samacharsecretary.com

लोकसभा में चमके ये 17 सांसद! संसद रत्न पाने वालों की पूरी लिस्ट देखें यहाँ

नई दिल्ली  लोकसभा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विभिन्न पार्टियों के 17 सांसदों को संसद रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस लिस्ट में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से सुप्रीम सुले, भाजपा के रवि किशन व निशिकांत दुबे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सांवत समेत 17 सदस्यों को लोकसभा में उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए ‘संसद रत्न’ सम्मान- 2025 से सम्मानित किया जाएगा। विशेष पुरस्कार भर्तृहरि महताब (भाजपा, ओडिशा), एन के प्रेमचंद्रन (रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल), सुप्रिया सुले (राकांपा-एसपी, महाराष्ट्र), और श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना, महाराष्ट्र) को प्रदान किए जाएंगे। इन सभी ने 16वीं लोकसभा के बाद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बनाए रखा है। मेघा कुलकर्णी को भी किया जाएगा सम्मानित अन्य सम्मानित किये जाने वाले सांसदों में स्मिता उदय वाघ (भाजपा), नरेश म्हस्के (शिवसेना), वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस), मेधा कुलकर्णी (भाजपा), प्रवीण पटेल (भाजपा), विद्युत बरण महतो (भाजपा) और दिलीप सैकिया (भाजपा) शामिल हैं। समिति श्रेणी में, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति और डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) की अध्यक्षता वाली कृषि संबंधी स्थायी समिति को उनकी रिपोर्ट की गुणवत्ता और विधायी निगरानी में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं 21 जुलाई को शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सुचारु रूप से चल नहीं पा रहा है। जैसे ही सदन की शुरुआत होती है, विपक्षी पार्टियों के सदस्य ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा और बिहार में एसआईआर सर्वे को वापस लेने की मांग पर हंगामा शुरू कर देते हैं। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन को स्थगित करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफे को लेकर भी विपक्ष जबरदस्त हंगामा कर रहा है।

हमास को मिटटी में मिला दो … ट्रंप ने इजरायल को क्यों दी खुली छूट, अब गाजा में सीजफायर का क्या होगा?

