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आज का राशिफल 14 मार्च 2026: किन राशियों के लिए शुभ दिन, किन्हें बरतनी होगी सावधानी

मेष राशि- दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ी हुई महसूस हो सकती हैं। अगर आप एक-एक काम पर ध्यान देंगे तो सब संभल जाएगा। किसी पुराने काम को निपटाने का मौका मिल सकता है। पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलें। घर के लोगों के साथ बातचीत करने से मन हल्का रहेगा और तनाव कम महसूस होगा। वृषभ राशि- कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहेगा। धीरे-धीरे मेहनत का असर दिख सकता है। किसी दोस्त या जानने वाले से काम की बात हो सकती है, जिससे आगे फायदा भी मिल सकता है। खर्च करते समय थोड़ा सोच लें। घर का माहौल ठीक रहेगा और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है। मिथुन राशि- मन थोड़ा उलझा हुआ महसूस कर सकता है। एक साथ कई चीजें दिमाग में चल सकती हैं। ऐसे में बेहतर रहेगा कि जरूरी काम पहले पूरे कर लें। किसी पुराने दोस्त से बातचीत हो सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में थोड़ा आराम करने का मन कर सकता है। कर्क राशि- दिन सामान्य रहेगा। काम में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। परिवार से जुड़ी कोई बात सामने आ सकती है, जिस पर ध्यान देना पड़ेगा। किसी करीबी की सलाह काम आ सकती है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। सिंह राशि- आत्मविश्वास बना रहेगा और काम करने का मन भी बना रहेगा। किसी नए काम या योजना के बारे में सोच सकते हैं। मेहनत करते रहेंगे तो धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में आती नजर आएंगी। दोस्तों या परिवार के साथ अच्छी बातचीत हो सकती है। कन्या राशि- कुछ काम उम्मीद से थोड़ा देर से पूरे हो सकते हैं। ऐसे में धैर्य रखना जरूरी रहेगा। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। पैसों के मामले में सावधानी रखें। घर के लोगों का साथ बना रहेगा। तुला राशि- दिन ठीक-ठाक रह सकता है। कुछ काम आसानी से पूरे होंगे तो कुछ में थोड़ा समय लग सकता है। किसी पुराने मामले को सुलझाने की कोशिश सफल हो सकती है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। शाम के समय थोड़ा आराम करने का मन कर सकता है। वृश्चिक राशि- किसी जरूरी काम में धीरे-धीरे प्रगति दिख सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। मन में चल रही चिंता थोड़ी कम महसूस हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। पैसों को लेकर संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। धनु राशि- कुछ नया करने का मन बना रह सकता है। किसी काम को नए तरीके से करने की सोच सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। घर का माहौल सामान्य रहेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। मकर राशि- काम की जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा लग सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब संभल जाएगा। अगर आप धैर्य से काम करेंगे तो स्थिति बेहतर होती नजर आएगी। किसी करीबी की मदद मिल सकती है। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखना जरूरी रहेगा। कुंभ राशि- मन थोड़ा बदलाव चाहता हुआ महसूस हो सकता है। नई चीजें सीखने या करने का मन बन सकता है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। कामकाज में धीरे-धीरे स्थिति साफ होती नजर आएगी। दिन सामान्य तरीके से गुजर सकता है। मीन राशि- भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेने से बचें। शांत दिमाग से सोचेंगे तो बेहतर रास्ता मिल सकता है। कामकाज में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। परिवार का साथ बना रहेगा। किसी करीबी से बात करने से मन हल्का महसूस हो सकता है।

