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48 घंटे का विराम! पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर थमी गोलियां, क्या अब शांति लौटेगी?

नई दिल्ली पिछले कई दिनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चालू संघर्ष अब समाप्त हो गया है। दोनों देश 48 घंटों के लिए सीजफायर करने के लिए राजी हो गए हैं। दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है। इन झड़पों के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया था। झड़पें पाकिस्तान के चमन जिले और अफगनिस्तान से स्पिन बोल्डक जिले के बीच हुईं। अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसके ऑपरेशन में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसने 200 से अधिक अफगान सैनिकों को मार गिराया है और उसके 23 सैनिक मारे गए हैं।   अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर आरोप अफगान तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान ने बुधवार सुबह कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक जिले में हमला किया, जिसमें 12 नागरिक मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पाकिस्तानी बलों ने हल्के और भारी हथियारों से हमला किया, जिसके बाद अफगान सेना को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।" मुजाहिद ने दावा किया कि अफगान बलों ने कई 'पाकिस्तानी सैनिकों' को मार गिराया, उनकी चौकियां और टैंक कब्जें में ले लिए। साथ ही, तालिबान ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें कथित तौर पर मारे गए पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के शव दिखाए गए।  

डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिक्स टेंशन: टैरिफ पीछे की सच्चाई जानकर दंग रह जाएंगे!

वॉशिंगटन  भारत, रूस, चीन और ब्राजील जैसी दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं का मंच ब्रिक्स हमेशा से अमेरिका के लिए टेंशन की वजह रहा है। इससे डोनाल्ड ट्रंप अब भी उबर नहीं पाए हैं और उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की है। उनका कहना है कि ब्रिक्स ब्लॉक डॉलर पर सीधा हमला है। इसीलिए उन्होंने ब्रिक्स देशों के खिलाफ टैरिफ ऐक्शन लिया है। वाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अब ऐक्शन के बाद से ब्रिक्स के मेंबर देश ग्रुप ही छोड़कर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश एक नई व्यवस्था लाना चाहते थे ताकि अमेरिकी डॉलर को रिप्लेस किया जा सके। ट्रंप ने कहा, 'मैं साफ कहा कि जो भी ब्रिक्स जॉइन करना चाहता है कर ले, लेकिन हम उन पर टैरिफ लगाते रहेंगे। इसके डर से सारे निकल गए। अब वे लोग ब्रिक्स से बाहर निकल रहे हैं।' डोनाल्ड ट्रंप ने जब यह टिप्पणी की, उस दौरान अर्जेंटीना के प्राइम मिनिस्टर जैवियर मिलेई भी बैठे थे। उन्होंने कहा कि हम डॉलर के प्रति समर्पित हैं। जो भी डॉलर में डील करेगा, उसे वे फायदे मिलेंगे, जो दूसरे लोगों के पास नहीं होंगे। ब्रिक्स तो डॉलर पर सीधा हमला था। मैंने साफ किया कि यदि आप गेम खेलेंगे तो मैं टैरिफ लगाऊंगा। उन सभी उत्पादों पर यह लगेगा, जो अमेरिका आते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हम इससे निकल रहे हैं। अब वे ब्रिक्स के बारे में बात भी नहीं करते।' दरअसल यह चर्चाएं रही हैं कि ब्रिक्स देशों की ओर से डॉलर का एक विकल्प तैयार करने की कोशिशें हो रही हैं। इसी संदर्भ में डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान था और उनका कहना था कि ऐसी कोई भी कोशिश सीधे तौर पर डॉलर पर अटैक है। ऐसा करना अमेरिका की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है, जो हम नहीं होने देंगे। ब्रिक्स में भारत, रूस, ब्राजील, चीन और साउथ अफ्रीका रहे हैं। इन 5 देशों की ही इसमें सहभागिता रही है, लेकिन अब इसका विस्तार हुआ है। बीते कुछ सालों में मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी इसका हिस्सा बने हैं। डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल विदेश नीति में टैरिफ का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने चीन, भारत समेत दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ लादे हैं। यही नहीं उनकी धमकी है कि यदि कोई ब्रिक्स का हिस्सा बनता है तो उस पर 10 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। बता दें कि भारत ने स्पष्ट किया है कि डॉलर को कमजोर करने की कोई रणनीति नहीं है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कहना है कि हमें डॉलर से कोई परेशानी नहीं है और हम उसके साथ हैं। ऐसी चर्चाएं बेबुनियाद हैं और ऐसा कोई प्रयास भी नहीं हुआ है।  

US का बड़ा कदम: क्यों चीन की एयरलाइंस पर लग सकता है उड़ान बैन?