वाशिंगटन/ गाज़ा  Gaza में तबाही का सायरन बज रहा है। Donald Trump ने Israel को Gaza में कार्रवाई के लिए खुली छूट दी है, वहीं Netanyahu ने भी सख्त रुख अपनाया है। Gaza में जिंदगी हर पल मौत से जंग लड़ रही है, हालात बद से बदतर हो रहे हैं और भूख से लोग परेशान हैं। करीब 52000 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भुखमरी और कुपोषण की तस्वीरें पूरी दुनिया को हैरान कर रही हैं। मुझे लगता है कि वह मरना ही चाहते हैं और यह वास्तव में बहुत ज्यादा बुरा है… ये बात हमास पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्कॉटलैंड की यात्रा के दौरान कही है. लेकिन, आखिर ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप हमास पर भड़क गए और इजरायल को हमास के खिलाफ सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने के लिए खुली छूट दे दी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में सीजफायर को लेकर चल रही वार्ता के टूटने के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने इजरायल को फ्री हैंड देते हुए कहा कि बात उस हद तक पहुंच गई है, जहां आपको काम पूरा करना ही होगा. अमेरिकी प्रयासों को लगा झटका अमेरिका गाजा पट्टी में शांति स्थापित करने के प्रयास में लगा था और इसके लिए स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में एक दल को मिडिल ईस्ट शांति वार्ता के लिए भेजा गया था. लेकिन अब स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि अमेरिका इस बातचीत से पीछे हट रहा है और किसी अन्य ऑप्शन पर विचार करना चाहिए. इसके तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी सामने आई. गौरतलब है कि ट्रंप ने हमास की गिरफ्त से अमेरिकी-इजराइली नागरिक एडन एलेक्जेंडर की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी. हमास बन रहा है बाधा : नेतन्याहू इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एक बयान जारी किया गया है. बयान में नेतन्याहू ने स्टीव विटकॉफ की बात दोहराते हुए कहा कि हमास ही बंधकों की रिहाई में बाधा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि हम अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर अब वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, ताकि बंधकों को घर लाया जा सके. यही नहीं, हमास के आतंकवादी शासन का अंत हो और इजराइल व पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित की जा सके. तो क्या पूरी तरह खत्म हो जाएगा हमास? इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने बस इतना कहा कि 'कुछ हद तक निराशाजनक' थी. उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें लड़ना होगा और उन्हें सफाई करनी होगी. आपको उनसे छुटकारा पाना होगा.' ट्रंप ने कहा कि हमास बातचीत के आखिरी दौर में आकर मुकर गया, जिससे पता चलता है कि वे सिर्फ हिंसा चाहते हैं. गाजा में हालात बहुत बुरे हैं, बच्चे भूखे मर रहे हैं. इन सब को देखते हुए ट्रंप ने कहा है कि अब कूटनीति से कोई फायदा नहीं होगा. उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि 'लड़ो और उन्हें खत्म कर दो.' ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिका इजरायल के सैन्य अभियान में पूरी तरह से उसके साथ है. उन्होंने कहा कि अब हमास का बच पाना मुश्किल है. मिस्र और कतर ने सीजफायर को लेकर क्या कहा? डोनाल्ड ट्रंप ने जहां सीधे तौर पर हमास को दोषी ठहराया है, वहीं मिस्र और कतर के अधिकारियों ने वार्ता में मौजूदा ठहराव को 'इन जटिल वार्ताओं के संदर्भ में सामान्य' बताया है. एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने भी कहा कि वार्ता 'बिल्कुल भी' विफल नहीं हुई है. ट्रंप ने दावा किया कि हमास के पास बातचीत करने के लिए कोई खास वजह नहीं है, क्योंकि बंधकों की संख्या अब कम होती जा रही है. ट्रंप ने कहा, 'अब हमारे पास सिर्फ आखिरी कुछ बंधक बचे हैं और वे जानते हैं कि आखिरी बंधकों के रिहा होने के बाद क्या होता है. इसी वजह से वे वास्तव में कोई समझौता नहीं करना चाहते थे.' अब गाजा में सीजफायर का क्या होगा? सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को उम्मीद है कि ट्रंप के कड़े बयान और विटकॉफ के हटने से हमास पर बातचीत की मेज पर लौटने का दबाव बनेगा. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, 'हमने कोशिश की है. दुनिया ने इसे देखा है. विकल्प क्या हैं – स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई हथियार हैं. विशेष दूत विटकॉफ के पास भी कई विकल्प हैं.' ट्रंप ने अमेरिकी सहायता पर आलोचना का भी जवाब दिया और कहा, 'लोगों को यह नहीं पता और हमें निश्चित रूप से कोई आभार या धन्यवाद नहीं मिला. लेकिन, हमने भोजन, आपूर्ति और बाकी सभी चीजों के लिए 60 मिलियन डॉलर का योगदान दिया. हमें उम्मीद है कि पैसा वहां पहुंच जाएगा, क्योंकि आप जानते हैं, वह पैसा छीन लिया जाता है. भोजन छीन लिया जाता है. हम और भी कुछ करने वाले हैं, लेकिन हमने बहुत सारा पैसा दिया है.' इमैनुएल मैक्रों की बात पर ट्रंप ने क्या कहा? फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी यह घोषणा करके दुनिया का ध्यान खींचा कि फ्रांस सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा. ट्रंप ने इस कदम को खारिज करते हुए पत्रकारों से कहा, 'इस बयान का कोई महत्व नहीं है। वह बहुत अच्छे इंसान हैं। मैं उन्हें पसंद करता हूँ। लेकिन इस बयान का कोई महत्व नहीं है.'  आखिर, क्यों इतना भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप? बता दें कि कुछ सप्ताह पहले तक अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि एक समझौता होने वाला है, जिससे संघर्ष समाप्त हो जाएगा और बाकी बचे बंधकों को रिहा किया जाएगा. इसके साथ ही गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई जा सकेगी. ट्रंप लगातार गाजा में शांति स्थापित करने की कोशिश में लगे थे और इसके लिए उन्होंने स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता के लिए एक दल भी भेजा था. लेकिन, अब ट्रंप के प्रयासों को झटका लगा है और स्टीव विटकॉफ ने कहा कि वह बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

