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संसद सत्र से पहले पीएम का प्रहार: आतंक पर लोकतंत्र भारी, पाकिस्तान का चेहरा उजागर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले अपने संबोधन में कहा कि मानसून नवसृजन और नवीनता का प्रतीक है। मानसून सत्र विजयोत्सव राष्ट्र उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस सत्र के दौरान अच्छी चर्चा और कामकाज होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अबतक जो खबरें मिली हैं देश में मौसम बहुत ही अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। कृषि को लाभदायक मौसम की खबरें हैं। बारिश किसानों की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अब तक जो मुझे जानकारी दी गई है उस हिसाब से पिछले 10 वर्ष में जो पानी का भंडार हुआ, इस बार करीब करीब तीन गुना हुआ है। इसका आने वाले दिनों में देश के अर्थतंत्र को काफी लाभ होगा। ये सत्र राष्ट्र के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है… पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र राष्ट्र के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है। ये मानसून सत्र राष्ट्र के लिए अपने आप में विजयोत्सव का रूप है और जब मैं कहता हूं कि ये सत्र राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का सत्र है तो सबसे पहले मैं पहली बार इंटरनेशल स्पेस स्टेशन पर भारत का तिरंगा झंडा वहां लहराना ये हर देशवासी के लिए गौरव के पल हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में साइंस तकनीक के प्रति इनोवेशन के प्रति नया उमंग और उत्साह भरने वाली ये सफल यात्रा रही है और पूरी संसद लोकसभा राज्यसभा दोनों सदन देशवासी जिस गौरव का अनुभव कर रहे हैं। उसमें एक स्वर से जुड़ेंगे एक स्वर से इसका यशगान होगा जो भारत को अंतरिक्ष में नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले जो भावी कार्यक्रम है उनके लिए भी प्रेरक बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने सभी टारगेट पूरे किए- पीएम प्रधानमंत्री ने कहा कि ये मानसून सत्र एक विजयोत्सव है पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का भारत के सैन्य के सामर्थ्य का रूप देखा है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सेना ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था उसे 100 फीसदी अचीव किया। आतंकियों के आकाओं के घर में जाकर 22 मिनट के भीतर ऑपरेशन सिंदूर के तहत उसको जमींदोज कर दिया गया। मैंने बिहार के कार्यक्रम में इसकी घोषणा की थी कि हमारी सैन्य शक्ति ने बहुत ही कम समय में सिद्ध करके दिखा दिया और इसमें मेन इन इंडिया सैन्य शक्ति का ये नया स्वरूप पर दुनिया आकर्षित हुई है। 21 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। यह सत्र 32 दिन तक चलेगा। इस दौरान 21 बैठकें होंगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए संसद के दोनों सदन 12 अगस्त से 17 अगस्त तक स्थगित रहेंगे। इसके बाद 18 अगस्त को सत्र फिर से शुरू होगा। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। सबसे अहम मुद्दा ऑपरेशन सिंदूर है, जिस पर बहस होगी। यह बहस 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हो रही है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप के दावे पर विपक्ष मांग रहा जवाब विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर बयान देने की मांग की है और साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच शांति मध्यस्थता के बार-बार किए गए दावों पर जवाब मांगा है। सत्र के दौरान बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और समय को लेकर चिंता जताते हुए सरकार पर आगामी राज्य चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। इन विधेयक को पेश करने की तैयारी में सरकार इस सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की भी तैयारी में है। इनमें जीएसटी सुधार, टैक्सेशन कानून, सार्वजनिक विश्वास नियमन, खेल प्रशासन, बंदरगाह और खनिज और भू-विरासत स्थलों के संरक्षण से संबंधित प्रस्तावित कानून शामिल हैं। लोकसभा में नए आयकर विधेयक, 2025 पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, संसद में एक न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। संसद सत्र से एक दिन पहले ही हुई सर्वदलीय बैठक संसद सत्र की शुरूआत से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ये राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे हैं। सरकार इनसे पीछे नहीं हट रही और ना कभी हटेगी, बल्कि नियमों और परंपराओं के दायरे में चर्चा के लिए हमेशा खुली है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के लिए नियम और परंपराएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, अबतक जो खबरें मिली हैं देश में मौसम बहुत ही अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। कृषि को लाभदायक मौसम की खबरें हैं। बारिश किसानों की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक अहम अबतक जो मुझे जानकारी दी गई है उस हिसाब से पिछले 10 वर्ष में जो पानी का भंडार हुआ है इस बार जो करीब करीब तीन गुना हुआ है जिसका आने वाले दिनों में देश के अर्थतंत्र को काफी लाभ होगा. राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण है यह सत्र: पीएम मोदी ये सत्र राष्ट्र के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है ये मॉनसून सत्र राष्ट्र के लिए एक अपने आप में विजयोत्सव का रूप है। मैं जब यह कहता हूं कि ये सत्र राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का सत्र है, तो सबसे पहले तो मैं पहली बार इंटरनेशल स्पेस स्टेशन पर भारत का तिरंगा झंडा वहां लहराना ये हर देशवासी के लिए गौरव के पल हैं। देश में साइंस तकनीक के प्रति ,इनोवेशन के प्रति, नई उमंग और उत्साह भरने वाली ये सफल यात्रा रही है। आज पूरी संसद लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन, देशवासी जिस गौरव का अनुभव कर रहे हैं उसमें एक स्वर से जुड़ेंगे। एक स्वर से इसका यशगान होगा जो भारत को अंतरिक्ष में नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले जो भावी कार्यक्रम है उनके लिए भी प्रेरक बनेगा। भारतीय सेना ने टारगेट का 100 प्रतिशत किया एचीव प्रधानमंत्री ने कहा, ये मॉनसून सत्र एक विजयोत्सव है पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति … Read more

