   उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 2027 के अर्द्धकुंभ मेले के लिए शुक्रवार को तीन शाही स्नान सहित 10 स्नान तिथियां घोषित की।जनवरी से अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में इस बार पहली बार साधु-संतों के साथ चार शाही अमृत स्नान कराए जाएंगे, जिसे संत परंपरा में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। कब होगा पहला शाही स्नान? पहला शाही स्नान छह मार्च को महाशिवरात्रि पर होगा, दूसरा आठ मार्च को सोमवती अमावस्या पर, तीसरा 14 अप्रैल को बैसाखी (मेष संक्रांति) और चौथा 20 अप्रैल चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान) होगा। इसके अलावा, मकर संक्रांति पर भी एक महत्वपूर्ण स्नान होगा लेकिन इसे शाही स्नान की श्रेणी में नहीं रखा गया है। वहीं सरकार पहले से ही इसकी तैयारी कर रही है. आइए जानते हैं अर्धकुंभ मेले के शुरू होने की तारीखों से लेकर शाही स्नान कब कब और कितने हैं… पुष्कर सिंह धामी के साथ दमकोठी में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को मुलाकात की. इसमें 2027 में अर्धकुंभ की शुरुआत से लेकर इसके इंतजामों को लेकर चर्चा की गई. बैठक के दौरान, भव्य धार्मिक मेले की तिथियों की घोषणा की गई. बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद निरंजनी के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज भी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि अखाड़ों का प्राथमिक कार्य कुंभ मेले का आयोजन करना है और पूरा देश हरिद्वार में होने वाले इस भव्य आयोजन की प्रतीक्षा कर रहा है. कुंभ की तारीखों की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुंभ के आयोजन में संतों की भूमिका महत्वपूर्ण है. सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और मेले की व्यवस्थाओं को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा.उन्होंने कहा कि कुंभ मेला भव्य होगा और प्रशासनिक तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं.  मुख्यमंत्री धामी ने पुष्टि की कि मेला 13 जनवरी 2027 मकर संक्रांति से अर्ध कुंभ मेले की शुरुआत होगी.  पहली बार चार अमृत स्नान मुख्यमंत्री के साथ बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हरिद्वार में 2027 के अर्धकुंभ मेले के लिए 10 प्रमुख स्नान समारोहों की तारीखों की घोषणा की है. जनवरी से अप्रैल तक चलने वाले इस महापर्व के दौरान पहली बार चार अमृत स्नान निर्धारित किए गए हैं. इस ऐतिहासिक निर्णय को सदियों पुरानी परंपराओं में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. प्रमुख स्नान तिथियां -14 जनवरी, 2027 ( मकर संक्रांति ) – 6 फरवरी 2027 ( मौनी अमावस्या ) – 11 फरवरी 2027 ( बसंत पंचमी ) – 20 फरवरी 2027 ( माघ पूर्णिमा ) चार अमृत स्नान – 6 मार्च, 2027 – महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान ) – 8 मार्च, 2027 – सोमवती /फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान ) – 14 अप्रैल, 2027 – मेष संक्रांति/वैसाखी (तीसरा अमृत स्नान ) – 20 अप्रैल, 2027 – चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान )

कर्नाटक के उडुपी में पीएम मोदी का आगमन, शामिल होंगे कृष्ण मठ के भक्तिमय आयोजन में

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी ने आज कर्नाटक के उडुपी पहुंचे हैं। वे यहां पर श्री कृष्ण मठ के दौरा करेंगे। वह यहाँ के 'लक्ष कंठ गीता पारायण' कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भक्ति और आस्था का एक अद्भुत संगम है, जिसमें 1 लाख से अधिक लोग हिस्सा बनेंगे। इन लोगों में छात्र, साधु, विद्वान और आम नागरिक शामिल थे, जिन्होंने एक साथ मिलकर श्रीमद् भगवद गीता का पाठ किया। गोवा में 77 फीट ऊंची राम प्रतिमा का करेंगे अनावरण उडुपी के कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी गोवा पहुँचेंगे। यहाँ वह श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ के 550वें साल के जश्न 'सारधा पंचाष्टमोत्सव' में शामिल होंगे। गोवा में पीएम मोदी ने भगवान श्री राम की कांसे से बनी 77 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने रामायण थीम पार्क गार्डन का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम ने वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित  करेंगे और एक खास पोस्टल स्टैम्प और एक यादगार सिक्का भी जारी करेंगे।

‘ब्राह्मण की बेटी’ विवाद: IAS संतोष वर्मा को कांग्रेस नेताओं का खुला समर्थन, राजनीति में नई हलचल

