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भारत ने बचाया दुनिया को तेल संकट से, रिपोर्ट में सामने आया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया है और बार-बार भारत पर हमला बोल रहा है. ट्रंप के सहयोगी पीटर नवारो ने यहां तक दावा किया है कि यूक्रेन संघर्ष असल में 'मोदी का युद्ध' है, और आरोप लगाया कि भारत रियायती तेल खरीद के जरिए रूस का समर्थन कर रहा है.  इस बीच, उद्योग सूत्रों ने कई तथ्‍यों के हवाले से सभी झूठ को खारिज कर दिया है और यह बताया है कि अगर भारत रूसी तेल नहीं खरीदता तो वैश्विक स्‍तर पर परिणाम कितने भयानक हो सकते थे. सूत्रों का कहना है कि भारत ने रूसी तेल खरीदकर एक ग्‍लोबल संकट को रोका. अगर भारत खरीदना बंद कर देता, तो आज कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती थी.   रिपोर्ट में सोर्स के हवाले कहा गया है कि भारत के आयात ने वैश्‍विक बाजारों को स्थिर किया है और रूस को आर्थिक मदद देने के बजाय, दुनियाभर के कंज्‍यूमर्स के लिए ईंधन की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद की है. इस कदम की अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन समेत कई इंटरनेशनल हस्तियों ने भी सराहना की है.  जब 137 डॉलर प्रति बैरल हुआ था कच्‍चा तेल ग्‍लोबल मार्केट से रूसी तेल के बाहर हो जाने की पिछली आशंकाओं ने ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ा दी थीं. मार्च 2022 में इसकी कीमत 137 डॉलर प्रति बैरल उच्‍च स्‍तर पर पहुंच चुका था. जिसके बाद भारत ने रूसी तेल की खरीदारी करते हुए ग्‍लोबल स्थिति को संभाला है. ANI के सूत्रों के अनुसार, भारत ने नियमों के तहत ही रूसी तेल की खरीदारी की है और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है.  नवारो का क्‍या है दावा  ट्रंप के सहयोगी पीटर नवारो ने इस सप्‍ताह के शुरुआत में ही ब्‍लूमबर्ग को एक इंटरव्‍यू दिया, जिसमें उन्‍होंने दावा किया कि भारत रियायती दर पर तेल खरीदकर रूस की मदद कर रहा है. अगर भारत रूसी तेल को खरीदना अभी बंद कर दे तो उसे अमेरिकी टैरिफ में तुरंत 25 फीसदी की छूट मिल सकती है. नवारो ने कहा कि यूक्रेन में शांति का रास्‍ता, भारत से होकर जाता है. उद्योग के सूत्रों ने बताया कि प्रचलित दावों के विपरीत, भारतीय रिफाइनर रूसी तेल के लिए अमेरिकी डॉलर का उपयोग नहीं करते हैं. सूत्रों ने कहा कि खरीद तीसरे देशों के व्यापारियों के माध्यम से की जाती है और AED जैसी मुद्राओं में निपटाई जाती है. अमेरिकी सरकार ने कभी भी भारत से खरीद बंद करने के लिए नहीं कहा. भारत का व्यापार पूरी तरह से वैध है और G7 और यूरोपीय संघ के तय प्राइस नियमों के अंतर्गत है.  कालाबाजारी तेल पर क्‍या कहा?  भारत द्वारा तेल की कालाबाजारी की अटकलों का भी खंडन किया गया. सूत्रों ने आगे कहा, 'रूसी तेल पर ईरानी या वेनेज़ुएला के तेल की तरह प्रतिबंध नहीं है. इसे पश्चिमी देशों द्वारा मुनाफाखोरी रोकने के लिए बनाई गई तय लिमिट सिस्‍टम के तहत बेचा जाता है. अगर अमेरिका रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाना चाहता, तो उसने प्रतिबंध लगा दिया होता, उसने ऐसा नहीं किया क्योंकि उसे बाजार में रूसी तेल की जरूरत है.'  भारत रूसी तेल पर फोकस  भारत के रूसी तेल शोधन का केंद्र बनने के आरोपों को भी खारिज कर दिया है. उद्योग के सूत्रों ने कहा कि भारत दशकों से दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर रहा है. कच्‍चे तेल का शोधन और ईंधन का निर्यात, ग्‍लोबल व्‍यवस्‍था इसी तरह काम करती है. रूसी कच्‍चे तेल पर प्रतिबंध लगाने के बाद यूरोप खुद भारतीय डीजल और जेट ईंधन पर निर्भर हो गया है.  क्या रिफाइनरियां अपना मुनाफ़ा विदेश भेज रही हैं, इस पर सूत्रों ने स्पष्ट किया कि करीब 70% रिफाइंड ईंधन घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत में ही रहता है. रिलायंस की एक रिफाइनरी इस युद्ध से बहुत पहले, 2006 से ही निर्यात पर फोकस है. घरेलू उपयोग बढ़ने के साथ ही रिफाइंड ईंधन का निर्यात वास्तव में कम हुआ है.

