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हिमाचल आपदा रिपोर्ट: बादल फटना और बारिश से 3787 करोड़ का नुकसान, तापमान 1.5°C बढ़ा

शिमला हिमाचल प्रदेश मे भारी बारिश के चलते इस बार भी भीषण तबाही हुई है और इस तबाही की गवाही आंकड़े दे रहे हैं. तबाही के लिए अलग-अलग कारण गिनवाए जा रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण मानवीय चूक माना जा रहा है. जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग का असर साफ तौर पर हिमाचल में देखा जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अब तक के तापमान के अध्ययन से पता चला है कि बीते 100 सालों में हिमाचल प्रदेश में तापमान में औसतन 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ौतरी हुई है. इसी का परिणाम है कि हिमाचल में लगातार प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं में बढ़ौतरी हुई है. साल 2023 की त्रासदी के जख्म अभी तक भरे नहीं हैं और 2025 में लगातार जख्म पर जख्म मिल रहे हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में 20 जून से 5 सितंबर की सुबह 10 बजे तक 355 लोगों की मौत हो चुकी है  और 49 लोग लापता हैं. इसी तरह 416 घायल हुए हैं. आपदा में 5194 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. साथ ही 1945 मवेशियों की मौत और 25 हजार 755 पोल्ट्री वर्ड्स की भी जान गई है. आपदा से अब तक प्रदेश को 3787 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. बीते 2 सालों में हुए नुकसान की बात करें तो आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में आई भीषण आपदा में हिमाचल में 509 लोगों मौत हुई थी और 12 हजार 034 घरों को नुकसान हुआ था, जिनमें  2944 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए थे. 2023 में 528 घायल हुए थे और 38 लोग लापता हो गए थे. हिमाचल को  9 हजार 712 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ था.  वर्ष 2024 में हिमाचल में आई आपदा में 174 लोगों की जान गई थी, 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और 31 लोग लापता हुए थे. प्रदेश में 1613 करोड़ की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. आठ साल में कितनी बार बादल फटे इस वर्ष जुलाई माह से पहले राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में साल 2018 से लेकर जुलाई 2025 बादल फटने की 148 घटनाएं हो चुकी हैं. इसके अचानक बाढ़ आने की 294 और भूस्खलन की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हो चुकी है. इस बार 20 जून से अब तक 45 बार बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. वहीं, 105 बड़े भूस्खलन, 91 फ्लैश फ्लड आए हैं. फ्लैश और लैंडस्लाइड में 161 लोगों की मौत और 154 लोगों की सड़क हादसों में जान गई है. मौसम में आए इस बदलाव को लेकर टीम ने शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में कार्यरत मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा से बात की. प्रदेश में इस वक्त हो रही लगातार बारिश को लेकर संदीप शर्मा ने बताया कि 8 सितंबर तक मॉनसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस वर्ष इतनी ज्यादा बारिश होने का कारण यही है कि मॉनसून पूरा समय सक्रिय रहा है. संदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष जून माह में सामान्य से 34 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जुलाई में सामान्य बारिश हुई है जबकि अगस्त में रिकार्ड 68 प्रतिशत अधिकत बारिश हुई है. बीते 100 सालों में 9वीं बार सबसे अधिक हुई बारिश संदीप सिहं बताते हैं कि 1901 से लेकर अब तक के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अगस्त महीने में हुई बारिश बीते 100 सालों में 9वीं बार सबसे अधिक हुई बारिशों में से एक है. इससे पहले 1948 में अगस्त में हिमाचल में 456.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी औऱ इस वर्ष 431 मिलीमीटर बारिश हुई है. संदीप शर्मा ने बताया कि तापमान में अप्रत्याशित बढ़ौतरी हुई है, पिछले 100 सालों में हिमाचल में तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ौतरी हुई है. उन्होंने कहा कि जलवायु में लगातार हो रहे परिवर्तन के लिए बहुत से कारण जिम्मेदार हैं, अब पर्यावरण और पारिस्थितिकी को ध्यान में रख कर हर कार्य करने की जरूरत है.