नई दिल्ली  आरक्षण को लेकर 'ब्राह्मण की बेटी अपने बेटे के लिए दान या संबंध' चाहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सही ठहराया है। कांग्रेस के दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने वर्मा को दिए गए नोटिस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस को इनका साथ देना चाहिए जो कहती है कि सब हिंदू हैं।   मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद इसके पहले अधिवेशन में संतोष वर्मा ने मंच से विवादित टिप्पणी की थी। इसको लेकर मध्य प्रदेश के साथ ही देशभर में ब्राह्मण समाज की ओर से नाराजगी जाहिर की जा रही थी। वर्मा के खिलाफ राज्यभर में बढ़ते विरोध को देखते हुए मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें देर शाम कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न उनकी टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस के मुताबिक उन्हें 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है और अगर वह इसमें विफल होते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने रोटी-बेटी के रिश्ते की बात कही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पीएम मोदी, योगी और तमाम बीजेपी नेता और RSS रात- दिन वोट लेने के लिए सब हिंदू है, कहते रहते हैं। संतोष वर्मा, IAS ने रोटी- बेटी के रिश्ते की ही बात किया अर्थात बात तो वही है फिर मध्य प्रदेश सरकार ने कारण बताओ नोटिस क्यों दिया है? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है? हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों को इसका जवाब देना चाहिए? इन्हें संतोष वर्मा के साथ खड़ा होना चाहिए वरना यह शब्द जुबान पर भी नहीं लाना चाहिए।' वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में अजाक्स के मंच से कहा था, ‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे और वह उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया और पिछले कुछ दिन से राज्य के अलग-अलग इलाकों में वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।  

विधायक पर रेप के आरोप से हड़कंप, पीड़िता ने जबरन गर्भपात कराने का लगाया आरोप

केरल  केरल में पलक्कड़ के विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक महिला की ओर से उन पर यौन उत्पीड़न और गर्भपात के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया था। गुरुवार देर रात दर्ज किए गए महिला के बयान के आधार पर शुक्रवार को वलियामाला पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया। महिला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को अपनी शिकायत सौंपी थी। सूत्रों ने बताया कि बाद में तिरुवनंतपुरम ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में महिला पुलिस अधिकारियों की ओर से उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया। देर रात तक प्रक्रिया चलती रही, जिसके बाद मामला दर्ज करने का निर्णय लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता के तहत यौन उत्पीड़न करने, जबरन गर्भपात कराने, मारपीट करने, अवैध रूप से घर में घुसने और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है। ममकूटाथिल के दोस्त जॉबी जोसेफ को भी आरोपी बनाया गया है। ऐसा आरोप है कि अदूर के मूल निवासी जोसेफ ने शिकायतकर्ता महिला को गर्भपात के लिए दवा दी थी। पुलिस ने कहा कि मामला नेमोम पुलिस थाने को भेज दिया गया है, जहां अपराध हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि तिरुवनंतपुरम शहर के पुलिस आयुक्त की देखरेख में एक टीम मामले की जांच करेगी। विधायक का नहीं चल रहा कोई पता पुलिस शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कराने के लिए तिरुवनंतपुरम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत का रुख करेगी। सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर्स का एक दल जल्द ही महिला की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेगा। इस बीच, महिला की ओर से मुख्यमंत्री से संपर्क करने के बाद ममकूटाथिल कथित तौर पर छिप गए हैं। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधायक से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। ऑडियो क्लिप और चैट आई सामने पलक्कड़ में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ममकूटाथिल गुरुवार शाम करीब 4 बजे तक स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कन्नडी क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें और उनके एक करीबी सहयोगी को नहीं देखा गया। इससे पहले, अपराध शाखा ने एक ऑडियो क्लिप और चैट मैसेज के आधार पर मामला दर्ज किया था। ये क्लिप और संदेश पुलिस मुख्यालय को कुछ लोगों की ओर से भेजे गए ईमेल से सामने आए थे। उस समय महिला खुद सामने नहीं आई थी। महिला को गर्भपात के लिए किया मजबूर दो दिन पहले, एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया गया था। इसमें विधायक को यह कहते सुना गया था कि वह एक बच्चा चाहते हैं, लेकिन बाद में उन्होंने महिला से गर्भपात कराने का आग्रह किया था। ममकूटाथिल को 25 अगस्त को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले मलयालम अभिनेत्री रिनी एन जॉर्ज की ओर से युवा नेता पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बाद ममकूटाथिल ने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की युवा शाखा डीवाईएफआई ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद कई महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर ने भी उनके खिलाफ आरोप लगाए।  

