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खरमास 2026: मार्च में कब से कब तक रहेगा, शादी के कितने मुहूर्त हैं उपलब्ध?

सनातन धर्म में खरमास अशुभ समय माना जाता है. ये एक माह की अवधि होती है. अशुभ माने जाने की वजह से इस अवधि में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है. एक साल में दो बार खरमास लगता है. पहला खरमास मार्च या अप्रैल में लगता है, तो दूसरा खरमास नवंबर या दिसंबर में लगता है. पंचांग के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य देव के गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करने पर खरमास लगता है. खरमास के दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि शुभ काम सब रोक दिए जाते हैं. मान्यता है कि जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के प्रभावों में कमी आ जाती है. वहीं गुरु के शुभ प्रभाव भी कम हो जाते हैं. शुभ कामों विशेषकर विवाह के लिए सूर्य और गुरु की शुभता आवश्क मानी जाती है. मार्च के माह में खरमास लगने वाला है. ऐसे में आइए जानते हैं कि खरमास से पहले मार्च के महीने में कितने विवाह मुहूर्त हैं. मार्च में कब लग रहा है खरमास? अभी सूर्य देव श​नि की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. पंचांग के अनुसार, सूर्य मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर प्रवेश करेंगे. उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी. उसके साथ ही मार्च के खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. ये खरमास एक माह तक रहेगा. इसके बाद सूर्य का मेष राशि में गोचर 14 अप्रैल को सुबह में 9 बजकर 38 मिनट पर होगा. इसी दिन खरमास का समापन होगा. मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त 2 मार्च- सोमवार, 3 मार्च- मंगलवार, 4 मार्च- बुधवार, 7 मार्च- शनिवार, 8 मार्च- रविवार, 9 मार्च- सोमवार, 11 मार्च- बुधवार, 12 मार्च- गुरुवार. विवाह मुहूर्त तय करते समय रखें इन बातों ध्यान     अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए अत्यंत शुभ कही जाती है.     शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज     विवाह के लिए शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी     विवाह के लिए शुभ वार:सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा वाला होता है. यही कारण है कि प्राचीन काल में विवाह प्रातःकाल या सूर्यास्त के समय होते थे.  

भाई दूज 4 या 5 मार्च को? भ्रम दूर करें—जानें सही तारीख, तिलक का शुभ समय और पूजा विधि

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में दो बार भाई दूज का पर्व मनाया जाता है और हर का अपना-अपना महत्व है। पहला भाई दूज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और दूसरा कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ने वाले भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाने के साथ सुख-समृद्धि, उज्जवल भविष्य और लंबी आयु की कामना करती हैं। इस साल द्वितीया तिथि दो दिन होने के कारण भाई दूज की सही तिथि को लेकर काफी असमंजस स्थिति बनी हुई है। जानें होली भाई दूज की सही तिथि, तिलक लगाने का सही समय से लेकर विधि तक…. कब है होली भाई दूज 2026? चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि आरंभ- 4 मार्च को शाम 4 बजकर 48 मिनट से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त- 5 मार्च को शाम 05:03 बजे होली भाई दूज 2026 तिथि– 5 मार्च 2026, गुरुवार होली भाई दूज 2026 भाई को तिलक करने का मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि सुबह से लेकर शाम 5:03 तक है। इस दौरान बहनें भाई को तिलक लगा सकती है। लेकिन राहुकाल का अवश्य ध्यान रखें। होली भाई दूज 2026 राहुकाल का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, दोपहर 2:05 से दोपहर 3:33 तक राहुकाल है। होली भाई दूज का चौघड़ियां मुहूर्त शुभ – उत्तम- 06:42 ए एम से 08:10 ए एम लाभ – उन्नति- 12:33 पी एम से 02:00 पी एम अमृत – सर्वोत्तम- 02:00 पी एम से 03:28 पी एम शुभ-उत्तम- 04:56 पी एम से 06:23 होली भाई दूज पर बहनें ऐसे करें तिलक द्वितीया तिथि को शुभ मुहूर्त पर एक थाली में सिंदूर, चंदन, अक्षत, मिठाई, गुझिया और घी का दीपक रख लें। इसके बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने के बाद भाई को एक लकड़ी की चौकी या फिर ऊंचेे स्थान में बैठाएं। इसके बाद उसके सिर पर कपड़ा या रुमाल रखें। फिर माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं और मिठाई खिलाएं। फिर घी के दीपक से उसकी आरती उतार लें। अंत में भाई अपनी बहन के पैर छूकर सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद लें और कुछ उपहार दें।

