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Navratri 2026: कलश विसर्जन का सही समय क्या है? पढ़ें आसान विधि और नियम

आज महानवमी तिथि के समाप्ति के साथ ही चैत्र नवरात्रि का समापन हो गया. चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को ही महानवमी कहा जाता है. हालांकि, उदया तिथि के अनुसार, आज राम नवमी नवमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. वहीं महानवमी पर आज मां सिद्धरात्रि की पूजा की गई. लोगों ने कन्या पूजन किया. नवरात्रि का हवन किया. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है. ऐसे में अब लोगों के मन ये सवाल आ रहा है कि नवरात्रि के कलश का विसर्जन कब किया जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि का कलश विसर्जन किस दिन किया जाएगा? साथ ही जानते हैं कि कलश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि क्या है? नवरात्रि कलश विसर्जन शुभ मुहूर्त नवरात्रि का कलश विसर्जन नवमी तिथि के समापन के बाद शुभ रहता है.नवमी तिथि की पूजा आज की जा चुकी है. ऐसे में कलश विसर्जन के लिए आज यानी 27 मार्च का दिन भी शुभ है. क्योंकि सुबह 10 बजकर 06 मिनट के बाद दशमी तिथि लग चुकी है. ऐसे में आज भक्त दोपहर 1 बजे से कलश का विसर्जन कर सकते हैं. वहीं जिन लोगों ने माता रानी का नौ दिनों का व्रत रखा है वो 28 तारीख को यानी कल कलश विसर्जन करें. 28 मार्च को दशमी तिथि सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. इसलिए इस समय तक आप नवरात्रि के कलश का विसर्जन कर लें. क्योंकि इसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी. कलश विसर्जन की विधि कलश विसर्जन करने से पहले कलश के ऊपर से नारियल को उठाएं. इसके बाद बोए गए जौ को काट लें. फिर कलश में रखे पवित्र जल में आम के पत्तों को डुबाएं और पूरे घर में इस पानी को छिड़कें. ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है. जिन लोगों ने मिट्टी का कलश स्थापित किया है वो माता दुर्गा का ध्यान करते हुए इसे विसर्जत कर दें. धातु का कलश स्थापित करने वाले उसमें रखी सामग्री विसर्जित करें. कलश विसर्जन के दौरान गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च’ मंत्र का जाप करें. कलश विसर्जन करने के बाद माता का ध्यान करें.

सपनों से सफलता तक: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरक सीख

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भारत के ऐसे महान वैज्ञानिक और विचारक थे, जिन्होंने अपने शब्दों और कार्यों से लाखों लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना था कि हर व्यक्ति के जीवन में सपनों का बहुत बड़ा महत्व होता है। उनके अनुसार, सपने ही हमें आगे बढ़ने की दिशा देते हैं और जीवन को एक उद्देश्य प्रदान करते हैं। डॉ कलाम हमेशा कहते थे कि बड़ा सोचो और अपने सपनों को सच करने के लिए मेहनत करो। उनके विचार ना सिर्फ युवाओं के लिए बल्कि हर उम्र के लोगों को मोटिवेट करते हैं। अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलें, तो हम अपने जीवन में सफलता और संतुष्टि दोनों पा सकते हैं। “Dream, dream, dream…” डॉ कलाम कहते थे कि सपने देखने से ही विचार बनते हैं और विचार ही हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जब हम बार-बार अपने सपनों के बारे में सोचते हैं, तो वह हमारे एक्शन में बदल जाते हैं। “You have to dream before your dreams can come true” इसका मतलब है कि बिना सपना देखे कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। हर बड़ी सफलता की शुरुआत एक छोटे से सपने से होती है। “If you want to shine like a sun…” डॉ कलाम हमें बताते हैं कि अगर हमें चमकना है, तो मेहनत और संघर्ष से गुजरना होगा। सफलता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए कड़ी मेहनत जरूरी है।  “Dreams are not what you see in sleep…” सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। यानी हमारे लक्ष्य इतने मजबूत होने चाहिए कि हम उन्हें पाने के लिए लगातार मेहनत करें। “Single-minded devotion…” अगर आपको अपने लक्ष्य में सफलता चाहिए, तो आपको पूरी लगन और फोकस के साथ काम करना होगा। बीच में ध्यान भटकने से सफलता दूर हो सकती है। “Great dreams of great dreamers…” डॉ कलाम का कहना था कि बड़े सपने देखने वाले लोग ही बड़े काम करते हैं। उनके सपने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। “Dreams are the seeds of change…” हर बदलाव की शुरुआत एक सपने से होती है। जैसे बीज से पेड़ उगता है, वैसे ही सपनों से नई सोच और नए अवसर पैदा होते हैं। “Dream big and dare to fail” बड़ा सपना देखने के साथ-साथ असफलता से डरना नहीं चाहिए। अगर आप फेल भी होते हैं, तो वही अनुभव आपको आगे सफल बनने में मदद करता है। “Your dream is your identity…” डॉ कलाम के अनुसार, आपका सपना ही आपकी पहचान बनाता है। जब आपके पास एक लक्ष्य होता है, तो जीवन को एक दिशा मिलती है।