क्या सोनिया गांधी बिना भारतीय नागरिक बने वोटर बनीं? कोर्ट में उठा विवाद

नईदिल्ली   दिल्ली की एक अदालत में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही खुद को मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था, जो कानूनन अपराध है। याचिकाकर्ता की मांग है कि इस मामले में सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। शिकायत एक वकील की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम वर्ष 1980 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता वर्ष 1983 में प्राप्त की थी। यानी उनके भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो चुका था।  वकील का कहना है कि 1982 में उनका नाम सूची से हटा दिया गया था, लेकिन 1983 में नागरिकता प्राप्त करने के बाद फिर से उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया। वकील के अनुसार 1980 में भारत की नागरिक न होने के बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में शामिल होना साफ तौर पर कानून का उल्लंघन है और यह एक प्रकार की जालसाजी मानी जानी चाहिए। वकील ने क्या मांग की? वकील ने कोर्ट से आग्रह करते हुए कहा कि यदि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाया था तो यह तभी संभव हो सकता है जब उन्होंने नकली या फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया हो। वकील का तर्क है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि सोनिया गांधी ने जानबूझकर गलत जानकारी दी या फिर जालसाजी करते हुए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए, जो कि भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर वकील ने अदालत से मांग की कि वह दिल्ली पुलिस को निर्देश दे कि सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। कोर्ट की प्रतिक्रिया क्या रही? यह मामला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने गुरुवार को इस याचिका पर कुछ समय तक सुनवाई की। फिलहाल अदालत ने न तो सोनिया गांधी को और न ही दिल्ली पुलिस को कोई नोटिस जारी किया है, लेकिन मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 सितंबर 2025 तय की गई है। इसी दिन यह तय होगा कि कोर्ट इस याचिका पर क्या अगला कदम उठाता है और क्या एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाएंगे। सोनिया गांधी की नागरिकता का इतिहास सोनिया गांधी का जन्म इटली में हुआ था और उन्होंने वर्ष 1968 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से विवाह किया था। विवाह के बाद वह लंबे समय तक भारत में रहीं, लेकिन भारतीय नागरिकता उन्होंने अप्रैल 1983 में प्राप्त की। भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। ऐसे में नागरिकता प्राप्त करने से पहले वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होना कानूनन उचित नहीं माना जा सकता।

शनिवार से शुरू होगी बदरीनाथ यात्रा, हाईवे पर यातायात रहेगा सामान्य

गोपेश्वर पांच दिनों से हेमकुंड व बदरीनाथ धाम की यात्रा पर मानसून के चलते लगाई गई रोक हटा दी गई है। कल,आज से विधिवत्त हेमकुंड व श्री बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरु हो जाएगी। हालांकि प्रशासन ने चमोली के पडावों में मौजूद यात्रियों को शुक्रवार को बदरीनाथ धाम भेजा है। सुबह से चमोली जिले में मौसम साफ होने के साथ धूप खिली हुई थी। बदरीनाथ हाईवे भी सुचारु था। यात्रा पडाव ज्योतिर्मठ,चमोली ,पीपलकोटी सहित आस पास के क्षेत्र में लगभग 500 से अधिक यात्रियों को बदरीनाथ भेजा गया,हालांकि उनको वर्षा के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की हिदायदी दी गई लेकिन दिनभर मौसम साफ होने के चलते यात्रियों ने राहत की सांस ली है। हेमकुंड साहिब में स्थानीय लोगों को छोड यात्री नहीं गए हैं। बताया गया कि क्षेत्र के स्थानीय लोग हेमकुंड यात्रा पर गए जिन्होंने हेमकुंड ,लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के दर्शन किए। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने कहा कि हेमकुंड यात्रा पर यात्रियों को नहीं भेजा गया है। कहा कि स्थानीय लोग हेमकुंड यात्रा पर गए हैं। पांच दिनाें से बंद यात्रा कल,आज से सुचारु कर दी गई है।  

सदी पुरानी लाइसेंसी बंदूक की दुकान में गिरफ्तार तीन आरोपी, अवैध हथियारों का हुआ खुलासा

