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चलती ट्रेन में वारदात! कुशीनगर एक्सप्रेस के टॉयलेट से बरामद हुई मासूम की लाश

मुंबई मुंबई-कुशीनगर एक्सप्रेस के AC कोच के बाथरूम में कूड़ेदान के अंदर पांच साल की बच्ची का शव मिला है. जब इस बारे में जानकारी हुई तो ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में सूचना रेलवे अफसरों को दी गई. अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जायजा लिया. पुलिस ने ट्रेन के बाथरूम से बच्ची का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. जानकारी के अनुसार, बच्ची का शव LTT कुशी नगर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 22537 के AC कोच B2 के बाथरूम में कूड़ेदान के अंदर मिला है. बच्ची की उम्र करीब पांच साल बताई जा रही है. दरअसल, ट्रेन के AC कोच B2 के बाथरूम में कूड़ेदान रखा था. इसमें बच्ची का शव था. जब लोगों ने देखा तो वे सन्न रह गए. तुरंत इस मामले की जानकारी रेलवे पुलिस व प्रशासन को दी गई. इस मामले की खबर मिलते ही रेलवे के अफसर व पुलिस मौके पर पहुंचे और जायजा लिया. इस बारे में जब ट्रेन में सवार यात्रियों को पता चला तो सनसनी फैल गई. पुलिस ने ट्रेन के बाथरूम से बच्ची का शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा. शुरुआती जांच में पता चला कि बच्ची को पहले कहीं से किडनैप किया गया था. बच्ची का अपहरण उसके ही रिश्तेदार ने किया था. पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है. शुरुआती सुरागों से यह पता चला है कि बच्ची का मौसेरे भाई इस किडनैप में शामिल था. पुलिस ने घटनास्थल पर संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि अपहरण और हत्या के दोनों पहलुओं पर पूरी जांच की जा रही है.

J&K प्रशासन ने संभाला 215 स्कूलों का नियंत्रण, अब जिला मजिस्ट्रेट और डीसी देखेंगे प्रबंधन

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) और उसके सहयोगी फलाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) से कथित रूप से संबद्ध 215 स्कूलों की प्रबंध समितियों को अपने नियंत्रण में लेने का आदेश दिया. सरकारी आदेश संख्या 578-जेके (शिक्षा) 2025 के अनुसार यह निर्णय खुफिया एजेंसियों की प्रतिकूल रिपोर्टों के बाद लिया गया है. इसमें इन संस्थानों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा हुआ बताया गया है. आदेश में कहा गया, 'खुफिया एजेंसियों ने कई स्कूलों की पहचान की है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई)/फलाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) से संबद्ध पाए गए हैं.' इसमें कहा गया, 'ऐसे 215 स्कूलों की प्रबंध समितियों की वैधता समाप्त हो चुकी है या खुफिया एजेंसियों द्वारा उनके बारे में प्रतिकूल रिपोर्ट दी गई है.' प्रशासन ने निर्देश दिया है कि इन स्कूलों का प्रबंधन अब संबंधित जिला मजिस्ट्रेट और उपायुक्तों द्वारा देखा जाएगा. उन्हें उचित सत्यापन के बाद नई समितियों का प्रस्ताव देने का काम सौंपा गया है. आदेश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि इन स्कूलों में नामांकित छात्रों का शैक्षणिक भविष्य बाधित नहीं होना चाहिए. जिलाधिकारियों को स्कूल शिक्षा विभाग के परामर्श से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उपाय करने को कहा गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह कदम जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा नियम 2010 के प्रावधानों के तहत उठाया गया है. इसे 2018 के एसआरओ 292 और 2022 के एसओ 177 के साथ पढ़ा गया है. 215 स्कूलों में से 53 बारामूला में 37 अनंतनाग में 36 कुपवाड़ा में 22 पुलवामा में 20 बडगाम में 16 कुलगाम में 15 शोपियां में छह-छह गंदेरबल और बांदीपुरा में तथा चार श्रीनगर में स्थित हैं. जमात-ए-इस्लामी को 2019 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था. अधिकारियों ने इस समूह पर क्षेत्र में आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया था. एफएटी जम्मू और कश्मीर में स्कूलों का एक नेटवर्क चलाता है भी संगठन के साथ कथित संबंधों के लिए जांच के दायरे में आ गया है. जमात-ए-इस्लामी के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई पूर्व सदस्यों ने अलगाववाद के विचार को त्याग दिया और यहाँ तक कि जम्मू-कश्मीर में 2024 के विधानसभा चुनाव भी लड़े. पूर्व जमात नेताओं ने इस साल अप्रैल में एक नई राजनीतिक पार्टी, जस्टिस एंड डेवलपमेंट फ्रंट (जेडीएफ) भी शुरू की.