साढ़ेसाती-ढैय्या का असर हुआ कम, शनिदेव के अस्त होने से इन राशियों की बल्ले-बल्ले

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास आ जाता है, तो सूर्य की तेज रोशनी में उसकी चमक छिप जाती है. इसे ही ग्रहों का ‘अस्त’ होना कहते हैं. शनि देव, जो हमारे जीवन में अनुशासन और कर्मों का हिसाब रखते हैं, अब मीन राशि में अस्त हो गए हैं. शनि का इस तरह शांत होना एक बड़ी बात है, क्योंकि वे ही हमारे जीवन में स्थिरता लाते हैं. जब शनि देव अस्त होते हैं, तो उनकी सख्ती थोड़ी कम हो जाती है, जिससे हमें पुराने तनावों से राहत तो मिलती है, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को लेकर अधिक सावधान रहने की जरूरत भी पड़ती है. शनि के अस्त होने से साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है, खासकर उन लोगों के लिए जो विशेषकर मेष, सिंह, धनु, कुंभ और मीन राशि से ताल्लुक रखते हैं. दरअसल, अस्त शनि के कारण शनि की क्रूरता कम हो जाती है, जिससे रुके हुए काम बनते हैं, मानसिक तनाव कम होता है, और स्वास्थ्य में सुधार के साथ अचानक धन लाभ की संभावना बनती है। आने वाले लगभग चालीस दिनों का यह समय हम सभी के लिए खुद को समझने और भविष्य की योजनाएं बनाने का एक अच्छा मौका है. चलिए जानते हैं कि शनि की इस बदलती स्थिति का आपके जीवन के संचालन पर कैसा असर होगा. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शनि का अस्त होना एक तरह से ‘आराम के पल’ लेकर आया है. काफी समय से आप जिस भागदौड़ और दिमागी तनाव से गुजर रहे थे, अब उसमें कमी आएगी. यह समय दुनिया की उलझनों में फंसने के बजाय अपने मन की शांति पर ध्यान देने का है. आपके लिए मेडिटेशन करना बहुत अच्छा रहेगा. पुरानी चिंताएं धीरे-धीरे दूर होंगी, जिससे आप अपने आने वाले कल के लक्ष्यों को एक नए और शांत नजरिए से देख पाएंगे. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह समय अपनी बड़ी इच्छाओं और मेल-जोल को समझने का है. हो सकता है कि आपके कुछ रुके हुए कामों में थोड़ा और वक्त लगे, लेकिन धीरज रखेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी. आप अपने व्यवसाय में एक नई ऊर्जा महसूस करेंगे. यह समय यह सोचने का है कि आपके लिए सबसे जरूरी क्या है. दोस्तों और करीबियों का साथ आपको आगे बढ़ने का हौसला देगा. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए कामकाज के मामले में यह राहत भरा समय है. ऑफिस या कार्यक्षेत्र में आप जो भारी दबाव महसूस कर रहे थे, वह अब कम होने लगेगा. हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी जिम्मेदारियों में ढील दें. बड़े अधिकारियों की सलाह से आपको तरक्की के अच्छे मौके मिल सकते हैं. अपनी काबिलियत को और निखारने की कोशिश करें, इससे आपके करियर का संचालन बहुत शानदार तरीके से होगा. कर्क राशि कर्क राशि वालों को इस दौरान पढ़ाई या कानूनी कागजों से जुड़े कामों में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए. कुछ कामों में देरी होने की आशंका है, जिससे मन थोड़ा परेशान हो सकता है. इस समय को कुछ नया सीखने के मौके की तरह देखें. जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें, वरना नुकसान हो सकता है. पूरी योजना बनाकर ही कदम आगे बढ़ाना आपके लिए समझदारी होगी. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक अनुशासन का है. निवेश से जुड़े मामलों में पूरी सावधानी बरतें. किसी भी प्रकार के जोखिम भरे व्यवसाय या निवेश से दूर रहना ही आपके हित में होगा. यह दौर आपके भीतर कुछ भावनात्मक बदलाव भी ला सकता है. अपनी निजी जरूरतों को समझें और शांत रहकर अपने आर्थिक पक्ष का संचालन करें. कन्या राशि कन्या राशि वालों को अपने रिश्तों में सहजता अपनानी होगी. जीवनसाथी या पार्टनर्स के साथ छोटी-मोटी बातों पर अनबन होने की आशंका है. अपनी बात कहने में सावधानी रखें और दूसरों की सोच को भी समझने की कोशिश करें. यह समय आपके रिश्तों को और भी ज्यादा गहरा और मजबूत बनाने का है. अगर आप अपने व्यवहार में थोड़ा लचीलापन और विनम्रता रखेंगे, तो आप अपने सामाजिक जीवन का बहुत अच्छी तरह संचालन कर पाएंगे और इससे आपको मन की शांति भी मिलेगी. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए शनि देव का अस्त होना एक अच्छा संकेत है. आपकी रोज की दिनचर्या अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित हो जाएगी और सेहत से जुड़ी पुरानी दिक्कतों में सुधार होने की अच्छी संभावना है. काम का भारी बोझ कम होने से आपको खुद के लिए और अपनी निजी योजनाओं के लिए समय मिल पाएगा. अपनी छोटी-बड़ी आदतों में थोड़े अच्छे बदलाव करें, जो आने वाले समय में आपको बहुत बढ़िया और सुखद परिणाम देंगे. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों को अपने रचनात्मक कामों और प्रेम संबंधों में थोड़ा धीरज रखने की सलाह दी जाती है. हो सकता है कि आपकी कुछ योजनाएं उम्मीद से थोड़ी धीमी चलें, जिससे मन में चिड़चिड़ापन आ सकता है. ऐसे में भावुक होकर परेशान होने के बजाय सहजता से काम लें. आपकी लगातार की गई मेहनत ही आपको मंजिल तक पहुंचाएगी. अपने मन को भटकने न दें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान टिकाए रखें, सफलता जरूर मिलेगी. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह समय घर-परिवार को समर्पित करने का है. आप अपनों के करीब आएंगे और पारिवारिक सुख-शांति के लिए प्रयास करेंगे. परिवार के प्रति नई जिम्मेदारियां आपके आपसी स्नेह को और गहरा करेंगी. घर का माहौल सकारात्मक बनाए रखने में आपकी भूमिका मुख्य होगी. यह समय आपके मन में सुरक्षा और संतोष का भाव पैदा करेगा. मकर राशि मकर राशि के स्वामी शनि देव स्वयं हैं, इसलिए उनका अस्त होना आपके लिए आत्म-निरीक्षण का समय है. आप नए निर्णयों को लेकर थोड़े असमंजस में रह सकते हैं. किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने या नई योजना शुरू करने से पहले बारीकियों को समझें. वाणी में मधुरता और सोच में स्पष्टता रखने से आप कठिन स्थितियों का भी कुशलता से संचालन कर पाएंगे. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों को अपने बजट और संचित धन पर ध्यान देना होगा. कुछ अनचाहे खर्चों के आने की आशंका है, इसलिए अपनी वित्तीय स्थिति का संचालन बहुत समझदारी से करें. यह समय आपको भविष्य के … Read more