कोलकाता बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार को सौ साल पुरानी लाइसेंसी बंदूक की दुकान एनसी डाव एंड कंपनी के तीन मालिकों को अवैध हथियारों की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक,  उत्तर 24 परगना जिले के रहारा के रीजेंट पार्क इलाके की एक बहुमंजिला इमारत से 4 अगस्त को 15 आग्नेयास्त्रों, 1,000 कारतूस और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। इसके बाद अबीर डाव, सुबीर डाव और सुब्रत डाव और इमारत में रहने वाला मधुसूदन मुखर्जी उर्फ लिटन  को गिरफ्तार किया गया है। खरदाह इलाके में हथियारों की कथित जब्ती के बाद पुलिस मुंगेर के एक हथियार विक्रेता तक पहुंची। विक्रेता ने पूछताछ में मुखर्जी का नाम लिया था। इससे पहले फरवरी में  दक्षिण 24 परगना में मिले गोला-बारूद बरामदगी के एक मामले में दुकान के दो कर्मचारियों- जयंत दत्ता और शांतनु सरकार को गिरफ्तार किया गया था। कोलकाता पुलिस मुख्‍यालय से  100 मीटर के दायरे में स्थित दुकान की फरवरी में तलाशी ली गई थी और सील कर दिया गया था। बैरकपुर कमिश्नरेट के खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस ने मधुसूदन मुखर्जी उर्फ लिटन के आवास पर छापा मारा था। शुरुआती जांच से पता चला कि मुखर्जी ने पुरुलिया से कुछ हथियार मंगवाए थे और उनको बेचने के इरादे से हथियार और कारतूस जमा कर रहा था। लाइसेंसी बंदूक की दुकान में बेचे जा रहे थे अवैध हथियार इस बरामदगी के बाद एसटीएफ ने मामले को अपने हाथ में ले लिया। टास्क फोर्स को पता चला कि उक्त लाइसेंसी बंदूक की दुकान अवैध हथियारों के व्यापार में पूरी तरह से शामिल है। एक एसटीएफ अधिकारी ने कहा कि दुकान के स्‍टॉक रजिस्टरों की जांच हथियारों और गोला-बारूद की खरीद और बिक्री में कई गंभीर विसंगतियां मिली। चार आरोपियों को फरवरी में किया था गिरफ्तार फरवरी के मामले में दक्षिण 24 परगना जिले के जिवनतल्ला में रहने वाले एक व्यापारी हाजी राशिद मोल्ला के घर पर छापा मारा गया। टीम को वहां से  भारतीय आयुध कारखाने द्वारा निर्मित 7.65 मिमी पिस्तौल के 190 राउंड कारतूस, एक 12 बोर की बंदूक और हथियार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नौ खोखे बरामद किए गए। दत्ता और सरकार के अलावा मोल्ला और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया था।

आपदा पीड़ितों के साथ संवेदनशील राष्ट्रपति, लोगों से सहयोग और एकजुटता की अपील

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को मानसून के दौरान देश में हुई प्राकृतिक आपदाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए लोगों से एकजुटता का आह्वान किया। साथ ही इस संकट की घड़ी में राहत बचाव कार्यों में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की सराहना की।   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाओं ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम सहित देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इन आपदाओं के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।" उन्होंने पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ने लिखा, "इस साल मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की खबरों ने मुझे बहुत दुखी किया। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और मैदानी इलाकों में बाढ़ ने भारी विनाश किया है।" उन्होंने राष्ट्र की ओर से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाई और इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। उन्होंने लिखा, "राष्ट्र प्रभावित लोगों के दुख में शामिल है और इस संकट की घड़ी में उनके साथ है।" राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में लगे लोगों के समर्पण और जज्बे की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी के प्रयासों को सलाम करती हूं जो इस मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।" साथ ही उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने का आह्वान किया। बता दें कि हाल के दिनों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बादल फटने की घटनाएं और मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। केंद्र और राज्य सरकारें राहत कार्यों में जुटी हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जैसी टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।