वाशिंगटन  चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद जारी है। टैरिफ युद्ध के बीच एक नया मुद्दा सामने आ गया है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक प्रस्ताव रखा, जिसमें चीन की एयरलाइंस कंपनियों को रूस के ऊपर से होकर अमेरिका आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई। इस पर चीन की प्रमुख सरकारी एयरलाइंस ने कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका का कहना है कि ऐसी उड़ानें चीनी एयरलाइंस को अमेरिकी कंपनियों से अधिक लाभ देती हैं, क्योंकि अमेरिकी फ्लाइट्स रूसी एयरस्पेस का उपयोग नहीं कर सकतीं। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि रूस के हवाई क्षेत्र से गुजरने पर चीनी विमानों को समय के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होती हैं। बता दें कि 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के जवाब में मॉस्को ने अमेरिकी और अधिकांश यूरोपीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। लेकिन चीनी एयरलाइंस पर कोई ऐसी पाबंदी नहीं लगी। दूसरी ओर एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न और चाइना सदर्न समेत छह प्रमुख चीनी एयरलाइंस ने पिछले हफ्ते इस अमेरिकी प्रस्ताव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। चाइना ईस्टर्न ने इस सप्ताह अमेरिकी परिवहन विभाग को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि यह प्रस्ताव सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंचाएगा और अमेरिका-चीन के यात्रियों को परेशानी देगा। इससे यात्रा समय बढ़ेगा, जिससे खर्च और टिकट की कीमतें महंगी होंगी, जो सभी यात्रियों पर बोझ बनेगा। चाइना सदर्न ने चेतावनी दी कि रूसी एयरस्पेस पर रोक से हजारों यात्री प्रभावित होंगे। एयर चाइना का अनुमान है कि अगर यह प्रतिबंध थैंक्सगिविंग और क्रिसमस के दौरान लागू हुआ तो कम से कम 4400 यात्री प्रभावित होंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भी इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह कदम वैश्विक यात्रियों के लिए 'सजा' जैसा साबित होगा।  

आज से लागू! CJI गवई ने ग्रीन पटाखों पर रिपोर्ट के साथ दो महत्वपूर्ण काम दिए

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार के संयुक्त अनुरोध को स्वीकार करते दिल्ली और NCR में ग्रीन पटाखे फोड़ने की इजाजत दे दी है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस इजाजत के साथ ही कुछ शर्तें भी रखी है। पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि हरित पटाखों का उपयोग दिवाली और उससे एक दिन पहले कुछ घंटों तक ही किया जा सकेगा। कोर्ट ने 18 से 21 अक्टूबर तक हरित पटाखों की बिक्री की अनुमति दी है। दिवाली से पहले यह अहम छूट देते हुए CJI गवई ने कहा, ‘‘हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा, पर्यावरण के साथ समझौता न करते हुए इसे संयमित करना होगा।’’ जस्टिस गवई ने आदेश पढ़ते हुए कहा, ‘‘18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक हरित पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी। पुलिस प्राधिकरण इस बात पर नजर रखने के लिए गश्ती टीमों का गठन करेगा कि केवल क्यूआर कोड वाले पटाखे ही बेचे जाएं। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के लिए उल्लंघन नोटिस संलग्न किया जाएगा। पटाखों का उपयोग दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन सुबह छह बजे से सुबह सात बजे तक और रात आठ बजे से रात 10 बजे तक सीमित रहेगा।’’ पटाखा तस्करी से पर्यावरण को हुआ बड़ा नुकसान पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स मंचों के माध्यम से पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही पीठ ने कहा कि अतीत में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के कारण उच्च उत्सर्जन वाले पटाखों की तस्करी हुई और इससे पर्यावरण को और भी अधिक नुकसान हुआ। इसके साथ ही पीठ ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और एनसीआर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) को दिवाली के दौरान प्रदूषण स्तर की निगरानी करने और उसके समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। 18 अक्टूबर से NCR में AQI की निगरानी CJI गवई ने आदेश में कहा कि CPCB और राज्य PCB 18 अक्टूबर से NCR में AQI की निगरानी करेंगे और इस अदालत को रिपोर्ट दाखिल करेंगे। कोर्ट ने कहा कि वायु गुणवत्ता के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए उसका नमूना भी लिया जाएगा। CJI गवई ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को इस काम पर आज से ही लगा दिया और कहा कि 14 तारीख के आंकड़ों के साथ ही इस पर काम शुरू कर दीजिए और दिवाली तक के डेटा अदालत में पेश कीजिए। हालांकि राज्यों को 18 अक्टूबर से AQI की निगरानी और उसकी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