उत्तर भारत में बरसेंगे बादल, यूपी-उत्तराखंड सहित कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली दबाव के प्रभाव की वजह से उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, पू्रवी मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में 26 जुलाई, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात में 26 व 27 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को भारी से बहुत भारी बरसात होने वाली है। इसके अलावा, मध्य भारत, पश्चिमी तटों पर अगले तीन दिनों तक मॉनसून काफी एक्टिव रहेगा। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-29 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई और 28-30 जुलाई को भारी बरसात होने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार में 26-30 जुलाई, विदर्भ, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 26-28 जुलाई और एक अगस्त, झारखंड में 29-31 जुलाई को भारी बरसात होने वाली है। ओडिशा में 31 जुलाई को भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में 27 जुलाई, केरल, माहे में 27-30 जुलाई, तटीय कर्नाटक में 26-1 अगस्त, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक में 26 और 27 जुलाई, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 26-29 जुलाई, आंध्र प्रदेश, यनम में 26 जुलाई को भारी बरसात होगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई, उत्तराखंड में 27 और 28 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई, पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 26-30 जुलाई के बीच बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, जम्मू कश्मीर में 28-30 जुलाई, हिमाचल प्रदेश में 27-30 जुलाई, उत्तराखंड में 26 जुलाई से एक अगस्त, हरियाणा, चंडीगढ़ में 28 और 29 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-29 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई और 28-30 जुलाई, राजस्थान में 26-31 जुलाई के बीच भारी बरसात होने की संभावना है। भारी बारिश से केरल के विभिन्न हिस्सों में व्यापक क्षति केरल के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण व्यापक क्षति हुई है और नदियों एवं बांधों में जलस्तर बढ़ गया है। इसके मद्देनजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के सात जिलों- अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड के लिए शनिवार सुबह तीन घंटे के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। कोझिकोड के विभिन्न हिस्सों में रातभर हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए और कई मकान और वाहनों को नुकसान पहुंचा। बिजली की तार और खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसी तरह की घटनाएं कोट्टायम और कन्नूर जिलों से भी सामने आई हैं। वायनाड जिले में बाणासुर सागर और पलक्कड़ जिले में स्थित अलियार बांध के फाटक खोल दिए गए हैं। इन जलाशयों के पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