टैक्स विवाद के चलते ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने छोड़ा पद

ब्रिटेन  ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने संपत्ति कर यानी टैक्स से जुड़ी गलती स्वीकार करने के बाद शुक्रवार को अपना इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की लेबर सरकार के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। रेनर ने कहा कि उन्होंने एक स्वतंत्र जाँच की रिपोर्ट मिलने के बाद इस्तीफा देने का फैसला किया है। इस रिपोर्ट में यह पाया गया कि उन्होंने कानूनी सलाह की पूरी सावधानी नहीं बरती और मंत्रिस्तरीय संहिता का उल्लंघन किया। क्या है मामला एंजेला रेनर पर यह आरोप था कि उन्होंने संपत्ति कर का भुगतान सही तरीके से नहीं किया। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कई बार सफाई दी थी, लेकिन स्वतंत्र जांच में उनके खिलाफ पाया गया कि उन्होंने प्राप्त कानूनी सलाह को ठीक से नहीं समझा और उसका पालन नहीं किया। इस कारण वे मंत्रिस्तरीय संहिता के नियमों के उल्लंघन में शामिल मानी गईं। लेबर सरकार के लिए बड़ा झटका रेनर का इस्तीफा ब्रिटेन की लेबर सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। वे सरकार की दूसरी सबसे बड़ी नेता थीं और उनके इस्तीफे से सरकार की छवि पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है और कहा है कि वे स्थिति को संभालने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। 

अमेरिकी टैरिफ के बीच भारत का अचूक खेल, दुनिया ने देखा चौंकाने वाला मोड़

नई दिल्ली  भारत ने अमेरिकी टैरिफ की परवाह किए बिना ऐसा गेम खेला कि पूरी दुनिया देखती रह गई। रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदकर भारत ने न सिर्फ अमेरिका के 25% अतिरिक्त टैक्स को ठेंगा दिखाया, बल्कि उस तेल को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार में जमकर बेचा और भारी मुनाफा भी कमाया। अब भारत का डीजल यूरोप तक में धड़ल्ले से बिक रहा है। आंकड़े बताते हैं कि भारत ने अगस्त 2025 में डीजल शिपमेंट के मामले में यूरोप को चौंका दिया है। भारत की तेल नीति से बदला ग्लोबल गेमप्लान रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते जब पश्चिमी देशों ने रूसी तेल और ऊर्जा संसाधनों पर सख्त प्रतिबंध लगाए, तब भारत ने रणनीतिक चतुराई दिखाते हुए रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया। इसे घरेलू रिफाइनरियों में प्रोसेस कर भारत ने वैश्विक बाजार, खासकर यूरोप, में डीजल की आपूर्ति तेज कर दी। एक्सपोर्ट में ऐतिहासिक उछाल आंकड़ों की बात करें तो भारत का डीजल निर्यात अगस्त 2025 में सालाना आधार पर 137% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ प्रतिदिन 2,42,000 बैरल तक पहुंच गया। ग्लोबल रियल टाइम डेटा एंड एनालिटिक्स प्रोवाइडर Kpler के अनुसार, सिर्फ यूरोप को भारत ने अगस्त में 73% अधिक डीजल भेजा, जबकि सालाना आंकड़ा 124% की ग्रोथ दिखाता है। वहीं, Vortexa की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में यूरोप को भारत का डीजल एक्सपोर्ट 228,316 बैरल प्रतिदिन रहा, जो पिछले साल की तुलना में 166% अधिक है और जुलाई 2025 के मुकाबले 36% ज्यादा। रिलायंस जैसी कंपनियों को झटका लग सकता है भले ही फिलहाल भारत की ऊर्जा नीति फायदेमंद नजर आ रही हो, लेकिन 2026 की शुरुआत में यूरोपीय यूनियन के प्रस्तावित प्रतिबंधों के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों को बड़ा धक्का लग सकता है, जो रूस के तेल पर आधारित रिफाइनिंग करती हैं और यूरोप को सप्लाई देती हैं।   क्यों बढ़ा भारत का डीजल निर्यात? इस बूम के पीछे कई कारण हैं:- -यूरोप में शीतकालीन मांग (Winter Demand) की तेजी। -रिफाइनरियों द्वारा की गई अन्यतम मेंटेनेंस। -रूस पर प्रतिबंधों से उत्पन्न आपूर्ति की कमी। -भारत की गंभीर सप्लाई चेन क्षमताएं और लो-कोस्ट रिफाइनिंग। -इन सभी कारकों ने भारत को यूरोपीय ऊर्जा संकट के बीच एक प्रमुख सप्लायर बना दिया है। पश्चिमी आलोचना और भारत का जवाब भारत की इस ऊर्जा रणनीति पर अमेरिका और उसके सहयोगी तीखी आलोचना कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि भारत, रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे प्रोसेस करने के बाद यूरोप को ऊंचे दाम पर बेच रहा है- और ऐसा करके मॉस्को को यूक्रेन युद्ध के लिए अप्रत्यक्ष फंडिंग मिल रही है। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा है: “हम बाजार से खरीदते हैं और उसे वैश्विक बाजार में बेचते हैं। यदि किसी देश को इससे आपत्ति है, तो वे खरीद बंद करने के लिए स्वतंत्र हैं।” क्या डीजल की मांग बनी रहेगी? ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि 2025 के अंत तक डीजल की वैश्विक मांग मजबूत बनी रहेगी। विशेषकर यूरोप जैसे बाजार, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश में हैं, फिलहाल भारतीय सप्लायर्स पर निर्भर रह सकते हैं।  