सीढ़ियों का रंग तय करता है परिवार की प्रगति, जानें कैसे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों का रंग न केवल घर की ऊर्जा पर प्रभाव डालता है, बल्कि घर के सदस्यों की तरक्की और मानसिक शांति से भी जुड़ा होता है। वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के लिए शुभ रंग: हल्का भूरा : पृथ्वी तत्व से जुड़ा होता है, स्थिरता और मजबूती प्रदान करता है। मानसिक संतुलन और आर्थिक स्थायित्व में सहायक होता है। क्रीम या ऑफ-व्हाइट : प्रकाश और शांति का प्रतीक है। तनाव कम करता है, घर में मानसिक सुख और सहयोग को बढ़ाता है। हल्का ग्रे : यह न्यूट्रल और संतुलित रंग माना जाता है। स्पष्टता और फोकस को बढ़ाता है, घर के सदस्यों में एकाग्रता लाता है। हल्का हरा : प्रकृति का प्रतीक है, जीवन ऊर्जा को दर्शाता है। घर में तरक्की, शांति और स्वास्थ्य बनाए रखता है। हल्का पीला : यह सूर्य और सकारात्मकता का प्रतीक है। घर में ऊर्जा और प्रेरणा लाता है, विशेषकर बच्चों और विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है। सीढ़ियों के लिए अवॉयड करें ये रंग, वास्तु दोष पैदा करते हैं: गहरा लाल या काला: ये रंग तनाव, क्रोध और नकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं। डार्क ब्लू या गहरा ग्रे: अवसाद और ठहराव की भावना को बढ़ा सकते हैं। बहुत चमकदार रंग (फ्लोरोसेंट शेड्स): मन को विचलित कर सकते हैं, स्थायित्व में कमी लाते हैं। विशेष सुझाव: सीढ़ियों की पेंटिंग करते समय साइड वॉल्स और स्टेप्स (पायदान) में हल्के और साफ रंगों का ही चयन करें। अगर आपके घर में सीढ़ियां दक्षिण या पश्चिम दिशा में हैं, तो हल्के अर्थी टोन्स (जैसे बेज या सेंड स्टोन) सबसे शुभ माने जाते हैं। ऊर्जा के प्रवाह के लिए सीढ़ियों पर किसी एक रंग का अधिक उपयोग न करें, हल्के शेड्स में संयोजन करना बेहतर होता है।

27 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक, जानें किस राशि का होगा भाग्य साथ और कैसा रहेगा दिन