वास्तु चेतावनी: भूलकर भी इस दिशा में न रखें कामधेनु गाय, वरना घर में आ सकती हैं परेशानियाँ

वास्तु शास्त्र में गाय को सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि साक्षात देवी का स्वरूप माना गया है। घर में कामधेनु गाय की मूर्ति रखना सुख-समृद्धि और चमत्कारी बदलाव ला सकता है। अगर आप भी अपने घर में बरकत चाहते हैं, तो इस मूर्ति को सही दिशा में रखना जरूरी है। हिंदू धर्म में गाय को 'गौमाता' कहा गया है, जिनके भीतर 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। वास्तु के हिसाब से, कामधेनु गाय की मूर्ति घर के कई दोषों को खत्म कर देती है। यह मूर्ति सिर्फ एक सजावट का सामान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। सही दिशा का चयन     वास्तु के अनुसार, कामधेनु गाय की मूर्ति रखने के लिए सबसे शुभ जगह उत्तर-पूर्व दिशा है, जिसे ईशान कोण कहा जाता है।     चूंकि, ईशान कोण को देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है, इसलिए यहां मूर्ति रखने से घर में दैवीय कृपा बनी रहती है।     इस सही दिशा में मूर्ति स्थापित करने से परिवार के सदस्यों का मानसिक और शारीरिक कल्याण होता है और घर में सुख-शांति आती है।     अगर उत्तर-पूर्व कोने में जगह उपलब्ध न हो, तो आप मूर्ति को अपने घर के पूजा स्थल (मंदिर) में भी रख सकते हैं।     मंदिर के अलावा, आप इसे घर की पूर्व दिशा में भी स्थापित कर सकते हैं, जिसे वास्तु में उन्नति और समृद्धि की दिशा माना गया है। कैसी मूर्ति है सबसे शुभ? हमेशा ऐसी मूर्ति लाएं जिसमें गाय के साथ उसका बछड़ा (calf) भी हो। मां और बछड़े की यह जोड़ी ममता और प्रेम का प्रतीक है। माना जाता है कि ऐसी मूर्ति से घर के बच्चों की उन्नति होती है। मूर्ति अगर सफेद पत्थर, पीतल (brass) या चांदी की हो, तो इसे बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। मूर्ति रखने के फायदे आर्थिक मजबूती: कामधेनु गाय 'मनोकामना पूरी करने वाली' मानी जाती है। इसे सही दिशा में रखने से पैसे की तंगी दूर होती है। मानसिक शांति: अगर घर में हमेशा तनाव या क्लेश रहता है, तो गाय की मूर्ति से मन को शांति मिलती है। बच्चों का करियर: पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए बच्चों के स्टडी रूम में भी छोटी सी मूर्ति रखी जा सकती है। घर में गाय की महिमा और उसकी स्थापना का विवरण हमारे प्राचीन 'मत्स्य पुराण' और 'वास्तु शास्त्र' के ग्रंथों में मिलता है। इनमें गाय को 'सर्व देवमयी' (सभी देवताओं का स्वरूप) बताया गया है। दिशाओं के नियम 'वास्तु विद्या' के आधार पर तय किए गए हैं।  

