samacharsecretary.com

क्रेडिट कार्ड से LPG तक 1 अगस्त से बदलेंगे 6 अहम नियम, जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली हर महीने की तरह अगस्‍त 2025 में भी कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम आदमी की जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड के नियम, LPG के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है तो वहीं UPI को लेकर भी कई चेंजेज होने वाले हैं. यह 6 बदलाव आपकी जेब पर बोझ डाल सकते हैं और आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं. आइए जानते हैं अगले महीने से कौन-कौन से नियम बदल रहे हैं.  पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव  अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था.  दूसरा- LPG के दाम में बदलाव  हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है.  तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम  1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं.      अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे.      अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.       AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद.      अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा.  चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव  अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी.  पांचवा- बैंक हॉलिडे  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं.  छठवां- ATF के दाम  1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.  

तमिलनाडु में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत: त्रिची में रात्रि विश्राम, अरियालुर में भव्य रोड शो के बाद आगमन

चेन्नई,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दो दिवसीय दौरे पर पीएम मोदी शनिवार देर शाम को तमिलनाडु पहुंचेंगे, जहां वह करीब 4800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पहले दिन तूतीकोरिन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां से कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्रपति को समर्पित किया जाएगा। इसके अगले दिन, 27 जुलाई को पीएम मोदी अरियालुर पहुंचेंगे, जहां वह गंगईकोंडा चोलपुरम में आदि तिरुवथिरई उत्सव में भाग लेंगे। संभावित शेड्यूल के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार रात तूतीकोरिन से त्रिची हवाई मार्ग से पहुंचेंगे। त्रिची एयरपोर्ट पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री कलेक्टर ऑफिस रोड स्थित होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। अगली सुबह वे होटल से एयरपोर्ट तक रोड शो में हिस्सा लेंगे और फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से अरियालुर के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रधानमंत्री के रोड शो की तैयारियां जोरों पर हैं। सड़क के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। पार्टी के झंडे, फ्लेक्स बोर्ड और बैनर भी लगाए जा चुके हैं। रास्ते में सड़कों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से जारी है। प्रधानमंत्री को अरियालुर ले जाने वाला हेलीकॉप्टर एयरपोर्ट पर तैयार खड़ा है। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया है। त्रिची जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शहर में ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (यूएवी) के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे को लेकर भाजपा की राज्य इकाई ने भी बड़ी तैयारी की है। के अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “तमिलनाडु को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तूतीकोरिन और ऐतिहासिक गंगईकोंडा चोलपुरम में स्वागत करते हुए बहुत गर्व हो रहा है।” भाजपा नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं कि हमारे प्रधानमंत्री तूतीकोरिन आ रहे हैं और वे कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं।”  