होली के पावन दिन करें यह छोटा उपाय, धन-वैभव से भर जाएगा पूरा साल

हिंदू धर्म में होली का त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह नकारात्मकता को मिटाकर जीवन में सकारात्मकता लाने का भी एक विशेष अवसर होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली के दिन किए गए कुछ खास उपाय व्यक्ति की सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं. इस साल होलिका दहन 3 मार्च को है और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी. दिवाली की तरह ही होली की सुबह भी मां लक्ष्मी और सुख-समृद्धि को आकर्षित करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है. आइए जानते हैं उन अचूक उपायों के बारे में जिन्हें होली की सुबह करने से आपके घर में पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होगी. सूर्योदय से पहले स्नान कर करें पूजा होली की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या हल्दी मिला लें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने इष्टदेव का पूजन करें. मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पूरे साल घर में खुशहाली बनी रहती है. पीपल या तुलसी में जल अर्पित करें होली की सुबह स्नान के बाद पीपल या तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं. जल में थोड़ा सा दूध और अक्षत (चावल) मिला सकते हैं. तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है, इसलिए यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. घर के मुख्य द्वार पर लगाएं गुलाल का तिलक होली के दिन सुबह घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी या गुलाल से स्वस्तिक बनाएं. साथ ही घर के सदस्यों के माथे पर चंदन या गुलाल का तिलक लगाएं. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है. धन वृद्धि के लिए करें ये सरल उपाय एक लाल कपड़े में थोड़ी सी हल्दी, 5 कौड़ियां और चांदी का सिक्का बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, यह उपाय आर्थिक संकट दूर करने और धन वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है. होलिका दहन की राख का करें प्रयोग 3 मार्च को होने वाले होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी सी राख घर लाकर सुरक्षित रखें. होली की सुबह उस राख का तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है. यह उपाय विशेष रूप से परिवार की सुरक्षा और उन्नति के लिए शुभ माना गया है. जरूरतमंदों को रंग और मिठाई दान करें होली के दिन सुबह किसी जरूरतमंद को रंग, मिठाई या वस्त्र दान करें. दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

04 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा बड़ा लाभ

मेष राशि आज आप पार्टनर का खास ध्यान रखें क्योंकि वे किसी बात पर आपसे नाराज़ हो सकते हैं। पुरानी बातों को दोबारा न छेड़ें। रिश्ते को संभालने और बचाने की कोशिश करें, तभी स्थिति सुधरेगी। वृषभ राशि वृषभ राशि के लव लाइफ में आज कोई नया व्यक्ति आ सकता है। कमिटेड लोगों के पार्टनर किसी बात से नाराज़ हो सकते हैं। आपको सलाह है कि बेवजह की बहस से बचें, शांति और समझदारी से काम लें। मिथुन राशि मिथुन राशि के प्रेम जीवन में आज प्यार भरी बातें होंगी। साथ में कोई खास प्लान बन सकता है। पार्टनर के साथ घूमने जाने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ता और मजबूत होगा। कर्क राशि कर्क राशि के लव लाइफ में बिना कुछ कहे भी गलतफहमी बढ़ सकती है। पार्टनर से विवाद संभव है और शक की स्थिति बन सकती है। हालांकि शाम तक माहौल फिर से सामान्य हो जाएगा। सिंह राशि आपके रिलेशनशिप में कुछ मुद्दे बढ़ सकते हैं। कोई पुरानी बात आपको परेशान करेगी जिसके कारण मूड ऑफ रह सकता है, इसलिए धैर्य से काम लें। कन्या राशि कन्या राशि के लव लाइफ की स्थिति आज अच्छी रहने वाली है। डेट पर जाने का प्लान बन सकता है। कोई ऑनलाइन मैसेज आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। प्यार में नया ट्विस्ट आएगा। तुला राशि तुला राशि के रिश्ते में आज प्यार जताना जरूरी है, वरना दूरी बढ़ सकती है। पुराना विवाद खत्म करना ही बेहतर रहेगा। आपको सलाह है कि दूसरों की बात पर यकीन ना करें।  वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि को कोई नया पसंद आ सकता है। कुछ लोगों का मूड आज थोड़ा ऑफ रह सकता है, खासकर शाम के समय। फिर भी प्यार को मौका देने की कोशिश करें। धनु राशि धनु राशि के लोगों को आज ज्यादा ओवरथिंकिंग करने से बचाव करना होगा। पुराने दिन फिर से खास बन सकते हैं। रात में प्यार भरी बातचीत होगी, लेकिन नींद कम आ सकती है। मकर राशि आज मकर राशि को पुराना प्यार याद आ सकता है और उसकी कमी महसूस होगी। शाम तक मूड हल्का करने के लिए कहीं घूमने जा सकते हैं। पार्टनर को बहुत मिस करेंगे। कुंभ राशि कुंभ राशि को लोगों के मन में आज पार्टनर की जिंदगी को लेकर सवाल आएंगे। आप उन्हें बहुत प्यार करते हैं, इसलिए छोड़ना मुश्किल लगेगा। आज अपने मन को मजबूत रखना होगा। मीन राशि मीन राशि के प्रेम जीवन में आज कोई नया व्यक्ति बीच में आ सकता है। पार्टनर से दिल की बातें करें। साथ में घूमने या डिनर डेट का प्लान बन सकता है।