रुकावटों से परेशान हैं? पान के पत्तों का यह उपाय बदल सकता है आपकी किस्मत

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में कई ऐसी साधारण चीजें हैं जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन में देखते तो हैं, लेकिन उनके चमत्कारिक गुणों से अनजान होते हैं। इन्हीं में से एक है पान का पत्ता। भारतीय संस्कृति में पान के पत्ते का उपयोग केवल मुख शुद्धि के लिए नहीं, बल्कि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी किया जाता है। यदि आपके जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हैं, बनते काम बिगड़ रहे हैं, या घर में अशांति है, तो पान के पत्ते के ये वास्तु उपाय आपके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। पान का आध्यात्मिक और वास्तु महत्व हिंदू धर्म में पान के पत्ते को शुभता का प्रतीक माना गया है। पूजा-पाठ, विवाह और शुभ अनुष्ठानों में पान का पत्ता अनिवार्य है। ऐसा माना जाता है कि पान के पत्ते में समस्त देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए, इसका प्रयोग तंत्र-मंत्र और वास्तु दोषों को मिटाने में भी किया जाता है। आइए जानते हैं कि पान के पत्तों का उपयोग करके आप अपने जीवन की रुकावटों को कैसे दूर कर सकते हैं। आर्थिक तंगी और दरिद्रता दूर करने के लिए यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और मेहनत के बाद भी पैसा टिक नहीं रहा है, तो मंगलवार या शनिवार के दिन एक साबुत और साफ पान का पत्ता लें। इस पत्ते पर सिंदूर से 'श्रीं' या 'राम' लिखें। अब इस पत्ते को हनुमान जी के मंदिर में जाकर उनके चरणों में अर्पित कर दें। यह उपाय लगातार 5 मंगलवार या शनिवार तक करने से आर्थिक मार्ग खुलने लगते हैं और धन से जुड़ी रुकावटें दूर हो जाती हैं। बनते कामों में आ रही बाधा को रोकने के लिए अक्सर ऐसा होता है कि हम महत्वपूर्ण काम के लिए निकलते हैं और ऐन मौके पर काम रुक जाता है। ऐसी स्थिति में घर से निकलते समय अपने पास एक साबुत पान का पत्ता रखें। संभव हो तो इस पत्ते पर थोड़ी सी मिश्री या एक इलायची रखकर उसे अपने दाहिने हाथ में लेकर इष्ट देव का स्मरण करें। इसके बाद इसे अपने पर्स या जेब में रखकर घर से बाहर निकलें। यह नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और काम में सफलता की संभावना को बढ़ा देता है। नजर दोष और नकारात्मकता से बचाव घर में यदि कलह बढ़ गई है या परिवार के किसी सदस्य को बुरी नजर लग गई है, तो एक पान के पत्ते पर गुलाब की कुछ पंखुड़ियां रखें। अब इसे अपने सिर के ऊपर से सात बार घुमाएं और किसी सुनसान जगह पर रख दें या बहते जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय घर से नकारात्मकता को दूर करता है और आपसी प्रेम बढ़ाता है। राहु-केतु के दोष को शांत करने के लिए ज्योतिष में राहु और केतु को बाधाओं का कारक माना गया है। यदि आपकी कुंडली में ये ग्रह भारी हैं, तो पान का पत्ता एक अचूक उपाय है। बुधवार के दिन पान के पत्ते पर थोड़ा सा शहद लगाकर दुर्गा मां के चरणों में अर्पित करें। यह उपाय न केवल राहु के दुष्प्रभाव को कम करता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता भी प्रदान करता है।  करियर और नौकरी की रुकावटें यदि आपको नौकरी पाने में या प्रमोशन मिलने में लगातार अड़चनें आ रही हैं, तो रविवार के दिन एक पान का पत्ता अपने तकिए के नीचे रखकर सोएं। अगले दिन सुबह उठकर उस पत्ते को किसी गाय को खिला दें। यह प्रक्रिया कुछ हफ्तों तक दोहराने से करियर से जुड़ी बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। पूजा-अर्चना में पान का विशेष महत्व वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान गणेश को पान का पत्ता अत्यंत प्रिय है। यदि आप बुधवार के दिन भगवान गणेश को पान के पत्ते पर सुपारी और लौंग रखकर अर्पित करते हैं, तो आपके घर के वास्तु दोषों का शमन होता है। यह घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। सावधानियां पत्ता कटा-फटा न हो: उपाय के लिए हमेशा साबुत, हरा और ताजा पत्ता ही लें। कटा हुआ या सूखा पत्ता अशुभ माना जाता है। स्वच्छता: जिस स्थान पर आप पान का पत्ता रखें या अर्पित करें, वहां सफाई का विशेष ध्यान रखें। श्रद्धा: कोई भी वास्तु उपाय बिना श्रद्धा और विश्वास के सफल नहीं होता। इसलिए मन में अटूट विश्वास रखकर ही ये प्रयोग करें।

नवरात्रि 2026: घर में न रखें ये चीजें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां दुर्गा