वडोदरा में राहुल गांधी का कार्यक्रम तय: सहकारी संगठनों से मुलाकात पर फोकस

गांधीनगर गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संसद में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को गुजरात पहुंचे। इस दौरान वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। राहुल गांधी आणंद में पार्टी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। वहीं, आज वो वडोदरा के जितोदिया गांव में सहकारी दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समुदाय के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस मुलाकात में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं, स्थानीय सहकारी समितियों की स्थिति और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। बैठक में स्थानीय किसानों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 26 जुलाई को गुजरात के आनंद शहर में पार्टी के नए जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे और सहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े किसानों व नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा खासकर उन मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, जो वर्तमान में गुजरात की सहकारी व्यवस्था और दुग्ध उद्योग को प्रभावित कर रहे हैं। नए जिला अध्यक्षों से भी करेंगे बात गुजरात कांग्रेस ने हाल ही में जिला कांग्रेस समितियों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इन नए अध्यक्षों के लिए 26 से 28 जुलाई तक आनंद के एक रिसॉर्ट में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी के अनुसार, राहुल गांधी 26 जुलाई को सुबह 11 बजे उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र का उद्देश्य आगामी 2027 के चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत बनाना है। दूध किसानों के साथ संवाद शिविर के उद्घाटन के बाद राहुल गांधी शाम करीब 3 बजे गुजरात की विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह बातचीत खासकर हाल ही में साबर डेयरी के बाहर हुए प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसमें दूध किसानों ने दूध खरीद दरों को लेकर विरोध जताया था। साबर डेयरी, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन से जुड़ी हुई है, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचती है। सहकारी मॉडल को लेकर भाजपा पर निशाना गुजरात कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य के सहकारी मॉडल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि कभी गुजरात का सहकारी मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण था, लेकिन भाजपा के लंबे शासनकाल में इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन बढ़ा है। राहुल गांधी का यह संवाद इसी मुद्दे पर केंद्रित रहेगा कि कैसे इन सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाई जा सकती है और किसानों को उनका उचित हक मिल सके। किसानों की समस्याएं और समाधान की पहल राहुल गांधी का यह संवाद दौरा किसानों की समस्याएं समझने और उन्हें पार्टी की आगामी रणनीति में शामिल करने का एक प्रयास है। दूध उत्पादन से जुड़ी लागत, भुगतान में देरी, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे किसानों को लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को 2027 के चुनावी एजेंडे में शामिल कर किसानों को एक नई आवाज देना चाहती है। मिशन 2027 की ओर पहला कदम गुजरात कांग्रेस राहुल गांधी के इस दौरे को 'मिशन 2027' की औपचारिक शुरुआत मान रही है। प्रशिक्षण शिविर, संगठन सशक्तिकरण, और जमीनी स्तर के मुद्दों पर संवाद जैसे कार्यक्रमों से पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करने में जुट गया है। राहुल गांधी की मौजूदगी पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ किसानों के बीच कांग्रेस की सक्रियता का संकेत भी देती है।  

तेज बारिश से तबाही: छत्तीसगढ़ और केरल के कई इलाके जलमग्न

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन इसके साथ ही आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और केरल के मलप्पुरम जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जहां रायपुर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं मलप्पुरम में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं। इन दोनों जगहों पर प्रशासन अलर्ट पर है और राहत कार्यों में जुटा हुआ है। रायपुर में बीते 24 घंटों से हो रही भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। मुख्य सड़कों, कॉलोनियों और बाजारों में घुटनों तक पानी जमा हो गया है। इससे लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा गई है और कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने जलनिकासी की व्यवस्था तेज कर दी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी, लोगों से घरों में रहने की अपील रायपुर प्रशासन ने स्कूल और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्देश दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे बेवजह घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। नगर निगम के कर्मचारी जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकालने का काम कर रहे हैं। साथ ही कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। मलप्पुरम में तेज हवाओं से कई पेड़ उखड़े केरल के मलप्पुरम जिले में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। इस कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। गिरते पेड़ों से कई सड़कें जाम हो गई हैं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे भी टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। बिजली और मोबाइल नेटवर्क पर असर मलप्पुरम के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। लगातार बारिश और हवाओं के कारण मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हुआ है, जिससे लोगों को आपस में संपर्क करने में मुश्किल हो रही है। बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर टूटे तार और पोल को दुरुस्त करने का काम कर रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को वहां भेजा जा सके।  

हाई कोर्ट ने CPM को लताड़ा: ‘देशभक्त बनो, गाजा के हिमायती नहीं’