सत्र का आगाज़ आज, विधेयकों की बारिश और विपक्ष के तीखे सवाल आमने-सामने

नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है. विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर ली है, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पाकिस्तान के साथ सीजफायर कराने के दावे और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) सबसे प्रमुख हैं. सरकार ने कहा है कि वह ऑपरेशन सिंदूर सहित सभी अहम मुद्दों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष का जोर 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले पर रहेगा, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लेकर सरकार पर 'चूक' के आरोप लगाए जा रहे हैं. 17 विधेयक पेश करेगी सरकार इस सत्र में, जो 21 अगस्त को समाप्त होगा, सरकार 17 विधेयकों को पेश करने की योजना बना रही है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने संबंधी विधेयक की मांग कर रही है, लेकिन सरकार के सहयोग की संभावना कम दिख रही है. कांग्रेस सांसदों ने दिए नोटिस कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने शून्यकाल को स्थगित कर पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है. वहीं, सांसद मणिकम टैगोर ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान को लेकर अलग से नोटिस दिया है. प्रधानमंत्री का बयान और विपक्ष की मांगें सत्र की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया को संबोधित कर सरकार के एजेंडे और प्राथमिकताओं को बताते हुए करेंगे. यह संसद का पहला सत्र होगा जो पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रहा है, लिहाजा ये मुद्दे कार्यवाही में हावी रहने की संभावना है. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने पीएम मोदी से ट्रंप के दावों, पहलगाम हमले में कथित चूक और बिहार में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जवाब मांगा. एअर इंडिया हादसा और विमान सुरक्षा विपक्ष एक और बड़ा मुद्दा उठाने जा रहा है- अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया हादसे का, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी. अमेरिकी रिपोर्ट्स में हादसे के लिए पायलटों को दोषी ठहराया गया है, ऐसे में सरकार से विस्तृत जवाब की मांग की जाएगी. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की ओर से इन विवादित मुद्दों पर सीधे तौर पर जवाब देने की संभावना नहीं है.  सरकार की रणनीति और एक संभावित सर्वसम्मति केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार है और किसी मुद्दे से भागने वाली नहीं है. हालांकि, ट्रंप के दावों पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. सरकार का फोकस पाकिस्तान के साथ टकराव के दौरान हासिल उपलब्धियों और उसके बाद हुई सर्वदलीय विदेश यात्राओं को उजागर करने पर रहेगा. मॉनसून सत्र के दौरान कुल 21 बैठकें होंगी, जो 32 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएंगी.

कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने किया 3 अगस्त को बंद का आह्वान, पांच राज्य होंगे प्रभावित

नई दिल्ली,  कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में 3 अगस्त को बंद का एलान किया है। कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों और कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की गई है। पत्र में जिक्र किया गया है कि पूर्वी रीजनल ब्यूरो अपनी पार्टी कमेटियों, फौजी इकाइयों और जन संगठनों से अपील करता है कि वे हमारी पार्टी के महासचिव अमर शहीद कॉमरेड बसवराज और कॉमरेड विवेक की शहादत को याद करें, उनके क्रांतिकारी जीवन और कम्युनिस्ट आदर्शों से प्रेरणा लें और क्रांति के रास्ते पर जोश के साथ आगे बढ़ें। इसमें आगे कहा गया, “पूर्वी रीजनल ब्यूरो 20 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक स्मृति सभा का आयोजन कर रहा है। उसे सफल करने के लिए गांव-गांव, इलाके-इलाके में व्यापक रूप में ग्रुप मीटिंग, आम सभा व रैली का आयोजन कर स्मृति सभा को सफल करें। साथ ही 3 अगस्त 2025 को बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में एक दिवसीय बंद को सफल करें। यह बंद केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा माओवादी नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आदिवासी-ग्रामीण जनता पर किए जा रहे दमन के खिलाफ है।” पत्र में कॉमरेड बसवराज का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया, “21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गुंडेकोट पहाड़ में पुलिस के साथ 60 घंटे के संघर्ष के बाद हमारी पार्टी के महासचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड बसवराज (नवाला केशव राव) अपने दल के साथ शहीद हो गए। 21 मई 2025 को भारत के क्रांतिकारी आंदोलन के लिए काला दिन था।” बता दें कि 21 मई को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 27 नक्सली मारे गए थे। मारे गए नक्सलियों में 1.5 करोड़ का इनामी बसवराजू भी शामिल था, जो 70 साल का था और आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के एक गांव का रहने वाला था।  

PM मोदी का बड़ा कूटनीतिक मिशन: ब्रिटेन और मालदीव में व्यापार-रक्षा पर फोकस

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से ब्रिटेन और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में, मोदी लंदन जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। रविवार को दोनों देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। मोदी की 23-24 जुलाई की ब्रिटेन यात्रा, इस देश की उनकी चौथी यात्रा होगी। लंदन से मालदीव जाएंगे PM मोदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होने मालदीव जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 25 से 26 जुलाई तक मालदीव की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति और विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।" मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।  

20वीं किस्त कब आएगी? कृषि मंत्रालय ने पीएम किसान योजना पर खोले अहम राज

नई दिल्ली  9.8 करोड़ से अधिक किसान पीएम किसान योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त जारी कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक तारीख या स्थान की घोषणा नहीं की गई है। तारीख की घोषणा पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी। इस बीच, कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को उन्हें सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं के प्रति आगाह किया। मंत्रालय ने कहा कि किसानों को पीएम किसान योजना से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है। कृषि विभाग ने क्या कहा? कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले पीएम किसान सम्मान निधि के आधिकारिक अकाउंट "एक्स" ने शुक्रवार, 18 जुलाई को एक पोस्ट में कहा, "प्रिय किसान भाइयों और बहनों, पीएम-किसान के नाम पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी सूचनाओं से सावधान रहें। केवल आधिकारिक वेबसाइट: http://pmkisan.gov.in और @pmkisanofficial पर ही भरोसा करें। फर्जी लिंक, कॉल और संदेशों से दूर रहें।" योजना के बारे में बता दें कि पीएम-किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत पात्र किसानों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद के रूप में प्रति वर्ष 6,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है। इससे पहले फरवरी 2025 में पीएम मोदी ने बिहार के भागलपुर से 19वीं किस्त जारी की थी, जिसमें 9.8 करोड़ किसानों को 22,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। अब देशभर के किसान 20वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि यह किस्त आमतौर पर हर चार महीने में जारी की जाती है, इसलिए किसान जून में इसके जारी होने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, 18 जुलाई तक किस्त जारी नहीं की गई है और देरी का कोई आधिकारिक कारण भी नहीं बताया गया है। पिछले साल, जून की किस्त महीना खत्म होने से पहले ही जारी कर दी गई थी।  