बवाल के बीच पी.सी. मोदी को मिली अहम जिम्मेदारी, चुनाव अधिकारी नियुक्त

नई दिल्ली देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद तेजी से आगे बढ़ रही है. चुनाव आयोग ने राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है. इसके साथ ही राज्यसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव गरिमा जैन और निदेशक विजय कुमार को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है. निर्वाचन प्रक्रिया के तहत, लोकसभा और राज्यसभा के महासचिवों को बारी-बारी से निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है. पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा के महासचिव इस भूमिका में थे. हालांकि, पी.सी. मोदी की नियुक्ति के साथ उनके अतीत को लेकर कुछ विवाद भी उठे हैं, जिसने इस नियुक्ति को चर्चा का विषय बना दिया है. कौन हैं पी.सी. मोदी? पी.सी. मोदी एक अनुभवी नौकरशाह हैं, जिन्हें नवंबर 2021 में राज्यसभा के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया. उनकी नियुक्ति पर विपक्ष ने सवाल उठाए, खासकर तब जब उनके पूर्ववर्ती पीपीके रामाचर्युलु को केवल दो महीने बाद हटा दिया गया. रामाचर्युलु राज्यसभा सचिवालय के पहले अधिकारी थे, जिन्होंने इस पद को संभाला था, और उनकी अचानक विदाई ने विपक्षी दलों में असंतोष पैदा कर दिया. विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्ष ने यह सवाल उठाया कि रामचर्युलु को हटाकर मोदी को यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय क्यों लिया गया. यह परिवर्तन 2021 के मॉनसून सत्र के दौरान हुआ, जिसने इस नियुक्ति को और अधिक संदिग्ध बना दिया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि यह निर्णय चौंकाने वाला है, क्योंकि सत्र पहले से ही बुलाया जा चुका था. ऐसे में अचानक बदलाव की वजह और इसके पीछे की मंशा को समझना आवश्यक है. खरगे ने यह भी उल्लेख किया कि आमतौर पर राज्यसभा के महासचिव पद के लिए कानून के विशेषज्ञों को चुना जाता है, जबकि पी. सी. मोदी भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1982 बैच के अधिकारी हैं, जिन्होंने मई 2021 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष पद से रिटायरमेंट लिया था. कांग्रेस के राज्यसभा में मुख्य व्हिप जयराम रमेश ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि डॉ. पी. पी. रामाचर्युलु एक पेशेवर, निष्पक्ष और पूरी तरह से योग्य व्यक्ति हैं, और मोदी शासन में यही तीन बातें सबसे बड़ी समस्याएं मानी जाती हैं. अन्य विपक्षी दल भी हैरान तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस बदलाव पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं. टीएमसी के मुख्य व्हिप सुखेंदु शेखर रॉय ने सवाल उठाया कि केवल 73 दिन पहले नियुक्त व्यक्ति को अचानक एक आईआरएस अधिकारी से क्यों बदला गया. वहीं, राजद के राज्यसभा नेता मनोज झा ने बताया कि रामाचर्युलु पिछले सत्र में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी नियुक्ति उस सत्र के बाद हुई थी. नए सत्र से ठीक पहले किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पी. सी. मोदी के खिलाफ लग चुके गंभीर आरोप पी. सी. मोदी का नाम पहले भी कई विवादों में आ चुका है. मुंबई के पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक शिकायत भेजी थी, जिसमें उन पर एक “संवेदनशील मामला” दबाने का निर्देश देने का आरोप लगाया गया था. इसके अलावा, शिकायत में यह भी कहा गया कि सीबीडीटी के अध्यक्ष के रूप में मोदी ने मुख्य आयुक्त को बताया था कि एक विपक्षी नेता के खिलाफ “सफल तलाशी” कार्रवाई के चलते उन्होंने अपना पद “सुरक्षित” कर लिया है. इस शिकायत के दो महीने बाद, सरकार ने उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया, और इसके बाद प्रमुख कर निकाय के प्रमुख के रूप में दो और कार्यकाल विस्तार भी दिए गए. उप-राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उप-राष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा किया जाता है. यह चुनाव एकल संक्रमणीय मत पद्धति के तहत आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से और गुप्त मतदान के माध्यम से संपन्न होता है. रिटर्निंग ऑफिसर चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया की देखरेख करता है, जिसमें चुनाव की अधिसूचना जारी करना, नामांकन पत्रों को स्वीकार करना, जमानत राशि की जमा राशि, नामांकन की जांच, नाम वापसी की प्रक्रिया और अंत में मतगणना शामिल है. अब जबकि चुनाव आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है, उप-राष्ट्रपति चुनाव की तिथियों की घोषणा की उम्मीद की जा रही है. जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख किया. हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस निर्णय के पीछे कई अन्य संभावित कारणों पर चर्चा हो रही है. सूत्रों के अनुसार, विपक्ष द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार करना सरकार के लिए अप्रिय था. यह प्रस्ताव विपक्ष ने लगभग 3 बजे प्रस्तुत किया, और धनखड़ ने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया, जिससे सरकार की लोकसभा में इसी तरह के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की योजना प्रभावित हुई. धनखड़ का कार्यकाल कई विवादों से घिरा रहा. विपक्ष ने उन पर सरकार के पक्ष में पक्षपात करने का आरोप लगाया, जिसके चलते दिसंबर 2024 में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया. इसके अलावा, धनखड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान विपक्षी सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की, जिससे उनके और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया.

क्रेडिट कार्ड से LPG तक 1 अगस्त से बदलेंगे 6 अहम नियम, जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली हर महीने की तरह अगस्‍त 2025 में भी कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम आदमी की जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड के नियम, LPG के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है तो वहीं UPI को लेकर भी कई चेंजेज होने वाले हैं. यह 6 बदलाव आपकी जेब पर बोझ डाल सकते हैं और आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं. आइए जानते हैं अगले महीने से कौन-कौन से नियम बदल रहे हैं.  पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव  अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था.  दूसरा- LPG के दाम में बदलाव  हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है.  तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम  1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं.      अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे.      अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.       AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद.      अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा.  चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव  अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी.  पांचवा- बैंक हॉलिडे  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं.  छठवां- ATF के दाम  1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.  

तमिलनाडु में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत: त्रिची में रात्रि विश्राम, अरियालुर में भव्य रोड शो के बाद आगमन

चेन्नई,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दो दिवसीय दौरे पर पीएम मोदी शनिवार देर शाम को तमिलनाडु पहुंचेंगे, जहां वह करीब 4800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पहले दिन तूतीकोरिन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां से कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्रपति को समर्पित किया जाएगा। इसके अगले दिन, 27 जुलाई को पीएम मोदी अरियालुर पहुंचेंगे, जहां वह गंगईकोंडा चोलपुरम में आदि तिरुवथिरई उत्सव में भाग लेंगे। संभावित शेड्यूल के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार रात तूतीकोरिन से त्रिची हवाई मार्ग से पहुंचेंगे। त्रिची एयरपोर्ट पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री कलेक्टर ऑफिस रोड स्थित होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। अगली सुबह वे होटल से एयरपोर्ट तक रोड शो में हिस्सा लेंगे और फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से अरियालुर के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रधानमंत्री के रोड शो की तैयारियां जोरों पर हैं। सड़क के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। पार्टी के झंडे, फ्लेक्स बोर्ड और बैनर भी लगाए जा चुके हैं। रास्ते में सड़कों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से जारी है। प्रधानमंत्री को अरियालुर ले जाने वाला हेलीकॉप्टर एयरपोर्ट पर तैयार खड़ा है। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया है। त्रिची जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शहर में ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (यूएवी) के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे को लेकर भाजपा की राज्य इकाई ने भी बड़ी तैयारी की है। के अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “तमिलनाडु को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तूतीकोरिन और ऐतिहासिक गंगईकोंडा चोलपुरम में स्वागत करते हुए बहुत गर्व हो रहा है।” भाजपा नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं कि हमारे प्रधानमंत्री तूतीकोरिन आ रहे हैं और वे कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं।”  

वडोदरा में राहुल गांधी का कार्यक्रम तय: सहकारी संगठनों से मुलाकात पर फोकस

गांधीनगर गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संसद में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को गुजरात पहुंचे। इस दौरान वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। राहुल गांधी आणंद में पार्टी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। वहीं, आज वो वडोदरा के जितोदिया गांव में सहकारी दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समुदाय के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस मुलाकात में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं, स्थानीय सहकारी समितियों की स्थिति और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। बैठक में स्थानीय किसानों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 26 जुलाई को गुजरात के आनंद शहर में पार्टी के नए जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे और सहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े किसानों व नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा खासकर उन मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, जो वर्तमान में गुजरात की सहकारी व्यवस्था और दुग्ध उद्योग को प्रभावित कर रहे हैं। नए जिला अध्यक्षों से भी करेंगे बात गुजरात कांग्रेस ने हाल ही में जिला कांग्रेस समितियों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इन नए अध्यक्षों के लिए 26 से 28 जुलाई तक आनंद के एक रिसॉर्ट में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी के अनुसार, राहुल गांधी 26 जुलाई को सुबह 11 बजे उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र का उद्देश्य आगामी 2027 के चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत बनाना है। दूध किसानों के साथ संवाद शिविर के उद्घाटन के बाद राहुल गांधी शाम करीब 3 बजे गुजरात की विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह बातचीत खासकर हाल ही में साबर डेयरी के बाहर हुए प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसमें दूध किसानों ने दूध खरीद दरों को लेकर विरोध जताया था। साबर डेयरी, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन से जुड़ी हुई है, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचती है। सहकारी मॉडल को लेकर भाजपा पर निशाना गुजरात कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य के सहकारी मॉडल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि कभी गुजरात का सहकारी मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण था, लेकिन भाजपा के लंबे शासनकाल में इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन बढ़ा है। राहुल गांधी का यह संवाद इसी मुद्दे पर केंद्रित रहेगा कि कैसे इन सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाई जा सकती है और किसानों को उनका उचित हक मिल सके। किसानों की समस्याएं और समाधान की पहल राहुल गांधी का यह संवाद दौरा किसानों की समस्याएं समझने और उन्हें पार्टी की आगामी रणनीति में शामिल करने का एक प्रयास है। दूध उत्पादन से जुड़ी लागत, भुगतान में देरी, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे किसानों को लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को 2027 के चुनावी एजेंडे में शामिल कर किसानों को एक नई आवाज देना चाहती है। मिशन 2027 की ओर पहला कदम गुजरात कांग्रेस राहुल गांधी के इस दौरे को 'मिशन 2027' की औपचारिक शुरुआत मान रही है। प्रशिक्षण शिविर, संगठन सशक्तिकरण, और जमीनी स्तर के मुद्दों पर संवाद जैसे कार्यक्रमों से पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करने में जुट गया है। राहुल गांधी की मौजूदगी पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ किसानों के बीच कांग्रेस की सक्रियता का संकेत भी देती है।  