वास्तु शास्त्र की चेतावनी: शेर की तस्वीर से बढ़ सकता है तनाव और विवाद

घर सजाते समय हम अक्सर सुंदर पेंटिंग और आकर्षक तस्वीरें लगा लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार हर चित्र घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है। विशेष रूप से शेर की तस्वीर को लेकर वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वास्तु ग्रंथ जैसे समरांगण सूत्रधार, प्रासाद मंडन और बृहत संहिता में बताया गया है कि घर में रखी वस्तुएं वहां रहने वाले लोगों के स्वभाव, संबंध और समृद्धि पर गहरा प्रभाव डालती हैं। शेर की तस्वीर क्यों मानी जाती है अशुभ? शेर को जंगल का राजा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन वास्तु के अनुसार शेर आक्रामकता, अहंकार और प्रभुत्व (Dominance) का प्रतीक भी है। घर में शेर की तस्वीर लगाने से: परिवार के सदस्यों में वाद-विवाद बढ़ सकते हैं। क्रोध और तनाव की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में अहंकार टकराव पैदा कर सकता है। वास्तु सिद्धांत कहते हैं कि घर शांति और सौहार्द का स्थान है, इसलिए यहां उग्र और हिंसक पशुओं की तस्वीरें लगाने से बचना चाहिए। नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा आक्रामक पशुओं की तस्वीरें घर की सकारात्मक ऊर्जा को बाधित कर सकती हैं। वास्तु के अनुसार, दीवारों पर लगे चित्र मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। शेर, बाघ या युद्ध दर्शाने वाली तस्वीरें मानसिक अशांति बढ़ा सकती हैं। निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। बच्चों के स्वभाव पर भी असर पड़ता है। किन तस्वीरों से बचें? वास्तु के अनुसार निम्न पक्षियों/पशुओं की तस्वीरें भी घर में नहीं लगानी चाहिए गिद्ध, उल्लू, कौआ, बाज और बगुला। इनको अशुभ संकेत और एकाकीपन का प्रतीक माना गया है। कौन सी तस्वीरें मानी जाती हैं शुभ? घर में शांत और सकारात्मक प्रतीकों वाली तस्वीरें लगाना श्रेष्ठ माना गया है। जैसे: गाय – समृद्धि और मातृत्व का प्रतीक सात दौड़ते घोड़े – सफलता और प्रगति हाथी – शक्ति और स्थिरता कछुआ – दीर्घायु हंस – ज्ञान और विवेक मोर – सौभाग्य और सुंदरता ये प्रतीक घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द बढ़ाते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ऊर्जा का केंद्र होता है। इसलिए सजावट करते समय केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि उसके प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप घर में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो शेर जैसी आक्रामक तस्वीरों से बचें और शुभ प्रतीकों को अपनाएं।