इमरान खान का साल पुराना दावा वायरल: ‘मेरी मौत की अफ़वाह उड़ी तो पीछे होंगे आसिम मुनीर’

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर अटकलों का दौर जारी है। खान की मौत की अफवाहों के बीच जेल प्रशासन ने उनके सलामत होने की बात कही है। इसी बीच पूर्व क्रिकेटर के बेटे ने उनके जीवित होने के सबूत की मांग की है। खास बात है कि खान पहले दावा कर चुके हैं कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर होंगे। जेल अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि खान पूरी तरह से स्वस्थ हैं। जेल अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जारी अफवाहों को खारिज किया। अदियाला जेल प्रशासन ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेतृत्व को इमरान खान के स्वास्थ्य के बारे में सूचित कर दिया गया है। पीटीआई प्रमुख को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।' जेल अधिकारियों ने बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर खान की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में किए जा रहे दावों में कोई सच्चाई नहीं है। अदियाला जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमरान खान को अदियाला जेल से स्थानांतरित करने की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं। आसिम मुनीर पर उठाया था सवाल अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ के लिए लिखे ऑफ एड में खान ने मुनीर पर सवाल उठाए थे। 2 मई 2024 में प्रकाशित लेख के अनुसार, 'सेना ने वो सबकुछ किया जो वो कर सकते हैं। अब सिर्फ मेरी हत्या करना बाकी रह गया है। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि मुझे या मेरी बीवी (बुशरा बीबी) को कुछ होता है, तो जनरल आसिम मुनीर जिम्मेदार होंगे।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल जुलाई में खान ने लिखा था, हाल के दिनों में, जेल में मेरे साथ होने वाला कठोर व्यवहार और भी बढ़ गया है। यही रवैया मेरी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ भी अपनाया जा रहा है। यहां तक कि उनकी कोठरी का टीवी भी बंद कर दिया गया है। हम दोनों के सभी बुनियादी अधिकार चाहे वे मानवीय हों या कैदियों को दी गई कानूनी निलंबित कर दिए गए हैं।' खान ने कहा कि 'इसके लिए जवाबदेही होनी चाहिए।' उन्होंने दावा किया कि वह पूरी तरह से जानते हैं कि एक कर्नल और जेल अधीक्षक 'असीम मुनीर के आदेश पर' कार्रवाई कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'इसलिए मैं अपनी पार्टी को स्पष्ट निर्देश देता हूं कि अगर जेल में मेरे साथ कुछ भी होता है तो असीम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।' बेटे ने मांगा सबूत खान के छोटे बेटे कासिम खान ने लिखा, 'पिता को गिरफ्तार हुए 845 दिन हो गए हैं। बीते 6 हफ्तों से उन्हें पारदर्शिता के बगैर डेथ सेल में अकेला रखा गया है। उनकी बहनों को मिलने नहीं दिया जा रहा। जबकि, कोर्ट के आदेश में अनुमति की बात कही गई है। कोई फोन कॉल नहीं, कोई मीटिंग नहीं और जीवित होने का कोई सबूत नहीं है…।'

अमेरिका में बड़ा कार्रवाई अभियान: ग्रीन कार्ड इंटरव्यू देने पहुंचे लोगों की हुई गिरफ्तारी

वाशिंगटन   अमेरिका के USCIS दफ्तरों में ग्रीन कार्ड के लिए इंटरव्यू देने वालों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरव्यू देने गए कई लोगों को ओवरस्टे के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक ग्रीन कार्ड आवेदकों के पार्टनर को भी हथकड़ियां पहना दी गईं। एक इमिग्रेशन वकील के मुताबिक दंपती को इंटरव्यू के दौरान ही हिरासतमें ले लिया गया।   इमिग्रेशन वकील सैमन नसेरी ने बताया कि एजेंसियों ने ग्रीन कार्ड के इंटरव्यू के दौरान ही गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि 12 नवंब को इस तरह से पहली गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अब बहुत सारे लोगों के फोन आ रहे हैं कि उनके जानने वालों को यूएनसीआईएस के ऑफिस में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। वकील ने कहा कि जिन लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए इंटरव्यू में बुलाया गया है, उन्हें जरूर जाना चाहिए लेकिन साथ ही अलर्ट रहना चाहिए। वकील ने कहा है कि अगर कोई ग्रीन कार्ड के इंटरव्यू में जाता है तो उसे परिवार से जुड़ी व्यवस्था कर लेनी चाहिए इसके अलावा वकील के संपर्क में भी रहना चाहिए। अगर कोई इंटरव्यू में नहीं जाता है तो उसके मामले को खारिज भी किया जा सकता है। एक अन्य इमिग्रेशन वकील टेसा कैबरेरा ने बताया कि 2002 में रह रहे उनके एक मैक्सिकन क्लाइंट को साक्षात्कार के दौरान ही अरेस्ट कर लिया गया। उनकी एक अमेरिकी बेटी भी है। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू के बाद दो आईसीई के अधिकारी उनके पास पहुंचे और हथकड़ी लगा दी। इसके बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर में बंद कर दिया गया। आईसीई ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से उनके खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया गया था। वकील ने कहा कि जिन भी लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से किसी की भी कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है। उनके खिलाफ केवल एक ही बात थी कि वे वीजा खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रह रहे थे। ज्यादातर लोगों ने अमेरिकी नागरिक से शादी कर ली है। ऐसे में ग्रीन कार्ड के लिए इंटरव्यू देना एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आईसीई के प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग वीजा नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं उनके खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि अमेरिका को सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी की जा रही है और उन्हें कानून के मुताबिक ही देश से बाहर भेजा जाएगा।  