मुंबई  CPI(M) की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामला गाजा में हुई मौतों के विरोध में सभा करने की अनुमति न देने का था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीपीआईएम को जमकर फटकार लगाई। बेंच ने कहा कि देश में इतनी सारी समस्याएं हैं, उनसे आप प्रभावित नहीं हो रहे हैं और हजारों मील दूर गाजा में क्या हो रहा है, वह आपको परेशान कर रहा है? जस्टिस ने याचिका क्या थी याचिका पुलिस, प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सीपीआईएम ने याचिका की थी। सीपीआईएम के वकील मिहिर देसाई ने कोर्ट में कहा कि वह सिर्फ आज़ाद मैदान में मीटिंग करना चाहते थे। वे विरोध मार्च नहीं निकालना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान विरोध- प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित किया गया है।जस्टिस आरवी घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने कहा कि पार्टी के पास याचिका दायर करने का कोई अधिकार नहीं है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि पार्टी ने खुद अनुमति नहीं मांगी थी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा हाई कोर्ट ने कहा कि अनुमति ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी फाउंडेशन (AIPSF) ने मांगी थी और उसे ही याचिका का अधिकार है। पिछले महीने सीपीआईएम गाजा मुद्दे पर आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करना चाहता था। इसके लिए AIPSF ने मुंबई पुलिस को अर्जी देकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इसे मुंबई पुलिस ने नामंजूर कर दिया था। हाई कोर्ट ने किए सवाल पर सवाल हाई कोर्ट ने याचिका पर नाराजगी जताई। जस्टिस ने वकील मिहिर देसाई से पूछा कि याचिकाकर्ता भारत में कचरा, अवैध पार्किंग, बाढ़ और जल निकासी जैसी समस्याओं पर ध्यान क्यों नहीं देते? कोर्ट ने हैरानी जताई कि इन मुद्दों पर याचिका नहीं होती। जस्टिस ने वकील से पूछा कि उनके क्लाइंट्स हजारों मील दूर हो रही घटनाओं से कैसे प्रभावित हैं? जस्टिस बोले-देशभक्त बनो बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'देशभक्त बनो… अपने देश के मुद्दों पर बोलो।' वकील मिहिर देसाई ने बेंच से पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि बोलने और व्यक्त करने की आजादी सिर्फ भारत में हो रही चीजों के बारे में है? उन्होंने दुनिया भर के लोकतंत्रों में इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होने की बात सहकर बेंच ने सवाल किए। हाई कोर्ट ने जताई हैरानी हाई कोर्ट ने कहा, 'हमारे देश में पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं। हमें उनपर ध्यान देना चाहिए। हमें ऐसा कुछ नहीं चाहिए कि वे समस्याएं हल हों। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि आप सब लोग दूर की नहीं सोच रहे हैं… आप गाजा के मामले को देख रहे हैं। अपने देश को देखो।'  

सैनिक अब जानेंगे इस्लाम और अरबी, इजरायल का नया कदम चर्चा में

तेल अवीव इजरायल डिफेंस फोर्स (IMF) ने खुफिया विभाग के सैनिकों और अधिकारियों के लिए अरबी भाषा व इस्लामी स्टडी की ट्रेनिंग जरूरी कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि 7 अक्टूबर, 2023 को हुई खुफिया विफलता को देखते हुए यह फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि इस पहल से खुफिया अफसरों की जांच का दायरा और बढ़ेगा। अगले साल के अंत तक AMAN (इजरायल के सैन्य खुफिया निदेशालय का हिब्रू में नाम) के सभी कर्मियों से इस्लामी अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही, 50 प्रतिशत कर्मियों को अरबी भाषा सिखाई जाएगी। यह आदेश अमन के प्रमुख मेजर जनरल श्लोमी बाइंडर ने जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ के इस कार्यक्रम में हूती और इराकी बोलियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। खुफिया कर्मियों को फिलहाल हूती में बातों को समझने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में बताया गया कि यमन और अन्य अरब क्षेत्रों के ज्यादातर लोगों को कात (हल्का नशीला पौधा) चबाने की आदत है। इससे साफ बोलने में दिक्कत आने लगती है। सीनियर अधिकारी ने आर्मी रेडियो को बताया, 'अब तक हम संस्कृति, भाषा और इस्लाम के क्षेत्रों में सक्षम नहीं रहे हैं। हमें इनमें सुधार करने की जरूरत है। हम अपने खुफिया अधिकारियों और सैनिकों को अरब गांवों में पले-बढ़े बच्चों जैसा तो नहीं बना सकते, लेकिन भाषा और सांस्कृतिक अध्ययन से उनकी समझ को बढ़ाया जा सकता है।' स्कूल में अरबी को बढ़ावा आर्मी रेडियो के सैन्य संवाददाता डोरोन कादोश ने बताया कि अरबी और इस्लामी शिक्षा के लिए एक नया विभाग स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, आईडीएफ ने मिडिल और हाई स्कूलों में अरबी को बढ़ावा देने के लिए टेलेम विभाग को फिर से खोलने की योजना बनाई है। पहले यह विभाग बजट की कमी के कारण बंद कर दिया गया था। इसके चलते अरबी पढ़ने वाले कर्मियों की संख्या में भारी कमी आई है। अब जरूरत महसूस होने पर इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी है।