मेष 27 मार्च के दिन आज लव लाइफ में उथल-पुथल रहेगी। सिचुएशन कंट्रोल से बाहर जाने से पहले ही मामला सुलझाएं। प्रोफेशनल जीवन में सकारात्मक रुख अपनाएं। बिना किसी हिचकिचाहट के पैसों से जुड़ी जरूरतों को पूरा करें। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। वृषभ 27 मार्च के दिन लव लाइफ में चल रही प्रॉब्लम्स का सोल्यूशन निकालें। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। पैसों के मामले में आपको सावधान रहना होगा। सेहत के मामले में आपका दिन अच्छा रहेगा। मिथुन 27 मार्च के दिन आज रिश्तों में उथल-पुथल की उम्मीद करें। ऑफिस में आपका रवैया कारगर साबित होगा और आप उम्मीदों पर खरे उतरने में सफल हो सकते हैं। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा है। कर्क 27 मार्च के दिन लाइफ में खुश रहने के लिए रिलेशनशिप से जुड़ी समस्याओं को सॉल्व करें। प्रोफेशनल चैलेंज से कोई परेशानी नहीं होगी। आर्थिक रूप से आप मजबूत हैं। आपकी सेहत भी नॉर्मल रहेगी। सिंह 27 मार्च के दिन प्रेम का जश्न मनाएं और प्रेम संबंधों में अहंकार को दूर रखें। नए काम हाथ में लें, जिससे आपको अपनी पेशेवर क्षमता साबित करने में मदद मिलेगी। आज के दिन धन का भी योग है। तुला 27 मार्च के दिन अपने साथी के साथ ज़्यादा समय बिताने पर विचार करें। काम पर आपके रवैये का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जीवन में समृद्धि बनी रहेगी। खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर लें। धनु 27 मार्च के दिन लव लाइफ आज खुशनुमा रहेगी। ऑफिस में आपको आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। आज धन को सावधानी से मैनेज करें। पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें। मकर 27 मार्च के दिन प्रेम जीवन में ईमानदारी अच्छे परिणाम लाएगी। पेशेवर जीवन में सिद्धांतों से समझौता न करें। सामान्य स्वास्थ्य के साथ-साथ वित्तीय स्थिति भी अच्छी रहेगी। कुम्भ 27 मार्च के दिन प्रॉब्लम को डिप्लोमेटिक तरीके से संभालना महत्वपूर्ण है। फाइनेंशियल लाइफ स्टेबल रहेगी। आपकी पर्सनल लाइफ में आपका डिसिप्लिन झलकेगा। हेल्दी लाइफस्टाइल के माध्यम से अपनी सेहत को बरकरार रखें। कन्या 27 मार्च के दिन कोई बड़ी फाइनेंशियल प्रॉब्लम आपको परेशान नहीं करेगी, साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। ऑफिस में काम का दबाव हो सकता है, लेकिन आप इस सिचुएशन से पार पा लेंगे। वृश्चिक 27 मार्च के दिन रिलेशनशिप को मजबूत बनाने के लिए लव लाइफ से जुड़ी समस्याओं को सॉल्व करें। आपके करियर में परेशानियां आएंगी, लेकिन उनसे पार पाने के लिए कॉन्फिडेंस बनाए रखें। मीन 27 मार्च के दिन महिला जातकों का आज प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा। कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखें, जिससे बेहतर प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त होगा। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ समृद्धि भी मिलेगी।

इस राम नवमी अपनाएं ये 5 शुभ उपाय, सफलता और समृद्धि मिलेगी अपार

राम नवमी का पावन पर्व इस वर्ष 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना के साथ कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। आइए जानते हैं राम नवमी के दिन किन 5 चीजों को घर लाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। तुलसी का पौधा लाएं घर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है और भगवान श्रीराम को उनका अवतार माना जाता है। ऐसे में राम नवमी के दिन घर में तुलसी का पौधा लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शंख घर में लाना शुभ राम नवमी के दिन शंख घर लाना और पूजा के समय शंखनाद करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में पवित्रता का वातावरण बनता है। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। राम दरबार की तस्वीर या मूर्ति राम नवमी के अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की संयुक्त तस्वीर या प्रतिमा यानी राम दरबार घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे परिवार में प्रेम, एकता और सामंजस्य बढ़ता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। श्रीराम यंत्र की स्थापना राम नवमी के दिन श्रीराम यंत्र घर में स्थापित करना भी विशेष लाभकारी माना गया है। यह यंत्र घर को बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल और शांति बनाए रखने में मदद करता है। जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में सहायक माना जाता है। चांदी का सिक्का राम नवमी के दिन चांदी का सिक्का खरीदकर उसे पूजा में अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कुंडली में मौजूद चंद्र दोष को दूर करने में मदद मिलती है। आर्थिक समृद्धि और स्थिरता आती है। धार्मिक महत्व और निष्कर्ष राम नवमी का पर्व केवल भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन धर्म, मर्यादा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। इस दिन सही विधि से पूजा करने और शुभ वस्तुओं को घर लाने से वास्तु दोष दूर होते हैं। घर में सुख-समृद्धि आती है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ती है इसलिए इस राम नवमी पर इन 5 चीजों को घर लाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