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की आराधना और शुद्धि का समय माना जाता है। शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन उन्हीं घरों में होता है जहां स्वच्छता और सकारात्मकता का वास हो। यदि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाली वस्तुएं मौजूद हैं, तो मां दुर्गा की कृपा से वंचित रहना पड़ सकता है। नवरात्रि के पवित्र दिनों से पहले घर की शुद्धि करना अत्यंत आवश्यक है। यहाँ उन प्रमुख चीजों की सूची दी गई है जिन्हें आपको नवरात्रि से पहले घर से हटा देना चाहिए ताकि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो सके: टूटी-फूटी वस्तुएं और खंडित सामान वास्तु शास्त्र में टूटी हुई वस्तुओं को नकारात्मकता का मुख्य स्रोत माना गया है। घर में पड़े हुए टूटे हुए कांच, बर्तन, फर्नीचर, या इलेक्ट्रॉनिक सामान को नवरात्रि शुरू होने से पहले ही घर से बाहर कर दें। माना जाता है कि ये वस्तुएँ घर में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव पैदा करती हैं। यदि कोई वस्तु उपयोग में नहीं है और टूटी हुई है, तो उसे सुधारें या तुरंत हटा दें। पुरानी और रद्दी सामग्री अक्सर हम घर के कोनों में, अलमारियों के पीछे या स्टोर रूम में पुरानी रद्दी, अखबारों के ढेर, पुरानी पत्रिकाएं और अनावश्यक कागज जमा कर लेते हैं। ये चीजें अटका हुआ ऊर्जा का प्रतीक हैं। गंदगी और धूल जमा होने से वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जो देवी के स्वागत में बाधक बनती है। इन्हें हटाकर घर को व्यवस्थित करें। पुराने और फटे-पुराने कपड़े यदि घर में ऐसे कपड़े हैं जिन्हें आप काफी समय से नहीं पहन रहे हैं या जो फट गए हैं, तो उन्हें नवरात्रि से पहले दान कर देना चाहिए या हटा देना चाहिए। अनावश्यक कपड़े घर में ऊर्जा के प्रवाह को रोकते हैं। पुराने कपड़े हटाने से घर में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सूखे पौधे और मुरझाए फूल घर की बालकनी या पूजा घर के आसपास यदि आपने गमले रखे हैं और उनमें लगे पौधे सूख गए हैं या फूल मुरझा गए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें। सूखे पौधे घर में उदासी और नकारात्मकता का संकेत देते हैं। नवरात्रि के आगमन पर घर में ताजे और हरे-भरे पौधे या ताजे फूलों की सजावट करना शुभ माना जाता है।  बंद घड़ियां वास्तु के अनुसार, बंद घड़ियां प्रगति में रुकावट का प्रतीक मानी जाती हैं। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो या तो उसे ठीक करवाएं या उसे घर से हटा दें। समय का सही चलना घर में निरंतरता और सफलता को दर्शाता है। खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण घर में खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे- बंद पड़े मोबाइल फोन, खराब चार्जर, या अन्य बिजली के उपकरण, जो अब काम नहीं करते, उन्हें घर से हटा देना बेहतर है। ये चीजें राहु के दोष को बढ़ाती हैं, जिससे घर में मानसिक उलझनें पैदा होती हैं। पूजा घर की शुद्धि नवरात्रि के लिए पूजा घर सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यहां किसी भी प्रकार की खंडित मूर्ति या फटी हुई धार्मिक पुस्तकें नहीं होनी चाहिए। यदि आपके मंदिर में ऐसी कोई वस्तु है, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी जल में प्रवाहित करें या विसर्जित करें। इसके अलावा, पिछले उत्सवों की बची हुई सूखी सामग्री या राख को हटाकर पूरे मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें। नवरात्रि के लिए कुछ विशेष वास्तु सुझाव गंगाजल का छिड़काव: पूरे घर में, खासकर कोनों और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की ऊर्जा शुद्ध होती है। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक: नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर या कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। यह सुख-समृद्धि का द्वार खोलता है। आम के पत्तों का तोरण: मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है, यह देवी लक्ष्मी और दुर्गा का स्वागत करने का संकेत है। साफ-सफाई का महत्व: घर का कोना-कोना साफ रखें। जिस घर में धूल-मिट्टी नहीं होती, वहां देवी का वास स्थाई रूप से होता है।

“13 मार्च 2026 राशिफल: जानें आज किस राशि का भाग्य बदलेगा, किसे मिलेगा ध्यान रखने की जरूरत”