75% समर्थन के साथ PM मोदी ने फिर से मारी बाज़ी—ट्रंप अब पायदान 8 पर

नई दिल्ली अमेरिका की बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट के एक सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के नेताओं में 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता हैं। यह डेटा 4 से 10 जुलाई 2025 के बीच सर्वे करके इकट्ठा किया गया। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 59% के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 45% से कम अप्रूवल के साथ आठवें स्थान पर हैं। पीएम मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 4,078 दिन पूरे कर लिए हैं। वह जवाहरलाल नेहरू के बाद सबसे लंबे समय तक बने रहने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे का डेटा क्या कहता है? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में भाग लेने वाले 75% लोगों ने PM मोदी को एक लोकतांत्रिक विश्व नेता के रूप में पसंद किया। 7% लोग कोई राय नहीं बना पाए, जबकि 18% लोगों ने उन्हें नापसंद किया। इस लिस्ट में दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग हैं। उन्हें 59% लोगों ने पसंद किया। 13% लोगों को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जबकि 29% लोगों ने उन्हें नापसंद किया। म्युंग के लिए दूसरा स्थान हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अभी एक महीना पहले ही साउथ कोरिया के राष्ट्रपति का पद संभाला है। रेटिंग 4-10 जुलाई तक इकट्ठा किए गए डेटा पर आधारित मॉर्निंग कंसल्ट ने कहा, लेटेस्ट अप्रूवल रेटिंग 4-10 जुलाई, 2025 तक इकट्ठा किए गए डेटा पर आधारित हैं। रेटिंग हर देश में वयस्कों के विचारों का सात दिन का सिंपल मूविंग एवरेज दिखाती हैं। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई तीसरे स्थान पर हैं। उन्हें 57% वोट मिले। 6% लोगों ने कोई राय नहीं दी और 37% लोगों ने उन्हें नापसंद किया।कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चौथे स्थान पर हैं। उन्हें 56% वोट मिले। 31% लोगों ने उनके खिलाफ वोट किया, जबकि 13% लोगों ने कोई राय नहीं दी। ऑस्ट्रेलिया के एंथोनी अल्बानीस पांचवें स्थान पर हैं। उन्हें 54% वोट मिले। 35% वोटर उनसे सहमत नहीं थे, जबकि 11% लोगों ने कोई राय नहीं दी। डोनाल्ड ट्रंप आठवें स्थान पर हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आठवें स्थान पर हैं। उन्हें केवल 44% वोट मिले। हैरानी की बात यह है कि ट्रंप ने पिछले नवंबर में अमेरिका का चुनाव भारी बहुमत से जीता था। लेकिन, उनके व्यापार शुल्क और कुछ अंदरूनी फैसलों से उनकी लोकप्रियता कम हुई है। पोलैंड के डोनाल्ड टस्क नौवें स्थान पर हैं। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी दसवें स्थान पर हैं। इस लिस्ट में पीएम मोदी के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 59% अप्रूवल रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यह ली जे म्युंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि दक्षिण कोरिया में सर्वोच्च पद पर आसीन हुए उन्हें अभी सिर्फ एक ही महीना हुआ है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 45% से भी कम अप्रूवल रेटिंग के साथ 8वें स्थान पर खिसक गए हैं। दुनिया में PM मोदी का बढ़ा कद: एक लोकतांत्रिक वैश्विक नेता मॉर्निंग कंसल्ट सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी का कद देश के अंदर और बाहर दोनों जगह और बढ़ गया है। सर्वे में शामिल 75% लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक लोकतांत्रिक वैश्विक नेता के रूप में स्वीकार किया है। इस पर 7% लोग कोई निर्णय नहीं ले पाए जबकि 18% लोगों की राय इससे अलग थी। अन्य प्रमुख नेता: माइली तीसरे, मैक्रों सबसे कम लोकप्रिय     तीसरा स्थान: दक्षिणपंथी माने जाने वाले अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर रहे उनके पक्ष में 57% वोट पड़े। 6% लोगों ने कोई राय नहीं दी और 37% प्रतिभागियों ने उन्हें अस्वीकार कर दिया।     सबसे कम लोकप्रिय: सबसे कम लोकप्रिय नेताओं में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री पेट्र फिआला शामिल हैं जिन्हें केवल 18% लोगों का समर्थन मिला है जबकि 74% लोग उनसे असंतुष्ट हैं।     इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी 10वें स्थान पर हैं। यह सर्वे रिपोर्ट एक बार फिर दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