अमेरिका की बढ़ी चिंता , भारत-फ्रांस मिलकर करेंगे अत्याधुनिक जेट इंजन का निर्माण

नई दिल्ली अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ और दबाव की रणनीति के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाया है। अब भारत फ्रांस के साथ मिलकर पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी स्टील्थ जेट इंजन विकसित करने जा रहा है। यह इंजन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा और आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की ताकत को नई उड़ान देगा। सरकार के इस फैसले से भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी और भी मजबूत होगी। सूत्रों के मुताबिक, डीआरडीओ इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जल्द ही कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी में है। 100 फीसदी तकनीक ट्रांसफर करेगी फ्रांस की कंपनी फ्रांस की कंपनी साफरान इस समझौते के तहत भारत को 100 फीसदी तकनीक ट्रांसफर करेगी। दोनों देश मिलकर भारत में ही 120 किलोन्यूटन थ्रस्ट क्षमता वाला इंजन तैयार करेंगे। यह इंजन भारत के भविष्य के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर एयरक्राफ्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। डीआरडीओ पहले ही साफरान के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है। साफरान ने इससे पहले भारत में हेलिकॉप्टर इंजन निर्माण में सहयोग किया है। डीआरडीओ का मानना है कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए साफरान एक भरोसेमंद और सक्षम पार्टनर है। इस प्रोजेक्ट में डीआरडीओ की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) की भी अहम भूमिका होगी। अनुमान है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर करीब 7 अरब डॉलर का खर्च आएगा। राजनाथ सिंह ने दे दी मंजूरी अमेरिका के दबाव और ऊंचे टैरिफ के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस के साथ मिलकर स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ जेट इंजन बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रोजेक्ट को हरी झंडी देते हुए कहा कि भारत के लिए जरूरी है कि देश में ही उन्नत लड़ाकू विमान तैयार किए जाएं। फ्रांस की कंपनी साफरान इस समझौते के तहत भारत को 100 फीसदी तकनीक ट्रांसफर करेगी। दोनों देश मिलकर भारत में ही 120 किलोन्यूटन थ्रस्ट क्षमता वाला इंजन विकसित करेंगे। यह इंजन भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए इस्तेमाल होगा। डीआरडीओ पहले ही साफरान के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है और इसकी गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 7 अरब डॉलर का खर्च अनुमानित है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने अब फाइटर जेट इंजन निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया है। हाल ही में वायुसेना ने सरकार को पत्र लिखकर विमानों की कमी पर चिंता जताई थी और चेताया था कि आने वाले वर्षों में कई विमान रिटायर होंगे। ऐसे में नए लड़ाकू विमानों को समय पर शामिल करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस के साथ यह साझेदारी न सिर्फ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेगी, बल्कि अमेरिका की तकनीकी वर्चस्व को भी चुनौती देगी। HAL–GE डील अटकी, साफरान प्रोजेक्ट में बड़ा फायदा हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के बीच विमान इंजन निर्माण को लेकर अभी तक फाइनल डील नहीं हो पाई है। इसमें 1.5 बिलियन डॉलर की लागत पर केवल 80 फीसदी तकनीक ट्रांसफर का प्रस्ताव है। वहीं, साफरान के साथ भारत को न केवल पूरी तकनीक का हस्तांतरण मिलेगा, बल्कि इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी और लाइसेंसिंग कंट्रोल पर पूरा अधिकार भी रहेगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह साझेदारी न सिर्फ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका की तकनीकी बढ़त को भी चुनौती देगी। जेट इंजन निर्माण के मामले में फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका का दबदबा है। लेकिन फ्रांस के साथ मिलकर भारत जिस तरह से नई साझेदारी शुरू करने जा रहा है, उससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त को चुनौती मिल सकती है।

ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के अगले दिन ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता के घर से करोड़ों जब्त

बेंगलुरु ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद में पास होने के सिर्फ एक दिन बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक कांग्रेस नेता के. सी. वीरेंद्र के घर से 12 करोड़ रुपये कैश बरामद किए हैं. कैश के अलावा 6 करोड़ रुपये की ज्वेलरी भी ईडी ने जब्त की है. ईडी ने चितदुर्गा जिले से कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र और अन्य लोगों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के मामले में केस दर्ज किया था. ईडी ने देशभर में 31 जगहों पर छापेमारी की, जिनमें गंगटोक, चितदुर्गा जिला, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं, गोवा में पांच कैसिनो- पप्पी’स कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसिनो, पप्पी’स कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसिनो और बिग डैडी कैसिनो-पर भी कार्रवाई की गई. दरअसल ईडी की ओर से कर्नाटक के कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र और उनके भाई के कुछ ठिकानों पर छापेमारी की गई है. इस छापेमारी की वजह एक गैरकानूनी सट्टेबाजी से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस है. इसको लेकर ईडी की ओर से न सिर्फ कर्नाटक बल्कि कई अन्य राज्यों में भी रेड मारी गई है.  चित्रगुप्ता विधानसभा से एमएलए हैं केसी वीरेंद्र बता दें कि केसी वीरेंद्र कांग्रेस की टिकट पर चित्रगुप्ता विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे. केसी वीरेंद्र पर किंग 567, पप्पी के003 और रत्ना गेमिंग जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी साइटों के संचालन का आरोप भी है. इसके साथ ही उनके भाई पर भी कई आरोप लगाए गए हैं. इनमें दुबई से डायमंड साफ्टेक, TRS टेक्नोलॉजी के साथ-साथ प्राइम9 टेक्नोलॉजी नाम की तीन संस्थाओं के संचालन का आरोप है.  शुक्रवार को भी ईडी ने की थी रेड बता दें कि ईडी की ओर से ये रेड शुक्रवार को भी की गई थी. ईडी का कहना है कि वीरेंद्र की ओर से चलाई जा रही संस्थाएं कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग कारोबार से जुड़ी हैं. ईडी ने कर्नाटक के बेंगलूरु के अलावा राजस्थान के जोधपुर, मुंबई और गोवा के कई कैसिनो जैसे ओशन रिवर्स, बिग डैडी पर भी छापेमारी की है.  जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कई ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट्स चला रहा था, जिनके नाम King567, Raja567 आदि हैं. इसके अलावा आरोपी का भाई के. सी. थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां- डायमंड सॉफ्टटेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज-चलाता है. ये कंपनियां कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग बिजनेस से जुड़ी हुई हैं. छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें 1 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा भी शामिल है, लगभग 6 करोड़ रुपये का सोना, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाड़ियां मिलीं. इसके अलावा 17 बैंक खाते और 2 लॉकर भी फ्रीज कर दिए गए हैं.

पूर्व CPI नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी के निधन पर CM स्टालिन का शोक संदेश

चेन्नई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व सीपीआई नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सुधाकर रेड्डी का जाना एक बड़ी क्षति है। एमके स्टालिन ने कहा कि सुधाकर रेड्डी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र नेता के रूप में की थी और बाद में संसद सदस्य और भाकपा के राष्ट्रीय नेता के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उन्होंने बताया कि सुधाकर रेड्डी ने हमेशा मजदूरों, किसानों और समाज के हाशिए पर पड़े लोगों के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। सीएम ने कहा, “मैंने तमिलनाडु में उनकी कई यात्राओं में उनके साथ समय बिताया है। इनमें गठबंधन की बातचीत और थलाइवर कलैगनार की स्मृति समारोह जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल थीं। इन मौकों पर मैंने उनकी गर्मजोशी और स्पष्ट विचारों को देखा है।” एमके स्टालिन ने आगे कहा कि सुधाकर रेड्डी का जीवन न्याय और सम्मान के लिए संघर्ष की प्रेरणा बना रहेगा। उन्होंने उनके परिवार, सहयोगियों और साथियों के प्रति संवेदनाएं भी प्रकट कीं। सुरवरम सुधाकर रेड्डी एक सशक्त छात्र नेता, संसद सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया, और उनकी नीतियां और कार्य लोगों के दिलों में आज भी जीवित हैं। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। तमिलनाडु सहित पूरे देश के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की है। सीपीआई नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र आंदोलन से की और बाद में संसद सदस्य और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय नेता बने। सुधाकर रेड्डी ने मजदूरों, किसानों और हाशिए पर पड़े समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए पूरी जिंदगी समर्पित की। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों को बल मिला। वे अपने स्पष्ट विचारों और संघर्षशील व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे।  