चारधाम यात्रा 2026: रजिस्ट्रेशन से प्लानिंग तक, यहां पढ़ें पूरी गाइड

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है. साल 2026 की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. अगर आप भी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री या यमुनोत्री के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार भी यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने ऑनलाइन, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और ऑफलाइन चारों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है. आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन और ऑफलाइन पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में. चारधाम यात्रा 2026 का शेड्यूल इस साल अक्षय तृतीया के पावन पर्व से चारधाम यात्रा का श्रीगणेश होने जा रहा है, 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम तो वहीं 22 अप्रैल केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 6 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है. आप नीचे दिए गए तरीकों से अपना पंजीकरण कर सकते हैं     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं.     होमपेज पर Register/Sign In बटन पर क्लिक करें.     अपना नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी भरकर अपनी आईडी बनाएं.     लॉग इन करने के बाद Create/Manage Tour के विकल्प को चुनें.     अपनी यात्रा की तारीख और जिस धाम के दर्शन करने हैं, उसका चयन करें.     Add Pilgrim पर क्लिक कर सभी यात्रियों की जानकारी भरें और आधार कार्ड या वोटर आईडी अपलोड करें.     प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) मिलेगा.     आखिर में, अपना रजिस्ट्रेशन लेटर डाउनलोड कर लें, जिसमें QR कोड होगा. WhatsApp के जरिए कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? अगर आप वेबसाइट का उपयोग नहीं करना चाहते, तो अपने फोन से एक मैसेज भेजकर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:     अपने मोबाइल में 8394833833 नंबर सेव करें.     इस नंबर पर WhatsApp पर YATRA लिखकर भेजें.     वहां से पूछे गए सवालों के जवाब दें और अपनी डिटेल्स भेजकर पंजीकरण पूरा करें. मोबाइल ऐप से कैसे करें रजिस्ट्रेशन?     गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड करें.     ऐप में मांगी गई जानकारी भरकर अपना टूर प्लान सबमिट करें. हेल्पलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: ऑफलाइन काउंटर 17 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे. ये काउंटर हरिद्वार, ऋषिकेश और यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर उपलब्ध रहेंगे. टोल-फ्री नंबर: यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए आप सरकार के टोल-फ्री नंबर 0135-1364 पर कॉल कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी? चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती. यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैकिंग और बेहतर सुविधाओं के लिए लागू की गई है. इस बार चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में इस कदर उत्साह है कि 6 मार्च को पोर्टल खुलते ही पहले 24 घंटों में 1 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया था. अब श्रद्धालुओं की निगाहें 19 अप्रैल पर टिकी हैं, जब एक बार फिर आस्था की पवित्र राहें खुलेंगी और वे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ चारधाम यात्रा का पुण्य अवसर प्राप्त कर सकेंगे.