एयरपोर्ट सुरक्षा में हाई अलर्ट, बम की धमकी को लेकर तीन बार कंट्रोल रूम में कॉल

 मुंबई मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को एक के बाद एक तीन अलग-अलग नंबरों से आए धमकी भरे कॉल ने शुक्रवार को हड़कंप मचा दिया. कॉलर ने दावा किया कि मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम रखा है और कुछ ही देर में जोरदार धमाका होने वाला है.  इस कॉल के बाद मुंबई पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और एयरपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों के साथ बम स्क्वॉड की टीम भी पहुंच गई. घंटों तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद भी कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ. पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अज्ञात कॉलर ने मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर बम विस्फोट होने की धमकी दी थी. सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के आला अधिकारी और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए. एयरपोर्ट के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को कोई भी ऐसी चीज नहीं मिली जिससे बम होने की पुष्टि हो सके. असम-बंगाल सीमा से जुड़े धमकी भरे कॉल के तार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये धमकी भरे कॉल असम और पश्चिम बंगाल सीमा के पास सक्रिय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके किए गए थे. मुंबई की आज़ाद मैदान पुलिस ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि धमकी देने वाले शख्स तक पहुंचा जा सके और उसके इरादों का पता लगाया जा सके.

IRCTC आईडी पर बड़ा अपडेट: रेलवे ने 2.5 करोड़ अकाउंट किए डीएक्टिवेट, बदली गाइडलाइन

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्‍टम में दुरुप्रयोग को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है. भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के 2.5 करोड़ से ज्‍यादा यूजर्स आईडी डीएक्टिवट हो चुके हैं. संदिग्‍ध बुकिंग पैटर्न और फेक यूजर्स की पहचान के बाद IDs डीएक्टिवेट की गई हैं. संसद में सांसद ए.डी. सिंह के सवाल पर सरकार ने इसकी जानकारी दी गई है. इन अकाउंट के डीएक्टिव होने से पहले तत्‍काल टिकट बुकिंग में कई तरह की समस्‍याएं आ रही थीं. अक्‍सर देखा जा रहा था कि तत्‍काल बुकिंग विंडो खुलने के कुछ ही मिनटों में टिकट गायब हो जाते थे, क्‍योंकि बॉट्स का यूज करके एजेंट सारे टिकट गायब कर देते थे, जिससे आम यात्री टिकट बुक नहीं कर पाता था. हालांकि अब बदलाव के बाद रेलवे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है.  सरकार ने क्‍या दी जानकारी?  संसद में सरकार ने बताया कि टिकट बुकिंग सिस्‍टम में गड़बड़‍ियों को रोकने के लिए IRCTC ने हाल ही में 2.5 करोड़ से ज्‍यादा यूजर आईडी डीएक्टिव किए हैं. क्‍योंकि ये यूजर्स आईडी संदिग्‍ध पाए गए थे. सरकार ने बताया कि भारतीय रेलवे ने कंफर्म टिकट बुकिंग और डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए कुछ और बदलाव किए हैं.  रेलवे ने  बदले हैं ये नियम     रिजर्व टिकट ऑनलाइन या कंप्यूटरीकृत यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) काउंटरों पर 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर बुक किए जा सकते हैं.  हालांकि कुल टिकटों का लगभग 89% ऑनलाइन माध्यम से बुक हो रहा है.      PRS काउंटर्स पर डिजिटल माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.     1 जुलाई 2025 से तत्‍काल योजना के तहत टिकट केवल आधार वेरिफाई यूजर्स द्वारा ही आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप के माध्‍यम से बुक किए जा सकते हैं.      एजेंटों को तत्‍काल रिजर्व खुलने के पहले 30 मिनट के दौरान तत्‍काल टिकट बुक करने से रोक दिया गया है.      ट्रेनों की वेटिंग लिस्‍ट का स्‍टेटस की नियमित आधार पर निगरानी की जाती है और अतिरिक्‍त मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे स्पेशल ट्रेनें चला रहा है.  इमरजेंसी कोटा को लेकर भी बदलाव  सरकार ने इमरजेंसी कोटा को लेकर भी बदलाव किया है. पहले इमरजेंसी कोटा के तहत टिकट बुकिंग करने के लिए यात्रा वाले दिन ही आवेदन किया जा सकता था, लेकिन अब 1 दिन पहले इमरजेंसी कोटा के लिए अप्‍लाई करना होगा. यह कोटा सांसद, उच्‍च अधिकारी, मेडिकल इमरजेंसी और सीनियर सिटीजन के लिए होता है. 