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय घेरने पहुंची भाजपा, पीएम मोदी को अपशब्द कहने पर बवाल

नई दिल्ली  बिहार के दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोटर अधिकार यात्रा के मंच से अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसे लेकर सियासी सरगर्मियां सुर्खियों में है। शनिवार को दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए तत्काल माफी की मांग की है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करती रही है, लेकिन इस बार हद पार हो गई है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस को अपने नेताओं की इस शर्मनाक हरकत के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। यह अपमान न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का भी है।" भाजपा की राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल अब देश विरोधी रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "ये लोग अपनी हताशा में अब देश की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।" दिल्ली के भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल पूरे देश का अपमान है। जब तक कांग्रेस माफी नहीं मांगती, हमारा विरोध जारी रहेगा।" वहीं, विधायक कैलाश गहलोत ने कहा कि लोगों में भारी आक्रोश है, क्योंकि यह भाषा भारतीय संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। भाजपा विधायक अनिल गोयल ने प्रदर्शन के दौरान कहा, "आज पूरा देश इस अपमान से आहत है। कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हमारा यह प्रदर्शन उसी आक्रोश का प्रतीक है।" इसी तरह विधायक सतीश उपाध्याय ने बिहार को मां सीता की धरती बताते हुए कहा, "प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल भारतीय संस्कृति और भगवान राम के सम्मान के खिलाफ है। यह पूरे देश के लिए असहनीय है।" भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कांग्रेस के आधिकारिक मंच से बोले गए अपशब्दों को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और तेजस्वी यादव इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। सहरावत ने कहा, "यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश की अस्मिता पर हमला है।"  

गृह मंत्री अमित शाह ने गणेशोत्सव में लगाई हाजिरी, देखा लालबाग का राजा

मुंबई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुंबई दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने परिवार के साथ अलग-अलग जगहों पर गणेशोत्सव में हिस्सा लिया। वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के घर गए, जहां श्री गणेश जी का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद अमित शाह ने परिवार के साथ प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकारी आवास 'वर्षा' पर गृह मंत्री अमित शाह के आगमन पर स्वागत किया। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी थे। इसके बाद अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास पर स्थापित गणपति बप्पा की पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "हमारे नेता केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह व इनके परिवारजनों ने गणेशोत्सव के अवसर पर मुंबई स्थित मेरे सरकारी आवास 'वर्षा' पर भेंट दी, इस दौरान उनका हार्दिक स्वागत किया।" इसके बाद, अमित शाह लालबागचा राजा गणेशोत्सव मंडल गए, जहां श्री गणेश के दर्शन किए। मंडल की ओर से उनका स्वागत शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट करके किया गया। अमित शाह ने अपने बेटे जय शाह और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ लालबागचा राजा मंडल में भगवान गणेश का दर्शन-पूजन किया। इस मौके पर सीएम देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत महाराष्ट्र सरकार के अन्य मंत्री मौजूद रहे। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "हर साल की तहत इस साल भी हमारे नेता गृह अमित शाह व इनके परिवारजनों के साथ लालबाग के राजा के भक्तिमय दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर लालबाग के बाप्पा के चरणों में जनसेवा के लिए प्रार्थना की।" उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लिखा, "शनिवार को गणेश उत्सव के लिए मुंबई प्रवास पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लालबागचा राजा गणेशोत्सव मंडल के श्री गणेश के भावपूर्ण दर्शन किए। मंडल की ओर से उनका स्वागत शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट करके किया गया।"

‘गर्व से स्वदेशी’ बने भारत, मनसुख मांडविया का बड़ा संदेश

नई दिल्ली केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की। इसमें भारत ने खेल क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में नीति आयोग, वाणिज्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी, फिक्की, सीआईआई, एमएसएमई और खेल उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य भारत की खेल सामग्री निर्माण क्षमता के लिए एक नया रोडमैप तैयार करना था। अपने 'एक्स' हैंडल पर इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने लिखा, "युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल एक वैश्विक खेल शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, बल्कि विश्वस्तरीय भारत निर्मित खेल सामग्री का हब बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने लिखा, "मंत्रालय, राष्ट्रीय खेल महासंघों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की गई, जो एक दूरदर्शी नीति तैयार करेगी और इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को साकार करने का मार्ग खोलेगी। खेल के मैदानों से लेकर पोडियम तक, अब गर्व से स्वदेशी की ओर बढ़ने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का समय आ गया है।" भारत का खेल सामग्री क्षेत्र 2024 में करीब 42,877 करोड़ रुपये का है। साल 2027 तक इसके 57,800 करोड़ रुपये और 2034 तक 87,300 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह क्षेत्र देश में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, जिनमें अधिकतर मेरठ, जालंधर, लुधियाना और दिल्ली-एनसीआर के एमएसएमई क्लस्टर्स में कार्यरत हैं। भारत एशिया में तीसरा सबसे बड़ा खेल सामग्री निर्माता है। दुनिया में भारत 21वां सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत ने 2023–24 में खेल सामग्री 90 से अधिक देशों को निर्यात की। सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस में किया जा रहा है, जबकि दक्षिण अफ्रीका, यूएई, कनाडा और स्वीडन में नए अवसर बढ़ रहे हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर वार, कहा- यह बेहद आपत्तिजनक

गुवाहाटी  असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गांधी परिवार के अहंकार को चूर-चूर किया, इसलिए वे अभद्र भाषा बोल रहे हैं। इस दौरान, हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस ने माफी मांगने की बजाय मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा शनिवार को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सरमा ने कहा, "राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अन्य ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यह बेहद निंदनीय है।" हिमंता ने कहा, "गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम की धरती से इसकी निंदा की और उनसे (कांग्रेस) माफी मांगने को कहा। लेकिन, माफी मांगना तो दूर, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से किसी को आगे लाकर इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। बिहार सरकार ने इसमें शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। उम्मीदवार नौशाद की भी तलाश की जा रही है। यह निश्चित है कि यह कांग्रेस की मानसिकता है।" असम के मुख्यमंत्री ने कहा, "वे (गांधी परिवार) कभी सोच भी नहीं सकते थे कि गांधी परिवार से बाहर का कोई प्रधानमंत्री बन सकता है। राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा सोचते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री पद पर उनके अलावा कोई और आसीन नहीं हो सकता। यह उनकी सामंती मानसिकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके इस अहंकार को चूर-चूर किया और साबित कर दिया कि प्रधानमंत्री का पद सिर्फ गांधी परिवार के लिए रिजर्व नहीं है।" हिमंता बिस्वा सरमा ने पीएम मोदी की 11 साल की सरकार और उनके वैश्विक नेतृत्व की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के घमंड को तोड़ा और पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। गांधी परिवार ने कभी कल्पना नहीं की थी कि पीएम मोदी को जापान और चीन जैसे देशों में इतनी सराहना मिलेगी। इसलिए, वे अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