लाइफ में आगे बढ़ना है तो ऐसे लोगों से दूर रहना जरूरी

सफल होने के लिए महान लोगों की बातों को जरूर मानना चाहिए। ये ना केवल आपको सफलता दिलाती है बल्कि लाइफ में मिलने वाले बड़े धोखे से भी बचाने में मदद करती है। चाणक्य एक महान कूटनीतिज्ञ थे और उन्होंने अपने राजा को शत्रुओं और छल करने वाले लोगों से बचाने के लिए कई तरह की नीति की बातें बताई थी। उनमे से कुछ बाते हर इंसान के जीवन में लागू होती है। 1) चाणक्य ने कहा कि भाग्य भी उन्हीं लोगों का साथ देता है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहते हैं। 2) ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए जो आपसे बात करते हुए इधर-उधर देखता हो। इसका मतलब है कि वो किसी से छुपकर आपसे मिल रहा है। 3) शरीर में आए रोग, शत्रु और किसी ऋण को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए। जितना जल्दी हो सके इसको खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। 4) मूर्ख लोगों से कभी भी वाद-विवाद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ये आपके समय और दिमाग को नष्ट करते हैं। 5) किसी इंसान के ऊंचा और महान बनने के लिए केवल उसके कर्म और गुण ही जिम्मेदार हो सकते हैं। 6) अगर आप किसी दूसरे शहर गए हैं और वहां आपकी जीविका का साधन नहीं है तो ऐसे जगह पर एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 7) जिस जगह पर आपकी इज्जत ना होती हो वहां एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 8) यहीं नहीं जगह कोई भी हो कुछ मित्र जरूर पास होने चाहिए। अगर ऐसी जगह जहां आपके मित्र ना हो वहां भी नहीं ठहरना चाहिए। 9)जिन जगहों पर ज्ञान की बातें ना होती हों, ऐसी जगह पर बिना समय गंवाएं हट जाना चाहिए।  

महाष्टमी के दिन यहां दीप जलाने से मिलता है मां दुर्गा का आशीर्वाद

2026 में महाष्टमी का पावन पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा। यह दिन मां महागौरी को समर्पित है और आध्यात्मिक रूप से अपनी ऊर्जा को जागृत करने और घर में सुख-समृद्धि के आह्वान के लिए सबसे शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में दीपक को ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। महाष्टमी के दिन विशेष स्थानों पर दीपक प्रज्वलित करने से न केवल घर की नकारात्मकता दूर होती है बल्कि मां दुर्गा का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि महाष्टमी पर आपको कहां-कहां दीपक जलाने चाहिए ताकि आपका घर खुशियों के भंडार से भर जाए। अष्टमी तिथि को महाष्टमी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन मां दुर्गा ने असुरों का संहार करने के लिए अपनी दिव्य शक्तियों का पूर्ण प्रकटीकरण किया था। इस दिन दीपदान करने का अर्थ है अपने जीवन के अंधकार को मिटाकर प्रकाश का स्वागत करना। इन 9 स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक घर का मुख्य द्वार घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से देवी लक्ष्मी और मां दुर्गा का आगमन होता है। अष्टमी की शाम को द्वार के दोनों ओर घी के दीपक जलाएं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और सुख-शांति बनी रहती है।  मां दुर्गा के समक्ष आपके पूजा कक्ष में मां दुर्गा की मूर्ति या कलश के सामने एक बड़ा दीपक जलाएं। यदि संभव हो तो इसमें कपूर की एक टिक्की डाल दें। यह आपकी भक्ति को सिद्ध करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।  तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में तुलसी को साक्षात लक्ष्मी का रूप माना गया है। अष्टमी की शाम को तुलसी के क्यारे में दीपक जलाने से घर की दरिद्रता दूर होती है। ध्यान रहे कि दीपक की लौ उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो। रसोई घर रसोई वह स्थान है जहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है। अष्टमी पर रसोई में पीने के पानी के स्थान के पास दीपक जलाएं। इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती।  पीपल के वृक्ष के नीचे शास्त्रों के अनुसार, पीपल के पेड़ में त्रिदेवों और देवी-देवताओं का वास होता है। अष्टमी की रात पीपल के नीचे दीपक जलाने से ग्रह दोष शांत होते हैं। पीपल के पास दीपक जलाकर पीछे मुड़कर न देखें। घर का ब्रह्म स्थान अगर आपके घर में खुला आंगन है, तो उसके बीचों-बीच एक दीपक रखें। फ्लैट में रहने वाले लोग अपने हॉल के मध्य में एक सुरक्षित स्थान पर दीपक रख सकते हैं। यह पूरे घर के वास्तु दोषों को मिटाने की क्षमता रखता है। पास के किसी मंदिर में अष्टमी की रात अपने घर के नजदीकी देवी मंदिर में जाकर दीपदान करना अत्यंत फलदायी होता है। सामूहिक ऊर्जा वाले स्थान पर दीप जलाने से आपकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। तिजोरी या धन रखने के स्थान के पास जहां आप अपना धन या गहने रखते हैं, वहां दूर से एक दीपक की रोशनी पड़नी चाहिए।  यह आपके खर्चों पर नियंत्रण रखता है और आय के नए स्रोत खोलता है। बेलपत्र के पेड़ के नीचे अष्टमी के दिन बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से मां पार्वती और भगवान शिव दोनों प्रसन्न होते हैं।  इससे संतान सुख और पारिवारिक एकजुटता बढ़ती है।