तेज बारिश से तबाही: छत्तीसगढ़ और केरल के कई इलाके जलमग्न

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन इसके साथ ही आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और केरल के मलप्पुरम जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जहां रायपुर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं मलप्पुरम में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं। इन दोनों जगहों पर प्रशासन अलर्ट पर है और राहत कार्यों में जुटा हुआ है। रायपुर में बीते 24 घंटों से हो रही भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। मुख्य सड़कों, कॉलोनियों और बाजारों में घुटनों तक पानी जमा हो गया है। इससे लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा गई है और कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने जलनिकासी की व्यवस्था तेज कर दी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी, लोगों से घरों में रहने की अपील रायपुर प्रशासन ने स्कूल और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्देश दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे बेवजह घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। नगर निगम के कर्मचारी जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकालने का काम कर रहे हैं। साथ ही कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। मलप्पुरम में तेज हवाओं से कई पेड़ उखड़े केरल के मलप्पुरम जिले में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। इस कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। गिरते पेड़ों से कई सड़कें जाम हो गई हैं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे भी टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। बिजली और मोबाइल नेटवर्क पर असर मलप्पुरम के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। लगातार बारिश और हवाओं के कारण मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हुआ है, जिससे लोगों को आपस में संपर्क करने में मुश्किल हो रही है। बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर टूटे तार और पोल को दुरुस्त करने का काम कर रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को वहां भेजा जा सके।  

हाई कोर्ट ने CPM को लताड़ा: ‘देशभक्त बनो, गाजा के हिमायती नहीं’