संसदीय समितियों की भूमिका व्यापक, बजट के साथ परिणामों पर भी नजर: ओम बिरला

भुवनेश्वर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राज्य एवम् केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों की अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समितियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिरला ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में संसदीय समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। बिरला ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि संसदीय समितियां न केवल बजट आवंटन की निगरानी करती हैं, बल्कि उनके परिणामों का मूल्यांकन भी करती हैं। बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों में आरक्षण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सहित कई ऐतिहासिक निर्णय इन समितियों की सिफारिशों से सामने आए हैं। हालांकि सरकारें इन सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं, ज्‍यादातर सुझावों को आमतौर पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभाओं में समितियों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वे प्रभावी ढंग से काम कर सकें, सर्वोत्तम प्रथाओं को अपना सकें और नई तकनीकों को एकीकृत कर सकें। इसका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना और लोगों के लिए अधिकतम कल्याण सुनिश्चित करना है। बिरला ने समितियों की मुख्य जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक और विधायी अधिकारों की रक्षा करना, उनकी चुनौतियों का समाधान करना और उनका कल्याण है। इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए एक विजन 2025 रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि समितियां नियमित रूप से हितधारकों के साथ बातचीत करती हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि सामाजिक कल्याण के लिए आवंटित धन का उचित उपयोग हो, क्षेत्रीय दौरे करती हैं। वे मौजूदा योजनाओं में संशोधन का सुझाव भी देती हैं या नई पहल की सिफारिश करती हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से, सरकारों ने इनमें से अधिकांश सिफारिशों को स्वीकार किया है। बिरला ने कहा कि सरकार के अलावा, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग जैसी संस्थाएं भी मुद्दों की निगरानी और इन समुदायों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने विभिन्न संसदीय मुद्दों पर मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि संसदीय समितियों के माध्यम से अच्छे विचारों और प्रथाओं को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। समितियों के लिए सभी राजनीतिक दलों से नाम मांगे गए हैं, जिनका गठन जल्द ही किया जाएगा। बिरला ने संसद और राज्य विधानसभाओं में सार्थक और गरिमापूर्ण चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया ताकि जनहित के मुद्दों पर बहस हो सके और समाज के गरीब और हाशिए पर पड़े वर्गों का कल्याण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि देश की जनता भी यही अपेक्षा रखती है। उन्‍हाेंने लोकतंत्र में स्वस्थ बहस और रचनात्मक आलोचना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि असहमति लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन इसे हमेशा गरिमापूर्ण तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए, चाहे वह नीतियों की आलोचना हो या सरकारी कामकाज की। चर्चाओं और बहसों को और बेहतर बनाने के लिए, 1947 से अब तक की सभी संसदीय बहसों का डिजिटलीकरण और उन्हें मेटाडेटा के साथ 'डिजिटल संसद' प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने सहित कई कदम उठाए गए हैं। सदस्यों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक 'लाइव लाइब्रेरी' भी 24 घंटे उपलब्ध कराई गई है।

मोदी शासन की नीतियों से बढ़ी GDP, मंत्रियों ने बताया सुधारों का नतीजा

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रियों ने शनिवार को वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जीडीपी की 7.4 प्रतिशत शानदार वृद्धि दर को पीएम नरेंद्र मोदी के सुधार-संचालित शासन का प्रमाण बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है। वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियों के कारण जीडीपी वृद्धि दर लगातार दूसरी तिमाही में उम्मीदों से बेहतर रही और अप्रैल-जून 2025 के लिए यह पांच तिमाहियों के उच्चतम स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह जनवरी-मार्च 2025 की 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर और 2024-25 की पहली तिमाही की 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से कहीं अधिक है।" केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत के साथ दूसरे बड़े देशों के वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों का एक इंफोग्राफिक शेयर किया। इस इंफोग्राफिक में दी गई जानकारी के अनुसार, जून तिमाही में चीन ने 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की, उसके बाद इंडोनेशिया ने 5.1 प्रतिशत, अमेरिका ने 2.1 प्रतिशत, जापान और ब्रिटेन ने 1.2-1.2 प्रतिशत और फ्रांस ने 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की। इन सबसे अलग भारत ने जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी वृद्धि दर दर्ज की। उन्होंने लिखा, "7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि – पीएम नरेंद्र मोदी के सुधार-संचालित शासन का प्रमाण है।" केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, "निरंतर कम मुद्रास्फीति के कारण, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल की। यह पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है। साथ ही, पिछली तिमाही की 7.4 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में, वर्तमान विकास दर भारतीय अर्थव्यवस्था के निरंतर बढ़ते रुझान को दर्शाती है।" केंद्रीय मंत्री ने 20वें इंडिया-अफ्रिका बिजनेस कॉन्क्लेव में कहा, "जब हम भारत की विकास गाथा पढ़ते हैं तो पाते हैं कि इस तिमाही आनी अप्रैल से जून तक देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है और हमने सभी क्षेत्रों में प्रगति की है।"