अब नहीं बच पाएंगे दुश्मन: खराब मौसम में भी हमला करेंगे अपाचे हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली  भारतीय सेना को अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था 22 जुलाई को मिलने की उम्मीद है। इसमें 15 महीने से अधिक की देरी पहले ही हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान-अफगानिस्तान) पर सेना की मारक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 2020 में अमेरिका के साथ 600 मिलियन डॉलर का सौदा हुआ। इसके तहत 6 अपाचे हेलीकॉप्टरों में से पहले 3 की डिलीवरी जल्द हो सकती है, जबकि बाकी तीन इस साल के अंत तक पहुंच जाएंगे। सेना के एविएशन कोर ने मार्च 2024 में जोधपुर में पहली अपाचे स्क्वाड्रन तैयार की थी, लेकिन हेलीकॉप्टर न होने के कारण यह स्क्वाड्रन बिना उपकरणों के थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सप्लाई चेन में रुकावटों और तकनीकी समस्याओं के कारण डिलीवरी दिसंबर 2024 तक टल गई, जो मई-जून 2024 में होनी थी। इस देरी से पश्चिमी मोर्चे पर बढ़ते खतरे के बावजूद सेना ने तत्परता में कोई कमी नहीं छोड़ी। अपाचे हेलीकॉप्टर की खासियत अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर अपनी चपलता, मारक क्षमता और एडवांस टारगेंटिग सिस्टम के लिए जाने जाते हैं। यह 300 किमी/घंटा की रफ्तार और 20 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें आधुनिक टारगेट एक्विजिशन एंड डिजाइनेशन सिस्टम (TADS) और नाइट विजन सेंसर हैं, जो रात और खराब मौसम में सटीक निशाना साधते हैं। ड्रोन नियंत्रण और डेटा लिंक क्षमता इसे और प्रभावी बनाती है। भारतीय वायुसेना ने 2015 में एक अलग समझौते के तहत 22 अपाचे हेलीकॉप्टर पहले ही शामिल कर लिए हैं, लेकिन सेना को अपने हिस्से के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। ये हेलीकॉप्टर सेना की जमीनी हमले की क्षमता को मजबूती देंगे, जो ऑपरेशन सिंदूर के तहत मौजूदा जरूरतों के लिए अहम है। सैन्य तैयारियों को मिलेगा बढ़ावा सेना का एविएशन कोर टोही, घायल सैनिकों की निकासी और दूसरे मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके मौजूदा संसाधनों में स्वदेशी उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव, रुद्र, चीता, चेतक, और हल्का युद्धक हेलीकॉप्टर (LCH) शामिल हैं। अपाचे हेलीकॉप्टरों के आ जान से पश्चिमी सीमा पर आक्रामक और रक्षात्मक अभियानों को मजबूती मिलेगी, जिससे सेना की तैयारियां आगे बढ़ती नजर आएंगी।  

संसद के मॉनसून सत्र में ही आएगा जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव? रिजिजू ने दिया जवाब

नई दिल्ली  संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने एजेंडे तैयार कर लिए हैं। इसी सत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने की भी संभावना है। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक बिजनेस एडवाइजरी कमेटी इस मुद्दे को पास नहीं करती और चेयर से मंजूरी नहीं मिल जाती, इस मामले में कोई भी ऐलान करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि महाभियोग को लेकर सांसदों के हस्ताक्षर हो रहे हैं। 100 से ज्यादा सदस्य इसपर साइन कर चुके हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा वर्तमान में इलाहाबाद हाई कोर्ट में कार्यरत हैं। हालांकि उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया है। दिल्ली हाई कोर्ट में जज रहने के दौरान उनके आवास से जली हुए नोटों की गड्डियां मिली थीं। इससे पहले रीजीजू ने शुक्रवार को कहा था कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं। न्यायमूर्ति वर्मा के आवास से नोटों की जली हुई गड्डियां बरामद हुई थीं। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के आदेश पर हुई आंतरिक जांच में उन्हें दोषी ठहराया गया है। न्यायमूर्ति वर्मा ने किसी भी गलत कार्य में संलिप्त होने से इनकार किया है, लेकिन सुप्रीम द्वारा गठित आंतरिक जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्यों का उस स्टोर रूम पर गुप्त या सक्रिय नियंत्रण था, जहां नकदी पाई गई थी। इससे यह साबित होता है कि मामला गंभीर है और उन्हें हटाया जाना चाहिए। शुक्रवार को इस मामले को लेकर रिजिजू ने भी कहा था कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी वरिष्ठ नेताओं से बात की है। मैं एकमात्र सांसद वाले कुछ दलों से भी संपर्क करुंगा, क्योंकि मैं किसी भी सदस्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ताकि यह भारतीय संसद की एक संयुक्त राय के रूप में सामने आए।’ केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल सरकार की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों की है, जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, क्योंकि न्यायपालिका ही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, तो यह सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी कारण न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।’  