10 साल का मासूम खेलते-खेलते गिरा, गणेश उत्सव में हुआ दिल का दौरा और निधन

मुंबई  महाराष्ट्र के कोल्हापुर से दिल को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहां एक 10 साल के मासूम की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मासूम ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। घटना कोल्हापुर जिले के कोडोली गांव की है। बुधवार रात को हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के मुताबिक दस वर्षीय श्रवण अजीत गावड़े बुधवार शाम आनंदनगर में एक गणेश पंडाल के शेड में अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। वह हमेशा की तरह हंस-खेल रहा था और बिल्कुल स्वस्थ था। कुछ मिनट बाद ही उसकी तबियत अचानक खराब होने लगी। इसके बाद वह खेलना छोड़कर घर की तरफ जाने लगा। घर पहुंचते ही वह अपनी मां की गोद में लेट गया। वह मां से कुछ कहने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तभी उसे हार्ट अटैक आया और उसने आंखें मूंद लीं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक श्रवण की मां का रोना सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे, जिसके बाद बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मृत्यु अचानक दिल का दौरा पड़ने से हुई। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक चार साल पहले ही परिवार ने अपनी छोटी बच्ची को भी खो दिया था। अब श्रवण की मौत के बाद उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों और युवाओं में इस तरह अचानक हार्ट अटैक की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का कारण बनती जा रही है। बीते जुलाई में राजस्थान के सीकर में एक 9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। चौथी कक्षा में पढ़ने वाली प्राची स्कूल में इंटरवल के दौरान अचानक गिर पड़ी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसी तरह एक अन्य घटना में हैदराबाद में एक 25 साल का शख्स बैडमिंटन खेलते हुए अचानक गिर पड़ा। बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ट्रंप के सलाहकार की विवादित टिप्पणी पर भारत का कड़ा जवाब, रिश्तों पर उठे सवाल