मेष मेष राशि वालों के मन में कोई नया और अलग काम करने का विचार आ सकता है। आप तुरंत उसपर काम करना चाहेंगे, लेकिन जल्दबाजी ना करें,बल्कि थोड़ा रुक जाएं। देखें कि जो कदम उठाने जा रहे हैं, वो भविष्य के लिए सही है या नहीं। कामकाज ठीक रहेगा। कोई भी काम ईमानदारी और अनुशासन से करेंगे तो आपको लंबे समय में बेहतर सफलता मिलेगी। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। वृषभ कामकाज के मामले में वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा दिन रहेगा। नई शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन आपकी पुरानी आदतें आपको रोक सकती हैं। ऐसे में रिलैक्स वाले मूड से बाहर निकलें और कुछ नया करने की ट्राई करें। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। आज एक छोटा कदम भी आपको आगे बड़ी सफलता की ओर ले जा सकता है। सेहत का ध्यान रखें। पानी का सेवन खूब कर मिथुन मिथुन राशि वालों की जिम्मेदारी और काम दोनों बढ़ सकती है। हालांकि ज्यादा काम लेने से परेशानी हो सकती है। ऐसे में हर किसी को 'हां' कहने से बचें। एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें, इससे काम अच्छा होगा और तनाव भी कम रहेगा। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें। हल्की वॉक करें और खानपान का ध्यान रखें। फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। कर्क कर्क राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहेगा। कामकाज में बढ़ोतरी हो सकती है। अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि आज कोई पुराना सपना या लक्ष्य फिर से याद आ सकता है। उसमें धीरे-धीरे फिर से काम शुरू करें। छोटे कदम उठाने से धीरे-धीरे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल कर लें। सिंह सिंह राशि वाले आज जल्दी परिणाम पाने की इच्छा को थोड़ा रोकें। धैर्य और अनुशासन से काम करेंगे, तो आगे अच्छा फायदा मिलेगा। बड़ी सोच रखें और सही समय का इंतजार करें। सेहत सामान्य रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई भी बात हो, उसे खुलकर कहें। कन्या कन्या राशि वाले हर काम को बिल्कुल परफेक्ट बनाने की चिंता न करें। पहले काम पूरा करें, बाद में सुधार किया जा सकता है। काम को सरल तरीके से करेंगे तो ज्यादा काम कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरीके से जान लें। सेहत से कोई लापरवाही ना करें। तुला तुला राशि वालों को साफ और मजबूत फैसला लेना होगा। हर बात में बीच का रास्ता न अपनाएं। आपकी स्पष्ट बात और आत्मविश्वास से लोग आपका सम्मान करेंगे। परिवार से राय लेने में कोई हर्ज नहीं है। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। धन के मामले में जल्दबाजी ना करें। धनु धनु राशि वाले नई सोच के साथ नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आप उस काम या पढ़ाई को फिर से शुरू कर सकते हैं, जिसे आपने बीच में ही छोड़ दिया था। खर्चों पर ध्यान दें। थोड़ी-थोड़ी बचत भविष्य में काम काएंगी। कामकाज के मामलों में आपकी तारीफ होगी। शुभ समाचार मिल सकता है। हालांकि सेहत का ध्यान रखें। हल्की वॉक या मेडिटेशन से दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों को हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। कई बार चुप रहकर स्थिति को समझना बेहतर होता है। ध्यान से सुनेंगे तो सही फैसला ले पाएंगे। रिलेशनशिप की बात करें, तो पार्टनर के सामने अपनी बातें खुलकर रखें और उनकी भी सुनें। उन्हें थोड़ा समय दें। इससे रिश्ता और भी मजबूत होता है। सेहत का ध्यान रखें। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें, वरना तनाव हो सकता है। रात में मोबाइल देर तर ना चलाएं। मकर मकर राशि वाले जातकों के लिए कुछ अचानक बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने प्लान में थोड़ा लचीलापन रखें। अगर आप परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालेंगे तो दिन आसानी से निकल जाएगा। कुंभ कुंभ राशि वालों को कुछ चीजें स्पष्ट कर लेना ही उचित है। क्योंकि सिर्फ नए आइडिया सोचने से काम नहीं चलेगा, उन्हें पूरा करना भी जरूरी है। अपने विचारों को काम में बदलने की कोशिश करें। मेहनत से ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। सेहत का ख्याल रखें। मीन मीन राशि वालों को आज काम से बचने की कोशिश करने से परेशानी बढ़ सकती है। बेहतर है कि अपने जरूरी काम समय पर पूरे कर लें। इससे बाद में आप आराम से अपना समय बिता पाएंगे। शाम में हल्की सैर करें और समय पर खाना खाएं। बाहर के खाने को अवॉइड करें।