खास दूत के माध्यम से अमेरिका का भारत को संदेश, जानें ट्रंप की मंशा 6 पॉइंट में

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के अगले राजदूत होंगे. वे भारत और अमेरिका के बीच बिगड़ते रिश्तों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो अगले हफ्ते भारत से आने वाले सामान पर अमेरिकी टैरिफ को दोगुना करने के फैसले के बाद और तनावपूर्ण हो गए हैं. गोर को दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी दी गई है. ट्रंप ने यह ऐलान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किया. उन्होंने गोर को सरकार में हजारों राजनीतिक पदों पर नियुक्तियों में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया और कहा कि गोर का काम प्रशासन के लक्ष्यों को लागू करने में बेहद महत्वपूर्ण रहा है. ट्रंप ने बताया 'बेहतरीन दोस्त' ट्रंप ने लिखा, 'सर्जियो मेरे बेहतरीन दोस्त हैं, जो कई सालों से मेरे साथ है. उन्होंने मेरे ऐतिहासिक इलेक्शन कैंपेन पर काम किया, मेरी बेस्टसेलिंग किताबें पब्लिश कीं और हमारे आंदोलन का समर्थन करने वाले सबसे बड़े सुपर PACs में से एक चलाया. उन्होंने मेरे दूसरे कार्यकाल के लिए स्टाफ चुनने में अहम योगदान दिया.' एलन मस्क से पुरानी अदावत ट्रंप और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बीच हुए टकराव में भी सर्जियो गोर की भूमिका काफी अहम थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क और गोर के बीच महीनों से मतभेद चल रहे थे, जिसके बाद मई में मस्क ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दे दिया था. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च में कैबिनेट की एक गरमागरम बैठक के दौरान मस्क और अन्य अधिकारियों में बहस हुई थी. गोर का नाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया, लेकिन अंदरखाने कहा गया कि वे मस्क के स्टाफिंग पर प्रभाव के खिलाफ थे.  सर्जियो गोर की छवि ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडा के कट्टर समर्थक और डोनाल्‍ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी के रूप में रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब भारत के साथ अपने रिश्तों को ज्यादा लेन-देन आधारित नजरिए से देखेगा. 1. लेन-देन आधारित कूटनीति का दौर सर्जियो गोर को व्हाइट हाउस का ‘हार्डलाइन लॉयलिस्ट’ माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी नियुक्ति का अर्थ है कि अमेरिकी कूटनीति में लॉन्‍ग टर्म साझेदारी की जगह तात्कालिक अमेरिकी हितों को प्राथमिकता मिलेगी. यह भारत के लिए चुनौती होगी क्योंकि अब वार्ता में सहयोग से ज्यादा दबाव और शर्तें प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं. 2. टैरिफ का दबाव और आर्थिक जोखिम अमेरिका ने हाल ही में भारतीय टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण और तेल से जुड़े उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. यह निर्णय भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों और लाखों नौकरियों पर खतरा बन गया है. जानकारों के मुताबिक, यह कदम केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक दबाव का हिस्सा है, जिससे भारत को रूस और चीन के साथ उसके बढ़ते व्यापार पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सके. लेकिन इसका उलटा असर भी हो सकता है. भारत ने हाल के महीनों में मॉस्को और बीजिंग के साथ संबंध और मजबूत किए हैं, जो अमेरिकी प्रभाव को कमजोर कर सकते हैं. 3. जियो-पॉलिटिकल बैलेंस पर असर सर्जियो गोर को राजदूत के साथ-साथ विशेष दूत की भूमिका भी सौंपी गई है. इसका मकसद भारत की भू-राजनीतिक दिशा को अमेरिकी हितों के अनुरूप ढालना है. लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि आक्रामक कूटनीतिक रणनीति से उल्टा असर हो सकता है और भारत रूस और चीन की ओर और ज्यादा झुक सकता है. इससे दक्षिण एशिया में अमेरिकी प्रभाव सीमित होने का खतरा है. 4. रक्षा, तकनीक और व्यापार में संभावनाएं इसके बावजूद सर्जियो गोर का कार्यकाल कुछ अवसर भी ला सकता है. भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को तेज गति मिलने की संभावना है. फार्मास्युटिकल्स, आईटी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग गहरा सकता है. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और रक्षा उत्पादन में निवेश व साझेदारी के नए रास्ते खुल सकते हैं. हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने के लिए दोनों देशों को टकराव और तनाव से बचना होगा. 5. विदेश नीति का सीमित अनुभव सर्जियो गोर की निष्ठा और प्रशासनिक क्षमता पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन उनके पास विदेश नीति का प्रत्यक्ष अनुभव बेहद कम है. इससे अमेरिकी कूटनीतिक सर्कल और थिंक टैंकों में असहजता देखी जा रही है. राजनयिकों का मानना है कि यह नियुक्ति भारत के साथ संवाद को और जटिल बना सकती है. 6. निवेशकों और कारोबारी जगत के लिए चेतावनी भारतीय वस्त्र, रत्न और तकनीक से जुड़े कारोबारी क्षेत्रों में निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ गया है. क्षेत्र-विशेष टैरिफ और अस्थिर कूटनीतिक वातावरण सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-अमेरिका रिश्तों में अगले कुछ महीने निवेश और व्यापार जगत के लिए बेहद अनिश्चित रहने वाले हैं. कुल मिलाकर सर्जियो गोर की नियुक्ति भारत-अमेरिका संबंधों में संभावनाओं और जोखिमों दोनों का संकेत है. जहां एक ओर रक्षा और तकनीक में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं, वहीं लेन-देन आधारित अमेरिकी कूटनीति और ऊंचे टैरिफ भारत के लिए बड़ी चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं.