नई दिल्ली  भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की हालिया टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने के मामले में नवारों ने आरोप लगाया था कि ब्राह्मण आम भारतीयों की कीमत पर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नवारों की टिप्पणी को गलत और भ्रामक बताया है। साथ ही, यह भी दोहराया है कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान और हितों के आधार पर आगे बढ़ते रहेंगे। पीटर नवारों के बयान पर रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने नवारो के गलत और भ्रामक बयानों को देखा है और हम उन्हें अस्वीकार करते हैं। हमने पहले भी इस बारे में बात की है। अमेरिका और भारत के बीच यह रिश्ता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देश एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं, जो हमारे साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जन-जन संबंधों पर आधारित है। इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है। हम उस ठोस एजेंडे पर केंद्रित हैं जिसके लिए दोनों देश प्रतिबद्ध हैं, और हमें उम्मीद है कि आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर यह रिश्ता आगे बढ़ता रहेगा।'' उन्होंने आगे कहा, ''जैसा कि आपने देखा होगा, मैं आपका ध्यान अलास्का में चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास की ओर आकर्षित करना चाहूंगा। कुछ दिन पहले, 2+2 अंतर-सत्रीय बैठक हुई थी… दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और हम अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" नवारो फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर टिप्पणी कर रहे थे, जब उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण से पहले, भारत का रूसी कच्चे तेल के साथ बहुत कम जुड़ाव था। उन्होंने कहा, "क्या हुआ? रूसी रिफाइनरियां भारत की बड़ी तेल कंपनियों के साथ गठजोड़ कर बैठीं। पुतिन (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को कच्चे तेल पर छूट देते हैं। वे इसे रिफाइन करते हैं और यूरोप, अफ्रीका और एशिया में भारी प्रीमियम पर भेजते हैं और खूब पैसा कमाते हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया, "भारत क्रेमलिन के लिए एक धोबीघर के अलावा कुछ नहीं है। यह यूक्रेनियों को मारता है।" उन्होंने आगे कहा, "मैं बस इतना कहूंगा कि भारतीय लोग, कृपया समझें कि यहाँ क्या हो रहा है। ब्राह्मण भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं। हमें इसे रोकना होगा।"  

वीडियो वायरल: महिला IPS के सामने नंबर मांगते पकड़े गए अजित पवार, देना पड़ा सफाई

मुंबई  महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद इतना बढ़ गया है कि अब उन्हें सफाई देनी पड़ी है। दरअसल बीते दिनों NCP प्रमुख अजित पवार का वीडियो सामने आया जिसमें वह एक महिला IPS ऑफिसर से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्हें अधिकारी से नंबर मांगकर वीडियो कॉल पर बात करने को कहते सुना जा सकता है। घटना तब हुई जब अधिकारी वहां अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई को रोकने गई थीं। पवार ने उन्हें कार्रवाई रोकने के भी निर्देश दिए। विवाद बढ़ने पर अजित पवार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि उनका कानूनी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं था। अजित पवार ने लिखा, “ "सोलापुर में पुलिस अधिकारियों के साथ मेरी बातचीत से संबंधित कुछ वीडियोज की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मेरा इरादा कानून प्रवर्तन में हस्तक्षेप करने का नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि जमीनी स्तर पर स्थिति शांत रहे और आगे न बिगड़े। पवार ने आगे लिखा कि वे महिला अधिकारियों का बेहद सम्मान करते हैं। उन्होंने लिखा, “मैं पुलिस फोर्स और उसके अधिकारियों, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं का बहुत सम्मान करता हूं। मैं कानून के शासन को सबसे ऊपर रखता हूं। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हूं कि रेत खनन सहित हर अवैध गतिविधि से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाए।" वीडियो में क्या? जानकारी के मुताबिक वायरल हुए वीडियो में अजित पवार कथित तौर पर NCP कार्यकर्ता के फोन से करमाला की पुलिस उपाध्यक्ष अंजना कृष्णा से बात करते सुने जा सकते हैं। इस दौरान आईपीएस अधिकारी उनकी आवाज नहीं पहचान पातीं। इसके बाद पवार पुलिस अधिकारी को वीडियो कॉल करते हैं और कथित तौर पर उनसे मिट्टी के अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई रोकने के लिए कहते हैं। वीडियो में पवार यह कहते हुए भी सुने गए, “मैं उप उपमुख्यमंत्री अजित पवार बोल रहा हूं। क्या आप मुझे नहीं पहचानती हैं? अपना नंबर दीजिए, मैं आपको वीडियो कॉल करता हूं। आप मेरी आवाज नहीं पहचानतीं?”