पापमोचनी एकादशी व्रत रख रहे हैं? इन गलतियों से रहें सावधान, नहीं मिलेगा पूरा फल

चैत्र का महीना चल रहा है. इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इन्हीं में शामिल है पापमोचनी एकादशी का व्रत. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पापमोचनी एकदाशी का व्रत करने से जाने अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है, लेकिन अगर इस व्रत के नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता. यही कारण है इस एकादशी के नियमों का कठोरता से पालन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी के दिन कौन सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए? कब है पापमोचनी एकादशी? दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू हो रही है. इस तिथि का समापन 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा. व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट के बीच किया जा सकता है. पापमोचनी एकादशी के दिन न करें ये गलतियां चावल खाना: एकादशी के दिन चावल खाना मना है. पौराणिक कथाओं में चावल का संबंध रेंगने वाले जीव से बताया गया है. मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से चंचलता बढ़ती है और व्रत का सात्विक प्रभाव कम होता है. क्रोध और वाद-विवाद: इस दिन किसी पर क्रोध करने, अपशब्द बोलने या किसी की बुराई करने से बचें. ऐसा करने से संचित पुण्य नष्ट हो जाते हैं. तुलसी तोड़ना: एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ना वर्जित होता है. ऐसे में पूजा के लिए तुलसी एकादशी के एक दिन पहले तोड़कर रख लें. दिन में सोना: व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें. क्योंकि इससे व्रत का प्रभाव कम होता है. इसके बजाय इस समय भगवत गीता का पाठ या मंत्र जाप करें. तामसिक भोजन: पापमोचनी एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें.

बांस का पौधा लगाने की सही दिशा क्या है? गलत दिशा में लगाया तो फायदे की जगह बढ़ सकती हैं समस्याएं

आजकल हम अपने घरों और ऑफिसों को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के शो-प्लांट्स लगाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आपके ड्रॉइंग रूम के कोने में रखा वह प्यारा सा बांस का पौधा केवल हरियाली नहीं, बल्कि आपकी तरक्की और सुख-शांति का एक शक्तिशाली स्रोत हो सकता है? वास्तु शास्त्र में इसे नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और घर में खुशहाली लाने वाला एक जादुई फिल्टर माना जाता है। क्या होनी चाहिए सही दिशा? वास्तु के अनुसार, बांस के पौधे को रखने की सबसे उत्तम दिशा पूर्व (East) मानी गई है। यह दिशा नई शुरुआत और परिवार में प्रेम का प्रतिनिधित्व करती है। अगर आप अपने करियर या व्यापार में ग्रोथ चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा (North) में रखना बेहद लाभकारी होता है। वहीं, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशामें बांस का पौधा लगाना आपके जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकता है। रिश्तों में मिठास और शांति अगर घर में छोटी-छोटी बातों पर तनाव रहता है, तो बांस का पौधा आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इसे घर के लिविंग रूम या ड्रॉइंग रूम में रखने से परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द और प्रेम बना रहता है। इसकी मौजूदगी मात्र से वातावरण शांत और संतुलित महसूस होने लगता है। भूलकर भी यहां न रखें इस पौधे को लेकर वास्तु शास्त्र कुछ सख्त चेतावनी भी देता है। बांस के पौधे को कभी भी बाथरूम या टॉयलेट के पास नहीं रखना चाहिए। साथ ही, इसे रसोईघर (Kitchen) में रखने से भी परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहां इसका शुभ प्रभाव खत्म हो जाता है। यह पौधा हमेशा साफ-सुथरी जगह पर होना चाहिए। धूल-मिट्टी या गंदगी वाले स्थान पर रखने से इसके परिणाम नकारात्मक भी हो सकते हैं। सौभाग्य के लिए देखभाल जरूरी बांस के पौधे की जड़ों को बांधने के लिए लाल रंग के धागे या रिबन का उपयोग करना इसके सौभाग्य को और बढ़ा देता है। इसके अलावा, इसके पानी को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए ताकि पौधा ताजा बना रहे। फेंगशुई के अनुसार, यह पौधा जितना स्वस्थ रहेगा, आपकी किस्मत का सितारा उतना ही चमकता रहेगा।  

कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं बिगड़ा यह ग्रह? ये लक्षण देते हैं बड़ा संकेत

ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है. यह ग्रह भ्रम, मायाजाल, अचानक होने वाली घटनाओं और अप्रत्याशित परिस्थितियों से जुड़ा होता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ या कमजोर हो जाती है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. ज्योतिषियों के अनुसार राहु का प्रभाव व्यक्ति के मानसिक व्यवहार, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में अगर जीवन में कुछ खास संकेत बार-बार दिखाई देने लगें, तो यह समझना चाहिए कि कुंडली में राहु की स्थिति ठीक नहीं है. आइए जानते हैं वे कौन-से संकेत हैं, जो राहु के अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते हैं. बार-बार गलत फैसले लेना अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गलत निर्णय लेने की आदत हो जाए या वह जल्दबाजी में ऐसे फैसले लेने लगे, जिनसे नुकसान उठाना पड़े, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है. राहु भ्रम पैदा करता है, जिससे व्यक्ति सही और गलत में फर्क करने में कठिनाई महसूस करता है. मानसिक भ्रम और अनावश्यक डर राहु के खराब होने पर व्यक्ति के मन में बिना वजह डर, चिंता और अस्थिरता बढ़ सकती है. कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि कोई दबाव या तनाव लगातार बना हुआ है. मानसिक उलझन और बेचैनी भी राहु के प्रभाव से जुड़ी मानी जाती है. अचानक नुकसान या रुकावटें ज्योतिष के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के काम बार-बार बनते-बनते बिगड़ जाएं, अचानक आर्थिक नुकसान हो जाए या बिना कारण रुकावटें आने लगें, तो यह भी राहु की अशुभ स्थिति का संकेत हो सकता है. राहु अचानक बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है. गलत संगति की ओर झुकाव कुंडली में राहु के खराब होने पर व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है. नकारात्मक लोगों का साथ, गलत आदतों की ओर झुकाव या ऐसे फैसले जो जीवन को गलत दिशा में ले जाएं, ये सभी संकेत राहु के प्रभाव से जुड़े माने जाते हैं. बार-बार विवाद और तनाव अगर व्यक्ति के जीवन में बिना वजह विवाद बढ़ने लगें, रिश्तों में तनाव रहने लगे या लोग अचानक विरोध करने लगें, तो ज्योतिष में इसे भी राहु के प्रभाव से जोड़ा जाता है. राहु भ्रम और टकराव की स्थितियां पैदा कर सकता है. राहु के अशुभ प्रभाव को कैसे करें कम? ज्योतिष शास्त्र में राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं.     नियमित रूप से राहु मंत्र का जाप करना, जरूरतमंद लोगों को दान देना और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाना लाभकारी माना जाता है.     इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाना, गलत संगति से बचना और संयमित व्यवहार रखना भी राहु के प्रभाव को संतुलित करने में मददगार माना जाता है.     ज्योतिष के अनुसार जब व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों को सकारात्मक दिशा देता है, तो ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.  

मन को काबू में कैसे रखें? नित्यानंद चरण दास ने दिया खास संदेश

जीवन में हर इंसान मुश्किल हालातों से गुजरता है। कोई वही परिस्थिति देखकर टूट जाता है, तो कोई उसी स्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता खोज लेता है। फर्क हालात में नहीं, बल्कि मन की स्थिति में होता है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, 'जीवन पहले नहीं बदलता, मन बदलता है। और जब मन बदलता है, तो जीवन अपने आप बदलने लगता है।' भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन के द्वारा स्वयं का उद्धार करे और स्वयं का पतन ना करे। क्योंकि मन ही मनुष्य का मित्र है और मन ही उसका शत्रु।’ यह श्लोक हमें सिखाता है कि हमारा सबसे बड़ा सहारा और सबसे बड़ी चुनौती- दोनों हमारा मन ही है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि एक ही परिस्थिति दो लोगों के लिए बिल्कुल अलग परिणाम दे सकती है। इसका कारण है- मन का नजरिया।     जब मन कमजोर होता है, तब हर स्थिति समस्या लगती है।     जब मन संतुलित होता है, वही स्थिति चुनौती बन जाती है। कमजोर मन की पहचान जब मन कमजोर होता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों से घबरा जाता है। नकारात्मक सोच हावी रहती है। डर, असुरक्षा और तुलना मन को नियंत्रित करने लगती है। ऐसे में व्यक्ति हालात को दोष देता है- कभी लोगों को, कभी किस्मत को और कभी भगवान को। कमजोर मन समाधान नहीं, सिर्फ शिकायत खोजता है। संतुलित मन की ताकत संतुलित मन हालात से भागता नहीं, बल्कि उन्हें समझता है। ऐसा मन जानता है कि हर चुनौती कुछ सिखाने आई है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, संतुलित मन वाला व्यक्ति यह नहीं पूछता कि 'मेरे साथ ही ऐसा क्यों?', बल्कि यह पूछता है कि 'इससे मुझे क्या सीख मिल सकती है?' यही सोच व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है। मन को कैसे बनाएं अपना मित्र?     आत्मनिरीक्षण करें: अपने विचारों को रोज देखें, परखें और सुधारें।     शास्त्रों का अध्ययन: गीता जैसे ग्रंथ मन को दिशा देते हैं।     सकारात्मक संगति: जैसा संग होगा, वैसा ही मन बनेगा।     ध्यान और प्रार्थना: ये मन को शांत और स्थिर बनाते हैं।     स्वीकार करना सीखें: हर चीज आपके नियंत्रण में नहीं होती, यह स्वीकार करना भी शक्ति है। जीवन मंत्र: जीवन की परिस्थितियां अक्सर हमारे बस में नहीं होतीं, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह हमारे हाथ में होती है। अगर मन कमजोर है, तो जीवन बोझ बन जाता है। और अगर मन संतुलित है, तो वही जीवन साधना बन जाता है। इसलिए जैसा नित्यानंद चरण दास कहते हैं- पहले मन को समझिए, जीवन अपने आप समझ में आने लगेगा।