मेडिकल साइंस का चमत्कार: इंसान के शरीर में लगाया गया सूअर का फेफड़ा, सफल प्रयोग ने खोली नई उम्मीदें

बेजिंग  मेडिकल साइंस ने बड़ी छलांग लगाई है। चीन के वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ब्रेन डेड मरीज के शरीर में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर का फेफड़ा ट्रांसप्लांट  किया। यह ऐतिहासिक प्रयोग ग्वांगझोउ मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने किया।39 साल के ब्रेन डेड व्यक्ति पर यह ट्रांसप्लांट किया गया। ऑपरेशन के बाद फेफड़ा कुछ समय तक काम करता रहा, लेकिन 24 घंटे के भीतर इसमें नुकसान दिखने लगा। 3वें और 6वें दिन शरीर में एंटीबॉडी बनने लगीं, जिसने फेफड़े को नुकसान पहुंचाया। 9वें दिन  सूअर का फेफड़ा शरीर से हटा दिया गया।   वैज्ञानिकों के अनुसार, फेफड़े का ट्रांसप्लांट हार्ट और किडनी की तुलना में कहीं ज्यादा जटिल है।हर सांस के साथ फेफड़े का सीधा संपर्क बाहरी वातावरण, वायरस, एलर्जन और प्रदूषण से होता है। इसी कारण  इम्यून रिएक्शन और अंग अस्वीकृति (rejection)  का खतरा ज्यादा रहता है।भले ही यह फेफड़ा पूरी तरह सफल न रहा हो, लेकिन यह प्रयोग जेनेटिक साइंस और अंग प्रत्यारोपण की दुनिया में नई राह खोल सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में सूअर जैसे जानवरों से इंसानों के लिए अंग तैयार करना संभव हो सकेगा।

रेलवे का बड़ा ऐलान: यात्रियों के लिए बदला लोकल ट्रेनों का टाइमटेबल

मुंबई  गणेशोत्सव को देखते हुए, मुंबई के लाखों लोगों को रेलवे ने बड़ी खुशखबरी दी है। मुंबई मेट्रो के बाद अब मध्य रेलवे ने भी रात में अतिरिक्त लोकल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इस कदम से गणपति विसर्जन के दौरान देर रात तक सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। सेंट्रल लाइन पर चलेंगी ये ट्रेनें मध्य रेलवे 4, 5 और 6 सितंबर की रात को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और कल्याण-ठाणे के बीच विशेष ट्रेनें चलाएगा। ये ट्रेनें मुख्य मार्ग पर सभी स्टेशनों पर रुकेंगी। CSMT से कल्याण: 6 सितंबर को एक स्पेशल ट्रेन रात 01:40 बजे CSMT से चलेगी और 03:10 बजे कल्याण पहुँचेगी। CSMT से ठाणे: एक अन्य स्पेशल सेवा CSMT से रात 02:30 बजे रवाना होकर 03:30 बजे ठाणे पहुँचेगी। अप मेन लाइन पर: 4, 5 और 6 सितंबर को कल्याण से CSMT के लिए स्पेशल ट्रेनें रात 00:05 बजे से चलेंगी, जो 01:30 बजे CSMT पहुँचेगी। हार्बर लाइन पर भी चलेंगी स्पेशल ट्रेनें गणपति विसर्जन के दिन यानी 6 और 7 सितंबर को हार्बर लाइन पर भी यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। CSMT से पनवेल: 01:30 बजे और 02:45 बजे दो विशेष ट्रेनें CSMT से पनवेल के लिए चलेंगी। पनवेल से CSMT: पनवेल से CSMT के लिए पहली स्पेशल ट्रेन रात 01:00 बजे और दूसरी 01:45 बजे चलेगी।  