जब डर और असफलता घेर लें, तब पढ़ें भगवद गीता के ये 7 श्लोक — श्रीकृष्ण का दिव्य समाधान

जीवन में जब असफलता, तनाव और असमंजस घेर लेते हैं, तब सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। ऐसे समय में हजारों साल पहले कही गई बातें भी आज उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं। महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया उपदेश आज हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। आज भी लोग कई ऐसी सिचुएशन में फंस जाते हैं, जहां से निकलने का कोई रास्ता समझ नहीं आता। अगर आप भी जिंदगी की भंवर में अटक गए हैं, तो भगवद गीता में संकलित श्री कृष्ण द्वारा कही गई अमर शिक्षाओं से कुछ सीख लें। भगवद गीता में लिखे ये 7 श्लोक आपकी सोच को बदल देंगे और जिंदगी की हर कठिनाई को सरल कर देंगे। 1. कर्म पर ध्यान दें, फल की चिंता छोड़ें "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।" अर्थ: आपका अधिकार केवल कर्म करने में है, फल पर नहीं। आज के समय में लोग रिजल्ट को लेकर ज्यादा परेशान रहते हैं। गीता का यह श्लोक सिखाता है कि अगर आप पूरी निष्ठा से काम करेंगे, तो परिणाम आपके पक्ष में ही आएगा। 2. संतुलित मन ही असली शक्ति है "योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय।" अर्थ: संतुलित होकर और आसक्ति छोड़कर कर्म करो। जब मन स्थिर होता है, तभी सही निर्णय लिए जा सकते हैं। यह श्लोक मानसिक संतुलन और फोकस की अहमियत बताता है। ज्यादातर लोग दो नांव में पैर रखकर चलने की कोशिश करते हैं। 3. खुद को गिरने मत दो "उद्धरेदात्मनाऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।" अर्थ: मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना चाहिए। जीवन में मुश्किलें आएंगी, लेकिन हार मान लेना विकल्प नहीं है। आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है। खुद को हर स्थिति में उठाने की कोशिश करें। 4. अच्छे कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाते "न हि कल्याणकृत्कश्चिद् दुर्गतिं तात गच्छति।" अर्थ: जो शुभ काम यानी अच्छे कर्म करता है, उसके साथ कभी बुरा नहीं होता। ईमानदारी और अच्छाई का रास्ता भले लंबा हो, लेकिन अंत में जीत उसी की होती है। 5. श्रद्धा से मिलता है ज्ञान "श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्।" अर्थ: श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति ही ज्ञान प्राप्त करता है। सफलता के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि धैर्य और विश्वास भी जरूरी है। अगर आप सोचते हैं कि सबकुछ जल्दी हो जाए, तो ऐसा नहीं होगा। किसी भी चीज को पाने के लिए धैर्य रखना जरूरी है। 6. हर घटना के पीछे एक उद्देश्य है "अहं सर्वस्य प्रभवो मत्तः सर्वं प्रवर्तते।" अर्थ: समस्त सृष्टि का मूल कारण मैं हूं। यह श्लोक हमें सिखाता है कि जीवन में जो भी होता है, उसका एक गहरा उद्देश्य होता है। जैसे कहा जाता है जो होता है अच्छे के लिए होता है, उसमें जरूर आपका कुछ लाभ छिपा होता है। 7. गुस्सा आपका दुश्मन है "क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः" अर्थ: यह श्लोक सिखाता है कि गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। एक पल का क्रोध सालों की मेहनत और रिश्तों को खत्म कर सकता है। यदि आप सफलता और खुशहाली चाहते हैं, तो अपने मन और भावनाओं कंट्रोल रखना सीखें।  

आज शाम 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा चंद्र ग्रहण, थोड़े समय के लिए दिखेगा प्रभाव