गाजा पीड़ित बनकर मस्जिदों से पैसा वसूलने वाले सीरियाई गैंग को पुलिस ने पकड़ा

अहमदाबाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक सीरियाई गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह गाजा पीड़ितों के रूप में मस्जिदों से पैसे वसूल रहा था. मामले में पुलिस ने अली मेघात अलजाहर नाम के एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है. वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था. पूछताछ के दौरान पता चला कि वह पैसों का इस्तेमाल ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीने में कर रहा था. पुलिस कार्रवाई के बाद उसके तीन साथी फरार हैं. जिनकी तलाश की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. ऐसी गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हैं खतरा: पुलिस क्राइम ब्रांच ने कहा है कि ये गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं. वे वीजा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं. हालांकि एकत्रित धन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है.  मामले की जांच राज्य और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है. फिलहाल अली को हिरासत में लेकर ब्लैकलिस्ट करने और डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस द्वारा ऐसे अन्य गैंग का भी पता लगाया जा रहा है.  मेधात अल-ज़हर दमास्क्स का रहने वाला है अली मेधात पुलिस ने बताया कि क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़ा गया अली मेधात, अल-ज़हर दमास्क्स का रहने वाला है और खुद को सीया मुस्लिम बता रहा है. वह अहमदाबाद की एक होटल में रुका था, जहां से उसे पकड़ा गया. क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी के शरीर पर घाव के निशान हैं, जिसे वह युद्ध में लगे चोट होने का दावा कर रहा है.  आरोपी के गैंग में शामिल झकरीया अलजर, अहमदा अल्हबश, युसेफ अलजहर अभी फरार हैं. पुलिस उन्हें ढूंढ रही है. यह लोग लेबनान में एकत्रित हुए और फिर वहां से भारत आए थे.