सरकार का फोकस: आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से मजबूत बनेगी खेती

शिमला कृषि एवं पशुपालन मंत्री मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही है। कृषि रोड मैप एवं रबी एक्शन प्लान से किसानों को लाभकारी खेती की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि देश कृषि प्रधान है और इसका 14 प्रतिशत योगदान जीडीपी में है। कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों के खुलने से वैज्ञानिकों के शोध ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। प्रो. चंद्र कुमार आज यहां विकसित कृषि संकल्प अभियान (विकेएसए) के तहत भारतीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला में “राज्य कृषि रोड मैप एवं रबी एक्शन प्लान” विषय पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला में अपने विचार साझा कर रहे थे।  इस क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य सरकार के विभागों और आईसीएआर संस्थानों से "राज्य कृषि प्राथमिकताएँ एवं कार्यान्वित की जाने वाली रणनीतियाँ" विषय पर संस्थागत दृष्टिकोण प्राप्त करने के लिए किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के लिए आगामी पांच वर्षों (2025-2030) का कृषि रोडमैप तैयार करना और विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। यह रोडमैप प्राकृतिक खेती में प्रदेश की अग्रणी भूमिका, कृषि-जलवायु विविधता का लाभ और राष्ट्रीय अभियानों से सामंजस्य स्थापित करने पर केंद्रित होगा, जिससे अगले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र का व्यापक रूपांतरण संभव हो सके। प्राकृतिक खेती के लिए मवेशियों की महत्ता अहम कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर है, परंतु इसके लिए मवेशियों की महत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्राकृतिक खेती मवेशियों पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि आज के दौर में कृषि क्षेत्र को रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को देहरादून में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।   कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने के लिए दूध की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जिसका संचालन डेयरी डेवलपमेंट अथॉरिटी करेगी। इस प्लांट में बने उत्पादों पर ट्रेडमार्क हिमाचल का होगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई प्रबंधन और विपणन संबंधों को मजबूत करना भी कृषि विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में कृषि-जलवायु की पहचान कर विविधता लाने की आवश्यकता है। साथ ही, कीटनाशकों का न्यूनतम प्रयोग किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें। कृषि मंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया कि वह आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया जा सके। सचिव, कृषि एवं बागवानी सी. पाल रासु ने विभागीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए इस योजना में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। निदेशक नौणी अनुसंधान केंद्र डॉ. एस.के. चौहान, निदेशक प्रसार शिक्षा सीएसके एचपीकेवी पालमपुर डॉ. विनोद शर्मा और विभागाध्यक्ष सामाजिक विज्ञान विभाग, सीपीआरआई शिमला एवं कार्यक्रम सचिव डॉ. आलोक कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। निदेशक आईसीएआर-सीपीआरआई शिमला डॉ. बृजेश सिंह ने स्वागत संबोधन दिया। तकनीकी सत्रों की रूपरेखा पहला सत्र में विश्वविद्यालयों के दृष्टिकोण से कृषि रोड मैप, कृषि प्राथमिकताओं एवं कार्य नीतियों पर चर्चा हुई। पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय एवं नौणी बागवानी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने राज्य की कृषि चुनौतियों और अवसरों पर प्रस्तुतिकरण दिया। दूसरे सत्र में आईसीएआर से जुड़े विभिन्न अनुसंधान संस्थानों जैसे डीएमआर सोलन, आईआईडब्ल्यूबीआर शिमला, आईएआरआई और एनबीपीजीआर के वैज्ञानिकों ने कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन और अनुसंधान-आधारित रणनीतियों पर अपने विचार रखे। तीसरे सत्र में राज्य सरकार के दृष्टिकोण से कृषि रोड मैप एवं कार्य नीतियों पर चर्चा हुई। इसमें कृषि विभाग, बागवानी विभाग, प्राकृतिक खेती, पशुपालन विभाग, राज्य बीज एवं ऑर्गेनिक उत्पाद प्रमाणन एजेंसी और मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के निदेशकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ठोस सुझाव दिए।  इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालयों, विभिन्न विभागों और आईसीएआर संस्थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।