भारी संकट! भारत-अमेरिका परमाणु डील के सलाहकार पर गिरफ्तारी, अमेरिकी अटॉर्नी ने जताया गंभीर चिंता

वाशिंगटन  प्रमुख भारत-अमेरिकी सामरिक विशेषज्ञ एशले जे. टेलिस को राष्ट्रीय रक्षा जानकारी को अवैध रूप से रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। टेलिस वर्तमान में ‘कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ में वरिष्ठ फेलो हैं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और एशियाई सामरिक मुद्दों में विशेषज्ञता रखते हैं। वर्जीनिया के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि 64 वर्षीय टेलिस को वियना, वर्जीनिया में गिरफ्तार किया गया। अमेरिकी अटॉर्नी लिंडसे हॉलिगन ने कहा कि आरोप नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। यदि टेलिस दोषी ठहरते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल, ढाई लाख अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना, 100 डॉलर का विशेष मूल्यांकन और जब्ती का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी सजा का निर्धारण संघीय जिला न्यायाधीश द्वारा अमेरिका के सजा दिशानिर्देशों और अन्य वैधानिक कारकों के आधार पर किया जाएगा। जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन के दौरान ऐतिहासिक भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते में अहम भूमिका निभाई, जिसने 2000 के दशक में द्विपक्षीय संबंधों को बदल दिया।  

हाईवे पर जाम की मार: मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर 500 छात्र फंसे 12 घंटे तक

मुंबई महाराष्ट्र के पालघर में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को भीषण जाम लगा रहा। इस जाम के चलते करीब 500 स्कूली छात्र-छात्राएं करीब 12 घंटे तक जाम में फंसे रहे। बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न स्कूलों की 12 बसें, जिनमें कक्षा पांच से लेकर दसवीं तक के छात्र सवार थे, करीब 12 घंटे तक जाम में फंसी रहीं। इससे बच्चे बिना भोजन-पानी के घंटों तक परेशान रहे। मंगलवार शाम लगा जाम बुधवार सुबह तक भी नहीं खुल पाया वसई के करीब मंगलवार शाम करीब 5.30 बजे मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी भीड़ के चलते जाम लग गया। हालात इस कदर खराब हो गए कि जाम में फंसे कई छात्र बुधवार सुबह करीब छह बजे अपने-अपने घर पहुंच पाए। इससे न सिर्फ छात्र बल्कि उनके परिजन भी खासे परेशान रहे। पुलिस ने बताया कि ठाणे और मुंबई के कई स्कूलों के छात्र मंगलवार को विरार के नजदीक पिकनिक मनाने गए थे। पिकनिक से लौटते हुए उनकी बसें जाम में फंस गईं। रात का समय होने के चलते छात्र कई घंटे तक बिना खाना-पानी के रहे। बच्चों को हुई भारी परेशानी स्थिति ये रही कि कई बच्चे रोने लगे। जाम में फंसे बच्चों के बारे में सूचना पाकर कुछ सामाजिक संगठनों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को पानी और बिस्किट आदि दिए। साथ ही स्थानीय लोगों की मदद से गलियों आदि से निकालकर कुछ बसों को निकाला गया। पुलिस ने बताया कि अभी भी जाम पूरी तरह से नहीं खुला है। बच्चों के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की और मांग की कि भविष्य में इस तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

नक्सलियों की बड़ी हार: गढ़चिरौली में 60 सदस्यीय दल ने किया सरेंडर, कमांडर सोनू भी शामिल