इंडक्शन चूल्हा कहां रखें? किचन के लिए ये वास्तु टिप्स हैं जरूरी

अगर आप भी गैस स्टोव के विकल्प के तौर पर इंडक्शन इस्तेमाल करने जा रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार इंडक्शन रखने के लिए कुछ नियमों का विशेष पालन करना चाहिए। वास्तु के अनुसार, सही नियम अपनाएं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी और मां अन्नपूर्णा प्रसन्न रहेंगी। इंडक्शन रखने के लिए सबसे शुभ दिशा वास्तु में अग्नि तत्व का स्वामी दक्षिण-पूर्व दिशा है। इंडक्शन चूल्हा इसी दिशा में रखने से अग्नि तत्व संतुलित रहता है, खाना जल्दी और अच्छे से पकता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिशा में इंडक्शन रखने से परिवार के स्वास्थ्य में सुधार होता है और अनावश्यक खर्च कम होता है। यदि जगह ना हो, तो अग्नि कोण के सबसे नजदीक रखें। उत्तर-पश्चिम दिशा भी है शुभ अगर दक्षिण-पूर्व में जगह ना हो, तो उत्तर-पश्चिम (वायु कोण) में इंडक्शन रख सकते हैं। यह दिशा वायु तत्व की है, जो खाना बनाने में सहायक होती है। इस दिशा में इंडक्शन रखने से खाना हल्का और पचने में आसान रहता है। लेकिन ध्यान रखें कि दक्षिण-पूर्व हमेशा प्राथमिकता रहे। उत्तर-पश्चिम में रखने से घर में हल्की हवा का प्रवाह बना रहता है। सबसे अशुभ दिशाएं ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) देवताओं का स्थान है। यहां इंडक्शन रखने से कुल देवता रुष्ट होते हैं, संतान कष्ट और मानसिक अशांति होती है। दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) में रखने से राहु-केतु सक्रिय होते हैं, जिससे रिश्तों में कलह और धन हानि होती है। ये दोनों दिशाएं अग्नि तत्व के लिए सबसे घातक हैं। गलती से भी इनमें इंडक्शन ना रखें। खाना बनाते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करें इंडक्शन पर खाना बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। पूर्व से सूर्य की ऊर्जा और उत्तर से कुबेर की ऊर्जा मिलती है, जिससे खाना पौष्टिक और पचने में आसान होता है। दक्षिण या पश्चिम की ओर मुंह करके खाना बनाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। हमेशा दिशा का ध्यान रखें। सिंक और जल तत्व से दूरी वास्तु में अग्नि और जल तत्व का टकराव बहुत अशुभ होता है। इंडक्शन चूल्हा सिंक या जल स्रोत से कम से कम 3–4 फीट दूर होना चाहिए। अगर बहुत पास है, तो बीच में लकड़ी का बोर्ड या वास्तु यंत्र रखें। जल और अग्नि का संघर्ष होने से स्वास्थ्य और धन दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इंडक्शन के आसपास हमेशा साफ-सफाई इंडक्शन चूल्हे के आसपास गंदगी, जूठे बर्तन या कचरा ना रखें। रोज सफाई करें। इंडक्शन के ऊपर या पास में कोई नकारात्मक चित्र न लगाएं। हर बार इस्तेमाल के बाद साफ करें और 'ॐ श्रीं ह्रीं अन्नपूर्णायै नमः' बोलकर धन्यवाद कहें। इससे रसोई में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और खाना अमृत समान हो जाता है। सही वास्तु से रसोई बनेगी धन और स्वास्थ्य का स्रोत दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में इंडक्शन रखें, सिंक से दूर रखें, पूर्व-उत्तर मुंह करके खाना बनाएं, साफ-सफाई रखें और मंत्र बोलें। ये छोटे-छोटे नियम अपनाने से मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और घर में धन की कमी नहीं रहती है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