US ने ईरानी तेल ट्रेड को किया निशाना, चीन और ग्रीस के नेटवर्क पर प्रतिबंध लागू

वाशिंगटन अमेरिका ईरान के अवैध क्रूड ऑयल (Iran Crude Oil) निर्यात पर शिकंजा कसने के लिए सख्त रुख अपना रहा है और इसके तहत US ने ईरानी तेल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए चीन के दो ऑयल टर्मिनल पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन कर दिया है. इसके अलावा एक ग्रीक शिपिंग नेटवर्थ ऑपरेटर एंटोनियोस मार्गारिटिस पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. अमेरिका के इस एक्शन का उद्देश्य तेहरान के हथियार कार्यक्रमों और आतंकवाद से होने वाले राजस्व में कटौती करना है. विदेश विभाग ने बताई बैन की वजह अमेरिका के विदेश विभाग (US Department of State) ने चीन स्थित दो कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट टर्मिनल्स संचालकों पर प्रतिबंधों का ऐलान किया है. उनपर यह कार्रवाई इन आरोपों के तहत की गई है, कि उन्होंने कई अमेरिकी-निर्धारित टैंकरों पर लाखों बैरल अवैध ईरानी तेल आयात करने में मदद की थी. यह ईरान के तेल व्यापार नेटवर्क में चीनी संचालकों को टारगेट करते हुए अमेरिका प्रतिबंधों का चौथा चरण है. विदेश विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, ये दोनों टर्मिनल ऑपरेटर Iranian Crude Oil के व्यापार नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, जो विदेशों में ईरान के आतंकवाद को वित्तपोषित करता है और क्षेत्र को अस्थिर करता है. दोनों टर्मिनल के बारे में विस्तार से बात करें, तो मार्शल आइलैंड स्थित चांगबाई ग्लोरी शिपिंग लिमिटेड, लाइबेरियाई फ्लैग्ड वाले LAFIT (IMO 9379698) का रजिस्टर्ड ऑनर है, जिसने मार्च 2025 से अब तक चीन में ग्राहकों तक 4 मिलियन बैरल से ज्यादा ईरानी तेल पहुंचाया है. वहीं दूसरी ओर ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड स्थित रीगल लिबर्टी लिमिटेड, हांगकांग फ्लैग्ड GIANT (IMO 9238868) का मालिक है, जिसने 2025 की शुरुआत में OFAC द्वारा स्वीकृत SALVIA (IMO 9297319) के साथ लगभग 2 मिलियन बैरल ईरानी तेल चीन पहुंचाया. ग्रीक नागरिक निभा रहा था अहम रोल China के दो ऑयल टर्मिनल पर बैन लगाने के साथ ही विदेश विभाग की ओर से ग्रीक मूल के नागरिक एंटोनियोस मार्गारिटिस, उसकी कंपनियों के नेटवर्क और ईरान के सीक्रेट बेड़े से जुड़े करीब एक दर्जन जहाजों पर भी कार्रवाई की गई है. इस ग्रीक नागरिक ने कथित तौर पर शिपिंग के अपने लंबे एक्सपीरियंस का इस्तेमाल ईरानी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की अवैध बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन को सुगम बनाने के लिए किया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अमेरिकी वित्त मंत्री (Finance Minister Of US) ने कहा कि Antonios Margaritis और उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेहरान (Tehran) के हथियार कार्यक्रमों को वित्तीय मदद करने, आतंकवादी समूहों का समर्थन करने के चलते की गई है.  ईरान पर आर्थिक दबाव के लिए एक्शन Scott Bessent के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नेतृत्व में वित्त मंत्रालय उन सभी लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जो ईरानी शासन की सहायता करना चाहते हैं और वैश्विक सुरक्षा (Global security) के लिए खतरा हैं. इन प्रतिबंध को कार्यकारी आदेश 13902 के तहत लगाया जा रहा है और ये राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति ज्ञापन 2 (NSPM-2) के तहत शुरू किए गए व्यापक अभियान का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य ईरानी शासन पर आर्थिक दबाव को अधिकतम करना है.