साल के पहले चंद्र ग्रहण के लगने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है. आज दोपहर को 03 बजकर 20 मिनट पर इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी. इस ग्रहण की समाप्ति शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर हो जाएगी. ये ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक रहेगा. चूंकि ये ग्रहण भारत में नजर आने वाला है, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया है. देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है. मंदिरों के कपाट बंद हैं. घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद है. भारत में जब चंद्रोदय होगा तो चांद को ग्रहण लगा हुआ होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आने वाला है. भारत में 20 से 25 मिनट ही रहेगा ग्रहण का प्रभाव शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आने वाला है. भारत में आज शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा चांद दिखने लगेगा. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा. दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय     दिल्ली-एनसीआर: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     प्रयागराग: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 08 मिनट पर दिखेगा.     कानपुर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 14 मिनट पर दिखेगा.     वाराणसी: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बदकर 04 मिनट पर दिखेगा.     पटना: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     रांची: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     कोलकाता: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 43 मिनट पर दिखेगा.     भुवनेश्वर:यहां चंद्र ग्रहण 05 बजकर 54 मिनट पर दिखेगा.     गुवाहाटी:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 27 मिनट पर दिखेगा.     चेन्नई: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 21 मिनट पर दिखेगा.     बेंगलुरु: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 32 मिनट पर दिखेगा.     हैदराबाद:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     ईटानगर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 07 मिनट पर दिखेगा. इस सभी स्थानों पर ग्रहण शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. ग्रहण के बाद क्या करें? शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें.

जीवित अवस्था में मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग

भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है-हे अर्जुन! ज्ञान वह परम स्थिति है, जिसे पाकर कोई मोह में नहीं फंसता! यह आध्यात्मिक अवस्था अगर जीवन के अंतकाल में भी मिल जाए तो मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। शरीर, शरीर से जुड़े लोगों, सगे-सम्बन्धियों या जहां-जहां से भी इस शरीर को सुख मिलता है, हमारा हर उस वस्तु के प्रति मोह हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम जिंदगी भर सुख को ढूंढते रहते हैं और इसकी वजह से मोह पक्का होता जाता है। एक ऐसी अवस्था आ जाती है, जहां यह पक्का हो जाता है कि सुख मिले या न मिले, मोह बरकरार रहता है। जहां से सुख मिलता है, वहीं हमारा संसार बन जाता है। व्यक्ति अपने सुख से बाहर नहीं निकलना चाहता। इसलिए सुख की चाह मोह के रूप में उसे इस संसार में बांधे रखती है। अध्यात्म के रास्ते ही व्यक्ति अपना मन संसार और इसके सुखों से हटाकर अपनी चेतना से जोड़ लेता है, जिसकी ताकत से यह शरीर, इन्द्रियां, मन, बुद्धि सब चलता है। उसे ब्रह्म भी कहते हैं। उस ब्रह्म की स्थिति का आनंद लेने के बाद संसार के सब सुख फीके लगने लगते हैं। यही शारीरिक आनंद से ऊपर उठने का वक्त होता है। यह अवस्था मोहमाया का अंत कहलाती है, जब व्यक्ति जीवित रह कर भी मोक्ष की अवस्था को प्राप्त कर लेता है।  

3 मार्च को लगेगा 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, कर्क-कन्या-मीन राशि वालों को बरतनी होगी सावधानी

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। यह ग्रहण भारत समेत पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक निर्णय और स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर पर कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों पर संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय। कर्क राशि: धन और स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अधिक माना जाता है। ग्रहण आपके धन भाव में प्रभाव डाल सकता है, जिससे आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। वाणी पर संयम रखें, सामाजिक या पारिवारिक विवाद से बचें। आंख, गला या पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। उपाय: चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें और सोमवार को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें। कन्या राशि: खर्च बढ़ने की आशंका कन्या राशि के लिए यह ग्रहण द्वादश भाव (हानि भाव) में प्रभाव डालेगा। इस कारण संचित धन खर्च हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर खर्च बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें और ऑफिस राजनीति से दूरी बनाए रखें। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ रहेगा। मीन राशि: शत्रु पक्ष से सावधान मीन राशि के लिए ग्रहण छठे भाव में प्रभाव डालेगा, जो शत्रु और ऋण का भाव माना जाता है। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए कार्यों में सावधानी रखें। ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहें, धोखाधड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अनावश्यक खर्च और गलत संगति से बचें। उपाय: नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और गरीबों को दान करें। ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करें। ग्रहण के बाद स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान दें। क्या न करें: ग्रहण काल में भोजन पकाने या खाने से बचें (धार्मिक मान्यता अनुसार)। बड़े आर्थिक फैसले टालें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। चंद्र ग्रहण को ज्योतिष में संवेदनशील समय माना जाता है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है, फिर भी कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को 3 मार्च 2026 के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उचित उपाय अपनाकर संभावित नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज , सूतक काल की टाइमिंग अभी से नोट कर लें