गढ़चिरौली देश में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। इस बीच महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पहली बार सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण हुआ है। वरिष्ठ नक्सली नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति ने अपने 60 अन्य नक्सली साथियों के साथ महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने हथियार डाले हैं।  बुधवार (15 अक्तूबर) गढ़चिरौली शहीद पांडु आलम हॉल, पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण समारोह आयोजित किया। जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी नक्सलियों का मुख्यधारा में लौटने के लिए स्वागत किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक नक्सली कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने शर्त रखी कि वह मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आत्मसमर्पण करेंगे। जिसके बाद गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में सीएम फडणवीस की मौजूदगी में नक्सली लीडर और भाकपा-माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लौजुला वेणुगोपाल राव ने हथियार डाले। एक अधिकारी ने बताया कि भूपति पर 6 करोड़ रुपए का इनाम था। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने अपने 54 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिनमें सात एके-47 और नौ इंसास राइफलें शामिल हैं। गढ़चिरौली पुलिस को 1 करोड़ रुपए के इनाम देने की घोषणा कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "आज नक्सल कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने 60 नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। भूपति नक्सलियों की भर्ती, रणनीति और हमले का काम करते थे। पिछले एक महीने से हमारी पुलिस उससे मुख्यधारा में लौटने के लिए बात कर रही थी। उसे यह भी बताया गया था कि हमारे नक्सल विरोधी अभियान नहीं रुकेंगे और उसे आत्मसमर्पण करने का विकल्प दिया गया था। आज महाराष्ट्र में नक्सलवाद की कमर टूट गई है। इसके बाद छत्तीसगढ़ के नक्सली आत्मसमर्पण करने की कोशिश करेंगे। इस उपलब्धि पर हमने गढ़चिरौली पुलिस को 1 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।" उन्होंने आगे कहा कि हम सभी, चाहे वह महाराष्ट्र हो, छत्तीसगढ़ हो या तेलंगाना नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं। हम एक-दूसरे के साथ समन्वय में काम करते हैं।" टॉप कमांडर के सरेंडर से टूटी नक्सलियों की कमर नक्सली टॉप कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति पर करोड़ों का ईनाम घोषित था। जिनको माओवादी संगठन के सबसे प्रभावशाली रणनीतिकारों में से एक माना जाता था और वह लंबे समय से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर प्लाटून अभियानों की निगरानी करते थे। उनके सरेंडर के बाद अबूझमाड़ में नक्सलियों की कमर टूट गई है। बता दें कि सोमवार देर रात (13 अक्तूबर) भाकपा-माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लौजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। जो कि यह भाकपा-माओवादी के लिए एक बड़ा झटका था। आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का एक सदस्य और एक संभागीय समिति के 10 सदस्य शामिल थे।

वाई पूरण कुमार के निधन के बाद पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार में सुरक्षा बढ़ाई गई

चंडीगढ़ हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम किया गया। एसएसपी चंडीगढ़ कंवरदीप कौर वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार को सेक्टर 24 स्थित आवास से पीजीआई लेकर पहुंचीं। इस दौरान अमनीत पी कुमार की तरफ से कहा गया कि यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन और हरियाणा सरकार द्वारा आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी है।   बता दें कि समय पर पोस्टमार्टम के साक्ष्यगत महत्व और न्याय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, गठित डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा, एक बैलिस्टिक विशेषज्ञ की उपस्थिति में, एक मजिस्ट्रेट की देखरेख में, और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के साथ कराने पर सहमति व्यक्त की। अमनीत पी कुमार ने कहा कि मुझे न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, और मुझे पूरी उम्मीद है कि जांच पेशेवर, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से की जाएगी, ताकि कानून के अनुसार सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच दल को मेरा पूरा सहयोग मिलता रहेगा ताकि प्रक्रिया में तेजी आए और जल्द से जल्द न्याय मिले। जांच जारी रहने के मद्देनजर, इस समय कोई और सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया जाएगा और मैं मीडिया से अनुरोध करती हूं कि वे मामले की संवेदनशीलता का सम्मान करें। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे अंतिम संस्कार का समय तय किया गया है। इसके लिए सेक्टर 25 शमशान घाट में भी पुलिस सुरक्षा लगा दी गई है। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले की जांच के लिए 10 अक्टूबर को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन कमेटी (एसआईटी) का गठन किया गया था। चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम गठित की गई थी।  