ड्रीम प्रोजेक्ट नियोम की रफ्तार पर ब्रेक! सऊदी अरब में 20% कर्मचारियों की छुट्टी तय

रियाद सऊदी अरब के ड्रीम प्रोजेक्ट नियोम सिटी संकट में फंसता दिख रहा है। सेमाफोर ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में बताया है कि निओम 1,000 कर्मचारियों की छंटनी करने पर विचार कर रहा है। यह इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे कुल कर्मचारियों का 20 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि सऊदी अरब सरकार अपनी अपनी प्रमुख गीगा प्रोजेक्ट को छोटा कर रहा है। सेमाफोर ने बताया है कि निओम एक व्यापक बदलाव के तहत छंटनी पर विचार कर रहा है। इसके तहत 1,000 से ज्यादा कर्मचारी उत्तर-पश्चिमी लाल सागर तट पर स्थित नियोम की साइट को छोड़कर रियाद ट्रांसफर हो सकते है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह योजनाएं अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं। इनमें और बदलाव हो सकते हैं। नियोम सऊदी सरकार की योजना सेमाफोर की यह रिपोर्ट उन लेखों की श्रृंखला में सबसे नई है। इससे पता चलता है कि सऊदी अरब सरकार नियोम के मामले में अपनी महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगा रही है। नियोम का उद्देश्य सऊदी अरब के लाल सागर तट को लग्जरी होटलों, स्की रिसॉर्ट, द लाइन नाम का 170 किलोमीटर लंबा शहर और एक औद्योगिक पार्क बनना है। निओम ग्रीक शब्द नियोस (नया) और अरबी शब्द मुस्तकबाल (भविष्य) के मिश्रण से बना है। ऐसे में नियोम का अर्थ नया भविष्य है। यह मोहम्मद बिन सलमान के प्रोजेक्ट 2030 का हिस्सा है। नियोम शहर 2,63,000 हेक्टेयर में फैला होगा। इसके जरिए मोहम्मद बिन सलमान का मकसद सऊदी की अर्थव्यवस्था की तेल से निर्भरता कम करनी है। प्रोजेक्ट पर संदेह! सेमाफोर से पहले ब्लूमबर्ग ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि सऊदी अरब ने कई कंस्लटिंग फर्म से 'द लाइन' की व्यवहार्यता की समीक्षा करने के लिए कहा है। द फाइनेंशियल टाइम्स ने इस साल की शुरुआत में दावा किया था कि सऊदी अरब ने नियोम की व्यापक समीक्षा शुरू की है क्योंकि इस पर कई सवाल हैं। नियोम की व्यावहारिकता लंबे समय से बहस का विषय रही है। खासतौर उन निवेशकों के बीच संदेह है, जिन्हें लगता है कि सऊदी अरब शायद ही इस भविष्यवादी दूरस्थ शहर में लोगों को रहने के लिए आकर्षित कर पाएगा। सऊदी अरब का 1 ट्रिलियन डॉलर का सार्वजनिक निवेश कोष (पीआईएफ) से फिलहाल नियोम की फंडिंग हो रही है। हालांकि विदेशी निवेशकों की सीमित रुचि के कारण इस परियोजना को असफलताओं का सामना करना पड़ा है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा: जानिए 8वें वेतन आयोग की तिथि और सैलरी बढ़ोतरी का स्केल