इंदौर  Chandra Grahan 2026 Rashifal: 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य होगा और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा. मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ नहीं किया जाता. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव किया जाता है और फिर नियमित पूजा-अर्चना शुरू होती है. भारत में कब लगेगा चंद्र ग्रहण? साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. बता दें, कि सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ऐसे में 3 मार्च को सूतक काल 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा. इस समय मूर्ति स्पर्श और भोजन बनाने या खाने की मनाही होती है. दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक, कितने बजे दिखेगा ब्लड मून? 1. दिल्ली- शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 20 मिनट) 2. प्रयागराज– शाम 06:08 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 38 मिनट) 3. कानपुर- शाम 06:14 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 32 मिनट) 4. वाराणसी– शाम 06:04 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 43 मिनट) 5. पटना- शाम 05:55 से लेकर शाम 06:46 तक ( कुल 51 मिनट) 6. रांची– शाम 05:55 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 51 मिनट) 7. कोलकाता- शाम 05:43 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 1 घंटा 03 मिनट) 8. भुवनेश्वर- शाम 05:54 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 52 मिनट) 9. गुवाहाटी– शाम 05:27 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 1 घंटा 19 मिनट) 10. चेन्नई-  शाम 06:21 से लेकर शाम 06:46 तक ( कुल 26 मिनट) 11. हैदराबाद– शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 20 मिनट) 12. बेंगलुरु– शाम 06:32 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 14 मिनट) ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इसका प्रभाव खासतौर पर कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है.  चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing) इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा.  कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण?  यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा. किन राशियों के लिए शुभ संकेत? ज्योतिषीय गणना के आधार पर यह ग्रहण कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए करियर के क्षेत्र में अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को पहचान मिल सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों को आर्थिक मोर्चे पर राहत मिल सकती है। अचानक धन लाभ या रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। बैंक बैलेंस मजबूत हो सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए यह समय पुराने प्रयासों का फल देने वाला हो सकता है। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं और पारिवारिक वातावरण में खुशी का माहौल रहेगा। मकर राशि- मकर राशि के लिए यह अवधि अपेक्षाकृत स्थिर और संतुलित रहेगी। कामकाज में शांति बनी रहेगी और मानसिक दबाव कम हो सकता है। किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी? जहां कुछ राशियों को लाभ के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ राशि वालों को संयम और सतर्कता रखने की सलाह दी जा रही है। मेष राशि- मेष राशि वालों को मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। किसी विवाद या बहस में पड़ने से बचें। कर्क और कन्या राशि- इन दोनों राशियों के लिए आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। बिना सोचे-समझे निवेश न करें। धन हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सिंह राशि- ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। थकान, बदन दर्द या ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को मानसिक तनाव से बचने की सलाह दी जाती है। काम का दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारियां मन पर असर डाल सकती हैं। धनु राशि– धनु राशि के जातकों को बच्चों की पढ़ाई या सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। कुंभ और मीन राशि- इन राशियों के लिए वैवाहिक जीवन में थोड़ी अनबन के संकेत हैं। संवाद बनाए रखना और जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना बेहतर रहेगा। ग्रहण काल में क्या करें?- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है। सूतक काल के नियमों का पालन करना परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण समझा जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की भी सलाह दी जाती है। चंद्र ग्रहण का प्रभाव ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का असर सबसे पहले मन और भावनाओं पर पड़ेगा. इस दौरान व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता, चिंता या निर्णय लेने में भ्रम महसूस हो सकता है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि चंद्रग्रहण किन राशियों के लिए अशुभ रहेगा. कर्क राशि  कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा होते हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर ग्रहण का प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है. आर्थिक मामलों, निवेश और प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें. परिवार, खासकर माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाणी में संयम बनाए रखें. उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और ''ऊं नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करें. सिंह राशि यह ग्रहण सिंह राशि में ही लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले 15 दिनों तक बड़े फैसले … Read more