उत्तराखंड के थराली में बादल फटने से हड़कंप, मलबे में दबे कई घर और लोग

चमोली  उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात के बाद बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई. इस घटना से थराली कस्बे, आसपास के गांवों और बाजारों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भारी बारिश और मलबे से कई घरों, दुकानों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. बादल फटने का सबसे ज्यादा असर थराली बाजार, कोटदीप और तहसील परिसर में देखने को मिला. यहां तहसील परिसर, एसडीएम आवास और कई घरों में मलबा घुस गया. तहसील परिसर में खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं. कस्बे की सड़कों पर इतना मलबा भर गया कि वह तालाब जैसी नजर आने लगीं. पास के सागवाड़ा गांव में मलबे के कारण एक युवती की दबकर मौत हो गई. इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत गांव में राहत कार्य के लिए पहुंचीं. चेपड़ों बाजार में मलबे की चपेट में आने से कई दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं. साथ ही, एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना भी है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है. यातायात पूरी तरह बाधित भारी बारिश और मलबे के कारण थराली-ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा के पास बंद हो गया है. इनके अलावा, थराली-सागवाड़ा मार्ग भी बाधित है. इन दोनों मार्गों के बंद होने से क्षेत्र में आवाजाही ठप हो गई है और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. गौचर से स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम घटनास्थल पर है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं. बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम मिंग्गदेरा के पास सड़क खोलने की कोशिशों में जुटी है, ताकि यातायात और राहत कार्यों को जल्द सुचारू किया जा सके. स्कूल और आंगनबाड़ी बंद जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थराली तहसील के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को शनिवार (23 अगस्त 2025) के लिए बंद रखने का आदेश दिया है. जिलाधिकारी डॉक्टर संदीप तिवारी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी से जुटी हैं. उत्तरकाशी से रुद्रप्रयाग तक बादल फटने से तबाही उत्तराखंड में इस मॉनसून सीजन के दौरान कई बड़े बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. सबसे गंभीर घटना 5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी के धराली और हर्षिलल क्षेत्रों में हुई. उत्तरकाशी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने धराली और हर्षिल इलाके को तहस-नहस कर दिया. कई घर, होटल और इंफ्रास्ट्रक्चर पानी में बह गए. इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जबकि दर्जनों लोग लापता हुए. सुखी और बगोरी समेत कई गांव प्रभावित हुए, जहां घरों और कृषि संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ. वही रुद्रप्रयाग में जुलाई के आखिर में केदारघाटी क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ ने यहां भी कहर बरपाया. कई घर और गाड़ियां मलबे में दब गईं और नदियां उफान पर आ गईं.

टोल प्लाजा पर नई राहत: इलेक्ट्रिक वाहन अब बिना टोल भुगतान के कर सकेंगे सफर

नई दिल्ली मुंबई के अटल सेतु पर अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। राज्य सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अटल सेतु को पहले मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक या MTHL कहा जाता था और यह देश का सबसे लंबा समुद्री-पुल है। किन गाड़ियों को मिलेगी छूट शहरी विकास विभाग ने गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि यह छूट इलेक्ट्रिक चार-पहिया गाड़ियों और इलेक्ट्रिक बसों पर लागू होगी। इसमें राज्य परिवहन की बसों के साथ-साथ निजी ऑपरेटरों की इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। पुराने नियम में बदलाव महाराष्ट्र मोटर व्हीकल टैक्स एक्ट, 1958 के तहत यह फैसला लिया गया है। इससे पहले 31 जनवरी 2024 को जारी नोटिफिकेशन में अटल सेतु पर चलने वाले सभी तरह के वाहनों पर टोल लगाने का नियम बना था। लेकिन अब उसमें आंशिक बदलाव करते हुए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को टोल से राहत दी गई है। मई में हुआ था फैसला, अब लागू दरअसल, इस साल मई में ही राज्य के गृह विभाग ने सार्वजनिक हित में इलेक्ट्रिक कार और बसों को टोल छूट देने का निर्णय लिया था। अब गुरुवार को जारी आदेश के बाद यह नियम शिवाजी नगर और गावन टोल प्लाजा पर लागू कर दिया गया है। यातायात के लिए अहम कड़ी अटल सेतु का उद्घाटन जनवरी 2024 में हुआ था। यह पुल मुंबई के दक्षिणी हिस्से सेवरी को नवी मुंबई के न्हावा शेवा से जोड़ता है। 21.8 किलोमीटर लंबा यह सी-ब्रिज अब यात्री और मालवाहक ट्रैफिक के लिए बेहद अहम कड़ी बन चुका है।