नई दिल्ली  देशभर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स आगामी 8वें वेतन आयोग से जुड़े खबरों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इससे वेतन और पेंशन में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। एम्बिट कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, नए सैलरी स्ट्रक्चर से कुल पारिश्रमिक में 30-34% की वृद्धि हो सकती है, जिसका असर देश भर के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों पर पड़ेगा। अगर इसे लागू किया जाता है तो यह संशोधन 2026 या वित्तीय वर्ष 2027 तक लागू हो सकता है, और इससे सरकारी खजाने पर 1.8 लाख करोड़ रुपये का भारी बोझ पड़ सकता है। क्या है डिटेल वर्तमान वेतन और पेंशन संरचना सातवें वेतन आयोग पर आधारित है, जो जनवरी 2016 में लागू हुआ था। जीवन-यापन की लागत, मुद्रास्फीति और आर्थिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में संशोधन के लिए आमतौर पर हर दस साल में एक नया आयोग गठित किया जाता है। उम्मीद है कि आठवें वेतन आयोग द्वारा भी यह परंपरा जारी रहेगी और रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान की पेशकश की जाएगी। वेतन बढ़ोतरी को गति देने वाला फिटमेंट फैक्टर अपेक्षित संशोधन के मुख्य कंपोनेंट में से एक फिटमेंट फैक्टर है—एक गुणक जिसका उपयोग नए बेसिक सैलरी को तय करने के लिए किया जाता है। एम्बिट कैपिटल का अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है। इसका अर्थ है कि वर्तमान में 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन बढ़कर 32,940 रुपये (1.83 पर) या 44,280 रुपये (2.46 पर) हो सकता है। उदाहरण के लिए, 50,000 रुपये का मौजूदा आधार वेतन, फिटमेंट फैक्टर के निचले सिरे पर 91,500 रुपये और ऊपरी सिरे पर 1.23 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। संशोधित ढांचे से महंगाई भत्ते को मुद्रास्फीति के साथ और अधिक सटीक रूप से संरेखित करने और पेंशन भुगतान को तदनुसार अद्यतन करने की भी उम्मीद है। उपभोग और आर्थिक विकास को बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन आयोग आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा, क्योंकि बढ़े हुए वेतन से उपभोग में वृद्धि, स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच, बेहतर आवास और मनोरंजन पर अधिक खर्च हो सकता है। इतने बड़े कर्मचारी आधार पर वेतन वृद्धि का व्यापक प्रभाव खुदरा, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।  

भारत बना डिजिटल पेमेंट्स का सिरमौर, UPI ने जून में रचा 24 लाख करोड़ का इतिहास

नई दिल्ली भारत त्वरित भुगतान में दुनिया में ग्लोबल लीडर के रूप में उभरा है। यूपीआई से अकेले जून माह में 24.03 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन 18.39 अरब ट्रांजैक्शन के माध्यम से हुआ है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से रविवार को जारी किए गए नोट में दी गई। बीते महीने सालाना आधार पर यूपीआई लेनदेन की संख्या में 32 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछले साल जून में यूपीआई लेनदेन की संख्या 13.88 अरब थी। आईएमएफ की रिपोर्ट में बताया गया कि वर्तमान में भारत में सभी डिजिटल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और दुनिया भर में सभी रियल टाइम डिजिटल भुगतानों में यूपीआई की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अब यह प्रतिदिन 64 करोड़ से ज्यादा लेनदेन संभालता है, जो वीजा जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों से कहीं ज्यादा है, जो प्रतिदिन लगभग 63.9 करोड़ लेनदेन संभालती हैं। यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपीआई केवल नौ वर्षों में इस मुकाम तक पहुंच गया है। यूपीआई प्लेटफॉर्म वर्तमान में 49.1 करोड़ व्यक्तियों और 6.5 करोड़ व्यापारियों को सेवाएं प्रदान करता है और 675 बैंकों को एक ही प्रणाली के माध्यम से जोड़ता है। इसने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे देशभर के लोगों विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों को आसान और किफायती तरीके से डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिली है। आईएमएफ की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की सफलता वर्षों के डिजिटल आधारभूत कार्य और समावेशी विकास के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग की एक मजबूत दृष्टि का परिणाम है। यूपीआई, जिसकी शुरुआत एक भुगतान प्रणाली के रूप में हुई थी, अब सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे में एक वैश्विक मानक बन गया है। यूपीआई का प्रभाव केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। यह पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में मौजूद है। फ्रांस में इसकी शुरुआत यूरोप में इसके प्रवेश का प्रतीक है, जिससे वहां यात्रा करने वाले या रहने वाले भारतीय निर्बाध भुगतान कर सकेंगे। भारत ब्रिक्स समूह में भुगतान मानक के रूप में यूपीआई को अपनाने की भी वकालत कर रहा है, जिसमें हाल ही में छह नए सदस्य देश शामिल हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो इससे सीमा पार भुगतान तेज, सस्ता और अधिक सुरक्षित हो सकता है, जिससे वैश्विक डिजिटल लीडर के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा 2016 में लॉन्च किए गए यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और सुलभ बना दिया है। मोबाइल फोन पर बस कुछ ही टैप से, यूजर्स व्यापारियों को भुगतान कर सकते हैं, दोस्तों को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, या अपने बैंक खातों का प्रबंधन कर सकते हैं। इसकी सुविधा और गति ने इसे व्यक्तियों और व्यवसायों दोनों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बना दिया है।