मुंबई  CPI(M) की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामला गाजा में हुई मौतों के विरोध में सभा करने की अनुमति न देने का था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीपीआईएम को जमकर फटकार लगाई। बेंच ने कहा कि देश में इतनी सारी समस्याएं हैं, उनसे आप प्रभावित नहीं हो रहे हैं और हजारों मील दूर गाजा में क्या हो रहा है, वह आपको परेशान कर रहा है? जस्टिस ने याचिका क्या थी याचिका पुलिस, प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सीपीआईएम ने याचिका की थी। सीपीआईएम के वकील मिहिर देसाई ने कोर्ट में कहा कि वह सिर्फ आज़ाद मैदान में मीटिंग करना चाहते थे। वे विरोध मार्च नहीं निकालना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान विरोध- प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित किया गया है।जस्टिस आरवी घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने कहा कि पार्टी के पास याचिका दायर करने का कोई अधिकार नहीं है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि पार्टी ने खुद अनुमति नहीं मांगी थी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा हाई कोर्ट ने कहा कि अनुमति ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी फाउंडेशन (AIPSF) ने मांगी थी और उसे ही याचिका का अधिकार है। पिछले महीने सीपीआईएम गाजा मुद्दे पर आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करना चाहता था। इसके लिए AIPSF ने मुंबई पुलिस को अर्जी देकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इसे मुंबई पुलिस ने नामंजूर कर दिया था। हाई कोर्ट ने किए सवाल पर सवाल हाई कोर्ट ने याचिका पर नाराजगी जताई। जस्टिस ने वकील मिहिर देसाई से पूछा कि याचिकाकर्ता भारत में कचरा, अवैध पार्किंग, बाढ़ और जल निकासी जैसी समस्याओं पर ध्यान क्यों नहीं देते? कोर्ट ने हैरानी जताई कि इन मुद्दों पर याचिका नहीं होती। जस्टिस ने वकील से पूछा कि उनके क्लाइंट्स हजारों मील दूर हो रही घटनाओं से कैसे प्रभावित हैं? जस्टिस बोले-देशभक्त बनो बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'देशभक्त बनो… अपने देश के मुद्दों पर बोलो।' वकील मिहिर देसाई ने बेंच से पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि बोलने और व्यक्त करने की आजादी सिर्फ भारत में हो रही चीजों के बारे में है? उन्होंने दुनिया भर के लोकतंत्रों में इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होने की बात सहकर बेंच ने सवाल किए। हाई कोर्ट ने जताई हैरानी हाई कोर्ट ने कहा, 'हमारे देश में पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं। हमें उनपर ध्यान देना चाहिए। हमें ऐसा कुछ नहीं चाहिए कि वे समस्याएं हल हों। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि आप सब लोग दूर की नहीं सोच रहे हैं… आप गाजा के मामले को देख रहे हैं। अपने देश को देखो।'  

सैनिक अब जानेंगे इस्लाम और अरबी, इजरायल का नया कदम चर्चा में

तेल अवीव इजरायल डिफेंस फोर्स (IMF) ने खुफिया विभाग के सैनिकों और अधिकारियों के लिए अरबी भाषा व इस्लामी स्टडी की ट्रेनिंग जरूरी कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि 7 अक्टूबर, 2023 को हुई खुफिया विफलता को देखते हुए यह फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि इस पहल से खुफिया अफसरों की जांच का दायरा और बढ़ेगा। अगले साल के अंत तक AMAN (इजरायल के सैन्य खुफिया निदेशालय का हिब्रू में नाम) के सभी कर्मियों से इस्लामी अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही, 50 प्रतिशत कर्मियों को अरबी भाषा सिखाई जाएगी। यह आदेश अमन के प्रमुख मेजर जनरल श्लोमी बाइंडर ने जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ के इस कार्यक्रम में हूती और इराकी बोलियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। खुफिया कर्मियों को फिलहाल हूती में बातों को समझने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में बताया गया कि यमन और अन्य अरब क्षेत्रों के ज्यादातर लोगों को कात (हल्का नशीला पौधा) चबाने की आदत है। इससे साफ बोलने में दिक्कत आने लगती है। सीनियर अधिकारी ने आर्मी रेडियो को बताया, 'अब तक हम संस्कृति, भाषा और इस्लाम के क्षेत्रों में सक्षम नहीं रहे हैं। हमें इनमें सुधार करने की जरूरत है। हम अपने खुफिया अधिकारियों और सैनिकों को अरब गांवों में पले-बढ़े बच्चों जैसा तो नहीं बना सकते, लेकिन भाषा और सांस्कृतिक अध्ययन से उनकी समझ को बढ़ाया जा सकता है।' स्कूल में अरबी को बढ़ावा आर्मी रेडियो के सैन्य संवाददाता डोरोन कादोश ने बताया कि अरबी और इस्लामी शिक्षा के लिए एक नया विभाग स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, आईडीएफ ने मिडिल और हाई स्कूलों में अरबी को बढ़ावा देने के लिए टेलेम विभाग को फिर से खोलने की योजना बनाई है। पहले यह विभाग बजट की कमी के कारण बंद कर दिया गया था। इसके चलते अरबी पढ़ने वाले कर्मियों की संख्या में भारी कमी आई है। अब जरूरत महसूस होने पर इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी है।