ईरान की सेना पर ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला: घोषित किया आतंकवादी संगठन

कैनबरा दुनिया भर में आतंकवाद के बढ़ते खतरे से लगभग हर देश चिंतित है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया ने मुस्लिम बहुल देश ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।  ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को यहूदी समुदाय पर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आधिकारिक तौर पर आतंकवाद के राज्य प्रायोजक (State Sponsor of Terrorism) के रूप में सूचीबद्ध कर दिया। यह फैसला ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एवं खुफिया संगठन (ASIO) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें पाया गया कि IRGC ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी नागरिकों को निशाना बनाकर दो बड़े हमलों की साजिश रची थी। अल्बानीज सरकार ने इन हमलों को 'कायरतापूर्ण प्रयास' करार देते हुए कहा कि ये हमले ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में फूट डालने की कोशिश थे। यह कदम हाल ही में संसद द्वारा पारित आपराधिक संहिता संशोधन (आतंकवाद के राज्य प्रायोजक) अधिनियम 2025 के तहत उठाया गया पहला कदम है। बता दें कि IRGC इस नए कानून के तहत सूचीबद्ध होने वाला पहला संगठन बन गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय खुफिया, सुरक्षा और नीतिगत एजेंसियों के गोपनीय आकलन पर आधारित है। नए कानून के तहत अब ऑस्ट्रेलिया में किसी भी 'आतंकवाद के राज्य प्रायोजक' संगठन की निम्नलिखित गतिविधियां आपराधिक अपराध होंगी। गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि यह सूचीबद्धता ईरानी शासन की घृणित कार्रवाइयों का सीधा जवाब है। इससे पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चरमपंथी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए और व्यापक अधिकार मिलेंगे। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर IRGC की भूमिका किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा की गई अभूतपूर्व और खतरनाक आक्रामकता है। हमारे देश में इसके लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इसे ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई बताया। वहीं, अटॉर्नी जनरल मिशेल रॉलैंड ने कहा कि हमने तेजी से कदम उठाकर यह सुनिश्चित किया है कि हमारे आतंकवाद-रोधी कानून पूरी तरह प्रभावी रहें।

रूस-भारत रिश्तों में नई मजबूती: राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को करेंगे भारत यात्रा

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आएंगे। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पुतिन भारत की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। दोनों नेता व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान रूस-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में यह बताया गया।   यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के बाद से रूस से रियायती कीमतों पर तेल खरीदने के कारण भारत और पश्चिमी देशों के संबंधों में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारत से आने वाले अधिकांश सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस के युद्ध प्रयासों को फंडिंग दे रहा है। रूसी सरकारी टीवी पर क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से अहम जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी भारत यात्रा बहुत भव्य और सार्थक होगी। पुतिन की यात्रा को लेकर मॉस्को ने क्या कहा यूरी उशाकोव ने कहा, ‘हम और भारतीय पक्ष इस यात्रा की सक्रियता से तैयारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह हर लिहाज से सार्थक होगी। यह एक बेहद भव्य यात्रा होगी क्योंकि इसे राजकीय यात्रा भी कहा जा रहा है। यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का मौका प्रदान करती है कि वे द्विपक्षीय मामलों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए प्रतिवर्ष मिलेंगे।’ पिछले सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि पुतिन की नई दिल्ली यात्रा तीन सप्ताह में होगी।