संघर्ष के बीच गाज़ा में 8 नागरिकों की हत्या, हमास पर गंभीर आरोप

गाजा गाजा शांति प्रस्ताव मिस्र की धरती पर पारित हो गया है। इसमें अमेरिका, तुर्की और मिस्र और कतर शामिल थे। इसके अलावा अन्य कई देशों ने सहमति जताई और इजरायल भी राजी है। सीजफायर का ऐलान हो चुका है और हमास ने हथियार छोड़न पर सहमति जताई है। फिर भी जमीन पर ऐसा होता नहीं दिख रहा है। हमास का एक नया वीडियो सामने आया है, जो सोमवार की शाम का बताया जा रहा है। इसमें दिखता है कि हमास के हथियारबंद कमांडर 8 लोगों को घुटनों पर बिठाकर गोली मार देते हैं। इन लोगों के हाथ बंधे होते हैं और उनकी आंखों पर भी पट्टी बांध दी जाती है। इसके बाद उन्हें घुटनों पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता है। फिर उनके सिरों में गोलियां मार दी जाती हैं। गोलियों की इन तड़तड़ाहट के बीच भीड़ की ओर से अल्लाह हू अकबर के नारे लगते सुने जा रहे हैं। इस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे शेयर करना भी मुश्किल है। कहा जा रहा है कि इन लोगों पर हमास के लड़ाकों ने आरोप लगाया कि वे हमास से मिले हुए हैं। यह कार्रवाई हमास ने गाजा पर अपना कब्जा मजबूत करने के लिए की है। यदि ऐसा है तो यह शर्त का खुला उल्लंघन है और इजरायल के लिए भी चुनौती बढ़ाने वाला है। इजरायल ने पहले कहा था कि सीजफायर की यह शर्त होगी कि हमास हथियार छोड़ दे या फिर गाजा से निकल जाए। फिलहाल वह दोनों में से किसी भी स्थिति पर काम करता नहीं दिख रहा है। वायरल फुटेज में दिखता है कि मारे गए लोगों को सड़क पर घुटनों के बल बिठाया जाता है। इसके बाद उनकी जमकर पिटाई की जाती है और फिर सभी के सिर पर गोलियां मारकर कत्ल कर दिया जाता है। यह बेहद ही खूंखार तरीका इस्लामिक स्टेट से मिलता जुलता है। वह भी इसी तरह से कत्ल को अंजाम दिया करता था। वीडियो में दिखता है कि हमास के कमांडरों ने हरे रंग का स्कार्फ पहना हुआ है, जो हमास से जुड़ा हुआ है। इस दौरान भीड़ अल्लाह हू अकबर के नारे लगाती रहती है। हमास ने एक बयान में कहा है कि मारे गए लोग अपराधी थे और इजरायल के साथ मिले थे। हालांकि इसके बारे में उनकी ओर से कोई सबूत नहीं दिया गया है।  

सीमा पर जंग के हालात! पाक-अफगान सेनाओं के बीच जमकर हुई फायरिंग

अफगानिस्तान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सैनिकों के बीच मंगलवार को सुदूर उत्तर-पश्चिमी सीमा क्षेत्र में झड़पें हुईं। पाकिस्तान की सरकारी मीडिया ने अपनी खबर में अफगानिस्तान के सैनिकों पर ‘‘बिना उकसावे के गोलीबारी'' करने का आरोप लगाया और कहा कि गोलीबारी के बाद जवाबी कार्रवाई की गई। ‘पाकिस्तान टीवी' में प्रसारित खबर और दो सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की जिससे अफगान टैंकों और सैन्य चौकियों को नुकसान पहुंचा। अफगनिस्तान के खोस्त प्रांत के पुलिस उप प्रवक्ता ताहिर अहरार ने झड़पों की पुष्टि की लेकिन कोई और जानकारी नहीं दी। इस सप्ताह दोनों ओर से गोलीबारी की यह दूसरी घटना है। पाकिस्तान की सरकारी मीडिया के अनुसार अफगानिस्तान की सेना और पाकिस्तानी तालिबान ने संयुक्त रूप से ‘‘बिना उकसावे के'' एक पाकिस्तानी चौकी पर गोलीबारी की जिसके बाद खैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के कुर्रम ज़िले में पाकिस्तानी सैनिकों ने करार जवाब दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तानी तालिबान के एक विशाल प्रशिक्षण केंद्र को भी नष्ट कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने फिलहाल इस घटना पर टिप्पणी नहीं की है। शनिवार को दोनों पक्षों के बीच कई सीमावर्ती क्षेत्रों में गोलीबारी हुई थी जिससे दोनों पक्षों के दर्जनों लोग हताहत हुए थे। इसके बाद से ही सेना अलर्ट पर है। हालांकि सऊदी अरब और कतर की अपील के बाद रविवार को झड़पें रुक गईं थीं लेकिन पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच सभी सीमाएं बंद हैं।