राशिफल 26 मार्च 2026: मेष से मीन तक, जानें आज का दिन किसके लिए होगा शुभ

मेष 26 मार्च के दिन अपने साथी के साथ समय बिताते हुए अपनी भावनाओं को साझा करें। दफ्तर में उत्पादक बनें और सभी सौंपे गए काम पूरे करें। लंबी दूरी की यात्रा करते समय, मेडिकल किट तैयार रखें। खर्च पर कंट्रोल रखना महत्वपूर्ण है। वृषभ 26 मार्च के दिन पार्टनर से बहस करने से दूर रहें। काम पर ध्यान केंद्रित करें। ध्यान रखें कि आप अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दें। पैसे को फालतू न उड़ाएं। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। मिथुन 26 मार्च के दिन धन विभिन्न स्रोतों से आएगा। हर बदलाव को आत्मविश्वास के साथ संभालें। आज के दिन आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। अपने खान-पान के प्रति सचेत रहना चाहिए। कर्क 26 मार्च के दिन प्रोफेशनल स्किल्स साबित करने के लिए कई अवसर सामने आएंगे। रोमांटिक डिनर या सरप्राइज गिफ्ट रिश्ते को मजबूत बनाने का एक आसान तरीका है। आज नई साझेदारी पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिससे धन प्राप्त होगा। सिंह 26 मार्च के दिन रोमांटिक रूप से, आज आप भाग्यशाली रहेंगे। व्यावसायिकता कार्यालय में सफलता सुनिश्चित करती है। आज धन और स्वास्थ्य दोनों अच्छी स्थिति में हैं। कोई बड़ी समस्या आपको परेशान नहीं करेगी। कन्या 26 मार्च के दिन लव लाइफ में शांति बनाए रखें। अपने पार्टनर को बहस से दूर रखें। ऑफिस के मामलों में भावनाओं को हावी न होने दें। आज आपका स्वास्थ्य भी उत्तम रहने वाला है। प्रेम संबंधों को बनाए रखने के लिए रिश्तों से जुड़ी समस्याओं को सुलझाएं। तुला 26 मार्च के दिन ऑयली या जंक फूड्स से ज्यादा सेहतमंद खाना खाएं। रिश्ते में अपनी ईमानदारी जारी रखें। कोई बड़ी पेशेवर बाधा आपके प्रदर्शन को प्रभावित नहीं करेगी। वित्तीय रूप से आप शेयर में निवेश करने के लिए समृद्ध हैं लेकिन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। वृश्चिक 26 मार्च के दिन आप अपने रोमांटिक जीवन में प्रॉब्लम्स का पता लगाएं। लाइफ में बैलेंस बनाए रखें। प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियां मौजूद रहेंगी, लेकिन आज धन और सेहत दोनों सकारात्मक रहेंगे। धनु 26 मार्च के दिन बात करते समय आपको सावधान रहना चाहिए। आपको पिछले इन्वेस्टमेंट से धन प्राप्त हो सकता है। सावधानी से वाहन चलाएं, खासतौर पर शाम के समय। सट्टेबाजी के कारोबार में निवेश न करें। मकर 26 मार्च के दिन आप डेडलाइन वाले महत्वपूर्ण टास्क भी पूरा कर सकते हैं। छोटी-मोटी फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। कुछ महिला जातक पुराने रिश्ते की ओर लौट सकती हैं, जिससे उन्हें खुशी मिल सकती है। कुंभ 26 मार्च के दिन ऑफिस में नई जिम्मेदारियां आपको बिजी रखेंगी। स्वास्थ्य और धन दोनों ही पॉजिटिव रहेंगे। कुछ छोटे-मोटे प्रोफेशनल मुद्दे हो सकते हैं, जो आपकी प्रोडक्टिविटी को गंभीर रूप से प्रभावित करेंगे। मीन 26 मार्च के दिन प्रेम जीवन को नॉर्मल बनाए रखें। कोई बड़ी प्रोफेशनल चुनौती आज के दिन को प्रभावित नहीं करेगी। डिटेल्स पर ध्यान दें। आर्थिक रूप से आज आपको सावधान रहने की जरूरत है।