लोकसभा-राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज, पीएम मोदी की भागीदारी संभव

नई दिल्ली संसद के दोनों सदनों में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा में होगी। जानकारी के मुताबिक, सोमवार यानी 28 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। चर्चा में भाग लेने वाले अन्य मंत्रियों में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हैं। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे भी इसमें भाग लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे ही राज्यसभा में 29 जुलाई को 'ऑपरेशन सिंधु पर चर्चा  शुरू होगी। इसमें राजनाथ सिंह, जयशंकर और अन्य मंत्री भाग लेंगे। उच्च सदन में भी प्रधानमंत्री मोदी के चर्चा में हिस्सा लेने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों सदनों में इस विषय पर 16 घंटे की चर्चा होगी। विपक्षी दलों से संसद की कार्यवाही बाधित न करने का आग्रह केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'मानसून सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मांग की थी कि 'ऑपरेशन सिंदूर' और पहलगाम आतंकी हमले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। सरकार ने कहा कि हम इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं। विपक्ष पहले दिन से ही संसद में हंगामा कर रहा है। संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। सदन को चलने नहीं दे रहा है। संसद के मानसून सत्र के पहले हफ्ते में हम केवल एक विधेयक पारित कर पाए हैं। मैं सभी विपक्षी दलों से संसद की कार्यवाही बाधित न करने का आग्रह करता हूं।' 'सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं हो सकती' रिजिजू ने कहा, 'आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक बुलाई और यह दोहराया गया कि हम ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार हैं। आज यह निर्णय लिया गया है कि सोमवार (28 जुलाई) को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं हो सकती। विपक्ष ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया समेत कई मुद्दे उठाए हैं। हमने उन्हें बताया है कि पहले ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होगी। उसके बाद हम तय करेंगे कि किन मुद्दों पर चर्चा होगी। 'न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में लाया जाएगा' उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के मामले में फंसे न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में लाया जाएगा। हमें किसी भी संदेह में नहीं रहना चाहिए। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही लोकसभा में शुरू होगी। नोटिस को उच्च सदन में स्वीकार नहीं किया गया सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में इसी तरह के प्रस्ताव के लिए विपक्ष की ओर से प्रायोजित नोटिस को उच्च सदन में स्वीकार नहीं किया गया है, जिससे निचले सदन में इस प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति की घोषणा करने की उम्मीद है। न्यायाधीश (जांच) अधिनियम क्या कहता है? न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के अनुसार, लोकसभा में कार्यवाही समाप्त होने के बाद कार्यवाही राज्यसभा में स्थानांतरित की जाएगी। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के 150 से अधिक सांसदों ने लोकसभा में नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे।